शाकिब अल हसन के घर पेट्रोल बम से हमला, फेंके गए पत्थर (Video)

Shakib al hasan

बांग्लादेश क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान और दिग्गज ऑलराउंडर शाकिब अल हसन के बांग्लादेश के मगुरा जिले में स्थित उनके घर पर अज्ञात लोगों ने हमला कर दिया। इस हमले में ना केवल पेट्रोल बम बल्कि घरों पर पत्थर फेंके गए। इसके अलावा घर को आग लगाने की भी कोशिश हुई।

शेख हसीना के नेतृत्व वाली सरकार के सत्ता से हटने के बाद से सुरक्षा कारणों और अपने खिलाफ चल रहे कानूनी मामलों की वजह से अवामी लीग के सांसद शाकिब बांग्लादेश नहीं लौटे हैं।हालांकि बांग्लादेश के इस महान खिलाड़ी को उम्मीद है कि क्रिकेट से संन्यास लेने से पहले वह अपने देश के लिए एक आखिरी मैच जरूर खेलेंगे।

शाकिब का रहा भारत समर्थित विमर्श

पूर्व कप्तान शाकिब अल हसन ने इस साल की शुरुआत में भारत में हुए टी20 विश्व कप से बांग्लादेश के बाहर रहने को एक ‘बड़ी गलती’ करार किया और उम्मीद जताई है कि अगर दोनों टीम कुछ श्रृंखला खेलती हैं तो उनके बीच क्रिकेट के रिश्ते बेहतर हो सकते हैं।

बांग्लादेश ने अपने तेज गेंदबाज मुस्तफिजुर रहमान को आईपीएल टीम कोलकाता नाइट राइडर्स से बाहर किए जाने के बाद टी20 विश्व कप के लिए भारत का दौरा नहीं किया था जिसकी मेजबानी भारत और श्रीलंका ने मिलकर की थी। जिसके बाद बांग्लादेश की जगह स्कॉटलैंड को टूर्नामेंट में शामिल किया गया।शाकिब ने कोलकाता नाइट राइडर्स और सनराइजर्स हैदराबाद के लिए आईपीएल के नौ सत्र खेले हैं।


शाकिब  जनवरी 2024  से अगस्त तक अवामी लीग के सांसद थे, उसके बाद छात्रों के नेतृत्व वाली क्रांति में सरकार गिर गई थी। हसीना 5 अगस्त को भारत भाग गईं, जबकि शाकिब तब से अब तक घर नहीं लौटे हैं। उन्होंने  साल 2024 में पाकिस्तान और भारत के ख़िलाफ टेस्ट मैच खेले थे, लेकिन पिछले 24 महीनों में उन्हें राष्ट्रीय टीम में नहीं चुना गया है, जबकि वह अन्य जगहों पर फ्रेंचाइजी लीग में खेलते रहे हैं।

Ajit Agarkar: खतरे में है अजीत अगरकर की कुर्सी? ये दिग्गज खिलाड़ी ले सकता है जगह

भारतीय पुरुष क्रिकेट टीम के चीफ सिलेक्टर्स अजीत अगरकर का कार्यकाल सितंबर 2026 में खत्म हो जाएगा। वहीं ऐसी खबरें है कि अजीत अगरकर को टीम इंडिया के चीफ सेलेक्टर पद से हटाया जा सकता हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, बीसीसीआई उनके कार्यकाल को आगे बढ़ाने के मूड में नहीं दिख रही है। बीसीसीआई अगरकर की जगह वीवीएस लक्ष्मण को चीफ सिलेक्टर्स बना सकती है। पूर्व भारतीय बल्लेबाज वीवीएस लक्ष्मण का नाम सबसे प्रमुख दावेदारों में लिया जा रहा है। फिलहाल लक्ष्मण बेंगलुरु स्थित बीसीसीआई के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में क्रिकेट प्रमुख की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। वहीं बोर्ड ने अभी तक इस मामले में कोई आधिकारिक बयान या घोषणा नहीं की है।

अजीत अगरकर की होगी छुट्टी!

दैनिक जागरण की रिपोर्ट के अनुसार, भारत के हालिया इंग्लैंड दौरे के दौरान हुई कुछ घटनाओं के बाद बीसीसीआई ने अजीत अगरकर का कार्यकाल 2027 वनडे वर्ल्ड कप तक बढ़ाने के फैसले पर दोबारा विचार करना शुरू कर दिया है। पहले माना जा रहा था कि उनका कार्यकाल आगे बढ़ाया जाएगा, लेकिन अब इस संभावना पर संशय जताया जा रहा है।

एनुअल जनरल मीटिंग में होगा फैसला

रिपोर्ट्स के मुताबिक, इंग्लैंड दौरे के दौरान रोहित शर्मा के ODI भविष्य को लेकर हुआ विवाद BCCI के सीनियर अधिकारियों को पसंद नहीं आया। इसके बाद सेलेक्शन कमिटी के कामकाज और नेतृत्व को लेकर फिर से चर्चा शुरू हो गई है। लेकिन अभी तक इस मामले में कोई अंतिम फैसला नहीं लिया गया है। माना जा रहा है कि सितंबर में होने वाली BCCI की एनुअल जनरल मीटिंग (AGM) में अजीत अगरकर के भविष्य पर विस्तार से विचार किया जा सकता है।

2027 विश्व कप तक रहना चाहते हैं अगरकर

अजीत अगरकर के कार्यकाल को बढ़ाने की संभावना अभी पूरी तरह खत्म नहीं हुई है। ऐसी उम्मीद है कि भारत का 2 टेस्ट मैचों का श्रीलंका दौरा उनके प्रदर्शन के मूल्यांकन में अहम भूमिका निभा सकता है। रिपोर्ट्स के अनुसार, अगरकर भी 2027 वनडे विश्व कप तक मुख्य चयनकर्ता के पद पर बने रहने के इच्छुक हैं। ऐसे में आगे का फैसला बोर्ड की समीक्षा के बाद ही लिया जाएगा। हाल ही में, गौतम गंभीर की गैरमौजूदगी में वीवीएस लक्ष्मण ने जिम्बाब्वे दौरे पर भारतीय टी20 टीम के अंतरिम मुख्य कोच की भूमिका भी निभाई थी।

2023 में बने थे चीफ सेलेक्टर्स

अजीत अगरकर ने 2023 में भारतीय टीम के मुख्य चयनकर्ता का पद संभाला था। उनके कार्यकाल के दौरान टीम इंडिया ने शानदार प्रदर्शन करते हुए कई बड़ी सफलताएं हासिल कीं। इस दौरान भारत ने 2024 और 2026 का टी20 विश्व कप जीतने के साथ-साथ 2025 की चैंपियंस ट्रॉफी पर भी कब्जा जमाया। इन उपलब्धियों की वजह से उनका कार्यकाल भारतीय क्रिकेट के सफल दौरों में गिना जा रहा है।

Pakistan Super League खेलेंगे मोहम्मद आमिर लेकिन ब्रिटिश नागरिक बनकर

पाकिस्तान के पूर्व तेज गेंदबाज मोहम्मद आमिर अगले साल होने वाले पाकिस्तान सुपर लीग का हिस्सा होंगे लेकिन एक पाकिस्तानी के तौर पर नहीं बल्कि एक ब्रिटिश सदस्य के तौर पर। हाल ही में एक पॉडकास्ट ( विस्डन पॉड ) में उन्होंने यह पुष्टि की।गौरतलब है कि आमिर लंबे समय से ब्रिटेन के नागरिक हैं।

आमिर ने सितंबर 2016 में एक ब्रिटिश नागरिक नरगिस मलिक से शादी की थी और वह जीवनसाथी (स्पाउज) वीजा के योग्य थेजो उन्हें 30 महीने के लिए इंग्लैंड में रहने की अनुमति देता है। अब वह स्थायी रूप से इंग्लैंड के नागरिक हैं। वह एक घर खरीदने की योजना भी बना चुके है।

उन्होंने 2020 में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के सभी प्रारूपों से संन्यास ले लिया था। लेकिन उन्होंने अपना मन बदल लिया और  टी20 विश्व कप 2024 में खेलने के लिए वापसी की।पाकिस्तान के विवादास्पद बाएं हाथ के तेज गेंदबाज मोहम्मद आमिर ने टी20 विश्व कप में खेलने के लिए संन्यास से बाहर आने के महीनों बाद अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से दोबारा संन्यास की घोषणा की।

आमिर को स्पॉट फिक्सिंग के आरोपों में 2010 से 2015 के बीच पांच साल के लिए क्रिकेट से प्रतिबंधित कर दिया गया था।मोहम्मद आमिर किस स्तर के गेंदबाज है इसका अंदाजा इस ही बात से लगाया जा सकता है कि संन्यास के लगभग 6 महीने तक वह आईसीसी वनडे रैंकिंग में टॉप 10 गेंदबाजों में शामिल थे।

मानसिक रुप से प्रताड़ित होने पर लिया था फैसला
 
गौरतलब है नवंबर 2020 में आमिर ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट को अलविदा कहने का फैसला करते हुए आरोप लगाया कि उनका राष्ट्रीय बोर्ड प्रबंधन उन्हें ‘मानसिक रूप से प्रताड़ित’ कर रहा है।

वकार ने कसा था तंज

आमिर को न्यूजीलैंड दौरे के लिए पाकिस्तान की टीम में जगह नहीं दी गई थी। गेंदबाजी कोच वकार यूनिस ने कहा था कि उन्होंने काम के बोझ के कारण टेस्ट क्रिकेट को अलविदा नहीं कहा था और इसके पीछे के कारणों के बारे में यह तेज गेंदबाज ही बेहतर बता सकता है।

आमिर ने सीमित ओवरों के क्रिकेट पर ध्यान लगाने के लिए  साल 2019 में टेस्ट क्रिकेट को अलविदा कह दिया था क्योंकि उन्हें लगा कि उनका शरीर सभी प्रारूपों में खेलने के बोझ का सामना नहीं कर सकता। इस तेज गेंदबाज ने 2009 में पदार्पण के बाद 36 टेस्ट में 119 विकेट हासिल किए।

विवादों से रहा है पुराना नाता

स्पॉट फिक्सिंग के आरोपों में आमिर को साल 2010 से 2015 तक प्रतिबंध का सामना भी करना पड़ा। कप्तान सलमान बट, आमिर और मोहम्मद आसिफ को इंग्लैंड दौर पर फिक्सिंग का दोषी पाए जाने के बाद 2011 में आईसीसी ने 5 साल के लिए निलंबित कर दिया था।

पूरा करियर खेलते तो तोड़ते कई रिकॉर्ड

आमिर पाकिस्तान की उस टीम का हिस्सा थे जिसने 2009 विश्व टी20 कप जीतने के अलावा 2017 में चैंपियन्स ट्रॉफी खिताब जीता। जिस समय वह स्पॉट फिक्सिंग विवाद में फंसे थे उस समय उनकी उम्र महज 17 साल की थी। 29 वर्षीय मोहम्मद आमिर अगर अपना पूरा क्रिकेट करियर खेल जाते तो शायद उनके नाम गेंदबाजी के बड़े बड़े रिकॉर्ड होते लेकिन ऐसा हो ना सका।

नए T20I कोच VVS लक्ष्मण के साथ जिम्बाब्वे पहुंची टीम इंडिया (Video)

पूर्व भारतीय बल्लेबाज वीवीएस लक्ष्मण ने अपने करियर में एक भी T-20I अंतरराष्ट्रीय मैच नहीं खेला है लेकिन वह इस बार 3 मैचों की टी-20 अंतरराष्ट्रीय श्रृंखला के लिए युवा भारतीय टीम के साथ जिम्बाब्वे पहुंचे।गौरतलब है कि टी-20 विश्व विजेता टीम भारत का इस छोटे प्रारुप में सफर बहुत खास नहीं रहा है। टीम को लगातार 6 टी-20 मैच गंवाने पड़े थे इसमें से 2 मैच आयरलैंड और 4 इंग्लैंड के खिलाफ आए थे।

लेकिन फिलहाल युवा टीम के साथ वह जिम्बाब्वे पहुंच चुके हैं। इससे पहले भी लक्ष्मण ने टी-20 टीम की कोचिंग दक्षिण अफ्रीका दौरे पर की थी। इस दौरे पर टीम के नियमित कोच गौतम गंभीर टीम के साथ नहीं जा रहे हैं।

गौरतलब है कि चयनकर्ताओं ने भविष्य को ध्यान में रखते हुए कड़े फैसले लेना जारी रखा है और इसी क्रम में विश्व कप जीतने वाली टीम के बल्लेबाज संजू सैमसन को इस महीने के आखिर में जिम्बाब्वे में होने वाली तीन टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच की श्रृंखला के लिए भारतीय टीम में शामिल नहीं किया है।

भारतीय टीम 23, 25 और 27 जुलाई को हरारे में जिम्बाब्वे के खिलाफ तीन टी20 मैच खेलेगी।चयनकर्ताओं ने पहली बार तेज गेंदबाजों यश ठाकुर और अशोक शर्मा को टीम में जगह दी है। आईपीएल 2026 में अशोक ने गुजरात टाइटन्स की ओर से कुछ मुकाबलों में प्रभावित किया था।हाल में अफगानिस्तान के खिलाफ एकदिवसीय अंतरराष्ट्रीय पदार्पण करने वाले बाएं हाथ के स्पिनर हर्ष दुबे को भी पहली बार 15 सदस्यीय टी20 टीम में जगह मिली है।

सैमसन की जगह विकेटकीपर-बल्लेबाज प्रभसिमरन सिंह को टीम में शामिल किया गया। प्रभसिमरन ने आईपीएल 2026 में पंजाब किंग्स के लिए शानदार प्रदर्शन किया था और यह दाएं हाथ का बल्लेबाज हांगझोऊ में हुए 2023 एशियाई खेलों के लिए भी भारतीय टीम का हिस्सा था।

इंग्लैंड में चल रही पांच मैच की टी20 श्रृंखला के दूसरे मैच में सैमसन की जगह वैभव सूर्यवंशी को भारतीय टीम में चुना गया। सैमसन आयरलैंड के खिलाफ दोनों टी20 और इंग्लैंड के खिलाफ पहले मैच में नाकाम रहे थे। दाएं हाथ के इस बल्लेबाज को टी20 विश्व कप में उनके शानदार प्रदर्शन के लिए टूर्नामेंट का सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी चुना गया था। सैमसन के अलावा प्रसिद्ध कृष्णा, हर्षित राणा, अर्शदीप सिंह, वाशिंगटन सुंदर और रवि बिश्नोई को भी टीम में शामिल नहीं किया गया।

निचले क्रम के बल्लेबाज रिंकू सिंह और तेज गेंदबाज मयंक यादव की टी20 अंतरराष्ट्रीय टीम में वापसी हुई है।मयंक 2024 के बाद पहली बार टीम में लौटे हैं।

भारतीय टीम :श्रेयस अय्यर (कप्तान), वैभव सूर्यवंशी, अभिषेक शर्मा, तिलक वर्मा, ईशान किशन , शिवम दुबे, सूर्यांश शेडगे, रिंकू सिंह, हर्ष दुबे, वरूण चक्रवर्ती, प्रिंस यादव, यश ठाकुर, अशोक शर्मा, मयंक यादव, प्रभसिमरन सिंह

लंदन पहुंचे रोहित शर्मा के माता पिता, संन्यास की खबरों पर लगने लगी मुहर

रोहित शर्मा की संन्यास की अटकलों के बीच रोहित शर्मा के माता पिता लंदन पहुंच गए हैं। ऐसा लग रहा है बहुत जल्द रोहित शर्मा अटकलों पर विराम लगाते हुए शनिवार या रविवार तक संन्यास की आधिकारिक घोषणा  कर देंगे। अगर ऐसा नहीं होता है तो वह अगली सीरीज से ड्रॉप होंगे, चयनकर्ताओं के मुताबिक।

माना जा रहा है कि राष्ट्रीय चयनकर्ताओं ने रोहित को बता दिया है कि दक्षिण अफ्रीका, जिम्बाब्वे और नामीबिया में 2027 में होने वाले विश्व कप के लिए उन्हें टीम में जगह नहीं मिलेगी। इससे रविवार को होने वाले मैच के बाद रोहित के संन्यास की घोषणा करने या उन्हें स्थायी रूप से टीम से बाहर किए जाने की संभावना पैदा हो गई है।वह पहले ही टेस्ट और टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास ले चुके हैं।

रोहित शर्मा ने इस कारण अपने पिता गुरुनाथ शर्मा और माता पूर्णिमा शर्मा के लिए लॉर्ड्स में मैच देखने का पूरा बंदोबस्त कर दिया है।

हाल ही में पूर्व कप्तान रोहित शर्मा को आज भारत की राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मू ने पद्मश्री से सम्मानित किया।रोहित शर्मा सफेद गेंद की क्रिकेट (एकदिवसीय और टी-20 प्रारुप) में भारत के सफलतम बल्लेबाजों में से एक हैं। रोहित शर्मा बतौर कप्तान भारत को टी-20 विश्वकप और चैंपियन्स ट्रॉफी जिता चुके हैं और महेंद्र सिंह धोनी के बाद सबसे सफल कप्तान हैं।

ऐसा रहा है करियर

रोहित 2022 टी20 विश्व कप में भी कप्तान थे जब भारत को सेमीफाइनल में इंग्लैंड ने हराया था। इसके एक साल बाद 50 ओवरों के विश्व कप में रोहित की कप्तानी वाली भारतीय टीम फाइनल में आस्ट्रेलिया से हार गई।रोहित ने टी20 क्रिकेट में 159 मैच खेलकर 4231 रन बनाये जिसमें पांच शतक और 32 अर्धशतक शामिल है।

वहीं एकदिवसीय क्रिकेट की बात करें तो रोहित शर्मा ने 282 मैच खेले हैं। वह अब तक 48 की औसत से 11577 रन बना चुके हैं।इसमें 33 शतक और 51 अर्धशतक शामिल है। इस प्रारुप में उनका सर्वश्रेष्ठ स्कोर 264 रन है जो श्रीलंका के खिलाफ आया था। यह रिकॉर्ड अब तक उनके नाम है।

एकदिवसीय और T-20I विश्वकप का बदला फॉर्मेट, इस टेबल से समझिए

कुछ दिन पहले मीडिया में छपी खबरों के अनुसार अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद एकदिवसीय विश्वकप के लिए सुपर 6 प्रणाली का क्रियान्वन करने वाला था जो कि साल 2003 की प्रणाली से मेल खाती थी। लेकिन अब ने ना केवल एकदिवसीय विश्वकप में सुपर 6 की जगह सुपर 7 चरण बल्कि टी-20 विश्वकप में सुपर 8 की जगह सुपर 10 चरण प्रणाली अपनाई है। इसे फैंस आसानी से इन दो टेबल से समझ सकते हैं।

एकदिवसीय विश्वकप 2027

टूर्नामेंट के लिए 12वें से 14वें स्थान पर क्वालीफाई करने वाली टीम पहले सुपर सीरीज दौर खेलेंगी। इसमें सबसे अच्छा प्रदर्शन करने वाली टीम दूसरे चरण में पहुंचेगी जहां छह टीमों को दो समूहों में बांटा जाएगा।प्रत्येक ग्रुप की शीर्ष तीन टीम और दोनों ग्रुप में अगली सबसे बेहतर टीम Super-7 चरण के लिए क्वालीफाई करेंगी (पहले यहां Super-6 चरण होना था)। सुपर-7 चरण की चार सर्वश्रेष्ठ टीम सेमीफाइनल में पहुंचेंगी।

इस टूर्नामेंट में 10 टीम सीधे क्वालीफाई करेंगी। तीन मेजबान देशों में से दक्षिण अफ्रीका और जिम्बाब्वे पूर्ण सदस्य देश होने के कारण अपने आप क्वालीफाई करेंगे। तीसरा मेजबान देश नामीबिया एसोसिएट सदस्य होने के कारण सीधे क्वालीफाई नहीं कर पाएगा।वनडे रैंकिंग की शीर्ष आठ टीमें बाकी 10 स्थानों को पूरा करेंगी। बची हुई चार टीम का फैसला वैश्विक क्वालीफायर के जरिए होगा।

T20I विश्व कप 2028

ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड में 2028 में होने वाले टी20 विश्व कप में ग्रुप चरण के बाद अब सुपर-8 की जगह सुपर-10 चरण होगा।टूर्नामेंट में चार-चार टीम के पांच ग्रुप बनाए जाएंगे। प्रत्येक ग्रुप की शीर्ष दो टीम सुपर-10 में पहुंचेंगी।

पिछले चरण में सुपर-8 के प्रत्येक ग्रुप से शीर्ष दो टीम सीधे सेमीफाइनल में पहुंचती थीं। नए प्रारूप में अब प्रत्येक ग्रुप की केवल शीर्ष टीम ही सीधे अंतिम चार में पहुंचेगी। ग्रुप में दूसरे स्थान पर रहने वाली टीम विपरीत ग्रुप की तीसरे स्थान वाली टीम के खिलाफ एलिमिनेटर मुकाबला खेलेंगी जिससे प्रतियोगिता में एक नया रोमांच जुड़ जाएगा।

वहीं 2026 टी20 विश्व कप में खेलने वाली लेकिन स्वतः क्वालीफाई नहीं कर पाने वाली बाकी टीम सीधे वैश्विक क्वालीफायर में पहुंचेंगी।वैश्विक क्वालीफायर के अन्य आठ स्थानों के लिए क्षेत्रीय क्वालीफिकेशन होगा। इनमें अफ्रीका, एशिया और यूरोप से दो-दो टीम जबकि अमेरिका और पूर्वी एशिया प्रशांत क्षेत्र से एक-एक टीम क्वालीफाई करेगी।वैश्विक क्वालीफायर में प्रत्येक क्षेत्र की शीर्ष टीम और कुल मिलाकर अगली तीन सर्वश्रेष्ठ टीम 2028 टी20 विश्व कप के लिए क्वालीफाई करेंगी।

लगातार दो सीरीज हारने के बाद टी20 टीम में होगी सूर्यकुमार यादव की वापसी? बीसीसीआई ने रखी ये शर्त

टी20 विश्व कप 2026 में भारत को चैंपियन बनाने वाले सूर्यकुमार यादव को बड़ा झटका लगा। विश्व कप खत्म होने के बाद बीसीसीआई ने टी20 टीम की कप्तानी उनसे लेकर श्रेयस अय्यर को सौंप दी। वहीं अय्यर की कप्तानी में भारतीय टीम टी20 में अब तक एक भी मुकाबला नहीं जीत पाई है। भारतीय टीम आयरलैंड और इंग्लैंड के खिलाफ सीरीज हार गई। वहीं अब सीरीज हारने के बाद सूर्यकुमार के भारतीय टीम में वापसी को लेकर कई तरह की चर्चाएं हो रही हैं।

श्रेयस अय्यर की कप्तानी में भारतीय टीम का प्रदर्शन अब तक उम्मीद के मुताबिक नहीं रहा है। टीम अपने पिछले सात टी20 अंतरराष्ट्रीय मैचों में से छह हार चुकी है, जबकि एक मुकाबला बारिश के कारण रद्द हो गया।

सूर्या को होगी वापसी

रिपोर्ट्स के मुताबिक, बीसीसीआई ने सूर्यकुमार यादव के लिए भारतीय टीम के दरवाजे पूरी तरह बंद नहीं किए हैं। न्यूज एजेंसी ANI ने बीसीसीआई के एक सूत्र के हवाले से कहा, “सूर्यकुमार यादव के लिए भारतीय टीम के दरवाजे अभी भी खुले हैं। फिलहाल वह टीम का हिस्सा नहीं हैं, लेकिन अगर वह घरेलू क्रिकेट में लगातार अच्छा प्रदर्शन करते हैं और रन बनाते हैं, तो उनकी वापसी पर जरूर विचार किया जाएगा।”

करना होगा बेहतरीन प्रदर्शन

अगर सूर्यकुमार यादव को भारतीय टीम में दोबारा जगह बनानी है, तो उन्हें घरेलू क्रिकेट में मुंबई की ओर से लगातार अच्छा प्रदर्शन करना होगा। चयनकर्ताओं का भरोसा फिर से जीतने के लिए उन्हें बल्ले से लगातार रन बनाने होंगे। मजबूत प्रदर्शन ही उनके लिए राष्ट्रीय टीम में वापसी का सबसे बड़ा आधार माना जा रहा है। पिछला साल सूर्यकुमार यादव के लिए उम्मीद के मुताबिक नहीं रहा और वह लगातार 19 पारियों तक अर्धशतक नहीं बना सके। वहीं इस साल की शुरुआत में न्यूजीलैंड के खिलाफ टी20 सीरीज में उन्होंने पांच मैचों में तीन अर्धशतक जड़े। इसके बाद टी20 विश्व कप के पहले मुकाबले में नाबाद 84 रन की मैच जिताऊ पारी खेलकर उन्होंने दमदार अंदाज में अपनी फॉर्म में वापसी के संकेत दिए।

सूर्या का प्रदर्शन

इसके बाद टी20 विश्व कप के बाकी आठ मुकाबलों में सूर्यकुमार यादव का प्रदर्शन कुछ खास नहीं रहा और वह कुल 158 रन ही बना सके। फाइनल मैच में भी उनका बल्ला नहीं चला और वह बिना खाता खोले आउट हो गए। इसके बाद आईपीएल 2026 में मुंबई इंडियंस के लिए खेलते हुए उन्होंने 13 पारियों में 270 रन बनाए। उनका स्ट्राइक रेट 147.54 रहा, लेकिन लगातार बड़े स्कोर नहीं बना पाने के कारण चयनकर्ताओं ने उन्हें भारतीय टी20 टीम से बाहर कर दिया।

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सबसे तेज आधा दर्जन मैच हारने वाले पहले भारतीय T-20I कप्तान बने श्रेयस अय्यर

भारत की टी20 विश्व कप जीत के बाद सूर्यकुमार यादव की जगह कप्तान नियुक्त किए गए श्रेयस अय्यर की शुरुआत बेहद खराब रही। टीम को आयरलैंड से 0-2 से हार का सामना करना पड़ा और फिर वह पहले मैच के बारिश के कारण रद्द होने के बाद इंग्लैंड से टी20 अंतरराष्ट्रीय श्रृंखला 0-4 से हार गई।

इस कारण वह सबसे तेज गति से बतौर कप्तान पहले  आधा दर्जन मैच हारने वाले भारतीय कप्तान बन गए हैँ।  इससे पहले बतौर कप्तान आधा दर्जन मैच हारने के लिए रोहित शर्मा और विराट कोहली को 16-16 मैच लगे थे और महेंद्र सिंह धोनी और सूर्याकुमार यादव को 33-33 मैच लगे थे। इसमें सबसे हैरत की बात यह है कि श्रेयस अय्यर को अभी भी एक टॉस हारना बाकी है।

अय्यर ने इंग्लैंड के खिलाफ पांचवें मैच में हार के बाद संवाददाताओं से कहा, ‘‘अपेक्षाओं से निपटना वास्तव में मुश्किल नहीं है। मैं सौभाग्यशाली हूं कि मुझे कप्तानी करने का मौका मिला है। प्रत्येक व्यक्ति भारतीय टीम की कप्तानी करने और शीर्ष स्तर पर जिम्मेदारी संभालने का सपना देखता है। निश्चित रूप से मुझे दबाव पसंद है।’’

उन्होंने कहा, ‘‘इसलिए दबाव में अच्छा प्रदर्शन करना, इन मैच से सीखना निश्चित रूप से मुझे आगे चलकर बेहतर बनाएगा। मेरी अभी की सोच यही है। मैं इस बात पर ज्यादा ध्यान नहीं दे रहा हूं कि लोग इस श्रृंखला के बारे में क्या सोचेंगे, क्योंकि अच्छा और बुरा इस खेल का अभिन्न अंग है।’’अय्यर ने कहा कि टीम के लिए सकारात्मक मानसिकता बनाए रखना जरूरी है क्योंकि यही आगे सफलता की कुंजी होगी।

उन्होंने कहा, ‘‘भविष्य में मुझे इस बात को लेकर बेहद सकारात्मक रहना होगा कि मैं विशेषकर विदेश की परिस्थितियों में अपने खिलाड़ियों के खेल में निखार लाने में कैसे मदद कर सकता हूं।’’

उन्होंने कहा, ‘‘हम जानते हैं कि हमें ऑस्ट्रेलिया (अगला टी20 विश्व कप) खेलना है। उससे पहले हमें कई अन्य स्थानों पर खेलना है। हमारा लक्ष्य एक ऐसी टीम तैयार करना है जो इन परिस्थितियों में अच्छा प्रदर्शन कर सके। भविष्य के लिए हमारी यही योजना है।’’

भारत को शनिवार को पांचवें और अंतिम टी20 मैच में 56 रन से हार का सामना करना पड़ा और अय्यर ने स्वीकार किया कि उनकी टीम इस दौरे के दौरान परिस्थितियों के अनुकूल जल्दी से ढल नहीं पाई।

उन्होंने कहा, ‘‘हम एक मैदान से दूसरे मैदान पर जाते रहे और हमें लगातार चुनौतियों का सामना करना पड़ा। हम जितनी जल्दी परिस्थितियों से सामंजस्य बिठा सकते थे, वैसा करने में नाकाम रहे। यह पहली चुनौती थी। दूसरी चुनौती उनका हर विभाग में हमसे बेहतर प्रदर्शन करना रहा। इसलिए मुझे लगता है कि इन सब कारण से हमें हार मिली।’’

गौतम गंभीर की कोचिंग के 2 साल पूरे हुए, क्या खोया क्या पाया?

गौतम गंभीर जबसे टीम  इंडिया के कोच बने तबसे वह आलोचना और तारीफ दोनों को पा रहे हैं। वह कभी भी सुर्खियों से गायब नहीं हुए। आज ही 2 साल पहले गौतम गंभीर भारतीय टीम के मुख्य कोच बने थे। इन 2 सालों में काफी कुछ बदला है। नजर डालते हैं गौतम गंभीर की उपलब्धियों और नाकामियों पर –

सफेद गेंद के सफलतम भारतीय कोच

गौतम गंभीर पहले ऐसे भारतीय कोच हो गए हैं जिनकी कोचिंग में भारत ने 2 आईसीसी खिताब अपने नाम किए। पहले चैंपियन्स ट्रॉफी 2025 और अब टी-20 विश्वकप 2026। भारत ने इस साल टी-20 विश्वकप के फाइनल में  में बेजोड़ प्रदर्शन करते हुए न्यूजीलैंड को 96 रन से हराकर अपना तीसरा टी20 विश्व कप खिताब जीता।

इससे पहले न्यूजीलैंड के खिलाफ ही भारतीय टीम ने दुबई में खेले गए चैंपियन्स ट्रॉफी 2025 फाइनल में जीत हासिल की थी। तब भी कोच गौतम गंभीर ही थे। हालांकि उन्हें सिर्फ 6 महीने से ज्यादा का समय हुआ था।लेकिन खास बात यह थी कि टीम ने बिना कोई मैच गंवाई चैंपियन्स ट्रॉफी जीती थी। चैंपियन्स ट्रॉफी से पहले टीम इंडिया ने इंग्लैंड को भी 3-0 से अपने घर पर हराया था।

हालांकि इस सिक्के के कुछ पहलू भी है। गौतम गंभीर ने रोहित शर्मा से लेकर शुभमन गिल और सूर्यकुमार यादव से लेकर श्रेयस अय्यर की कप्तानी में कोचिंग की। गौतम गंभीर ने श्रीलंका दौरे से शुरुआत की जहां टीम इंडिया टी-20 सीरीज तो 3-0 से जीती लेकिन 27 साल बाद पहली बार 2-0 से श्रीलंका से एकदिवसीय सीरीज हार गई। भारत को इसकेे बाद दक्षिण अफ्रीका से एकदिवसीय सीरीज में जीत मिली।

हाल ही में भारत को ऑस्ट्रेलिया से एकदिवसीय सीरीज 2-1 से गंवानी पड़ी वहीं न्यूजीलैंड से घर पर भारत को 2-1 से सीरीज गंवानी पड़ी।

3 साल बाद यह भारत को घरेलू धरती पर सीरीज गंवानी पड़ी। इसमें अंतिम मैच इंदौर में था जहां पहली बार भारत एकदिवसीय मैच हारा। वहीं हाल फिलहाल में आयरलैंड के खिलाफ 0-2 से भारत ने सीरीज गंवाई। आयरलैंड से सीरीज गंवाने वाले गौतम गंभीर पहले भारतीय कप्तान बने।

एकदिवसीय मैचों में उनका जीत प्रतिशत 67 प्रतिशत है। उनकी कोचिंग में भारतीय टीम ने 15 मुकाबले जीते और 7 हारे। इनमें से एक का नतीजा नहीं आया था। वहीं टी-20 अंतरराष्ट्रीय मैचों में गंभीर का प्रदर्शन लाजवाब रहा है। टीम ने 50 मैचों में से 37 जीते हैं और सिर्फ 10 हारे हैं। एक मैच का नतीजा नहीं आया था। इस कारण गंभीर का जीत प्रतिशत टी-20 अंतरराष्ट्रीय मैचों में 77 का रहा है।

भारतीय टेस्ट टीम 2 बार हुई वाइटवॉश, विश्व टेस्ट चैंपियनशिप फाइनल चूकी

पिछले साल दक्षिण अफ्रीका ने गुवाहाटी में भारत को 2-0 से हराकर टेस्ट श्रृंखला अपने नाम की जिससे मेजबान टीम को मुख्य कोच गौतम गंभीर के मार्गदर्शन में तीसरी टेस्ट श्रृंखला में हार का मुंह देखना पड़ा। इस तरह गंभीर का 16 महीने का सफर उतार-चढ़ाव भरा रहा।

इस दौरान भारत को घरेलू मैदान पर न्यूजीलैंड से 0-3, ऑस्ट्रेलिया से उसकी सरजमीं पर 1-3 से और अब घरेलू मैदान पर दक्षिण अफ्रीका से 0-2 से हार मिली।इंग्लैंड दौरे पर जरूर मिंया मैजिक के कारण सीरीज बराबर हुई लेकिन वहां भी टीम इंडिया 2 टेस्ट मैच हारी।

इससे गंभीर का बतौर कोच टेस्ट कोचिंग रिकॉर्ड 19 मैच में सात जीत, 10 हार और दो ड्रॉ है जिसमें जीत का प्रतिशत महज 36.82 है।वह केवल डंकन फ्लेचर से आगे हैं जिनकी जीत का प्रतिशत 33.33 (39 टेस्ट में 13 जीत, 17 हार, 9 ड्रॉ) रहा है।वहीं 21वीं सदी में भारतीय जमीन पर उनका बतौर टेस्ट क्रिकेट कोच सबसे खराब रिकॉर्ड हो चुका है। वह इस दौरान पहले ऐसे कोच हैं जिनकी हार ज्यादा है और जीत कम है।

Video: ‘बूढ़ा हो गया हूं… नहीं कर सकता’, इंग्लैंड के खिलाफ मैच के दौरान वायरल हुआ धोनी का वीडियो

भारत और इंग्लैंड के बीच नॉटिंघम के ट्रेंट ब्रिज में खेले गए तीसरे वनडे में भारत को 125 रन से हार का सामना करना पड़ा। वहीं इस मैच में पूर्व भारतीय कप्तान महेंद्र सिंह धोनी की मौजूदगी से फैंस काफी एक्साईटेड थे। अपने 46वें जन्मदिन के मौके पर धोनी भारत और इंग्लैंड के बीच तीसरा मैच देखने स्टेडियम पहुंचे थे। जैसे ही पूर्व भारतीय कप्तान स्टेडियम पहुंचे, दर्शकों ने तालियों और नारों से उनका जोरदार स्वागत किया। धोनी ने भी मुस्कुराते हुए हाथ हिलाकर फैंस का अभिवादन स्वीकार किया।

वहीं इस दौरान धोनी का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इंग्लैंड की जीत के बावजूद ट्रेंट ब्रिज में सबसे ज्यादा चर्चा महेंद्र सिंह धोनी की रही।

सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा वीडियो

वहीं इस दौरान उनका एक खास अंदाज कैमरे में कैद हो गया, जिसका वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। X पर वायरल हो रहे एक वीडियो में महेंद्र सिंह धोनी फैंस की ओर इशारा करते नजर आए। उन्होंने मजाकिया अंदाज में बताया कि, ‘अब वह बूढ़े हो गए हैं और अगर बल्लेबाजी करने उतरेंगे, तो विकेटों के बीच तेजी से दौड़ना उनके लिए आसान नहीं होगा।’

 

आईपीएल 2026 में एक भी मैच नहीं खेले थे धोनी

धोनी से आईपीएल 2026 में दमदार वापसी की उम्मीद की जा रही थी, लेकिन फिटनेस से जुड़ी परेशानियों के कारण वह पूरे सीजन मैदान से दूर रहे। अब भी यह साफ नहीं है कि वह अगले आईपीएल सीजन में चेन्नई सुपर किंग्स की ओर से खेलते नजर आएंगे या नहीं। फैंस उनकी वापसी को लेकर बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं।

कड़े सुरक्षा में स्टेडियम से बाहर निकाला गया

नॉटिंघम में महेंद्र सिंह धोनी की लोकप्रियता एक बार फिर देखने को मिली। मैच खत्म होने के बाद जब वह स्टेडियम से बाहर निकले, तो उन्हें देखने के लिए बड़ी संख्या में फैंस जुट गए। कड़ी सुरक्षा के बीच धोनी भीड़ के बीच से आगे बढ़े, जबकि चारों ओर उनके नाम के नारे गूंज रहे थे। फैंस उनकी एक झलक पाने और उन्हें करीब से देखने के लिए उत्साहित नजर आए।

सबसे सफल कप्तान

महेंद्र सिंह धोनी को क्रिकेट इतिहास के सबसे सफल खिलाड़ियों में गिना जाता है। अपने करियर की शुरुआत में उन्होंने आक्रामक बल्लेबाज के रूप में पहचान बनाई, जबकि बाद में वह मैच को अंत तक ले जाकर जीत दिलाने वाले बेहतरीन फिनिशर बन गए। कप्तान के तौर पर भी उन्होंने भारत को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाया। उनकी अगुवाई में टीम इंडिया ने 2007 का टी20 विश्व कप, 2011 का वनडे विश्व कप और 2013 की चैंपियंस ट्रॉफी जीतकर इतिहास रचा।