‘जय जवान, जय किसान’ सिर्फ टैटू नहीं, ध्रुव जुरेल की भावुक कर देने वाली कहानी है, VIDEO में देखें

श्रीलंका के खिलाफ कोलंबो में खेले जा रहे दूसरे टेस्ट के दूसरे दिन ध्रुव जुरेल ने अपने टेस्ट करियर का दूसरा शतक जड़कर महफिल लूट ली। जुरेल ने नाबाद 115 रन की पारी खेली और भारत को 503/9 घोषित के मजबूत स्कोर तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई। उनके शतक की खास बात सिर्फ उनका शानदार बल्लेबाजी प्रदर्शन नहीं था, बल्कि सेंचुरी पूरी करने के बाद किया गया उनका सेलिब्रेशन भी रहा। जुरेल ने बैट उठाकर शतक का जश्न मनाया और फिर अपनी बांह पर बना ‘जय जवान, जय किसान’ (Jai Jawan Jai Kishan Tattoo) टैटू दिखाया। यह पल सोशल मीडिया पर भी चर्चा का विषय बना, क्योंकि इस टैटू के पीछे जुरेल की अपनी जड़ों और परिवार से जुड़ी बेहद खास कहानी है। 

 पिता सैनिक, दादा किसान… जुरेल ने बताया टैटू का मतलब

 

जुरेल ने दिन का खेल खत्म होने के बाद बताया कि ‘जय जवान, जय किसान’ उनके लिए सिर्फ एक स्लोगन नहीं, बल्कि उनकी पहचान और परिवार की विरासत है। उन्होंने कहा कि उनके दादा किसान थे, जबकि पिता भारतीय सेना में सैनिक रहे है। उनके पिता ने 1999 के कारगिल युद्ध में भी हिस्सा लिया था। यही वजह है कि जुरेल अपनी बांह पर इस संदेश को हमेशा अपने साथ रखना चाहते हैं। सेंचुरी के बाद उनका सलाम और टैटू दिखाने वाला सेलिब्रेशन भी उन्होंने अपने पिता और दादा को समर्पित किया। जुरेल के मुताबिक, ये वही जड़ें हैं जहां से वह आए हैं और वह इन्हें कभी नहीं भूलना चाहते। दूसरे दिन के खेल में उनका यह अंदाज शतक से भी ज्यादा भावुक कर देने वाला पल बन गया। 

पंत के साथ 112 रन की साझेदारी, लेकिन अपना गेम नहीं छोड़ा

 

जुरेल ने दूसरे दिन ऋषभ पंत के साथ मिलकर 112 रन की साझेदारी की। पंत ने अपने आक्रामक अंदाज में 63 रन बनाए, जबकि जुरेल ने दूसरी तरफ संयम और समझदारी से अपनी पारी को आगे बढ़ाया। पंत के साथ बल्लेबाजी को लेकर जुरेल ने कहा कि वह उनके अनुभव से काफी कुछ सीखते हैं और मुश्किल परिस्थितियों में उनसे सलाह भी लेते हैं। हालांकि, उन्होंने यह साफ किया कि पंत की तरह खेलने की कोशिश करना उनके गेम का हिस्सा नहीं है।

शतक, सलाम और ‘जय जवान, जय किसान’… ध्रुव जुरेल के टैटू का इमोशनल कनेक्शन, VIDEO
उनका फोकस अपनी ताकत के मुताबिक बल्लेबाजी करने, सही गेंदबाज को निशाना बनाने और सही समय पर जोखिम लेने पर रहता है। जुरेल ने यह भी बताया कि शतक पूरा करने में मोहम्मद सिराज की भूमिका अहम रही, जिन्होंने उनके साथ टिककर 29 गेंदें खेलीं और उन्हें सेंचुरी तक पहुंचने का मौका दिया। 

 

पार्टनर की जन्म तिथि से जाने कौन देगा जीवन भर का साथ? ये 4 महीने है लिस्ट में

जीवन में हर कोई अपने लिए ऐसा लाइफ पार्टनर चाहता है, जिस पर आंख बंद करके भरोसा किया जा सके। कुछ लोग रोमांस से ज्यादा समझदारी और साथ निभाने वाले रिश्ते को इम्पोर्टेंस देते हैं। माना जाता है कि कुछ जन्म महीनों के लोगों में ऐसे पार्टनर की चाहत ज्यादा होती है। ये रहे वो महीने जो खास माने जाते है:

जून में जन्मे लोग (June Born)

जून में जन्मे लोग ऐसे पार्टनर को पसंद करते हैं जो रिश्ते में ईमानदार हो और हर सिचुएशन में साथ निभाए। इनके लिए छोटे-छोटे पल और समझदारी किसी फिल्मी रोमांस से ज्यादा मायने रखते हैं।

 

 

सितंबर में जन्मे लोग (September Born)

सितंबर में जन्मे लोग जिम्मेदार और फ्यूचर की सोच रखने वाले लोगों की ओर अट्रैक्ट होते हैं। इन्हें ऐसा साथी पसंद आता है जो रिश्ते और करियर, दोनों को अच्छे तरीके से संभाल सके।

 

दिसंबर में जन्मे लोग (December Born)

दिसंबर में जन्मे लोग मेहनती, सेल्फ-कॉंफिडेंट और अपने सपनों को पूरा करने वाले लोगों को पसंद करते हैं। इन्हें ऐसे पार्टनर अच्छे लगते हैं जो सिर्फ बातें नहीं, बल्कि अपने काम से भी भरोसा जीतें।

 

जुलाई में जन्मे लोग (July Born)

जुलाई में जन्मे लोग रिश्ते में खुलकर बात करने और भरोसे को सबसे ज्यादा इम्पोर्टेंस देते हैं। इनके लिए सच्चाई और इमोशन किसी भी रिश्ते की सबसे बड़ी ताकत होती है।

 

 मजबूत रिश्ते की पहचान  (Practical Relationship)

एक अच्छा रिश्ता सिर्फ रोमांस से नहीं चलता। रिस्पेक्ट, बातचीत, भरोसा और एक-दूसरे का साथ देने की सोच ही रिश्ते को लंबे समय तक मजबूत बनाए रखती है।

 

असलियत भी जानें (Reality Check )

जन्म का महीना किसी व्यक्ति का स्वभाव या उसका जीवनसाथी तय नहीं करता। यह सिर्फ पर्सनैलिटी ट्रेंड्स के बेस पर एक जानकारी है। किसी भी रिश्ते की सक्सेस दोनों लोगों की समझ, भरोसे और कोशिश पर डिपेंड करती है।