बचपन से ही स्मार्ट बनेंगे बच्चे! पेरेंट्स आज ही शुरू कराएं ये 5 आसान काम, कभी नहीं होगी पैसों की तंगी

बच्चों में बचपन से ही पैसों की सही समझ और अच्छी आदतें डालना उन्हें भविष्य में वित्तीय रूप से समझदार और स्वतंत्र बनाता है। शुरुआती फाइनेंशियल लिटरेसी बच्चों को पैसे के स्मार्ट फैसले लेने में मदद करती है। पैसों का सही इस्तेमाल समझना कितना जरूरी है, ये उन्हें तभी समझ जाएगा, जब वे खुद पैसा संभलेंगे। लेकिन इसके लिए उन्हें तैयार करने की जिम्मेदारी हम बड़ों की है। पैसा सिर्फ जरूरतें पूरी करने के लिए ही नहीं, बल्कि बचाने और अपने सपने पूरे करने के लिए भी बेहद जरूरी है। पेरेंट्स आज से ही इन 5 आसान तरीकों को अपनाकर अपने बच्चों को पैसों के मामले में स्मार्ट बना सकते हैं:

थ्री-जार सिस्टम : बच्चों को कुछ पैसे दें, जिसे वे तीन हिस्सों में बांटें। इनमें एक बचत का, एक खर्च का और तीसरा दान का होना चाहिए। यह तरीका बच्चों को सिखाता है कि सब कुछ तुरंत खर्च करने के बजाय सोच-समझकर पैसे का इस्तेमाल करने से एक मजबूत नींव बनती है।

ग्रोसरी लिस्ट चैलेंज : अपने बच्चे को एक छोटा बजट और एक खास ग्रोसरी लिस्ट दें। उन्हें सुपर मार्केट में अपनी लिस्ट और बजट के हिसाब से चीजों का चुनाव करने दें। इससे उन्हें स्टोर ब्रांड की तुलना नामी ब्रांड से करनी आएगी, कीमतों में अंतर समझ आएगा और कुल बिल को बजट में रखने के लिए फैसले लेने की समझ बढ़ेगी।

सेविंग्स गोल मैच करना : अपने बच्चे को लंबे समय के किसी लक्ष्य के लिए पैसे बचाने और उसमें अपनी तरफ से कुछ जोड़ने का ऑफर दें। जैसे उसकी हर 10 रुपये की बचत पर आप उसे एक रुपया देंगे। यह कंपाउंड इंटरेस्ट और इंसेंटिव स्ट्रक्चर के बारे में जानकारी देता है। साथ ही सोच-समझकर बचत की आदत को बढ़ावा देता है।

जरूरतों और चाहतों में अंतर समझाएं : बच्चों को सिखाएं कि ‘जरूरत’ (जैसे पढ़ाई, खाना, कपड़े) और ‘चाहत’ (जैसे महंगे खिलौने, वीडियो गेम) में क्या फर्क होता है। जब भी वे किसी नई चीज की जिद्द करें, तो उनसे पूछें कि क्या यह उनकी जरूरत है या सिर्फ एक चाहत।

डिजिटल और बेसिक बैंक अकाउंट से जोड़ें : थोड़े बड़े बच्चों के लिए ‘माइनर सेविंग्स अकाउंट’ खुलवाएं। उन्हें बैंक की कार्यप्रणाली, पासबुक अपडेट करना और डिजिटल लेन-देन के सुरक्षित तरीकों के बारे में बुनियादी जानकारी दें।

स्लिम नहीं, फिट दिखना है जरूरी! जानिए सौम्या टंडन का फिटनेस मंत्र

स्लिम नहीं, फिट दिखना है जरूरी! जानिए सौम्या टंडन का फिटनेस मंत्र

हमेशा फिट रहने के लिए हमेशा सख्त डाइट या घंटों एक्सरसाइज करना जरूरी नहीं होता। रोज की कुछ अच्छी आदतों को अपनी लाइफस्टाइल में शामिल करके भी खुद को हेल्दी और एक्टिव रखा जा सकता है। महिलाओं के लिए नींद, खान-पान, पानी पीने और रोज की एक्टिविटी जैसी छोटी-छोटी चीजें काफी असर करती हैं।

एक्ट्रेस सौम्या टंडन भी अपनी फिटनेस और हेल्थ को बनाए रखने के लिए कुछ आसान आदतों को अपनी दिनचर्या का हिस्सा मानती हैं। उनकी फिटनेस रूटीन से जुड़ी ये आदतें उन महिलाओं के लिए भी काम की हो सकती हैं, जो बिना बहुत ज्यादा स्ट्रिक्ट डाइट के खुद को फिट रखना चाहती हैं। लेकिन हर व्यक्ति की जरूरत और शरीर अलग होता है, इसलिए किसी भी हेल्थ रूटीन को अपनाने से पहले अपनी जरूरत के हिसाब से सलाह लेना बेहतर है।

दिन की शुरुआत

सौम्या टंडन अपने दिन की शुरुआत एक बड़े गिलास गुनगुने पानी से करती हैं। इसमें वह थोड़ा-सा कद्दूकस किया हुआ अदरक मिलाती हैं। सुबह पानी पीने से शरीर को हाइड्रेट रखने में मदद मिलती है। अदरक को डाइजेस्ट के लिए भी फायदेमंद माना जाता है। लेकिन हर व्यक्ति के शरीर पर इसका असर अलग हो सकता है।

डाइट में जरूरी चीजें

सौम्या अपनी डाइट में प्रोटीन को भी खास जगह देती हैं। वह प्रोटीन ड्रिंक लेती हैं और मानती हैं कि रोज के खाने में पर्याप्त प्रोटीन होना जरूरी है। प्रोटीन शरीर की मिस्क्ल्स को मजबूत रखने में मदद करता है। इसके लिए दाल, पनीर, दूध, दही, अंडे या अपनी पसंद के दूसरे प्रोटीन वाले फूड शामिल किए जा सकते हैं।

इन चीजों से परहेज

सौम्या टंडन चीनी और ज्यादा मीठी चीजों से दूरी रखती हैं। वह मीठे से बचने को अपनी हेल्दी आदतों में शामिल करती हैं। रोज ज्यादा चीनी खाने से वजन बढ़ने जैसी समस्याएं हो सकती हैं, इसलिए मीठा कम मात्रा में खाना बेहतर माना जाता है। घर पर मिठाई बनाते समय भी चीनी की मात्रा कम रखी जा सकती है।

खाली पेट ड्रिंक

सौम्या ने बताया है कि वह सुबह खाली पेट एक चम्मच हल्का गुनगुना घी लेती हैं और उसमें थोड़ी हल्दी व काली मिर्च मिलाती हैं। उनके अनुसार यह उनकी रोज की आदत का हिस्सा है। घी में फैट होता है और बैलेंस अमाउंट में इसे डाइट में शामिल किया जा सकता है। लेकिन किसी भी चीज को खाली पेट लेने से पहले अपनी सेहत और डाइट का ध्यान रखना जरूरी है।

फिट रहने का सीक्रेट

सौम्या का कहना है कि वह खुद को फिट रखने के लिए क्रैश डाइटिंग नहीं करतीं। उनका फोकस बैलेंस्ड डाइट पर रहता है। डाइट में कार्बोहाइड्रेट के साथ प्रोटीन, फाइबर, हेल्दी फैट, फल और सब्जियां शामिल करना जरूरी है। इस तरह खाना खाने से शरीर को अलग-अलग जरूरी पोषक तत्व मिलते हैं और लंबे समय तक हेल्दी रूटीन बनाए रखना आसान हो सकता है।