LPG e-KYC Deadline: LPG ग्राहकों के लिए बड़ी खबर! e-KYC की डेडलाइन बढ़ी, 31 अगस्त तक निपटा लें ये काम, वरना महंगा पड़ सकता है सिलेंडर

LPG e-KYC Deadline Extended: घरेलू LPG गैस सिलेंडर इस्तेमाल करने वाले ग्राहकों के लिए बड़ी राहत की खबर है। अगर आपने अभी तक अपने LPG कनेक्शन की आधार (Aadhaar) आधारित e-KYC पूरी नहीं की है, तो अब आपके पास कुछ और समय है। सरकार ने e-KYC की आखिरी तारीख बढ़ाकर 31 अगस्त 2026 कर दी है।

इसका फायदा Indane, Bharat Gas और HP Gas के घरेलू ग्राहकों को मिलेगा। इससे पहले e-KYC की डेडलाइन 16 अगस्त थी, जिसे बढ़ाकर 23 अगस्त किया गया था। अब ग्राहकों को एक और मौका दिया गया है।

31 अगस्त तक e-KYC नहीं की तो क्या होगा?

अगर आपने 31 अगस्त तक e-KYC पूरी नहीं की, तो इसका मतलब यह नहीं है कि आपका LPG कनेक्शन तुरंत रद्द कर दिया जाएगा। हालांकि, घरेलू दर पर मिलने वाले LPG सिलेंडर के लाभ में परेशानी आ सकती है। जानकारों का कहना है कि e-KYC लंबित रहने पर सिलेंडर की बुकिंग और डिलीवरी में भी दिक्कत आने की संभावना है। कुछ मामलों में ग्राहक को घरेलू कीमत का लाभ नहीं मिल सकता और सत्यापन पूरा होने तक अधिक कीमत चुकानी पड़ सकती है। यही वजह है कि LPG ग्राहक इस काम को आखिरी तारीख तक टालने के बजाय समय रहते पूरा कर लें।

आखिर सरकार e-KYC क्यों करा रही है?

e-KYC प्रक्रिया का मकसद यह सुनिश्चित करना है कि घरेलू LPG कनेक्शन वास्तविक ग्राहकों के नाम पर ही हों। साथ ही घरेलू इस्तेमाल के लिए मिलने वाले सस्ते सिलेंडरों का गलत इस्तेमाल न हो। सरकार यह भी सुनिश्चित करना चाहती है कि घरेलू LPG सिलेंडरों को अवैध तरीके से व्यावसायिक इस्तेमाल या दोबारा बेचने के लिए इस्तेमाल न किया जाए। घरेलू और कमर्शियल LPG सिलेंडर की कीमतों में काफी अंतर होने के कारण यह सत्यापन अभियान महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

Indane LPG की e-KYC घर बैठे कैसे करें?

अगर आपके पास Indane LPG कनेक्शन है, तो e-KYC घर बैठे मोबाइल से की जा सकती है। इसके लिए IndianOil ONE ऐप और Aadhaar FaceRD ऐप की जरूरत होगी।

घर बैठे ऐसे करें e-KYC

1. IndianOil ONE ऐप डाउनलोड करें

Indane ग्राहक IndianOil ONE ऐप और Aadhaar FaceRD ऐप का इस्तेमाल करके घर बैठे e-KYC प्रोसेस पूरा कर सकते हैं। इस प्रोसेस में आधार-आधारित फेस ऑथेंटिकेशन शामिल है। सबसे पहले अपने उस मोबाइल नंबर और ईमेल से IndianOil ONE ऐप पर रजिस्ट्रेशन करें, जो आपके LPG कनेक्शन से जुड़ा हुआ है।

2. अपना 16 अंकों का LPG ID डालें

अपने LPG अकाउंट से जुड़े मोबाइल नंबर और ईमेल का इस्तेमाल करके IndianOil ONE ऐप पर रजिस्टर करें। अपना 16-digit LPG ID दर्ज करें। यह नंबर आपके LPG कैश मेमो या सब्सक्रिप्शन वाउचर पर मिल सकता है।

3. My Profile में जाएं

ऐप में आपकी कंज्यूमर डिटेल दिखाई देने के बाद My Profile खोलें और वहां Re-KYC का विकल्प चुनें।

4. निर्देश पढ़कर सहमति दें

फिर e-KYC से जुड़े निर्देश और जरूरी कंसेप्ट को पढ़ें और स्वीकार करें।

5. Face Authentication पूरा करें

इसके बाद Face Authentication का ऑप्शन चुनें। आधार आधारित फेस वेरिफिकेशन के लिए Aadhaar FaceRD ऐप के जरिए प्रक्रिया पूरी करनी होगी।

घर से नहीं हो पा रही तो क्या करें?

अगर किसी ग्राहक को ऑनलाइन e-KYC करने में परेशानी हो रही है, तो वह अपने नजदीकी LPG डिस्ट्रीब्यूटर के पास जाकर भी प्रक्रिया पूरी कर सकता है। इसके अलावा अगली बार LPG सिलेंडर की डिलीवरी के समय ग्राहक LPG डिलीवरी कर्मचारी से e-KYC में मदद भी मांग सकता है।

Bharat Gas और HP Gas ग्राहकों के लिए भी लागू

यह e-KYC की समयसीमा Indane, Bharat Gas और HP Gas के घरेलू ग्राहकों से जुड़ी है। इसलिए अगर आपका कनेक्शन Bharat Gas या HP Gas का है, तो 31 अगस्त की डेडलाइन को नजरअंदाज न करें। अगर LPG का घरेलू कनेक्शन है और e-KYC अभी बाकी है, तो 31 अगस्त 2026 तक यह काम जरूर पूरा कर लें, ताकि आगे घरेलू दर पर सिलेंडर मिलने, बुकिंग या डिलीवरी में परेशानी न हो।

ये भी पढ़ें- सावन में धतूरा बेचना ई-कॉमर्स कंपनियों को पड़ा भारी! Amazon, Swiggy Instamart और BigBasket के फूड लाइसेंस सस्पेंड

Blinkit के आइसक्रीम फ्रीजर में चूहा दिखने का दावा, FDA के एक्शन के बीच वायरल हुआ हैरान करने वाला वीडियो!

Blinkit ice cream: क्विक-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स की फूड सेफ्टी और हाइजीन को लेकर एक बड़ा मामला सामने आया है। महाराष्ट्र के ठाणे जिले में स्थित कल्याण के गोदरेज हिल इलाके में मौजूद ब्लिंकिट के एक आउटलेट में कथित तौर पर आइसक्रीम फ्रीजर के अंदर एक चूहा घूमता हुआ देखा गया। न्यूज एजेंसी ANI और एनडीटीवी की रिपोर्ट के मुताबिक, आइसक्रीम खरीदने दुकान पर गए युवाओं के एक समूह ने पैकेज्ड फूड आइटम्स के पास चूहे को देखा और अपने फोन में इस पूरी घटना का वीडियो रिकॉर्ड कर लिया।

यह वीडियो वायरल होने के बाद लोकल लोगों में फूड सेफ्टी को लेकर चिंता बढ़ गई है और महाराष्ट्र एफडीए से सख्त कार्रवाई की मांग की जा रही है। हैरानी की बात यह है कि यह घटना ऑनलाइन फूड स्टोरेज, बिक्री और डिलीवरी की जांच के लिए एफडीए द्वारा चलाए गए एक विशेष अभियान के ठीक बाद सामने आई है।

महाराष्ट्र FDA की बड़ी कार्रवाई: Blinkit, Zepto और Instamart पर चला डंडा

आपको बता दें कि 13 अगस्त को महाराष्ट्र खाद्य एवं औषधि प्रशासन (FDA) ने पूरे राज्य में इस तरह के 86 प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया था। पीटीआई के मुताबिक इस जांच अभियान के दौरान ब्लिंकिट, जेप्टो और इंस्टामार्ट जैसे प्लेटफार्म्स में फूड सेफ्टी और हाइजीन से जुड़ी कई गंभीर कमियां पाई गईं।

एफडीए ने कुल 14 खाद्य व्यवसाय लाइसेंस निलंबित कर दिए। इनमें 5 लाइसेंस ब्लिंकिट के, 5 जेप्टो के, 2 इंस्टामार्ट के और 1-1 लाइसेंस भगवती स्टोर्स और स्विंस्टा एंट प्राइवेट लिमिटेड का था। विभाग ने अलग अलग आउटलेट्स को 60 इम्प्रूवमेंट नोटिस जारी किए। एक फैसिलिटी को अस्थायी रूप से अपना कामकाज बंद करने का निर्देश दिया गया। हालांकि इस दौरान किसी भी प्रतिष्ठान का लाइसेंस रद्द नहीं किया गया है।

जांच के दौरान एफडीए को मिलीं ये गंभीर कमियां

एफडीए अधिकारियों ने आउटलेट्स में स्टोरेज, टेंप्रेचर कंट्रोल, सफाई, पेस्ट कंट्रोल, कर्मचारियों की स्वच्छता, एफआईएफओ/एफईएफओप्रथाओं, सुरक्षा रिकॉर्ड और लाइसेंस प्रदर्शन जैसे मापदंडों की जांच की। मालाड (पश्चिम) मुंबई ब्लिंकिट आउटलेट में चिलर का तापमान 6°C दर्ज किया गया। ये निर्धारित स्तर से अधिक था। लगभग 40 कर्मचारियों का मेडिकल परीक्षण नहीं हुआ था और उनके रिकॉर्ड भी गायब थे। कर्मचारी बिना हेडगियर, एप्रन और ग्लव्स के काम कर रहे थे। शाकाहारी, मांसाहारी, पके हुए और डेयरी उत्पादों को सही तरीके से अलग नहीं रखा गया था।

घाटकोपर ब्लिंकिट आउटलेट में ड्रेनेज और वेस्ट मैनेजनेंट के उपाय ठीक नहीं थे। टेंप्रेचर कंट्रोल सिस्टम में खामिया मिलीं। स्टोरेज में खुली लाइटिंग थी और सफाई बेहद खराब थी। इस फैसिलिटी को 74 में से केवल 34 अंक (46%) मिले और इसे नॉन-कंप्लाइंट श्रेणी में रखा गया। पुणे लोहेगांव जेप्टो आउटलेट में यूज बाय डेट पार कर चुके एक्सपायर्ड उत्पाद पाए गए।

इसके साथ ही पेस्ट कंट्रोल और वर्कर हाइजीन में भी खामियां मिलीं। पुणे स्विंस्टा एंट आउटलेट में कॉकरोच पाए गए। साथ ही कोल्ड-चैन मेंटेनेंस और टेम्परेचर कंट्रोल की गंभीर कमियां थीं। मुंबई के अंधेरी में इंस्टामार्ट फैसिलिटी के फर्श पर ही पैकेट रखे हुए पाए गए। तंग स्टोरेज, कम जगह में सामान की ठूंस-ठूंस कर पैकिंग, रोशनी और व्यक्तिगत स्वच्छता से जुड़ी कई कमियां दर्ज की गईं।

डिलीवरी ऑपरेशन्स की भी हुई जांच, Satara में राइडर्स पर एक्शन

निरीक्षण के दौरान डिलीवरी ऑपरेशन्स को भी जांच के दायरे में लिया गया। सतारा जिले के कराड में स्थित एक ब्लिंकिट स्टोर पर 125 टू-व्हीलर डिलीवरी राइडर्स की जांच की गई। जांच में कोई भी राइडर पहचान पत्र या मेडिकल फिटनेस सर्टिफिकेट के साथ नहीं पाया गया। इसके अलावा डिलीवरी कार्ट, बैग या बॉक्स पर मुख्य खाद्य व्यवसाय का एफएसएसएआई (FSSAI) लाइसेंस गायब था। इसके बाद कंपनी को निर्देश दिया गया कि जब तक सभी कमियों को दूर नहीं कर लिया जाता, तब तक वे दोपहिया वाहनों से डिलीवरी ऑपरेशन्स पूरी तरह बंद रखें।

ये भी पढ़ें- Vimal Elaichi विज्ञापन पर फंसे शाहरुख खान, अजय देवगन और टाइगर श्रॉफ! महाराष्ट्र FDA ने भेजा नोटिस

FDA ने स्पष्ट किया कि यह पूरी कार्रवाई खाद्य सुरक्षा और मानक अधिनियम, 2006 और संबंधित नियमों के तहत की गई है। नियामक ने सभी ऑनलाइन फूड प्लेटफॉर्म्स को निर्धारित सुरक्षा, स्वच्छता और भंडारण नियमों का कड़ाई से पालन करने का निर्देश दिया है।

Pension Scheme: अब सिर्फ ₹99 की बचत से सिक्योर होगा फ्यूचर! गिग और डिलीवरी वर्कर्स के लिए PFRDA लाया खास NPS प्लान

NPS for Gig Workers: जोमैटो, स्वैगी, ओला, उबर, ब्लिंकिट और अर्बन कंपनी जैसे डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर काम करने वाले गिग और प्लेटफॉर्म वर्कर्स के लिए एक बड़ी खुशखबरी है। पेंशन फंड नियामक PFRDA ने देश के लाखों डिलीवरी बॉयज, ड्राइवर्स और सर्विस पार्टनर्स को बुढ़ापे में वित्तीय सुरक्षा देने के लिए ‘NPS e-shramik Model’ को नए सिरे से हाइलाइट किया है।

इस खास स्कीम की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसमें कोई भी वर्कर मात्र ₹99 जैसी छोटी राशि से भी अपनी रिटायरमेंट सेविंग्स की शुरुआत कर सकता है। आइए जानते हैं आम लोगों और डिलीवरी पार्टनर्स के लिए यह स्कीम कितनी फायदेमंद है और इसमें कैसे जुड़ सकते हैं।

बिना किसी दबाव के बचत: अपनी मर्जी और क्षमता से जमा करें पैसा

इस योजना को गिग वर्कर्स की अस्थिर और दैनिक कमाई को ध्यान में रखकर बेहद लचीला बनाया गया है। PFRDA ने योगदान के लिए कोई निश्चित सीमा तय नहीं की है। वर्कर जब चाहें और जितना चाहें, अपनी कमाई के हिसाब से पैसा जमा कर सकते हैं। उदाहरण के तौर पर, कोई भी वर्कर प्रतिदिन या हर हफ्ते ₹99 जैसी मामूली रकम से भी अपने एनपीएस खाते में पैसे डाल सकता है। साथ ही यह मॉडल NPS कॉर्पोरेट मॉडल पर आधारित है। इसमें पैसा केवल वर्कर, केवल एग्रीगेटर कंपनी, या फिर दोनों मिलकर जमा कर सकते हैं।

कौन-कौन से वर्कर्स उठा सकते हैं इस योजना का लाभ?

यह स्कीम उन सभी युवाओं और कर्मचारियों के लिए बेहतरीन अवसर है जो डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के जरिए काम करते हैं:

  • फूड डिलीवरी पार्टनर्स: Zomato, Swiggy आदि।
  • क्विक-कॉमर्स एंड ग्रॉसरी डिलीवरी: Blinkit, Zepto, Instamart आदि।
  • राइड-हेलिंग ड्राइवर्स: Ola, Uber, Rapido आदि।
  • होम सर्विसेज पार्टनर्स: Urban Company और अन्य सर्विस प्लेटफॉर्म्स।

खाता खोलना है बेहद आसान

इस योजना में जुड़ने की प्रक्रिया को एकदम डिजिटल और झंझट-मुक्त बनाया गया है:

आसान KYC: बेसिक केवाईसी के लिए केवल नाम, पता, पैन, मोबाइल नंबर और बैंक डिटेल्स की आवश्यकता होती है। यह प्रक्रिया आधार आधारित ई-केवाईसी या अन्य मान्य तरीकों से मिनटों में पूरी हो जाती है।

PRAN जनरेशन: वर्कर की सहमति से तुरंत एक परमानेंट रिटायरमेंट अकाउंट नंबर (PRAN) जारी कर दिया जाता है।

नॉमिनी की सुविधा: ऑनबोर्डिंग के 60 दिनों के भीतर माता-पिता की जानकारी और नॉमिनी डिटेल्स दर्ज की जा सकती हैं।

कंपनी बदलने पर भी बंद नहीं होगा अकाउंट

अगर कोई डिलीवरी बॉय या ड्राइवर एक कंपनी जैसे- Zomato छोड़कर दूसरी कंपनी Swiggy या Uber में काम करने जाता है, तो उसका एनपीएस खाता बंद नहीं होगा। वह आसानी से अपने खाते को नए एग्रीगेटर के साथ जोड़ कर सकता है। PFRDA के तय फ्रेमवर्क के तहत ऑनबोर्डिंग के समय पॉइंट्स ऑफ प्रेजेंस (PoPs) वर्कर से कोई खाता खोलने का शुल्क नहीं लेते हैं।

बुढ़ापे में मिलेगा पेंशन और एकमुश्त फंड का दोहरा फायदा

यह योजना एनपीएस के ‘ऑल सिटीजन मॉडल’ के नियमों के तहत काम करती है। इसमें जमा किया गया पैसा शेयर बाजार और सुरक्षित सरकारी सिक्योरिटीज में इन्वेस्ट होता है, जिससे लंबी अवधि में एक बड़ा रिटायरमेंट फंड तैयार होता है।

60 वर्ष की उम्र पूरी होने पर वर्कर्स को एकमुश्त मोटी रकम निकालने का विकल्प मिलता है और बाकी पैसे से जीवनभर हर महीने गारंटीड पेंशन मिलती है। गिग वर्कर्स के लिए बिना किसी बड़े बोझ के सुरक्षित भविष्य बनाने का यह सबसे भरोसेमंद जरिया है।

Swiggy ने नंदिता सिन्हा को इंस्टामार्ट का सीईओ नियुक्त किया, शेयर बने रॉकेट

स्विगी ने नंदिता सिन्हा को इंस्टामार्ट का सीईओ नियुक्त किया है। वह अमितेश झा की जगह लेंगी। वह 3 अगस्त को नई जिम्मेदारी संभालेंगी। सिन्हा मिंत्रा की सीईओ रह चुकी हैं। 29 जुलाई को स्विगी के शेयरों में जबर्दस्त उछाल दिखा। 13:10 बजे शेयर 7.40 फीसदी उछाल के साथ 288.40 रुपये पर चल रहा था।

क्विक कॉमर्स बिजनेस में बढ़ रही प्रतिस्पर्धा

Swiggy ने सोच-समझकर नंदिता सिन्हा को इंस्टामार्ट का सीईओ बनाया है। देश में क्विक कॉमर्स के क्षेत्र में प्रतियोगिता तेजी से बढ़ रही है। इस फील्ड में पहले से Blinkit, Zepto, Flipkart और Amazon जैसी कंपनियां मौजूद हैं। मनीकंट्रोल ने मार्च में खबर दी थी कि सिन्हा मिंत्रा के सीईओ पद को छोड़ रही हैं। इसके कुछ दिन पहले फ्लिपकार्ट ग्रुप के सीईओ कल्याण कृष्णमूर्ति ने उन्हें वॉलमार्ट की कंपनी में बनाए रखने की संभावनाओं पर विचार किया था।

सिन्हा के नेतृत्व में मिंत्रा घाटे से फायदे में आई

सिन्हा फ्लिपकार्ट में 12 साल रहीं। इसमें से 4 साल से ज्यादा समय उन्होंने Myntra का नेतृत्व किया। उन्हें मिंत्रा के फैशन बिजनेस को चार चांद लगाने का श्रेय जाता है। उनके नेतृत्व में मिंत्रा चार साल तक लॉस उठाने के बाद फायदे में आ गई। FY24 में कंपनी ने 31 करोड़ रुपये का प्रॉफिट कमाया। एक साल पहले कंपनी ने 782 करोड़ रुपये का लॉस उठाया था।

स्विगी के कई एंप्लॉयीज फ्लिपकार्ट में रह चुके हैं

FY25 में कंपनी का प्रॉफिट बढ़कर 18 गुना यानी 548 करोड़ रुपये हो गया। इस दौरान ऑपरेटिंग रेवेन्यू 35 फीसदी बढ़ा। अब स्विगी सिन्हा से इंस्टामार्ट में इसी तरह के प्रदर्शन की उम्मीद कर रही है। मनीकंट्रोल की लिंक्डइन की एनालिसिस के मुताबिक, स्विगी के 7,500 एंप्लॉयीज हैं। इनमें से अभी 350 से ज्यादा ऐसे एंप्लॉयीज हैं, जो अपने करियर में किसी समय फ्लिपकार्ट में काम कर चुके हैं।

सबसे पहले इंस्टामार्ट की प्रतिस्पर्धी क्षमता बढ़ानी होगी

सिन्हा पर सबसे पहले इंस्टामार्ट की प्रतिस्पर्धा क्षमता बढ़ाने की जिम्मेदारी है। नेट ऑर्डर वैल्यू (NOV) के लिहाज से Instamart दूसरे नंबर पर रही है। कभी यह तो कभी जेप्टो दूसरे नंबर पर रही हैं। ऑर्डर वॉल्यूम के लिहाज से इस्टामार्ट ब्लिंकिट और जेप्टो से काफी पिछड़ चुकी है। ब्लिंकिट, बिगबास्केट, फ्लिपकार्ट मिनट्स, एमेजॉन नाउ और फर्स्टक्लब ने प्रतियोगिता बढ़ने की वजह से प्रॉफिट टारगेट को पीछे कर दिया है।

यह भी पढ़ें: Manipal Health IPO: मणिपाल हेल्थ का आईपीओ खुला, कितना है GMP, क्या आपको इनवेस्ट करना चाहिए?

स्विगी का इंस्टामार्ट के लिए लंबी अवधि का विजन

नूडल्स ब्रांड नेचुरली योर्स के फाउंडर विनोद चेनधिल ने सिन्हा की नियुक्ति के बाद सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, “मुझे उम्मीद है कि नई टीम प्रीमियम ऑफरिंग्स को लाएगी, जिसके लिए वह जानी जाती है।” स्विगी पहले कह चुकी है कि कीमतों को लेकर प्रतिस्पर्धा सिर्फ समस्या का समाधान नहीं है। उसने कहा है कि समाधान ऐसा बिजनेस बनाने में है, जो सिर्फ कीमतों के लिहाज से आगे न हो। क्विक बिजनेस की उपयोगिता बढ़ रही है।