टीम से बाहर निकलने की कगार पर खड़े अभिषेक शर्मा ने ठोके 91 गेंदों में 255 रन (Video)

भारतीय T-20I टीम से बाहर निकलने की कगार पर खड़े अभिषेक शर्मा ने 91 गेंदों में 255 रन बनाए हैं। इस पारी में उन्होंने 15 चौके और 25 छक्के लगाए हैं। हालांकि यह पारी शायद उन्हें अगले टूर्नामेंट में बाहर निकलने से नहीं बचा पाए क्योंकि यह पारी किसी अंतरराष्ट्रीय टीम नहीं बल्कि तरण तारण पुरुष सीनियर टूर्नामेंट के वनडे डिस्ट्रिक्ट मैच में आई।

संजू सैमसन के बाद अब अभिषेक शर्मा के ड्रॉप होने की बारी आ गई है। क्रिकेट पंडितों की मानें तो अगली टी-20 सीरीज जो वेस्टइंडीज के खिलाफ होनी है उसमें अभिषेक शर्मा को ड्रॉप करके संजू सैमसन को शामिल किया जाए क्योंकि वैभव सूर्यवंशी बेहतरीन फॉर्म में है।

जिम्बाब्वे दौरे पर वैभव सूर्यवंशी अपने पसंदीदा मैदान हरारे स्पोर्ट्स क्लब में विस्फोटक पारियां खेलकर मैन ऑफ द सीरीज बन गए। लेकिन उनके साथी अभिषेक शर्मा संघर्ष करते हुए नजर आए और तीनों मैचों में ब्लेसिंग मुजरबानी के खिलाफ सस्ते में आउट हो गए।

इससे पहले इंग्लैंड के खिलाफ पहले 2 मैचों में अभिषेक ने जरूर 50 रन बनाए लेकिन अंतिम 3 मैचों में वह फिर सस्ते में आउट हो गए। इस कारण अभिषेक की 6 असफल पारियों के कारण उनको अब वेस्टइंडीज के खिलाफ होने वाली टी-20 सीरीज से आराम दिया जाएगा और संजू सैमसन जिन्हें जिम्बाब्वे दौरे पर आराम दिया गया था उन्हें टीम में लाया जाएगा।

अभिेषेक शर्मा ने इंग्लैंड के खिलाफ तीसरे टी-20 में 7 गेंदों में 10 रन बनाए। चौथे टी-20 में 14 गेंदों में 16 रन बनाए। पांचवे टी-20 मैच में उन्होंने 5 गेंदों में सिर्फ 3 रन बनाए। उनका खराब फॉर्म जिम्बाब्वे में भी जारी रहा। पहले टी-20 में वह 8 गेंद खेलकर 1 रन बना पाए। वहीं दूसरे टी-20 में 8 गेंदों में 8 रन बना पाए। तीसरे टी-20 में भी वह 4 गेंद खेलकर सिर्फ 2 रन ही बना पाए। इस हिसाब से वह 6 टी-20 पारियों में सिर्फ 40 रन बना पाए हैं।

भुवनेश्वर कुमार को फिर मिले टीम इंडिया में मौका? 2027 वर्ल्ड कप को लेकर अश्विन ने की

साल 2027 का वनडे वर्ल्ड कप साउथ अफ्रीका, जिम्बाब्वे और नामीबिया तीनों देशों की संयुक्त मेजबानी में खेला जाएगा। इस बड़े टूर्नामेंट के लिए आईसीसी ने हाल ही में मेजबान शहरों की लिस्ट जारी कर दी है। विश्व कप के दौरान कुल 54 मुकाबले खेले जाएंगे, जिनका आयोजन 12 अलग-अलग शहरों में किया जाएगा। 2027 वनडे विश्व कप के लिए संभावित भारतीय टीम को लेकर पूर्व खिलाड़ी रविचंद्रन अश्विन ने अपनी राय रखी है। रविचंद्रन अश्विन ने भारतीय टीम के अनुभवी तेज गेंदबाज भुवनेश्वर कुमार की वनडे टीम में वापसी को लेकर समर्थन किया है।

अश्विन के मुताबिक, भुवनेश्वर का अनुभव भारत के लिए काफी फायदेमंद साबित हो सकता है। खासकर 2027 वनडे विश्व कप में साउथ अफ्रीका की तेज और उछाल वाली पिचों पर भुवनेश्वर जैसे अनुभवी गेंदबाज टीम के लिए अहम भूमिका निभा सकते हैं।

 

 

वनडे वर्ल्ड कप में इनको दी जगह

क्रिकइन्फो पर बातचीत के दौरान वनडे वर्ल्ड के लिए संभावित टीम की चर्चा पर रविचंद्रन अश्विन ने कहा कि, “वह भुवनेश्वर कुमार को 2027 वनडे विश्व कप की तैयारियों का हिस्सा देखना चाहते हैं। भुवनेश्वर को फर्स्ट क्लास क्रिकेट और विजय हजारे ट्रॉफी जैसे घरेलू टूर्नामेंट लगातार खेलने चाहिए, ताकि वह पूरी तरह फिट होकर दक्षिण अफ्रीका की परिस्थितियों के लिए तैयार रहें।” अश्विन के मुताबिक, “वहां भारत को भुवनेश्वर जैसे अनुभवी तेज गेंदबाज की जरूरत पड़ेगी।” इसके अलावा उन्होंने अपनी संभावित टीम में रोहित शर्मा, विराट कोहली, शुभमन गिल, हार्दिक पांड्या, कुलदीप यादव और मोहम्मद सिराज का सपोर्ट किया, जबकि संजू सैमसन और शिवम दुबे को जगह नहीं दी।

कब खेला था आखिरी वनडे

भुवनेश्वर कुमार ने भारत के लिए अपना आखिरी वनडे मैच जनवरी 2022 में दक्षिण अफ्रीका के दौरे पर खेला था। इसके बाद से वह वनडे टीम से बाहर हैं। उन्होंने साल 2012 में पाकिस्तान के खिलाफ वनडे डेब्यू किया था और अपनी पहली ही गेंद पर विकेट लेकर शानदार शुरुआत की थी। भुवनेश्वर ने अब तक भारत के लिए 121 वनडे मैच खेले हैं, जिनमें 141 विकेट अपने नाम किए हैं। उनके अनुभव और नई गेंद से शानदार गेंदबाजी की वजह से उन्हें भारत के सबसे भरोसेमंद तेज गेंदबाजों में गिना जाता है।

कहां-कहां पर होगा मुकाबला

साल 2027 का वनडे विश्व कप दक्षिण अफ्रीका, जिम्बाब्वे और नामीबिया की संयुक्त मेजबानी में खेला जाएगा। आईसीसी ने टूर्नामेंट के लिए 12 मेजबान शहरों का ऐलान कर दिया है, जहां कुल 54 मुकाबले होंगे। इनमें जोहान्सबर्ग, सेंचुरियन, डरबन, गेकेबरहा, कुगोम्पो सिटी, केप टाउन, पार्ल, ब्लोमफोंटेन, हरारे, बुलावायो, विक्टोरिया फॉल्स और विंडहोक शामिल हैं। इनमें सबसे ज्यादा मुकाबले साउथ अफ्रीका में खेले जाएंगे, जहां की तेज और उछाल वाली पिचें आमतौर पर तेज गेंदबाजों के लिए मददगार मानी जाती हैं।

आईपीएल और घरेलू टीम में खेलते हैं

भले ही भुवनेश्वर कुमार इस समय भारतीय वनडे टीम की योजनाओं का हिस्सा नहीं हैं, लेकिन वह घरेलू और आईपीएल क्रिकेट में लगातार सक्रिय हैं। हाल ही में उन्होंने रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु की ओर से खेलते हुए शानदार प्रदर्शन किया और टीम के खिताब बचाने के अभियान में अहम भूमिका निभाई। उनके अनुभव और लगातार अच्छे प्रदर्शन को देखते हुए उनकी वापसी की चर्चा फिर से तेज हो गई है।

अभिषेक शर्मा होंगे ड्रॉप, संजू सैमसन को मिलेगा T20I टीम में मौका

संजू सैमसन के बाद अब अभिषेक शर्मा के ड्रॉप होने की बारी आ गई है। क्रिकेट पंडितों की मानें तो अगली टी-20 सीरीज जो वेस्टइंडीज के खिलाफ होनी है उसमें अभिषेक शर्मा को ड्रॉप करके संजू सैमसन को शामिल किया जाए क्योंकि वैभव सूर्यवंशी बेहतरीन फॉर्म में है।

जिम्बाब्वे दौरे पर वैभव सूर्यवंशी अपने पसंदीदा मैदान हरारे स्पोर्ट्स क्लब में विस्फोटक पारियां खेलकर मैन ऑफ द सीरीज बन गए। लेकिन उनके साथी अभिषेक शर्मा संघर्ष करते हुए नजर आए और तीनों मैचों में ब्लेसिंग मुजरबानी के खिलाफ सस्ते में आउट हो गए।

इससे पहले इंग्लैंड के खिलाफ पहले 2 मैचों में अभिषेक ने जरूर 50 रन बनाए लेकिन अंतिम 3 मैचों में वह फिर सस्ते में आउट हो गए। इस कारण अभिषेक की 6 असफल पारियों के कारण उनको अब वेस्टइंडीज के खिलाफ होने वाली टी-20 सीरीज से आराम दिया जाएगा और संजू सैमसन जिन्हें जिम्बाब्वे दौरे पर आराम दिया गया था उन्हें टीम में लाया जाएगा।

वैभव सूर्यवंशी इतने बेहतरीन फॉर्म में है कि उनके कारण टी-20 विश्वकप की सलामी जोड़ने को तोड़ना पड़ा, वह भी दो बार। जिम्बाब्वे दौरे पर उनके साथी अभिषेक शर्मा थे और संभवत वेस्टइंडीज के खिलाफ सीरीज में उनके साथी अभिषेक शर्मा रहेंगे।

अभिेषेक शर्मा ने इंग्लैंड के खिलाफ तीसरे टी-20 में 7 गेंदों में 10 रन बनाए। चौथे टी-20 में 14 गेंदों में 16 रन बनाए। पांचवे टी-20 मैच में उन्होंने 5 गेंदों में सिर्फ 3 रन बनाए। उनका खराब फॉर्म जिम्बाब्वे में भी जारी रहा। पहले टी-20 में वह 8 गेंद खेलकर 1 रन बना पाए। वहीं दूसरे टी-20 में 8 गेंदों में 8 रन बना पाए। तीसरे टी-20 में भी वह 4 गेंद खेलकर सिर्फ 2 रन ही बना पाए। इस हिसाब से वह 6 टी-20 पारियों में सिर्फ 40 रन बना पाए हैं।

IND vs ZIM: जिम्बाब्वे पर जीत दर्ज कर भारत ने इंग्लैंड टीम से छीना ताज, ICC टी20 रैंकिंग में टीम इंडिया फिर बनी नंबर-1

भारत ने जिम्बाब्वे के खिलाफ दूसरे टी20 मुकाबले में 90 रन की बड़ी जीत दर्ज की है। इस जीत के साथ भारत ने श्रेयस अय्यर की कप्तानी में पहली सीरीज जीत ली है। वहीं इस जीत के साथ भारत की टी20 टीम एक बार फिर आईसीसी टी20 इंटरनेशनल टीम रैंकिंग में नंबर-1 बन गई है। इससे पहले इंग्लैंड के खिलाफ पांच मैचों की टी20 सीरीज 0-4 से हारने के कारण भारतीय टीम पहले स्थान से फिसलकर दूसरे नंबर पर पहुंच गई थी। वहीं भारतीय टीम ने शानदार वापसी करते हुए सिर्फ दो हफ्तों के भीतर फिर से दुनिया की नंबर-1 टी20 टीम बन गई है।

भारत और इंग्लैंड दोनों के 268 रेटिंग पॉइंट्स हैं। लेकिन डेसिमल के आधार पर की गई कैलकुलेशन में भारत इंग्लैंड से आगे है, इसलिए टीम इंडिया आईसीसी टी20 इंटरनेशनल टीम रैंकिंग में पहले स्थान पर है।

कैसा रहा मुकाबला

जिम्बाब्वे के खिलाफ दूसरे टी20 मुकाबले में भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवर में 5 विकेट पर 219 रन का मजबूत स्कोर खड़ा किया। टीम की ओर से विकेटकीपर बल्लेबाज ईशान किशन ने शानदार 81 रन की पारी खेली। वहीं उपकप्तान तिलक वर्मा ने तेज बल्लेबाजी करते हुए केवल 29 गेंदों में नाबाद 60 रन बनाए। दोनों खिलाड़ियों की दमदार पारियों की बदौलत भारत ने जिम्बाब्वे के सामने बड़ा टारगेट रखा।

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तोड़ा किशन का रिकॉर्ड

ईशान किशन ने जिम्बाब्वे के खिलाफ 81 रन की शानदार पारी खेलकर साल 2026 में टी20 इंटरनेशनल क्रिकेट में अपने कुल रन 783 तक पहुंचा दिए हैं। इसके साथ ही उन्होंने एक कैलेंडर वर्ष में भारत के लिए सबसे ज्यादा टी20I रन बनाने के मामले में विराट कोहली को पीछे छोड़ दिया। इससे पहले विराट ने साल 2022 में 20 टी20 इंटरनेशनल मैचों में 781 रन बनाए थे, जबकि ईशान ने इस रिकॉर्ड को अपने नाम कर लिया। ईशान किशन अब एक कैलेंडर वर्ष में भारत के लिए सबसे ज्यादा टी20 इंटरनेशनल रन बनाने वाले बल्लेबाजों की सूची में तीसरे स्थान पर हैं। उनसे आगे केवल सूर्यकुमार यादव (1,164 रन) और अभिषेक शर्मा (859 रन) हैं।

ईशान किशन बना सकते हैं रिकॉर्ड

साल 2026 में ईशान किशन भारत के नियमित विकेटकीपर बल्लेबाज के रूप में 12 टी20 इंटरनेशनल मैच खेल चुके हैं और 370 रन बना चुके हैं। अगर वह जिम्बाब्वे के खिलाफ तीसरे टी20 मुकाबले में 67 रन और बना लेते हैं, तो भारत के लिए एक कैलेंडर वर्ष में नियमित विकेटकीपर के तौर पर सबसे ज्यादा टी20I रन बनाने का रिकॉर्ड अपने नाम कर लेंगे। यह रिकॉर्ड फिलहाल संजू सैमसन के नाम है, जिन्होंने 2024 में 12 टी20 इंटरनेशनल मैचों में 436 रन बनाए थे।

‘रोहित शर्मा की बात पर नहीं था भरोसा… अब मांगी माफी’ संजू सैमसन ने ‘हिटमैन’ को लेकर किया बड़ा खुलासा

टी20 वर्ल्ड कप 2026 में संजू सैमसन ने शानदार प्रदर्शन किया था। लेकिन वर्ल्ड कप के शुरुआती मुकाबलो में संजू को मौका नहीं दिया गया था। टी20 वर्ल्ड कप 2026 से पहले न्यूजीलैंड के खिलाफ टी20 सीरीज में संजू सैमसन अच्छा प्रदर्शन नहीं कर पाए थे। इसके बाद उन्हें टूर्नामेंट के शुरुआती मैचों में भारत की प्लेइंग इलेवन में जगह नहीं मिली थी। उनकी जगह ईशान किशन को अभिषेक शर्मा के साथ ओपनिंग का मौका दिया गया। अब हाल ही में संजू ने खुलासा किया कि टी20 वर्ल्ड कप 2026 के दौरान प्लेइंग इलेवन से बाहर किए जाने के बाद वह काफी निराश थे।

उन्होंने बताया कि, उस समय पूर्व कप्तान रोहित शर्मा ने उनका हौसला बढ़ाने की कोशिश की, लेकिन शुरुआत में उन्हें रोहित की बातों पर भरोसा करना मुश्किल लग रहा था। बाद में उन्हें एहसास हुआ कि रोहित की सलाह उनके आत्मविश्वास को बनाए रखने के लिए थी।

रोहित की बात पर नहीं हुआ यकीन

संजू सैमसन ने JioStar से कहा की टी20 वर्ल्ड कप के दौरान रोहित शर्मा ने उनसे कहा, “निराश मत हो, भाई। ये लंबा टूर्नामेंट है। तुम्हें मौका जरूर मिलेगा और वह कभी भी आ सकता है।” संजू सैमसन ने बताया कि उस समय वह इतने निराश थे कि रोहित की बातों पर उन्हें भरोसा नहीं हो पाया। संजू ने आगे कहा, “सच कहूं तो उस वक्त मुझे उनकी बात पर यकीन नहीं हुआ। इसके लिए माफी चाहता हूं। हो सकता है उन्होंने अपने अनुभव और दिल से यह बात कही हो, लेकिन उस समय मैं वह नहीं देख पा रहा था, जो वह देख रहे थे।”

नहीं हो पाया नॉर्मल

केरल के बैट्समैन ने कहा कि वह काफी दिनों तक उदास रहे। संजू सैमसन ने कहा, “हमारा वर्ल्ड कप अभियान न्यूजीलैंड सीरीज खत्म होने के सिर्फ दो दिन बाद शुरू हो गया था। उस निराशा से बाहर आने में मुझे कम से कम एक हफ्ता लगा। मैं अपनी भावनाओं को छिपाने वाला इंसान नहीं हूं। अगर मैं पूरी तरह ठीक महसूस नहीं करता, तो वह मेरे चेहरे पर साफ नजर आता है। करीब चार-पांच दिन तक मैं उसी दौर से गुजरता रहा, उसके बाद ही खुद को संभाल पाया और फिर से सामान्य हो सका।”

खुद पर किया काम

संजू सैमसन ने आगे कहा, “जब आपको पता होता है कि आप असफल हो चुके हैं, तो उसके बाद आपके सामने सिर्फ आगे बढ़ने का रास्ता होता है। मैंने मानसिक रूप से खुद पर काम करना शुरू किया। मैंने खुद से सवाल पूछे कि मैं क्रिकेट क्यों खेलता हूं और मेरा असली मकसद क्या है। ऐसा लगा जैसे वर्ल्ड कप के दौरान मैं खुद को दोबारा पहचान रहा था। इसके बाद धीरे-धीरे सब कुछ फिर से सही होने लगा।”

बने प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट

जब संजू सैमसन को टीम में मौका मिला तो उन्होंने शानदार प्रदर्शन करके सबका भरोसा जीत लिया। उन्होंने पूरे टूर्नामेंट में दमदार बल्लेबाजी करते हुए पांच मैचों में 321 रन बनाए। इस दौरान उनका औसत 80.25 और स्ट्राइक रेट 199.37 रहा। संजू भारत के सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज बने और उनके शानदार प्रदर्शन के लिए उन्हें प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट चुना गया। इतना ही नहीं, उन्होंने पांच पारियों में 24 छक्के लगाकर टी20 वर्ल्ड कप के एक संस्करण में सबसे ज्यादा छक्के लगाने का नया रिकॉर्ड भी अपने नाम किया।

नए T20I कोच VVS लक्ष्मण के साथ जिम्बाब्वे पहुंची टीम इंडिया (Video)

पूर्व भारतीय बल्लेबाज वीवीएस लक्ष्मण ने अपने करियर में एक भी T-20I अंतरराष्ट्रीय मैच नहीं खेला है लेकिन वह इस बार 3 मैचों की टी-20 अंतरराष्ट्रीय श्रृंखला के लिए युवा भारतीय टीम के साथ जिम्बाब्वे पहुंचे।गौरतलब है कि टी-20 विश्व विजेता टीम भारत का इस छोटे प्रारुप में सफर बहुत खास नहीं रहा है। टीम को लगातार 6 टी-20 मैच गंवाने पड़े थे इसमें से 2 मैच आयरलैंड और 4 इंग्लैंड के खिलाफ आए थे।

लेकिन फिलहाल युवा टीम के साथ वह जिम्बाब्वे पहुंच चुके हैं। इससे पहले भी लक्ष्मण ने टी-20 टीम की कोचिंग दक्षिण अफ्रीका दौरे पर की थी। इस दौरे पर टीम के नियमित कोच गौतम गंभीर टीम के साथ नहीं जा रहे हैं।

गौरतलब है कि चयनकर्ताओं ने भविष्य को ध्यान में रखते हुए कड़े फैसले लेना जारी रखा है और इसी क्रम में विश्व कप जीतने वाली टीम के बल्लेबाज संजू सैमसन को इस महीने के आखिर में जिम्बाब्वे में होने वाली तीन टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच की श्रृंखला के लिए भारतीय टीम में शामिल नहीं किया है।

भारतीय टीम 23, 25 और 27 जुलाई को हरारे में जिम्बाब्वे के खिलाफ तीन टी20 मैच खेलेगी।चयनकर्ताओं ने पहली बार तेज गेंदबाजों यश ठाकुर और अशोक शर्मा को टीम में जगह दी है। आईपीएल 2026 में अशोक ने गुजरात टाइटन्स की ओर से कुछ मुकाबलों में प्रभावित किया था।हाल में अफगानिस्तान के खिलाफ एकदिवसीय अंतरराष्ट्रीय पदार्पण करने वाले बाएं हाथ के स्पिनर हर्ष दुबे को भी पहली बार 15 सदस्यीय टी20 टीम में जगह मिली है।

सैमसन की जगह विकेटकीपर-बल्लेबाज प्रभसिमरन सिंह को टीम में शामिल किया गया। प्रभसिमरन ने आईपीएल 2026 में पंजाब किंग्स के लिए शानदार प्रदर्शन किया था और यह दाएं हाथ का बल्लेबाज हांगझोऊ में हुए 2023 एशियाई खेलों के लिए भी भारतीय टीम का हिस्सा था।

इंग्लैंड में चल रही पांच मैच की टी20 श्रृंखला के दूसरे मैच में सैमसन की जगह वैभव सूर्यवंशी को भारतीय टीम में चुना गया। सैमसन आयरलैंड के खिलाफ दोनों टी20 और इंग्लैंड के खिलाफ पहले मैच में नाकाम रहे थे। दाएं हाथ के इस बल्लेबाज को टी20 विश्व कप में उनके शानदार प्रदर्शन के लिए टूर्नामेंट का सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी चुना गया था। सैमसन के अलावा प्रसिद्ध कृष्णा, हर्षित राणा, अर्शदीप सिंह, वाशिंगटन सुंदर और रवि बिश्नोई को भी टीम में शामिल नहीं किया गया।

निचले क्रम के बल्लेबाज रिंकू सिंह और तेज गेंदबाज मयंक यादव की टी20 अंतरराष्ट्रीय टीम में वापसी हुई है।मयंक 2024 के बाद पहली बार टीम में लौटे हैं।

भारतीय टीम :श्रेयस अय्यर (कप्तान), वैभव सूर्यवंशी, अभिषेक शर्मा, तिलक वर्मा, ईशान किशन , शिवम दुबे, सूर्यांश शेडगे, रिंकू सिंह, हर्ष दुबे, वरूण चक्रवर्ती, प्रिंस यादव, यश ठाकुर, अशोक शर्मा, मयंक यादव, प्रभसिमरन सिंह

विराट कोहली का एक और रोहित शर्मा का एक और Failure, क्या होगा आगे?

कल इंग्लैंड के खिलाफ भारत को जीत मिली लेकिन विराट कोहली और रोहित शर्मा ने अपने विकेट पहले दस ओवर में फेंक दिए। रोहित शर्मा को 21 गेंदों में 11 रन पर सैम करन ने अपना शिकार बनाया और विराट कोहली को जोफ्रा आर्चर ने 5 रनों पर पगबाधा कर दिया। इन दोनों की बल्लेबाजी के बाद लोगों में चर्चा शुरु हो गई है कि विश्वकप तक इनमें से कौन अपनी जगह बचा पाएगा।

रोहित ने कप्तानी गंवाने के बाद अपने आक्रामक रवैए पर अंकुश लगाया लेकिन उन्हें अभी तक इससे खास फायदा नहीं हुआ है।रोहित ने पिछले साल अक्टूबर से 13 वनडे मैच खेले हैं, जिसमें उन्होंने एक शतक और चार अर्धशतकों की मदद से 46.91 के औसत से 563 रन बनाए हैं।यह कोई मामूली रिकॉर्ड नहीं है। लेकिन भारतीय ड्रेसिंग रूम के मौजूदा हालात ने रोहित के लिए लगभग हर मैच में अच्छा प्रदर्शन करना अनिवार्य बना दिया है।

अभी यह सोचना कल्पना से परे होगा कि रोहित अगले कुछ मैचों में असफल रहने पर 2027 में होने वाले वनडे विश्व कप की दौड़ से बाहर हो जाएंगे। लेकिन जिस तरह से हाल में टीम प्रबंधन ने सूर्यकुमार यादव और संजू सैमसन को खराब प्रदर्शन के कारण टीम से बाहर किया, वह 39 वर्षीय रोहित के लिए चेतावनी हो सकती है।

रोहित अब इस स्थिति में है कि वह किसी भी चीज को भाग्य के सहारे नहीं छोड़ सकते हैं क्योंकि भारत के शीर्ष क्रम में इशान किशन के रूप में विकल्प मौजूद है।अफगानिस्तान के खिलाफ तीसरे एकदिवसीय मैच को छोड़ दे तो इस साल रोहित का प्रदर्शन औसत से नीचे रहा है।पहले मैच में वह 16 रन बनाकर रनआउट हो गए और दूसरे मैच में वह 39 गेंदों में 48 रन बनाकर बोल्ड हो गए।इससे पहले न्यूजीलैंड के खिलाफ पहली एकदिवसीय सीरीज में रोहित शर्मा फ्लॉप रहे और टीम को शुरुआत में बड़ा स्कोर नहीं दे सके। रोहित शर्मा 3 मैचों में 20 की औसत से 61 रन बना पाए। पूरी सीरीज में उन्होंने 9 चौके और 2 छक्के लगाए।पहले मैच में उन्होंने 29 गेंदो पर 26 रन, दूसरे मैच में उन्होंने 38 गेंदो में 24 रन और तीसरे मैच में 13 गेंदो में 11 रन बनाए।

रोहित के विपरीत एक अन्य सीनियर खिलाड़ी विराट कोहली फिटनेस और आंकड़ों दोनों के मामले में बेहतर स्थिति में हैं। कोहली ने पिछले साल अक्टूबर से 10 मैचों में 77.62 के औसत से 621 रन बनाए हैं, जिसमें तीन शतक और इतने ही अर्धशतक शामिल हैं। वह भी रोहित की तरह पहले मैच में नहीं चल पाए लेकिन टीम में उनके स्थान पर किसी तरह का खतरा नजर नहीं आ रहा है।

कुछ ऐसा ही ऑस्ट्रेलिया में हुआ था और रोहित अगले 2 मैच में अर्धशतक जमाकर मैन ऑफ द सीरीज का खिताब पाए थे। इंग्लैंड की परिस्थितियों से विराट कोहली भली भांति परिचित है क्योंकि अब वह इस देश में ही रहते हैं। ऐसे में फैंस का मानना है कि कोहली अगले 2 मैच में बड़ी पारी खेलकर मैन ऑफ द सीरीज का अवार्ड पाएंगे।

Vaibhav Sooryavanshi: वैभव सूर्यवंशी के डेब्यू में टीम इंडिया ने कर दी जल्दबाजी? इंग्लैंड के सीरीज हारने के बाद फूटा इस पूर्व खिलाड़ी का गुस्सा

इंग्लैंड के खिलाफ 5 मैचों की टी20 सीरीज खत्म हो गई है। इस सीरीज को इंग्लैंड ने 4-0 से अपने नाम किया है। वहीं इस सीरीज के दूसरे मैच में इंग्लैंड के खिलाफ भारत के युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी ने अपना इंटरनेशनल डेब्यू किया था। इस सीरीज में वैभव कुछ खास कमाल नहीं कर पाए। शुरुआती तीन मैचों में उन्होंने 14, 13 और 15 रन की ही पारी खेल सके। वहीं वैभव के डेब्यू पर पूर्व भारतीय वसीम जाफर ने अपनी राय रखी है। पूर्व भारतीय बल्लेबाज वसीम जाफर के मुताबिक कि, युवा खिलाड़ी वैभव सूर्यवंशी को अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में थोड़ा और समय देकर मौका दिया जाना चाहिए था।

उनके अनुसार टीम मैनेजमेंट ने उनकी लोकप्रियता और पब्लिक हाइप को देखते हुए जल्दबाजी में फैसला लिया, जबकि पहले से टीम का बल्लेबाजी क्रम तय था। जाफर का कहना है कि किसी भी युवा खिलाड़ी को इंटरनेशनल स्तर पर उतारने से पहले उसे घरेलू और दूसरे स्तर पर पर्याप्त अनुभव हासिल करने का मौका मिलना चाहिए।

जल्द ही करवा दिया डेब्यू

वसीम जाफर ने कहा, “मुझे लगता है कि हमने वैभव सूर्यवंशी को टीम में शामिल करने में थोड़ी जल्दबाजी की। उनके आसपास काफी चर्चा और उत्साह था, इसलिए लोग उन्हें जल्द खेलते हुए देखना चाहते थे। लेकिन मेरा मानना है कि भारत को संजू सैमसन के साथ ही आगे बढ़ना चाहिए था।” उन्होंने आगे कहा, “वैभव अभी बहुत युवा हैं। अगर वह कुछ समय तक भारतीय टीम के साथ रहते, माहौल को समझते और सही मौके का इंतजार करते, तो उन्हें ज्यादा फायदा होता। इतनी जल्दी उन्हें अंतिम एकादश में जगह देना सही फैसला नहीं था।”

हाइप की वजह से किया गया शामिल

वसीम जाफर ने भारत के टॉप ऑर्डर में लगातार किए जा रहे बदलावों पर भी सवाल उठाए। उनका मानना है कि चयनकर्ता और टीम प्रबंधन वैभव सूर्यवंशी को खिलाने की बढ़ती मांग और उनके आसपास बने माहौल से प्रभावित नजर आए। उन्होंने कहा, “ऐसा लगा कि हम मीडिया में बनी चर्चा के साथ बह गए। जब भी वैभव प्लेइंग इलेवन में नहीं होते थे, तो इसे लेकर काफी बातें होती थीं। अगर टीम को लगता था कि संजू सैमसन फॉर्म में नहीं हैं, तो वह अलग बात है। लेकिन आखिर में ऐसा महसूस हुआ कि वैभव को टीम में शामिल करने का फैसला कुछ ज्यादा जल्दी कर लिया गया।”

संजू को लेकर कही ये बात

वसीम जाफर ने संजू सैमसन के साथ हुए व्यवहार पर भी सवाल उठाए। उनका कहना था कि पांचवें टी20 मैच के लिए उन्हें दोबारा टीम में शामिल किया गया, लेकिन इसके बाद जिम्बाब्वे दौरे के लिए भारतीय टीम में जगह नहीं मिली। उन्होंने कहा, “संजू सैमसन भारत के लिए सिर्फ टी20 फॉर्मेट खेलते हैं, इसलिए उन्हें लगातार मौके मिलने चाहिए। मुझे लगता है कि वह अगले टी20 वर्ल्ड कप की योजनाओं का हिस्सा होंगे, लेकिन जिस तरह उनके साथ फैसले लिए गए, वह काफी हैरान करने वाला था।”

गौतम गंभीर की कोचिंग टीम से खुश नहीं हैं BCCI? जल्द ले सकती है बड़ा फैसला

इंग्लैंड और आयरलैंड के खिलाफ लगातार टी20 सीरीज में मिली हार के बाद भारतीय टीम के मुख्य कोच गौतम गंभीर और उनके सपोर्ट स्टाफ पर सवाल उठने लगे हैं। पहले आयरलैंड ने भारत को टी20 सीरीज में 2-0 से हराया और उसके बाद इंग्लैंड ने पांच मैचों की सीरीज 4-0 से अपने नाम कर ली। लगातार मिली इन हारों की वजह से टीम प्रबंधन पर दबाव बढ़ गया है। अब सभी की नजर 14 जुलाई से शुरू हो रही इंग्लैंड के खिलाफ वनडे सीरीज पर होगी। वनडे सीरीज भारतीय टीम के लिए वापसी का बड़ा मौका मानी जा रही है। वहीं इसी बीच गौतम गंभीर की कोचिंग स्टॉफ को लेकर बड़ी खबर आई है।

TOI की रिपोर्ट के मुताबिक, असिस्टेंट कोच रेयान टेन डोएशेट और गेंदबाजी कोच मोर्ने मोर्कल इंग्लैंड के खिलाफ होने वाली वनडे सीरीज के बाद अपना मौजूदा कॉन्ट्रैक्ट खत्म होने पर अपने पद छोड़ने पर विचार कर रहे हैं। भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) दोनों कोचों से राष्ट्रीय टीम के साथ उनके भविष्य को लेकर बातचीत कर रहा है।

क्या जारी रखेंगे अपना कार्यकाल

रिपोर्ट में कहा गया कि, “रेयान टेन डोएशेट अभी इस जिम्मेदारी को आगे जारी रखने को लेकर पूरी तरह आश्वस्त नहीं हैं। उन्होंने पूरे साल टीम के साथ लगातार यात्रा करने में आने वाली दिक्कतों का जिक्र किया है। वहीं, मोर्ने मोर्कल भी फिलहाल अपने ऑप्शनों पर विचार कर रहे हैं। बोर्ड दोनों कोचों से बातचीत कर रहा है और ये जानने की कोशिश कर रहा है कि क्या इस मामले का कोई समाधान निकाला जा सकता है।” रिपोर्ट के मुताबिक, रेयान टेन डोएशेट कथित तौर पर पहले से ही एक आईपीएल फ्रेंचाइजी के साथ बातचीत कर रहे हैं, जबकि मोर्ने मोर्कल ने अभी तक अपने भविष्य को लेकर अंतिम फैसला नहीं किया है।

रिपोर्ट में आगे कहा गया, “अगर रेयान टेन डोएशेट और मोर्ने मोर्कल के साथ बातचीत से कोई समाधान नहीं निकलता, तो बीसीसीआई को हाल ही में सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (CoE) में फास्ट बॉलिंग कोच बनाए गए लक्ष्मीपति बालाजी को टीम के साथ श्रीलंका दौरे पर भेजना पड़ सकता है।”

कब से जुड़े हैं टीम इंडिया के साथ

डोएशेट और मोर्कल दोनों साल 2024 में भारतीय टीम के कोचिंग स्टाफ से जुड़े थे। हेड कोच बनने के बाद गौतम गंभीर ने खुद उन्हें अपनी टीम में शामिल किया था। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि हाल के महीनों में भारतीय टीम की खराब फील्डिंग को देखते हुए फील्डिंग कोच टी. दिलीप का भविष्य भी अनिश्चित माना जा रहा है। रिपोर्ट के अनुसार, “बोर्ड टीम के गिरते फील्डिंग स्तर से संतुष्ट नहीं है। पिछले साल नायर के हटने के बाद टी. दिलीप को राहत मिली थी, लेकिन अब उनकी स्थिति फिर से सवालों के घेरे में है।”

इंग्लैंड ने भारत को 56 रनों से हराकर सीरीज पर 4-0 से कब्जा कर पाई नंबर 1 रैंक

ENGvsIND जोस बटलर ने अपने पुराने आक्रामक अंदाज की झलक दिखाते हुए शानदार शतक जड़ा, जबकि कप्तान हैरी ब्रुक ने भविष्य के सितारे की तरह बल्लेबाजी करते हुए तूफानी पारी खेली जिससे इंग्लैंड ने पांचवें टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबले में भारत को 56 रन से हराकर पांच मैचों की श्रृंखला में 4-0 की ऐतिहासिक क्लीन स्वीप पूरी कर ली।

बटलर के 64 गेंदों में 131 रन और ब्रुक के 45 गेंदों में नाबाद 95 रन की बदौलत इंग्लैंड ने तीन विकेट पर 257 रन का विशाल स्कोर खड़ा किया। भारतीय गेंदबाजी आक्रमण इस मुकाबले में पूरी तरह बेअसर नजर आया। बटलर और ब्रुक ने दूसरे विकेट के लिए 233 रन की रिकॉर्ड साझेदारी की, जो टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में किसी भी विकेट के लिए सबसे बड़ी साझेदारियों में शामिल हो गई।विशाल लक्ष्य का पीछा करते हुए भारतीय टीम ने इस दौरे के सभी सात टी20 मुकाबलों में अपनी सबसे अच्छी बल्लेबाजी जरूर की, लेकिन जीत के लिए यह प्रयास काफी नहीं था। भारत की पारी 20 ओवर में आठ विकेट पर 201 रन तक ही पहुंच सकी।

इशान किशन ने 35 गेंदों में 56 रन और आलोचनाओं का सामना कर रहे तिलक वर्मा ने 25 गेंदों में 53 रन बनाए। दोनों बल्लेबाजों को खुलकर खेलने का मौका मिला, लेकिन उनकी पारियां टीम को जीत दिलाने में सफल नहीं हो सकीं।इस जीत के साथ इंग्लैंड ने भारत का टी20 अंतरराष्ट्रीय रैंकिंग में 1601 दिनों से चला आ रहा शीर्ष स्थान का दबदबा भी समाप्त कर दिया। नए कप्तान श्रेयस अय्यर की अगुवाई में भारत की यह सात मैचों में छठी हार (एक मैच बारिश के कारण रद्द हो गया था) रही,। भारतीय क्रिकेट बोर्ड ने इस मैच से पहले ही निराशाजनक प्रदर्शन की समीक्षा का संकेत दे दिया था।

भारतीय टीम ने शुरुआत में ही अभिषेक शर्मा का विकेट गंवा दिया था लेकिन पॉवरप्ले में  वैभव सूर्यवंशी की जगह आए संजू सैमसन ने तेज शरुआत दिलाई। हालांकि वह भी पॉवरप्ले में आउट हो गए। 10 ओवर तक ईशान और श्रेयस के कारण भारतीय टीम 110 रन बनाकर मैच में थी लेकिन अगले 6 ओवर टीम जरूरी रन गति नहीं पा सकी और मैच एकतरफा हो गया। भारतीय टीम ने  201 रन बनाने में 9 विकेट गंवा दिए।  

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