कोलकाता चोरबागान दुर्गा पूजा पंडाल हादसा, 49 सेकंड के वीडियो में दिखा भगदड़ का भयानक मंजर!

कोलकाता के चोरबागान दुर्गा पूजा पंडाल में शनिवार को एक दर्दनाक हादसा हो गया। चोरेबागान दुर्गा पूजा पंडाल में हुई भगदड़ में 19 लोगों की मौत हो गई। इस हादसे में 25 लोग घायल हैं, जिसमें से कुछ की हालत गंभीर भी बताई जा रहा है। वहीं पश्चिम बंगाल सरकार ने इस हादसे के जांच के आदेश दिए हैं। जांच के दौरान हादसे के कारणों और उस समय की परिस्थितियों का पता लगाने की कोशिश की जा रही है। इसी बीच इस घटना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर काफी वायरल हो रहा है।

अनाउंसमेंट बनी 19 मौतों की वजह!

सामने आई एक ऑडियो रिकॉर्डिंग में अनाउंसर लोगों से बार-बार पंडाल से बाहर जाने वाले रास्ते का इस्तेमाल करने की अपील करता सुनाई दे रहा है। बताया जा रहा है कि उस समय तेज बारिश हो रही थी, जिसके चलते बड़ी संख्या में लोगों ने बारिश से बचने के लिए पंडाल के अंदर शरण ली थी। इसके बाद वहां भीड़ बढ़ गई और लोगों को बाहर निकलने के लिए रास्ते का इस्तेमाल करने की हिदायत दी जाने लगी। पंडाल के बाहर खड़े लोगों को अंदर मौजूद लोगों से अलग निर्देश दिए जा रहे थे। बाहर इंतजार कर रहे लोगों को पंडाल के पास आने से रोका जा रहा था और अनाउंसमेंट के जरिए बताया जा रहा था कि पंडाल का एक हिस्सा गिरने का खतरा है।

 

इसके बावजूद बारिश से बचने और पंडाल में एंट्री करने के लिए लोगों की कतार आगे बढ़ती रही और भीड़ का दबाव बढ़ गया। जहां बाहर खड़े लोग अंदर जाने की कोशिश कर रहे थे, वहीं पंडाल के अंदर मौजूद लोग बाहर निकलना चाहते थे। इस स्थिति के कारण वहां अफरा-तफरी मच गई और हालात खतरनाक हो गए।

49 सेकेंड के वीडियो में दिखा ये नजारा

करीब 49 सेकंड के एक अन्य वीडियो में देखा जा सकता कि एक संकरी गली में बड़ी संख्या में लोग फंसे हुए हैं। गली की छत नीची है और चारों तरफ बैरिकेड्स लगे हुए हैं। वीडियो में महिलाएं और बच्चे मदद के लिए आवाज लगाते सुनाई दे रहे हैं। भीड़ इतनी ज्यादा है कि लोगों के पास हिलने-डुलने तक की जगह नहीं बची और कुछ लोग बैलेंस बनाए रखने के लिए दीवारों का सहारा लेते नजर आए। वहीं, एक दूसरे वीडियो में बारिश के बीच लोग छाते लेकर पंडाल की ओर जाते दिखाई दे रहे हैं।

पुलिस कर रही जांच

पुलिस अब उस अनाउंसमेंट की जांच कर रही है, जिसमें पंडाल के गिरने का खतरा बताया गया था। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी के मुताबिक, ये पता लगाया जा रहा कि यह घोषणा किसने की और इसके पीछे क्या वजह थी। जांच के दौरान पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज जुटाए हैं और चश्मदीदों के साथ-साथ आसपास रहने वाले लोगों के बयान भी दर्ज किए हैं। अब तक मिली जानकारी से संकेत मिलता है कि पंडाल में भीड़ को संभालने के लिए किए गए इंतजामों में गंभीर कमियां थीं।

बता दें कि, शनिवार को सप्तमी के मौके पर पंडाल में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ जमा हो गई थी। दुर्गा पूजा के दस दिवसीय उत्सव में इस दिन का खास महत्व होने के कारण बड़ी संख्या में लोग दर्शन करने पहुंचे थे। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, उस समय तेज बारिश हो रही थी और रोशनी भी कम थी। इसके अलावा, लोगों को पंडाल में प्रवेश करने के लिए करीब 90 मिनट तक कतार में इंतजार करना पड़ा, जिससे भीड़ की परेशानी और बढ़ गई।

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Kolkata Stampede: कोलकाता दुर्गा पूजा भगदड़ मामले में बड़ा एक्शन! आयोजकों समेत 7 लोग गिरफ्तार, अमित शाह ने अस्पताल पहुंच घायलों का जाना हाल, 19 की मौत

Kolkata Durga Puja Stampede: कोलकाता पुलिस ने चोरबागान दुर्गा पूजा पंडाल में मची भगदड़ के सिलसिले में पूजा आयोजकों समेत सात लोगों को गिरफ्तार किया है। एक वरिष्ठ अधिकारी ने रविवार (18 अक्टूबर) को बताया कि शनिवार को हुए इस हादसे में कम से कम 19 लोगों की मौत हुई है। पुलिस ने इस मामले में स्वत: संज्ञान लेते हुए गैर इरादतन हत्या का मामला भी दर्ज किया है। पुलिस ने घटना की जांच के सिलसिले में शनिवार रात 14 लोगों को हिरासत में लिया था। उत्तरी कोलकाता के चोरबागान दुर्गा पूजा पंडाल में शनिवार (17 अक्टूबर) शाम बारिश के बीच अचानक भीड़ बढ़ने से भगदड़ मच गई थी। इसमें कम से कम 19 लोगों की मौत हो गई और 25 अन्य लोग घायल हो गए।

भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) के अधिकारी ने न्यूज एजेंसी पीटीआई से कहा, “हमने सात लोगों को गिरफ्तार किया है। ये उन 14 लोगों में शामिल हैं, जिन्हें कल रात हिरासत में लिया गया था। कुछ और लोगों को भी गिरफ्तार किया जा सकता है।” उन्होंने कहा, “शवों की पहचान करने की प्रक्रिया जारी है।”

अमित शाह ने अस्पताल पहुंचकर घायलों का जाना हाल

इस बीच, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने रविवार (18 अक्टूबर) को कोलकाता के एक अपोलो अस्पताल में पहुंचकर भगदड़ में घायल हुए लोगों से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने घायलों के स्वास्थ्य की जानकारी ली। पश्चिम बंगाल के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. शरद्वत मुखर्जी भी घायलों से मिलने अपोलो अस्पताल पहुंचे। इससे पहले अमित शाह ने मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के साथ कालीघाट स्थित काली मंदिर में दर्शन किए। हादसे की जांच जारी है। कोलकाता पुलिस घटना के कारणों के साथ-साथ भीड़ मैनेजमेंट में हुई संभावित चूक की पड़ताल कर रही है।

प्रत्यक्षदर्शियों ने भीड़ मैनेजमेंट में खामियों का आरोप लगाया

कोलकाता पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि क्या भीड़ मैनेजमेंट में खामियों, एंट्री और एग्जिट के रास्तों को लेकर भ्रम तथा भारी बारिश के कारण चोरबागान दुर्गा पूजा पंडाल में भगदड़ मची।

कई प्रत्यक्षदर्शियों ने आरोप लगाया कि प्रवेश, निकास और लोगों की आवाजाही को लेकर उचित घोषणाएं नहीं की गईं, जिससे वहां पहुंचे लोग भ्रमित हो गए। स्थानीय लोगों ने यह भी दावा किया कि पंडाल में पर्याप्त संख्या में पुलिसकर्मियों की तैनाती नहीं की गई थी। पुलिसकर्मी मुख्य रूप से वीआईपी एंट्री गेट के पास तैनात थे।

स्थानीय लोगों ने घायलों को अस्पताल पहुंचाने में प्रशासन की ओर से बहुत कम मदद मिलने का भी आरोप लगाया। एक पुलिस अधिकारी ने पीटीआई से कहा कि पुलिस घटना के कारणों, भीड़ नियंत्रण के उपायों, आयोजन स्थल पर की गई व्यवस्थाओं और आपात स्थिति के दौरान अधिकारियों की ओर से उठाए गए कदमों की जांच कर रही है। एक अन्य वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि फॉरेंसिक टीम देर रात चोरबागान दुर्गा पूजा पंडाल क्षेत्र में पहुंची और घटनास्थल से साक्ष्य जुटाने शुरू किए।

उन्होंने बताया कि कोलकाता पुलिस के अधिकारी चोरबागान दुर्गा पूजा के आयोजकों से भी बात कर रहे हैं। उन्होंने वहां सुरक्षा में तैनात गार्डों तथा भीड़ मैनेजमेंट के लिए नियुक्त लोगों की सूची मांगी है। घटना के बाद मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी घायलों से मिलने अस्पताल पहुंचे थे। कोलकाता और राज्य के अन्य हिस्सों में दुर्गा पूजा के कई आयोजक ‘थीम’ आधारित सजावट के जरिए अपने पंडालों को अधिक आकर्षक बनाने के लिए एक-दूसरे से प्रतिस्पर्धा करते हैं।

कैसे मची अफरा-तफरी?

मुख्यमंत्री अधिकारी ने बताया कि मृतकों में से दो के परिजनों के अनुसार, पंडाल क्षेत्र में निजी सुरक्षा गार्डों द्वारा सीटी बजाए जाने के कारण वहां अफरा-तफरी मच गई थी। कोलकाता पुलिस आयुक्त अजय नंदा भी अस्पताल पहुंचे और घायलों का हालचाल जाना। कोलकाता मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल के सूत्रों के अनुसार, घायलों को इलाज के लिए आपातकालीन विभाग में भर्ती कराया गया। जबकि 11 मरीजों को एसएसकेएम अस्पताल भेजा गया।

मेडिकल कॉलेज के एक सूत्र ने बताया कि मृतकों में 13 महिलाएं और एक बच्चा शामिल हैं। पश्चिम बंगाल सरकार ने घटना से प्रभावित लोगों के बारे में जानकारी प्राप्त करने के लिए टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर शुरू किया है। इस हादसे में जान गंवाने वाली एक महिला के बेटे सोनू पाल ने घटना के वक्त की परिस्थितियों की जानकारी दी। कुम्हारटोली के निवासी पाल अपनी मां के साथ दुर्गा पूजा देखने गए थे। इसी दौरान अचानक तेज बारिश शुरू हो गई।

पाल ने कहा कि भीड़ बढ़ने के कारण लोग संभल नहीं सके और एक-दूसरे पर गिरने लगे। घटना से लोगों में भारी रोष है। भगदड़ में जान गंवाने वालों के दुखी परिजनों ने सवाल उठाया कि इन मौतों की जिम्मेदारी कौन लेगा। इस हादसे में शुभम सोनकर ने अपनी बहन को खो दिया। उन्होंने अपनी बहन से हुई आखिरी बातचीत को याद करते हुए कहा कि वह उसकी शादी की योजना बना रहे थे।

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उत्तर 24 परगना जिले के उत्तर जोगेंद्रनगर इलाके की रहने वाली प्रिया सामद्दार अपने दोस्तों के साथ दुर्गा पूजा पंडाल देखने कोलकाता आई थीं। लेकिन न्यू बैरकपुर स्थित तपती बालिका विद्यालय की यह छात्रा अब कभी घर नहीं लौटेगी। इस घटना में जान गंवाने वाली एक अन्य महिला श्रीपर्णा पोद्दार (27) हुगली जिले के बैद्यबाटी से थीं।

Amit Shah: ‘2029 में भी हार के लिए रहें तैयार…’SIR पर राहुल गांधी को अमित शाह की दो टूक

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मंगलवार को उपचुनावों में कांग्रेस की हार को लेकर राहुल गांधी पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि, राहुल गांधी को हार के लिए मतदाता सूची के स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) को जिम्मेदार ठहराने के बजाय अपनी पार्टी की कमियों पर ध्यान देना चाहिए। शाह ने ये भी दावा किया कि कांग्रेस पिछले 41 साल से गुजरात में कोई चुनाव नहीं जीत पाई है, जबकि वहां के मतदाता लगातार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और बीजेपी पर भरोसा जता रहे हैं।

केंद्रीय मंत्री का ये बयान उपचुनाव और गुजरात के स्थानीय निकाय चुनावों में बीजेपी के प्रदर्शन पर बात करते हुए यह बयान दिया। वहीं, राहुल गांधी और इंडिया गठबंधन के नेता चुनाव आयोग के खिलाफ अपना विरोध जारी रखे हुए हैं। राहुल गांधी ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को लेकर भी सवाल उठाए हैं।

शाह ने राहुल गांधी पर साधा निशाना

अमित शाह ने राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा कि गुजरात में कांग्रेस को पिछले 41 साल से चुनावी जीत नहीं मिली है। शाह ने कहा, “मैं यह बात साफ करना चाहता हूं और खास तौर पर राहुल गांधी को बताना चाहता हूं कि कांग्रेस ने पिछले 41 साल में गुजरात में एक भी चुनाव नहीं जीता है। पार्टी ने आखिरी बार 1985 में जीत हासिल की थी। इसके बाद से उसे लगातार हार का सामना करना पड़ा है।” उन्होंने सवाल उठाया कि क्या कांग्रेस की लगातार चुनावी हार का कारण मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) है, जबकि यह प्रक्रिया 2024 के लोकसभा चुनाव के बाद शुरू हुई थी।

हार का ठीकरा SIR पर फोड़े

शाह ने कहा कि, “राहुल गांधी को ये सोचना चाहिए कि क्या गुजरात में कांग्रेस की हार के लिए SIR जिम्मेदार है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस को चुनाव में हार का ठीकरा SIR पर फोड़ने के बजाय अपनी कमियों पर विचार करना चाहिए।” केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा कि कांग्रेस को 2029 के लोकसभा चुनाव में भी हार का सामना करने के लिए तैयार रहना चाहिए। शाह ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी बार-बार गलत जानकारी फैलाते हैं और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) का विरोध करके घुसपैठियों को बचाने की कोशिश कर रहे हैं।

2029 में भी मिलेगा हार

अमित शाह ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर कांग्रेस के विरोध पर राहुल गांधी की आलोचना की। उन्होंने आरोप लगाया कि, राहुल गांधी लगातार झूठ बोल रहे हैं। शाह ने तंज कसते हुए कहा कि राहुल गांधी को 2029 के लोकसभा चुनाव में चौथी बार हार का सामना करने के लिए तैयार रहना चाहिए। इस दौरान उन्होंने राहुल गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस के चुनावी प्रदर्शन पर भी सवाल उठाए।

गुजरात में बीजेपी का बेहतरीन प्रदर्शन

गुजरात में बीजेपी के प्रदर्शन का जिक्र करते हुए अमित शाह ने कहा कि पार्टी ने नगर पालिकाओं और नगर निगम के चुनावों में शानदार जीत दर्ज की है। उन्होंने बताया कि दो नगर पालिकाओं और एक नगर निगम की कुल 104 सीटों में से बीजेपी ने 90 सीटों पर कब्जा किया। वहीं, गांधीनगर नगर निगम में पार्टी को 44 में से 38 सीटों पर जीत मिली। गांधीनगर शाह के संसदीय क्षेत्र में आता है। शाह ने दावा किया कि आम आदमी पार्टी ने सभी 32 सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारे थे, लेकिन किसी भी सीट पर उसके उम्मीदवार अपनी जमानत नहीं बचा सके। उन्होंने कहा कि चुनाव के नतीजों से साफ पता चलता है कि गुजरात के लोगों का रुझान बीजेपी की ओर है और वे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का समर्थन कर रहे हैं।

पीएम मोदी के साथ खड़े हैं लोग

अमित शाह ने कहा कि, गुजरात में बीजेपी की बड़ी जीत से पता चलता है कि वहां के लोग प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ खड़े हैं। उन्होंने बताया कि पिछले चुनाव के मुकाबले गांधीनगर नगर निगम में बीजेपी का वोट शेयर 10 प्रतिशत बढ़ा है।

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10 किमी लंबा कॉरिडोर, 9 लूप्स के साथ अब मयूर विहार-नोएडा से AIIMS अब सिर्फ 15 मिनट में! बारापुला फेज-3 की फुल डिटेल

Barapullah Phase-3 elevated Corridor: दिल्लीवासी बारापुला फेज III एलिवेटेड कॉरिडोर का लंबा इंतजार आखिरकार पूरा हो गया है। इस एलिवेटेड कॉरिडोर की मदद से मयूर विहार-नोएडा से एम्स की दूरी 45 मिनट से घटकर मात्र 15 मिनट रह जाएगी। यह फ्लाईओवर पूर्वी और दक्षिणी दिल्ली को न सिर्फ पास लाएगा, बल्कि दिल्लीवासियों को ट्रैफिक के जंजाल से राहत भी देगा। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मंगलवार को बारापुला फेज-III एलिवेटेड कॉरिडोर का उद्घाटन किया।

शाह ने मुकरबा चौक अंडरपास का भी उद्घाटन किया और मोदी मिल-सावित्री सिनेमा फ्लाईओवर और लोनी अंडरपास का शिलान्यास किया। इन चार इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स पर कुल मिलाकर 1,941 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। इस मौके पर दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि नीति, नियोजन और कार्यान्वयन के स्तर पर केंद्र और दिल्ली सरकार के बीच बेहतर तालमेल से शहर में बुनियादी विकास को नई गति मिल रही है।

उन्होंने कहा, “आज समर्पित प्रोजेक्ट्स सिर्फ सड़कें, फ्लाईओवर और अंडरपास नहीं हैं, बल्कि लाखों दिल्लीवासियों का समय बचाने, कनेक्टिविटी सुधारने, यात्रा को आसान बनाने और उनकी जीवन की क्वालिटी बढ़ाने से जुड़ी जरूरी सुविधाएं हैं।”

बारापुला फेज-III कॉरिडोर मयूर विहार फेज-I या नोएडा से सराय काले खां होते हुए अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS) तक सिग्नल-फ्री कनेक्टिविटी देगा। साथ ही, इससे मुख्य रूट्स पर ट्रैफिक का दबाव कम होगा। इसे मौजूदा बारापुला नेटवर्क से जोड़ा गया है और इसमें अलग-अलग दिशाओं में ट्रैफिक के आने-जाने के लिए नौ लूप हैं। पीडब्लूडी मंत्री परवेश वर्मा ने कहा कि पैदल चलने वालों और साइकिल चलाने वालों के लिए अलग-अलग सुविधाएं बनाई गई हैं।

इस प्रोजेक्ट में लगभग एक दशक की देरी हो गई थी, लेकिन पिछले साल विभाग का कार्यभार संभालने के बाद वर्मा ने इसे नए सिरे से आगे बढ़ाया। मुकरबा चौक अंडरपास, जिसका मंगलवार को उद्घाटन हुआ, आउटर रिंग रोड पर यातायात को बेहतर बनाने के लिए बनाया गया है। इसमें दो गाड़ियों के अंडरपास और एक पैदल चलने वालों के अंडरपास हैं और इससे हर दिन लगभग 15,800 गाड़ियों का आना-जाना आसान होने की उम्मीद है।

इस अंडरपास से बादली और रोहिणी से आजादपुर और जहांगीरपुरी की ओर जाने वाला ट्रैफिक मुकरबा चौक इंटरचेंज में घुसे बिना ही इस रास्ते से जा सकेगा। हैदरपुर बादली मोड़ मेट्रो स्टेशन के पास पैदल चलने वालों और नॉन-मोटराइज्ड ट्रैफिक के लिए एक अलग अंडरपास भी बनाया गया है। साउथ दिल्ली के सांसद रामवीर सिंह बिधूड़ी ने कहा, “सरकार का मकसद दिल्ली के बुनियादी ढांचे को इस तरह से विकसित करना है जिससे लोगों का रोजाना आना-जाना सीधे तौर पर बेहतर हो, समय बचे और यात्रा अधिक आसान हो।”

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भारत में पहली बार चली LNG ट्रेन! गुजरात को मिली 1542 करोड़ के रेल प्रोजेक्ट्स की सौगात

गुजरात के साबरमती रेलवे स्टेशन पर रविवार को रेलवे के लिए एक खास शुरुआत हुई।  केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने देश की पहली LNG (लिक्विफाइड नेचुरल गैस) से चलने वाली ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इसके साथ ही उन्होंने साबरमती में 1,542 करोड़ रुपये से अधिक की कई रेलवे परियोजनाओं का उद्घाटन और शुभारंभ भी किया। इसमें लोकोमोटिव मेंटेनेंस शेड, ऑटोमैटिक सिग्नलिंग सिस्टम और रेलवे लाइन के दोहरीकरण से जुड़े कई प्रोजेक्ट शामिल हैं। इन परियोजनाओं से क्षेत्र में रेलवे सुविधाओं को बेहतर बनाने में मदद मिलेगी।

केंद्रीय गृह मंत्री ने दिखाई हरी झंडी

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह अहमदाबाद-पालनपुर और अहमदाबाद-समाखियाली रेल मार्ग पर स्वदेशी ‘कवच’ सुरक्षा प्रणाली की भी शुरुआत की है। इसके साथ ही वे LNG से चलने वाली भारत की पहली ट्रेन और WAG-12 इलेक्ट्रिक इंजन को हरी झंडी दिखाई है। इन रेलवे परियोजनाओं में साबरमती में WAG-12 लोकोमोटिव के रखरखाव के लिए शेड का उद्घाटन भी हुआ। इसके अलावा कुछ रेल मार्गों पर ऑटोमैटिक सिग्नलिंग सिस्टम लगाया जाएगा, जबकि साबरमती-सरखेज रेलवे लाइन को डबल करने का काम भी किया जाएगा। इन कामों से रेलवे की सुविधाओं और संचालन को बेहतर बनाने में मदद मिलेगी। कार्यक्रम में गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल समेत कई बड़े नेता और अधिकारी मौजूद रहेंगे।

ट्रेनों के बीच टक्कर का खतरे को कम करेगी ‘कवच’

इस प्रोजेक्ट के तहत अहमदाबाद डिवीजन के 404 किलोमीटर लंबे रेल नेटवर्क पर ‘कवच’ सुरक्षा प्रणाली लगाई जाएगी। करीब 411 करोड़ रुपये की लागत वाले इस प्रोजेक्ट में अहमदाबाद-पालनपुर का 157 किलोमीटर और अहमदाबाद-समाखियाली का 247 किलोमीटर रेल मार्ग शामिल है। इससे ट्रेनों की सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने में मदद मिलेगी। ‘कवच’ सिस्टम ट्रेनों की सुरक्षा बढ़ाने के लिए बनाया गया है। यह ट्रेनों के बीच टक्कर का खतरा कम करने, तेज रफ्तार पर नियंत्रण रखने और ड्राइवर की गलती से होने वाली दुर्घटनाओं को रोकने में मदद करता है। स्वदेशी तकनीक पर आधारित इस सिस्टम से ट्रेन संचालन को ज्यादा सुरक्षित और भरोसेमंद बनाने में मदद मिलेगी।

LNG तकनीक से कम खर्च होगा ईंधन

इस कार्यक्रम में देश की पहली LNG से चलने वाली ट्रेन की शुरुआत की गई। इसके लिए साबरमती के इंटीग्रेटेड कोचिंग डिपो में दो पावर कारों में डीजल और LNG से चलने वाला सिस्टम लगाया गया। इस तकनीक से ट्रेन में करीब 40 प्रतिशत डीजल की जगह LNG का इस्तेमाल किया जा सकेगा। LNG तकनीक से रेलवे में ईंधन खर्च कम होने के साथ प्रदूषण घटाने में भी मदद मिलने की उम्मीद है।

कब तक पूरा होगा काम

साबरमती में करीब 700 करोड़ रुपये की लागत से तैयार WAG-12 लोकोमोटिव मेंटेनेंस शेड में 300 हाई-पावर इलेक्ट्रिक इंजनों की देखभाल की सुविधा होगी। करीब 12,000 हॉर्सपावर क्षमता वाले WAG-12 इलेक्ट्रिक इंजन भारी और लंबी मालगाड़ियों को खींचने के लिए तैयार किए गए हैं। वहीं, साबरमती-सरखेज रेल लाइन के 21 किलोमीटर हिस्से को डबल करने पर करीब 313.27 करोड़ रुपये खर्च होंगे। इस काम को मार्च 2028 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।

लगेगा ऑटोमैटिक ब्लॉक सिग्नलिंग सिस्टम

साबरमती-कलोल-भांडू मोतीदौ और साबरमती-सानंद-जखवाड़ा के 122.57 किलोमीटर लंबे रेल मार्ग पर करीब 118.83 करोड़ रुपये की लागत से ऑटोमैटिक ब्लॉक सिग्नलिंग सिस्टम लगाया जाएगा। इससे ट्रेनों के बीच सुरक्षित दूरी बनाए रखने में मदद मिलेगी और रेल यातायात भी ज्यादा सुचारु हो सकेगा। इन रेलवे परियोजनाओं का मुख्य उद्देश्य गुजरात में रेल यात्रा को ज्यादा सुरक्षित और बेहतर बनाना है।

यूपी ट्रेड शो: अमित शाह बोले- उत्तर प्रदेश में बनी ब्रह्मोस मिसाइलों ने उड़ाई पाकिस्तान की नींद

ग्रेटर नोएडा के इंडिया एक्सपो सेंटर एंड मार्ट में आयोजित UP इंटरनेशनल ट्रेड शो 2026 के चौथे एडिशन की शुरुआत हो गई है। पांच दिनों तक चलने वाले इस आयोजन का उद्घाटन केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने किया। इस ट्रेड शो केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने उत्तर प्रदेश की बढ़ती रक्षा उत्पादन क्षमता का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि, राज्य अब की सुरक्षा के लिए अहम भूमिका निभा रहा है। शाह ने आगे कहा कि, उत्तर प्रदेश में तैयार की जा रही ब्रह्मोस मिसाइल भारत की सैन्य ताकत को मजबूत कर रही है।

पाकिस्तान को नहीं आ रही नींद!

केंद्रीय मंत्री ने भारत की डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग में यूपी की बढ़ती भूमिका पर जोर देते हुए कहा कि, राज्य में बनी ब्रह्मोस मिसाइल अब पाकिस्तान की “रातों की नींद हराम” कर रही है। UP इंटरनेशनल ट्रेड शो में अमित शाह ने कहा कि, उत्तर प्रदेश के डिफेंस कॉरिडोर से रक्षा क्षेत्र में इन्वेस्टमेंट को बढ़ावा मिल रहा है। उन्होंने बताया कि भारत का कुल डिफेंस प्रोडक्शन अब करीब 1.78 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया है। शाह ने कहा कि इससे देश में ही आधुनिक हथियार तैयार करने और रक्षा क्षेत्र को मजबूत बनाने में मदद मिल रही है।

भारत का एक्सपोर्ट अब 56 गुना बढ़ा

शाह ने कहा कि, “साल 2013 के मुकाबले भारत का एक्सपोर्ट अब 56 गुना बढ़ चुका है और इसमें उत्तर प्रदेश की भी अहम भूमिका रही है।” उन्होंने कहा कि राज्य में कानून-व्यवस्था में सुधार होने से निवेश के लिए माहौल बेहतर हुआ है। शाह ने इसके लिए योगी आदित्यनाथ सरकार की नीतियों और प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि, उत्तर प्रदेश में तैयार हो रही ब्रह्मोस मिसाइल देश की रक्षा ताकत को मजबूत कर रही है और इससे पाकिस्तान पर भी दबाव बढ़ा है। उन्होंने कहा कि डबल इंजन सरकार के प्रयासों से उत्तर प्रदेश तेजी से मैन्युफैक्चरिंग के बड़े केंद्र के रूप में आगे बढ़ रहा है और राज्य ने 1 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनने का लक्ष्य रखा है।

तनाव के बीच भी नहीं रुकी तरक्की

अमित शाह ने कहा कि दुनिया में जारी तनाव और कई चुनौतियों के बीच भी भारत ने अपनी आर्थिक तरक्की को बनाए रखा है। उन्होंने बताया कि देश में GST कलेक्शन 2.11 लाख करोड़ रुपये तक पहुंचा है। इसके अलावा छह राज्यों में 12 सेमीकंडक्टर प्रोजेक्ट पर काम चल रहा है और सरकार ने 12.2 लाख करोड़ रुपये का कैपिटल खर्च किया है। शाह ने कहा कि सरकार का लक्ष्य आने वाले वर्षों में देश को हर महत्वपूर्ण क्षेत्र में मजबूत बनाना है और 2047 तक भारत को दुनिया के अग्रणी देशों में शामिल करना है।

यहां हर साल बनेंगे करीब 100 ब्रह्मोस मिसाइल

लखनऊ में बनी ब्रह्मोस इंटीग्रेशन एंड टेस्टिंग फैसिलिटी उत्तर प्रदेश डिफेंस इंडस्ट्रियल कॉरिडोर की एक महत्वपूर्ण परियोजना है। पिछले साल रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने यहां तैयार की गई ब्रह्मोस मिसाइलों के पहले बैच को रवाना किया था। करीब 380 करोड़ रुपये की लागत से 200 एकड़ में तैयार इस केंद्र ने वर्चुअल उद्घाटन के करीब पांच महीने बाद ही काम शुरू कर दिया था। यहां हर साल करीब 100 मिसाइल सिस्टम तैयार किए जाने की उम्मीद है।

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Hanuman Ansh: ‘हनुमान अंश’ की टीम ने दिल्ली में HM अमित शाह से की मुलाकात, 300 करोड़ का आंकड़ा पार कर चुकी है फिल्म

Hanuman Ansh: बॉक्स ऑफिस पर ‘हनुमान अंश’ ने शानदार कमाई की है। इस सफलता के बाद फिल्म की टीम ने सोमवार को नई दिल्ली में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से उनके आवास पर मुलाकात की। इस मुलाकात में फिल्म के डायरेक्टर विशाल चतुर्वेदी और लीड एक्टर शोभिनव सत्या भी मौजूद थे।

अमित शाह से की मुलाकात

जानकारी के मुताबिक बातचीत के दौरान गृह मंत्री ने नीम करोली बाबा के बारे में बहुत सम्मानीय बातें कीं। वहीं उन्होंने भारतीय संस्कृति व परंपराओं के बारे में अपनी जानकारी साझा की। उन्होंने फिल्म बनाने वालों को भारत की आध्यात्मिक और सांस्कृतिक विरासत से जुड़ी कहानियों को पर्दे पर लाने का काम जारी रखने के लिए प्रोत्साहित भी किया।

‘रामबोला’ के बारे में दी जानकारी

विशाल के साथ प्रोड्यूसर महावीर जैन भी अमित शाह से मिलने पहुंचे थे, जिन्होंने शाह को उनके अगले प्रोजेक्ट ‘रामबोला’ के बारे में बताया। रामबोला फिल्म गोस्वामी तुलसीदास के जीवन और विरासत पर आधारित है।” ‘रामबोला’ का ऐलान इसी महीने की शुरुआत में किया गया था। इसे विशाल चतुर्वेदी लिखेंगे और डायरेक्ट करेंगे। वहीं महावीर इसके को-प्रोड्यूसर होंगे।

इन लोगों से भी हो चुकी है मुलाकात

इससे पहले ‘हनुमान अंश’ की टीम कई प्रदेशों के मुख्यमंत्रियों से भी मुलाकात कर चुकी है। इसी महीने की शुरुआत में टीम ने लखनऊ में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात की थी। इसके बाद मुंबई में महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से भी उनके आधिकारिक आवास ‘वर्षा’ पर मुलाकात की थी।

7 अगस्त को रिलीज हुई ‘हनुमान अंश’ इस साल की सबसे बड़ी सरप्राइज थिएट्रिकल सफलताओं में से एक बनकर उभरी है। लगभग ₹2 करोड़ के बजट में बनी यह फिल्म शुरुआत में धीमी रही, लेकिन लोगों की बातचीत (वर्ड ऑफ माउथ) से इसे गति मिली और चौथे हफ्ते से इसमें जबरदस्त उछाल आया। इसने दुनिया भर में ₹300 करोड़ का आंकड़ा पार कर लिया है।

Amit Shah UCC: ‘2029 से पहले 21 राज्यों में लागू होगा UCC’: अमित शाह का बड़ा ऐलान, बोले- घुसपैठियों की पहचान कर डिपोर्ट करेंगे

Amit Shah UCC: केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने रविवार (13) को कहा कि 21 राज्यों की भारतीय जनता पार्टी (BJP) की अगुवाई वाली राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) की सरकारें 2029 से पहले समान नागरिक संहिता (UCC) लागू करेंगी। शाह ने पत्रकारों से बातचीत के दौरान केंद्र सरकार की पिछले 12 वर्षों की उपलब्धियों और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में BJP की 25 साल की यात्रा का उल्लेख किया।

‘मुस्लिम महिलाओं को समान अधिकार दिए गए’

अमित शाह ने कहा, “तीन तलाक को समाप्त करके मुस्लिम महिलाओं को समान अधिकार दिए गए हैं। हमने कई राज्यों में समान नागरिक संहिता (यूसीसी) लागू की है। मुझे विश्वास है कि भाजपा-राजग शासित 21 राज्यों में 2029 से पहले यूसीसी लागू कर दिया जाएगा।”आपको बता दें कि अगला लोकसभा चुनाव 2029 में होना है।

उन्होंने कहा कि सरकार ने भारतीय न्याय संहिता के माध्यम से देश की आपराधिक न्याय प्रणाली को मजबूत किया है। साथ ही दावा किया कि कई राज्यों में एक साल में दोषसिद्धि दर में 30 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है। उन्होंने यह भी कहा कि तीन साल के भीतर न्याय दिलाने के लिए एक व्यवस्था स्थापित की जा रही है।

राष्ट्रीय सुरक्षा के मुद्दे पर शाह ने कहा कि आर्टिकल 370 और 35A को बिना एक बूंद खून बहाए या एक गोली चलाए समाप्त किया गया। गृह मंत्री ने दावा किया कि कश्मीर अब भारत के साथ पूरी तरह खड़ा है। उन्होंने कहा कि सरकार ने पांच दशक से जारी नक्सलवाद को समाप्त किया है और देश के पूर्वोत्तर क्षेत्र में 14 से अधिक शांति समझौतों पर हस्ताक्षर किए हैं।

90000 लोगों ने किया सरेंडर

शाह ने कहा, “नौ हजार से अधिक लोगों ने आत्मसमर्पण किया है। आज हम पूर्वोत्तर को विकास के रास्ते पर लाए हैं।” उन्होंने कहा कि सर्जिकल स्ट्राइक, हवाई हमले और ऑपरेशन सिंदूर ने आतंकवाद को बिल्कुल बर्दाश्त न करने की नीति स्थापित की है। मणिपुर में राष्ट्रीय नागरिक पंजी (NRC) लागू करने के लिए क्या 1951 को आधार वर्ष माना जाएगा? इस सवाल पर शाह ने कहा कि केंद्र इस मुद्दे पर अपने सहयोगियों और राजनीतिक दलों के साथ चर्चा कर रहा है।

उन्होंने कहा, “हम इन मुद्दों पर अपने सहयोगियों और मणिपुर के राजनीतिक दलों के साथ चर्चा कर रहे हैं। जो भी फैसला होगा, हम आपको बताएंगे।” अवैध बांग्लादेशी घुसपैठियों और मुंबई जैसे शहरों में उनकी पहचान किए जाने के बारे में पूछे जाने पर शाह ने कहा कि सरकार उन्हें चिह्नित करने के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले तरीकों का खुलासा नहीं करेगी।

शाह ने चुटकी लेते हुए कहा, “आप गृहमंत्री से कह रहे हैं कि वह तरीकों को सार्वजनिक कर दें और आपको बता दें कि यह कैसे किया जाएगा। फिर हम उन्हें कैसे पकड़ेंगे? उन्हें भी पता चल जाएगा।”

अवैध घुसपैठियों पर एक्शन

शाह ने देश से अवैध घुसपैठियों की पहचान करके उन्हें बाहर निकालने के सरकार के संकल्प को दोहराया। उन्होंने कहा, “मैं अपने संकल्प को दोहराता हूं कि हम इस देश के एक-एक अवैध घुसपैठिये की पहचान करेंगे और एक-एक करके उन्हें देश से बाहर भेजेंगे।”

इस दौरान सरकार के एंटी ड्रग्स अभियान पर शाह ने कहा कि उन्होंने हाल में ‘नशा मुक्त भारत अभियान’ शुरू किया है।इस अभियान के तहत हर राज्य का दौरा करेंगे। शाह ने कहा कि उन्होंने पिछले दिन एक मुख्यमंत्री से बात की थी। अभियान को जमीनी स्तर तक पहुंचाने के लिए पूरे दिन बैठक की जाएगी।

क्या है UCC?

समान नागरिक संहिता (UCC) का मतलब देश के सभी नागरिकों के लिए विवाह, तलाक, उत्तराधिकार और गोद लेने जैसे व्यक्तिगत मामलों से जुड़े समान नागरिक कानूनों की व्यवस्था से है। वर्तमान में इन विषयों पर अलग-अलग धार्मिक समुदायों के लिए अलग-अलग व्यक्तिगत कानून लागू होते हैं। UCC का उद्देश्य इन व्यक्तिगत मामलों में एक समान कानूनी ढांचा स्थापित करना है।

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Sharmila Tagore-Kangana Ranaut: ‘वंदे मातरम’ पर शर्मिला टैगोर की बात सुन भड़की कंगना रनौत, बोलीं- आपको एक बार पढ़ना चाहिए

Sharmila Tagore-Kangana Ranaut: अभी ‘वंदे मातरम’ के दो पद गाने के मौजूदा चलन के बजाय इसके छह पद गाने को लेकर राजनीतिक हंगामा चल रहा है। इसी मुद्दे पर दो अभिनेत्रियों के बीच बहस छिड़ गई है। अभिनेत्री शर्मिला टैगोर—जिनका रिश्ता राष्ट्रगान ‘जन गण मन’ लिखने वाले नोबेल पुरस्कार विजेता रवींद्रनाथ टैगोर से है—ने सुझाव दिया कि ‘वंदे मातरम’ के केवल शुरुआती दो पद ही गाए जाएं, क्योंकि बाद के पदों में दुर्गा और काली जैसे हिंदू देवी-देवताओं का ज़िक्र है, जिन्हें एक ईश्वर को मानने वाले लोग शायद स्वीकार न कर पाएं।

कंगना रनौत ने इस विचार को पूरी तरह खारिज कर दिया और उनसे “हिंदू-मुस्लिम सोच” से आगे बढ़ने को कहा। उन्होंने समझाया कि देवी-देवताओं का जिक्र रचनात्मक रूपक (metaphors) के तौर पर किया गया है, जिसका मकसद राष्ट्रीय शक्ति को जगाना है, न कि ये कोई धार्मिक आदेश हैं।

छह पदों में क्या कहा गया है? विवाद क्या था?

IANS के साथ एक इंटरव्यू में, अनुभवी एक्ट्रेस शर्मिला टैगोर ने बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय की लिखी कविता के सिर्फ दो छंदों (stanzas) को गाने का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि भारत में कई धार्मिक लोग एक ही ईश्वर में विश्वास करते हैं और उन्हें कई देवी-देवताओं का नाम लेने में असहजता महसूस हो सकती है। उन्होंने बताया कि जो लोग कड़ाई से एकेश्वरवाद (एक ही ईश्वर में विश्वास) को मानते हैं, उनके लिए “वंदे काली, वंदे दुर्गा” जैसे वाक्यांशों का उच्चारण करना मुश्किल हो सकता है।

उन्होंने कहा कि भारत के सभी धार्मिक समुदायों को एकजुट करने के लिए, कविता के शुरुआती दो छंदों तक ही सीमित रहना सबसे समावेशी तरीका है।

कंगना रनौत ने क्या कहा

एक्टर और BJP की लोकसभा सांसद कंगना रनौत ने अपनी इंस्टाग्राम स्टोरीज़ पर तीखी आलोचना की, साथ ही यह भी कहा कि वह अब भी उन दिग्गज स्टार को व्यक्तिगत रूप से पसंद करती हैं और उनका सम्मान करती हैं। उन्होंने हैरानी जताई कि कोई कलाकार कविता को इतने शाब्दिक अर्थ में कैसे ले सकता है।

उन्होंने कहा कि गानों में शब्दों, कल्पनाओं और उपमाओं का मकसद भावनात्मक असर पैदा करना होता है, न कि धार्मिक क्रियाओं को ठीक-ठीक परिभाषित करना। उन्होंने तर्क दिया कि आज़ादी की लड़ाई के दौरान बंकिम चंद्र का दुर्गा या शक्ति का ज़िक्र करना नागरिकों के भीतर आंतरिक उग्रता और शक्ति को जगाने के लिए एक काव्यात्मक आह्वान था। उन्होंने स्वामी विवेकानंद के उस कथन का उदाहरण दिय, जिसमें उन्होंने ऐसे युवाओं की ज़रूरत बताई थी जिनकी “नसों में बिजली दौड़ती हो”; उन्होंने कहा कि विवेकानंद मौसम का पूर्वानुमान नहीं दे रहे थे, बल्कि शक्ति की मांग कर रहे थे।

उन्होंने लिखा, “कृपया हिंदू-मुस्लिम वाली सोच से बाहर आएं। भले ही हम एक ईश्वर में विश्वास करते हों, डॉक्टर भी ऊर्जा को ‘शक्ति’ कहते हैं। आइए, एक-दूसरे को अपना समझकर अपनाएं।”

Vande Mataram: ‘सोनिया गांधी को जनता माफ नहीं करेगी’; अमित शाह ने कांग्रेस पर लगाया ‘वंदे मातरम’ का अपमान करने का आरोप, बंकिम चंद्र के वंशज भी नाराज

Vande Mataram Row: कांग्रेस पर राष्ट्र गीत ‘वंदे मातरम’ का अपमान करने का आरोप लगाते हुये केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मांग की है कि विपक्षी दल इसके लिए देश की जनता एवं गीत के रचयिता बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय की अमर आत्मा से माफी मांगे। शाह ने रविवार (16 अगस्त) को आरोप लगाया कि कांग्रेस पार्टी ने वोट बैंक की लालच में कांग्रेस ने ‘वंदे मातरम’ को भुला दिया। शाह चित्तौड़गढ़ में ‘अटल गौरव स्मृति समारोह’ में एक जनसभा को संबोधित कर रहे थे।

शनिवार को दिल्ली के लालकिले पर स्वतंत्रता दिवस समारोह का जिक्र करते हुए शाह ने कहा कि इस समारोह में इस साल एक बड़ा बदलाव यह था कि आजादी के 80 साल के बाद लाल किले की प्राचीर पर और देश भर में जहां ध्वज वंदन हुआ वहां पर वंदे मातरम का गायन 80 साल में पहली बार हुआ है।

‘कांग्रेस ने वंदे मातरम को भुला दिया’

अमित शाह ने आरोप लगाते हुए कहा, “कांग्रेस ने वंदे मातरम को भुला दिया है।” उन्होंने कहा, “बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय की वह अमर कृति, एक गान के दो शब्द वंदेमातरम… भारत माता की मैं वंदना करता हूं.. यह बोलते-बोलते हजारों लाखों लोग फांसी के फंदे पर चढ़ गए थे, गोलियां खाई थीं, लाठियां खाईं, कई साल जेल में रहे।”

शाह ने आगे कहा, “वोट बैंक की लालच में कांग्रेस ने वंदे मातरम को बुला दिया था।” उन्होंने कहा कि यह 150वां साल है वंदेमातरम के प्राकट्य का… लाल किले की प्राचीर से प्रधानमंत्री मोदी ने वंदेमातरम् को फिर से एक नया आयुष्य देने का काम किया है।

सोनिया गांधी ने कांग्रेस अध्यक्ष को वंदे मातरम रोकने की बात कही?

न्यूज एजेंसी ANI के मुताबिक केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा, “इनकी (कांग्रेस) निर्लज्जता देखिए। कांग्रेस पार्टी के मुख्यालय पर वंदे मातरम का गान हो रहा था। चालू गान में कांग्रेस की नेत्री, सोनिया गांधी ने कांग्रेस अध्यक्ष को गान रोकने की बात कही। हम सब टी.वी. पर देखते रह गए। 80 साल के बाद बंकिम चन्द्र चट्टोपाध्याय का ये अमर गान, जब फिर से सम्मान प्राप्त कर रहा है, वो भी सोनिया गांधी को रास नहीं आता है। सोनिया जी, 140 करोड़ जनता आपको देख रही है।”

शाह ने कहा, “आपके द्वारा किया गया ये पाप इस देश की जनता कभी माफ नहीं करेगी। कोई स्वप्न में भी कैसे सोच सकता है कि वंदे मातरम का गान अधूरा छोड़ दिया जाए? कांग्रेस के लोगों को शर्म आनी चाहिए और थोड़ी भी शर्म बची है तो दोनों हाथ जोड़कर बंकिम बाबू और देश की जनता से उन्हें माफी मांगनी चाहिए।”

बंकिम चंद्र के वंशज नाराज

भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेता और बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय के वंशज सुमित्रो चटर्जी ने सोनिया गांधी से मांग की है कि वह स्वतंत्रता दिवस पर कांग्रेस मुख्यालय में हुई ‘वंदे मातरम’ के गायन से जुड़ी कथित घटना को लेकर बिना शर्त माफी मांगें। चटर्जी ने दावा किया कि कांग्रेस मुख्यालय में वंदे मातरम’ का पूरा संस्करण गाए जाने को लेकर असहजता नजर आई।से रोकने के बार-बार प्रयास किए गए। चटर्जी ने गांधी को लिखे पत्र में कहा कि 15 अगस्त को जब देश अपना 80वां स्वतंत्रता दिवस मना रहा था, तब हुई कथित घटना न केवल दुर्भाग्यपूर्ण है, बल्कि एक ऐतिहासिक भूल का शर्मनाक दोहराव भी है।

नैहाटी से विधायक चटर्जी ने कहा कि वह एक सामान्य नागरिक, देशभक्त और बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय के वंशज के रूप में यह पत्र लिख रहे हैं। उन्होंने इस घटना को लेकर गहरा दुख, खालीपन और आक्रोश व्यक्त किया। चटर्जी ने श्री अरविंद के इस कथन का उल्लेख किया कि इस मंत्र ने राष्ट्र को देशभक्ति के धर्म की दीक्षा दी थी। उन्होंने कहा कि स्वतंत्र भारत की धरती पर ‘वंदे मातरम’ को पूरा गाने में कथित हिचक खुदीराम बोस जैसे शहीदों के बलिदान का अपमान है।

उन्होंने स्वतंत्रता आंदोलन में इस गीत की भूमिका का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि सरला देवी चौधरानी ने 1905 में कांग्रेस के बनारस अधिवेशन में इसे गाया था। बाल गंगाधर तिलक के समर्थकों ने 1909 में उन पर राजद्रोह के मुकदमे के दौरान इसका गायन किया था। हैदराबाद के उस्मानिया विश्वविद्यालय में राष्ट्रवादी छात्रों ने 1938 में निजाम की पाबंदियों के बावजूद इसे अपने आंदोलन का नारा बनाया था।

‘जिन्ना की आपत्तियों के आगे झुक गई थी कांग्रेस’

चटर्जी ने 1896 में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के कलकत्ता अधिवेशन में रवीन्द्रनाथ टैगोर द्वारा इस गीत की प्रस्तुति का भी उल्लेख किया। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस की कथित दोहरी नीति नई नहीं है। चटर्जी ने कहा कि 1937 में पार्टी मोहम्मद अली जिन्ना की आपत्तियों के आगे झुक गई थी और उसी वर्ष अक्टूबर में गीत को छोटा कर दिया गया था। उन्होंने कहा कि उस ‘‘समझौते’’ की छाया पार्टी के मौजूदा आचरण में फिर दिखाई दे रही है।

उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल में कांग्रेस की अपनी छात्र इकाई छात्र परिषद जब मंत्र मोदेर संजीवन-वंदे मातरम नारे का इस्तेमाल करती है तो फिर पार्टी का शीर्ष नेतृत्व इसी गीत को लेकर असहज क्यों है। उन्होंने कहा कि ‘वंदे मातरम’ किसी एक राजनीतिक दल की संपत्ति नहीं, बल्कि देश की सामूहिक स्मृति, बंकिम चंद्र की अमर विरासत और शहीदों के खून एवं बलिदान से प्राप्त पवित्र राष्ट्रीय प्रतीक है।

चटर्जी ने कहा कि इस गीत का सम्मान करना भारत के स्वतंत्रता संग्राम के इतिहास का सम्मान करने के समान है। उन्होंने चेतावनी दी है कि इतिहास किसी को माफ नहीं करता। जो नेतृत्व स्वतंत्रता के अपने ही मंत्र का सम्मान नहीं करता, उसे इतिहास गुमनामी के अंधकार में धकेल देगा। चटर्जी ने कहा कि इस घटना से पश्चिम बंगाल के लोगों की भावनाओं को गहरी ठेस पहुंची है। उन्होंने गांधी से पश्चिम बंगाल के लोगों से बिना किसी शर्त के माफी मांगने की अपील की है।

क्या है पूरा विवाद?

BJP ने दावा किया है कि कांग्रेस के स्वतंत्रता दिवस कार्यक्रम में ‘वंदे मातरम’ का पूरा संस्करण गाए जाने पर सोनिया गांधी समेत पार्टी के कुछ नेताओं ने आपत्ति जताई थी। 15 अगस्त को कांग्रेस के कार्यक्रम का एक वीडियो सामने आया है जिसमें जब ‘वंदे मातरम’ बजाया जा रहा था, तब सोनिया गांधी पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे से बात कर रही थीं। इसके बाद गांधी और खड़गे को कथित तौर पर गाना रोकने का इशारा करते हुए देखा जा सकता है।

हालांकि, कांग्रेस ने इस बात से इनकार किया कि ‘वंदे मातरम’ के पूरे संस्करण को गाने से रोकने की कोई कोशिश की गई थी। पार्टी ने कहा कि गांधी सिर्फ़ खड़गे के लिए कुर्सी मांग रही थीं। पिछले महीने संसद ने एक विधेयक पारित किया था जिसमें राष्ट्रगीत के अपमान को दंडनीय अपराध बनाने का प्रावधान किया गया है। कानून में ‘वंदे मातरम’ को राष्ट्रगान ‘जन गण मन’ के समान दर्जा दिया गया है।

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