बिना दवा के प्री-डायबिटीज होगी कंट्रोल, बस रोज करें ये हल्का काम!

आज के समय में हमारी बदलती लाइफस्टाइल का असर हमारी हेल्थ पर भी साफ दिखाई देता है। घंटों बैठे रहना, फिजिकल मेहनत कम होना और खानपान पर ध्यान न देना कई तरह की बीमारियों का रिस्क बढ़ा सकता है। डायबिटीज भी ऐसी ही एक प्रॉब्लम है, जिसका रिस्क धीरे-धीरे बढ़ सकता है और शुरुआत में इसके संकेतों का पता लगाना भी आसान नहीं होता। शरीर को एक्टिव रखना और रोज की आदतों पर ध्यान देना काफी जरूरी हो जाता है।

प्री-डायबिटीज की स्टेज में यदि समय रहते अपनी लाइफस्टाइल पर ध्यान दिया जाए, तो आगे बढ़ने वाले रिस्क को कम करने में मदद मिल सकती है। हार्वर्ड हेल्थ की एक रिपोर्ट में भी फिजिकल एक्टिविटी और डायबिटीज के रिस्क के बीच संबंध को बताया गया है। प्री-डायबिटीज वाले लोगों को एक्सरसाइज करनी चाहिए और फिजिकल एक्टिविटी उनके लिए फायदेमंद हो सकती है।

डेली लाइफस्टाइल में करें ये बदलाव

रिसर्च में शामिल एक्सपर्ट्स ने प्री-डायबिटीज वाले लोगों को अपनी रोज की आदतों में छोटे-छोटे बदलाव करने की सलाह दी। उन्होंने खाने में सिंपल कार्बोहाइड्रेट की मात्रा कम करने और फाइबर वाली चीजों को ज्यादा शामिल करने पर जोर दिया। इसके साथ हर हफ्ते कम से कम 150 मिनट मॉडरेट इंटेंसिटी वाली एक्सरसाइज करने की सलाह दी गई। जिन लोगों का वजन ज्यादा था, उन्हें अपने वजन का कम से कम 7 प्रतिशत कम करने की कोशिश करने को कहा गया।

सिर्फ 150 मिनट एक्सरसाइज का असर

रिसर्च के एक साल बाद जब लोगों का फॉलो-अप किया गया, तो करीब 58 प्रतिशत लोगों ने हर हफ्ते 150 मिनट एक्सरसाइज करने का गोल पूरा किया। रिसर्चर ने पाया कि इन लोगों में कम एक्सरसाइज करने वालों की तुलना में ब्लड शुगर नॉर्मल रहने की पॉसिब्लिटी लगभग चार गुना ज्यादा थी। रिसर्च के अनुसार, रेगलर एक्सरसाइज ब्लड शुगर को कम करने और शरीर में जमा फैट घटाने में मदद कर सकती है। क्योंकि ये दोनों ही प्री-डायबिटीज के आगे चलकर डायबिटीज में बदलने के फैक्टर में शामिल हैं।

रिसर्च में सामने आए नतीजे

यह रिसर्च Cardiovascular Diabetology-Endocrinology Reports में पब्लिश हुई थी। इसमें रिसर्च टीम ने कार्डियोवैस्कुलर रिस्क रिडक्शन प्रोग्राम में 130 प्री-डायबिटिक लोगों के डेटा का रिसर्च किया। इस प्रोग्राम में इंटरनल मेडिसिन, न्यूट्रिशन, साइकोलॉजी और फिजियोथेरेपी जैसे अलग-अलग फील्ड के एक्सपर्ट्स की सलाह और निगरानी भी शामिल थी। रिसर्च का प्राइमरी ऑब्जेक्टिव लाइफस्टाइल में चेंज और रेगुलर फिजिकल एक्टिविटी प्री-डायबिटीज वाले लोगों के ब्लड शुगर को नॉर्मल रखने में मदद करना है।

प्री-डायबिटीज को नजरअंदाज करने के बजाय समय रहते अपनी लाइफस्टाइल पर ध्यान देना जरूरी है। रोज की छोटी-छोटी अच्छी आदतें हेल्थ को बेहतर रखने में मदद कर सकती हैं। रेगुलर एक्टिव रहना, खानपान का ध्यान रखना और वेट को बैलेंस रखना डायबिटीज के बढ़ते रिस्क को कम करने की दिशा में एक अच्छा कदम हो सकता है।

स्लिम नहीं, फिट दिखना है जरूरी! जानिए सौम्या टंडन का फिटनेस मंत्र

हमेशा फिट रहने के लिए हमेशा सख्त डाइट या घंटों एक्सरसाइज करना जरूरी नहीं होता। रोज की कुछ अच्छी आदतों को अपनी लाइफस्टाइल में शामिल करके भी खुद को हेल्दी और एक्टिव रखा जा सकता है। महिलाओं के लिए नींद, खान-पान, पानी पीने और रोज की एक्टिविटी जैसी छोटी-छोटी चीजें काफी असर करती हैं।

एक्ट्रेस सौम्या टंडन भी अपनी फिटनेस और हेल्थ को बनाए रखने के लिए कुछ आसान आदतों को अपनी दिनचर्या का हिस्सा मानती हैं। उनकी फिटनेस रूटीन से जुड़ी ये आदतें उन महिलाओं के लिए भी काम की हो सकती हैं, जो बिना बहुत ज्यादा स्ट्रिक्ट डाइट के खुद को फिट रखना चाहती हैं। लेकिन हर व्यक्ति की जरूरत और शरीर अलग होता है, इसलिए किसी भी हेल्थ रूटीन को अपनाने से पहले अपनी जरूरत के हिसाब से सलाह लेना बेहतर है।

दिन की शुरुआत

सौम्या टंडन अपने दिन की शुरुआत एक बड़े गिलास गुनगुने पानी से करती हैं। इसमें वह थोड़ा-सा कद्दूकस किया हुआ अदरक मिलाती हैं। सुबह पानी पीने से शरीर को हाइड्रेट रखने में मदद मिलती है। अदरक को डाइजेस्ट के लिए भी फायदेमंद माना जाता है। लेकिन हर व्यक्ति के शरीर पर इसका असर अलग हो सकता है।

डाइट में जरूरी चीजें

सौम्या अपनी डाइट में प्रोटीन को भी खास जगह देती हैं। वह प्रोटीन ड्रिंक लेती हैं और मानती हैं कि रोज के खाने में पर्याप्त प्रोटीन होना जरूरी है। प्रोटीन शरीर की मिस्क्ल्स को मजबूत रखने में मदद करता है। इसके लिए दाल, पनीर, दूध, दही, अंडे या अपनी पसंद के दूसरे प्रोटीन वाले फूड शामिल किए जा सकते हैं।

इन चीजों से परहेज

सौम्या टंडन चीनी और ज्यादा मीठी चीजों से दूरी रखती हैं। वह मीठे से बचने को अपनी हेल्दी आदतों में शामिल करती हैं। रोज ज्यादा चीनी खाने से वजन बढ़ने जैसी समस्याएं हो सकती हैं, इसलिए मीठा कम मात्रा में खाना बेहतर माना जाता है। घर पर मिठाई बनाते समय भी चीनी की मात्रा कम रखी जा सकती है।

खाली पेट ड्रिंक

सौम्या ने बताया है कि वह सुबह खाली पेट एक चम्मच हल्का गुनगुना घी लेती हैं और उसमें थोड़ी हल्दी व काली मिर्च मिलाती हैं। उनके अनुसार यह उनकी रोज की आदत का हिस्सा है। घी में फैट होता है और बैलेंस अमाउंट में इसे डाइट में शामिल किया जा सकता है। लेकिन किसी भी चीज को खाली पेट लेने से पहले अपनी सेहत और डाइट का ध्यान रखना जरूरी है।

फिट रहने का सीक्रेट

सौम्या का कहना है कि वह खुद को फिट रखने के लिए क्रैश डाइटिंग नहीं करतीं। उनका फोकस बैलेंस्ड डाइट पर रहता है। डाइट में कार्बोहाइड्रेट के साथ प्रोटीन, फाइबर, हेल्दी फैट, फल और सब्जियां शामिल करना जरूरी है। इस तरह खाना खाने से शरीर को अलग-अलग जरूरी पोषक तत्व मिलते हैं और लंबे समय तक हेल्दी रूटीन बनाए रखना आसान हो सकता है।