ऋषभ पंत की आलोचना करते अश्विन भिड़ गए एंकर से, वीडियो हुआ वायरल

टेस्ट क्रिकेट में ऋषभ पंत के आक्रामक अंदाज़ ने भारत के लिए कई यादगार पल दिए हैं, लेकिन पूर्व स्पिनर रविचंद्रन अश्विन का मानना है कि विकेटकीपर-बल्लेबाज़ को अभी यह सीखना बाकी है कि कब अपने आक्रामक रवैये पर काबू रखना है।पंत ने श्रीलंका के दो टेस्ट मैचों के दौरे पर 168 रन बनाए, लेकिन उनके कुछ शॉट सिलेक्शन ने अश्विन को प्रभावित नहीं किया। भारत के पूर्व स्पिनर ने ज़ोर देकर कहा कि उनकी आलोचना पंत की काबिलियत या उनके स्वाभाविक बल्लेबाज़ी अंदाज़ को लेकर नहीं थी, बल्कि हालात के हिसाब से फ़ैसले लेने के उनके तरीके पर थी।

अश्विन का मानना है कि पंत, जो अब एक अनुभवी टेस्ट क्रिकेटर हैं, उन्हें यह समझने की ज़रूरत है कि टीम को कब उनसे आक्रामक खेल की ज़रूरत है और कब उन्हें ज़्यादा संयम बरतना चाहिए।

अपने यूट्यूब चैनल ‘ऐश की बात’ पर बात करते हुए अश्विन ने कहा कि सीरीज़ में पंत का प्रदर्शन उन उम्मीदों पर खरा नहीं उतरा जो उन्हें उनसे थीं। अश्विन ने कहा, “ऋषभ पंत से मेरी उम्मीदें अब तक पूरी नहीं हुई हैं। मुझे बहुत अफ़सोस है। सोनल दिनुशा का स्ट्राइक रेट भी काफ़ी अच्छा था। लेकिन फ़र्क ज़्यादा जोखिम वाले विकल्पों का है। जब खेल आपके हाथ में हो, तो ये सब बातें मायने नहीं रखतीं कि ‘ऋषभ ऐसे ही खेलते हैं।’ असल बात यह है कि आपकी टीम को क्या चाहिए।”

जोखिम लेने की पंत की आदत उनके टेस्ट करियर की एक अहम पहचान रही है, जिससे उन्हें अक्सर मैचों का रुख बदलने में मदद मिली है। हालाँकि, अश्विन का मानना है कि यह पहचान खराब फ़ैसलों का बहाना नहीं बन सकती, खासकर तब जब कोई जोखिम भरा शॉट टीम को मुश्किल में डाल सकता हो।

उन्होंने आगे कहा, “ऋषभ ने सिडनी और ब्रिस्बेन में शानदार पारियां खेलीं, लेकिन आप वाशिंगटन सुंदर और शार्दुल ठाकुर के बिना वह मैच नहीं जीत सकते थे। टेस्ट मैच बनाने और खेल के आखिरी सेशन में उसे जीतने के लिए 11 क्रिकेटरों की ज़रूरत होती है, लेकिन टेस्ट हारने के लिए बेवकूफी भरा एक पल ही काफ़ी होता है।”

अश्विन ने कहा कि पंत की प्रतिभा पर कोई सवाल नहीं है, लेकिन अगर वह टेस्ट क्रिकेट में लगातार अच्छा प्रदर्शन करना चाहते हैं, तो मैच की स्थिति को समझने और उसके अनुसार अपना खेल बदलने की उनकी क्षमता बहुत अहम होगी।पंत के श्रीलंका दौरे पर भी उन्हें कुछ मुश्किलों का सामना करना पड़ा। कोलंबो में लाहिरू कुमारा की गेंद कलाई पर लगने के बाद चोटिल होकर रिटायर होने से पहले उन्होंने दो अर्धशतक लगाए। अगले दिन वह फिर बल्लेबाजी करने उतरे और तुरंत ही आक्रामक अंदाज अपनाते हुए छक्का जड़ा।

हालांकि, अश्विन का मानना है कि कुछ हालात ऐसे होते हैं जब पंत को अपनी स्वाभाविक आक्रामकता के बजाय टीम की जरूरतों को प्राथमिकता देनी चाहिए। उन्होंने कहा, “मैं बस उन मौकों की बात कर रहा हूं जब मैच नाजुक मोड़ पर होता है और ऐसे जोखिम उठाए जाते हैं। मुझे खिलाड़ी के तौर पर ऋषभ पसंद हैं। इस फॉर्मेट में हालात के हिसाब से खेलना जरूरी है।”

पूर्व स्पिनर इस बात से भी सहमत नहीं थे कि मैच जिताने की काबिलियत रखने वाले खिलाड़ियों के साथ अलग व्यवहार किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा, “किसी एक खिलाड़ी को खास तवज्जो न दें। अगर (पीढ़ी में एक बार आने वाले) खिलाड़ी का समर्थन करना है, तो सबके लिए करें। (यशस्वी) जायसवाल भी ऐसे ही खिलाड़ी हैं। ऋषभ के बारे में मैं बस इतना कह रहा हूं कि वह अनुभवी हैं, उन्होंने 50 टेस्ट खेले हैं। उन्हें जिम्मेदारी लेने की जरूरत है।”

अश्विन ने टेस्ट क्रिकेट के दो सबसे खतरनाक बल्लेबाजों – वीरेंद्र सहवाग और एडम गिलक्रिस्ट – का भी जिक्र किया। उन्होंने समझाया कि आक्रामक शैली अपनाने का मतलब यह नहीं है कि खेल की समझ को नजरअंदाज कर दिया जाए। उन्हें लगता है कि पंत अपनी स्वाभाविक आक्रामकता और हर स्थिति की मांग के बीच सही संतुलन बनाकर और भी बेहतर खिलाड़ी बन सकते हैं।अश्विन ने कहा, “जिस दिन आप उन्हें सच बताएंगे, वह भारत के लिए सभी फॉर्मेट में खेलने वाले खिलाड़ी बन जाएंगे।”

इस ऑस्ट्रेलियाई पेसर ने छीन लिया जसप्रीत बुमराह के नंबर 1 टेस्ट गेंदबाज का ताज

Jasprit Bumrah

बांग्लादेश के खिलाफ आईसीसी विश्व टेस्ट चैम्पियनशिप श्रृंखला के दूसरे मैच में 10 विकेट लेने वाले ऑस्ट्रेलिया के तेज गेंदबाज मिचेल स्टार्क अपने करियर में पहली बार आईसीसी टेस्ट रैंकिंग में नंबर एक गेंदबाज बन गए हैं।

इस 36 वर्षीय बाएं हाथ के गेंदबाज ने पहली पारी में 12 रन देकर छह और दूसरी पारी में 39 रन देकर चार विकेट लेकर ऑस्ट्रेलिया की पारी और 51 रन की जीत में अहम भूमिका निभाई। इससे उन्होंने न्यूजीलैंड के मैट हेनरी और भारत के जसप्रीत बुमराह को पीछे छोड़कर नंबर एक स्थान हासिल कर दिया। वह इन दोनों तेज गेंदबाजों से 10 रेटिंग अंक आगे हैं।

स्टार्क इससे पहले एक बार दूसरे स्थान पर पहुंचे थे। उन्होंने पिछले साल ‘बॉक्सिंग डे’ टेस्ट के बाद पहली बार दूसरा स्थान हासिल किया था।

बुमराह इस तरह से मौजूदा दौर में केवल दो महीने तक शीर्ष स्थान पर काबिज रहे लेकिन वह कुल 697 दिन तक नंबर एक गेंदबाज रहे जो किसी भी भारतीय गेंदबाज का रिकॉर्ड है। इस मामले में वह सर्वकालिक सूची में 14वें स्थान पर हैं। बुमराह चोट के कारण वे श्रीलंका के खिलाफ चल रही श्रृंखला से बाहर हो गए थे।

इंग्लैंड के तेज गेंदबाज ओली रॉबिन्सन को भी काफी फायदा हुआ है। लीड्स में तीन टेस्ट मैचों की श्रृंखला के पहले टेस्ट में इंग्लैंड की पाकिस्तान के खिलाफ एक पारी और 103 रन की जीत में आठ विकेट लेने के कारण वह गेंदबाजों की रैंकिंग में 15 स्थान ऊपर 11वें स्थान पर पहुंच गए हैं।

इस मैच में आठ विकेट लेने वाले जोश टोंग रैंकिंग में 16 पायदान ऊपर 17वें स्थान पर पहुंच गए हैं। गॉल में श्रीलंका के खिलाफ पहले टेस्ट में भारत की 165 रन की जीत में 10 विकेट लेने वाले बाएं हाथ के स्पिनर मानव सुथार रैंकिंग में 28 पायदान ऊपर अपने करियर के सर्वश्रेष्ठ 48वें स्थान पर पहुंच गए हैं।

श्रीलंका के गेंदबाज असिथा फर्नांडो और प्रभात जयसूर्या दोनों पांच पायदान ऊपर क्रमशः 15वें और 16वें स्थान पर पहुंच गए हैं।

ऑस्ट्रेलिया के स्पिनर नाथन लियोन (दो स्थान ऊपर 10वें), पाकिस्तान के अली उस्मान (30 स्थान ऊपर 67वें), इंग्लैंड के तेज गेंदबाज जोफ्रा आर्चर (छह स्थान ऊपर संयुक्त 38वें), भारत के प्रसिद्ध कृष्णा (दो स्थान ऊपर 53वें) और बांग्लादेश के शोरिफुल इस्लाम (17 स्थान ऊपर 57वें स्थान पर) भी आगे बढ़ने में सफल रहे।

बल्लेबाजी रैंकिंग में हैरी ब्रूक ने शीर्ष पर अपनी स्थिति मजबूत करनी है। वह अपने साथी खिलाड़ी जो रूट से 24 रेटिंग अंक आगे हो गए हैं। भारत के विकेटकीपर-बल्लेबाज ऋषभ पंत छह पायदान ऊपर सातवें स्थान पर पहुंच गए हैं।

ऑस्ट्रेलिया के कैमरन ग्रीन (नौ स्थान ऊपर 21वें), श्रीलंका के धनंजय डी सिल्वा (दो स्थान ऊपर 22वें), सोनल दिनुशा (49 स्थान ऊपर 54वें), पाकिस्तान के अब्दुल्ला शफीक (सात स्थान ऊपर संयुक्त 27वें), भारत के केएल राहुल (पांच स्थान ऊपर 30वें) और देवदत्त पडिक्कल (59वें स्थान पर) ने भी अपनी बल्लेबाजी रैंकिंग में सुधार किया है।

ऋषभ पंत की चोट है गंभीर, गेंदबाजी कोच के बयान से टीम और फैंस चिंता में

भारत के गेंदबाजी कोच मोर्ने मोर्कल ने मंगलवार को कहा कि विकेटकीपर बल्लेबाज ऋषभ पंत को कंधे पर ‘काफी चोट’ लगी है जिससे उनकी मूवमेंट प्रभावित हुई है लेकिन उन्हें उम्मीद है कि वह श्रीलंका के खिलाफ यहां चल रहे दूसरे टेस्ट के चौथे दिन मैदान पर लौटेंगे।

पंत ने यहां तीसरे दिन विकेटकीपिंग नहीं की और ध्रुव जुरेल ने उनकी जगह यह जिम्मेदारी निभाई।दूसरे दिन बल्लेबाजी के दौरान कंधे पर चोट लगने के बाद पंत ड्रेसिंग रूम में हाथ में पट्टी बांधकर दिखे।

मोर्कल ने दिन का खेल समाप्त होने के बाद संवाददाताओं से कहा, ‘‘ऋषभ के कंधे पर चोट लगी है। इस बारे में कल रात भी चर्चा हुई थी क्योंकि उन्हें काफी चोट लगी है। मुझे लगता है कि आज सुबह वार्मअप करने की कोशिश के दौरान उनकी मूवमेंट सीमित थीं।’’उन्होंने कहा, ‘‘अब हम रातभर उनकी स्थिति पर नजर रखेंगे और उम्मीद है कि कल वह हमारे लिए विकेटों के पीछे मौजूद होंगे। उनका वहां होना महत्वपूर्ण है क्योंकि खेल को समझने की उनकी क्षमता असाधारण है।’’

मोर्कल ने कहा कि अगर कुलदीप यादव दूसरे टेस्ट से पहले वायरल बुखार की चपेट में नहीं आए होते तो चयन के लिए उनके नाम पर विचार किया जाता।उन्होंने कहा, ‘‘नहीं, चयन मेरे हाथ में नहीं है। मुझे लगता है कि पहले टेस्ट के लिए उन्हें कुछ निश्चित भूमिकाएं निभाने को कहा गया था जो थोड़ा मुश्किल टेस्ट था। लेकिन मेरे हिसाब से वह अंतिम चयन के दावेदारों में जरूर होते।’’

दक्षिण अफ्रीका के पूर्व तेज गेंदबाज मोर्कल ने कहा कि भारत बुधवार को जल्द से जल्द श्रीलंका के बचे हुए दो विकेट हासिल करके बढ़त अपने पक्ष में बनाए रखना चाहेगा। श्रीलंका की ओर से सोनल दिनुशा, केशरा नुवंता और लाहिरू कुमारा ने संघर्षपूर्ण पारियां खेलीं। मोर्कल ने कहा कि क्रिकेट में ऐसे दौर आते रहते हैं।

उन्होंने कहा, ‘‘आप जितनी जल्दी हो सके मैदान से बाहर आना चाहते हैं, हमेशा यही योजना होती है। लेकिन यह खेल का हिस्सा है। कभी-कभी कूकाबूरा गेंद थोड़ी नरम हो जाती है और पिच से गेंद को अतिरिक्त तेजी दिलाना काफी मुश्किल होता है।’’मोर्कल ने कहा, ‘‘मुझे लगा कि उन्होंने (श्रीलंका ने) काफी अच्छी बल्लेबाजी की और वहां अच्छी साझेदारी बनाई। मुझे नहीं लगता कि उन्हें गेंदबाजी करने में हमें कोई परेशानी हुई, यह सिर्फ खेल की प्रकृति है।’’

कृष्णा और सुथार के 3-3 विकेट, सोनल लड़ रहे श्रीलंका को फॉलोऑन से बचाने के लिए

INDvsSL प्रसिद्ध कृष्णा और मानव सुथार के 3-3 विकेट के कारण भारत ने 83.4 ओवरों में श्रीलंका के 265 रनों पर 8 विकेट गंवा दिए हैं। इसके बाद बारिश के कारण मैच को रोकना पड़ा। अंतिम सत्र में श्रीलंका ने काहिरा का विकेट खोया और लाहिरू 8 रन और सोनल दिनूशा 85 रन पर क्रीज पर खड़े हुए हैं। श्रीलंका अभी भारत से 239 रन पीछे है और फॉलोऑन टालने के लिए मेजबान को 39 रन चाहिए।

श्रीलंका ने सुबह दो विकेट पर आठ रन से आगे खेलना शुरू किया और पहले सत्र में 122 रन जोड़े। बारिश के कारण देर से शुरू हुए दूसरे सत्र में उसने 86 रन जोड़े और इस बीच तीन विकेट गंवाए।मानव सुथार की सटीक गेंदबाजी से भारत ने लंच के बाद श्रीलंका को शुरुआती झटका दिया। सुथार की गेंद धनंजय डी सिल्वा के बल्ले का किनारा देकर पहली स्लिप में केएल राहुल के सुरक्षित हाथों में चली गई।

लेकिन श्रीलंका को सबसे बड़ा झटका पासिंदु सूरियाबंडारा (80) के आउट होने से लगा, जिन्होंने धैर्य के साथ बल्लेबाजी की। रविंद्र जडेजा ने उन्हें चकमा देकर बोल्ड किया।इसके दो रन बाद मोहम्मद सिराज ने लेग साइड से डाली गई एक साधारण सी गेंद पर निरोशन डिकवेला को आउट कर दिया। विकेटकीपर ध्रुव जुरेल ने उनका कैच लिया।

पहले सत्र के खेल के दौरान ऋषभ पंत की जगह क्षेत्ररक्षण करने आए सरफराज खान, मोहम्मद सिराज और श्रीलंकाई बल्लेबाजों के बीच हुई जुबानी जंग से यह सत्र और भी रोमांचक हो गया।प्रसिद्ध कृष्णा ने दिन के सातवें ओवर में ही अपना पहला टेस्ट मैच खेल रहे कामिल मिसारा (19) को विकेट के पीछे कैच करा दिया। प्रसिद्ध की तेजी से उठती गेंद को मिसारा नहीं समझ पाए। गेंद उनके बल्ले को चूमकर विकेटकीपर जुरेल के हाथों में चली गई।

लेकिन सूरियाबंडारा और कामिंदु मेंडिस (32) ने भारत को लगभग दो घंटे तक विकेट से महरूम रखा। इन दोनों बल्लेबाजों ने मानव सुथार और अपना पहला टेस्ट मैच खेल रहे सारांश जैन को हावी नहीं होने दिया।ऑफ स्पिनर जैन ने कुछ उछाल और टर्न हासिल किया लेकिन श्रीलंका के बल्लेबाजों को परेशानी में नहीं डाल सके। सूरियाबंडारा और मेंडिस ने चौथे विकेट के लिए 87 रन जोड़े।

इसमें अपना दूसरा टेस्ट खेल रहे सूरियाबंडारा का योगदान महत्वपूर्ण रहा। दाएं हाथ के इस बल्लेबाज में 76 गेंद पर अपना पहला अर्धशतक पूरा किया।दूसरी ओर, मेंडिस ने मानव सुथार की गेंद पर मिड-विकेट के ऊपर से छक्का लगाकर अपने इरादे स्पष्ट किए। प्रसिद्ध ने लंच से ठीक पहले तेजी से उछाल लेती गेंद पर मेंडिस को मिड विकेट पर खड़े रविंद्र जडेजा के हाथों कैच कराकर यह साझेदारी तोड़ी।

‘जय जवान, जय किसान’ सिर्फ टैटू नहीं, ध्रुव जुरेल की भावुक कर देने वाली कहानी है, VIDEO में देखें

श्रीलंका के खिलाफ कोलंबो में खेले जा रहे दूसरे टेस्ट के दूसरे दिन ध्रुव जुरेल ने अपने टेस्ट करियर का दूसरा शतक जड़कर महफिल लूट ली। जुरेल ने नाबाद 115 रन की पारी खेली और भारत को 503/9 घोषित के मजबूत स्कोर तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई। उनके शतक की खास बात सिर्फ उनका शानदार बल्लेबाजी प्रदर्शन नहीं था, बल्कि सेंचुरी पूरी करने के बाद किया गया उनका सेलिब्रेशन भी रहा। जुरेल ने बैट उठाकर शतक का जश्न मनाया और फिर अपनी बांह पर बना ‘जय जवान, जय किसान’ (Jai Jawan Jai Kishan Tattoo) टैटू दिखाया। यह पल सोशल मीडिया पर भी चर्चा का विषय बना, क्योंकि इस टैटू के पीछे जुरेल की अपनी जड़ों और परिवार से जुड़ी बेहद खास कहानी है। 

 पिता सैनिक, दादा किसान… जुरेल ने बताया टैटू का मतलब

 

जुरेल ने दिन का खेल खत्म होने के बाद बताया कि ‘जय जवान, जय किसान’ उनके लिए सिर्फ एक स्लोगन नहीं, बल्कि उनकी पहचान और परिवार की विरासत है। उन्होंने कहा कि उनके दादा किसान थे, जबकि पिता भारतीय सेना में सैनिक रहे है। उनके पिता ने 1999 के कारगिल युद्ध में भी हिस्सा लिया था। यही वजह है कि जुरेल अपनी बांह पर इस संदेश को हमेशा अपने साथ रखना चाहते हैं। सेंचुरी के बाद उनका सलाम और टैटू दिखाने वाला सेलिब्रेशन भी उन्होंने अपने पिता और दादा को समर्पित किया। जुरेल के मुताबिक, ये वही जड़ें हैं जहां से वह आए हैं और वह इन्हें कभी नहीं भूलना चाहते। दूसरे दिन के खेल में उनका यह अंदाज शतक से भी ज्यादा भावुक कर देने वाला पल बन गया। 

पंत के साथ 112 रन की साझेदारी, लेकिन अपना गेम नहीं छोड़ा

 

जुरेल ने दूसरे दिन ऋषभ पंत के साथ मिलकर 112 रन की साझेदारी की। पंत ने अपने आक्रामक अंदाज में 63 रन बनाए, जबकि जुरेल ने दूसरी तरफ संयम और समझदारी से अपनी पारी को आगे बढ़ाया। पंत के साथ बल्लेबाजी को लेकर जुरेल ने कहा कि वह उनके अनुभव से काफी कुछ सीखते हैं और मुश्किल परिस्थितियों में उनसे सलाह भी लेते हैं। हालांकि, उन्होंने यह साफ किया कि पंत की तरह खेलने की कोशिश करना उनके गेम का हिस्सा नहीं है।

शतक, सलाम और ‘जय जवान, जय किसान’… ध्रुव जुरेल के टैटू का इमोशनल कनेक्शन, VIDEO
उनका फोकस अपनी ताकत के मुताबिक बल्लेबाजी करने, सही गेंदबाज को निशाना बनाने और सही समय पर जोखिम लेने पर रहता है। जुरेल ने यह भी बताया कि शतक पूरा करने में मोहम्मद सिराज की भूमिका अहम रही, जिन्होंने उनके साथ टिककर 29 गेंदें खेलीं और उन्हें सेंचुरी तक पहुंचने का मौका दिया। 

 

Galle Test: मानव सुथार यानी ‘फिरकी का नया जादूगर’, 10 विकेट झटक श्रीलंका को किया चारों खाने चित

श्रीलंका की धरती पर एक बार फिर भारतीय टीम ने जीत का झंडा गाड़ दिया है। बुधवार को गॉल में खेले गए पहले टेस्ट के पांचवें और आखिरी दिन भारत ने श्रीलंका को 165 रन से हरा दिया। इस जीत के हीरो मानव सुथार रहे, जिन्होंने मैच में कुल 10 विकेट लिए। भारत ने इस जीत के साथ दो मैचों की टेस्ट सीरीज में 1-0 की बढ़त बना ली। यह भारत के 600वें टेस्ट मैच में मिली जीत भी है।मानव सुथार ने मैच का अपना 10वां विकेट भारी बारिश शुरू होने से ठीक पहले लिया। उनके विकेट लेते ही मैच खत्म हो गया और करीब पांच मिनट बाद गॉल में तेज बारिश शुरू हो गई।

मानव सुथार के जाल में फंसे श्रीलंका के बल्लेबाज

गॉल की पिच स्पिन गेंदबाजों के लिए मददगार मानी जाती है। ऐसे मैदान पर मिली यह जीत भारत का आत्मविश्वास बढ़ाएगी। इससे पहले भारत को घरेलू मैदान पर न्यूजीलैंड और दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ स्पिन वाली पिचों पर मुश्किलों का सामना करना पड़ा था। कुछ हिस्से तक भारतीय गेंदबाजों का सामना किया, लेकिन आखिरकार 206 रन पर पूरी टीम ऑलआउट हो गई। मानव सुथार ने श्रीलंका के आखिरी चार विकेट लेकर भारत की जीत पक्की कर दी।सुथार ने दूसरी पारी में 55 रन देकर 6 विकेट लिए। यह लगातार दूसरा टेस्ट था, जिसमें उन्होंने एक पारी में 5 या उससे ज्यादा विकेट लिए हैं। इससे पहले अफगानिस्तान के खिलाफ अपने डेब्यू टेस्ट में भी उन्होंने 5 विकेट लिए थे। इस मैच की पहली पारी में भी सुथार ने श्रीलंका के 4 बल्लेबाजों को आउट किया था।

सीरीज के पहले ही मैच 10 विकेट किया अपने नाम

लंच के बाद श्रीलंका ने 6 विकेट पर 175 रन से खेलना शुरू किया और बिना कोई विकेट गंवाए स्कोर 199 रन तक पहुंचा दिया। उस समय लगा कि मेजबान टीम मुकाबले में वापसी कर सकती है, लेकिन तभी मानव सुथार ने गेंदबाजी में वापसी की और लगातार विकेट लेकर मैच का रुख पूरी तरह भारत के पक्ष में कर दिया।76वें ओवर में मानव सुथार ने सोनल दिनुशा को 84 रन के स्कोर पर आउट किया। इसके बाद उन्होंने लगातार दो गेंदों पर प्रभात जयसूर्या और लाहिरू कुमारा को पवेलियन भेज दिया। इन विकेटों के साथ श्रीलंका का स्कोर 9 विकेट पर 199 रन हो गया।

 

सुथार को गेंद से अच्छी टर्न और उछाल मिल रही थी। उन्होंने केशरा नुवंथा को बोल्ड कर श्रीलंका की पारी खत्म कर दी और भारत को 165 रन से शानदार जीत दिलाई। हालांकि, सोनल दिनुशा और श्रीलंका के कप्तान धनंजय डी सिल्वा के बीच हुई मजबूत साझेदारी ने भारत को जीत के लिए उम्मीद से ज्यादा इंतजार कराया। दोनों ने भारतीय गेंदबाजों का अच्छी तरह सामना किया, लेकिन सुथार के लगातार विकेटों ने श्रीलंका की सारी उम्मीदें खत्म कर दीं।

मैच में लिए ये अहम विकेट

रात से नाबाद खेल रहे सोनल दिनुशा और धनंजय डी सिल्वा ने 202 गेंदों पर 95 रन की साझेदारी की। दोनों ने शुरुआती सेशन में एक घंटे से ज्यादा समय तक भारतीय गेंदबाजों को विकेट के लिए तरसाए रखा। भारतीय स्पिनरों के खिलाफ श्रीलंकाई बल्लेबाजों ने एक बार फिर स्वीप शॉट का खूब इस्तेमाल किया। मैच में पहले भी यह तरीका उनके लिए काफी कारगर रहा था। भारत की ओर से रवींद्र जडेजा सबसे प्रभावी स्पिनर रहे। उन्होंने लगातार सही लाइन पर गेंदबाजी की और पिच से अच्छी पकड़ भी हासिल की। मानव सुथार ने दिन की शुरुआत में ज्यादा ओवर नहीं किए, लेकिन उनकी गेंदबाजी लगातार खतरनाक बनी रही। दूसरी ओर, कुलदीप यादव को पिच की खुरदरी सतह से ज्यादा मदद नहीं मिली। उनकी गेंदें भी काफी सपाट रहीं। कुलदीप ने ‘अराउंड द विकेट’ गेंदबाजी करते हुए एंगल बनाने की कोशिश की, लेकिन इस वजह से उनके लिए बल्लेबाज को LBW आउट करने का मौका कम हो गया।

धनंजय डी सिल्वा ने 125 गेंदों में अपनी फिफ्टी पूरी की। इसके कुछ ही देर बाद सोनल दिनुशा ने भी अपना अर्धशतक पूरा कर लिया। दिनुशा की फिफ्टी खास रही। उन्होंने कुलदीप यादव की गेंद पर स्लॉग-स्वीप खेलकर छक्का लगाया और अपना अर्धशतक पूरा किया। इसके बाद रवींद्र जडेजा ने धनंजय डी सिल्वा को आउट कर भारत को बड़ी सफलता दिलाई। जडेजा की गेंद में अतिरिक्त उछाल आया और डी सिल्वा के स्वीप शॉट का टॉप-एज लगा। गेंद शॉर्ट फाइन लेग पर खड़े मानव सुथार के हाथों में चली गई।

इसके बाद निरोशन डिकवेला ने श्रीलंका के स्कोर को तेजी से आगे बढ़ाने की कोशिश की। पहली पारी में उन्होंने संभलकर बल्लेबाजी की थी, लेकिन इस बार उन्होंने कुलदीप यादव और जडेजा के खिलाफ बड़े शॉट खेलने की कोशिश की। वह लगातार स्लॉग-स्वीप खेलने के प्रयास में थे, लेकिन आखिरकार प्रसिद्ध कृष्णा की गेंद पर आउट हो गए।

भारत को मिली शानदार जीत

निरोशन डिकवेला ने खुद के लिए जगह बनाकर कवर के ऊपर से बड़ा शॉट खेलने की कोशिश की, लेकिन प्रसिद्ध कृष्णा की गेंद पर उनके बल्ले का किनारा लगा। गेंद विकेट के पीछे खड़े ऋषभ पंत के हाथों में चली गई और डिकवेला आउट हो गए। इसके बाद सोनल दिनुशा और केशरा नुवंथा ने करीब 30 मिनट तक हिम्मत और थोड़े भाग्य के सहारे बल्लेबाजी की। श्रीलंका को उम्मीद थी कि वह किसी तरह समय निकाल ले और मौसम खराब होने से पहले मैच को बचाने की कोशिश करे। लेकिन मानव सुथार के दोबारा गेंदबाजी पर आते ही श्रीलंका की आखिरी उम्मीद भी खत्म हो गई। मिडिल सेशन में 30 मिनट से कुछ ज्यादा समय के अंदर श्रीलंका का निचला क्रम बिखर गया। बारिश शुरू होने से ठीक पहले सुथार ने केशरा नुवंथा को आउट कर अपने 10 विकेट पूरे किए और भारत को शानदार जीत दिला दी।

टेस्ट क्रिकेट में 100 छक्के मारने वाले पहले भारतीय बल्लेबाज बने ऋषभ पंत

भारतीय विकेटकीपर ऋषभ पंत टेस्ट क्रिकेट में 100 छक्के मारने वाले पहले भारतीय बल्लेबाज बन गए हैं। यह कारनामा उन्होंने गॉल टेस्ट में मेजबान श्रीलंका के खिलाफ किया। उनसे ज्यादा छक्के सिर्फ बेन स्टोक्स और ब्रेंडन मैकुलम ने लगाए हैं।

पंत ने अपने 51वें मैच में 100 छक्के लगाने का रिकॉर्ड बनाया। इस तरह से वह टेस्ट क्रिकेट में सबसे कम मैच में 100 छक्के जड़ने वाले खिलाड़ी बन गए। इंग्लैंड के पूर्व कप्तान बेन स्टोक्स ने अपने 82वें टेस्ट में यह मुकाम हासिल किया था।

पंत से पहले स्टोक्स (138 छक्के), न्यूजीलैंड के ब्रेंडन मैकुलम (107 छक्के) और ऑस्ट्रेलिया के विकेटकीपर-बल्लेबाज एडम गिलक्रिस्ट (100 छक्के) ने टेस्ट क्रिकेट में 100 छक्के लगाने की विशिष्ट उपलब्धि हासिल की थी।

मैच शुरू होने से पहले पंत के नाम पर 97 छक्के दर्ज थे। उन्होंने पहली पारी में क्रिस गेल के 98 छक्कों के रिकॉर्ड की बराबरी की थी।भारतीय बल्लेबाजों में वीरेंद्र सहवाग और रोहित शर्मा दोनों 91 छक्कों के साथ संयुक्त रूप से दूसरे स्थान पर हैं।

ऋषभ पंत ने भारत को दूसरी पारी में पहुंचाया 194 रनों तक

ऋषभ पंत के आतिशी अर्धशतक के कारण भारतीय टीम ने श्रीलंका के खिलाफ गॉल में दूसरी पारी में 10 विकेटों के नुकसान पर 193 रन बना लिए। भारत पहली पारी के आधार पर मेजबान श्रीलंका से 178 रन आगे था। इस कारण अब श्रीलंका को जीत के लिए 372 रन बनाने होंगे।

आज सुबह भारत की दूसरी पारी की शुरुआत अच्छी नहीं रही जब यशस्वी जायसवाल बिना खाता खोले अशिता की गेंद पर आउट हो गए। इसके बाद केएल राहुल और देवदत्त पड्डीकल के बीच 80 रनों की साझेदारी हुई लेकिन गिल और राहुल के जाने के बाद टीम ने संभलकर खेला। पड्डीकल भी अपने पचास रन नहीं बना पाए और 44 रनों पर आउट हो गए।

इसके बाद क्रीज पर आए ऋषभ पंत ने टेस्ट में चिरपरिचित अंदाज में बल्लेबाजी की । उन्होंने 69 गेंदों में 66 रन बनाए और एक छक्का ऐसा मारा कि गॉल स्टेडियम के बाहर गेंद जाकर गिरी। हालांकि दूसरे छोर से विकेटों का पतन बदस्तूर जारी रहा और भारत 193 रन बना पाया। श्रीलंका को यह मैच जीतने के लिए 372 रन बनाने होंगे।

पंत के आतिशी अर्धशतक की बदौलत भारत पहुंचा 194 रनों तक, श्रीलंका को जीत के लिए 372 रनों का लक्ष्य

ऋषभ पंत के आतिशी अर्धशतक के कारण भारतीय टीम ने श्रीलंका के खिलाफ गॉल में दूसरी पारी में 10 विकेटों के नुकसान पर 193 रन बना लिए। भारत पहली पारी के आधार पर मेजबान श्रीलंका से 178 रन आगे था। इस कारण अब श्रीलंका को जीत के लिए 372 रन बनाने होंगे।

आज सुबह भारत की दूसरी पारी की शुरुआत अच्छी नहीं रही जब यशस्वी जायसवाल बिना खाता खोले अशिता की गेंद पर आउट हो गए। इसके बाद केएल राहुल और देवदत्त पड्डीकल के बीच 80 रनों की साझेदारी हुई लेकिन गिल और राहुल के जाने के बाद टीम ने संभलकर खेला। पड्डीकल भी अपने पचास रन नहीं बना पाए और 44 रनों पर आउट हो गए।

इसके बाद क्रीज पर आए ऋषभ पंत ने टेस्ट में चिरपरिचित अंदाज में बल्लेबाजी की । उन्होंने 69 गेंदों में 66 रन बनाए और एक छक्का ऐसा मारा कि गॉल स्टेडियम के बाहर गेंद जाकर गिरी। हालांकि दूसरे छोर से विकेटों का पतन बदस्तूर जारी रहा और भारत 193 रन बना पाया। श्रीलंका को यह मैच जीतने के लिए 372 रन बनाने होंगे।

462 रन बनाकर भारत ने श्रीलंका पर बनाया गॉल टेस्ट में दबाव

INDvsSL देवदत्त पडिक्कल (167), केएल राहुल (82) और ध्रुव जुरेल (51) रन की शानदार पारियों की बदौलत भारत ने पहले टेस्ट मैच के तीसरे दिन सोमवार को श्रीलंका के खिलाफ  462 रन बनाकर अपनी स्थिति मजबूत कर ली है। रविवार सांयकाल 460 रनों पर 9 विकेट गंवाकर आज खेलेने उतरी भारतीय टीम का प्रसिद्ध कृष्णा के तौर पर अंतिम विकेट गिरा। उनका विकेट अशिता फर्नेंडो ने लिया।

इससे पहले रविवार को बाएं हाथ के बल्लेबाज पड़िक्कल ने दिन की शुरुआत 131 रन से की थी, आत्मविश्वास के साथ 150 और फिर 160 के स्कोर तक पहुंचे और खराब गेंदों पर लगातार प्रहार करते रहे। उन्होंने 215 गेंदों में 150 रन पूरे किए और उसके बाद भी अपना आक्रामक खेल जारी रखा। केएल राहुल ने भी उतना ही अहम साथ दिया और 175 गेंदों में 10 चौकों और एक छक्के की मदद से 82 रन बनाए। एक समय ऐसा लग रहा था कि वह एक बड़ा शतक बनाएंगे, लेकिन केशरा नुवंता ने एक बेहतरीन गेंद डाली जो टर्न हुई और उछली, जिससे राहुल को अपना शॉट बदलना पड़ा और गेंद सीधे शॉर्ट लेग पर चली गई।

पडिक्कल ने अपनी पारी में 230 गेंदों का सामना किया और इस दौरान 15 चौके और एक छक्का लगाया और अंत में प्रभात जयसूर्या की गेंद पर वह स्टंप आउट हुए। उनके आउट होने के साथ ही वह लंबी पारी समाप्त हुई जिसने श्रीलंकाई गेंदबाज़ों पर लगातार दबाव बनाए रखा था। ऋषभ पंत के आउट होने से भारत की 300 रन के पार जाने की गति थोड़ी धीमी हुई। पंत ने 62 गेंदों में तेज 39 रन बनाए। पंत ने नुवंता पर हमला करने की कोशिश की, लेकिन मिड-ऑफ की तरफ़ शॉट का सही समय नहीं चुन पाए, जहां सोनल दिनुशा ने दौड़ते हुए कैच पूरा किया। यह नुवंता का पहला टेस्ट विकेट था।

चायकाल के बाद भारत के विकेट गिरने का सिलसिला जारी रहा। रवींद्र जडेजा (13) रन के रूप में भारत का छठा विकेट गिरा। उन्होंने नुवंता ने पगबाधा आउट किया। इस दौरान ध्रुव जुरेल ने तेजी के साथ रन बनाते हुए अपना अर्धशतक पूरा किया। 110वें ओवर में उन्हें प्रभात जयसूर्या ने आउट किया। ध्रुव जुरेल ने 68 गेंदों में चार चौके और एक छक्का लगाते हुए (51) रनों की पारी खेली। मोहम्मद सिराज (11) रन को ए फर्नांडो ने आउट किया। मानव सुथार (24) रन नौवें विकेट के रूप में आउट हुये। उन्हें प्रभात जयसूर्या ने आउट किया।

बारिश के कारण केवल दो सत्र का खेल हो पाया। पहले सत्र में कुल 76 रन बने और तीन विकेट गिरे। दूसरे सेशन में 96 रन बने और चार विकेट गिरे। कुल मिला कर आज का खेल दोनों टीमों के नाम रहा। लेकिन भारतीय टीम के लिए अच्छी ख़बर यह है कि पिच स्पिनरों के लिए मददगार बनती जा रही है। ऐसे में 460 रनों का स्कोर अच्छा स्कोर दिख रहा है। स्टंप्स के समय कुलदीप यादव (नाबाद 12) और प्रसिद्ध कृष्णा (नाबाद एक) रन बनाकर क्रीज पर मौजूद हैं।श्रीलंका की ओर से प्रभात जयसूर्या ने चार विकेट लिये। केशरा नुवंता को तीन विकेट मिले। ए फर्नांडो ने एक बल्लेबाज को आउट किया।

देवदत्त पड्डीकल ने श्रीलंका के खिलाफ जमाया करियर का पहला टेस्ट शतक

Devdutt Padikkal

INDvsSL देवदत्त पड़िक्कल (नाबाद 131) और केएल राहुल (नाबाद 77) की अर्धशतकीय पारियों की बदौलत भारत ने पहले टेस्ट मैच के पहले दिन शनिवार को 2 विकेट पर 288 रन बना लिये है। आज गॉल में भारत ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया। बल्लेबाजी करने उतरी यशस्वी जायसवाल और केएल राहुल की सलामी जोड़ी ने पहले विकेट के लिए 47 रन जोड़े। इसी दौरान दुभाग्यपूर्ण तरीके से यशस्वी जायसवाल (32) पर रन आउट हो गये। जायसवाल ने अपनी पारी में पांच चौके लगाये।

बाद बल्लेबाजी करने आये देवदत्त पडिक्कल ने केएल राहुल के साथ पारी को संभाला और तेजी के साथ रन बटोरे। भोजनकाल तक भारत ने एक विकेट पर 101 रन बना लिये। भोजनकाल के बाद दोनों बल्लेबाजों ने बिना कोई विकेट गवांये अपने-अपने अर्धशतक पूरे किये। देवदत्त पड़िक्कल ने 36वें ओवर की दूसरी गेंद पर एक रन लेकर अपना अर्धशतक पूरा किया। इसके बाद केएल राहुल 43वें ओवर की दूसरी गेंद पर एक रन लेकर अपना 21वां अर्धशतक पूरा किया। भारत ने चायकाल तक एक विकेट विकेट पर 197 रन बना लिये।केएल राहुल 162 गेंदों में (नाबाद 77) रन बनाकर क्रीज पर मौजूद थे। इस दौरान राहुल ने अपनी पारी में नौ चौके और एक छक्का लगाया। 

लेकिन चायकाल के बाद पीठ में दर्द के कारण वह रिटायर आउट हो गए। लेकिन उनकी जगह आए शुभमन गिल ने बेहतरीन कवर ड्राइव लगाए। इस दौरान देवदत्त पड्डिकल 98 पर बोल्ड होने से बाल बाल बचे जब गेंद गिल्ली को नहीं गिरा सकी। कुछ गेंदों बाद ही उन्होंने अपना पहला शतक पूरा किया। 16 रनों के स्कोर पर शुभमन गिल ने प्रभात जयसूर्या के खिलाफ हवाई शॉट खेलकर विकेट गंवा दिया। उनकी जगह आए ऋषभ पंत ने आक्रामक बल्लेबाजी की और पड्डीकल के साथ दिन के अंत तक डटे रहे।