Independence Day 2026 Wishes: 15 अगस्त पर अपनों को भेजें देशभक्ति से भरे 50+ शानदार शुभकामना संदेश और शायरी

अगस्त का महीना भारत के इतिहास में बेहद महत्वपूर्ण स्थान रखता है। हर साल 15 अगस्त को देशभर में स्वतंत्रता दिवस मनाया जाता है, क्योंकि इसी दिन 1947 में भारत को ब्रिटिश शासन से आजादी मिली थी। यह दिन देश के लिए गर्व, सम्मान और देशभक्ति का प्रतीक है। स्वतंत्रता संग्राम में अपना योगदान देने वाले सभी वीरों और स्वतंत्रता सेनानियों को इस दिन याद किया जाता है। स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर पूरे देश में अलग-अलग कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता है। स्कूलों, कॉलेजों, सरकारी संस्थानों और दफ्तरों में तिरंगा फहराया जाता है। देशभक्ति से जुड़े गीत, भाषण, सांस्कृतिक कार्यक्रम और प्रतियोगिताएं भी आयोजित की जाती हैं। दिल्ली के लाल किले से प्रधानमंत्री द्वारा ध्वजारोहण और राष्ट्र को संबोधन इस दिन का प्रमुख आकर्षण होता है।

इस खास मौके पर लोग अपने दोस्तों, परिवार के सदस्यों, रिश्तेदारों और करीबियों को स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं भेजते हैं। अगर आप भी इस 15 अगस्त पर अपनों को देशभक्ति और आजादी के जज्बे से भरे संदेश भेजकर शुभकामनाएं देना चाहते हैं, तो यहां दिए गए खास मैसेज आपके लिए उपयोगी हो सकते हैं।

यहां देखें 15 अगस्त पर मैसेज: 

1.स्वतंत्रता दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं। हमारा तिरंगा हमेशा शान से लहराता रहे और देश यूं ही तरक्की करता रहे।

2. आजादी के इस पावन पर्व पर उन सभी वीरों को नमन, जिन्होंने देश के लिए अपना जीवन समर्पित कर दिया। जय हिंद!

3. तिरंगा हमारी पहचान है, देश हमारा अभिमान है। सभी देशवासियों को स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं।

4. आजादी सिर्फ एक अधिकार नहीं, बल्कि इसे पाने वाले वीरों के बलिदान की निशानी है। स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं।

5. देश के वीर जवानों और स्वतंत्रता सेनानियों को सलाम। आप सभी को 15 अगस्त की ढेरों शुभकामनाएं।

6. जहां देशभक्ति दिल में हो, वहां हर दिन स्वतंत्रता दिवस जैसा होता है। जय हिंद, जय भारत!

7.  हमारा भारत शांति, एकता और भाईचारे के साथ हमेशा आगे बढ़ता रहे। स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं।

8. तिरंगे की आन, देश की शान और भारत माता का सम्मान हमेशा कायम रहे। जय हिंद!

9. आज का दिन हमें याद दिलाता है कि आजादी अनेक वीरों के त्याग से मिली है। उन सभी को शत-शत नमन।

10. स्वतंत्र भारत के हर नागरिक को स्वतंत्रता दिवस की हार्दिक बधाई। देश का भविष्य और भी उज्ज्वल हो।

11. दिल में देशप्रेम, हाथों में तिरंगा और जुबां पर भारत माता का नाम हो। जय हिंद!

12. आजादी के रंग में रंग जाएं और देश की एकता को मजबूत बनाने का संकल्प लें। Happy Independence Day!

13. भारत की मिट्टी से प्यार और तिरंगे पर गर्व ही सच्ची देशभक्ति की पहचान है।

14. हमारे वीरों की कुर्बानी हमेशा याद रहे और भारत का तिरंगा आसमान में ऊंचा लहराता रहे।

15. देश की एकता ही भारत की सबसे बड़ी ताकत है। आइए, मिलकर इसे और मजबूत बनाएं।

16. स्वतंत्रता दिवस हमें अपने देश के प्रति जिम्मेदारियों को निभाने की प्रेरणा देता है। जय हिंद!

17. भारत की संस्कृति, एकता और अखंडता हमेशा बनी रहे। सभी देशवासियों को स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं।

18. आजादी का जश्न मनाएं, वीरों को याद करें और देश को बेहतर बनाने का संकल्प लें।

19. तिरंगे की छांव में हमारा हर सपना पूरा हो। स्वतंत्रता दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं।

20. भारत माता के वीर सपूतों को नमन, जिनके बलिदान से हमारा देश आजाद हुआ।

21. देश के लिए सम्मान और तिरंगे के लिए प्यार कभी कम न हो। जय हिंद, जय भारत!

22. स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर हर भारतीय के जीवन में खुशहाली और सफलता आए।

23. हमारा देश नई ऊंचाइयों को छुए और दुनिया में भारत का नाम हमेशा रोशन हो।

24. आजादी की खुशी हर दिल में रहे और देशभक्ति की भावना हर भारतीय के मन में जीवित रहे।

25. गर्व से कहो हम भारतीय हैं। सभी देशवासियों को स्वतंत्रता दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं।

यहां देखें 15 अगस्त पर शायरी:

independence day

  1. तिरंगा हमारी शान है, भारत हमारी जान है,

इसके लिए कुर्बान होना भी हमें मंजूर है।

  1. मिट्टी की खुशबू और तिरंगे का मान रहे,

मेरे भारत का हमेशा ऊंचा सम्मान रहे।

  1. देश के लिए जिसने अपना जीवन वार दिया,

ऐसे वीरों ने हमें आजादी का उपहार दिया।

  1. दिल में हिंदुस्तान और हाथ में तिरंगा रहे,

हर भारतीय के दिल में देशप्रेम जिंदा रहे।

independence day

  1. ना जाति का भेद हो, ना धर्म की दीवार हो,

मेरा भारत हमेशा एकता का मिसाल हो।

  1. शहीदों के बलिदान को कभी भुलाया नहीं जाएगा,

भारत का तिरंगा हमेशा ऊंचा लहराया जाएगा।

  1. आजादी का जश्न दिल से मनाएंगे,

वीर शहीदों को हमेशा याद रखेंगे।

  1. भारत की धरती पर जन्म लेना हमारा सौभाग्य है,

तिरंगे का सम्मान करना हमारा कर्तव्य है।

  1. वतन की मिट्टी से हमें प्यार है,

भारत पर दिल से हमें ऐतबार है।

independence day (2)

  1. तिरंगे की आन कभी कम न होने देंगे,

भारत का सम्मान कभी कम न होने देंगे।

  1. देशभक्ति का रंग दिलों पर चढ़ता रहे,

भारत का तिरंगा आसमान में बढ़ता रहे।

  1. हजारों वीरों ने आजादी के लिए जान गंवाई,

तब जाकर हमने स्वतंत्र हवा में सांस पाई।

  1. भारत मां की जय हर जुबान पर रहे,

देशप्रेम हमेशा हर इंसान के दिल में रहे।

  1. मेरा देश मेरी पहचान है,

तिरंगा मेरी सबसे बड़ी शान है।

independence day (1)

  1. आजादी की कीमत वही समझ सकता है,

जिसने देश के लिए अपना सब कुछ खोया है।

  1. वतन से बढ़कर कोई नाम नहीं,

भारत से बढ़कर कोई धाम नहीं।

  1. शहीदों के सपनों का भारत बनाना है,

देश को हर ऊंचाई तक पहुंचाना है।

  1. तिरंगा लहराए तो दिल में जोश आता है,

हर भारतीय को अपने देश पर नाज आता है।

  1. देश की खातिर जो मुस्कुराकर मर गए,

वो भारत के इतिहास में अमर हो गए।

independence day (2)

  1. भारत की धरती हमें प्यारी है,

तिरंगे पर जान भी हमारी है।

  1. आजादी का पर्व खुशियों से मनाएं,

वीर शहीदों को दिल से शीश झुकाएं।

  1. वतन की मोहब्बत में खुद को मिटा देंगे,

जरूरत पड़ी तो देश के लिए जान लुटा देंगे।

  1. एकता की ताकत से भारत महान है,

तिरंगे की वजह से हमारी अलग पहचान है।

  1. देश के वीरों का हमेशा सम्मान करेंगे,

भारत की शान को और महान करेंगे।

independence day (3)

  1. नफरत को छोड़कर प्यार फैलाएंगे,

मिलकर भारत को और मजबूत बनाएंगे।

  1. हर दिल में भारत का अरमान रहे,

तिरंगा हमेशा आसमान की शान रहे।

  1. देश की मिट्टी से रिश्ता हमारा खास है,

हिंदुस्तान पर हर भारतीय को विश्वास है।

  1. आजादी की हवा में एक अलग ही बात है,

भारत की मिट्टी से जुड़ी हमारी हर सांस है।

  1. वीरों की कुर्बानी से मिली आजादी को सलाम,

हिंदुस्तान के नाम मेरा दिल और मेरी जान।

  1. जब तक सूरज-चांद रहेगा, भारत का नाम रहेगा,

तिरंगा यूं ही आसमान में हमेशा शान से लहराता रहेगा।

बलूचिस्तान में आजादी के जश्न से नाराज पाकिस्तान ने आधी रात को कर दी एयरस्ट्राइक, 9 बच्चों और 7 महिलाओं समेत 28 लोगों की मौत: Balochistan Independence Day

बलूचिस्तान में आजादी के जश्न से नाराज पाकिस्तान ने आधी रात को कर दी एयरस्ट्राइक,  9 बच्चों और 7 महिलाओं समेत 28 लोगों की मौत: Balochistan Independence Day

बलूचिस्तान के सुराब इलाके के गोंधान गांव में पाकिस्तानी सेना की कथित एयरस्ट्राइक से हड़कंप। आजादी के जश्न के बीच आधी रात हुए इस कायराना हमले में 9 बच्चों और 7 महिलाओं समेत 28 लोगों की मौत की खबर। पढ़ें पूरी रिपोर्ट।

बलूचिस्तान से एक बेहद दर्दनाक और आक्रोश पैदा करने वाली खबर सामने आ रही है, जिसने पाकिस्तानी सेना और बलोच जनता के बीच दशकों से चले आ रहे तनाव को एक बार फिर चरम पर पहुंचा दिया है। दावा किया जा रहा है कि बलूचिस्तान में आजादी का जश्न मना रहे आम नागरिकों पर पाकिस्तानी सेना ने आधी रात को एयरस्ट्राइक कर दी।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, बलूचिस्तान के सुराब इलाके में स्थित गोंधान गांव (Gondhan Village) को निशाना बनाकर यह कायराना हवाई हमला किया गया।

रात के अंधेरे में तबाही: 9 बच्चों और 7 महिलाओं समेत 28 की मौत का दावा
स्थानीय सूत्रों और बलोच कार्यकर्ताओं के दावों के मुताबिक, आधी रात को जब ग्रामीण अपने घरों में मौजूद थे, तब पाकिस्तानी वायुसेना के लड़ाकू विमानों ने गोंधान गांव पर बमबारी शुरू कर दी। अचानक हुए इस हमले से इलाके में अफरा-तफरी मच गई और कई मकान जमींदोज हो गए।

कुल मौतें: शुरुआती दावों में 28 लोगों की जान जाने की बात कही जा रही है।

मासूम शिकार: मृतकों में 9 मासूम बच्चे और 7 महिलाएं शामिल हैं।

घायल: इस भीषण हमले में 17 से ज्यादा लोग गंभीर रूप से घायल बताए जा रहे हैं।

यदि इन आंकड़ों की आधिकारिक पुष्टि होती है, तो यह पाकिस्तान सरकार और उसकी सेना द्वारा आम नागरिकों के खिलाफ किए गए सबसे भीषण मानवाधिकार उल्लंघनों में से एक माना जाएगा। हालांकि, संघर्ष प्रभावित और दूरदराज के क्षेत्रों में मीडिया की सीमित पहुंच के कारण हताहतों की सटीक संख्या की स्वतंत्र पुष्टि का इंतजार है।

आम गांव को क्यों बनाया निशाना?
इस सैन्य कार्रवाई के बाद गंभीर सवाल उठ खड़े हुए हैं:
क्या पाकिस्तानी सेना ने केवल स्वतंत्रता दिवस का जश्न मना रहे निहत्थे नागरिकों को अपनी बौखलाहट का शिकार बनाया?
क्या किसी प्रतिबंधित संगठन के खिलाफ सैन्य अभियान के नाम पर आम बलोच नागरिकों को निशाना बनाया गया?
मानवाधिकार संगठनों का कहना है कि आतंकवादी संगठनों के खिलाफ कार्रवाई का बहाना बनाकर अक्सर बलोच आम जनता को प्रताड़ित किया जाता रहा है।

बलूचिस्तान में असंतोष की जड़ें: आखिर क्यों जल रहा है बलूचिस्तान?
बलूचिस्तान पाकिस्तान का सबसे बड़ा प्रांत है, जो प्राकृतिक संसाधनों (गैस, खनिज और तेल) से समृद्ध होने के बावजूद आर्थिक रूप से सबसे पिछड़ा हुआ है। दशकों से बलोच जनता पाकिस्तान के खिलाफ विरोध-प्रदर्शन कर रही है। असंतोष की मुख्य वजहें निम्न हैं:

संसाधनों का दोहन: बलोच राष्ट्रवादियों का आरोप है कि पंजाब केंद्रित पाकिस्तान सरकार उनके प्राकृतिक संसाधनों का शोषण करती है, लेकिन स्थानीय लोगों को इसका लाभ नहीं मिलता।

सुरक्षा बलों का अत्याचार: 'मिसिंग पर्सन्स' (जबरन गायब किए गए लोग) बलूचिस्तान की एक विकराल समस्या है। मानवाधिकार समूहों का आरोप है कि हजारों बलोच युवाओं को सेना उठाकर ले गई है, जिनका आज तक कोई सुराग नहीं मिला।

राजनीतिक अधिकारों का हनन: बलोच समुदाय लगातार स्वायत्तता, रोजगार और बुनियादी विकास की मांग करता रहा है, जिसे इस्लामाबाद हमेशा बलप्रयोग से दबाता आया है।

जनरल आसिम मुनीर और पाक सेना की भूमिका पर सवाल
बलूचिस्तान में बिगड़ते हालात के बीच पाकिस्तान के सेना प्रमुख जनरल आसिम मुनीर की कार्यशैली पर भी सवाल उठ रहे हैं। आलोचकों का कहना है कि बलोच विद्रोह और असंतोष को बातचीत के जरिए सुलझाने के बजाय सैन्य बल के कठोर इस्तेमाल से कुचला जा रहा है, जिससे स्थिति सुधरने की जगह और अधिक विस्फोटक होती जा रही है।

सुराब के गोंधान गांव में हुई यह घटना पाकिस्तान के लिए एक बड़ा अंतरराष्ट्रीय और कूटनीतिक संकट बन सकती है। विश्व समुदाय और अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार निकायों से मांग की जा रही है कि वे इस कथित एयरस्ट्राइक की निष्पक्ष और स्वतंत्र जांच कराएं, ताकि बेकसूर बच्चों और महिलाओं की मौत का सच दुनिया के सामने आ सके।

Balochistan Independence Day: 11 अगस्त को ही आजादी सेलिब्रेट करने वाला था बलूचिस्तान, जानिए आज ही के दिन वहां क्या क्या हुआ

Balochistan Independence Day: पाकिस्तान के बलूचिस्तान में आज यानी 11 अगस्त को ‘आजादी दिवस’ मनाए जाने को लेकर एक बार फिर अलग देश की मांग तेज हो गई है। बलूचिस्तान में आज यानी 11 अगस्त को ‘स्वतंत्रता दिवस’ मनाया जा रहा है। इस मौके पर ‘रिपब्लिक ऑफ बलूचिस्तान’ ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से मांग की है कि बलूचिस्तान को एक स्वतंत्र देश के तौर पर कानूनी, राजनीतिक और कूटनीतिक मान्यता दी जाए।

बलोच नेता मीर यार बलोच ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से अपील की है कि बलूचिस्तान को पाकिस्तान का हिस्सा नहीं, बल्कि एक स्वतंत्र राष्ट्र के रूप में मान्यता दी जाए। इस मौके पर बलूच नेता ने पाकिस्तान पर दमन और मानवाधिकार उल्लंघन के गंभीर आरोप भी लगाए हैं।

X पर एक पोस्ट में उन्होंने कहा, “बलूचिस्तान के छह करोड़ लोग हर साल 11 अगस्त को अपना राष्ट्रीय स्वतंत्रता दिवस मनाते हैं। आज हम उस मुकाम पर पहंच गए हैं जहां हम सिर्फ अपनी आजादी का जश्न ही नहीं मनाते। बल्कि दुनिया से यह मांग भी करते हैं कि बलूचिस्तान की आजादी को कानूनी, राजनीतिक, कूटनीतिक और नैतिक रूप से मान्यता दी जाए। आजादी के इस पवित्र अवसर पर बलूचिस्तान में रहने वाले बलोच, पश्तून, हिंदू, सिख, ईसाई और सभी धर्मों के भाइयों और बहनों को हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं।”

भारत का किया जिक्र

उन्होंने आगे कहा, “बलूचिस्तान गणराज्य दुनिया के और खासकर भारत के बहादुर मुख्यधारा के मीडिया, थिंक टैंक, शोधकर्ताओं, कवियों, लेखकों, छात्रों, वकीलों, नागरिक समाज, व्यापारिक समुदाय, धार्मिक नेताओं, सांसदों और उन सभी भाइयों और बहनों का दिल से आभार व्यक्त करता है जिन्होंने बलोचिस्तान की आवाज को वैश्विक स्तर पर पहुंचाया और हमारे लोगों की आवाज बने। बलूचिस्तान के लोगों को नैतिक समर्थन मिलना जारी रहना चाहिए ताकि हम अपनी जमीन, बलूचिस्तान से पाकिस्तान रूपी कैंसर को हटा सकें।”

50 हजार बलोच पाकिस्तान में कैद

बलूचिस्तान में आजादी को दबाने के पाकिस्तान के प्रयासों की कड़ी निंदा करते हुए मीर यार बलोच ने दावा किया कि 50 हजार से ज्यादा बलोच अभी भी पाकिस्तान की यातना कोठरियों में अमानवीय अत्याचार सह रहे हैं। उन्होंने कहा, “हम उन्हें कभी नहीं भूलेंगे। आज की आजादी की सफलता हमारे महान शहीदों, हजारों राजनीतिक कार्यकर्ताओं और कैदियों के अमर बलिदानों की वजह से मिली है।”

बलूचिस्तान में कुर्बानियों के मजबूत इतिहास को याद करते हुए उन्होंने कहा, “बलूचिस्तान के लोगों ने हमेशा विदेशी हमलावरों को रोका है। उन्हें बलूचिस्तान से पीछे हटने पर मजबूर किया है। पाकिस्तान के पास भले ही हजारों टैंक, सैकड़ों लड़ाकू विमान, तोपखाने और एक बड़ी सेना हो, फिर भी शारीरिक, मानसिक और लड़ने की क्षमता के मामले में बलूचिस्तान की सेना पाकिस्तान की सेना से 10 गुना ज्यादा ताकतवर और सफल है।

बलूचिस्तान की सेना एक मजबूत फोर्स है जो हर स्थिति का सामना करने में सक्षम है। दुनिया की पेशेवर सेनाओं से मुकाबला करने के लिए तैयार है। बलूचिस्तान के इलाके को देखते हुए एक बड़ी सेना की जरूरत है। इसलिए बलूचिस्तान गणराज्य ने पांच लाख सैनिकों की सेना तैयार की है।”

11 अगस्त को ही क्यों चुना अपनी ‘आजादी’ का दिन?

जब बलूचिस्तान ने 11 अगस्त को अपना स्वतंत्रता दिवस घोषित किया, तो ‘वर्ल्ड पीस यूनाइटेड’ के एम्बेसडर डॉ. परविंदर सिंह ने कहा, “1947 में जब अंग्रेज भारत से गए, तो पाकिस्तान और बांग्लादेश अपने मौजूदा रूप में मौजूद नहीं थे। लेकिन बलूचिस्तान मौजूद था। उसने 11 अगस्त 1947 को अंग्रेजों से अपनी आजादी का ऐलान किया था। अगर बलूचिस्तान के लोग अपनी आजादी का जश्न मनाना चाहते हैं, तो उन्हें इसकी इजाजत मिलनी चाहिए। इसे विश्व शांति की दिशा में एक कदम के तौर पर देखा जाना चाहिए।”

उन्होंने आगे कहा, “बलूचिस्तान की ज़मीन खनिजों और प्राकृतिक संसाधनों, जैसे सोना और कीमती पत्थरों से बहुत समृद्ध है। अगर बलूचिस्तान पाकिस्तान से अलग हो जाता है, तो पाकिस्तान को अपने आर्थिक आधार का लगभग 75 प्रतिशत हिस्सा गंवाना पड़ सकता है, क्योंकि यह इलाका चीन और दूसरे देशों को खनिजों के निर्यात का मुख्य स्रोत है।”

उन्होंने आगे कहा, “बलूचिस्तान का हाथ से निकलना पाकिस्तान के लिए एक बहुत बड़ा झटका होगा। यही वजह है कि पाकिस्तान उस पर से अपना नियंत्रण नहीं छोड़ना चाहता। आज 56 से ज्यादा देश बलूचिस्तान की आजादी का समर्थन करते हैं। हम 21वीं सदी में जी रहे हैं। एक ऐसा दौर जिसमें टकराव और जबरदस्ती से अब कोई नतीजा नहीं निकलता।”

दुनिया भर में मनाया गया आजादी का जश्न

मंगलवार को बलूचिस्तान ने अपना 79वां स्वतंत्रता दिवस मनाया। यह एक वार्षिक परंपरा का हिस्सा है, जिसे कई बलूच मानवाधिकार संगठन पाकिस्तान की ओर से क्षेत्र के ‘अवैध कब्जे’ के विरोध के रूप में देखते हैं। बलूच स्वतंत्रता आंदोलन की ऐतिहासिक जड़ें 1947 तक जाती हैं, जब ब्रिटिश भारत के विभाजन के बाद कलात रियासत ने कुछ समय के लिए खुद को स्वतंत्र घोषित किया था। हालांकि, 1948 में पाकिस्तान ने इस क्षेत्र का विलय कर लिया, जिसका बलूच राष्ट्रवादी समूह लगातार विरोध करते रहे हैं।

सोशल मीडिया प्‍लेटफॉर्म X पर मीर यार बलूच ने आरोप लगाया कि ‘कब्जा करने वाली’ पाकिस्तानी सेना ने बलूचिस्तान में व्यापक प्रतिबंध लगाए हैं। उनके अनुसार, राष्ट्रीय आयोजनों को रोकने के लिए 7 अगस्त से 30 अगस्त तक इंटरनेट सेवाएं बंद रखने का फैसला किया है। हालांकि, उन्होंने दावा किया कि अतिरिक्त सैनिकों की तैनाती, सैन्य संसाधनों या हवाई शक्ति के इस्तेमाल के बावजूद पाकिस्तान बलूचिस्तान में अपनी मौजूदगी को अनिश्चित समय तक बनाए नहीं रख सकता, क्योंकि बलूच जनता का संकल्प मजबूत है।

मीर ने कहा, “बलूचिस्तान गणराज्य बलूच लोगों को उग्रवादी या अलगाववादी बताने की कोशिशों को खारिज करता है। बलूच स्वतंत्रता सेनानी बलूचिस्तान की रक्षा, सुरक्षा और सैन्य ताकत का हिस्सा हैं और उन्हें छह करोड़ बलूच लोगों का समर्थन प्राप्त है। लोग उन पर भरोसा करते हैं क्योंकि वे इसी मिट्टी के बेटे-बेटियां हैं और अपने राष्ट्र के हित में काम करते हैं।”

उन्होंने आगे कहा, “ये बल किसी आर्थिक लाभ के लिए नहीं लड़ रहे हैं और न ही अशांति या हिंसा फैलाने के लिए काम कर रहे हैं। वे अपना राष्ट्रीय कर्तव्य निभा रहे हैं, जिसमें शांति और सुरक्षा बनाए रखना, लोगों की रक्षा करना और एक शांतिपूर्ण, समृद्ध तथा विकसित बलूचिस्तान की नींव रखना शामिल है।”

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मीर ने दावा किया कि बलूच सशस्त्र समूहों की कार्रवाइयों का उद्देश्य उन नेटवर्कों को खत्म करना और बाहर निकालना है, जिन्हें वे पाकिस्तान से जुड़ा मानते हैं और जो उनके अनुसार बलूचिस्तान में अस्थिरता, असुरक्षा और हिंसा के लिए जिम्मेदार हैं।

15 अगस्त पर लाल किले में दिखेगा नया इतिहास! जश्न में पहली बार दो ऐतिहासिक पल

15 अगस्त से पहले दिल्ली में स्वतंत्रता दिवस समारोह की तैयारियां तेज हो गई हैं। लाल किले के पास दंगल पार्क में भारतीय सेना के जवानों ने पारंपरिक 21 तोपों की सलामी रिहर्सल की जा रही है। इस बार समारोह में ‘युवा शक्ति’, ‘विकसित भारत 2047’ और ‘वंदे मातरम’ के 150 साल पूरे होने को खास जगह दी जाएगी।

युवा शक्ति और Gen-Z

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इस बार लाल किले पर होने वाला स्वतंत्रता दिवस समारोह देश की युवा शक्ति और Gen-Z पर फोकस रहेगा। इसमें युवाओं की अचीवमेंट, उनकी नई सोच और देश के डेवलपमेंट में उनके योगदान को सामने रखा जाएगा। साथ ही 2047 तक भारत को विकसित देश बनाने के लक्ष्य में युवाओं की भूमिका को भी खास तरीके से दिखाया जाएगा। सेरेमनी में युवा अचीवर्स को स्पेशल गेस्ट के तौर पर बुलाया गया है।

स्वतंत्रता दिवस समारोह

इस साल ‘वंदे मातरम’ के 150 साल पूरे हो रहे हैं, इसलिए स्वतंत्रता दिवस समारोह में इसे खास जगह दी जाएगी। पहली बार लाल किले की प्राचीर से ‘वंदे मातरम’ गाया जाएगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लाल किले से तिरंगा फहराएंगे और देश को संबोधित करेंगे।

टेक्नोलॉजी और साइंस

स्वतंत्रता दिवस समारोह में भारत की तकनीकी और वैज्ञानिक अचीवमेंट को भी दिखाया जाएगा। न्यूक्लियर टेक्नोलॉजी, स्पेस और मॉडर्न टेक्निक सेक्टर में देश ने जो प्रगति की है, उसकी झलक विजुअल्स के जरिए दिखाई जाएगी। इन्विटेशन कार्ड में ‘सेवा तीर्थ’ को प्रायोरिटी दी गई है, जो पब्लिक सर्विस और विकसित भारत 2047 के लक्ष्य को दिखाती है।

इंटर्नशिप और डेवलपमेंट स्कीम

इस बार समारोह में देश के युवा प्रतिभाओं को खास सम्मान दिया जाएगा। इंटरनेशनल फिजिक्स, केमिस्ट्री, बायोलॉजी और मैथमैटिक्स ओलंपियाड 2026 में मेडल जीतने वाले 19 स्टूडेंट्स को सम्मानित किया जाएगा। इसके अलावा युवा इनोवेटर्स, स्टार्टअप फाउंडर्स, प्रधानमंत्री इंटर्नशिप स्कीम के इंटर्न, स्किल डेवलपमेंट स्कीम का लाभ लेने वाले और MY भारत के वॉलंटियर्स जैसे युवा अचीवर्स भी समारोह में शामिल होंगे।

जल संरक्षण

इस साल स्वतंत्रता दिवस समारोह में बैठने की जगहों के नाम भारत की प्रमुख झीलों के नाम पर रखे जाएंगे। इसका मकसद लोगों का ध्यान जल संरक्षण और पानी बचाने की जरूरत की ओर अट्रैक्ट करना है।

इस बार का स्वतंत्रता दिवस समारोह देश की परंपरा, युवाओं की ताकत और भारत की तरक्की की झलक एक साथ दिखाएगा। ‘वंदे मातरम’ के 150 साल पूरे होने से यह मौका और खास बन गया है। युवा प्रतिभाओं के सम्मान और देश की वैज्ञानिक उपलब्धियों के साथ समारोह में विकसित भारत 2047 का संदेश भी मिलेगा।