रोहित शर्मा को शामिल करने पर अड़ी BCCI इसलिए आगरकर ने चिढकर ज्वाइन नहीं की मीटिंग

बुधवार को भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड की रिव्यू मीटिंग में पूर्व कप्तान रोहित शर्मा के भविष्य को लेकर बीसीसीआई और मुख्य चयनकर्ता एक राय पर नहीं दिखे। जब यह खबर आई कि चयनकर्ता 2027 वर्ल्ड कप के लिए रोहित को नहीं चाहते और लॉर्ड्स वनडे उनका आखिरी मैच होगा, तो बीसीसीआई ने तुरंत इसका खंडन किया। लगभग ऐसा ही जवाब बीसीसीआई सेक्रेटरी देवजीत सैकिया ने इस बार दिया है।

उन्होंने यह कहा कि रोहित शर्मा अभी औसत से बेहतर खेल रहे हैं और टीम की योजना को लेकर उनकी भूमिका पर कोई संशय नहीं है। मुख्य चयनकर्ता अजीत आगरकर इस मीटिंग में हीं थे। शायद उनको पहले ही बोर्ड का विचार पता लग गया होगा। यह अफवाह है कि रोहित की पैरवी के कारण ही वह इस मीटिंग में शामिल नहीं हुए थे। 

माना जा रहा था रोहित शर्मा ने अपने PR यानि कि जनसंपर्क के कारण अफगानिस्तान सीरीज में अपनी जगह बचा ली थी लेकिन इंग्लैंड उनकी अंतिम सीरीज मानी जा रही थी।रोहित शर्मा ने फिर जबरदस्त जनसंपर्क की बिसात बिछाकर अपनी जगह एक बार फिर बचा ली और आलोचकों के मुंह शतक लगाकर बंद कर दिए।

आगरकर से जुड़ी खबर में इस बात का भी जिक्र है कि कई चयनकर्ताओं को लगता है कि उनके साथ धोखा हुआ है क्योंकि उनको लगता है कि रोहित के रहते भारतीय टीम 2027 वनडे विश्व कप नहीं जीत सकती जबकि बीसीसीआइ के कुछ बड़े लोग सोशल मीडिया को देखकर अपनी रणनीति बदल रहे हैं।

मुख्य चयनकर्ता और चयनसमिती की पसंद यशस्वी जायसवाल 

एकदिवसीय विश्वकप 2027 के लिए मुख्य चयनकर्ता और चयन समिती की पहली पसंद यशस्वी जासवाल है जो 3 पारियो में दो एकदिवसीय शतक लगा चुके हैं। उन्होंने दक्षिण अफ्रीका और अफगानिस्तान के खिलाफ शतक जमाया था। लेकिन बोर्ड संभवत प्रसारणकर्ता के दबाव के कारण बुरे फॉर्स से गुजर रहे रोहित शर्मा को बरकरार रखना चाहती है।

रोहित शर्मा का साल भर रहा बुरा फॉर्म, लॉर्ड्स पर मिली संजीवनी

गौरतलब है कि रोहित शर्मा खराब फॉर्म से जूझ रहे थे और इंग्लैंड के पहले दो एकदिवसीय मैच में फ्लॉप रहे थे। जिसके बाद उनकी संन्यास की अटकलें लगनी शुरु हो गई थी। हालांकि आज उन्होंने बेहतरीन पारी खेली। रोहित शर्मा ने 110 गेंदो में 138 रन बनाए। उन्हें जैकब बैथल ने बोल्ड किया।

रोहित शर्मा ने इंग्लैंड के खिलाफ पहले एकदविसीय मैच में 21 गेंदो में 11 रन बनाए थे।  दूसरे एकदिवसीय मैच में 47 गेंद में 1 चौका और छक्का मारने के बाद 26 रन बनाकर आउट हुए। उनका 5 रनों पर गस एटिंकसन ने कैच छोड़ा था।

अफगानिस्तान के खिलाफ तीसरे एकदिवसीय मैच को छोड़ दे तो इस साल रोहित का प्रदर्शन औसत से नीचे रहा है।पहले मैच में वह 16 रन बनाकर रनआउट हो गए और दूसरे मैच में वह 39 गेंदों में 48 रन बनाकर बोल्ड हो गए।

इससे पहले न्यूजीलैंड के खिलाफ पहली एकदिवसीय सीरीज में रोहित शर्मा फ्लॉप रहे और टीम को शुरुआत में बड़ा स्कोर नहीं दे सके। रोहित शर्मा 3 मैचों में 20 की औसत से 61 रन बना पाए। पूरी सीरीज में उन्होंने 9 चौके और 2 छक्के लगाए।पहले मैच में उन्होंने 29 गेंदो पर 26 रन, दूसरे मैच में उन्होंने 38 गेंदो में 24 रन और तीसरे मैच में 13 गेंदो में 11 रन बनाए।

श्रीलंका ने किला लड़ाकर किया कोलंबो टेस्ट ड्रॉ लेकिन भारत ने सीरीज 1-0 से जीती

Sonal Dinusha

INDvsSL कोलंबो टेस्ट में श्रीलंका के बल्लेबाज सोनल दिनूशा और पुछल्ले बल्लेबाजों ने पांचवे दिन कमाल का संघर्ष दिखाते हुए मैच ड्रॉ करा लिया। 229 पर 6 विकेट खोकर अंतिम दिन  श्रीलंका की टीम ने बारिश का इंतजार नहीं किया और पूरे दिन बल्लेबाजी की। श्रीलंका की टीम ने 429 रन 9 विकेट गंवाए।

इसके बाद भारतीय कप्तान शुभमन गिल ने शतकवीर सोनल दिनूशा से हाथ मिला लिया। श्रीलंका के सोनल दिनुशा शुरु से अंत तक आउट नहीं हुए और उन्होंने 251 गेंदों में नाबाद 131 रन बनाए।

हालंकि यह सीरीज भारत के नाम रही क्योंकि गॉल टेस्ट भारत ने 300 रनों के अंतर से जीता था। लेकिन यह टेस्ट ना जीत पाने के कारण भारत को विश्व टेस्ट चैंपियनशिप अंकतालिका में काफी नुकसान उठाना पड़ सकता है। इस चक्र में यह भारत का दूसरा ड्रॉ मैच है।

श्रीलंका ने ड्रॉ की नीव पहले सत्र में ही डाल दी थी जब टीम ने 29 ओवर में बिना विकेट खोए 100 रन बना लिए थे। दूसरे सत्र में टीम ने 2 विकेट गंवाए जिसके कारण टीम बहुत धीमे खेली और 31.2 ओवर में सिर्फ 54 रन बनाए। अंतिम सत्र में टीम ने 46 रन बनाए और सिर्फ एक विकेट गंवाया।

पैर में जकड़न से जूझने के बावजूद दिनुशा ने जबरदस्त जुझारूपन दिखाते हुए नाबाद 133 रन की पारी के दौरान 264 गेंद का सामना किया और भारत को जीत से वंचित कर दिया। उन्होंने अपनी पारी में और आठ चौके और दो छक्के जड़े। कल के नाबाद सात रन से आगे खेलते हुए दिनुशा ने स्वीप शॉट का शानदार तरीके से इस्तेमाल किया और भारतीय गेंदबाजों को अंतिम दिन पूरी तरह से बेअसर साबित किया।

दिनुशा की अगुआई में श्रीलंका ने दूसरी पारी में जब 154 ओवर में 9 विकेट पर 429 रन बनाए थे तब दोनों टीम मैच ड्रॉ कराने पर सहमत हो गईं। इस समय श्रीलंका को 216 रन की बढ़त हासिल थी।श्रीलंका ने छठा विकेट निरोशन डिकवेला के रूप में 65वें ओवर में गंवा दिया था जिसके बाद दिनुशा ने पुछल्ले बल्लेबाजों के साथ 89 ओवर से अधिक बल्लेबाजी करके भारत की जीत हासिल करने की उम्मीदों को ध्वस्त किया।

दिनुशा और केशारा नुवांता (46 रन, 150 गेंद) ने सातवें विकेट के लिए 112 रन की साझेदारी की दौरान 246 गेंद का सामना किया। बाएं हाथ के इस बल्लेबाज ने इसके बाद लाहिरू कुमारा (12 रन, 90 गेंद) के साथ नौवें विकेट के लिए 47 रन की साझेदारी के दौरान भी मिलकर 170 गेंद खेली जिससे भारत की जीत हासिल करने की रही सही उम्मीद भी टूट गई।

भारत की ओर से रविंद्र जडेजा, प्रसिद्ध कृष्णा, मोहम्मद सिराज और सारांश जैन ने एक-एक विकेट चटकाया।भारत ने इससे पूर्व अपनी पहली पारी नौ विकेट पर 503 रन बनाकर घोषित की थी जिसके जवाब में श्रीलंका की टीम दिनुशा के 103 रन के बावजूद 290 रन पर सिमट गई थी और उसे फॉलोआन के लिए मजबूर होना पड़ा था।

भारतीय टीम को उम्मीद थी कि वे श्रीलंका के बाकी बल्लेबाजों को जल्द समेट देंगे लेकिन दिनुशा और नुवांता मेहमान टीम की उम्मीदों पर पानी फेर दिया। दोनों ने सुबह के सत्र में 100 रन जोड़े और भारतीय गेंदबाजों को सफलता से महरूम रखा।

भारतीय गेंदबाजों को एक बार फिर निचले क्रम के बल्लेबाजों के खिलाफ विकेट चटकाने के लिए जूझना पड़ा। तेज गेंदबाजों ने शॉर्ट गेंद और लेग साइड पर गेंदबाजी की रणनीति अपनाने की कोशिश की लेकिन वे पूरे सत्र में बेअसर ही नजर आए।

स्पिनरों मानव सुथार, सारांश जैन और रविंद्र जडेजा को कुछ मौकों पर टर्न और उछाल मिला लेकिन वे श्रीलंका की पारी को समेटने में नाकाम रहे।श्रीलंका की पहली पारी में 290 रन के दौरान भी उसके अंतिम तीन विकेटों ने मिलकर 45 ओवर बल्लेबाजी की थी और 117 रन जोड़े थे।

पहली पारी में 103 रन बनाने वाले दिनुशा मौजूदा श्रृंखला में भारतीय टीम के लिए सबसे बड़ा सिरदर्द साबित हुए। उन्होंने चार पारियों में तीन शतक और एक अर्धशतक जड़कर भारतीय गेंदबाजों को काफी परेशान किया। उन्होंने पहले टेस्ट में भी 100 और 84 रन बनाए थे।

पच्चीस वर्षीय दिनुशा ने जडेजा की गेंद पर एक रन के साथ 99 गेंद में अर्धशतक पूरा किया।हालांकि लंच के बाद सत्र की शुरुआत में सुथार ने नुवांता का विकेट निकालकर यह साझेदारी तोड़ी। सुथार की गेंद ने नुवांता के बल्ले का किनारा लिया और स्लिप में ध्रुव जुरेल ने कैच लपक लिया।

जडेजा ने इसके बाद प्रभात जयसूर्या (02) को भी स्लिप में जुरेल के हाथों कैच कराया।लेकिन इसके बाद भारतीय टीम को लाहिरू कुमारा के रूप में एक और जुझारू श्रीलंकाई बल्लेबाज का सामना करना पड़ा।

दिनुशा और कुमारा ने 28 से अधिक ओवरों तक भारतीय गेंदबाजों को सफलता हासिल नहीं करने दी।जडेजा ने अंतत: कुमारा को शॉर्ट लेग पर यशस्वी जायसवाल के हाथों कैच कराके इस साझेदारी को तोड़ा।

दिनुशा ने इससे पहले अंतिम सत्र की मोहम्मद सिराज की पहली ही गेंद को मिडविकेट पर दो रन के लिए खेलकर 196 गेंद में मौजूदा श्रृंखला का अपना तीसरा शतक पूरा किया।कप्तान गिल ने अंतिम विकेट की तलाश में स्वयं गेंदबाजी करने के अलावा जायसवाल और जुरेल को भी गेंद सौंपी लेकिन सफलता नहीं मिली।

यशस्वी जायसवाल को सस्ते में छोड़ने पर संजय मांजरेकर ने ट्वीट कर दिखाई नाराजगी

भारत के पूर्व बल्लेबाज संजय मांजरेकर ने युवा खिलाड़ियों वैभव सूर्यवंशी और यशस्वी जायसवाल से जुड़े अनुशासनहीनता के मामलों से निपटने के तरीके को लेकर अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (ICC) और भारतीय क्रिकेट बोर्ड (BCCI) की आलोचना की है।उन्होंने कहा कि यह दोनों संस्थाएं नरम रवैया अपना रही हैं जिससे खिलाड़ियों को अनुशासनहीनता के लिए प्रोत्साहन मिल रहा है।

मांजरेकर ने एक्स पर लिखा, ‘‘आईसीसी और बीसीसीआई, वैभव ने हाल ही में भारत ​​ए के लिए और अब जायसवाल ने (अनुशासनहीनता दिखाई है)। अगर आप उनका इस तरह के व्यवहार में बचाव करते रहेंगे तो आप उन्हें ऐसा व्यवहार दोहराने के लिए प्रशिक्षित कर रहे हैं। यह खेल के लिए अच्छा नहीं है और सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि यह उनके भविष्य के लिए भी अच्छा नहीं है।’’

कोलंबो में दूसरे टेस्ट के पहले दिन मैदान पर हुई कहासुनी के लिए जायसवाल और श्रीलंका के तेज गेंदबाज असिथा फर्नांडो पर उनकी मैच फीस का 25 प्रतिशत जुर्माना लगाया गया। दोनों को एक-एक डिमेरिट अंक भी दिया गया।भारत की पहली पारी के 17वें ओवर में फर्नांडो ने जायसवाल को आउट किया जिसके बाद दोनों में कहासुनी हो गई थी।जून में 15 वर्षीय बल्लेबाज सूर्यवंशी भारत ए की तरफ से खेलते हुए श्रीलंका ए के एक खिलाड़ी के साथ तीखी बहस में उलझ गए थे और हाथापाई की नौबत तक आ गई थी।

हालांकि इससे पहले भारत के बल्लेबाजी कोच सितांशु कोटक ने भी कहा था कि यशस्वी जायसवाल को अशिता फर्नाडो के इतने करीब नहीं जाना चाहिए। सितांशु कोटक ने कहा, “मुझे लगता है कि गेंदबाज़ ने कुछ कहा और यह जोश-जोश में हुआ। ज़ाहिर है, यशस्वी को उनके इतना करीब नहीं जाना चाहिए था, लेकिन जोश-जोश में ऐसा हो जाता है।”

श्रीलंका के तेज़ गेंदबाज़ी कोच रयान वैन नीकेर्क की राय भी कुछ ऐसी ही थी। उन्हें लगा कि यह कड़े मुकाबले वाले दिन का हिस्सा था और उन्होंने इसे “भावनाओं के उबाल” का नतीजा बताया। “देखिए, टेस्ट क्रिकेट मुश्किल होता है, है ना? जब आप भारत जैसी टीम के खिलाफ खेल रहे हों, तो आप बस पीछे हटकर गेंदबाजी नहीं कर सकते। मुझे लगता है कि हमारी तरफ से, हमें हर समय चुनौती पेश करनी होगी और कुछ न कुछ करने की कोशिश करनी होगी।”

उन्होंने आगे कहा,”इसलिए, मेरे नजरिए से, मैंने गेंदबाजों से आगे बढ़कर कुछ करने को कहा है। शायद तीखी बातें भावनाओं के उबाल का नतीजा हैं। मैं इसे मैच रेफरी पर छोड़ता हूं कि वे इसे कैसे देखते हैं।”

पहले वैभव फिर यशस्वी…मैदान पर बढ़ते विवादों पर भड़के मांजरेकर, पूर्व दिग्गज ने की सख्त सजा की मांग!

भारत और श्रीलंका के बीच दो मैचों की टेस्ट सीरीज का दूसरा मुकाबला खेला जा रहा है। वहीं इस मुकाबले के दौरान मैच के पहले दिन यशस्वी जायसवाल और श्रीलंका के तेज गेंदबाज असिथा फर्नांडो के बीच मैदान पर बहस हो गई थी। इसके बाद आईसीसी ने दोनों खिलाड़ियों पर 25% मैच फीस का जुर्माना और 1 डिमेरिट पॉइंट लगाया है। इससे पहले श्रीलंका ए के खिलाफ मुकाबले में वैभव सूर्यवंशी की भी गेंदबाज विशेन हलम्बागे से झड़प हुई थी। हाल ही में भारत के पूर्व क्रिकेटर संजय मांजरेकर ने दोनों खिलाड़ियों के मैदान पर किए गए व्यवहार पर नाराजगी जताई है। मांजरेकर का मानना है कि खिलाड़ियों को मैदान पर अपने व्यवहार को लेकर ज्यादा संयम रखना चाहिए।

आईसीसी-बीसीसीआई को लेकर कही ये बात

क्रिकेट से संन्यास लेने के बाद कमेंटेटर और एक्सपर्ट के तौर पर काम कर रहे संजय मांजरेकर ने X पर अपनी चिंता जाहिर की। उन्होंने ICC और BCCI से मैदान पर खिलाड़ियों के अनुशासनहीन व्यवहार के खिलाफ सख्त कदम उठाने की मांग की। मांजरेकर ने X पर लिखा कि, “वैभव सूर्यवंशी के बाद अब यशस्वी जायसवाल भी मैदान पर ऐसे व्यवहार के लिए चर्चा में हैं। उन्होंने ICC और BCCI से कार्रवाई की मांग करते हुए कहा कि अगर खिलाड़ियों को ऐसी हरकतों के लिए लगातार बचाया जाएगा, तो वे आगे भी ऐसा व्यवहार दोहरा सकते हैं। यह न तो क्रिकेट के लिए अच्छा है और न ही खिलाड़ियों के भविष्य के लिए।”

क्यों भिड़े जायसवाल

यशस्वी जायसवाल और असिथा फर्नांडो के बीच भिड़ंत 17वें ओवर की आखिरी गेंद के बाद हुआ। इससे पहले यशस्वी जायसवाल ने असिथा फर्नांडो की गेंदों पर तीन चौके लगाए थे, लेकिन ओवर की आखिरी गेंद पर वह बोल्ड हो गए। आउट होने के बाद जायसवाल वापस लौटे और फर्नांडो के जश्न पर नाराजगी जताई। दोनों खिलाड़ियों के बीच कुछ देर बहस हुई और मामला इतना बढ़ गया कि जायसवाल फर्नांडो के बेहद करीब आ गए और उन्हें सिर से टक्कर मारते हुए नजर आए। दोनों के बीच मामला बढ़ता देख श्रीलंका के कप्तान धनंजय डी सिल्वा ने बीच में आकर दोनों को शांत कराया। माना जा रहा है कि जायसवाल ने गेंदबाज की किसी टिप्पणी पर प्रतिक्रिया दी थी।

जून में श्रीलंका A के खिलाफ ट्राई सीरीज के दौरान सुपर ओवर में हार के बाद वैभव सूर्यवंशी एक खिलाड़ी से बहस में उलझ गए थे। इस दौरान उन्होंने श्रीलंका A के विशेन हलम्बागे को धक्का भी दिया था। 15 साल की उम्र में इस तरह के व्यवहार को लेकर संजय मांजरेकर ने चिंता जताई है।

इस कारण श्रीलंकाई बल्लेबाज को पड़ी फटकार और मिला एक डीमेरिट अंक (Video)

INDvsSL श्रीलंका के स्पिनर प्रभात जयसूर्या पर भारत के खिलाफ टेस्ट सीरीज जिताने का बड़ा दारोमदार था लेकिन वह इसमें पूरी तरह विफल रहे। गाले टेस्ट में उन्होंने 5 विकेट जरूर चटकाए लेकिन तब तक देर हो चुकी थी। वहीं कोलंबो टेस्ट में भी उनकी गेंदबाजी भारतीय बल्लेबाजों को परेशान करने में विफल रही। इस बात का ही खीज रही जब उनको रात्रि प्रहरी बनाकर कोलंबो टेस्ट के दूसरे दिन पिच पर भेजा गया तो वह पगबाधा आउट हो गए और बल्ला सीमा की रस्सी पर दे मारा।

श्रीलंका के स्पिनर प्रभात जयसूर्या को कोलंबो में भारत के खिलाफ दूसरे टेस्ट के दूसरे दिन आईसीसी आचार संहिता का उल्लंघन करने के लिए फटकार लगाई गई और उनके खाते में एक डिमैरिट अंक जोड़ा गया।

आईसीसी ने कहा कि जयसूर्या को खिलाड़ियों और सहयोगी स्टाफ के लिए आईसीसी आचार संहिता के अनुच्छेद 2.2 का उल्लंघन करते हुए पाया गया है जो अंतरराष्ट्रीय मैच के दौरान क्रिकेट उपकरण या पोशाक को नुकसान पहुंचाने से जुड़ा है।

आईसीसी ने कहा कि इस खिलाड़ी का पिछले 24 महीने यह पहला अपराध था।दूसरे दिन के खेल की आखिरी गेंद पर भारतीय स्पिनर मानव सुथार की गेंद पर पगबाधा आउट होने के बाद जयसूर्या ने पवेलियन लौटते समय बाउंड्री पर अपना बल्ला पटका था।

जयसूर्या ने अपराध स्वीकार किया और मैच रेफरी एंडी पाइक्रॉफ्ट द्वारा प्रस्तावित दंड को मान लिया।इससे पहले, कोलंबो टेस्ट के पहले दिन मैदान पर हुई झड़प के लिए भारतीय सलामी बल्लेबाज यशस्वी जायसवाल और श्रीलंकाई तेज गेंदबाज असिथा फर्नांडो पर मैच फीस का 25 प्रतिशत जुर्माना लगाया गया और उनके खाते में एक-एक डिमैरिट अंक भी जोड़ा गया था।

IND vs SL: आशिता फर्नांडो से विवाद के बाद घिरे यशस्वी जायसवाल! दिग्गज खिलाड़ियों ने भारतीय ओपनर को जमकर सुनाया

IND vs SL: भारत और श्रीलंका के बीच दो टेस्ट मैचों की सीरीज का दूसरा टेस्ट मैच खेला जा रहा है। कोलंबो टेस्ट के पहले दिन यशस्वी जायसवाल और श्रीलंका के तेज गेंदबाज असिथा फर्नांडो के बीच मैदान पर बहस हो गई। मैदान पर जायसवाल के इस रवैये पर भारत के कुछ पूर्व क्रिकेटरों ने नाराजगी जताई है। उनके मुताबिक बल्लेबाज ने बातचीत के दौरान अपनी सीमा पार कर दी और मामला केवल बहस तक सीमित नहीं रहा। दोनों खिलाड़ियों के बीच बात धक्का-मुक्की तक आ गई थी। वहीं इस पर अजय जडेजा और वेंकटेश प्रसाद जैसे कई दिग्गजों ने अपना रिएक्शन दिया है।

क्रिकेट एक्सपर्ट के मुताबिक, मैदान पर खिलाड़ियों के बीच बहस या तीखी बातें होना आम बात है, लेकिन मामला फिजिकल कॉन्टैक्ट तक पहुंचना खेल भावना के लिहाज से सही नहीं माना जाता।

मैदान पर भिड़े जायसवाल-असिथा

ये मामला 17वें ओवर की आखिरी गेंद के बाद हुआ। इससे पहले यशस्वी जायसवाल ने असिथा फर्नांडो की गेंदों पर तीन चौके लगाए थे, लेकिन ओवर की आखिरी गेंद पर वह बोल्ड हो गए। आउट होने के बाद जायसवाल वापस लौटे और फर्नांडो के जश्न पर नाराजगी जताई। दोनों खिलाड़ियों के बीच कुछ देर बहस हुई और मामला इतना बढ़ गया कि जायसवाल फर्नांडो के बेहद करीब आ गए और उन्हें सिर से टक्कर मारते हुए नजर आए। दोनों के बीच मामला बढ़ता देख श्रीलंका के कप्तान धनंजय डी सिल्वा ने बीच में आकर दोनों को शांत कराया। माना जा रहा है कि जायसवाल ने गेंदबाज की किसी टिप्पणी पर प्रतिक्रिया दी थी।

अजय जडेजा ने क्या कहा

दूसरे टेस्ट के लिए सोनी स्पोर्ट्स के ब्रॉडकास्टिंग पैनल में शामिल पूर्व भारतीय क्रिकेटर अजय जडेजा ने कहा कि, ‘जायसवाल ने अपनी सीमा पार कर दी।’ उन्होंने कहा कि, ‘यह मामला गंभीर है और मैदान पर किसी खिलाड़ी से फिजिकल कॉन्टैक्ट करना बिल्कुल अलग बात है। उन्होंने इसे खतरनाक स्थिति बताया।’ जडेजा ने पिछले मैच की एक घटना का भी जिक्र किया, जब श्रीलंका की आखिरी पारी के दौरान यशस्वी जायसवाल ने निरोशन डिकवेला के साथ मजाक किया था। उन्होंने कहा कि अगर कोई खिलाड़ी मैदान पर दूसरों के साथ मजाक करता है, तो उसे सामने से होने वाले मजाक या जवाब को भी स्वीकार करने के लिए तैयार रहना चाहिए।

जडेजा ने आगे कहा कि, “अगर कोई व्यक्ति खुद पर की गई बात या मजाक को बर्दाश्त नहीं कर सकता, तो उसे दूसरों पर भी ऐसा नहीं करना चाहिए। अगर आप अपनी कही बात वापस नहीं ले सकते, तो मैदान पर दूसरों को भी ऐसी बातें नहीं कहनी चाहिए।”

जायसवाल ने बात को बढ़ाया

वेंकटेश प्रसाद ने भी जायसवाल के रवैये पर नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि, ‘मामला बढ़ाने के बजाय जायसवाल को वहां से चले जाना चाहिए था। प्रसाद के मुताबिक, रेफरी इस घटना पर जरूर ध्यान देंगे और उन्हें लगता है कि जायसवाल ने बात को जरूरत से ज्यादा आगे बढ़ा दिया।’ प्रसाद ने कहा कि, “कई बार ऐसा होता है कि खिलाड़ी अच्छी बल्लेबाजी कर रहा होता है, लेकिन अच्छी गेंद पर आउट हो जाता है। जायसवाल को एक बड़ी पारी की जरूरत थी। लेकिन बोल्ड होने के बाद जायसवाल ने शायद कुछ बातें की होंगी, लेकिन जैसा कि जडेजा ने कहा, उन्हें इसे फिजिकल नहीं बनाना चाहिए था, और ऐसा लगता है कि जायसवाल ने उस घटना को बहुत आगे बढ़ा दिया।”

हेलमेट से कॉन्टैक्ट हुआ

इसी पैनल में संजय मांजरेकर ने भी इस घटना के लिए पूरी तरह जायसवाल को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने कहा कि जायसवाल ने ही फर्नांडो के साथ यह हरकत की थी। मांजरेकर ने कहा कि, “वह आदमी पवेलियन जा रहा था, तभी वह कुछ कदम पीछे हटा और एक फील्डर के पास आ गया। और आखिर में, मुझे लगता है कि हेलमेट से कॉन्टैक्ट हुआ। क्या मैं सही कह रहा हूं? मुझे लगता है कि कॉन्टैक्ट हुआ था।” उन्होंने आगे कहा, “अगर मैं मैच रेफरी होता, तो मैं इस पर सीरियसली ध्यान देता।” “क्योंकि, वह कॉन्टैक्ट देखो। जायसवाल ही वह है जो बॉलर की तरफ बढ़ा।”

ICC के कोड ऑफ कंडक्ट के मुताबिक मैदान पर किसी भी तरह की मारपीट या शारीरिक विवाद की इजाजत नहीं है। हालांकि, मैच रेफरी ने अभी तक इस घटना की समीक्षा नहीं की है।

IND vs SL: मैदान पर श्रीलंकाई गेंदबाज से भिड़े यशस्वी जायसवाल, दोनों खिलाड़ियों में हुआ बॉडी कॉन्टैक्ट

IND vs SL: भारत और श्रीलंका के बीच दो मैचों की सीरीज का दूसरा मुकाबला कोलंबो में खेला जा रहा है। मुकाबले में भारत के कप्तान शुभमन गिल ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया है। पहले बल्लेबाजी करने आई भारत की टीम ट्री ब्रेक होने तक 52 ओवर में 3 विकेट खोकर 187 रन बना ली है। वहीं इस मुकाबले के दौरान यशस्वी जायसवाल आउट होने के बाद श्रीलंकाई गेंदबाज से भिड़ गए। श्रीलंकाई तेज गेंदबाज असिथा फर्नांडो के साथ जायसवाल की मैदान पर तीखी बहस हुई। जायसवाल 45 रन बनाकर आउट हुए थे और आउट होने के बाद फर्नांडो के सेलिब्रेशन से वह नाराज नजर आए। इसी दौरान दोनों खिलाड़ियों के बीच बहस बढ़ गई और वीडियो में दोनों खिलाड़ियों के  ऐसा लगा कि जायसवाल ने फर्नांडो को सिर से टक्कर मारने की कोशिश की।

मैदान पर भिड़े जायसवाल-असिथा

ये मामला 17वें ओवर की आखिरी गेंद के बाद हुआ। इससे पहले यशस्वी जायसवाल ने असिथा फर्नांडो की गेंदों पर तीन चौके लगाए थे, लेकिन ओवर की आखिरी गेंद पर वह बोल्ड हो गए। आउट होने के बाद जायसवाल वापस लौटे और फर्नांडो के जश्न पर नाराजगी जताई। दोनों खिलाड़ियों के बीच कुछ देर बहस हुई और मामला इतना बढ़ गया कि जायसवाल फर्नांडो के बेहद करीब आ गए और उन्हें सिर से टक्कर मारते हुए नजर आए। श्रीलंका के कप्तान धनंजय डी सिल्वा ने बीच में आकर यशस्वी जायसवाल और असिथा फर्नांडो को अलग किया, जिसके बाद मामला शांत हुआ। भारत ने दो टेस्ट मैचों की सीरीज में 1-0 की बढ़त बना रखी है।

 

क्या है आईसीसी के नियम

ICC के नियमों के मुताबिक, मैदान पर मारपीट या किसी को शारीरिक नुकसान पहुंचाना लेवल-4 का गंभीर अपराध माना जाता है। आर्टिकल 2.18 के तहत किसी खिलाड़ी, सपोर्ट स्टाफ, अंपायर, मैच रेफरी, दर्शक या किसी अन्य व्यक्ति के साथ मारपीट करना नियमों का उल्लंघन है। जानबूझकर या लापरवाही से किसी को चोट पहुंचाने पर खिलाड़ी या अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है।

क्या जायसवाल पर होगा एक्शन

ICC के आर्टिकल 2.19 में मैदान पर हिंसा करने को लेकर सख्त नियम बनाए गए हैं। इसके तहत किसी खिलाड़ी, अधिकारी, अंपायर, रेफरी, दर्शक या किसी अन्य व्यक्ति को लात मारना, मुक्का मारना या उसके साथ हाथापाई करना नियमों का उल्लंघन माना जाता है। ऐसे मामलों में दोषी खिलाड़ी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जा सकती है। मैदान पर मारपीट और हिंसा से जुड़े ये अपराध ICC की सबसे गंभीर लेवल-4 श्रेणी में आते हैं। ऐसे मामलों में सजा भी काफी सख्त हो सकती है। अपराध की गंभीरता के आधार पर खिलाड़ी या अधिकारी पर कम से कम 5 टेस्ट या 10 वनडे मैचों का बैन लगाया जा सकता है। गंभीर मामले में लाइफटाइम बैन भी लगाया जा सकता है।

यशस्वी जायसवाल ने डिकवेला से करी स्लेजिंग, अगली गेंद पर हुए आउट (Video)

yashasvi jaiswal

yashasvi jaiswal

INDvsSL यशस्वी जायसवाल भले ही गॉल में चल रहे मौजूदा टेस्ट में कुछ खास नहीं कर पाए हों लेकिन उन्होंने भारतीय टीम को एक महत्वपूर्ण समय पर विकेट दिला दिया। पहली पारी में सोनल दिनुशा और निरोशन डिकवेला की शतकीय साझेदारी के कारण श्रीलंका ने फोलोऑन बचा लिया था।

लेकिन इस बार ऐसा नहीं हुआ यशस्वी जायसवाल ने दूसरी पारी के दौरान डिकवेला से बातचीत करनी शुरु कर दी। उन्होंने डिकवेला से कहा कि पहली पारी में तो बहुत अच्छे शॉट्स खेले थे इस पारी में भी दिखाओ। इस पर डिकवेला का जवाब था कि वह आईपीएल अनुबंध लेकर ही ऐसे शॉट्स खेलेंगे। इस पर यशस्वी जायसवाल ने कहा कि वह जरुर उनके लिए बात करेंगें। अगली ही गेंद पर डिकवेला ने कट शॉट खेला और कृष्णा की गेंद पर पंत ने उनका कैच लपक लिया। टीम ने यह विकेट जायसवाल के साथ मनाया।

पहली पारी में 80 रन बनाने वाले डिकवेला दूसरी पारी में सिर्फ 17 गेंदों में 10 रन बना पाए और बहसबाजी में अपना विकेट फेंककर चले गए।

टेस्ट क्रिकेट में 100 छक्के मारने वाले पहले भारतीय बल्लेबाज बने ऋषभ पंत

भारतीय विकेटकीपर ऋषभ पंत टेस्ट क्रिकेट में 100 छक्के मारने वाले पहले भारतीय बल्लेबाज बन गए हैं। यह कारनामा उन्होंने गॉल टेस्ट में मेजबान श्रीलंका के खिलाफ किया। उनसे ज्यादा छक्के सिर्फ बेन स्टोक्स और ब्रेंडन मैकुलम ने लगाए हैं।

पंत ने अपने 51वें मैच में 100 छक्के लगाने का रिकॉर्ड बनाया। इस तरह से वह टेस्ट क्रिकेट में सबसे कम मैच में 100 छक्के जड़ने वाले खिलाड़ी बन गए। इंग्लैंड के पूर्व कप्तान बेन स्टोक्स ने अपने 82वें टेस्ट में यह मुकाम हासिल किया था।

पंत से पहले स्टोक्स (138 छक्के), न्यूजीलैंड के ब्रेंडन मैकुलम (107 छक्के) और ऑस्ट्रेलिया के विकेटकीपर-बल्लेबाज एडम गिलक्रिस्ट (100 छक्के) ने टेस्ट क्रिकेट में 100 छक्के लगाने की विशिष्ट उपलब्धि हासिल की थी।

मैच शुरू होने से पहले पंत के नाम पर 97 छक्के दर्ज थे। उन्होंने पहली पारी में क्रिस गेल के 98 छक्कों के रिकॉर्ड की बराबरी की थी।भारतीय बल्लेबाजों में वीरेंद्र सहवाग और रोहित शर्मा दोनों 91 छक्कों के साथ संयुक्त रूप से दूसरे स्थान पर हैं।

ऋषभ पंत ने भारत को दूसरी पारी में पहुंचाया 194 रनों तक

ऋषभ पंत के आतिशी अर्धशतक के कारण भारतीय टीम ने श्रीलंका के खिलाफ गॉल में दूसरी पारी में 10 विकेटों के नुकसान पर 193 रन बना लिए। भारत पहली पारी के आधार पर मेजबान श्रीलंका से 178 रन आगे था। इस कारण अब श्रीलंका को जीत के लिए 372 रन बनाने होंगे।

आज सुबह भारत की दूसरी पारी की शुरुआत अच्छी नहीं रही जब यशस्वी जायसवाल बिना खाता खोले अशिता की गेंद पर आउट हो गए। इसके बाद केएल राहुल और देवदत्त पड्डीकल के बीच 80 रनों की साझेदारी हुई लेकिन गिल और राहुल के जाने के बाद टीम ने संभलकर खेला। पड्डीकल भी अपने पचास रन नहीं बना पाए और 44 रनों पर आउट हो गए।

इसके बाद क्रीज पर आए ऋषभ पंत ने टेस्ट में चिरपरिचित अंदाज में बल्लेबाजी की । उन्होंने 69 गेंदों में 66 रन बनाए और एक छक्का ऐसा मारा कि गॉल स्टेडियम के बाहर गेंद जाकर गिरी। हालांकि दूसरे छोर से विकेटों का पतन बदस्तूर जारी रहा और भारत 193 रन बना पाया। श्रीलंका को यह मैच जीतने के लिए 372 रन बनाने होंगे।

पंत के आतिशी अर्धशतक की बदौलत भारत पहुंचा 194 रनों तक, श्रीलंका को जीत के लिए 372 रनों का लक्ष्य

ऋषभ पंत के आतिशी अर्धशतक के कारण भारतीय टीम ने श्रीलंका के खिलाफ गॉल में दूसरी पारी में 10 विकेटों के नुकसान पर 193 रन बना लिए। भारत पहली पारी के आधार पर मेजबान श्रीलंका से 178 रन आगे था। इस कारण अब श्रीलंका को जीत के लिए 372 रन बनाने होंगे।

आज सुबह भारत की दूसरी पारी की शुरुआत अच्छी नहीं रही जब यशस्वी जायसवाल बिना खाता खोले अशिता की गेंद पर आउट हो गए। इसके बाद केएल राहुल और देवदत्त पड्डीकल के बीच 80 रनों की साझेदारी हुई लेकिन गिल और राहुल के जाने के बाद टीम ने संभलकर खेला। पड्डीकल भी अपने पचास रन नहीं बना पाए और 44 रनों पर आउट हो गए।

इसके बाद क्रीज पर आए ऋषभ पंत ने टेस्ट में चिरपरिचित अंदाज में बल्लेबाजी की । उन्होंने 69 गेंदों में 66 रन बनाए और एक छक्का ऐसा मारा कि गॉल स्टेडियम के बाहर गेंद जाकर गिरी। हालांकि दूसरे छोर से विकेटों का पतन बदस्तूर जारी रहा और भारत 193 रन बना पाया। श्रीलंका को यह मैच जीतने के लिए 372 रन बनाने होंगे।