2 अक्टूबर को दक्षिण अफ्रीका में हो सकता है एकदिवसीय विश्वकप का आगाज

महात्मा गांधी को सम्मानित करने के लिए दक्षिण अफ्रीका में खेला जाने वाला आगामी एकदिवसीय विश्वकप 2 अक्टूबर को शुरु हो सकता है। इस टूर्नामेंट का फाइनल 21 नवंबर को खेला जाएगा। हालांकि मीडिया सूत्रों में चल रही खबरों की पुष्टि होना बाकी है।गौरतलब है कि यह विश्वकप क्रिकेट में खेला गया सर्वाधिक मैचों का विश्वकप होने जा रहा है।

इन मैदानों पर खेला जाएगा टूर्नामेंट

हाल ही में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट काउंसिल ने एकदिवसीय विश्वकप के लिए लोगो की घोषणा कर दी बल्कि 57 कहां कहां खेले जाएंगे इसकी घोषणा भी कर दी है। कुल 3 देश दक्षिण अफ्रीका-जिम्बाब्वे और नामिबिया देशों के 12 स्टेडियम पर मुहर लगाई गई है जिनमे से 8 दक्षिण अफ्रीका के हैं, जिम्बाब्वे के 3 और नामिबिया का एक स्टेडियम है।

दक्षिण अफ्रीका के 8 स्टेडियम और शहर इस प्रकार है। कुगोम्पो सिटी में बफौलो पार्क, केपटाउन में न्यूलैंड मैदान, जोहन्सबर्ग में वॉन्डर्स स्टेडियम, टश्वाने का सेंचुरियन, गेब्रिया का सेंट जोर्ज पार्क, ब्लोमेफोटीन का मैंगाउंग ओवल, डरबन का किंग्समीड पार्क, पार्ल का बोलैंड पार्क चुनिंदा स्टेडियमों में है जिनमें मैच खेले जाने हैं।

वहीं जिम्बाब्वे की राजधानी हरारे के हरारे स्पोर्ट्स क्लब, बुलवायो के क्वीन्स स्पोर्ट्स क्लब और विक्टोरिया फॉल्स के मोसी ओआ टुनिया अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम में विश्वकप मैच खेले जाएंगे। नामिबिया का एकमात्र नामिबिया क्रिकेट ग्राउंड जो विंडहोक में स्थित है उसको चुना गया है।

इस फॉर्मेट से खेला जाएगा टूर्नामेंट

अगले साल दक्षिण अफ़्रीका, ज़िम्बाब्वे और नामीबिया में होने वाले विश्व कप में तकनीकी रूप से 14 टीमें हिस्सा लेंगी। इससे पहले 2019 और 2023 संस्करणों में10 टीमों ने हिस्सा लिया था। लेकिन सबसे निचली रैंकिंग की क्वालीफ़ाई करने वाली टीमों के बीच टूर्नामेंट की शुरुआत तीन टीमों वाली राउंड-रॉबिन ‘सुपर सीरीज़’ से होगी, जिसके बाद दो टीमें केवल दो मैच खेलकर ही बाहर हो जाएंगी।

जब आईसीसी ने पांच साल पहले 14 टीमों वाले विश्व कप की घोषणा की थी, तब प्रस्तावित प्रारूप में सात-सात टीमों के दो ग्रुप और उसके बाद ‘सुपर सिक्स’ चरण शामिल था। इसी योजना के अनुसार टीमों ने पूरे चक्र की तैयारी की, लेकिन टूर्नामेंट से सिर्फ़ 15 महीने पहले पता चला कि प्रारूप में बड़ा बदलाव कर दिया गया है।
 

Vande Mataram: ‘सोनिया गांधी को जनता माफ नहीं करेगी’; अमित शाह ने कांग्रेस पर लगाया ‘वंदे मातरम’ का अपमान करने का आरोप, बंकिम चंद्र के वंशज भी नाराज

Vande Mataram Row: कांग्रेस पर राष्ट्र गीत ‘वंदे मातरम’ का अपमान करने का आरोप लगाते हुये केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मांग की है कि विपक्षी दल इसके लिए देश की जनता एवं गीत के रचयिता बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय की अमर आत्मा से माफी मांगे। शाह ने रविवार (16 अगस्त) को आरोप लगाया कि कांग्रेस पार्टी ने वोट बैंक की लालच में कांग्रेस ने ‘वंदे मातरम’ को भुला दिया। शाह चित्तौड़गढ़ में ‘अटल गौरव स्मृति समारोह’ में एक जनसभा को संबोधित कर रहे थे।

शनिवार को दिल्ली के लालकिले पर स्वतंत्रता दिवस समारोह का जिक्र करते हुए शाह ने कहा कि इस समारोह में इस साल एक बड़ा बदलाव यह था कि आजादी के 80 साल के बाद लाल किले की प्राचीर पर और देश भर में जहां ध्वज वंदन हुआ वहां पर वंदे मातरम का गायन 80 साल में पहली बार हुआ है।

‘कांग्रेस ने वंदे मातरम को भुला दिया’

अमित शाह ने आरोप लगाते हुए कहा, “कांग्रेस ने वंदे मातरम को भुला दिया है।” उन्होंने कहा, “बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय की वह अमर कृति, एक गान के दो शब्द वंदेमातरम… भारत माता की मैं वंदना करता हूं.. यह बोलते-बोलते हजारों लाखों लोग फांसी के फंदे पर चढ़ गए थे, गोलियां खाई थीं, लाठियां खाईं, कई साल जेल में रहे।”

शाह ने आगे कहा, “वोट बैंक की लालच में कांग्रेस ने वंदे मातरम को बुला दिया था।” उन्होंने कहा कि यह 150वां साल है वंदेमातरम के प्राकट्य का… लाल किले की प्राचीर से प्रधानमंत्री मोदी ने वंदेमातरम् को फिर से एक नया आयुष्य देने का काम किया है।

सोनिया गांधी ने कांग्रेस अध्यक्ष को वंदे मातरम रोकने की बात कही?

न्यूज एजेंसी ANI के मुताबिक केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा, “इनकी (कांग्रेस) निर्लज्जता देखिए। कांग्रेस पार्टी के मुख्यालय पर वंदे मातरम का गान हो रहा था। चालू गान में कांग्रेस की नेत्री, सोनिया गांधी ने कांग्रेस अध्यक्ष को गान रोकने की बात कही। हम सब टी.वी. पर देखते रह गए। 80 साल के बाद बंकिम चन्द्र चट्टोपाध्याय का ये अमर गान, जब फिर से सम्मान प्राप्त कर रहा है, वो भी सोनिया गांधी को रास नहीं आता है। सोनिया जी, 140 करोड़ जनता आपको देख रही है।”

शाह ने कहा, “आपके द्वारा किया गया ये पाप इस देश की जनता कभी माफ नहीं करेगी। कोई स्वप्न में भी कैसे सोच सकता है कि वंदे मातरम का गान अधूरा छोड़ दिया जाए? कांग्रेस के लोगों को शर्म आनी चाहिए और थोड़ी भी शर्म बची है तो दोनों हाथ जोड़कर बंकिम बाबू और देश की जनता से उन्हें माफी मांगनी चाहिए।”

बंकिम चंद्र के वंशज नाराज

भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेता और बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय के वंशज सुमित्रो चटर्जी ने सोनिया गांधी से मांग की है कि वह स्वतंत्रता दिवस पर कांग्रेस मुख्यालय में हुई ‘वंदे मातरम’ के गायन से जुड़ी कथित घटना को लेकर बिना शर्त माफी मांगें। चटर्जी ने दावा किया कि कांग्रेस मुख्यालय में वंदे मातरम’ का पूरा संस्करण गाए जाने को लेकर असहजता नजर आई।से रोकने के बार-बार प्रयास किए गए। चटर्जी ने गांधी को लिखे पत्र में कहा कि 15 अगस्त को जब देश अपना 80वां स्वतंत्रता दिवस मना रहा था, तब हुई कथित घटना न केवल दुर्भाग्यपूर्ण है, बल्कि एक ऐतिहासिक भूल का शर्मनाक दोहराव भी है।

नैहाटी से विधायक चटर्जी ने कहा कि वह एक सामान्य नागरिक, देशभक्त और बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय के वंशज के रूप में यह पत्र लिख रहे हैं। उन्होंने इस घटना को लेकर गहरा दुख, खालीपन और आक्रोश व्यक्त किया। चटर्जी ने श्री अरविंद के इस कथन का उल्लेख किया कि इस मंत्र ने राष्ट्र को देशभक्ति के धर्म की दीक्षा दी थी। उन्होंने कहा कि स्वतंत्र भारत की धरती पर ‘वंदे मातरम’ को पूरा गाने में कथित हिचक खुदीराम बोस जैसे शहीदों के बलिदान का अपमान है।

उन्होंने स्वतंत्रता आंदोलन में इस गीत की भूमिका का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि सरला देवी चौधरानी ने 1905 में कांग्रेस के बनारस अधिवेशन में इसे गाया था। बाल गंगाधर तिलक के समर्थकों ने 1909 में उन पर राजद्रोह के मुकदमे के दौरान इसका गायन किया था। हैदराबाद के उस्मानिया विश्वविद्यालय में राष्ट्रवादी छात्रों ने 1938 में निजाम की पाबंदियों के बावजूद इसे अपने आंदोलन का नारा बनाया था।

‘जिन्ना की आपत्तियों के आगे झुक गई थी कांग्रेस’

चटर्जी ने 1896 में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के कलकत्ता अधिवेशन में रवीन्द्रनाथ टैगोर द्वारा इस गीत की प्रस्तुति का भी उल्लेख किया। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस की कथित दोहरी नीति नई नहीं है। चटर्जी ने कहा कि 1937 में पार्टी मोहम्मद अली जिन्ना की आपत्तियों के आगे झुक गई थी और उसी वर्ष अक्टूबर में गीत को छोटा कर दिया गया था। उन्होंने कहा कि उस ‘‘समझौते’’ की छाया पार्टी के मौजूदा आचरण में फिर दिखाई दे रही है।

उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल में कांग्रेस की अपनी छात्र इकाई छात्र परिषद जब मंत्र मोदेर संजीवन-वंदे मातरम नारे का इस्तेमाल करती है तो फिर पार्टी का शीर्ष नेतृत्व इसी गीत को लेकर असहज क्यों है। उन्होंने कहा कि ‘वंदे मातरम’ किसी एक राजनीतिक दल की संपत्ति नहीं, बल्कि देश की सामूहिक स्मृति, बंकिम चंद्र की अमर विरासत और शहीदों के खून एवं बलिदान से प्राप्त पवित्र राष्ट्रीय प्रतीक है।

चटर्जी ने कहा कि इस गीत का सम्मान करना भारत के स्वतंत्रता संग्राम के इतिहास का सम्मान करने के समान है। उन्होंने चेतावनी दी है कि इतिहास किसी को माफ नहीं करता। जो नेतृत्व स्वतंत्रता के अपने ही मंत्र का सम्मान नहीं करता, उसे इतिहास गुमनामी के अंधकार में धकेल देगा। चटर्जी ने कहा कि इस घटना से पश्चिम बंगाल के लोगों की भावनाओं को गहरी ठेस पहुंची है। उन्होंने गांधी से पश्चिम बंगाल के लोगों से बिना किसी शर्त के माफी मांगने की अपील की है।

क्या है पूरा विवाद?

BJP ने दावा किया है कि कांग्रेस के स्वतंत्रता दिवस कार्यक्रम में ‘वंदे मातरम’ का पूरा संस्करण गाए जाने पर सोनिया गांधी समेत पार्टी के कुछ नेताओं ने आपत्ति जताई थी। 15 अगस्त को कांग्रेस के कार्यक्रम का एक वीडियो सामने आया है जिसमें जब ‘वंदे मातरम’ बजाया जा रहा था, तब सोनिया गांधी पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे से बात कर रही थीं। इसके बाद गांधी और खड़गे को कथित तौर पर गाना रोकने का इशारा करते हुए देखा जा सकता है।

हालांकि, कांग्रेस ने इस बात से इनकार किया कि ‘वंदे मातरम’ के पूरे संस्करण को गाने से रोकने की कोई कोशिश की गई थी। पार्टी ने कहा कि गांधी सिर्फ़ खड़गे के लिए कुर्सी मांग रही थीं। पिछले महीने संसद ने एक विधेयक पारित किया था जिसमें राष्ट्रगीत के अपमान को दंडनीय अपराध बनाने का प्रावधान किया गया है। कानून में ‘वंदे मातरम’ को राष्ट्रगान ‘जन गण मन’ के समान दर्जा दिया गया है।

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जेब में अचानक गर्म हुआ Samsung Galaxy S26, कुछ ही पल बाद हुआ कथित धमाका; जानें पूरा मामला

सोशल मीडिया पर एक चौंकाने वाला दावा तेजी से चर्चा में है, जिसमें गाजियाबाद के एक व्यक्ति की जेब में कथित तौर पर Samsung Galaxy S26 के फटने की बात कही जा रही है। वायरल पोस्ट के अनुसार, फोन पहले अचानक बेहद गर्म हुआ और उससे धुआं निकलने लगा। इससे पहले कि व्यक्ति कुछ समझ पाता या फोन को जेब से बाहर निकाल पाता, कथित तौर पर उसमें जोरदार धमाका हो गया। दावा है कि इस घटना में उसके दोनों हाथों और शरीर के निचले हिस्से पर गंभीर जलने की चोटें आईं।

आसपास मौजूद लोगों ने तुरंत उसकी मदद की और उसे अस्पताल पहुंचाया, जहां उसका इलाज चलने की बात कही गई है। घटना की तस्वीरें भी सोशल मीडिया पर शेयर की जा रही हैं, जिनमें फोन बुरी तरह जला और क्षतिग्रस्त दिखाई देता है। हालांकि, वायरल दावे और घटना की पूरी परिस्थितियों की अभी स्पष्ट रूप से पुष्टि नहीं हुई है।

सफर के दौरान अचानक गर्म होने लगा फोन

वायरल पोस्ट के अनुसार, मजीद नाम का व्यक्ति गाजियाबाद से दनकौर, ग्रेटर नोएडा स्थित अपने गांव जा रहा था। इसी दौरान उसे महसूस हुआ कि करीब एक महीने पुराना उसका स्मार्टफोन सामान्य से काफी ज्यादा गर्म हो रहा है। बताया गया कि फोन से धुआं निकलने लगा और इससे पहले कि वह उसे जेब से बाहर निकाल पाता, उसमें धमाका हो गया।

राहगीरों ने पहुंचाया अस्पताल

पोस्ट में दावा किया गया है कि घटना के बाद आसपास मौजूद लोगों ने तुरंत मजीद की मदद की और उसे नजदीकी अस्पताल पहुंचाया। फिलहाल उसका इलाज चलने की बात कही गई है। सोशल मीडिया पर शेयर की गई तस्वीरों में फोन काफी जला हुआ नजर आ रहा है। कथित तौर पर बैटरी वाले हिस्से को भारी नुकसान पहुंचा है और फोन का पिछला पैनल भी पिघला हुआ दिखाई देता है।

एक महीने पहले खरीदा था फोन?

वायरल Reddit पोस्ट के मुताबिक, मजीद ने यह फोन करीब एक महीने पहले ग्रेटर नोएडा के The Grand Venice Mall स्थित DG Com से खरीदा था। पोस्ट में यह भी दावा किया गया कि घटना से पहले फोन सामान्य रूप से काम कर रहा था। हालांकि, इन दावों और घटना की परिस्थितियों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। इसलिए फोन में खराबी या विस्फोट की वास्तविक वजह फिलहाल स्पष्ट नहीं है।

Samsung से जवाब मांग रहे यूजर्स

ये दावा @Cartidise द्वारा X पर भी साझा किया गया, घटना की खबर सोशल मीडिया पर फैलते ही कई यूजर्स ने Samsung को टैग करते हुए कंपनी से जवाब और घायल व्यक्ति के इलाज में मदद की मांग की। कुछ लोगों ने सवाल उठाया कि अगर फोन खरीदने के कुछ ही समय बाद ऐसी घटना हुई है, तो निर्माता की जिम्मेदारी क्या बनती है। वहीं, कुछ यूजर्स ने इसे Samsung के पुराने Galaxy Note 7 बैटरी विवाद से जोड़ते हुए कंपनी की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाए।

सोशल मीडिया पर छिड़ी फोन सेफ्टी की बहस

इस कथित घटना ने स्मार्टफोन की बैटरी और ओवरहीटिंग को लेकर एक बार फिर बहस छेड़ दी है। यूजर्स का कहना है कि महंगे फ्लैगशिप फोन से कम से कम इतनी उम्मीद जरूर होती है कि वे रोजमर्रा के इस्तेमाल में सुरक्षित रहें। हालांकि, फिलहाल यह केवल सोशल मीडिया पर वायरल दावा है और घटना के कारण, फोन की स्थिति तथा जिम्मेदारी तय करने के लिए आधिकारिक जांच की जानकारी सामने आना बाकी है।

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देवदत्त पड्डीकल ने श्रीलंका के खिलाफ जमाया करियर का पहला टेस्ट शतक

Devdutt Padikkal

INDvsSL देवदत्त पड़िक्कल (नाबाद 131) और केएल राहुल (नाबाद 77) की अर्धशतकीय पारियों की बदौलत भारत ने पहले टेस्ट मैच के पहले दिन शनिवार को 2 विकेट पर 288 रन बना लिये है। आज गॉल में भारत ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया। बल्लेबाजी करने उतरी यशस्वी जायसवाल और केएल राहुल की सलामी जोड़ी ने पहले विकेट के लिए 47 रन जोड़े। इसी दौरान दुभाग्यपूर्ण तरीके से यशस्वी जायसवाल (32) पर रन आउट हो गये। जायसवाल ने अपनी पारी में पांच चौके लगाये।

बाद बल्लेबाजी करने आये देवदत्त पडिक्कल ने केएल राहुल के साथ पारी को संभाला और तेजी के साथ रन बटोरे। भोजनकाल तक भारत ने एक विकेट पर 101 रन बना लिये। भोजनकाल के बाद दोनों बल्लेबाजों ने बिना कोई विकेट गवांये अपने-अपने अर्धशतक पूरे किये। देवदत्त पड़िक्कल ने 36वें ओवर की दूसरी गेंद पर एक रन लेकर अपना अर्धशतक पूरा किया। इसके बाद केएल राहुल 43वें ओवर की दूसरी गेंद पर एक रन लेकर अपना 21वां अर्धशतक पूरा किया। भारत ने चायकाल तक एक विकेट विकेट पर 197 रन बना लिये।केएल राहुल 162 गेंदों में (नाबाद 77) रन बनाकर क्रीज पर मौजूद थे। इस दौरान राहुल ने अपनी पारी में नौ चौके और एक छक्का लगाया। 

लेकिन चायकाल के बाद पीठ में दर्द के कारण वह रिटायर आउट हो गए। लेकिन उनकी जगह आए शुभमन गिल ने बेहतरीन कवर ड्राइव लगाए। इस दौरान देवदत्त पड्डिकल 98 पर बोल्ड होने से बाल बाल बचे जब गेंद गिल्ली को नहीं गिरा सकी। कुछ गेंदों बाद ही उन्होंने अपना पहला शतक पूरा किया। 16 रनों के स्कोर पर शुभमन गिल ने प्रभात जयसूर्या के खिलाफ हवाई शॉट खेलकर विकेट गंवा दिया। उनकी जगह आए ऋषभ पंत ने आक्रामक बल्लेबाजी की और पड्डीकल के साथ दिन के अंत तक डटे रहे।

Meerut Viral Video: सामान डिलीवरी में 5 मिनट की हुई देरी तो भड़क गया शख्स, फ्लैट में बंद कर एजेंट की पिटाई

मेरठ के एक अपार्टमेंट में ऑर्डर पहुंचाने में सिर्फ पांच मिनट की देरी को लेकर ब्लिंकइट के डिलीवरी एजेंट और एक दंपति के बीच विवाद हो गया। मामला इतना बढ़ गया कि डिलीवरी एजेंट के साथ मारपीट की गई। घटना के सीसीटीवी फुटेज में डिलीवरी एजेंट को खींचकर फ्लैट के अंदर ले जाते और उसके साथ मारपीट करते हुए देखा जा सकता है।

मेरठ की है घटना

यह घटना 14 अगस्त की रात करीब 9:30 बजे मेरठ के भावनपुर थाना क्षेत्र के गंगानगर स्थित गंगा हाइट्स अपार्टमेंट में हुई। जानकारी के मुताबिक, अमित नाम का डिलीवरी एजेंट ऑर्डर पहुंचाने के लिए अपार्टमेंट आया था। इसी दौरान एक व्यक्ति ने उसे रोक लिया। दोनों के बीच पहले बहस हुई और देखते ही देखते विवाद बढ़ गया। आरोप है कि उस व्यक्ति ने अमित का मोबाइल फोन छीन लिया और उसके साथ मारपीट शुरू कर दी।

CCTV वीडियो आया सामने 

सीसीटीवी फुटेज में दिखाई दे रहा है कि आरोपी व्यक्ति डिलीवरी एजेंट को फ्लैट के अंदर ले जाने से पहले उसे थप्पड़ मारता और लात मारता है। अमित इस दौरान अपना मोबाइल फोन वापस मांगता हुआ भी नजर आता है, लेकिन आरोप है कि व्यक्ति ने उसका फोन लौटाने से इनकार कर दिया। घटना के दौरान एक महिला भी फ्लैट से बाहर आती हुई दिखाई देती है। फुटेज में मारपीट जारी रहती है और डिलीवरी एजेंट परिसर के अंदर ही मौजूद रहता है।

आरोपी दंपति के खिलाफ FIR दर्ज

घटना का सीसीटीवी वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस को मामले की जानकारी मिली। इसके बाद पुलिस ने घटना में शामिल लोगों की पहचान की और डिलीवरी एजेंट की शिकायत दर्ज की। सदर देहात के क्षेत्राधिकारी सुधीर सिंह ने बताया कि डिलीवरी एजेंट की लिखित शिकायत और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर एफआईआर दर्ज कर ली गई है। पुलिस की शुरुआती जांच में सामने आया है कि ऑर्डर पहुंचाने में करीब पांच मिनट की देरी को लेकर विवाद हुआ था। आरोप है कि इसी वजह से डिलीवरी एजेंट के साथ मारपीट की गई।

तिरंगा यात्रा में जाने से रोके गए देवेंद्र महतो, पुलिस पर मारपीट का आरोप…सामने आया वीडियो

झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा (जेएलकेएम) के नेता देवेंद्र नाथ महतो ने शनिवार को पुलिस पर मारपीट करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता दिवस के मौके पर रांची के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में होने वाली तिरंगा यात्रा में शामिल होने के लिए जब वह अस्पताल से बाहर निकल रहे थे, तब पुलिस ने उनके साथ मारपीट की। रिपोर्ट के मुताबिक, महतो पिछले 14 दिनों से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर हैं। वह झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) और झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (जेएसएससी) की भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ी के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं।

महतो का दावा है कि पुलिस के साथ हुई झड़प में उनके सीने पर चोट लगी है। जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम इस समय प्रदर्शन का मुख्य केंद्र बना हुआ है। यहां बड़ी संख्या में छात्र भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता और गड़बड़ी की जांच की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं। महतो ने 2 अगस्त से भूख हड़ताल शुरू की थी। इसके बाद उन्हें रांची के सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया। इससे पहले रांची विधानसभा का घेराव करने के दौरान प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच स्थिति बिगड़ गई थी। हालात काबू करने के लिए पुलिस ने लाठीचार्ज किया था और आंसू गैस के गोले व पानी की बौछार का भी इस्तेमाल किया था।

महतो का पुलिस पर मारपीट का आरोप

महतो ने कहा कि वह प्रदर्शन स्थल पर होने वाले ध्वजारोहण कार्यक्रम और तिरंगा यात्रा में शांतिपूर्ण तरीके से शामिल होना चाहते थे। उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर उन्हें स्वतंत्रता दिवस के कार्यक्रम में शामिल होने से क्यों रोका जा रहा है। महतो ने कहा, “80 साल बाद हमें एहसास हुआ है कि हमें सिर्फ नाम की आजादी मिली है। संविधान के किस नियम के तहत मुझे रोका जा रहा है?”

महतो ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक अन्य पोस्ट में बताया कि जैसे ही उन्होंने तिरंगा यात्रा में शामिल होने की इच्छा जताई, उनके अस्पताल के कमरे के बाहर बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी तैनात कर दिए गए। उन्होंने सवाल किया कि क्या देश के नागरिकों को अपने ही देश में तिरंगा यात्रा में शामिल होने की आजादी नहीं है।

घटना के एक वीडियो में एक सुरक्षा अधिकारी महतो को अस्पताल से बाहर जाने से रोकता हुआ दिखाई दे रहा है। वीडियो में कई जेएलकेएम कार्यकर्ता अधिकारी से महतो को तिरंगा यात्रा में शामिल होने देने की अपील करते नजर आ रहे हैं। वहीं, अधिकारी उन्हें भूख हड़ताल कर रहे महतो को आराम करने देने के लिए कहता हुआ दिखाई देता है। महतो ने अस्पताल के बिस्तर से प्रदर्शन कर रहे छात्रों और कार्यकर्ताओं से एकजुट रहने की अपील की। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ बाहरी लोग छात्र आंदोलन को भटकाने और उसे कमजोर करने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने प्रदर्शनकारियों से आंदोलन को शांतिपूर्ण तरीके से जारी रखने और आपसी एकता बनाए रखने की भी अपील की।

हेमंत सोरेन ने पारदर्शिता का भरोसा दिलाया

इस बीच, झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा है कि उनकी सरकार भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता लाने के लिए काम कर रही है। उन्होंने खास तौर पर झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) और झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (जेएसएससी) की परीक्षाओं में पारदर्शी व्यवस्था सुनिश्चित करने की बात कही। स्वतंत्रता दिवस के मौके पर राज्य को संबोधित करते हुए सोरेन ने कहा, “मेरे लिए राज्य के युवा और उनका हम पर भरोसा बहुत महत्वपूर्ण है। हमने व्यवस्था में बदलाव लाने का फैसला किया है। पारदर्शी परीक्षा सुनिश्चित की जाएगी।”

उन्होंने बताया कि सरकार ने शिक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए छात्रों से सुझाव लेने की पहल शुरू की है। इसका नाम ‘छात्रों की बात – छात्रों के साथ’ रखा गया है। इससे पहले छात्र नेता रविंदर पासवान ने कहा था कि प्रदर्शनकारी स्वतंत्रता दिवस के मौके पर देश की आजादी और उसके महत्व पर बात करेंगे। उन्होंने यह भी कहा था कि शनिवार को प्रदर्शनकारी सरकार के सामने अपनी मांगें नहीं रखेंगे।

CM धामी का बड़ा ऐलान: युवाओं के लिए बनेगा युवा आयोग, 3 जिलों में औद्योगिक पार्क

CM धामी का बड़ा ऐलान: युवाओं के लिए बनेगा युवा आयोग, 3 जिलों में औद्योगिक पार्क

pushkar singh dhami

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने 80वें स्वतंत्रता दिवस पर देहरादून में ध्वजारोहण किया। उन्होंने युवाओं के रोजगार, प्रशिक्षण और स्वरोजगार को बढ़ावा देने के लिए युवा आयोग के गठन का ऐलान किया। चमोली, पौड़ी और अल्मोड़ा में पहले चरण में औद्योगिक पार्क स्थापित किए जाएंगे।

 

सीएम धामी ने कहा कि हमारी सरकार ने युवाओं को हमेशा ही सर्वोच्च प्राथमिकता पर रखा है। युवाओं से संबंधित निर्णय, रोजगार से संबंधित बातें, युवाओं को पारदर्शी तरीके से रोजगार मिलने की बात हो, बिना पर्ची, बिना किसी खर्ची के या बिना भ्रष्टाचार या नकल के, हमने युवाओं को आगे बढ़ाने के लिए सभी काम किए हैं जो राज्य के हित में जरूरी हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि युवाओं के भविष्य के निर्माण के लिए, रोजगार-स्वरोजगार की दिशा में वे आगे बढ़ें, उनका प्रशिक्षण हों, सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए, युवा आयोग का गठन किया जाएगा। इसकी हमने घोषणा की है। जल्द ही युवा आयोग युवाओं के विकास की दिशा में काम करेगा।

 

उन्होंने कहा कि मैदानी क्षेत्रों में औद्योगिकरण के लिए काफी बड़ी इंडस्ट्रियां हमारे यहां आ गई हैं। पर्वती क्षेत्रों में भी उद्योग स्थापित हो, रोजगार मिले, वहां भी इंडस्ट्री का विस्तार हो इस दिशा में चमोली, पौढ़ी और अलमोड़ा जनपदों को पहले चरण में औद्योगिक पार्क स्थापित किए जाएंगे। उद्योग से संबंधित गतिविधियां यहां पर प्रारंभ की जाएंगी।

 

मुख्यमंत्री धामी ने एक्स पर अपनी पोस्ट में कहा, 80वें स्वतंत्रता दिवस का यह पावन अवसर राष्ट्र के गौरव, शौर्य और असंख्य बलिदानों को स्मरण करने का विशेष दिवस है। इस गौरवपूर्ण अवसर पर शासकीय आवास परिसर में राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा फहराकर देश की स्वतंत्रता के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर करने वाले अमर वीर बलिदानियों को श्रद्धापूर्वक नमन किया।

Independence Day 2026: बड़े सपने देखने’ से लेकर ‘विकसित भारत’ के संकल्प तक, PM मोदी के भाषण की बड़ी बातें

Independence Day 2026: देश आज आजादी के 80वें साल का जश्न मना रहा है। इस खास मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दिल्ली स्थित ऐतिहासिक लाल किले की प्राचीर से तिरंगा फहराया। जैसे ही राष्ट्रीय ध्वज आसमान में लहराया, भारतीय वायुसेना के दो Mi-17 हेलीकॉप्टरों ने लाल किले के ऊपर से फूलों की बारिश कर माहौल को और खास बना दिया। ध्वजारोहण के साथ 21 तोपों की सलामी भी दी गई। इसके बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लाल किले की प्राचीर से देश को संबोधित किया।

पीएम मोदी ने अपने संबोधन में 2047 तक भारत को एक विकसित राष्ट्र बनाने के लिए अपनी सरकार के संकल्प को दोहराया। इसके बाद उन्होंने देशवासियों को स्वतंत्रता दिवस की बधाई दी और 1947 में देश की आजादी के लिए लड़ने वालों को श्रद्धांजलि दी। पीएम मोदी ने 80वें स्वतंत्रता दिवस के मौके पर पहली बार ‘वंदे मातरम’ के गायन का भी जश्न मनाया।

बता दें कि लाल किले पर स्वतंत्रता दिवस समारोह के दौरान पहली बार ‘वंदे मातरम’ का पूरा संस्करण बजाया गया, जो देश के आधिकारिक राष्ट्रीय समारोहों में एक ऐतिहासिक क्षण था।

प्रधानमंत्री के भाषण की मुख्य बातें देखें

  • प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 80वें स्वतंत्रता दिवस पर शनिवार को देश को 2047 तक विकसित भारत बनाने का संकल्प दोहराते हुए कहा कि पिछले 12 वर्षों में देश ने नई रफ्तार पकड़ी है और अब 140 करोड़ देशवासियों के संकल्प और सामर्थ्य को रोकना नामुमकिन है।
  • लाल किले की प्राचीर से अपने संबोधन मोदी ने कहा कि भारत को अब छोटे सपनों के साथ आगे बढ़ने के बजाय बड़े सपने देखने और ऊंचे संकल्प लेने होंगे।
  • उन्होंने कहा कि बड़े सपने सोच का विस्तार करते हैं और दृढ़ संकल्प होने पर कठिनाइयों तथा आपदाओं के बीच से रास्ते निकालने का सामर्थ्य अपने आप सामने आता है।
  • प्रधानमंत्री ने कहा, ‘‘भारत ने 2047 में, जब देश की आजादी के 100 वर्ष पूरे होंगे, विकसित राष्ट्र बनने का बड़ा सपना देखा है और 140 करोड़ देशवासियों के पुरुषार्थ से इस लक्ष्य को हासिल किया जाएगा।’’
  • उन्होंने कहा, ‘‘जब दुनिया की सबसे बड़ी आबादी वाला देश विकसित होने का संकल्प लेता है, तो यह दुनिया की नजरों में हमारे साहस का परिचय बन जाता है। दुनिया हमारी तरफ देखने का नजरिया बदलने के लिए मजबूर हो जाती है।’’
  • मोदी ने कहा कि पिछले 12 वर्षों में देश के करोड़ों नागरिकों ने, चाहे वे दलित, पीड़ित, वंचित, आदिवासी, गांव या शहर में रहने वाले, गरीब या मध्यम वर्ग के हों और देश के किसी भी हिस्से से आते हों, एक संकल्प और समर्पण के साथ देश को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए योगदान दिया है।
  • उन्होंने कहा, ‘‘इन्हीं प्रयासों का परिणाम है कि इतनी कम समय में 25 करोड़ देशवासी गरीबी से बाहर निकले हैं।’’
  • प्रधानमंत्री ने आगे कहा कि भारत पहले ‘फ्रैजाइल फाइव’ देशों में गिना जाता था, लेकिन पिछले 12 वर्षों में देश दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ने वाली अर्थव्यवस्थाओं में शामिल हुआ है।
  • मोदी ने कहा कि आजादी के समय देश ने बहुत से सपने देखे थे, लेकिन अपेक्षित रफ्तार नहीं पकड़ पाया।
  • उन्होंने कहा कि पिछले 12 वर्षों में देश ने रफ्तार पकड़ी है और तेज गति से आगे बढ़ रहा है।
  • प्रधानमंत्री ने आत्मनिर्भर भारत के संकल्प पर जोर देते हुए कहा कि भारत को दूसरे देशों पर निर्भर रहकर नहीं जीना है।
  • उन्होंने कहा, ‘‘दुनिया में बहुत कुछ सस्ता और जल्दी मिल सकता है, लेकिन इससे देश की अपनी क्षमता विकसित नहीं होती।’’
  • उन्होंने कहा कि अपने हितों की सुरक्षा भारत को खुद करनी होगी और इसी उद्देश्य से ‘आत्मनिर्भर भारत’, ‘मेक इन इंडिया’ तथा ‘वोकल फॉर लोकल’ जैसे अभियानों को आगे बढ़ाया जा रहा है।
  • सेमीकंडक्टर क्षेत्र का उदाहरण देते हुए मोदी ने कहा कि आजादी के बाद लंबे समय तक भारत में इसका कोई बड़ा संयंत्र नहीं बन पाया, लेकिन अब देश में तीन सेमीकंडक्टर संयंत्र शुरू हो चुके हैं और उनमें उत्पादित सेमीकंडक्टर का निर्यात भी शुरू हो गया है।
  • उन्होंने कहा कि आने वाले सात-आठ वर्षों में कई और सेमीकंडक्टर संयंत्र शुरू होने वाले हैं और यह विकसित भारत की दिशा में आगे बढ़ने का महत्वपूर्ण मार्ग है।
  • मोदी ने स्वतंत्रता दिवस पर देशवासियों को शुभकामनाएं देते हुए महात्मा गांधी समेत सभी स्वतंत्रता सेनानियों और महान क्रांतिकारियों को श्रद्धांजलि अर्पित की।
  • उन्होंने कहा कि आजादी के बाद पहली बार 15 अगस्त को लाल किले पर ‘वंदे मातरम्’ गूंज रहा है और इसके 150 वर्ष पूरे होने के अवसर पर यह ऐतिहासिक पल है।

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