न्यूजीलैंड दौरे के लिए 2 एकदिवसीय टीम चुनी भारत ने, शुभमन के बाद श्रेयस करेंगें कप्तानी

INDvsNZ न्यूज़ीलैंड के आगामी दौरे के लिए भारत की वनडे और टेस्ट टीमों की घोषणा कर दी गई है। टी 20 सीरीज़ के समापन के बाद भारतीय टीम न्यूज़ीलैंड के ख़िलाफ़ पांच वनडे और दो टेस्ट मैच खेलेगी।वनडे सीरीज़ की सबसे बड़ी हाईलाइट ये है कि स्टार ऑलराउंडर रवींद्र जडेजा और तेज़ गेंदबाज़ जसप्रीत बुमराह इसका हिस्सा नहीं हैं। ऋषभ पंत को टेस्ट और प्रसिद्ध कृष्णा को टेस्ट एवं वनडे (पहले तीन) दोनों टीमों के लिए चुना गया है। दोनों ही खिलाड़ी चोट से उबर रहे हैं और उन्हें फ़िटनेस क्लिएरेंस की आवश्यकता होगी।

सूत्रों के मुताबिक  प्रसिद्ध के स्कैन में हैमस्ट्रिंग टियर नहीं सामने आया है। पिछले दो सप्ताह से वह स्ट्रेंथ एंड कंडीशनिंग पर काम कर रहे हैं। आकाश को ईरानी कप और रणजी ट्रॉफ़ी के पहले राउंड में फ़ॉर्म और फ़िटनेस दिखाने का ईनाम मिला है। जुलाई 2025 में मैनचेस्टर में टेस्ट डेब्यू करने के बाद अंशुल कम्बोज की भी टेस्ट टीम में वापसी हुई है।

वनडे सीरीज़ के पहले तीन मैचों में शुभमन गिल भारतीय टीम की कप्तानी करेंगे वहीं चौथे और पांचवें वनडे के लिए श्रेयस अय्यर को कप्तान बनाया गया है। आख़िरी दो वनडे के लिए झारखंड के विकेटकीपर बल्लेबाज़ कुमार कुशाग्र को भी टीम में जगह मिली है। यह पहला मौक़ा है जब कुशाग्र को सीनियर नेशनल टीम में शामिल किया गया है। इसके अलावा तिलक वर्मा, आक़िब नबी और यश ठाकुर को भी आख़िरी दो वनडे के लिए चुना गया है।

पहले तीन वनडे के लिए भारतीय टीम
शुभमन गिल (कप्तान), रोहित शर्मा, विराट कोहली, श्रेयस अय्यर (उपकप्तान), केएल राहुल (विकेटकीपर), नीतीश कुमार रेड्डी, अक्षर पटेल, नमन धीर, अंशुल कम्बोज, गुरनूर बराड़, ऋतुराज गायकवाड़, अर्शदीप सिंह, इशान किशन (विकेटकीपर), मोहम्मद सिराज, प्रसिद्ध कृष्णा और कुलदीप यादव।

चौथे और पांचवें वनडे के लिए भारतीय टीम
श्रेयस अय्यर (कप्तान), रोहित शर्मा, विराट कोहली, तिलक वर्मा, इशान किशन (विकेटकीपर और उपकप्तान), नीतीश कुमार रेड्डी, अक्षर पटेल, नमन धीर, आक़िब नबी, गुरनूर बराड़, ऋतुराज गायकवाड़, अर्शदीप सिंह, कुमार कुशाग्र (विकेटकीपर), मोहम्मद सिराज, यश ठाकुर और कुलदीप यादव।

प्रसिद्ध कृष्णा और ऋषभ पंत का चयन फ़िटनेस क्लीयरेंस पर निर्भर करेगा।

जसप्रीत बुमराह, आकाशदीप लौटे टेस्ट टीम में, न्यूजीलैंड के खिलाफ स्कॉड घोषित

Jasprit Bumrah

INDvsNZ न्यूजीलैंड के खिलाफ दो टेस्ट मैचों की शृंखला के लिए भारतीय टीम में तेज गेंदबाज आकाश दीप और अंशुल कंबोज को शामिल किया गया है। चोट से उबरकर वापसी करने वाले आकाश दीप ने पिछली बार इंग्लैंड दौरे पर टेस्ट क्रिकेट खेला था, जहां उनका प्रदर्शन प्रभावशाली रहा था। वहीं, अंशुल कंबोज को इंग्लैंड में टेस्ट पदार्पण के बाद टीम से बाहर कर दिया गया था।

टेस्ट शृंखला 19 नवंबर से शुरू होगी। इससे पहले भारत और न्यूजीलैंड के बीच पांच वनडे मैचों की शृंखला खेली जाएगी, जिसका आगाज चार नवंबर से होगा।श्रीलंका दौरे से चोट के कारण बाहर रहने वाले जसप्रीत बुमराह को भी टेस्ट सीरीज में शामिल किया गया है।

भारत की टेस्ट टीम: शुभमन गिल (कप्तान), यशस्वी जायसवाल, केएल राहुल (उपकप्तान), देवदत्त पडिक्कल, ऋषभ पंत (विकेटकीपर, फिटनेस मंजूरी मिलने पर), ध्रुव जुरेल (विकेटकीपर), रविंद्र जडेजा, अंशुल कंबोज, जसप्रीत बुमराह, प्रसिद्ध कृष्णा (फिटनेस मंजूरी मिलने पर), आकाश दीप, साई सुदर्शन, नितीश कुमार रेड्डी, वॉशिंगटन सुंदर, कुलदीप यादव और मोहम्मद सिराज।

तिलक का आउट होना मैच का ‘टर्निंग पॉइंट’ रहा: सैमसन

भारतीय सलामी बल्लेबाज संजू सैमसन का मानना है कि चौथे टी-20 मैच में वेस्टइंडीज खिलाफ तिलक वर्मा का आउट होना मैच का टर्निंग पॉइंट था।

नयी तैयार की गई पिच पर 248 रनों का पीछा करते हुए, भारत 12वें ओवर तक 130 रनों पर 5 विकेट गंवा चुका था, लेकिन तिलक और नीतीश कुमार रेड्डी ने टीम को मुकाबले में बनाए रखा। इन दोनों ने मिलकर स्थिति ऐसी ला दी थी कि 19 गेंदों पर 48 रनों की जरूरत थी, तभी रोमारियो शेफर्ड ने तिलक को आउट कर दिया।

वेस्टइंडीज के खिलाफ 24 रनों से हराने के बाद संजू सैमसन ने कहा मैच का टर्निंग पॉइंट तब आया जब तिलक आउट हुए। हम अच्छी तरह से आगे बढ़ रहे थे और प्रति ओवर 10-12 रन आसानी से बना रहे थे। रेड्डी और तिलक दबाव वाली स्थिति में बहुत अच्छी बल्लेबाजी कर रहे थे। मुझे लगता है कि उस पल तक हम लक्ष्य का पीछा करने की स्थिति में थे। पांच विकेट गिरने के बाद इस तरह का कंट्रोल होना वाकई बहुत बड़ी बात है – दो युवा क्रिकेटरों ने दबाव को संभाला और वेस्टइंडीज की गेंदबाजी लाइन-अप का डटकर सामना किया। इससे पहले, सैमसन ने खुद 23 गेंदों में 56 रन बनाकर टीम के लिए एक मजबूत आधार तैयार किया था।

Also Read : असल जिंदगी में बिल्कुल नॉन-ड्रामैटिक हैं आदित्य धर: यामी गौतम

उन्होंने कहा जब आप हारने वाली टीम की तरफ होते हैं, तो आप जो कुछ भी करते हैं उसका अहसास बिल्कुल अलग होता है, इसलिए इस समय मैं काफी निराश हूँ। मैं निश्चित रूप से जीतना चाहता था। मुझे बल्लेबाजी करने में बहुत मज़ा आया। जब आप इस तरह के स्कोर का पीछा कर रहे होते हैं, तो कोई दूसरा विचार नहीं आता – आपको बस अपनी सूझबूझ और अपनी ताकत पर भरोसा करना होता है, और मैंने बिल्कुल वैसा ही किया। इसलिए मुझे अपनी पारी में मज़ा तो आया, लेकिन काश हम जीत जाते।

जब उनसे पूछा गया कि क्या गेंदबाजी में भारत को जसप्रीत बुमराह की कमी खल रही है, तो सैमसन ने कहा जसप्रीत बुमराह का कोई विकल्प नहीं है। वे अपनी पीढ़ी के एक असाधारण गेंदबाज हैं, और हम बहुत भाग्यशाली हैं कि वे हमारी टीम में हैं। लेकिन हमारे पास कुछ बहुत अच्छी युवा प्रतिभा भी हैं। अर्शदीप सिंह बहुत अच्छा काम कर रहे हैं, और पिछले कुछ मैचों में प्रिंस यादव ने जिस तरह से गेंदबाजी की है, वह भी काफी प्रभावशाली है। मुझे लगता है कि हमारे पास वाकई बहुत अच्छा टैलेंट है। हम उन्हें जितना ज़्यादा खिलाएंगे और उन पर जितना ज़्यादा भरोसा दिखाएंगे, वे उतने ही बेहतर होते जाएंगे।

सीरीज का फैसला करने वाले पांचवें टी-20 मैच से पहले भारत के सामने एक और समस्या आ खड़ी हुई है। लक्ष्य का पीछा करते हुए आखिरी ओवर में, शमार जोसेफ की एक शॉर्ट गेंद अर्शदीप के बाएं कंधे पर लग गई। वे काफी दर्द में दिख रहे थे, लेकिन फिर भी एक और गेंद का सामना करने के बाद वे ‘रिटायर्ड हर्ट’ होकर मैदान से बाहर चले गए। सैमसन ने बताया अर्शदीप अपने कंधे पर बर्फ लगा रहे हैं। उम्मीद है कि वे जल्द ही ठीक हो जाएंगे। सीरीज काआखिरी टी-20 मैच शनिवार को बेंगलुरु में खेला जाएगा।

Pic Credit : UNI

न्यूजीलैंड की पिच पर दौड़ सकती है अमरोहा एक्सप्रेस, मो. शमी वापसी के करीब

चैंपियन्स ट्रॉफी 2025 से भारतीय एकदिवसीय टीम से बाहर चल रहे मोहम्मद शमी और उनके प्रशंसको के लिए एक अच्छी खबर है। अमरोहा एक्सप्रेस लंबे समय से एक ही स्टेशन पर रुकी है लेकिन जल्द ही चलने के लिए हरी झंडी मिल सकती है।

जसप्रीत बुमराह से पहले भारतीय गेंदबाजी के अगुवा मोहम्मद शमी 36 साल के हो गए।मोहम्मद शमी अपने करियर की संध्यावेला में है और 2013 में डेब्यू करने वाले शमी खुशकिस्मत है कि संन्यास से पहले कम से कम वह खुद को आईसीसी चैंपियन्स ट्रॉफी विजेता टीम का हिस्सा कह सकते हैं। हालांकि उनकी उपस्थिति में टीम कभी विश्वकप नहीं जीती।

लेकिन अब ऐसा माना जा रहा है कि रन लुटाते तेज गेंदबाजी ईकाई उनका काम बना सकती है और इस उम्र में भी उनको न्यूजीलैंड के खिलाफ एकदिवसीय सीरीज में मौका दिला सकती है।अगर इस दौरे पर शमी ने कमाल कर दिया तो हो सकता है उनका चयन विश्वकप 2027 में हो जाए।

साल 2013 में मोहम्मद शमी ने एकदिवसीय क्रिकेट में पदार्पण किया और इस ही साल जून के महीने में चैंपियन्स ट्रॉफी जीत चुकी  भारतीय टीम को क्या पता था अगले 10 साल क्या होने वाला है।

मोहम्मद शमी ने पाकिस्तान के खिलाफ अपने पहले ही एकदिवसीय मैच में  अपनी तेजी और लाइन लैंग्थ से इतना प्रभावित किया कि भारतीय टीम ने 167 रनों का छोटा लक्ष्य भी बचा लिया और दिल्ली के मैदान पर चिर प्रतिद्वंदी पाकिस्तान से सूपड़ा साफ होने की शर्मिंदगी से भी बचा लिया।

इस मैच में शमी ने 10 ओवर में 23 रन देकर सिर्फ 1 विकेट लिया था। लेकिन दुर्भाग्यवश चैंपियन्स ट्रॉफी 2013 में उनको शामिल नहीं किया गया। इसके बाद शमी के साथ टीम इंडिया का संघर्ष जारी रहा।

शमी भारत की ओर से वनडे विश्वकप 2015 में ऑस्ट्रेलिया गए जहां टीम सेमीफाइनल में हारी। इसके बाद वह चैंपियन्स ट्रॉफी 2017 में भारत के साथ थे जहां टीम फाइनल में हारी। साल 2019 के वनडे विश्वकप में हैट्रिक लेने वाले शमी को सेमीफाइऩल में नहीं शामिल किया गया। भारत यह मुकाबला 18 रनों से हारा।

साल 2022 के टी-20 विश्वकप सेमीफाइनल में शमी 1 विकेट नहीं ले पाए और लगा कि अब वह शायद ही टीम में वापस आ पाएं लेकिन साल 2023 के वनडे विश्वकप में भारतीय पिच पर उन्होंने ऐसा जलवा दिखाया कि फैंस ने दांतो तले उंगलिया दबा ली।शमी उस विश्वकप के सबसे सफल गेंदबाज रहे और शायद यही बात उनके हक में गई और अब फिर से उनकी चयन की अटकलें तेज हो गई है।

ईशान को मिलेगी टेस्ट में जगह? यह दो तेज गेंदबाज कर सकते हैं लंबे समय बाद वापसी

अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में ईशान किशन की तेज़ी से बढ़ती लोकप्रियता उन्हें टेस्ट क्रिकेट में जगह दिला सकती है। हालांकि, अभी उनका चयन पक्का नहीं है, लेकिन इस बात की संभावना है कि नवंबर के आखिर में न्यूजीलैंड में होने वाले दो टेस्ट मैचों के लिए उन पर विचार किया जा सकता है। चयन समिति की बैठक इस हफ़्ते होने की उम्मीद है।

ऋषभ पंत – जो भारतीय टेस्ट क्रिकेट में मैच जिताने वाले खिलाड़ी और रेड-बॉल के दिग्गज माने जाते हैं – और ध्रुव जुरेल भी टीम में शामिल हैं (दोनों ने भारत के पिछले पांच टेस्ट मैचों में अच्छा प्रदर्शन किया है), ऐसे में टीम में तीसरे विकेटकीपर-बल्लेबाज को शामिल करना शायद ज़रूरी न समझा जाए।

लेकिन टीम प्रबंधन और इससे जुड़े लोगों के बीच एक सोच यह भी है कि टेस्ट टीम में वापसी के लिए ईशान किशन का दावा मज़बूत है। उन्होंने अब तक सिर्फ़ दो टेस्ट मैच खेले हैं, जिनमें से आखिरी मैच तीन साल से भी पहले खेला था, लेकिन हाल के दिनों में वे ज़बरदस्त फ़ॉर्म में हैं – और यह सिर्फ़ सीमित ओवर क्रिकेट तक ही सीमित नहीं है।

दलीप ट्रॉफ़ी में ईस्ट ज़ोन टीम की कप्तानी करते हुए, ईशान ने फ़ाइनल में साउथ ज़ोन के खिलाफ़ 270 और 80 रनों की शानदार पारियां खेलकर अपनी टीम को खिताब जिताया। तीन मैचों में उन्होंने 100 से ज़्यादा की औसत से कुल 409 रन बनाए। इस दौरान उन्होंने रेड-बॉल क्रिकेट में अपनी काबिलियत फिर से साबित की और फ़ाइनल में उन्हें सही मायने में ‘प्लेयर ऑफ़ द मैच’ चुना गया। सीमित ओवर क्रिकेट में उन्होंने भारतीय टीम में अपनी एक खास जगह बनाई है – 2026 में टी20 में 1,005 रनों के साथ वे भारत के सबसे ज़्यादा रन बनाने वाले खिलाड़ी हैं।

यह देखना दिलचस्प होगा कि राष्ट्रीय चयन समिति तीन विकेटकीपरों वाली स्थिति को कैसे संभालती है, लेकिन जब चयनकर्ता न्यूज़ीलैंड दौरे के लिए टीम चुनने बैठेंगे, तो ज़्यादातर चर्चा ईशान पर ही होगी। एक सोच यह भी है कि दिलीप ट्रॉफ़ी में उनके प्रदर्शन को नज़रअंदाज़ नहीं किया जा सकता। वैसे भी, ईशान सीमित ओवर अंतरराष्ट्रीय मैचों में भी विकेटकीपर-बल्लेबाज के बजाय विशेषज्ञ बल्लेबाज के तौर पर खेलने के लिए जाने जाते हैं।

न्यूज़ीलैंड की परिस्थितियों में होने वाले दो टेस्ट मैचों के लिए आकाश दीप को एक अहम गेंदबाज माना जा रहा है, जबकि मुकेश कुमार भी दौड़ में हैं, जिन्होंने हाल ही में खत्म हुए ईरानी कप में ‘रेस्ट ऑफ़ इंडिया’ को जीत दिलाई थी। बंगाल के इस तेज़ गेंदबाज़ का दिलीप ट्रॉफ़ी में ‘ईस्ट’ के लिए भी अच्छा प्रदर्शन रहा और उन्होंने तीन मैचों में 12 विकेट लिए।

इसके अलावा, पता चला है कि हर्षित राणा ने भी सेंटर ऑफ़ एक्सीलेंस (COE) में गेंदबाजी शुरू कर दी है, हालांकि उनकी फ़िटनेस की सही स्थिति अभी साफ़ नहीं है। जसप्रीत बुमराह, मोहम्मद सिराज और गुरनूर बरार का खेलना लगभग तय है और प्रसिद्ध कृष्णा की स्थिति में भी सुधार हो रहा है, इसलिए चयनकर्ता के पास काफ़ी विकल्प मौजूद हैं – न सिर्फ़ विकेटकीपिंग विभाग में, बल्कि तेज़ गेंदबाज़ी में भी। अन्य खिलाड़ियों के अलावा, पिछले साल शुभमन गिल की कप्तानी में इंग्लैंड दौरे के लिए चुने गए ज़्यादातर खिलाड़ी भी दौड़ में होंगे, बशर्ते वे चोट के कारण उपलब्ध न हों।

युजवेंद्र चहल: एक प्रतिभा जो बिना कुछ खास उपलब्धि के क्रिकेट करियर की संघ्यावेला में पहुंचे

लेग स्पिनर युजवेंद्र चहल 228 प्लस विकेटों के साथ इंडियन प्रीमियर लीग के सबसे सफल गेंदबाज हैं। वहं लंबे समय तक इस प्रारुप में भारत के भी सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाज थे। लेकिन भारत का साल 2013 से 2023 तक का 10 साल का आईसीसी ट्रॉफी का सूखा ऐसा रहा कि वह अपने करियर में कुछ खास उपलब्धि लेकर नहीं जा पाए।

कहने को तो युजवेंद्र चहल टी-20 विश्वकप 2024 की विजेता टीम का हिस्सा थे लेकिन उस विश्वकप में उनको एक भी बार अंतिम ग्यारह में मौका नहीं मिला। कुछ ऐसे ही पिछले टी-20 विश्वकप गुजरे। इससे पिछले दो विश्व कप (T20I 2016- 2021) में से चहल एक में टीम का हिस्सा नहीं थे जबकि 2022 टी20 विश्व कप में टीम में होने के बाद भी उन्हें एक भी मैच में खेलने का मौका नहीं मिला।वहीं एकदिवसीय विश्वकप 2019 में जब वह टीम में थे तो टीम सेमीफाइनल में हार गई।

2016 में अपने सफेद गेंद क्रिकेट की शुरुआत करने वाले 33 वर्षीय युजवेंद्र चहल ने 72 वनडे मैच खेले हैं। 27.1 की औसत और 5.26 की इकॉनोमी के साथ उन्होंने 121 विकेट चटकाए। उनका सर्वश्रेष्ठ प्रदरेशन 42 रनों पर 6 विकेट लेना रहा। चहल ने 2022 की शुरुआत के बाद से 50 ओवर के प्रारूप में 16 मैचों में 24 विकेट लिए हैं। जनवरी 2023 में वह आखिरी बार न्यूजीलैंड के खिलाफ इंदौर में इस प्रारुप में देखे गए थे।

टी-20 अंतरराष्ट्रीय में चहल सबसे सफल गेंदबाज

वहीं टी-20 अंतरराष्ट्रीय की बात करें तो युजवेंद्र चहल ने अपना आखिरी टी-20 अंतरराष्ट्रीय मैच वेस्टइंडीज के खिलाफ अगस्त 2023 में खेला था। यह सीरीज भारत 2-3 से हारा था।युजवेंद्र चहल ने 80 मैचों में 25.1 की औसत और 8.19 की इकॉनोमी से 96 विेकेट चटकाए हैं।इस प्रारुप में उनसे ज्यादा विकेट हार्दिक पांड्या, जसप्रीत बुमराह और अर्शदीप सिंह ने ही लिए हैं, वह भी इस कारण क्योंकि वह लगातार यह प्रारुप खेल रहे हैं और युजवेंद्र चहल लंबे समय से इस प्रारुप से बाहर हैं।

हाल ही में उन्होंने अपने फर्स्ट-क्लास करियर को अलविदा कह दिया है। इसके साथ ही भारत के लिए टेस्ट क्रिकेट खेलने का उनका सपना तो खत्म हो गया है, व्हाइट-बॉल क्रिकेट में राष्ट्रीय टीम में वापसी के रास्ते तो खुले हैं। लेकिन 36 साल के स्पिनर को एशियाई खेलों तक में जगह नहीं मिली।

चहल ने कहा“मैंने अभी हार नहीं मानी है। देश के लिए खेलने की भूख अभी भी मुझमें बहुत ज़्यादा है। मेरा मानना है कि मुझमें अभी भी क्रिकेट बाकी है, और मैं वनडे और टी 20 फ़ॉर्मेट में एक और मौका पाने के लिए अपनी पूरी जान लगा दूँगा।हरियाणा क्रिकेट एसोसिएशन, रणबीर सिंह महिंद्रा सर और अनिरुद्ध सिंह चौधरी सर का मेरे सफ़र के दौरान लगातार समर्थन, भरोसा और विश्वास बनाए रखने के लिए खास तौर पर शुक्रिया। उन्होंने अपनी बात खत्म करते हुए कहा, “10 साल की उम्र में पहली बार रेड बॉल पकड़ने से लेकर अपना आखिरी फर्स्ट-क्लास मैच खेलने तक, यह एक शानदार सफ़र रहा है।”

टेस्ट टीम में जगह बनाने के करीब नहीं पहुँच पाए

युजवेंद्र चहल ने अपने फर्स्ट-क्लास करियर को अलविदा कह दिया है।वे कभी भी टेस्ट टीम में जगह बनाने के करीब नहीं पहुँच पाए, क्योंकि भारत के पास रविचंद्रन अश्विन और रवींद्र जडेजा की स्टार जोड़ी हमेशा मौजूद रही।

चहल ने इंस्टाग्राम पोस्ट में कहा, “मेरे लिए रेड-बॉल क्रिकेट कभी भी सिर्फ़ एक और फ़ॉर्मेट नहीं था।” “इसी फ़ॉर्मेट में मैंने धैर्य, चरित्र, मज़बूती और घंटों तक मैदान पर डटे रहकर हर रन और हर विकेट के लिए संघर्ष करने की असली खुशी को समझा।” चहल के फर्स्ट-क्लास करियर की शुरुआत 2009 में हरियाणा के साथ हुई थी और उन्होंने 49 मैचों में 32.27 के औसत से 148 विकेट लिए। उन्होंने 2026 का काउंटी चैंपियनशिप नॉर्थम्प्टनशायर के साथ खेला, जिसमें डिवीज़न टू में 16.14 के औसत से 21 विकेट लिए। उनका आखिरी फर्स्ट-क्लास मैच मिडलसेक्स के खिलाफ़ था, जिसमें मिडलसेक्स ने सात विकेट से जीत हासिल की और नॉर्थम्प्टनशायर के प्रमोशन की उम्मीदों को खत्म कर दिया। “मैंने अपना आखिरी फर्स्ट-क्लास मैच लॉर्ड्स में खेला था। ये शब्द कहना भावुक कर देने वाला है क्योंकि टेस्ट कैप पहनना हमेशा से मेरा सपना रहा है, जिसे मैंने कई सालों तक संजोकर रखा। भले ही वह सपना पूरा नहीं हो पाया, लेकिन मैं अपने अब तक के सफ़र से सचमुच संतुष्ट हूँ और इस फ़ॉर्मेट में मिले हर मौके के लिए बहुत आभारी हूँ।”

IND vs WI: पहले टी20 से पहले पूर्व खिलाड़ी ने चुनी अपनी पसंदीदा प्लेइंग 11, नहीं दी वैभव सूर्यवंशी को जगह

एशियन गेम्स 2026 के फाइनल में भारत ने पाकिस्तान को 19 रन से हराकर गोल्ड मेडल अपने नाम किया है। वहीं अब भारतीय टीम वेस्टइंडीज के खिलाफ 5 मैचों की टी20 सीरीज खेलने उतरेगी। सीरीज का पहला मुकाबला 6 अक्टूबर को लखनऊ में खेला जाएगा। वहीं इस मुकाबले से पहले भारत के पूर्व बल्लेबाज चेतेश्वर पुजारा ने अपनी पसंदीदा भारतीय टीम चुनी है। वहीं अपनी चुनी गई टीम में पुजारा ने युवा सनसनी वैभव सूर्यवंशी को जगह नहीं दी है।

वैभव सूर्यवंशी ने एशियन गेम्स में भारत की ओर से दो मैच खेले थे। उन्होंने श्रीलंका के खिलाफ 21 गेंदों में 38 रन बनाए, वहीं पाकिस्तान के खिलाफ फाइनल में 9 गेंदों पर 15 रन की पारी खेली। आइए जानते हैं पुजारा ने किस-किस खिलाड़ी को दी है जगह

वैभव को नहीं किया शामिल

एशियन गेम्स में भारत ने मजबूत टीम के साथ मुकाबले खेले, वहीं कुछ दूसरी टीमों ने अपने दूसरे दर्जे के खिलाड़ियों को मौका दिया। भारत की ओर से वैभव सूर्यवंशी ने पारी की शुरुआत की। उनके बाद संजू सैमसन तीसरे, कप्तान श्रेयस अय्यर चौथे और ईशान किशन पांचवें नंबर पर बल्लेबाजी करने आए। वहीं, चेतेश्वर पुजारा ने अपनी पसंदीदा टीम में बदलाव किया है। उन्होंने ईशान किशन को तीसरे नंबर पर रखा और वैभव सूर्यवंशी की जगह नीतीश कुमार रेड्डी को टीम में शामिल किया है।

रवि बिश्नोई को भी दी जगह

वेस्टइंडीज के खिलाफ टी20 सीरीज में जसप्रीत बुमराह को आराम दिया गया है। ऐसे में चेतेश्वर पुजारा ने तेज गेंदबाजी की जिम्मेदारी के लिए अर्शदीप सिंह और प्रिंस यादव को अपनी टीम में चुना है। इसके अलावा उन्होंने कुलदीप यादव को भी टीम में शामिल किया है। कुलदीप ने वेस्टइंडीज के खिलाफ वनडे सीरीज में अच्छा प्रदर्शन किया था। पुजारा ने उन्हें रवि बिश्नोई की जगह टीम में रखा है, जिन्होंने जापान में हुए एशियन गेम्स के दौरान उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन नहीं किया था।

चेतेश्वर पुजारा की पसंदीदा भारत प्लेइंग 11: अभिषेक शर्मा, संजू सैमसन, ईशान किशन (WK), श्रेयस अय्यर (C), तिलक वर्मा, शिवम दुबे, नीतीश कुमार रेड्डी, अक्षर पटेल, कुलदीप यादव, प्रिंस यादव, अर्शदीप सिंह

भारत ने पाकिस्तान को 19 रनों से हराकर जीता एशियाड गोल्ड मेडल

INDvsPAK

INDvsPAK भारत ने जापान में खेले जा रहे एशियाई खेलों के गोल्ड मेडल मैच में पाकिस्तान को कड़े मुकाबले में 23 रनों से हराकर गोल्ड मेडल अपने नाम कर लिया। भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 6 विकेट के नुकसान पर 212 रन बनाए। जिसके जवाब में पाकिस्तान अंतिम ओवर तक लड़कर भी इस लक्ष्य को प्राप्त नहीं कर पाया और 19 रनों से मैच गंवा बैठा।

212 रनों के पहाडनुमा लक्ष्य का पीछा करने उतरी पाकिस्तान की टीम औसत से बेहतर रही लेकिन पॉवरप्ले में ही कप्तान साहिबज्यादा फरहान और कीपर उस्मान खान का विकेट खोने के बाद ऐसा लग रहा था कि मैच एकतरफा हो जाएगा। लेकिन हसन नवाज की विस्फोटक 96 रनों की पारी ने पाकिस्तान को हमेशा मैच में रखा। उनका विकेट अंतिम गेंद पर गिरा।

भारत ने एशिया कप की तरह ही इस बार भी पाकिस्तानी खिलाड़ियों से हाथ नहीं मिलाया। पाकिस्तान को सिल्वर मेडल मिलेगा। इससे पहले सुबह खेले गए मुकाबले में श्रीलंका ने बांग्लादेश को हराकर कांस्य पदक अपने नाम किया था।

भारत की प्लेइंग XI: वैभव सूर्यवंशी, अभिषेक शर्मा, संजू सैमसन (विकेटकीपर), श्रेयस अय्यर (कप्तान), ईशान किशन, तिलक वर्मा, शिवम दुबे, अक्षर पटेल, वाशिंगटन सुंदर, रवि बिश्नोई, जसप्रीत बुमराह।

पाकिस्तान की प्लेइंग XI: साहिबजादा फरहान (कप्तान), माज सदाकत, उस्मान खान (विकेटकीपर), सईम अयूब, हसन नवाज, अब्दुल समद, अराफात मिन्हास, अहमद दानियाल, साद मसूद, अबरार अहमद, सुफियान मुकीम।

अभिषेक शर्मा और तिलक वर्मा की विस्फोटक पारियों से भारत पाकिस्तान के खिलाफ पहुंचा 211 रनों पर

INDvsPAK सलामी बल्लेबाज अभिषेक शर्मा और फिनिशर तिलक वर्मा की विस्फोटक पारियों के बदौलत भारत ने पाकिस्तान के खिलाफ जापान में चल रहे एशियाई खेलों के गोल्ड मेडल मैच में 6 विकेट के नुकसान पर 211 रन बना लिए। अभिषेक शर्मा ने 3 चौके और 7 छक्के की बदौलत 28 गेंदों में 61 रन बनाए। वहीं तिलक वर्मा ने 22 गेंदों में 3 चौके और 4 छक्के की मदद से 51 रन बनाए। पाक की ओर से अहमद डालियाल और अराफात मिन्हास को 2-2 विकेट मिले।

भारत की प्लेइंग XI: वैभव सूर्यवंशी, अभिषेक शर्मा, संजू सैमसन (विकेटकीपर), श्रेयस अय्यर (कप्तान), ईशान किशन, तिलक वर्मा, शिवम दुबे, अक्षर पटेल, वाशिंगटन सुंदर, रवि बिश्नोई, जसप्रीत बुमराह।

Tilak Verma

पाकिस्तान की प्लेइंग XI: साहिबजादा फरहान (कप्तान), माज सदाकत, उस्मान खान (विकेटकीपर), सईम अयूब, हसन नवाज, अब्दुल समद, अराफात मिन्हास, अहमद दानियाल, साद मसूद, अबरार अहमद, सुफियान मुकीम।

IND vs PAK Pitch Report: गोल्ड के लिए भिड़ेंगे भारत-पाकिस्तान, अगर रद्द हुआ मैच तो किस टीम को होगा फायदा? जानें सबकुछ

IND vs PAK Pitch Report: एशियन गेम्स 2026 के क्रिकेट में शनिवार को भारत और पाकिस्तान के बीच धमाकेदार मुकाबला होने वाला है। दोनों टीमें निशिन के कोरोगी स्पोर्ट्स पार्क में आमने-सामने होंगी। फाइनल से पहले भारत ने सेमीफाइनल में श्रीलंका को 124 रन से हराकर शानदार अंदाज में अपनी जगह पक्की की। वहीं पाकिस्तान ने बांग्लादेश को छह विकेट से मात देकर फाइनल का टिकट हासिल किया। वहीं अब दोनों टीमें गोल्ड मेडल के लिए एक दूसरे भिड़ेगी। वहीं इस महामुकाबले से पहले फैंस के मन में ये सवाल है कि क्वार्टरफाइनल मुकाबले की तरह फाइनल मुकाबला बारिश की वजह से रद्द हो जाएगा। वहीं अगर मैच रद्द होता है तो किस टीम को फायदा होगा।

भारत ने श्रीलंका को दी मात

भारत ने सेमीफाइनल में श्रीलंका को 124 रन से हराकर शानदार अंदाज में अपनी जगह पक्की की। पहले बल्लेबाजी करते हुए श्रेयस अय्यर की अगुवाई वाली भारतीय टीम ने 20 ओवर में 169 रन बनाए और 7 विकेट गंवाए। लक्ष्य का पीछा करने उतरी श्रीलंकाई टीम भारतीय गेंदबाजों के सामने टिक नहीं सकी और सिर्फ 45 रन पर पूरी टीम आउट हो गई। भारत की ओर से जसप्रीत बुमराह, अक्षर पटेल और अभिषेक शर्मा ने दो-दो विकेट लेकर श्रीलंका की पारी को समेटने में अहम भूमिका निभाई। वहीं पाकिस्तान ने बारिश से प्रभावित मुकाबले में बांग्लादेश को छह विकेट से मात देकर फाइनल का टिकट हासिल कर लिया। अब एशियन गेम्स के स्वर्ण पदक के लिए भारत और पाकिस्तान आमने-सामने होंगे।

कैसा होगा मौसम

भारत और पाकिस्तान के बीच होने वाले एशियन गेम्स के फाइनल से पहले मौसम भी अहम भूमिका निभा सकता है। मौसम पूर्वानुमान के मुताबिक, मैच के दिन सुबह बारिश होने की संभावना करीब 62 प्रतिशत है, वहीं दोपहर तक इसके घटकर लगभग 25 प्रतिशत रहने का अनुमान है। तापमान करीब 20 डिग्री सेल्सियस के आसपास रह सकता है, जबकि आसमान में लगभग 37 प्रतिशत बादल छाए रहने की संभावना है। ऐसे में बारिश के कारण मुकाबले में रुकावट पड़ने की आशंका बनी हुई है और दोनों टीमों को मौसम की स्थिति पर भी नजर रखनी होगी।

बारिश से रद्द हुआ मैच तो किसे होगा फायदा

2023 के हांग्जो एशियन गेम्स में बारिश के कारण पुरुष क्रिकेट का फाइनल पूरा नहीं हो पाया था। इसके बाद भारत को अफगानिस्तान के खिलाफ विजेता घोषित किया गया था। लेकिन इस बार निशिन में नियम अलग हैं। अगर भारत और पाकिस्तान के बीच फाइनल बारिश की वजह से नहीं हो पाता या मैच का कोई नतीजा नहीं निकलता, तो किसी एक टीम को विजेता नहीं माना जाएगा। ऐसी स्थिति में दोनों टीमों को संयुक्त रूप से गोल्ड मेडल दिया जाएगा।

कैसी है निशिन की पिच

निशिन के मैदान की पिच बल्लेबाजों के लिए आसान नहीं मानी जा रही है। यहां गेंद की गति धीमी रहने के साथ उछाल भी हर गेंद पर एक जैसा नहीं रहता, जिससे बल्लेबाजों को शॉट खेलने में परेशानी हो सकती है। पिच पर दरारें भी दिखाई दे रही हैं और ऐसे हालात में स्पिन गेंदबाजों को काफी मदद मिलने की उम्मीद है। इस मैदान पर आमतौर पर 135 से 145 रन के आसपास का स्कोर बनता है, इसलिए अच्छी गेंदबाजी करने वाली टीम के लिए इस तरह के लक्ष्य का बचाव करना संभव हो सकता है।

भारत और पाकिस्तान की संभावित प्लेइंग 11

भारत की संभावित प्लेइंग 11: वैभव सूर्यवंशी, अभिषेक शर्मा, संजू सैमसन (विकेट कीपर), श्रेयस अय्यर (कप्तान), ईशान किशन, तिलक वर्मा, शिवम दुबे, अक्षर पटेल, वाशिंगटन सुंदर, रवि बिश्नोई, जसप्रीत बुमराह

पाकिस्तान की संभावित प्लेइंग 11: साहिबज़ादा फरहान (कप्तान), सैम अयूब, उस्मान खान (विकेट कीपर), माज़ सदाकत, हसन नवाज, अब्दुल समद, अराफात मिन्हास, अहमद दानियाल, मोहम्मद वसीम जूनियर, अबरार अहमद, सुफ़यान मोकिम