OTT Releases This Week: इस हफ्ते होगा मनोरंजन का धमाका, गांधारी, धमाल 4, तक ये फिल्में-शो होने वाले हैं रिलीज

OTT Releases This Week: सितंबर की शुरुआत कई तरह की दिलचस्प स्ट्रीमिंग फिल्मों और सीरीज के साथ हो रही है। इनमें एक मां की अपने खोए हुए बच्चे की तलाश और इंटरनेशनल गैंग वॉर, घटनाओं की जांच और कोल्ड वॉर के समय के सर्वाइवल एडवेंचर तक शामिल हैं। तापसी पन्नू ‘गंधारी’ में एक ऐसी मां का किरदार निभा रही हैं, जो अपनी बेटी को खोजने की बेताब कोशिश में बच्चों की तस्करी करने वाले नेटवर्क की जड़ों तक पहुंच जाती है।

वहीं, अजय देवगन, अरशद वारसी, रितेश देशमुख और जावेद जाफरी ‘धमाल 4’ में खजाने की तलाश के मजेदार हंगामे के लिए फिर से साथ आ रहे हैं। साथ ही, थियो जेम्स और काया स्कोडेलेरियो ‘द जेंटलमैन’ के दूसरे सीज़न में हॉर्नमैन-ग्लास क्रिमिनल नेटवर्क को ब्रिटेन से बाहर ले जा रहे हैं।

पीरियड रोमांस और कोर्टरूम ड्रामा से लेकर कर्नाटक संगीत, हॉरर-कॉमेडी और डॉक्यूमेंट्री तक, यहां 1 सितंबर से 6 सितंबर के बीच रिलीज़ होने वाली प्रमुख OTT फिल्में और सीरीज दी गई हैं।

‘गंधारी’- नेटफ्लिक्स, 3 सितंबर

तापसी पन्नू इस डार्क एक्शन थ्रिलर में बानी का किरदार निभा रही हैं, जो एक ऐसी मां है जिसकी लाइफ तब तहस-नहस हो जाती है जब उसकी छोटी बेटी अचानक एक भीड़ भरे रेलवे स्टेशन से गायब हो जाती है। बच्ची को ढूंढने की उसकी बेताब कोशिशें तब और भी खौफनाक मोड़ ले लेती हैं। पन्नू के साथ इशवाक सिंह, छाया कदम, स्वस्तिका मुखर्जी, मीता वशिष्ठ और जतिन सरना अहम भूमिकाओं में हैं।

धमाल 4 – नेटफ्लिक्स, 4 सितंबर

खजाना वापस आ गया है, और जाहिर है, उसे खोजने के लिए पागलपन से भरे लोग भी वापस आ गए हैं। इंद्र कुमार की स्लैपस्टिक फ़्रैंचाइज़ी अपनी चौथी किस्त के साथ लौट रही है, जिसमें गुड्डू, लल्लन, आदि और मानव एक बार फिर रातों-रात अमीर बनने की उम्मीद में उलझते-भटकते नजर आएंगे। ‘टोटल धमाल’ के बाद अजय देवगन, अरशद वारसी, रितेश देशमुख और जावेद जाफरी फिर से एक साथ आ रहे हैं, साथ ही रवि किशन, संजय मिश्रा, ईशा गुप्ता, संजीदा शेख और अंजलि आनंद भी इस बड़ी स्टार कास्ट का हिस्सा हैं।

द जेंटलमैन सीजन 2 – नेटफ्लिक्स, 3 सितंबर

रे विंस्टन, डैनियल इंग्स, जोली रिचर्डसन, विनी जोन्स, जियानकार्लो एस्पोसिटो, जैस्मीन ब्लैकबोरो और पियर्स क्विगली की वापसी हो रही है। इस बढ़ते हुए क्रिमिनल यूनिवर्स में ह्यू बॉनविले, बेंजामिन क्लेमेंटाइन, बेनेडेट्टा पोरोकारोली, मिशेल मोरोन, सर्जियो कास्टेलिटो और अमरा मल्लासी भी शामिल हो रहे हैं, साथ ही बॉक्सर क्रिस यूबैंक जूनियर और टेलीविज़न प्रेजेंटर माया जामा भी नजर आएंगे।

लवसिक – नेटफ्लिक्स, 2 सितंबर

1910 के दशक में सेट इस सात-एपिसोड वाले मैक्सिकन पीरियड ड्रामा में उलझनों के बीच रोमांस की कहानी दिखाई गई है। रेनाटा वाका ने वियोलेटा का किरदार निभाया है, जो एक ताकतवर परिवार में पैदा हुई यंग महिला है। उसके सामाजिक रुतबे के साथ वफादारी, शादी और भविष्य को लेकर कुछ तय उम्मीदें जुड़ी हुई हैं।

बिग बॉस 20- JioHotstar, 6 सितंबर 2026

सलमान खान के होस्ट वाला पॉपुलर रियलिटी शो बिग बॉस 20 अपने नए सीजन के साथ कमबैक कर रहा है। शो में नए कंटेस्टेंट्स, टास्क, विवाद और अलग-अलग गेम डायनामिक्स देखने को मिलने वाले हैं।

Drishyam: ‘दृश्यम’ के पार्ट 1 और 2 को इन ट्विस्ट- टर्न ने बनाया था धमाकेदार, इस बार क्या होने वाला है खास?

Drishyam: अजय देवगन हिंदी वर्जन वाली ‘दृश्यम’ फ्रैंचाइजी की तीसरी और आखिरी फिल्म में विजय सलगांवकर के रोल में वापसी कर रहे हैं। एक्टर ने तीसरी फिल्म का ऑफिशियल टाइटल ‘दृश्यम द कन्क्लूज़न’ अनाउंस किया है, जो 2 अक्टूबर, 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज होगी। ट्विस्ट, राज और अपने परिवार को सुरक्षित रखने के लिए विजय की सोच-समझकर की गई चालों से भरी दो फिल्मों के बाद, अब ये पार्ट यह दिखाने के लिए तैयार है कि उनकी कहानी का आखिर में क्या अंजाम होता है। लेकिन इससे पहले एक नजर डालते हैं पार्ट वन और टू के उन ट्विस्ट और टर्न पर, जिसके चलते ये सुपरहिट हुई।

‘दृश्यम 1’ के ट्विस्ट और टर्न

अजय देवगन की फिल्म के पार्ट वन में सबसे बड़ा ट्विस्ट होता है, जब पुलिस को लगता है कि उन्होंने सैम की लाश ढूंढ निकाला है। लेकिन खुदाई करने पर वहां से एक कुत्ते का कंकाल मिलता है। इसके बाद आता है फिल्म का आखिरी सीन, जहां असली गेम पता चलता है। विजय सावरकर (अजय देवगन) ने सैम की लाश को ऐसी जगह छुपाया है, जहां पर किसी को शक तक नहीं होता है। दरअसल वह नए बन रहे पुलिस स्टेशन के नीचे उसे दफना देता है, जिसका उद्घाटन खुद आईजी (तबू) करती हैं।

‘दृश्यम 2’ के ट्विस्ट और टर्न

पार्ट 2 में पुलिस स्टेशन की खुदाई करके सैम का असली कंकाल ढूंढ लिया जाता है, जिससे लगता है कि अब विजय पकड़ा जाएगा। लेकिन तभी अदालत में डीएनए (DNA) रिपोर्ट आती है और वह सैम के माता-पिता से नहीं मिलती है। इस सीन के बाद हर कोई हैरान रह जाता है। विजय अपनी इमेजनरी कहानी को पहले ही एक नॉवेल के रूप में छपवा देता है। इतना ही नहीं वह फॉरेंसिक लैब के सुरक्षाकर्मी और श्मशान के रखवाले से यारी-दोस्ती बना लेता है। जैसे ही पुलिस स्टेशन से हड्डियां बरामद कर लैब जाते हैं, विजय वहां जाकर सैम के असली कंकाल को उसी उम्र के एक अन्य मरे हुई लड़के की हड्डियों से बदल देता है। इस तरह अदालत में पुलिस झूठी साबित हो जाती है।

‘दृश्यम द कन्क्लूजन’

अब तीसरे पार्ट में अजय देवगन के 13 साल से दबे राज बाहर आते दिख सकते हैं। हालांकि मेकर्स ने कहानी की भनक अब तक नहीं लगने दी है। लेकिन टाइटल से कयास लगाए जा रहे हैं कि फिल्म का ये लास्ट पार्ट होगा। इसके बाद फिल्म आगे नहीं बढ़ेगी, जिसके चलते इस लास्ट पार्ट में विजय का पूरा चिट्ठा खुलेगा। फिल्म 2 अक्टूबर 2026 को दस्तक देने वाली है।

Sunny Deol: ‘मेरा जमीर नहीं मानता…’, पान-मसाला के एड ठुकराने पर बोले सनी देओल

Sunny Deol: सनी देओल ने साफ कर दिया है कि पान मसाला के विज्ञापन करना एक ऐसी कैटेगरी है जिसमें उन्हें कोई दिलचस्पी नहीं है। एक्टर का कहना है कि उन्हें ऐसे ऑफर मिले हैं, लेकिन उन्होंने हमेशा उन्हें ठुकरा दिया है क्योंकि इस तरह के प्रोडक्ट का प्रमोशन करना उनकी अपनी सोच और मान्यताओं के खिलाफ है।

शुभंकर मिश्रा के पॉडकास्ट पर बात करते हुए, सनी ने ब्रांड एंडोर्समेंट को लेकर अपने नजरिए के बारे में बताया और यह भी बताया कि क्यों कुछ बहुत फ़ायदेमंद ऑफ़र भी उन्हें पसंद नहीं आते। सनी देओल का कहना है कि वह कभी भी पान मसाला का विज्ञापन नहीं करेंगे।

जब उनसे खास तौर पर पान मसाला के विज्ञापनों से दूर रहने के बारे में पूछा गया, तो सनी ने कहा कि भविष्य में भी उनके इस रुख में कोई बदलाव नहीं आएगा। उन्होंने कहा, “मैं पान मसाला के विज्ञापन नहीं करता और न ही कभी करूंगा। मैं ऐसी कोई चीज़ नहीं करूंगा। ऑफ़र तो आते हैं, लेकिन मैं नहीं करूंगा। मैं ऐसा कुछ नहीं करना चाहता जिसमें मेरा विश्वास न हो।”

एक्टर ने आगे कहा कि वह पान मसाला को प्रमोट करने लायक चीज़ नहीं मानते, जिससे ऐसे विज्ञापनों को लेकर उनका रुख बिल्कुल साफ़ हो गया है। सनी ने कहा, “मैं इन सब चीज़ों को नहीं मानता। मुझे नहीं लगता कि इसे बढ़ावा देना कोई अच्छी बात है।” एक्टर के मुताबिक, इसी सोच ने उनके कई दूसरे प्रोफेशनल फैसलों पर भी असर डाला है। उन्होंने कहा कि ऐसे कई काम हैं जिन्हें उन्होंने सिर्फ़ इसलिए करने से मना कर दिया क्योंकि उनका ज़मीर उन्हें इसकी इजाजत नहीं देता था।

उन्होंने आगे कहा, “मैं कई काम इसलिए नहीं करता क्योंकि मेरा ज़मीर उन्हें मंज़ूरी नहीं देता, और जो काम करने होते हैं, उन्हें मैं कर लेता हूं।”बातचीत इस बात पर भी हुई कि एडवरटाइज़िंग की दुनिया में सनी कम ही नज़र आते हैं। जहां उनके साथ के कई कलाकार बड़े ब्रांड कैंपेन में लगातार दिखते हैं, वहीं सनी ने माना कि उन्हें खुद नहीं पता कि एडवरटाइज़र्स ने उनसे उतनी बार संपर्क क्यों नहीं किया।

उन्होंने कहा, “अगर मैं भारत का प्रतिनिधित्व करता हूं और बाकी चीज़ों का भी प्रतिनिधित्व करता हूं, तो भी किसी तरह ऐड मेरे पास नहीं आते। वे मेरे पास क्यों नहीं आते? मुझे कोई अंदाज़ा नहीं है।”सनी ने इस स्थिति की तुलना उस दौर से की जब उन्हें फ़िल्मों के ऑफ़र नहीं मिल रहे थे। उन्होंने कहा, “जैसे पहले फ़िल्में नहीं मिल रही थीं, वैसे ही विज्ञापनों के मामले में मुझे कुछ पता नहीं है।”

उनकी यह बात ऐसे समय में आई है जब बॉलीवुड सेलेब्रिटीज़ के पान मसाला से जुड़े ब्रांड्स का प्रचार करने को लेकर फिर से चर्चा हो रही है। महाराष्ट्र फ़ूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन ने हाल ही में शाहरुख़ ख़ान, अजय देवगन और टाइगर श्रॉफ़ को ‘विमल इलायची’ के विज्ञापन में दिखने के लिए कारण बताओ नोटिस जारी किया है।

फ़िल्मों की बात करें तो सनी अभी ‘बंटवारा 1947’ में नज़र आ रहे हैं। इसके अलावा, एक्टर नितेश तिवारी की ‘रामायण’ में भी काम करने वाले हैं, जिसमें वे भगवान हनुमान का किरदार निभाएंगे।

अजय देवगन, शाहरुख, टाइगर पर लटकी FDA की तलवार, अक्षय कुमार का नाम नहीं शामिल, जानिए कानून क्या कहता है

फ़ूड सेफ़्टी चीफ़ और महाराष्ट्र फ़ूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (FDA) के प्रमुख तुकाराम मुंडे ने एक्टर्स शाहरुख़ खान, अजय देवगन और टाइगर श्रॉफ़ को उनके ‘विमल इलायची’ विज्ञापनों के सिलसिले में नौ पेज का विस्तृत ‘शो-कॉज़ नोटिस’ (कारण बताओ नोटिस) जारी किया है। उन्हें इस मामले में अपनी भूमिका के बारे में सफ़ाई देनी होगी और 15 दिनों के अंदर अपने सोशल मीडिया हैंडल से सभी प्रमोशनल कंटेंट को पूरी तरह हटाना होगा।

कानून क्या कहता है? सरोगेट एडवरटाइज़िंग मुख्य मुद्दा क्यों है? शाहरुख़ खान, अजय देवगन और टाइगर श्रॉफ़ पर क्या कार्रवाई हो सकती है? अक्षय कुमार ने इस मामले को कानूनी तौर पर कैसे संभाला?

विमल मामले में सरोगेट एडवरटाइज़िंग मुख्य मुद्दा क्यों है?

सरोगेट विज्ञापन एक विपणन रणनीति है जिसमें कोई कंपनी प्रतिबंधित या सीमित उत्पाद को किसी अन्य अनुमत उत्पाद के नाम पर, उसी ब्रांड पहचान का उपयोग करके प्रचारित करती है। यह विज्ञापन प्रतिबंधों को दरकिनार करने के लिए एक कानूनी खामी के रूप में काम करता है। जब शराब या तंबाकू जैसे उत्पाद टेलीविजन और प्रिंट विज्ञापनों के लिए कानूनी रूप से प्रतिबंधित होते हैं, तो कंपनियां “ब्रांड स्ट्रेचिंग” का उपयोग करके समान लोगो, संगीत, रंग और नारों के साथ एक कानूनी उत्पाद का विपणन करती हैं।

विज्ञापित उत्पाद पूरी तरह से कानूनी है। उदाहरणों में इलायची, माउथ फ्रेशनर, क्लब सोडा, पैकेटबंद पानी या संगीत सीडी शामिल हैं। कंपनी वास्तव में जिस उत्पाद को बेचना चाहती है, वह कानूनी रूप से सार्वजनिक प्रचार के लिए प्रतिबंधित है (जैसे गुटखा, पान मसाला, व्हिस्की या बीयर)। कानूनी “सरोगेट” के लिए मशहूर हस्तियों के विज्ञापनों से दर्शकों को लुभाकर, ब्रांड अपनी मजबूत और लोगों के दिमाग में बनी रहने वाली पहचान बनाए रखता है। जब कोई उपभोक्ता किसी स्टोर पर जाता है, तो वह तुरंत ब्रांड नाम पहचान लेता है और प्रतिबंधित उत्पाद खरीद लेता है।

विमल केस

मुंधे की मुख्य कानूनी दलील यह है कि “विमल इलायची” का विज्ञापन एक प्रतिबंधित चीज़ के अप्रत्यक्ष या सरोगेट प्रमोशन (यानी किसी दूसरी चीज़ के बहाने असल चीज़ का प्रचार) के बराबर है। रेगुलेटर का कहना है कि माउथ फ्रेशनर (इलायची) के विज्ञापन में इस्तेमाल की गई ब्रांडिंग, रंगों का तालमेल और दिखाने का तरीका खास तौर पर इस तरह से डिज़ाइन किया गया है ताकि विमल पान मसाला की ब्रांड पहचान को और मज़बूत और बेहतर बनाया जा सके। चूँकि ग्राहक इस ब्रांड के नाम को प्रतिबंधित तंबाकू उत्पाद से बहुत ज़्यादा जोड़कर देखते हैं, इसलिए इलायची वाले विकल्प का प्रचार करना राज्य में विज्ञापन पर लगी रोक से बचने का एक गैर-कानूनी तरीका है।

कानून क्या कहता है

महाराष्ट्र FDA प्रमुख की कार्रवाई पूरी तरह से उन खाद्य सुरक्षा कानूनों पर आधारित है जो गुमराह करने वाले विज्ञापनों और प्रतिबंधित पदार्थों के अप्रत्यक्ष प्रचार को रोकते हैं। महाराष्ट्र में, सार्वजनिक स्वास्थ्य को होने वाले खतरों के कारण पान मसाला और तंबाकू से जुड़े उत्पादों की बिक्री, निर्माण, वितरण और विज्ञापन पर पूरी तरह से रोक है।

अभिनेताओं को भेजे गए नोटिस में खास तौर पर उन कानूनी प्रावधानों का ज़िक्र किया गया है जो खाद्य मानकों और विज्ञापनों को नियंत्रित करते हैं:

खाद्य सुरक्षा और मानक अधिनियम, 2006 की धारा 24: यह कानून किसी भी व्यक्ति को भोजन की बिक्री, आपूर्ति या सेवन को बढ़ावा देने के लिए अनुचित व्यापार प्रथाओं में शामिल होने, या किसी उत्पाद की गुणवत्ता या सामग्री के बारे में गलत या गुमराह करने वाली बातें कहने से सख्ती से रोकता है।

खाद्य सुरक्षा और मानक (विज्ञापन और दावे) नियम, 2018: ये नियम खाद्य विज्ञापनों में जवाबदेही तय करते हैं। इनके अनुसार, प्रचार के दौरान किया गया कोई भी दावा स्पष्ट, सच्चा और गुमराह न करने वाला होना चाहिए। नियमों का उल्लंघन होने पर, अधिकारियों के पास सुधारात्मक विज्ञापन जारी करने या पूरे अभियान को पूरी तरह से बंद करने का आदेश देने का अधिकार है।

Vande Mataram: ‘सोनिया गांधी को जनता माफ नहीं करेगी’; अमित शाह ने कांग्रेस पर लगाया ‘वंदे मातरम’ का अपमान करने का आरोप, बंकिम चंद्र के वंशज भी नाराज

Vande Mataram Row: कांग्रेस पर राष्ट्र गीत ‘वंदे मातरम’ का अपमान करने का आरोप लगाते हुये केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मांग की है कि विपक्षी दल इसके लिए देश की जनता एवं गीत के रचयिता बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय की अमर आत्मा से माफी मांगे। शाह ने रविवार (16 अगस्त) को आरोप लगाया कि कांग्रेस पार्टी ने वोट बैंक की लालच में कांग्रेस ने ‘वंदे मातरम’ को भुला दिया। शाह चित्तौड़गढ़ में ‘अटल गौरव स्मृति समारोह’ में एक जनसभा को संबोधित कर रहे थे।

शनिवार को दिल्ली के लालकिले पर स्वतंत्रता दिवस समारोह का जिक्र करते हुए शाह ने कहा कि इस समारोह में इस साल एक बड़ा बदलाव यह था कि आजादी के 80 साल के बाद लाल किले की प्राचीर पर और देश भर में जहां ध्वज वंदन हुआ वहां पर वंदे मातरम का गायन 80 साल में पहली बार हुआ है।

‘कांग्रेस ने वंदे मातरम को भुला दिया’

अमित शाह ने आरोप लगाते हुए कहा, “कांग्रेस ने वंदे मातरम को भुला दिया है।” उन्होंने कहा, “बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय की वह अमर कृति, एक गान के दो शब्द वंदेमातरम… भारत माता की मैं वंदना करता हूं.. यह बोलते-बोलते हजारों लाखों लोग फांसी के फंदे पर चढ़ गए थे, गोलियां खाई थीं, लाठियां खाईं, कई साल जेल में रहे।”

शाह ने आगे कहा, “वोट बैंक की लालच में कांग्रेस ने वंदे मातरम को बुला दिया था।” उन्होंने कहा कि यह 150वां साल है वंदेमातरम के प्राकट्य का… लाल किले की प्राचीर से प्रधानमंत्री मोदी ने वंदेमातरम् को फिर से एक नया आयुष्य देने का काम किया है।

सोनिया गांधी ने कांग्रेस अध्यक्ष को वंदे मातरम रोकने की बात कही?

न्यूज एजेंसी ANI के मुताबिक केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा, “इनकी (कांग्रेस) निर्लज्जता देखिए। कांग्रेस पार्टी के मुख्यालय पर वंदे मातरम का गान हो रहा था। चालू गान में कांग्रेस की नेत्री, सोनिया गांधी ने कांग्रेस अध्यक्ष को गान रोकने की बात कही। हम सब टी.वी. पर देखते रह गए। 80 साल के बाद बंकिम चन्द्र चट्टोपाध्याय का ये अमर गान, जब फिर से सम्मान प्राप्त कर रहा है, वो भी सोनिया गांधी को रास नहीं आता है। सोनिया जी, 140 करोड़ जनता आपको देख रही है।”

शाह ने कहा, “आपके द्वारा किया गया ये पाप इस देश की जनता कभी माफ नहीं करेगी। कोई स्वप्न में भी कैसे सोच सकता है कि वंदे मातरम का गान अधूरा छोड़ दिया जाए? कांग्रेस के लोगों को शर्म आनी चाहिए और थोड़ी भी शर्म बची है तो दोनों हाथ जोड़कर बंकिम बाबू और देश की जनता से उन्हें माफी मांगनी चाहिए।”

बंकिम चंद्र के वंशज नाराज

भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेता और बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय के वंशज सुमित्रो चटर्जी ने सोनिया गांधी से मांग की है कि वह स्वतंत्रता दिवस पर कांग्रेस मुख्यालय में हुई ‘वंदे मातरम’ के गायन से जुड़ी कथित घटना को लेकर बिना शर्त माफी मांगें। चटर्जी ने दावा किया कि कांग्रेस मुख्यालय में वंदे मातरम’ का पूरा संस्करण गाए जाने को लेकर असहजता नजर आई।से रोकने के बार-बार प्रयास किए गए। चटर्जी ने गांधी को लिखे पत्र में कहा कि 15 अगस्त को जब देश अपना 80वां स्वतंत्रता दिवस मना रहा था, तब हुई कथित घटना न केवल दुर्भाग्यपूर्ण है, बल्कि एक ऐतिहासिक भूल का शर्मनाक दोहराव भी है।

नैहाटी से विधायक चटर्जी ने कहा कि वह एक सामान्य नागरिक, देशभक्त और बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय के वंशज के रूप में यह पत्र लिख रहे हैं। उन्होंने इस घटना को लेकर गहरा दुख, खालीपन और आक्रोश व्यक्त किया। चटर्जी ने श्री अरविंद के इस कथन का उल्लेख किया कि इस मंत्र ने राष्ट्र को देशभक्ति के धर्म की दीक्षा दी थी। उन्होंने कहा कि स्वतंत्र भारत की धरती पर ‘वंदे मातरम’ को पूरा गाने में कथित हिचक खुदीराम बोस जैसे शहीदों के बलिदान का अपमान है।

उन्होंने स्वतंत्रता आंदोलन में इस गीत की भूमिका का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि सरला देवी चौधरानी ने 1905 में कांग्रेस के बनारस अधिवेशन में इसे गाया था। बाल गंगाधर तिलक के समर्थकों ने 1909 में उन पर राजद्रोह के मुकदमे के दौरान इसका गायन किया था। हैदराबाद के उस्मानिया विश्वविद्यालय में राष्ट्रवादी छात्रों ने 1938 में निजाम की पाबंदियों के बावजूद इसे अपने आंदोलन का नारा बनाया था।

‘जिन्ना की आपत्तियों के आगे झुक गई थी कांग्रेस’

चटर्जी ने 1896 में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के कलकत्ता अधिवेशन में रवीन्द्रनाथ टैगोर द्वारा इस गीत की प्रस्तुति का भी उल्लेख किया। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस की कथित दोहरी नीति नई नहीं है। चटर्जी ने कहा कि 1937 में पार्टी मोहम्मद अली जिन्ना की आपत्तियों के आगे झुक गई थी और उसी वर्ष अक्टूबर में गीत को छोटा कर दिया गया था। उन्होंने कहा कि उस ‘‘समझौते’’ की छाया पार्टी के मौजूदा आचरण में फिर दिखाई दे रही है।

उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल में कांग्रेस की अपनी छात्र इकाई छात्र परिषद जब मंत्र मोदेर संजीवन-वंदे मातरम नारे का इस्तेमाल करती है तो फिर पार्टी का शीर्ष नेतृत्व इसी गीत को लेकर असहज क्यों है। उन्होंने कहा कि ‘वंदे मातरम’ किसी एक राजनीतिक दल की संपत्ति नहीं, बल्कि देश की सामूहिक स्मृति, बंकिम चंद्र की अमर विरासत और शहीदों के खून एवं बलिदान से प्राप्त पवित्र राष्ट्रीय प्रतीक है।

चटर्जी ने कहा कि इस गीत का सम्मान करना भारत के स्वतंत्रता संग्राम के इतिहास का सम्मान करने के समान है। उन्होंने चेतावनी दी है कि इतिहास किसी को माफ नहीं करता। जो नेतृत्व स्वतंत्रता के अपने ही मंत्र का सम्मान नहीं करता, उसे इतिहास गुमनामी के अंधकार में धकेल देगा। चटर्जी ने कहा कि इस घटना से पश्चिम बंगाल के लोगों की भावनाओं को गहरी ठेस पहुंची है। उन्होंने गांधी से पश्चिम बंगाल के लोगों से बिना किसी शर्त के माफी मांगने की अपील की है।

क्या है पूरा विवाद?

BJP ने दावा किया है कि कांग्रेस के स्वतंत्रता दिवस कार्यक्रम में ‘वंदे मातरम’ का पूरा संस्करण गाए जाने पर सोनिया गांधी समेत पार्टी के कुछ नेताओं ने आपत्ति जताई थी। 15 अगस्त को कांग्रेस के कार्यक्रम का एक वीडियो सामने आया है जिसमें जब ‘वंदे मातरम’ बजाया जा रहा था, तब सोनिया गांधी पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे से बात कर रही थीं। इसके बाद गांधी और खड़गे को कथित तौर पर गाना रोकने का इशारा करते हुए देखा जा सकता है।

हालांकि, कांग्रेस ने इस बात से इनकार किया कि ‘वंदे मातरम’ के पूरे संस्करण को गाने से रोकने की कोई कोशिश की गई थी। पार्टी ने कहा कि गांधी सिर्फ़ खड़गे के लिए कुर्सी मांग रही थीं। पिछले महीने संसद ने एक विधेयक पारित किया था जिसमें राष्ट्रगीत के अपमान को दंडनीय अपराध बनाने का प्रावधान किया गया है। कानून में ‘वंदे मातरम’ को राष्ट्रगान ‘जन गण मन’ के समान दर्जा दिया गया है।

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Blinkit के आइसक्रीम फ्रीजर में चूहा दिखने का दावा, FDA के एक्शन के बीच वायरल हुआ हैरान करने वाला वीडियो!

Blinkit ice cream: क्विक-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स की फूड सेफ्टी और हाइजीन को लेकर एक बड़ा मामला सामने आया है। महाराष्ट्र के ठाणे जिले में स्थित कल्याण के गोदरेज हिल इलाके में मौजूद ब्लिंकिट के एक आउटलेट में कथित तौर पर आइसक्रीम फ्रीजर के अंदर एक चूहा घूमता हुआ देखा गया। न्यूज एजेंसी ANI और एनडीटीवी की रिपोर्ट के मुताबिक, आइसक्रीम खरीदने दुकान पर गए युवाओं के एक समूह ने पैकेज्ड फूड आइटम्स के पास चूहे को देखा और अपने फोन में इस पूरी घटना का वीडियो रिकॉर्ड कर लिया।

यह वीडियो वायरल होने के बाद लोकल लोगों में फूड सेफ्टी को लेकर चिंता बढ़ गई है और महाराष्ट्र एफडीए से सख्त कार्रवाई की मांग की जा रही है। हैरानी की बात यह है कि यह घटना ऑनलाइन फूड स्टोरेज, बिक्री और डिलीवरी की जांच के लिए एफडीए द्वारा चलाए गए एक विशेष अभियान के ठीक बाद सामने आई है।

महाराष्ट्र FDA की बड़ी कार्रवाई: Blinkit, Zepto और Instamart पर चला डंडा

आपको बता दें कि 13 अगस्त को महाराष्ट्र खाद्य एवं औषधि प्रशासन (FDA) ने पूरे राज्य में इस तरह के 86 प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया था। पीटीआई के मुताबिक इस जांच अभियान के दौरान ब्लिंकिट, जेप्टो और इंस्टामार्ट जैसे प्लेटफार्म्स में फूड सेफ्टी और हाइजीन से जुड़ी कई गंभीर कमियां पाई गईं।

एफडीए ने कुल 14 खाद्य व्यवसाय लाइसेंस निलंबित कर दिए। इनमें 5 लाइसेंस ब्लिंकिट के, 5 जेप्टो के, 2 इंस्टामार्ट के और 1-1 लाइसेंस भगवती स्टोर्स और स्विंस्टा एंट प्राइवेट लिमिटेड का था। विभाग ने अलग अलग आउटलेट्स को 60 इम्प्रूवमेंट नोटिस जारी किए। एक फैसिलिटी को अस्थायी रूप से अपना कामकाज बंद करने का निर्देश दिया गया। हालांकि इस दौरान किसी भी प्रतिष्ठान का लाइसेंस रद्द नहीं किया गया है।

जांच के दौरान एफडीए को मिलीं ये गंभीर कमियां

एफडीए अधिकारियों ने आउटलेट्स में स्टोरेज, टेंप्रेचर कंट्रोल, सफाई, पेस्ट कंट्रोल, कर्मचारियों की स्वच्छता, एफआईएफओ/एफईएफओप्रथाओं, सुरक्षा रिकॉर्ड और लाइसेंस प्रदर्शन जैसे मापदंडों की जांच की। मालाड (पश्चिम) मुंबई ब्लिंकिट आउटलेट में चिलर का तापमान 6°C दर्ज किया गया। ये निर्धारित स्तर से अधिक था। लगभग 40 कर्मचारियों का मेडिकल परीक्षण नहीं हुआ था और उनके रिकॉर्ड भी गायब थे। कर्मचारी बिना हेडगियर, एप्रन और ग्लव्स के काम कर रहे थे। शाकाहारी, मांसाहारी, पके हुए और डेयरी उत्पादों को सही तरीके से अलग नहीं रखा गया था।

घाटकोपर ब्लिंकिट आउटलेट में ड्रेनेज और वेस्ट मैनेजनेंट के उपाय ठीक नहीं थे। टेंप्रेचर कंट्रोल सिस्टम में खामिया मिलीं। स्टोरेज में खुली लाइटिंग थी और सफाई बेहद खराब थी। इस फैसिलिटी को 74 में से केवल 34 अंक (46%) मिले और इसे नॉन-कंप्लाइंट श्रेणी में रखा गया। पुणे लोहेगांव जेप्टो आउटलेट में यूज बाय डेट पार कर चुके एक्सपायर्ड उत्पाद पाए गए।

इसके साथ ही पेस्ट कंट्रोल और वर्कर हाइजीन में भी खामियां मिलीं। पुणे स्विंस्टा एंट आउटलेट में कॉकरोच पाए गए। साथ ही कोल्ड-चैन मेंटेनेंस और टेम्परेचर कंट्रोल की गंभीर कमियां थीं। मुंबई के अंधेरी में इंस्टामार्ट फैसिलिटी के फर्श पर ही पैकेट रखे हुए पाए गए। तंग स्टोरेज, कम जगह में सामान की ठूंस-ठूंस कर पैकिंग, रोशनी और व्यक्तिगत स्वच्छता से जुड़ी कई कमियां दर्ज की गईं।

डिलीवरी ऑपरेशन्स की भी हुई जांच, Satara में राइडर्स पर एक्शन

निरीक्षण के दौरान डिलीवरी ऑपरेशन्स को भी जांच के दायरे में लिया गया। सतारा जिले के कराड में स्थित एक ब्लिंकिट स्टोर पर 125 टू-व्हीलर डिलीवरी राइडर्स की जांच की गई। जांच में कोई भी राइडर पहचान पत्र या मेडिकल फिटनेस सर्टिफिकेट के साथ नहीं पाया गया। इसके अलावा डिलीवरी कार्ट, बैग या बॉक्स पर मुख्य खाद्य व्यवसाय का एफएसएसएआई (FSSAI) लाइसेंस गायब था। इसके बाद कंपनी को निर्देश दिया गया कि जब तक सभी कमियों को दूर नहीं कर लिया जाता, तब तक वे दोपहिया वाहनों से डिलीवरी ऑपरेशन्स पूरी तरह बंद रखें।

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FDA ने स्पष्ट किया कि यह पूरी कार्रवाई खाद्य सुरक्षा और मानक अधिनियम, 2006 और संबंधित नियमों के तहत की गई है। नियामक ने सभी ऑनलाइन फूड प्लेटफॉर्म्स को निर्धारित सुरक्षा, स्वच्छता और भंडारण नियमों का कड़ाई से पालन करने का निर्देश दिया है।

Vimal Elaichi विज्ञापन पर फंसे शाहरुख खान, अजय देवगन और टाइगर श्रॉफ! महाराष्ट्र FDA ने भेजा नोटिस

Maharashtra FDA Action: बॉलीवुड के तीन बड़े सुपरस्टार शाहरुख खान, अजय देवगन और टाइगर श्रॉफ विमल इलायची विज्ञापन को लेकर मुश्किल में घिरते नजर आ रहे हैं। महाराष्ट्र फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (FDA) ने तीनों अभिनेताओं को Vimal Elaichi के विज्ञापन में उनकी भूमिका को लेकर ‘शो-कॉज नोटिस’ यानी कारण बताओ नोटिस जारी किया है। FDA को आशंका है कि यह विज्ञापन प्रतिबंधित तंबाकू उत्पाद Vimal Pan Masala के अप्रत्यक्ष या सरोगेट प्रचार से जुड़ा हो सकता है।

FDA ने तीनों कलाकारों से विज्ञापन में उनकी भागीदारी और Vimal ब्रांड को जिस तरीके से पेश किया गया है, उसके बारे में स्पष्टीकरण मांगा है। बताए गए कंज्यूमर प्रोटेक्शन कानूनों के तहत गुमराह करने वाले विज्ञापनों के लिए 10 लाख रुपये से 50 लाख रुपये तक का जुर्माना लग सकता है। सात ही एंडोर्स करने वालों पर तीन साल तक किसी भी प्रोडक्ट को एंडोर्स करने पर रोक लगाई जा सकती है।

साथ 2022 में एक्टर अक्षय कुमार ने शाहरुख खान और अजय देवगन के साथ विमल इलायची के विज्ञापन में दिखने के बाद आलोचना का सामना करने पर फैंस से माफी मांगी थी। उनकी यह सार्वजनिक माफी तब आई जब सोशल मीडिया यूज़र्स ने कहा कि इस ad को एक्टर द्वारा तंबाकू प्रोडक्ट को प्रमोट करने के तौर पर देखा जा सकता है।

शाहरुख, अजय और टाइगर को कहां भेजा गया नोटिस?

FDA ने एक्टर्स शाहरुख खान, अजय देवगन और टाइगर श्रॉफ को विज्ञापन के जरिए राज्य में बैन प्रोडक्ट ‘पान मसाला’ को इनडायरेक्ट रूप से प्रमोट करने के लिए नोटिस जारी किया है। ये तीनों एक्टर्स 2024 में पान मसाला कंपनी ‘विमल’ की इलायची को प्रमोट करने वाले एक विज्ञापन के लिए साथ आए थे। महाराष्ट्र के फूड सेफ्टी चीफ तुकाराम मुंडे की ओर से 11 अगस्त को जारी शो-कॉज नोटिस में एक्टर्स को तुरंत कैंपेन से हटने और ऐड से जुड़े सभी प्रमोशनल कंटेंट को अपने आखिकारिक सोशल मीडिया हैंडल से हटाने का निर्देश दिया गया।

NDTV के मुताबिक, मुंडे ने 9 पेज के नोटिस में कहा है, “विज्ञापन की जांच करने पर पहली नजर में ऐसा लगता है कि यह ad ‘विमल’ ब्रांड को प्रमोट करता है, जो मुख्य रूप से पान मसाला से जुड़ा है। पान मसाला महाराष्ट्र राज्य में बनाने, स्टोर करने, ट्रांसपोर्ट करने, डिस्ट्रीब्यूट करने और बेचने पर बैन है।” उन्होंने कहा कि विज्ञापन में ‘विमल इलायची’ शब्द का इस्तेमाल इस तरह किया गया है। इससे विमल पान मसाला ब्रांड के साथ जुड़ाव बनता हुआ दिखता है।

‘कंज्यूमर्स गुमराह हो सकते हैं’

इस नोटिस में कहा गया है कि इससे कंज्यूमर्स गुमराह हो सकते हैं। बैन प्रोडक्ट की ब्रांड पहचान को इनडायरेक्ट रूप से बढ़ावा मिल सकता है। साथ ही, इसमें राज्य-व्यापी बैन ऑर्डर का भी जिक्र किया गया है, जो पब्लिक हेल्थ और सेफ्टी नियमों का हवाला देते हुए महाराष्ट्र में पान मसाला बनाने, स्टोर करने, डिस्ट्रीब्यूट करने और बेचने पर सख्ती से रोक लगाता है।

उन्होंने आगे कहा, “अगर इलायची या इसी तरह के प्रोडक्ट के नाम से ‘विमल’ ब्रांड का इस्तेमाल पान मसाला/तंबाकू से जुड़े प्रोडक्ट्स की ब्रांड पहचान और कंज्यूमर्स के आकर्षण को बनाए रखने, मजबूत करने या बढ़ाने के मकसद से किया जाता है, तो ऐसा कम्युनिकेशन सिर्फ एक इंडिपेंडेंट प्रोडक्ट का विज्ञापन नहीं माना जाएगा। बल्कि यह बैन/रिस्ट्रिक्टेड प्रोडक्ट का इनडायरेक्ट या सरोगेट प्रमोशन हो सकता है।”

FDA को किस बात पर है आपत्ति?

ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन ने सवाल उठाया है कि Vimal Elaichi के नाम से किया गया विज्ञापन कहीं प्रतिबंधित तंबाकू या निकोटीन वाले उत्पाद का अप्रत्यक्ष प्रचार तो नहीं कर रहा। महाराष्ट्र में तंबाकू या निकोटीन युक्त पान मसाला पर बैन लागू है। ताजा प्रतिबंध 13 जुलाई से प्रभावी हुआ है। यह एक साल तक लागू रहेगा।

10 लाख रुपये तक लग सकता है जुर्माना

महाराष्ट्र FDA ने इस मामले में ‘Food Safety and Standards Act (FSS Act), 2006’ की धारा 24 और धारा 53 का हवाला दिया है। धारा 24 भ्रामक या धोखा देने वाले खाद्य विज्ञापनों से संबंधित है। वहीं, धारा 53 के तहत भ्रामक खाद्य विज्ञापन के प्रकाशन में शामिल पाए जाने पर 10 लाख रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है।

FDA ने नोटिस में ‘Food Safety and Standards (Advertising and Claims) Regulations, 2018’ का भी उल्लेख किया है। हालांकि, नोटिस जारी होना अपने आप में दोष सिद्ध होना नहीं है। तीनों एक्टर्स से जवाब मांगा गया है। आगे की कार्रवाई उनके जवाब तथा जांच के निष्कर्षों पर निर्भर करेगी।

महाराष्ट्र में FDA का बड़ा एक्शन

अभिनेताओं को नोटिस ऐसे समय पर जारी किए गए हैं जब महाराष्ट्र FDA ने गुटखा और तंबाकू या निकोटीन वाले प्रतिबंधित पान मसाला उत्पादों के खिलाफ अभियान तेज कर रखा है। FDA के आंकड़ों के मुताबिक, “25 मई से 31 जुलाई के बीच अधिकारियों ने 658 ठिकानों पर छापेमारी की। इन कार्रवाइयों में करीब ₹15.11 करोड़ का प्रतिबंधित स्टॉक जब्त किया गया।” इस दौरान, 519 FIR दर्ज की गईं और 701 लोगों को गिरफ्तार किया गया। इसके अलावा प्रतिबंधित उत्पादों के कथित परिवहन में इस्तेमाल किए जा रहे 78 वाहन भी जब्त किए गए, जिनमें रखे सामान की कीमत करीब ₹6.6 करोड़ बताई गई।

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पुलिस के साथ मिलकर भी कार्रवाई

FDA का अभियान सिर्फ खाद्य विभाग तक सीमित नहीं है। 12 जून को FDA कमिश्नर तुकाराम मुंढे ने अधिकारियों को पुलिस के साथ मिलकर ऐसे मामलों में कार्रवाई करने के निर्देश दिए थे। यहां प्रतिबंधित गुटखा, तंबाकू या निकोटीन वाले पान मसाला उत्पादों का कारोबार संगठित नेटवर्क के जरिए किया जा रहा हो। इन मामलों में महाराष्ट्र कंट्रोल ऑफ ऑर्गनाइज्ड क्राइम एक्ट (MCOCA), 1999 के प्रावधानों के इस्तेमाल की संभावनाएं तलाशने को भी कहा गया था।

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Bollywood Actors Hosts shows: अमिताभ बच्चन से लेकर माधुरी दीक्षित तक, ये 9 बॉलीवुड सेलेब्स बनें टीवी होस्ट

Bollywood Actors Hosts shows: बॉलीवुड स्टार्स अक्सर बड़े पर्दे से जुड़े रहे हैं, लेकिन पिछले कुछ सालों में कई बड़े स्टार्स ने टेलीविजन की दुनिया में भी कदम रखा है। इस लिस्ट में शामिल होने वाले नए नाम अजय देवगन और माधुरी दीक्षित हैं, जो टेलीविजन पर नए प्रोजेक्ट्स शुरू करने वाले हैं। उनके आने से उन फ़िल्मी स्टार्स की लंबी लिस्ट पर फिर से ध्यान गया है जिन्होंने अपने करियर के अलग-अलग पड़ावों पर इस मीडियम में काम किया है। गेम शो और रियलिटी सीरीज को होस्ट करने से लेकर टॉक शो में खुलकर बातचीत करने तक, इन स्टार्स ने टेलीविजन पर कई तरह के रोल निभाए हैं। आइए, बॉलीवुड के कुछ ऐसे बड़े नामों पर नजर डालते हैं जिन्होंने फिल्मों से टीवी का रुख किया।

अमिताभ बच्चन

अमिताभ बच्चन का टेलीविन का सफर साल 2000 में ‘कौन बनेगा करोड़पति’ के साथ शुरू हुआ। उस समय, किसी बड़े बॉलीवुड स्टार का टेलीविज़न पर आना एक असामान्य करियर कदम माना जाता था। यह क्विज़ शो बच्चन की पहचान का अहम हिस्सा बन गया और उनकी होस्टिंग शो के सबसे बड़े आकर्षणों में से एक रही। तब से वे कई सीज़न्स में इस शो में लौटे हैं और अभी भी इसे होस्ट कर रहे हैं, जिसमें इसका मौजूदा 18वां सीजन भी शामिल है।

सलमान खान

सलमान खान बॉलीवुड के उन बड़े नामों में से एक हैं, जिन्होंने टेलीविजन पर अपनी एक अलग पहचान बनाई है। उन्होंने सबसे पहले 2008 में सेलिब्रिटी गेम शो ‘दस का दम’ होस्ट किया था और बाद में ‘बिग बॉस’ के साथ उनकी पहचान जुड़ गई। 2010 में सीजन 4 से उन्होंने इसे होस्ट करना शुरू किया। उनकी बेबाक बातचीत, खास अंदाज़ वाला मजाक और सीधे-सपाट तरीके से बात करने का अंदाज़ जल्द ही शो की लोकप्रियता का अहम हिस्सा बन गया। सलमान का ‘बिग बॉस’ के साथ लंबे समय से जुड़ाव रहा है और वह इसके 20वें सीजन में भी होस्ट के तौर पर वापसी करने वाले हैं।

माधुरी दीक्षित

माधुरी दीक्षित का टेलीविजन के साथ, खासकर डांस रियलिटी शो के जरिए, लंबे समय से जुड़ाव रहा है। उन्होंने ‘झलक दिखला जा’ में जज के तौर पर टीवी पर डेब्यू किया और बाद में ‘डांस दीवाने’ जैसे शो में एक जाना-माना चेहरा बन गईं। अब वह मराठी क्विज़ शो ‘कोण होणार करोडपती’ की होस्ट के तौर पर टेलीविज़न पर वापसी करके एक अलग भूमिका निभा रही हैं। यह नया काम 24 साल बाद होस्टिंग में उनकी वापसी है; उनका पिछला होस्टिंग असाइनमेंट 2002 में ‘कहीं न कहीं कोई है’ था।

शाहरुख खान

शाहरुख खान भी टीवी शो होस्ट करते नजर आए हैं, हालांकि छोटे पर्दे पर कम समय के लिए काम किया है। 2007 में, उन्होंने अमिताभ बच्चन की जगह ‘कौन बनेगा करोड़पति’ सीजन 3 के होस्ट के तौर पर काम संभाला। हालांकि SRK ने क्विज़ शो में अपना खास आकर्षण और मजाक का अंदाज दिखाया, लेकिन बच्चन के साथ तुलना करना मुश्किल साबित हुआ, और बच्चन चौथे सीजन को होस्ट करने के लिए वापस आ गए। बाद में SRK ने 2008 में ‘क्या आप पांचवीं पास से तेज़ हैं?’ और 2011 में ‘ज़ोर का झटका टोटल वाइपआउट’ जैसे शो होस्ट किए।

अजय देवगन

अजय देवगन टेलीविज़न पर होस्टिंग करने वाले नए बॉलीवुड स्टार बन गए हैं। वे लंबे समय से ‘क्राइम पेट्रोल’ होस्ट कर रहे अनूप सोनी की जगह लेंगे। ‘क्राइम पेट्रोल 2026’ नाम का यह नया सीज़न 31 अगस्त को सोनी एंटरटेनमेंट टेलीविज़न पर शुरू होगा और इसके साथ ही देवगन टेलीविज़न होस्टिंग की दुनिया में कदम रखेंगे। खबरों के मुताबिक, वे इस शो के लिए पहले ही 15 एपिसोड की शूटिंग कर चुके हैं।

रितेश देशमुख

रितेश देशमुख ने अपने फ़िल्मी करियर के साथ-साथ टेलीविज़न पर भी अपनी मज़बूत पहचान बनाई है। उन्होंने 2013 में ‘इंडियाज़ डांसिंग सुपरस्टार’ में जज के तौर पर टेलीविज़न पर डेब्यू किया और बाद में ‘यारों की बारात’ और ‘विक्टा का उत्तर’ जैसे शो होस्ट किए। 2024 में उन्होंने महेश मांजरेकर की जगह ‘बिग बॉस मराठी’ को होस्ट करना शुरू किया और 2026 में इसके छठे सीज़न के लिए भी लौटे। मराठी रियलिटी शो में उनके काम ने उन्हें एक लोकप्रिय टेलीविज़न होस्ट के तौर पर और भी स्थापित किया है। वहीं हाल में वह लॉक अप के सीजन 2 को होस्ट करते नजर आए थे।

रणवीर सिंह

रणवीर सिंह ने 2021 में कलर्स टीवी के विज़ुअल-बेस्ड क्विज़ शो ‘द बिग पिक्चर’ के होस्ट के तौर पर टेलीविज़न पर डेब्यू किया। इस गेम शो में कंटेस्टेंट्स की जानकारी और विज़ुअल मेमोरी को परखा जाता था, और रणवीर ने होस्टिंग के दौरान अपनी ज़बरदस्त एनर्जी वाली पर्सनैलिटी का जलवा दिखाया। यह शो अक्टूबर 2021 में शुरू हुआ और एक सीज़न तक चला। यह टेलीविज़न पर एक्टर का पहला बड़ा काम था।

फराह खान

फ़राह खान दो दशकों से ज़्यादा समय से टेलीविज़न पर एक जाना-माना चेहरा रही हैं। उन्होंने 2004 में ‘इंडियन आइडल’ के पहले सीज़न में सोनू निगम के साथ जज के तौर पर अपने टीवी सफ़र की शुरुआत की थी। इसके बाद वह इंडियन रियलिटी टेलीविज़न पर सबसे मशहूर सेलिब्रिटी जजों में से एक बन गईं और ‘झलक दिखला जा’, ‘नच बलिए’, ‘जस्ट डांस’ और ‘इंडियाज़ गॉट टैलेंट’ जैसे शो में नज़र आईं। उन्होंने ‘बिग बॉस हल्ला बोल’ और ‘फ़राह की दावत’ जैसे शो को होस्ट भी किया है। हाल ही में, उन्होंने ‘सेलिब्रिटी मास्टरशेफ़’ को होस्ट और जज किया, जिससे टेलीविज़न पर उनकी मौजूदगी और मज़बूत हुई। वहीं हाल में वह लॉक अप के सीजन 2 को होस्ट करती नजर आईं थीं।

करण जौहर

करण जौहर का बॉलीवुड से टेलीविज़न तक का सफ़र बहुत कामयाब रहा है। उन्होंने 2004 में ‘कॉफ़ी विद करण’ के साथ टीवी की दुनिया में कदम रखा और इस सेलिब्रिटी चैट शो को एक लंबे समय तक चलने वाली फ़्रैंचाइज़ी बना दिया, जो उनके बेबाक इंटरव्यू और खास मज़ाकिया अंदाज़ के लिए जानी जाती है। बाद में उन्होंने ‘झलक दिखला जा’ और ‘इंडियाज़ गॉट टैलेंट’ जैसे रियलिटी शो में जज के तौर पर टेलीविज़न पर अपनी मौजूदगी बढ़ाई। ‘झलक दिखला जा’ में उनका सफ़र 2012 में इसके पाँचवें सीज़न से शुरू हुआ, जहाँ वह माधुरी दीक्षित और रेमो डिसूज़ा के साथ जजिंग पैनल में शामिल हुए। अब करण द ट्रेटर्स के पहले सीजन के बाद सीजन 2 को भी होस्ट कर रहे हैं।

Upcoming Movies 2026: ‘बंटवारा 1947’ से लेकर ‘किंग’ तक, आने वाली ये 7 बिग बजट फिल्में तोड़ पाएंगी ‘धुरंधर 2’ का रिकॉर्ड?

Upcoming Movies 2026: बीते सात महीनों के बॉक्स ऑफिस के आंकड़े देखें तो धुरंधर द रिवेंज (Dhurandhar The Revenge) सबसे आगे है। करीब 1800 करोड़ रुपये से ज्यादा की ग्लोबल कमाई के साथ यह साल की सबसे बड़ी हिंदी फिल्म बनी है। हाल में रिलीज हुई ‘धमाल 4’ से लेकर ‘वेलकम टू द’ जंगल भी 100 करोड़ रुपये का आंकड़ा पार कर चुकी हैं, लेकिन धुरंधर 2 का रिकॉर्ड नहीं तोड़ पाई। 2026 का बॉक्स ऑफिस अब एक बार फिर धुरंधर जैसी आंधी का वेट कर रहा है।

थिएटर्स में आने वालीं बड़ी फिल्में

आवारापन 2 – 14 अगस्त

कलाकार- इमरान हाशमी, दिशा पाटनी

बंटवारा 1947 – 14 अगस्त

कलाकार- सनी देओल, वरुण बडोला, सिमोन सिंह

टॉक्सिक – 26 अगस्‍त

कलाकार- यश, कियारा आडवाणी,

मिर्जापुर द फिल्म- 4 सितंबर

कलाकार- पंकज त्रिपाठी, अली फजल, दिव्येंदु, जितेंद्र कुमार, रवि किशन

दृश्यम 3 – 2 अक्टूबर

कलाकार- अजय देवगन, तब्बू, श्रिया सरन, जयदीप अहलावत, प्रकाश राज

रामायणम् पार्ट 1 – 6 नवंबर

कलाकार- रणबीर कपूर, साई पल्लवी, यश, सनी देओल, रवि दुबे, अरुण गोविल, लारा दत्ता

रेंजर – 4 दिसंबर

कलाकार- अजय देवगन, संजय दत्त, तमन्ना भाटिया

किंग – 24 दिसंबर

कलाकार- शाह रुख खान, सुहाना खान, दीपिका पादुकोण, अभिषेक बच्चन

सफलता की गारंटी?

फिल्मी विश्‍लेषकों का कहना है कि अब इंडियन सिनेमा में सिर्फ स्टारडम बॉक्स ऑफिस की सफलता की गारंटी नहीं रह गया है। आज के दौर में सक्सेस की सबसे बडी गारंटी कंटेंट बन चुका है। स्टार्स शुरुआती ओपनिंग करा सकते हैं, लेकिन किसी फिल्म को लंबी दौड में शामिल होने के लिए मजबूत कहानी की जरूरत होगी। जिस फिल्म का कंटेंट मजबूत होगी, वह जनता दिल जीतेगा। ऐसे में त्योहारी सीजन में निगाहें एक्टर्स के फेस पर नहीं बल्कि कंटेंट पर होंगी।

Kargil Vijay Diwas: ‘लक्ष्य’ से ‘शेरशाह’ तक…, हिंदी सिनेमा ने इन फिल्मों के जरिए जवानों की बहादुरी और बलिदान को किया सलाम

Kargil Vijay Diwas: भारत और पाकिस्तान के बीच 1999 का कारगिल युद्ध देश के इतिहास की एक ऐतिहासिक घटना रही है और इस पर कई भारतीय फ़िल्में और शो भी बने हैं। जहाँ आने वाली सीरीज़ ‘ऑपरेशन सफ़ेद सागर’ इस युद्ध में एयर फ़ोर्स की भूमिका को दिखाएगी, वहीं आज कारगिल विजय दिवस के मौके पर हम उन प्रोजेक्ट्स पर नज़र डालते हैं जिन्होंने कारगिल युद्ध की वीरता को स्क्रीन पर जीवंत किया।

Operation Safed Sagar

कारगिल युद्ध के दौरान भारतीय वायु सेना के ऐतिहासिक अभियान पर आधारित यह आने वाली वेब सीरीज, भारतीय वायु सेना के पायलटों के ‘गोल्डन एरोज़’ स्क्वाड्रन की कहानी बताती है। इन पायलटों ने हवाई युद्ध में शानदार काम करते हुए भारत को जीत दिलाई थी। इस सीरीज़ में जिमी शेरगिल, सिद्धार्थ, अभय वर्मा, मिहिर आहूजा, अर्णव भसीन, तारुक रैना, दीया मिर्ज़ा रेखी और प्राजक्ता कोली जैसे कलाकार शामिल हैं।

Shershaah

यह फ़िल्म कारगिल युद्ध में शहीद हुए और मरणोपरांत परमवीर चक्र से सम्मानित कैप्टन विक्रम बत्रा के जीवन पर आधारित है। सिद्धार्थ मल्होत्रा ​​ने इसमें भारतीय सेना के अफ़सर की भूमिका निभाई है। फ़िल्म में दिखाया गया है कि उन्होंने किस तरह पूरे दिल से ज़िंदगी जी और उनकी हिम्मत व मज़बूती की वजह से भारत ने पॉइंट 5140 और पॉइंट 4875 पर कब्ज़ा किया। यह घटना युद्ध में भारत की जीत का एक बड़ा टर्निंग पॉइंट साबित हुई।

LOC Kargil

जेपी दत्ता की डायरेक्ट की गई यह फ़िल्म भारतीय सेना के सफल ‘ऑपरेशन विजय’ पर आधारित है। यह ऑपरेशन मई 1999 में कारगिल सेक्टर में पाकिस्तानी घुसपैठ और रणनीतिक ऊंचाइयों पर कब्ज़े के बाद शुरू किया गया था, ताकि लाइन ऑफ़ कंट्रोल (LoC) के भारतीय हिस्से से पाकिस्तानी घुसपैठियों को खदेड़ा जा सके। इस फ़िल्म में अक्षय खन्ना, सैफ अली खान, संजय दत्त, सुनील शेट्टी, अभिषेक बच्चन और अजय देवगन जैसे कई कलाकार शामिल थे।

Gunjan Saxena: The Kargil Girl

इस बायोपिक ड्रामा में जाह्नवी कपूर ने इंडियन एयर फ़ोर्स की पायलट गुंजन सक्सेना का किरदार निभाया है, जो कॉम्बैट ज़ोन में उड़ान भरने वाली पहली महिलाओं में से एक थीं। उन्होंने कारगिल से घायल सैनिकों को निकालने, ज़रूरी सामान पहुँचाने और निगरानी में अहम भूमिका निभाई। सक्सेना ने कारगिल से 900 से ज़्यादा सैनिकों (घायलों और मृतकों) को निकालने के ऑपरेशन में भी हिस्सा लिया।

Tango Charlie

इस फ़िल्म में बॉबी देओल ने तरुण चौहान का किरदार निभाया है। फ़िल्म में एक पैरा-मिलिट्री जवान के तौर पर तरुण के सफ़र को दिखाया गया है—कैसे वह बॉर्डर पर तैनात एक नए रिक्रूट से भारतीय बॉर्डर सिक्योरिटी फ़ोर्स (BSF) के एक अनुभवी और मज़बूत फ़ाइटर में बदलता है। ‘टैंगो चार्ली’ के नाम से पहचाने जाने वाले तरुण को भारत के अलग-अलग इलाकों में हिंसक विद्रोहों, दंगों और आतंकवाद-विरोधी अभियानों का सामना करना पड़ता है। बाद में, इस BSF जवान और उसकी बटालियन को कारगिल भेजा जाता है।

Lakshya

ऋतिक रोशन की यह फ़िल्म करण नाम के एक ऐसे युवा की कहानी है जिसका जीवन में कोई मकसद नहीं है। वह अचानक भारतीय सेना में शामिल तो हो जाता है, लेकिन एक सैनिक की चुनौतियों का सामना करने से घबराकर पीछे हट जाता है। हालाँकि, जब इस वजह से उसकी गर्लफ्रेंड (प्रीति ज़िंटा) के साथ अनबन हो जाती है, तो वह उसे गर्व महसूस कराने के लिए सेना में दोबारा शामिल हो जाता है और कारगिल युद्ध में अपनी बटालियन के साथ ‘पॉइंट 5179’ को सुरक्षित करने के मिशन पर लड़ता है।

Kurukshetra

2006 की फ़िल्म ‘कीर्ति चक्र’ का सीक्वल और ‘मेजर महादेवन’ फ़िल्म सीरीज़ की दूसरी फ़िल्म, 2008 में रिलीज़ हुई इस मलयालम फ़िल्म में मोहनलाल ने कर्नल महादेवन का किरदार दोबारा निभाया है और इसकी कहानी कारगिल युद्ध की पृष्ठभूमि पर आधारित है। यह फ़िल्म भारतीय सेना के कर्नल महादेवन और पाकिस्तानी सेना के कर्नल चंगेज के बीच हुई टोलोलिंग की लड़ाई पर केंद्रित है।