कोई कानून से ऊपर नहीं… सेलिब्रिटी और स्टार्स के लिए FDA चीफ तुकाराम मुंढे ने फिर कह दी सीरियस बात

22 सितंबर को 72वें नेशनल फिल्म अवॉर्ड्स समारोह में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने मशहूर फिल्म आर्टिस्ट की जिम्मेदारी पर बात की थी। उन्होंने कहा था कि पॉपुलर आर्टिस्ट का युवाओं की सोच पर गहरा असर होता है। उनके मुताबिक, एक सच्चे स्टार को समाज में अच्छी सोच और पॉजिटिविटी फैलाने की कोशिश करनी चाहिए।

तुकाराम मुंडे ने सोशल मीडिया पर रखा अपना पक्ष

राष्ट्रपति की अपील के बाद तुकाराम मुंडे ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर कहा कि आर्टिस्ट का लोगों पर असर होना अच्छी बात है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि वह कानून का उल्लंघन करें। उन्होंने आर्टिस्ट से कहा कि उन्हें अपने प्रभाव का इस्तेमाल सोच-समझकर करना चाहिए और ऐसे उत्पादों या आदतों का प्रचार नहीं करना चाहिए, जो लोगों की सेहत को नुकसान पहुंचा सकते हैं।

महाराष्ट्र में जारी हो चुके हैं नोटिस

मुंडे ने बताया कि महाराष्ट्र में FDA पहले ही कुछ ऐसे आर्टिस्ट को नोटिस जारी कर चुका है। उन्होंने बताया कि जब किसी पॉपुलर चेहरे का इस्तेमाल खाने-पीने या दूसरे उत्पादों के प्रचार के लिए किया जाता है, तो उसके स्वास्थ्य से जुड़े असर को भी ध्यान में रखना जरूरी है।

महाराष्ट्र FDA ने अभिनेता शाहरुख खान, अजय देवगन और टाइगर श्रॉफ को नोटिस जारी किए थे। आर्टिस्ट ने विमल इलायची का विज्ञापन किया था। FDA का कहना था कि यह विज्ञापन प्रतिबंधित विमल पान मसाला के सरोगेट प्रमोशन का है। जिसके कारण आर्टिस्ट के विज्ञापन को लेकर कार्रवाई की गई थी।

मुंडे ने कहा कि किसी आर्टिस्ट की पॉपुलैरिटी उसे कानून से ऊपर नहीं बनाती। उनके मुताबिक, कलाकारों को भी दूसरे लोगों की तरह कानून का पालन करना चाहिए और यह समझना चाहिए कि उनके प्रचार का लोगों की पसंद और आदतों पर असर पड़ सकता है। खासकर खाने-पीने की चीजों के प्रचार में लोगों के स्वास्थ्य को नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए।

बिना दवा के प्री-डायबिटीज होगी कंट्रोल, बस रोज करें ये हल्का काम!

आज के समय में हमारी बदलती लाइफस्टाइल का असर हमारी हेल्थ पर भी साफ दिखाई देता है। घंटों बैठे रहना, फिजिकल मेहनत कम होना और खानपान पर ध्यान न देना कई तरह की बीमारियों का रिस्क बढ़ा सकता है। डायबिटीज भी ऐसी ही एक प्रॉब्लम है, जिसका रिस्क धीरे-धीरे बढ़ सकता है और शुरुआत में इसके संकेतों का पता लगाना भी आसान नहीं होता। शरीर को एक्टिव रखना और रोज की आदतों पर ध्यान देना काफी जरूरी हो जाता है।

प्री-डायबिटीज की स्टेज में यदि समय रहते अपनी लाइफस्टाइल पर ध्यान दिया जाए, तो आगे बढ़ने वाले रिस्क को कम करने में मदद मिल सकती है। हार्वर्ड हेल्थ की एक रिपोर्ट में भी फिजिकल एक्टिविटी और डायबिटीज के रिस्क के बीच संबंध को बताया गया है। प्री-डायबिटीज वाले लोगों को एक्सरसाइज करनी चाहिए और फिजिकल एक्टिविटी उनके लिए फायदेमंद हो सकती है।

डेली लाइफस्टाइल में करें ये बदलाव

रिसर्च में शामिल एक्सपर्ट्स ने प्री-डायबिटीज वाले लोगों को अपनी रोज की आदतों में छोटे-छोटे बदलाव करने की सलाह दी। उन्होंने खाने में सिंपल कार्बोहाइड्रेट की मात्रा कम करने और फाइबर वाली चीजों को ज्यादा शामिल करने पर जोर दिया। इसके साथ हर हफ्ते कम से कम 150 मिनट मॉडरेट इंटेंसिटी वाली एक्सरसाइज करने की सलाह दी गई। जिन लोगों का वजन ज्यादा था, उन्हें अपने वजन का कम से कम 7 प्रतिशत कम करने की कोशिश करने को कहा गया।

सिर्फ 150 मिनट एक्सरसाइज का असर

रिसर्च के एक साल बाद जब लोगों का फॉलो-अप किया गया, तो करीब 58 प्रतिशत लोगों ने हर हफ्ते 150 मिनट एक्सरसाइज करने का गोल पूरा किया। रिसर्चर ने पाया कि इन लोगों में कम एक्सरसाइज करने वालों की तुलना में ब्लड शुगर नॉर्मल रहने की पॉसिब्लिटी लगभग चार गुना ज्यादा थी। रिसर्च के अनुसार, रेगलर एक्सरसाइज ब्लड शुगर को कम करने और शरीर में जमा फैट घटाने में मदद कर सकती है। क्योंकि ये दोनों ही प्री-डायबिटीज के आगे चलकर डायबिटीज में बदलने के फैक्टर में शामिल हैं।

रिसर्च में सामने आए नतीजे

यह रिसर्च Cardiovascular Diabetology-Endocrinology Reports में पब्लिश हुई थी। इसमें रिसर्च टीम ने कार्डियोवैस्कुलर रिस्क रिडक्शन प्रोग्राम में 130 प्री-डायबिटिक लोगों के डेटा का रिसर्च किया। इस प्रोग्राम में इंटरनल मेडिसिन, न्यूट्रिशन, साइकोलॉजी और फिजियोथेरेपी जैसे अलग-अलग फील्ड के एक्सपर्ट्स की सलाह और निगरानी भी शामिल थी। रिसर्च का प्राइमरी ऑब्जेक्टिव लाइफस्टाइल में चेंज और रेगुलर फिजिकल एक्टिविटी प्री-डायबिटीज वाले लोगों के ब्लड शुगर को नॉर्मल रखने में मदद करना है।

प्री-डायबिटीज को नजरअंदाज करने के बजाय समय रहते अपनी लाइफस्टाइल पर ध्यान देना जरूरी है। रोज की छोटी-छोटी अच्छी आदतें हेल्थ को बेहतर रखने में मदद कर सकती हैं। रेगुलर एक्टिव रहना, खानपान का ध्यान रखना और वेट को बैलेंस रखना डायबिटीज के बढ़ते रिस्क को कम करने की दिशा में एक अच्छा कदम हो सकता है।