Asian Para Games में भारतीय तीरंदाज शीतल देवी ने जीते दो गोल्ड मेडल (Video)

जम्मू कश्मीर की रहने वाली भारतीय भुजाहीन तीरंदाज शीतल देवी ने एशियाई पैरा खेल 2026 में गुरुवार को महिलाओं की कंपाउंड व्यक्तिगत स्पर्धा का भी स्वर्ण पदक जीत लिया। यह एशियाई पैरा खेल में शीतल का दूसरा स्वर्ण पदक है। उन्होंने महिलाओं की कंपाउंड स्पर्धा के फाइनल में सिंगापुर की अलीम नूर सैयदाह को 142-139 से हराकर यह स्वर्ण अपने नाम किया।

शीतल ने क्वालिफिकेशन राउंड में 149 अंक हासिल कर विश्व रिकॉर्ड बनाया था। इसके बाद उन्होंने फाइनल में भी शानदार प्रदर्शन करते हुए एक और खिताब जीता। इससे पहले शीतल देवी ने तोमन कुमार के साथ कंपाउंड मिश्रित टीम स्पर्धा में भी स्वर्ण पदक जीता था। इस तरह उन्होंने दो स्वर्ण तथा एक रजत पदक के साथ अपने एशियाई पैरा खेलों के सफर का शानदार समापन किया। यह उनके पिछले एशियाई पैरा खेलों (हांगझोऊ) के प्रदर्शन के बराबर है।

अलीम ने अच्छी शुरुआत की और पहले दो सेट के बाद चार अंकों की बढ़त बना ली। लेकिन जम्मू कश्मीर की रहने वाली भारतीय खिलाड़ी ने शानदार वापसी करके अगले दो सेट में लगातार 10-10 अंक हासिल किए। उन्होंने इस बीच तीन एक्स (निशाने के केंद्र के सबसे करीब लगने वाले तीर) भी लगाए। इस तरह से उन्होंने अंतिम सेट से पहले दो अंकों की बढ़त बना ली।

शीतल ने अंतिम सेट में नौ-नौ अंक के साथ कुल 27 अंक हासिल किए जबकि अलीम केवल 26 अंक ही बना सकी।शीतल ने इन खेलों से तीन पदक जीते। उन्होंने ओडिशा की पायल नाग के साथ महिला युगल में रजत पदक भी जीता था।

इससे पहले शीतल और तोमन ने मौजूदा खेलों में तीरंदाजी में भारत को पहला स्वर्ण पदक दिलाया।शीतल और तोमन ने फाइनल में इंडोनेशिया की तेओडोरा ऑडी आयुडिया फेरेली और केन स्वागुमिलंग को 151-148 से हराया।

क्वालीफाइंग राउंड में विश्व रिकार्ड बनाने वाली शीर्ष वरीयता प्राप्त भारतीय जोड़ी ने फाइनल में शुरू से लेकर आखिर तक अपनी बढ़त बनाए रखी।भारतीय टीम ने पहले सेट में 38-37 से बढ़त हासिल कर ली। इसके बाद उन्होंने दूसरे सेट में भी अच्छा प्रदर्शन किया और 77-73 के अंतर से अपनी बढ़त चार अंक की कर दी। इस दौरान उन्होंने केवल एक अंक गंवाया।

इंडोनेशियाई टीम ने तीसरे सेट में एक अंक से जीत हासिल की, लेकिन भारतीय टीम ने तीन अंकों की बढ़त बनाए रखी। अंतिम सेट में दोनों टीमों ने 38 अंक बनाए, जो भारत को तीन अंकों की जीत के साथ स्वर्ण पदक दिलाने के लिए पर्याप्त थे।