Delhi Weather Today: दिल्ली में आज होगी हल्की बारिश! IMD ने जारी किया अगले कुछ दिनों का पूरा शेड्यूल

Delhi Weather Today: दिल्ली में सोमवार (17 अगस्त) को हल्की बारिश होने की संभावना है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के मुताबिक, दिनभर आसमान में बादल छाए रह सकते हैं और कुछ इलाकों में बारिश के दौर देखने को मिल सकते हैं। ऐसे में लोगों को मौसम को देखते हुए अपने दिन की योजना बनाने की सलाह दी गई है।

सोमवार के लिए जारी IMD के पूर्वानुमान के अनुसार, “आमतौर पर आसमान में बादल छाए रहेंगे। सुबह से दोपहर के बीच एक-दो बार बहुत हल्की बारिश हो सकती है। शाम से रात के समय भी बहुत हल्की से हल्की बारिश होने की संभावना है।” इस दौरान अधिकतम तापमान 33 डिग्री सेल्सियस से 35 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने की उम्मीद है, जबकि न्यूनतम तापमान 24 डिग्री सेल्सियस से 26 डिग्री सेल्सियस के बीच रह सकता है।

दिल्ली के मौसम का साप्ताहिक पूर्वानुमान

IMD ने अगले कुछ दिनों में हल्की से मध्यम बारिश का अनुमान लगाया है और उसी के अनुसार दिन-वार पूर्वानुमान जारी किया है।

18 अगस्त के लिए IMD के पूर्वानुमान में कहा गया है, “आसमान में आमतौर पर बादल छाए रहेंगे; सुबह से दोपहर के बीच बहुत हल्की से हल्की बारिश की एक या दो बार बौछारें पड़ सकती हैं। शाम से रात के बीच भी बहुत हल्की से हल्की बारिश हो सकती है।” इस दौरान अधिकतम तापमान 33 डिग्री सेल्सियस से 35 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने की उम्मीद है, जबकि न्यूनतम तापमान 23 डिग्री सेल्सियस से 25 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने की संभावना है।

19 अगस्त को IMD ने फिर से हल्की से मध्यम बारिश का अनुमान लगाया है। अनुमान के मुताबिक, “आसमान में आमतौर पर बादल छाए रहेंगे। सुबह से दोपहर के बीच कई जगहों पर हल्की बारिश और कुछ जगहों पर मध्यम बारिश हो सकती है। शाम से रात के समय बहुत हल्की से हल्की बारिश का एक और दौर हो सकता है।” इस समय अधिकतम तापमान 32 डिग्री सेल्सियस से 34 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने का अनुमान है, जबकि न्यूनतम तापमान 23 डिग्री सेल्सियस से 25 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने की उम्मीद है।

20 अगस्त के लिए भी IMD ने 19 अगस्त जैसा ही अनुमान जारी किया है, जिसमें अधिकतम और न्यूनतम तापमान के उसी रेंज में रहने की उम्मीद है।

IMD ने 21 और 22 अगस्त को बहुत हल्की से हल्की बारिश की संभावना जताई है। अनुमान के मुताबिक, “आसमान में आमतौर पर बादल छाए रहेंगे। सुबह से दोपहर के बीच बहुत हल्की से हल्की बारिश की एक या दो बार बौछारें पड़ सकती हैं। शाम से रात के बीच भी बहुत हल्की से हल्की बारिश हो सकती है।”

वहीं, दोनों ही दिनों में अधिकतम तापमान 32 डिग्री सेल्सियस से 35 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने का अनुमान है, जबकि न्यूनतम तापमान 22 डिग्री सेल्सियस से 24 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने की उम्मीद है।

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Iran-US War Update: ईरान ने अमेरिकी सैनिक को मारने या पकड़ने पर 25 लाख रुपये का इनाम घोषित किया, महिलाओं को देगा दोगुनी रकम

Iran-US War News Update: अमेरिका और ईरान के बीच जारी तनाव के बीच तेहरान ने एक बड़ा और बेहद चौंकाने वाला ऐलान किया है। ईरान ने अमेरिकी सैनिक को मारने या पकड़कर ईरानी सेना को सौंपने वाले व्यक्ति को 30 हजार अमेरिकी डॉलर (करीब 25 लाख रुपये) का इनाम देने की घोषणा की है। खास बात यह है कि अगर यह कार्रवाई किसी ईरानी महिला द्वारा की जाती है, तो उसे इनाम की रकम दोगुनी दी जाएगी।

ईरान की सरकारी न्यूज एजेंसी IRNA के मुताबिक, ईरानी सेना के प्रमुख अमीर हातमी ने इस इनाम की घोषणा की है। हातमी ने कहा कि बड़ी संख्या में लोगों ने इस तरह की कार्रवाई में शामिल होने की इच्छा जताई थी, जिसके बाद यह फैसला लिया गया। हालांकि, उन्होंने यह स्पष्ट नहीं किया कि अमेरिकी सैनिक को पकड़ने या मारने की कार्रवाई कहां और कब की जानी है।

अमेरिकी सैनिक को पकड़ने पर भी मिलेगा इनाम

हातमी ने कहा कि जो भी व्यक्ति किसी आक्रमणकारी अमेरिकी सैन्यकर्मी को मारता है या पकड़कर ईरानी सेना को सौंपता है, उसे 30 हजार डॉलर या 5 अरब तोमान का इनाम दिया जाएगा। ईरान में तोमान एक अनौपचारिक करेंसी है, जिसका इस्तेमाल आम तौर पर रियाल के साथ किया जाता है। ईरानी सेना प्रमुख ने इसके साथ ही महिलाओं के लिए अलग घोषणा करते हुए कहा कि यदि कोई बहादुर ईरानी महिला ऐसी कार्रवाई करती है, तो उसे दोगुना इनाम दिया जाएगा।

अमेरिका को क्षेत्र छोड़ने की चेतावनी

इनाम की घोषणा के साथ ही हातमी ने अमेरिका को क्षेत्र से अपनी सेना हटाने की मांग भी दोहराई। उन्होंने कहा कि अमेरिकी सेनाओं को अब फारस की खाड़ी, ओमान की खाड़ी या स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में एंट्री करने की अनुमति नहीं है। यह बयान ऐसे समय आया है जब अमेरिका और ईरान के बीच सैन्य एवं राजनीतिक तनाव लगातार बना हुआ है। हालांकि, संघर्ष के दौरान ईरान के भीतर अमेरिकी जमीनी सैनिकों की किसी बड़ी तैनाती की जानकारी सामने नहीं आई है।

ईरान में अमेरिकी जमीनी सैनिकों की तैनाती नहीं

रिपोर्ट के अनुसार, अप्रैल में एक बड़े बचाव अभियान के दौरान करीब 200 अमेरिकी सैन्यकर्मी और 170 से अधिक विमान शामिल हुए थे। इस अभियान का उद्देश्य हादसे का शिकार हुए F-15 के वेपन सिस्टम ऑफिसर को सुरक्षित निकालना था। इसके अलावा ईरान के अंदर अमेरिकी जमीनी सैनिकों की किसी बड़ी तैनाती की जानकारी नहीं है। ऐसे में अमेरिकी सैनिकों को निशाना बनाने के लिए इनाम की घोषणा का ऐलान खास तौर पर तनाव बढ़ाने वाला माना जा रहा है।

कैसे शुरू हुआ अमेरिका-ईरान संघर्ष?

अमेरिका और ईरान के बीच मौजूदा संघर्ष 28 फरवरी को शुरू हुआ, जब अमेरिकी और इजरायली सेना ने ईरान के खिलाफ हमले किए। इसके बाद दोनों पक्षों के बीच लड़ाई जारी रही। बाद में अप्रैल में संघर्ष विराम हुआ। इसके बाद जून में शांति वार्ता के लिए एक संभावित ढांचा तैयार करने की कोशिश की गई। लेकिन बातचीत आगे नहीं बढ़ सकी और प्रयास विफल हो गया।

इसके बाद भी अमेरिका और ईरान के बीच छिटपुट सैन्य हमले जारी रहे हैं। खासकर दक्षिणी ईरान और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के आसपास तनाव देखने को मिला है। हालांकि मध्यस्थों के जरिए दोनों पक्षों के बीच अप्रत्यक्ष संपर्क जारी रहने की बात कही गई है, लेकिन अब तक कोई बड़ा कूटनीतिक समाधान सामने नहीं आया है।

संघर्ष में 17 अमेरिकी जवानों की मौत

US मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, संघर्ष शुरू होने के बाद से अब तक 17 अमेरिकी सैन्यकर्मी मारे जा चुके हैं। इनमें सबसे हालिया मौतों की जानकारी जुलाई में सामने आई थी। बड़ी बात यह है कि इन सभी अमेरिकी सैन्यकर्मियों की मौत ईरान के बाहर हुई। इनमें जॉर्डन और इराक में मारे गए अमेरिकी सैनिक भी शामिल हैं।

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ईरान की ओर से अमेरिकी सैनिकों को मारने या पकड़ने पर इनाम की घोषणा ऐसे समय हुई है जब दोनों देशों के बीच सैन्य तनाव के साथ-साथ राजनयिक स्तर पर भी गतिरोध बना हुआ है। ऐसे में इस ऐलान से क्षेत्रीय तनाव और बढ़ने की आशंका जताई जा रही है। फिलहाल, ईरान के इस घोषणा पर अब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के पलटवार का इंतजार है।

Kanpur Video: आधी रात में ₹16 में कपड़े खरीदने उमड़ी हजारों की भीड़! धक्का-मुक्की और भगदड़ जैसी स्थिति, पुलिस ने लाठियां भांजकर संभाला मोर्चा

Kanpur ₹16 Shopping Offer: उत्तर प्रदेश के कानपुर में महज 16 रुपये में कपड़े खरीदने का ऑफर एक दुकान मालिक को भारी पड़ गया। सोशल मीडिया पर वायरल हुए ऑफर के बाद इतनी बड़ी संख्या में लोग दुकान के बाहर पहुंच गए कि सड़क पर भीड़ बेकाबू हो गई। धक्का-मुक्की और भगदड़ जैसे हालात हो गए। इस दौरान भारी भीड़ के कारण कई लोग गिर पड़े। करीब एक दर्जन लोगों को मामूली चोटें आईं। स्थिति संभालने के लिए पुलिस को मौके पर पहुंचकर भीड़ को खदेड़ना पड़ा। यह घटना 15 अगस्त की रात कानपुर के व्यस्त आलम मार्केट इलाके में हुई। यह दुकान रईस आलम की है, जिनके बेटे का जन्मदिन था। इसी अवसर पर उन्होंने यह ऑफर दिया था।

16 मिनट में ₹16 में कोई भी कपड़ा!

‘इंडिया टुडे’ की रिपोर्ट के मुताबिक, आलम मार्केट में ‘रायस आलम’ नाम की एक होजरी की दुकान है। उनके बेटे का जन्मदिन था। इसी मौके पर ग्राहकों के लिए सोशल मीडिया पर एक बेहद खास ऑफर का ऐलान किया गया। ऑफर के मुताबिक, रात 11:59 बजे से सिर्फ 16 मिनट तक ग्राहक कोई भी रेडीमेड कपड़ा महज ₹16 में खरीद सकते थे। इस ऑफर में सूट, जींस, शर्ट समेत कई तरह के कपड़े शामिल बताए गए थे।

11:30 बजे दुकान पर पहुंचे हजारों लोग

यह ऑफर तेज़ी से ऑनलाइन फैल गया। इससे आस-पास के इलाकों और कई किलोमीटर दूर से भी लोग दुकान पर आने लगे। रात करीब 11:30 बजे तक दुकान के बाहर हजारों लोग जमा हो गए। भीड़ सड़क तक फैल गई और लोग दुकान के करीब पहुंचने के लिए धक्का-मुक्की करने लगे। जैसे-जैसे भीड़ बढ़ी, दुकान के बाहर अफरातफरी मच गई। भीड़ में आगे बढ़ने की कोशिश में कई लोग गिर पड़े। कुछ लोग भागने लगे। इससे उनके जूते-चप्पल सड़क पर बिखर गए। इस आपाधापी में करीब एक दर्जन लोगों को मामूली चोटें आईं।

हंगामे की खबर मिलते ही अलग-अलग थानों की पुलिस को मौके पर भेजा गया। भीड़ के लगातार बढ़ने पर ACP मंजे सिंह भी अतिरिक्त पुलिस बल के साथ दुकान पर पहुंचे। हालात काबू से बाहर होते देख पुलिस ने लोगों से हटने के लिए अनाउंसमेंट किया। साथ ही भीड़ को पीछे धकेलने के लिए लाठियों का इस्तेमाल किया। आखिरकार अधिकारियों ने इलाके को खाली कराया। पुलिस ने इलाके में मार्च करते हुए लोगों से घर लौटने की अपील की।

सड़क पर बिखरी चप्पलें

अधिकारियों ने बताया कि भीड़ के दबाव के बीच कई लोग आगे बढ़ने की कोशिश में गिर गए। कुछ लोग अपनी जान बचाने के लिए भीड़ से बाहर भागने लगे। इस दौरान सड़क पर बड़ी संख्या में जूते-चप्पल बिखरे नजर आए। हंगामे में करीब एक दर्जन लोगों को मामूली चोटें आने की जानकारी सामने आई है। हालात बिगड़ते देख पुलिस को तुरंत सूचना दी गई।

कई थानों की पुलिस मौके पर पहुंची

भीड़ को नियंत्रित करने के लिए अलग-अलग थानों से पुलिस बल मौके पर बुलाया गया। पुलिस ने लाउडस्पीकर और अन्य माध्यमों से लोगों से मौके से हटने और अपने घर लौटने की अपील की। लेकिन भीड़ लगातार बढ़ती रही। फिर स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को लाठियां चलाकर लोगों को पीछे हटाना पड़ा। काफी मशक्कत के बाद पुलिस ने सड़क और दुकान के आसपास का इलाका खाली कराया। इसके बाद पुलिस ने इलाके में पैदल मार्च भी किया और लोगों से घर लौटने की अपील की।

दुकान बंद कर भाग गया मालिक

हंगामा बढ़ने के बाद दुकान मालिक रायस आलम ने दुकान पर ताला लगा दिया और मौके से चला गया। पुलिस को दुकान के बाहर उसका भाई मिला, जिसे पूछताछ के लिए थाने ले जाया गया। पुलिस अब पूरे मामले की जांच कर रही है और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि ऑफर का प्रचार किस तरह किया गया। साथ ही इतनी बड़ी संख्या में लोगों के जुटने के बावजूद सुरक्षा के लिए कोई व्यवस्था क्यों नहीं की गई।

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एक छोटे से जन्मदिन के ऑफर से शुरू हुई यह कहानी देखते ही देखते ऐसी भीड़ में बदल गई कि ₹16 की खरीदारी के लिए पहुंची भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को सड़क पर उतरना पड़ा। अधिकारी अब भगदड़ जैसे हालात पैदा करने के लिए आलम के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की तैयारी कर रहे हैं।

Vande Mataram: ‘सोनिया गांधी को जनता माफ नहीं करेगी’; अमित शाह ने कांग्रेस पर लगाया ‘वंदे मातरम’ का अपमान करने का आरोप, बंकिम चंद्र के वंशज भी नाराज

Vande Mataram Row: कांग्रेस पर राष्ट्र गीत ‘वंदे मातरम’ का अपमान करने का आरोप लगाते हुये केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मांग की है कि विपक्षी दल इसके लिए देश की जनता एवं गीत के रचयिता बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय की अमर आत्मा से माफी मांगे। शाह ने रविवार (16 अगस्त) को आरोप लगाया कि कांग्रेस पार्टी ने वोट बैंक की लालच में कांग्रेस ने ‘वंदे मातरम’ को भुला दिया। शाह चित्तौड़गढ़ में ‘अटल गौरव स्मृति समारोह’ में एक जनसभा को संबोधित कर रहे थे।

शनिवार को दिल्ली के लालकिले पर स्वतंत्रता दिवस समारोह का जिक्र करते हुए शाह ने कहा कि इस समारोह में इस साल एक बड़ा बदलाव यह था कि आजादी के 80 साल के बाद लाल किले की प्राचीर पर और देश भर में जहां ध्वज वंदन हुआ वहां पर वंदे मातरम का गायन 80 साल में पहली बार हुआ है।

‘कांग्रेस ने वंदे मातरम को भुला दिया’

अमित शाह ने आरोप लगाते हुए कहा, “कांग्रेस ने वंदे मातरम को भुला दिया है।” उन्होंने कहा, “बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय की वह अमर कृति, एक गान के दो शब्द वंदेमातरम… भारत माता की मैं वंदना करता हूं.. यह बोलते-बोलते हजारों लाखों लोग फांसी के फंदे पर चढ़ गए थे, गोलियां खाई थीं, लाठियां खाईं, कई साल जेल में रहे।”

शाह ने आगे कहा, “वोट बैंक की लालच में कांग्रेस ने वंदे मातरम को बुला दिया था।” उन्होंने कहा कि यह 150वां साल है वंदेमातरम के प्राकट्य का… लाल किले की प्राचीर से प्रधानमंत्री मोदी ने वंदेमातरम् को फिर से एक नया आयुष्य देने का काम किया है।

सोनिया गांधी ने कांग्रेस अध्यक्ष को वंदे मातरम रोकने की बात कही?

न्यूज एजेंसी ANI के मुताबिक केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा, “इनकी (कांग्रेस) निर्लज्जता देखिए। कांग्रेस पार्टी के मुख्यालय पर वंदे मातरम का गान हो रहा था। चालू गान में कांग्रेस की नेत्री, सोनिया गांधी ने कांग्रेस अध्यक्ष को गान रोकने की बात कही। हम सब टी.वी. पर देखते रह गए। 80 साल के बाद बंकिम चन्द्र चट्टोपाध्याय का ये अमर गान, जब फिर से सम्मान प्राप्त कर रहा है, वो भी सोनिया गांधी को रास नहीं आता है। सोनिया जी, 140 करोड़ जनता आपको देख रही है।”

शाह ने कहा, “आपके द्वारा किया गया ये पाप इस देश की जनता कभी माफ नहीं करेगी। कोई स्वप्न में भी कैसे सोच सकता है कि वंदे मातरम का गान अधूरा छोड़ दिया जाए? कांग्रेस के लोगों को शर्म आनी चाहिए और थोड़ी भी शर्म बची है तो दोनों हाथ जोड़कर बंकिम बाबू और देश की जनता से उन्हें माफी मांगनी चाहिए।”

बंकिम चंद्र के वंशज नाराज

भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेता और बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय के वंशज सुमित्रो चटर्जी ने सोनिया गांधी से मांग की है कि वह स्वतंत्रता दिवस पर कांग्रेस मुख्यालय में हुई ‘वंदे मातरम’ के गायन से जुड़ी कथित घटना को लेकर बिना शर्त माफी मांगें। चटर्जी ने दावा किया कि कांग्रेस मुख्यालय में वंदे मातरम’ का पूरा संस्करण गाए जाने को लेकर असहजता नजर आई।से रोकने के बार-बार प्रयास किए गए। चटर्जी ने गांधी को लिखे पत्र में कहा कि 15 अगस्त को जब देश अपना 80वां स्वतंत्रता दिवस मना रहा था, तब हुई कथित घटना न केवल दुर्भाग्यपूर्ण है, बल्कि एक ऐतिहासिक भूल का शर्मनाक दोहराव भी है।

नैहाटी से विधायक चटर्जी ने कहा कि वह एक सामान्य नागरिक, देशभक्त और बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय के वंशज के रूप में यह पत्र लिख रहे हैं। उन्होंने इस घटना को लेकर गहरा दुख, खालीपन और आक्रोश व्यक्त किया। चटर्जी ने श्री अरविंद के इस कथन का उल्लेख किया कि इस मंत्र ने राष्ट्र को देशभक्ति के धर्म की दीक्षा दी थी। उन्होंने कहा कि स्वतंत्र भारत की धरती पर ‘वंदे मातरम’ को पूरा गाने में कथित हिचक खुदीराम बोस जैसे शहीदों के बलिदान का अपमान है।

उन्होंने स्वतंत्रता आंदोलन में इस गीत की भूमिका का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि सरला देवी चौधरानी ने 1905 में कांग्रेस के बनारस अधिवेशन में इसे गाया था। बाल गंगाधर तिलक के समर्थकों ने 1909 में उन पर राजद्रोह के मुकदमे के दौरान इसका गायन किया था। हैदराबाद के उस्मानिया विश्वविद्यालय में राष्ट्रवादी छात्रों ने 1938 में निजाम की पाबंदियों के बावजूद इसे अपने आंदोलन का नारा बनाया था।

‘जिन्ना की आपत्तियों के आगे झुक गई थी कांग्रेस’

चटर्जी ने 1896 में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के कलकत्ता अधिवेशन में रवीन्द्रनाथ टैगोर द्वारा इस गीत की प्रस्तुति का भी उल्लेख किया। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस की कथित दोहरी नीति नई नहीं है। चटर्जी ने कहा कि 1937 में पार्टी मोहम्मद अली जिन्ना की आपत्तियों के आगे झुक गई थी और उसी वर्ष अक्टूबर में गीत को छोटा कर दिया गया था। उन्होंने कहा कि उस ‘‘समझौते’’ की छाया पार्टी के मौजूदा आचरण में फिर दिखाई दे रही है।

उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल में कांग्रेस की अपनी छात्र इकाई छात्र परिषद जब मंत्र मोदेर संजीवन-वंदे मातरम नारे का इस्तेमाल करती है तो फिर पार्टी का शीर्ष नेतृत्व इसी गीत को लेकर असहज क्यों है। उन्होंने कहा कि ‘वंदे मातरम’ किसी एक राजनीतिक दल की संपत्ति नहीं, बल्कि देश की सामूहिक स्मृति, बंकिम चंद्र की अमर विरासत और शहीदों के खून एवं बलिदान से प्राप्त पवित्र राष्ट्रीय प्रतीक है।

चटर्जी ने कहा कि इस गीत का सम्मान करना भारत के स्वतंत्रता संग्राम के इतिहास का सम्मान करने के समान है। उन्होंने चेतावनी दी है कि इतिहास किसी को माफ नहीं करता। जो नेतृत्व स्वतंत्रता के अपने ही मंत्र का सम्मान नहीं करता, उसे इतिहास गुमनामी के अंधकार में धकेल देगा। चटर्जी ने कहा कि इस घटना से पश्चिम बंगाल के लोगों की भावनाओं को गहरी ठेस पहुंची है। उन्होंने गांधी से पश्चिम बंगाल के लोगों से बिना किसी शर्त के माफी मांगने की अपील की है।

क्या है पूरा विवाद?

BJP ने दावा किया है कि कांग्रेस के स्वतंत्रता दिवस कार्यक्रम में ‘वंदे मातरम’ का पूरा संस्करण गाए जाने पर सोनिया गांधी समेत पार्टी के कुछ नेताओं ने आपत्ति जताई थी। 15 अगस्त को कांग्रेस के कार्यक्रम का एक वीडियो सामने आया है जिसमें जब ‘वंदे मातरम’ बजाया जा रहा था, तब सोनिया गांधी पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे से बात कर रही थीं। इसके बाद गांधी और खड़गे को कथित तौर पर गाना रोकने का इशारा करते हुए देखा जा सकता है।

हालांकि, कांग्रेस ने इस बात से इनकार किया कि ‘वंदे मातरम’ के पूरे संस्करण को गाने से रोकने की कोई कोशिश की गई थी। पार्टी ने कहा कि गांधी सिर्फ़ खड़गे के लिए कुर्सी मांग रही थीं। पिछले महीने संसद ने एक विधेयक पारित किया था जिसमें राष्ट्रगीत के अपमान को दंडनीय अपराध बनाने का प्रावधान किया गया है। कानून में ‘वंदे मातरम’ को राष्ट्रगान ‘जन गण मन’ के समान दर्जा दिया गया है।

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पर्यावरण संरक्षण के साथ ही राष्ट्रभक्ति का भी संदेश देगी ‘वंदे मातरम वाटिका’

पर्यावरण संरक्षण के साथ ही राष्ट्रभक्ति का भी संदेश देगी ‘वंदे मातरम वाटिका’

Vande Mataram Vatika in UP

Vande Mataram Vatika: योगी सरकार के मार्गदर्शन में वन विभाग विशिष्ट वनों की स्थापना कर रहा है। प्रदेश में बीते दिनों कई विशिष्ट वन स्थापित किए जा चुके हैं। अब 15 अगस्त (स्वतंत्रता दिवस) पर सभी 75 जनपदों में वंदे मातरम् वाटिका स्थापित की जाएगी। यह वाटिका पर्यावरण संरक्षण के साथ ही राष्ट्रभक्ति का भी संदेश देगी। राष्ट्रगीत के 150 वर्ष पूर्ण होने पर ‘एक पेड़ मां के नाम’ के तहत हर जनपद में 150 पौधों का रोपण किया जाएगा। जनसहभागिता से इस वाटिका को बसाया जाएगा। 

हर जनपद में एक चयनित स्थल पर किया जाएगा 150 पौधों का रोपण

'एक पेड़ मां के नाम' अभियान के तहत 15 अगस्त को सभी जिलों में 'वंदे मातरम् वाटिका' स्थापित की जाएंगी। इसके लिए वन विभाग ने तैयारियां शुरू कर दी हैं। प्रत्येक जनपद में एक चयनित स्थान पर 150 पौधों का रोपण किया जाएगा, जो राष्ट्रगीत वंदे मातरम् के 150 वर्ष पूरे होने के अवसर पर प्रकृति को समर्पित श्रद्धांजलि होगी। वन विभाग प्रत्येक जनपद में 'वंदे मातरम् वाटिका' विकसित करेगा। इसमें स्थानीय परिस्थितियों के अनुरूप छायादार, फलदार और पर्यावरण संरक्षण में उपयोगी प्रजातियों के पौधे लगाए जाएंगे। इन पौधों के देखभाल की जिम्मेदारी स्थानीय स्तर पर तय की जाएगी, जिससे अभियान स्थायी हरित धरोहर का रूप ले सके। 

Vande Mataram Vatika in UP

लखनऊ के कुकरैल में अशोक चक्र की तीलियों के बाहर के क्षेत्र में लगाए जाएंगे पौधे

अवध वन प्रभाग के प्रभागीय वनाधिकारी सितांशु पांडेय ने बताया कि स्वतंत्रता दिवस पर कुकरैल पिकनिक स्पॉट में वंदे मातरम् वाटिका को विस्तार दिया जाएगा। यहां अशोक चक्र बनवाया गया है, इसकी 24 तीलियों के बाहर के क्षेत्र में अशोक के पौधे लगाए जाएंगे। पौधों की सुरक्षा के लिए इसके चारों तरफ फेंसिंग भी होगी। इसमें भारतीय वन सेवा के सेवानिवृत्त/वर्तमान के अधिकारियों समेत समाज के विभिन्न वर्गों के प्रतिनिधियों से पौधरोपण कराया जाएगा।

भावी पीढ़ी को राष्ट्रप्रेम, प्रकृति संरक्षण और सामुदायिक सहभागिता का संदेश देंगे पौधे

अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक (सामाजिक वानिकी) दीपक कुमार ने बताया कि वंदे मातरम् वाटिका ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान की महत्वपूर्ण कड़ी है। इस विशेष अभियान में आम नागरिकों की व्यापक भागीदारी सुनिश्चित होगी। पौधरोपण कार्यक्रम में जनप्रतिनिधि, विद्यालयों/महाविद्यालयों/विश्वविद्यालयों के विद्यार्थी, स्वयंसेवी संस्थाएं, सामाजिक संगठन, वंदे मातरम् फाउंडेशन/ट्रस्ट, स्वतंत्रता सेनानियों के परिवार, एनसीसी/एनएसएस, युवक/महिला मंगल दल, भारतीय वन सेवा के वर्तमान/पूर्व अधिकारी और विभिन्न सरकारी विभाग सहभागी बनेंगे। स्वतंत्रता दिवस पर लगाए जाने वाले पौधे भावी पीढ़ी को राष्ट्रप्रेम, प्रकृति संरक्षण और सामुदायिक सहभागिता का संदेश देंगे।

 

15 अगस्त पर लाल किले में दिखेगा नया इतिहास! जश्न में पहली बार दो ऐतिहासिक पल

15 अगस्त से पहले दिल्ली में स्वतंत्रता दिवस समारोह की तैयारियां तेज हो गई हैं। लाल किले के पास दंगल पार्क में भारतीय सेना के जवानों ने पारंपरिक 21 तोपों की सलामी रिहर्सल की जा रही है। इस बार समारोह में ‘युवा शक्ति’, ‘विकसित भारत 2047’ और ‘वंदे मातरम’ के 150 साल पूरे होने को खास जगह दी जाएगी।

युवा शक्ति और Gen-Z

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इस बार लाल किले पर होने वाला स्वतंत्रता दिवस समारोह देश की युवा शक्ति और Gen-Z पर फोकस रहेगा। इसमें युवाओं की अचीवमेंट, उनकी नई सोच और देश के डेवलपमेंट में उनके योगदान को सामने रखा जाएगा। साथ ही 2047 तक भारत को विकसित देश बनाने के लक्ष्य में युवाओं की भूमिका को भी खास तरीके से दिखाया जाएगा। सेरेमनी में युवा अचीवर्स को स्पेशल गेस्ट के तौर पर बुलाया गया है।

स्वतंत्रता दिवस समारोह

इस साल ‘वंदे मातरम’ के 150 साल पूरे हो रहे हैं, इसलिए स्वतंत्रता दिवस समारोह में इसे खास जगह दी जाएगी। पहली बार लाल किले की प्राचीर से ‘वंदे मातरम’ गाया जाएगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लाल किले से तिरंगा फहराएंगे और देश को संबोधित करेंगे।

टेक्नोलॉजी और साइंस

स्वतंत्रता दिवस समारोह में भारत की तकनीकी और वैज्ञानिक अचीवमेंट को भी दिखाया जाएगा। न्यूक्लियर टेक्नोलॉजी, स्पेस और मॉडर्न टेक्निक सेक्टर में देश ने जो प्रगति की है, उसकी झलक विजुअल्स के जरिए दिखाई जाएगी। इन्विटेशन कार्ड में ‘सेवा तीर्थ’ को प्रायोरिटी दी गई है, जो पब्लिक सर्विस और विकसित भारत 2047 के लक्ष्य को दिखाती है।

इंटर्नशिप और डेवलपमेंट स्कीम

इस बार समारोह में देश के युवा प्रतिभाओं को खास सम्मान दिया जाएगा। इंटरनेशनल फिजिक्स, केमिस्ट्री, बायोलॉजी और मैथमैटिक्स ओलंपियाड 2026 में मेडल जीतने वाले 19 स्टूडेंट्स को सम्मानित किया जाएगा। इसके अलावा युवा इनोवेटर्स, स्टार्टअप फाउंडर्स, प्रधानमंत्री इंटर्नशिप स्कीम के इंटर्न, स्किल डेवलपमेंट स्कीम का लाभ लेने वाले और MY भारत के वॉलंटियर्स जैसे युवा अचीवर्स भी समारोह में शामिल होंगे।

जल संरक्षण

इस साल स्वतंत्रता दिवस समारोह में बैठने की जगहों के नाम भारत की प्रमुख झीलों के नाम पर रखे जाएंगे। इसका मकसद लोगों का ध्यान जल संरक्षण और पानी बचाने की जरूरत की ओर अट्रैक्ट करना है।

इस बार का स्वतंत्रता दिवस समारोह देश की परंपरा, युवाओं की ताकत और भारत की तरक्की की झलक एक साथ दिखाएगा। ‘वंदे मातरम’ के 150 साल पूरे होने से यह मौका और खास बन गया है। युवा प्रतिभाओं के सम्मान और देश की वैज्ञानिक उपलब्धियों के साथ समारोह में विकसित भारत 2047 का संदेश भी मिलेगा।