NPS Swasthya scheme: इन 10 सवाल और जवाब के जरिए आसानी से समझें क्या है एनपीएस स्वास्थ्य स्कीम

पेंशन फंड रेगुलेटरी एंड डेवलपमेंट अथॉरिटी (पीएफआरडीए) ने एनपीएस स्वास्थ्य स्कीम के नए नियम पेश कर दिए हैं। इस स्कीम को लेकर लोगों के मन में कई सवाल हैं। आखिर यह स्कीम क्या है, इस स्कीम में निवेश के क्या फायदे हैं, यह स्कीम किसके लिए हैं? आइए ऐसे सभी सवालों के जवाब जानने की कोशिश करते हैं।

एनपीएस स्वास्थ्य क्या है?

एनपीएस स्वास्थ्य एक एनपीएस स्कीम है, जिसका मकसद एक रिटायरमेंट फंड तैयार करने के साथ ही इनवेस्टर को हेल्थ इंश्योरेंस और हेल्थ से संबंधित सर्विसेज ऑफर करना है।

एनपीएस स्वास्थ्य का फायदा कौन उठा सकता है?

ऐसा कोई व्यक्ति जो एनपीएस का सब्सक्राइबर बन सकता है, वह एनपीएस स्वास्थ्य का भी फायदा उठा सकता है। इस बारे में पीएफआरडीए की गाइडलाइंस में सभी शर्तों के बारे में विस्तार से बताया गया है।

क्या हेल्थ इंश्योरेंस अनिवार्य है?

हां, एनपीएस स्वास्थ्य के दो पार्ट्स हैं। इनमें एनपीएस स्वास्थ्य इनवेस्टमेंट अकाउंट और एक एक सुपर टॉप-अप हेल्थ इंश्योरेंस पॉलिसी शामिल है। इंश्योरेंस पॉलिसी लेना अनिवार्य है।

इसमें शुरुआत में कम से कम कितना कंट्रिब्यूशन जरूरी है?

शुरुआती कंट्रिब्यूशन में पहले साल का इंश्योरेंस प्रीमियम, हेल्थ बेनेफिट एडमिनिस्ट्रेटर के लिए 200 रुपये का सालाना मेंटेनेंस चार्ज, अप्लिकेबल टैक्स और एनपीएस स्वास्थ्य अकाउंट में 1000 रुपये का निवेश शामिल है।

बाद में कम से कम कितना कंट्रिब्यूशन करना होगा?

बाद में कम से कम 10 रुपये का कंट्रिब्यूशन जरूरी है। कंट्रिब्यूशंस का इनवेस्टमेंट पीएफआरडीए की गाइडलाइंस के तहत किया जाएगा।

क्या सब्सक्राइबर इलाज के खर्च के लिए पैसे निकाल सकता है?

सब्सक्राइबर एलिजिबल हेल्थकेयर एक्सपेंसेज के लिए कुछ पैसे निकाल सकता है। इसमें एलिजिबल आउटपेशेंट और इनपेंशेंट एक्सपेंसेज शामिल हैं। एनपीएस स्वास्थ्य अकाउंट में किए गए कुल कंट्रिब्यूशन के 25 फीसदी से ज्यादा निकालने की इजाजत नहीं होगी।

सब्सक्राइबर कितनी बार हेल्थकेयर के लिए पैसे निकाल सकता है?

पैसे निकालने (partial withdrawal) की संख्या की कोई लिमिट तय नहीं की गई है। पहली बार या उसके बाद पैसे निकालने के लिए कोई वेटिंग पीरियड भी तय नहीं की गई है। हालांकि, कितना पैसा निकाला जा सकता है, इसकी जो लिमिट तय है वह लागू होगी। पैसा सीधे सब्सक्राइबर को देने की जगह हॉस्पिटल या हेल्थकेयर प्रोवाइडर को दी जाएगी।

हेल्थ इंश्योरेंस के तहत कौन-कौन कवर होगा?

स्टैंडर्ड पॉलिसी में फैमिली फ्लोटर के तहत सब्सक्राइबर, पत्नी/पति और दो तक आश्रित बच्चे कवर होंगे। स्कीम में एंट्री की उम्र 18 से 70 साल है। पॉलिसी के नियम और शर्तों के मुताबिक, इसे 85 साल तक रिन्यू किया जा सकता है।

इंश्योरेंस कवर के विकल्प क्या है?

स्टैंडर्ड पॉलिसी फैमिली फ्लोटर के तहत 1 लाख रुपये, 5 लाख रुपये, 10 लाख रुपये और 30 लाख रुपये के सम एश्योर्ड (कवर) के विकल्प उपलब्थ हैं। इसके हिसाब से कुल सालाना डिडक्शंस 10,000 रुपये, 50,000 रुपये, 1 लाख रुपये और 3 लाख रुपये होंगे।

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एनपीएस स्वास्थ्य में इंश्योरेंस प्रीमियम कैसे काम करेगा?

इंश्योरेंस प्रीमियम बीमा कंपनी की तरफ से IRDAI के फ्रेमवर्क के तहत तय किया जाएगा। इसका अमाउंट सब्सक्राइबर की एंट्री-एज बैंड पर निर्भर करेगा, जिसमें 18-40 साल, 40 से 60 साल और 60-70 साल के बैंड शामिल होंगे। पहले साल का प्रीमियम टैक्स के साथ अपफ्रंट चुकाना होगा। यह न्यूनतम शुरुआती कंट्रिब्यूश का हिस्सा होगा। रिन्यूअल के समय प्रीमियम का पेमेंट एनपीएस स्वास्थ्य कॉर्पस से किया जा सकता है।

डिसक्लेमर: मनीकंट्रोल पर एक्सपर्ट्स की तरफ से व्यक्त विचार उनके अपने विचार होते हैं। ये वेबसाइट या इसके मैनेजमेंट के विचार नहीं होते। मनीकंट्रोल की यूजर्स को सलाह है कि उन्हें निवेश का फैसला लेने से पहले सर्टिफायड एक्सपर्ट्स की राय लेनी चाहिए।

Pension Scheme: अब सिर्फ ₹99 की बचत से सिक्योर होगा फ्यूचर! गिग और डिलीवरी वर्कर्स के लिए PFRDA लाया खास NPS प्लान

NPS for Gig Workers: जोमैटो, स्वैगी, ओला, उबर, ब्लिंकिट और अर्बन कंपनी जैसे डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर काम करने वाले गिग और प्लेटफॉर्म वर्कर्स के लिए एक बड़ी खुशखबरी है। पेंशन फंड नियामक PFRDA ने देश के लाखों डिलीवरी बॉयज, ड्राइवर्स और सर्विस पार्टनर्स को बुढ़ापे में वित्तीय सुरक्षा देने के लिए ‘NPS e-shramik Model’ को नए सिरे से हाइलाइट किया है।

इस खास स्कीम की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसमें कोई भी वर्कर मात्र ₹99 जैसी छोटी राशि से भी अपनी रिटायरमेंट सेविंग्स की शुरुआत कर सकता है। आइए जानते हैं आम लोगों और डिलीवरी पार्टनर्स के लिए यह स्कीम कितनी फायदेमंद है और इसमें कैसे जुड़ सकते हैं।

बिना किसी दबाव के बचत: अपनी मर्जी और क्षमता से जमा करें पैसा

इस योजना को गिग वर्कर्स की अस्थिर और दैनिक कमाई को ध्यान में रखकर बेहद लचीला बनाया गया है। PFRDA ने योगदान के लिए कोई निश्चित सीमा तय नहीं की है। वर्कर जब चाहें और जितना चाहें, अपनी कमाई के हिसाब से पैसा जमा कर सकते हैं। उदाहरण के तौर पर, कोई भी वर्कर प्रतिदिन या हर हफ्ते ₹99 जैसी मामूली रकम से भी अपने एनपीएस खाते में पैसे डाल सकता है। साथ ही यह मॉडल NPS कॉर्पोरेट मॉडल पर आधारित है। इसमें पैसा केवल वर्कर, केवल एग्रीगेटर कंपनी, या फिर दोनों मिलकर जमा कर सकते हैं।

कौन-कौन से वर्कर्स उठा सकते हैं इस योजना का लाभ?

यह स्कीम उन सभी युवाओं और कर्मचारियों के लिए बेहतरीन अवसर है जो डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के जरिए काम करते हैं:

  • फूड डिलीवरी पार्टनर्स: Zomato, Swiggy आदि।
  • क्विक-कॉमर्स एंड ग्रॉसरी डिलीवरी: Blinkit, Zepto, Instamart आदि।
  • राइड-हेलिंग ड्राइवर्स: Ola, Uber, Rapido आदि।
  • होम सर्विसेज पार्टनर्स: Urban Company और अन्य सर्विस प्लेटफॉर्म्स।

खाता खोलना है बेहद आसान

इस योजना में जुड़ने की प्रक्रिया को एकदम डिजिटल और झंझट-मुक्त बनाया गया है:

आसान KYC: बेसिक केवाईसी के लिए केवल नाम, पता, पैन, मोबाइल नंबर और बैंक डिटेल्स की आवश्यकता होती है। यह प्रक्रिया आधार आधारित ई-केवाईसी या अन्य मान्य तरीकों से मिनटों में पूरी हो जाती है।

PRAN जनरेशन: वर्कर की सहमति से तुरंत एक परमानेंट रिटायरमेंट अकाउंट नंबर (PRAN) जारी कर दिया जाता है।

नॉमिनी की सुविधा: ऑनबोर्डिंग के 60 दिनों के भीतर माता-पिता की जानकारी और नॉमिनी डिटेल्स दर्ज की जा सकती हैं।

कंपनी बदलने पर भी बंद नहीं होगा अकाउंट

अगर कोई डिलीवरी बॉय या ड्राइवर एक कंपनी जैसे- Zomato छोड़कर दूसरी कंपनी Swiggy या Uber में काम करने जाता है, तो उसका एनपीएस खाता बंद नहीं होगा। वह आसानी से अपने खाते को नए एग्रीगेटर के साथ जोड़ कर सकता है। PFRDA के तय फ्रेमवर्क के तहत ऑनबोर्डिंग के समय पॉइंट्स ऑफ प्रेजेंस (PoPs) वर्कर से कोई खाता खोलने का शुल्क नहीं लेते हैं।

बुढ़ापे में मिलेगा पेंशन और एकमुश्त फंड का दोहरा फायदा

यह योजना एनपीएस के ‘ऑल सिटीजन मॉडल’ के नियमों के तहत काम करती है। इसमें जमा किया गया पैसा शेयर बाजार और सुरक्षित सरकारी सिक्योरिटीज में इन्वेस्ट होता है, जिससे लंबी अवधि में एक बड़ा रिटायरमेंट फंड तैयार होता है।

60 वर्ष की उम्र पूरी होने पर वर्कर्स को एकमुश्त मोटी रकम निकालने का विकल्प मिलता है और बाकी पैसे से जीवनभर हर महीने गारंटीड पेंशन मिलती है। गिग वर्कर्स के लिए बिना किसी बड़े बोझ के सुरक्षित भविष्य बनाने का यह सबसे भरोसेमंद जरिया है।