‘बेवकूफाना और अस्वीकार्य…’: फ्रांस हिंसा पर ट्रंप और नेतन्याहू के बयानों पर भड़के इमैनुएल मैक्रों

'बेवकूफाना और अस्वीकार्य...': फ्रांस हिंसा पर ट्रंप और नेतन्याहू के बयानों पर भड़के इमैनुएल मैक्रों

Emmanuel Macron on france violence

फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने अपने देश में हुए हिंसक विरोध प्रदर्शनों पर ट्रंप, नेतन्याहू समेत विदेशी नेताओं की टिप्पणियों को ‘अस्वीकार्य’ और ‘बेवकूफाना’ बताया। इन नेताओं ने फ्रांस में हुई हिंसा के लिए कथित तौर पर प्रवासियों को जिम्मेदार ठहराया था। ALSO READ: फ्रांस में महंगाई के खिलाफ हिंसक प्रदर्शन, 143 साल पुराना टाउन हॉल खाक; 2400 गिरफ्तार

 

कतर की यात्रा के दौरान पत्रकारों से बात करते हुए राष्‍ट्रपति मैक्रों ने कहा कि प्रदर्शन से जुड़ी सूचनाओं के साथ विदेशी स्तर पर छेड़छाड़ की गई है। इसके चलते कई विदेशी नेताओं ने ऐसी टिप्पणियां की हैं, जो अस्वीकार्य और बेवकूफाना हैं।

 

उन्होंने कहा कि हमने एआई से तैयार की गई ऐसी तस्वीरें देखी हैं, जिनमें ऐसे दृश्य दिखाए गए हैं, जो फ्रांस में कभी हुए ही नहीं। कुछ लोगों ने दावा किया है कि प्रवासियों और इस्लामवादियों की भारी भीड़ ने फ्रांस पर हमला कर दिया है, जबकि यह पूरी तरह झूठ है। हमारा इस्तेमाल करके लोग अपना राजनीतिक अभियान चला रहे हैं। चाहे वे कुछ क्षेत्रों में हों या अटलांटिक महासागर के दूसरी ओर। यह बयान ऐसे समय आया है, जब आशंका है कि देश में इस वीकेंड और विरोध प्रदर्शन हो सकते हैं।

 

फ्रांसीसी राष्ट्रपति ने कहा कि वे अपने राजनीतिक अभियानों के लिए हमारे देश का इस्तेमाल कर रहे हैं। हमें इसकी जरूरत नहीं है। हमारे सामने पहले से ही निपटने के लिए कई मुश्किलें हैं। ALSO READ: फ्रांस के ऐतिहासिक टाउन हॉल में आग लगाने के आरोप में संदिग्ध गिरफ्तार

 

क्या बोले थे ट्रंप और नेतन्याहू?

ट्रंप की रिपब्लिकन पार्टी को दो सप्ताह बाद होने वाले मिडटर्म इलेक्शन का सामना करना है। अमेरिकी राष्ट्रपति फ्रांस में हुई हिंसा और लूटपाट का बार-बार जिक्र कर रहे हैं। उन्होंने मतदाताओं को चेतावनी देते हुए कहा कि वे बस फ्रांस को देख लें। उन्होंने हिंसा के लिए प्रवासियों को जिम्मेदार ठहराया और कहा कि पेरिस बहुत जल्द एक मुस्लिम शहर बन जाएगा।

इसराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने भी कहा है कि फ्रांस पर कट्टरपंथी इस्लाम का हमला हुआ है। हालांकि विश्लेषकों ने उन दावों को ख़ारिज किया है कि फ्रांस में विरोध प्रदर्शनों के पीछे प्रवासी मुख्य वजह हैं।