सबसे तेज आधा दर्जन मैच हारने वाले पहले भारतीय T-20I कप्तान बने श्रेयस अय्यर

भारत की टी20 विश्व कप जीत के बाद सूर्यकुमार यादव की जगह कप्तान नियुक्त किए गए श्रेयस अय्यर की शुरुआत बेहद खराब रही। टीम को आयरलैंड से 0-2 से हार का सामना करना पड़ा और फिर वह पहले मैच के बारिश के कारण रद्द होने के बाद इंग्लैंड से टी20 अंतरराष्ट्रीय श्रृंखला 0-4 से हार गई।

इस कारण वह सबसे तेज गति से बतौर कप्तान पहले  आधा दर्जन मैच हारने वाले भारतीय कप्तान बन गए हैँ।  इससे पहले बतौर कप्तान आधा दर्जन मैच हारने के लिए रोहित शर्मा और विराट कोहली को 16-16 मैच लगे थे और महेंद्र सिंह धोनी और सूर्याकुमार यादव को 33-33 मैच लगे थे। इसमें सबसे हैरत की बात यह है कि श्रेयस अय्यर को अभी भी एक टॉस हारना बाकी है।

अय्यर ने इंग्लैंड के खिलाफ पांचवें मैच में हार के बाद संवाददाताओं से कहा, ‘‘अपेक्षाओं से निपटना वास्तव में मुश्किल नहीं है। मैं सौभाग्यशाली हूं कि मुझे कप्तानी करने का मौका मिला है। प्रत्येक व्यक्ति भारतीय टीम की कप्तानी करने और शीर्ष स्तर पर जिम्मेदारी संभालने का सपना देखता है। निश्चित रूप से मुझे दबाव पसंद है।’’

उन्होंने कहा, ‘‘इसलिए दबाव में अच्छा प्रदर्शन करना, इन मैच से सीखना निश्चित रूप से मुझे आगे चलकर बेहतर बनाएगा। मेरी अभी की सोच यही है। मैं इस बात पर ज्यादा ध्यान नहीं दे रहा हूं कि लोग इस श्रृंखला के बारे में क्या सोचेंगे, क्योंकि अच्छा और बुरा इस खेल का अभिन्न अंग है।’’अय्यर ने कहा कि टीम के लिए सकारात्मक मानसिकता बनाए रखना जरूरी है क्योंकि यही आगे सफलता की कुंजी होगी।

उन्होंने कहा, ‘‘भविष्य में मुझे इस बात को लेकर बेहद सकारात्मक रहना होगा कि मैं विशेषकर विदेश की परिस्थितियों में अपने खिलाड़ियों के खेल में निखार लाने में कैसे मदद कर सकता हूं।’’

उन्होंने कहा, ‘‘हम जानते हैं कि हमें ऑस्ट्रेलिया (अगला टी20 विश्व कप) खेलना है। उससे पहले हमें कई अन्य स्थानों पर खेलना है। हमारा लक्ष्य एक ऐसी टीम तैयार करना है जो इन परिस्थितियों में अच्छा प्रदर्शन कर सके। भविष्य के लिए हमारी यही योजना है।’’

भारत को शनिवार को पांचवें और अंतिम टी20 मैच में 56 रन से हार का सामना करना पड़ा और अय्यर ने स्वीकार किया कि उनकी टीम इस दौरे के दौरान परिस्थितियों के अनुकूल जल्दी से ढल नहीं पाई।

उन्होंने कहा, ‘‘हम एक मैदान से दूसरे मैदान पर जाते रहे और हमें लगातार चुनौतियों का सामना करना पड़ा। हम जितनी जल्दी परिस्थितियों से सामंजस्य बिठा सकते थे, वैसा करने में नाकाम रहे। यह पहली चुनौती थी। दूसरी चुनौती उनका हर विभाग में हमसे बेहतर प्रदर्शन करना रहा। इसलिए मुझे लगता है कि इन सब कारण से हमें हार मिली।’’

गौतम गंभीर की कोचिंग के 2 साल पूरे हुए, क्या खोया क्या पाया?

गौतम गंभीर जबसे टीम  इंडिया के कोच बने तबसे वह आलोचना और तारीफ दोनों को पा रहे हैं। वह कभी भी सुर्खियों से गायब नहीं हुए। आज ही 2 साल पहले गौतम गंभीर भारतीय टीम के मुख्य कोच बने थे। इन 2 सालों में काफी कुछ बदला है। नजर डालते हैं गौतम गंभीर की उपलब्धियों और नाकामियों पर –

सफेद गेंद के सफलतम भारतीय कोच

गौतम गंभीर पहले ऐसे भारतीय कोच हो गए हैं जिनकी कोचिंग में भारत ने 2 आईसीसी खिताब अपने नाम किए। पहले चैंपियन्स ट्रॉफी 2025 और अब टी-20 विश्वकप 2026। भारत ने इस साल टी-20 विश्वकप के फाइनल में  में बेजोड़ प्रदर्शन करते हुए न्यूजीलैंड को 96 रन से हराकर अपना तीसरा टी20 विश्व कप खिताब जीता।

इससे पहले न्यूजीलैंड के खिलाफ ही भारतीय टीम ने दुबई में खेले गए चैंपियन्स ट्रॉफी 2025 फाइनल में जीत हासिल की थी। तब भी कोच गौतम गंभीर ही थे। हालांकि उन्हें सिर्फ 6 महीने से ज्यादा का समय हुआ था।लेकिन खास बात यह थी कि टीम ने बिना कोई मैच गंवाई चैंपियन्स ट्रॉफी जीती थी। चैंपियन्स ट्रॉफी से पहले टीम इंडिया ने इंग्लैंड को भी 3-0 से अपने घर पर हराया था।

हालांकि इस सिक्के के कुछ पहलू भी है। गौतम गंभीर ने रोहित शर्मा से लेकर शुभमन गिल और सूर्यकुमार यादव से लेकर श्रेयस अय्यर की कप्तानी में कोचिंग की। गौतम गंभीर ने श्रीलंका दौरे से शुरुआत की जहां टीम इंडिया टी-20 सीरीज तो 3-0 से जीती लेकिन 27 साल बाद पहली बार 2-0 से श्रीलंका से एकदिवसीय सीरीज हार गई। भारत को इसकेे बाद दक्षिण अफ्रीका से एकदिवसीय सीरीज में जीत मिली।

हाल ही में भारत को ऑस्ट्रेलिया से एकदिवसीय सीरीज 2-1 से गंवानी पड़ी वहीं न्यूजीलैंड से घर पर भारत को 2-1 से सीरीज गंवानी पड़ी।

3 साल बाद यह भारत को घरेलू धरती पर सीरीज गंवानी पड़ी। इसमें अंतिम मैच इंदौर में था जहां पहली बार भारत एकदिवसीय मैच हारा। वहीं हाल फिलहाल में आयरलैंड के खिलाफ 0-2 से भारत ने सीरीज गंवाई। आयरलैंड से सीरीज गंवाने वाले गौतम गंभीर पहले भारतीय कप्तान बने।

एकदिवसीय मैचों में उनका जीत प्रतिशत 67 प्रतिशत है। उनकी कोचिंग में भारतीय टीम ने 15 मुकाबले जीते और 7 हारे। इनमें से एक का नतीजा नहीं आया था। वहीं टी-20 अंतरराष्ट्रीय मैचों में गंभीर का प्रदर्शन लाजवाब रहा है। टीम ने 50 मैचों में से 37 जीते हैं और सिर्फ 10 हारे हैं। एक मैच का नतीजा नहीं आया था। इस कारण गंभीर का जीत प्रतिशत टी-20 अंतरराष्ट्रीय मैचों में 77 का रहा है।

भारतीय टेस्ट टीम 2 बार हुई वाइटवॉश, विश्व टेस्ट चैंपियनशिप फाइनल चूकी

पिछले साल दक्षिण अफ्रीका ने गुवाहाटी में भारत को 2-0 से हराकर टेस्ट श्रृंखला अपने नाम की जिससे मेजबान टीम को मुख्य कोच गौतम गंभीर के मार्गदर्शन में तीसरी टेस्ट श्रृंखला में हार का मुंह देखना पड़ा। इस तरह गंभीर का 16 महीने का सफर उतार-चढ़ाव भरा रहा।

इस दौरान भारत को घरेलू मैदान पर न्यूजीलैंड से 0-3, ऑस्ट्रेलिया से उसकी सरजमीं पर 1-3 से और अब घरेलू मैदान पर दक्षिण अफ्रीका से 0-2 से हार मिली।इंग्लैंड दौरे पर जरूर मिंया मैजिक के कारण सीरीज बराबर हुई लेकिन वहां भी टीम इंडिया 2 टेस्ट मैच हारी।

इससे गंभीर का बतौर कोच टेस्ट कोचिंग रिकॉर्ड 19 मैच में सात जीत, 10 हार और दो ड्रॉ है जिसमें जीत का प्रतिशत महज 36.82 है।वह केवल डंकन फ्लेचर से आगे हैं जिनकी जीत का प्रतिशत 33.33 (39 टेस्ट में 13 जीत, 17 हार, 9 ड्रॉ) रहा है।वहीं 21वीं सदी में भारतीय जमीन पर उनका बतौर टेस्ट क्रिकेट कोच सबसे खराब रिकॉर्ड हो चुका है। वह इस दौरान पहले ऐसे कोच हैं जिनकी हार ज्यादा है और जीत कम है।

Video: ‘बूढ़ा हो गया हूं… नहीं कर सकता’, इंग्लैंड के खिलाफ मैच के दौरान वायरल हुआ धोनी का वीडियो

भारत और इंग्लैंड के बीच नॉटिंघम के ट्रेंट ब्रिज में खेले गए तीसरे वनडे में भारत को 125 रन से हार का सामना करना पड़ा। वहीं इस मैच में पूर्व भारतीय कप्तान महेंद्र सिंह धोनी की मौजूदगी से फैंस काफी एक्साईटेड थे। अपने 46वें जन्मदिन के मौके पर धोनी भारत और इंग्लैंड के बीच तीसरा मैच देखने स्टेडियम पहुंचे थे। जैसे ही पूर्व भारतीय कप्तान स्टेडियम पहुंचे, दर्शकों ने तालियों और नारों से उनका जोरदार स्वागत किया। धोनी ने भी मुस्कुराते हुए हाथ हिलाकर फैंस का अभिवादन स्वीकार किया।

वहीं इस दौरान धोनी का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इंग्लैंड की जीत के बावजूद ट्रेंट ब्रिज में सबसे ज्यादा चर्चा महेंद्र सिंह धोनी की रही।

सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा वीडियो

वहीं इस दौरान उनका एक खास अंदाज कैमरे में कैद हो गया, जिसका वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। X पर वायरल हो रहे एक वीडियो में महेंद्र सिंह धोनी फैंस की ओर इशारा करते नजर आए। उन्होंने मजाकिया अंदाज में बताया कि, ‘अब वह बूढ़े हो गए हैं और अगर बल्लेबाजी करने उतरेंगे, तो विकेटों के बीच तेजी से दौड़ना उनके लिए आसान नहीं होगा।’

 

आईपीएल 2026 में एक भी मैच नहीं खेले थे धोनी

धोनी से आईपीएल 2026 में दमदार वापसी की उम्मीद की जा रही थी, लेकिन फिटनेस से जुड़ी परेशानियों के कारण वह पूरे सीजन मैदान से दूर रहे। अब भी यह साफ नहीं है कि वह अगले आईपीएल सीजन में चेन्नई सुपर किंग्स की ओर से खेलते नजर आएंगे या नहीं। फैंस उनकी वापसी को लेकर बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं।

कड़े सुरक्षा में स्टेडियम से बाहर निकाला गया

नॉटिंघम में महेंद्र सिंह धोनी की लोकप्रियता एक बार फिर देखने को मिली। मैच खत्म होने के बाद जब वह स्टेडियम से बाहर निकले, तो उन्हें देखने के लिए बड़ी संख्या में फैंस जुट गए। कड़ी सुरक्षा के बीच धोनी भीड़ के बीच से आगे बढ़े, जबकि चारों ओर उनके नाम के नारे गूंज रहे थे। फैंस उनकी एक झलक पाने और उन्हें करीब से देखने के लिए उत्साहित नजर आए।

सबसे सफल कप्तान

महेंद्र सिंह धोनी को क्रिकेट इतिहास के सबसे सफल खिलाड़ियों में गिना जाता है। अपने करियर की शुरुआत में उन्होंने आक्रामक बल्लेबाज के रूप में पहचान बनाई, जबकि बाद में वह मैच को अंत तक ले जाकर जीत दिलाने वाले बेहतरीन फिनिशर बन गए। कप्तान के तौर पर भी उन्होंने भारत को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाया। उनकी अगुवाई में टीम इंडिया ने 2007 का टी20 विश्व कप, 2011 का वनडे विश्व कप और 2013 की चैंपियंस ट्रॉफी जीतकर इतिहास रचा।

IND vs ENG: इंग्लैंड के सामने टीम इंडिया का फ्लॉप शो, 20 साल में पहली बार 100 से ज्यादा रन से हारी

IND vs ENG: इंग्लैंड ने नॉटिंघम के ट्रेंट ब्रिज मैदान पर खेले गए तीसरे टी20 मुकाबले में भारत को 125 रन के बड़े अंतर से हरा दिया। पहले बल्लेबाजी करते हुए इंग्लैंड ने 20 ओवर में 7 विकेट पर 201 रन बनाए। टारगेट का पीछा करने उतरी भारतीय टीम पूरी तरह बिखर गई और सिर्फ 76 रन पर सिमट गई। इस शानदार जीत के साथ इंग्लैंड ने पांच मैचों की टी20 सीरीज में 2-0 की बढ़त बना ली है। नॉटिंघम में मिली 125 रन की करारी हार भारतीय टीम ने एक बेहद खराब रिकॉर्ड अपने नाम दर्ज कर लिया है।

करीब 20 साल के टी20 इंटरनेशनल इतिहास में ये पहला मौका है, जब भारतीय टीम को किसी मैच में 100 से अधिक रन के बड़े अंतर से हार का सामना करना पड़ा। इस हार ने टीम के नाम एक ऐसा रिकॉर्ड दर्ज कर दिया, जिसे वह कभी याद नहीं रखना चाहेगी।

लगातार चार मैच हारी भारतीय टीम

मार्च 2026 में लगातार तीसरी बार टी20 विश्व कप जीतने के बाद से भारतीय टीम का प्रदर्शन उम्मीद के मुताबिक नहीं रहा है। टीम अपने पिछले पांच टी20 अंतरराष्ट्रीय मैचों में चार हार चुकी है और अब भी पहली जीत की तलाश में है। नॉटिंघम में इंग्लैंड से मिली 125 रन की हार भारत की टी20 इतिहास की सबसे बड़ी हार बन गई। इससे पहले भारत की सबसे बड़ी हार 80 रन की थी, जब फरवरी 2019 में वेलिंगटन में न्यूजीलैंड ने उसे बड़े अंतर से हराया था।

सबसे बड़ी हार किसने नाम दर्ज है

इंग्लैंड में भारत की टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों में इससे पहले सबसे बड़ी हार 17 रन की थी, जो 10 जुलाई 2022 को नॉटिंघम में मिली थी। वहीं, टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में सबसे बड़ी हार का रिकॉर्ड अफ्रीकी देश गाम्बिया के नाम दर्ज है। गाम्बिया की टीम को 23 अक्टूबर 2024 को नैरोबी के रुआराका मैदान पर जिम्बाब्वे ने 290 रन के विशाल अंतर से हराया था, जो अब तक का सबसे बड़ा हार का रिकॉर्ड है।

इंग्लैंड का रिकॉर्ड

भारत पर 125 रन की बड़ी जीत इंग्लैंड की टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में 100 से अधिक रन के अंतर से मिली पांचवीं जीत है। इससे पहले भी इंग्लैंड दक्षिण अफ्रीका को 146 रन, वेस्टइंडीज को 137 रन, अफगानिस्तान को 116 रन और ऑस्ट्रेलिया को 100 रन से हराकर ऐसे बड़े अंतर की जीत दर्ज कर चुका है।

भारत की बल्लेबाजी रही फ्लॉप

भारत की बल्लेबाजी इस मुकाबले में पूरी तरह फ्लॉप रही। टीम की ओर से सबसे ज्यादा 13 रन वैभव सूर्यवंशी ने सिर्फ 5 गेंदों में बनाए, जबकि ईशान किशन भी 13 रन ही बना सके। इनके अलावा केवल अभिषेक शर्मा और अक्षर पटेल ही 10-10 रन तक पहुंच पाए। वहीं, नॉटिंघम में इंग्लैंड के खिलाफ मिली इस हार के साथ कप्तान श्रेयस अय्यर की अगुआई में भारत को चौथी हार झेलनी पड़ी। इंग्लैंड की जीत में जोफ्रा आर्चर ने तीन विकेट लिए, जबकि जोश टंग ने चार भारतीय बल्लेबाजों को पवेलियन भेजा।

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इंग्लैंड के खिलाफ 125 रनों की हार में कितने अनचाहे रिकॉर्ड बना गई टीम इंडिया

दूसरे टी-20 अंतरराष्ट्रीय मैच में इंग्लैंड के खिलाफ 125 रनों की हार के बाद भारतीय टीम ने बहुत सारे अनचाहे रिकॉर्ड बना लिए हैं। यह पहली बार है जब भारतीय टीम इस प्रारुप में 100 से ज्यादा रनों से हारी हो। भारतीय टीम 76 रनों पर सिमट गई और जैसे तैसे इस प्रारुप में अपने न्यूनतम स्कोर से एक कदम आगे आ पाई।

202 रनों का पीछा करते हुए भारत के पांच विकेट पांच ओवर में 52 रन पर गिर गए थे। भारतीय बल्लेबाजों ने गैर जिम्मेदाराना शॉट खेले और जीत के लिये कोई प्रयास भी नहीं किया। यह पहली बार है जब एक पॉवरप्ले में भारत ने 5 विकेट गंवाए हों। श्रेयस अय्यर का बतौर कप्तान हार का सिलसिला अब पांच मैचों का हो गया है ।यह पहली बार है जब भारत लगातार 5  टी-20 अंतरराष्ट्रीय मैच में से एक भी जीतने में नाकामयाब रहा।

भारतीय बल्लेबाजी पर नाराज हुए श्रेयस अय्यर

भारत के कप्तान श्रेयस अय्यर ने तीसरे टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच में इंग्लैंड से 125 रन की करारी हार के बाद अपनी टीम के प्रदर्शन को ‘‘बेहद खराब’’ करार दिया और कहा कि इस तरह का प्रदर्शन कतई स्वीकार्य नहीं है।अय्यर की कप्तानी में भारत ने अभी तक एक भी टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच नहीं जीता है। मंगलवार को खेले गए मैच में तो उसका प्रदर्शन बेहद निराशाजनक रहा जब टीम 202 रन की लक्ष्य का पीछा करते हुए केवल 11.4 ओवर में 76 रन पर आउट हो गई और उसे रन के लिहाज से सबसे बड़ी हार का सामना करना पड़ा।

अय्यर ने मैच के बाद कहा, ‘‘यह बेहद निराशाजनक था, इतने बड़े अंतर से हारना स्वीकार्य नहीं है। सबसे पहले हमें हार को स्वीकार करना होगा और नए सिरे से रणनीति बनानी होगी।’’इस जीत के साथ इंग्लैंड ने पांच मैचों की टी20 सीरीज में 2-0 की अजेय बढ़त बना ली है। गुरुवार को ब्रिस्टल में चौथा टी20 मैच और शनिवार को साउथेम्प्टन में अंतिम मैच खेला जाएगा। पहला मैच बारिश के कारण रद्द हो गया था।

अय्यर का मानना ​​था कि ट्रेंट ब्रिज की इस पिच पर गेंदबाजों को 200 रन नहीं देने चाहिए थे।उन्होंने कहा, ‘‘मुझे नहीं लगता कि यह 200 विकेट वाली पिच थी। हमने पावरप्ले में चार विकेट गंवा दिए और इसी वजह से हम पिछड़ गए। आप कितनी भी योजना बना लें, लेकिन मैदान पर उतरने के बाद आपको परिस्थितियों के अनुसार ढलना पड़ता है। मुझे लगा कि हार्ड लेंथ पर शॉट लगाना मुश्किल था और हम उसे ठीक से अंजाम नहीं दे पाए।’’

भारतीय कप्तान ने कहा, ‘‘हमें अब अतीत के बारे में नहीं सोचना होगा और मजबूत वापसी करनी होगी। हमारे प्रत्येक खिलाड़ी को इस पर विचार करना होगा कि वह किस तरह से योगदान दे सकता है।’’

गौतम ने कहा गंभीरता से खेले टीम इंडिया

गंभीर ने मैच के बाद प्रेस कांफ्रेंस में कहा, ‘‘हम अच्छा नहीं खेले। टी20 विश्व कप फाइनल खेलने वाली टीम में बहुत बदलाव हुए हैं। चाहे कप्तान हो या सलामी बल्लेबाज। टीम में न तो हार्दिक पंड्या हैं और न ही जसप्रीत बुमराह हैं। ’’

उन्होंने कहा, ‘‘जब आप टीम का पुनर्गठन (रिसेट) करते हैं तो थोड़ा समय लगता है। अगर आप देखें, तो 15 साल का खिलाड़ी (वैभव सूर्यवंशी) पारी का आगाज कर रहा है, प्रिंस यादव अपना दूसरा टी20 अंतरराष्ट्रीय खेल रहे हैं, हर्षित राणा चोट से वापसी कर रहे हैं। हम अंत में सिर्फ नतीजों को देखते हैं और इसमें कोई शक नहीं कि अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में नतीजे अहम हैं, लेकिन हमें व्यावहारिक भी होना होगा। ’’

गंभीर ने जोर देकर कहा कि कई झटकों के बावजूद भारत महज चार मैच के नतीजे के आधार पर खराब टीम नहीं बन जाता।उन्होंने कहा, ‘‘कभी-कभी प्रतिद्वंद्वी टीम आपसे बेहतर खेलती है। कभी-कभी आप हालात का सही अंदाजा नहीं लगा पाते और उन्हें ठीक से समझ नहीं पाते। खेल को समझना भी उतना ही जरूरी है। आयरलैंड के बाद से हमने ऐसा नहीं किया है। ’’

गंभीर ने कहा, ‘‘हम हालात के हिसाब से खुद को ढाल नहीं पाए हैं। चाहे आयरलैंड हो या इंग्लैंड, सच्चाई यही है। अगर हमने बेहतर ढंग से खुद को ढाला होता और बेहतर क्रिकेट खेला होता, तो हम लगातार चार मैच नहीं हारते। ’’

ENG W vs AUS W: ऑस्ट्रेलिया-इंग्लैंड के बीच आज होगी खिताबी भिड़ंत, जानें कब और कहां देखें फाइनल

ENG vs AUS: लंदन के ऐतिहासिक लॉर्ड्स मैदान पर रविवार को ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड के बीच महिला टी20 विश्व कप 2026 का फाइनल मुकाबला खेला जाएगा। दोनों टीमों के बीच होने वाले इस खिताबी मुकाबले का क्रिकेट प्रेमी बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। टी20 विश्व कप के खिताबी मुकाबलों में इंग्लैंड अब तक ऑस्ट्रेलिया को नहीं हरा सका है और आंकड़े भी इसी ओर इशारा करते हैं। ऐसे में पुराने रिकॉर्ड से ज्यादा मौजूदा प्रदर्शन अहम माना जा रहा है।

इंग्लैंड की टीम आठ साल बाद महिला टी20 विश्व कप के फाइनल में पहुंची है, वहीं ऑस्ट्रेलिया छह बार यह खिताब जीतकर अपनी बादशाहत पहले ही साबित कर चुका है। दोनों टीमों की बीच मुकाबले की शुरुआत भारतीय समयानुसार रात 8 बजे से शुरू होगा। आइए जानते हैं कब और कहां पर देखें मुकाबला

ऑस्ट्रेलिया का पलड़ा भारी

इंग्लैंड इस फाइनल में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ अपनी पिछली हार का सिलसिला तोड़ने के इरादे से उतरेगा। पिछले कुछ सालों में दोनों टीमों के मुकाबलों में ऑस्ट्रेलिया का पलड़ा भारी रहा है। खासतौर पर पिछली एशेज सीरीज में ऑस्ट्रेलिया ने इंग्लैंड को पूरी तरह मात दी थी। ऐसे में इस बार का फाइनल दोनों टीमों के लिए बेहद अहम मुकाबला माना जा रहा है।

कितने बजे शुरू होगा मुकाबला

महिला टी20 वर्ल्ड कप 2026 का फाइनल मुकाबला रविवार, 5 जुलाई को इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया के बीच खेला जाएगा। भारतीय दर्शक इस मैच का आनंद रात 8:00 बजे (भारतीय समयानुसार) से ले सकेंगे, जब दोनों टीमें ट्रॉफी जीतने के लिए मैदान पर आमने-सामने होंगी।

कहां पर खेला जाएगा मुकाबला

महिला टी20 वर्ल्ड कप 2026 का फाइनल मुकाबला इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया के बीच लंदन के ऐतिहासिक लॉर्ड्स क्रिकेट ग्राउंड में खेला जाएगा। क्रिकेट के सबसे प्रतिष्ठित मैदानों में शामिल लॉर्ड्स इस बड़े मुकाबले की मेजबानी करेगा, जहां दोनों टीमें खिताब जीतने के इरादे से मैदान पर उतरेंगी।

कहां पर देखें मुकाबला

भारत में महिला टी20 वर्ल्ड कप 2026 के फाइनल मुकाबले का सीधा प्रसारण स्टार स्पोर्ट्स नेटवर्क पर देखा जा सकेगा। वहीं, जो दर्शक मोबाइल या ऑनलाइन मैच देखना चाहते हैं, वे इस मुकाबले की लाइव स्ट्रीमिंग जियोहॉटस्टार ऐप और वेबसाइट पर देख सकते हैं।

IND vs ENG: प्लेइंग 11 से निकाले जाने के बाद नाराज सैमसन को मनाते दिखे गौतम गंभीर? वीडियो हो रहा वायरल

IND vs ENG: भारत और इंग्लैंड के बीच दूसरा मुकाबला मैनचेस्टर में खेला जा रहा है। मुकाबले में भारत ने टॉस जीतकर पहले बैटिंग करने का फैसला किया। पहले बैटिंग करने आई भारतयी टीम ने 20 ओवर में 7 विकेट खोकर 190 रन बनाई। वहीं इ्ंग्लैंड की टीम अभी बैटिंग कर रही है। इस मुकाबले में युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी ने भारत के लिए डेब्यू किया है। वैभव को संजू सैमसन की जगह टीम में शामिल किया गया है। वहीं इसी बीच टीम से बाहर किए जाने के बाद संजू सैमसन और हेड कोच गौतम गंभीर के बातचीत का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।

गौतम ने संजू से की बातचीत

आयरलैंड और इंग्लैंड के खिलाफ लगातार खराब प्रदर्शन के बाद संजू सैमसन को टीम से बाहर बैठना पड़ा। उनकी जगह युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी को पहली बार भारतीय टीम से खेलने का मौका मिला। इसी बीच हेड कोच गौतम गंभीर और संजू सैमसन मैदान पर बातचीत करते नजर आए। जब टीम मैनेजमेंट ने वैभव को इंग्लैंड के खिलाफ दूसरे टी20 मैच की प्लेइंग इलेवन में शामिल करने का फैसला किया, तभी मैदान पर हेड कोच गौतम गंभीर और संजू सैमसन आपस में बातचीत करते नजर आए। कैमरे में कैद हुई इस बातचीत को लेकर क्रिकेट प्रशंसकों के बीच कई तरह की चर्चाएं शुरू हो गईं, क्योंकि सैमसन इस मुकाबले में अंतिम एकादश का हिस्सा नहीं थे।

बड़ी पारी नहीं खेल पाए वैभव

इस बातचीत की कोई ऑडियो सुनाई नहीं दिया, इसलिए ये कहना संभव नहीं है कि दोनों के बीच क्या बात हुई। लेकिन उस समय की स्थिति को देखते हुए यह दृश्य काफी चर्चा में रहा। संजू सैमसन सिर्फ खराब फॉर्म की वजह से बाहर किए गए एक आम खिलाड़ी नहीं थे, बल्कि वह लंबे समय से टीम के भरोसेमंद खिलाड़ियों में शामिल रहे हैं। वहीं दूसरी ओर, अपना पहला अंतरराष्ट्रीय टी20 मैच खेल रहे युवा वैभव सूर्यवंशी बड़ी पारी नहीं खेल सके। उन्होंने तेज शुरुआत करने की कोशिश की, लेकिन 10 गेंदों पर 14 रन बनाकर आउट हो गए और यादगार डेब्यू का मौका हाथ से निकल गया।

गंभीर ने हमेशा किया सपोर्ट

संजू सैमसन लंबे समय से टीम प्रबंधन के भरोसेमंद खिलाड़ियों में रहे हैं। जब उनके चयन को लेकर सवाल उठ रहे थे, तब भी हेड कोच गौतम गंभीर और टीम मैनेजमेंट ने उनका साथ नहीं छोड़ा। टी20 विश्व कप के दौरान वेस्टइंडीज के खिलाफ उनकी शानदार नाबाद 97 रन की पारी के बाद गंभीर ने खुलकर उनकी तारीफ की थी और कहा था कि सैमसन बेहतरीन खिलाड़ी हैं। उनका मानना था कि टीम ने उन पर जो भरोसा दिखाया, सैमसन ने अपनी शानदार बल्लेबाजी से उसे सही साबित किया। नए खिलाड़ी को मौका मिलने के बाद भी गौतम गंभीर का संजू सैमसन से बात करना चर्चा का विषय बन गया। इसने दिखाया कि टीम में बदलाव के बावजूद खिलाड़ियों का सम्मान बना रहता है।

Vaibhav Sooryavanshi: इंग्लैंड सीरीज में नहीं होगा वैभव सूर्यवंशी का डेब्यू? BCCI ने दिया ये बड़ा संकेत

वैभव सूर्यवंशी टीम इंडिया के लिए पहला मैच कब खेलेंगे? भारतीय क्रिकेट फैंस के बीच ये मिलियन डॉलर का सवाल बना हुआ है। अब भारत और इंग्लैंड का दूसरा टी20 मैच 4 जुलाई को मैंचेस्टर में खेला जाएगा। इन सबके बीच BCCI के उपाध्यक्ष राजीव शुक्ला ने टीम मैनेजमेंट के उस फैसले का समर्थन किया है, जिसमें वैभव सूर्यवंशी को अभी तक इंटरनेशनस क्रिकेट में पदार्पण का मौका नहीं दिया गया है। उनका कहना है कि जब सही समय आएगा, तब वैभव को जरूर मौका मिलेगा।

भारतीय क्रिकेट टीम के गेंदबाजी कोच मोर्ने मोर्कल ने प्रेस कांफ्रेंस की और मीडिया के सवालों का जवाब दिया। उन्होंने भी साफतौर पर इस बात का संकेत दे दिया है कि अभी भी वैभव सूर्यवंशी को डेब्यू का मौका शायद नहीं मिलेगा और टीम इंडिया संजू सैमसन को बैक करेगी।

वैभव सूर्यवंशी के डेब्यू पर BCCI ने तोड़ी चुप्पी

15 साल के वैभव सूर्यवंशी को आईपीएल 2026 में शानदार प्रदर्शन के बाद पहली बार भारतीय टीम में जगह मिली थी। उन्होंने पूरे सीजन में 237.30 के स्ट्राइक रेट से 776 रन बनाकर सभी का ध्यान अपनी ओर खींचा था। हालांकि, टीम में चुने जाने के बावजूद उन्हें अब तक अंतिम एकादश में खेलने का मौका नहीं मिला है। आयरलैंड के खिलाफ सीरीज और इंग्लैंड के खिलाफ बारिश से प्रभावित पहले टी20 मैच में भी वह बाहर बैठे रहे। टीम प्रबंधन फिलहाल टॉप ऑर्डर में संजू सैमसन, अभिषेक शर्मा और ईशान किशन की मौजूदा जोड़ी पर ही भरोसा जता रहा है।

भारतीय टीम प्रबंधन का कहना है कि वह उस टीम संयोजन में कोई बदलाव नहीं करना चाहता, जिसने भारत को 2026 का टी20 विश्व कप जिताया था। इसी वजह से युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी को अभी इंतजार करने के लिए कहा गया है। हालांकि, कप्तान श्रेयस अय्यर और मुख्य कोच गौतम गंभीर के इस फैसले की कई लोग आलोचना भी कर रहे हैं। इस मामले पर भारतीय क्रिकेट बोर्ड के उपाध्यक्ष राजीव शुक्ला ने कहा कि वैभव बेहद प्रतिभाशाली खिलाड़ी हैं और उन्होंने आईपीएल में अपने प्रदर्शन से यह साबित भी किया है। उन्होंने कहा कि उन्होंने टीम प्रबंधन और कोच के खिलाफ कई टिप्पणियां देखी हैं, लेकिन अंतिम फैसला कप्तान और कोच ही लेते हैं। राजीव शुक्ला ने कहा कि टीम मैनेजमेंट लगातार हालात पर नजर रखे हुए है। जैसे ही सही मौका मिलेगा, वैभव सूर्यवंशी को भारतीय टीम की ओर से खेलने का अवसर जरूर दिया जाएगा।

भारतीय क्रिकेट बोर्ड के एक अधिकारी ने कहा कि टीम चयन को लेकर टीम मैनेजमेंट की आलोचना करना सही नहीं है। उनका कहना है कि युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी को कब अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में मौका देना है, इसका फैसला ड्रेसिंग रूम में मौजूद कप्तान, कोच और टीम प्रबंधन पर ही छोड़ देना चाहिए। उन्होंने कहा, “ऐसे फैसले टीम प्रबंधन बेहतर तरीके से ले सकता है। इसलिए इस मुद्दे पर बेवजह की चर्चा और आलोचना करने की कोई जरूरत नहीं है।”

क्या दूसरे T-20i मैच में होगा वैभव बनाम आर्चर का मुकाबला?

पहले टी-20 अंतरराष्ट्रीय मैच में भारत जीत से महरूम रह गया। लेकिन इस मैच में भारत और इंग्लैंड को कई सबक मिल गए। भारत को यह सबक मिल गया कि शीर्ष क्रम आउट ऑफ फॉर्म है। वहीं इंग्लैंड को यह समझ आ गया कि तेज गेंदबाजी में धार कम है। ऐसे में अब सबकी निगाहें वैभव सूर्यवंशी बनाम जोफ्रा आर्चर के मुकाबले पर टिकी है लेकिन शायद शनिवार को भी क्रिकेट प्रेमी को निराशा हाथ लग सकती है।

गौरतलब है कि इंडियन प्रीमियर लीग में वैभव सूर्यवंशी और जोफ्रा आर्चर दोनों ही राजस्थान रॉयल्स की टीम से खेलते हैं। न्यूजीलैंड के खिलाफ तीन टेस्ट मैचों में शामिल जोफ्रा आर्चर को भारत के खिलाफ पहले टी-20 अंतरराष्ट्रीय मैच से आराम दिया गया है। उनको शायद दूसरे टी-20 अंतरराष्ट्रीय मैच में भी मौका नहीं मिलेगा और अंतिम तीन टी-20 अंतरराष्ट्रीय मैच में ही वह इंग्लैंड का हिस्सा बनेंगे। उनको कार्यभार प्रबंधन के तहत बैंच पर बैठाया गया है।हालांकि पहले टी-20 अंतरराष्ट्रीय मैच में इंग्लैंड की गेंदबाजी अपेक्षाअनुसार नहीं रही थी तो उनको दूसरे मैच में मौका मिल सकता है।

पूरी सीरीज से पहले सबसे बड़ी चर्चा 15 वर्षीय विस्फोटक बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी को लेकर है। पूर्व भारतीय कप्तान सुनील गावस्करने साफ कहा है कि अगर भारत को इंग्लैंड को चौंकाना है तो वैभव को टी20 में मौका देना चाहिए।गावस्कर का मानना है कि युवा खिलाड़ी को सिर्फ इसलिए बाहर नहीं बैठाया जाना चाहिए क्योंकि वह नया है। उनके मुताबिक वैभव को ओपनिंग या नंबर-3 पर उतारकर इंग्लैंड के गेंदबाजों पर शुरुआत से दबाव बनाया जा सकता है।

हालांकि की ओर से सहायक कोच रयान टेन डोशेट ने संकेत दिए हैं कि वैभव को अपनी बारी का इंतजार करना होगा। ऐसे में प्लेइंग इलेवन को लेकर सबसे बड़ा सस्पेंस इसी युवा बल्लेबाज पर टिका हुआ है।लेकिन संजू सैमसन की लगातार 3 विफलता के कारण टीम प्रबंधन अपनी सोच बदलने पर मजबूर हो सकता है।

भारत की टी20 विश्व कप में खिताबी जीत के सूत्रधार रहे सैमसन को कम से कम एक साल तक मौका दिया जा सकता था लेकिन अब जबकि भारतीय क्रिकेट को सूर्यवंशी के रूप में एक असाधारण प्रतिभाशाली क्रिकेटर मिल गया है।ऐसे में सैमसन के लिये गलती की कोई गुंजाइश नहीं रह गई है और टी20 विश्व कप का शानदार प्रदर्शन भी टीम में उनकी जगह की गारंटी नहीं हो सकता।अभिषेक शर्मा ने पिछले तीन मैचों में से दो में 49 और 59 रन बना लिये हैं जिससे सारा दबाव अब सैमसन पर है।

बारिश के कारण रद्द हुए पहले मैच में सैमसन ने सात गेंद में एक रन बनाया था और एक बार भी नहीं लगा कि वह आक्रामक खेलने के मूड में हैं । सीम लेती पिचों पर तकनीक के मामले में उनकी कमजोरी सामने आती है।राजस्थान के टोंक के रहने वाले आयरलैंड के गुमनाम से तेज गेंदबाज जय मूंदड़ा ने उनकी कमजोरी का फायदा उठाकर उनका विकेट लिया।टीम प्रबंधन 15 वर्ष के सूर्यवंशी को लेकर कोई हड़बड़ी नहीं करना चाहता लेकिन अगले कुछ मैचों में उन्हें नहीं उतारा गया तो इस फैसले पर सवाल उठने तय हैं।

लगातार दूसरी बार रन आउट हुए ईशान तो अभिषेक ने लगाई डांट (Video)

ENGvsIND भारत बनाम इंग्लैडं टी-20 अंतरराष्ट्रीय मैच में जब क्रीज पर आते साथ ईशान किशन रन आउट हो गए तो उन्हें अपने साथी अभिषेक शर्मा से डांट खानी पड़ी। यह स्टंप माइक के ऑडियो से पता चला कि अभिषेक ने ईशान से पूछा कि तू पहुंचा या नहीं पहुंचा जिसके जवाब में ईशान ने कहा पता नहीं मुझे। इस पर अभिषेक ने ईशान से कहा, क्या कर रहा है यार ईशान।


ईशान किशन तब क्रीज पर आए थे जब भारत संजू सैमसन (1रन ) का विकेट गंवाकर खतरे में था। महज 2 गेंद खेल ईशान किशन रन लेने चले यह देखे बिना कि मिड ऑन का फील्डर पास में ही खड़ा है। अभिषेक शर्मा ने जब तक मना किया तब तक बहुत देर हो चुकी थी। इससे पहले आयरलैंड के खिलाफ दूसरे टी-20 अंतरराष्ट्रीय मैच में भी ईशान किशन डायरेक्ट हिट के जरिए रन आउट हो गए थे।

गौरतलब है कि बुधवार को अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट काउंसिल द्वारा जारी नवीनतम रैंकिंग में ईशान किशन ने ही अभिषेक शर्मा को अपदस्थ करके नंबर 1 टी-20 बल्लेबाज बने थे।किशन (876 रैंकिंग अंक) के शीर्ष पर पहुंचने में इसी साल हुए टी20 विश्व कप में उनके लगातार अच्छे प्रदर्शन की अहम भूमिका रही है। विश्व कप में बाएं हाथ के इस आक्रामक बल्लेबाज ने लगभग 200 के स्ट्राइक रेट से 317 रन बनाए। उन्हें कोलंबो में पाकिस्तान के खिलाफ हुए मुकाबले में मैच का सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी भी चुना गया था।

अभिषेक (869) लगभग 12 महीने तक शीर्ष पर रहे। किशन और अभिषेक से पहले भारतीय खिलाड़ियों में विराट कोहली और सूर्यकुमार यादव ने भी टी20 अंतरराष्ट्रीय बल्लेबाजों की रैंकिंग में शीर्ष स्थान हासिल किया है।