मुंबई की रणजी टीम से इस कारण बाहर हुए सूर्यकुमार यादव

Suryakumar Yadav

मुंबई की रणजी टीम से सूर्यकुमार यादव के बाहर होने का कारण उनकी घरेलू अभ्यास सत्र में उपलब्ध ना रहना रहा। मुंबई क्रिकेट असोसिएशन ने बताया कि टी-20 विश्वकप विजेता कप्तान सूर्यकुमार यादव ने अभ्यास सत्र में हिस्सा नहीं लिया लेकिन चयन के लिए खुद को उपलब्ध बताया इस कारण से उनको रणजी टीम में मौका नहीं दिया गया।इस टीम में अंडर 19 विश्वकप विश्वकप विजेता कप्तान आयुश म्हात्रे टीम के उपकप्तान हैं और यशस्वी जायसवाल सलामी बल्लेहबाज हैं।

सूर्यकुमार यादव ने 5 साल के क्रिकेट करियर में इतना कुछ कमा लिया जितना क्रिकेट खिलाड़ी दस साल में नहीं कमा पाते। खासकर 2013 से 2023 के कालखंड के लिए तो यह कहा जा सकता है। विराट कोहली जैसा क्रिकेटर भी टी-20 विश्वकप विजेता कप्तान नहीं बन पाया, यह तथ्य इस बात को साबित करने के लिए काफी है।

सूर्यकुमार यादव को जब इस साल टी-20 अंतरराष्ट्रीय टीम में नहीं चुना गया तो उनके करियर पर अर्धविराम लग गया। इस उम्र में वापस टीम में जगह बनाना काफी मुश्किल है क्योंकि युवा खिलाड़ियों की खेप इंडियन प्रीमियर लीग में हर साल तैयार हो रही है।

प्रथम श्रेणी का सूर्योदय

सूर्य कुमार ने 2010-11 में प्रथम श्रेणी क्रिकेट में पदार्पण किया, जब वह मुंबई की तरफ से दिल्ली के खिलाफ रणजी सीजन खेलने उतरे। उन्होंने शानदार तरीके से आगाज करते हुए मुंबई की तरफ से सर्वाधिक रन बनाए। उसके बाद से वह लगातार टीम का हिस्सा बने रहे।

2 साल के भीतर ही मिला IPL अनुबंध

उनके उम्दा खेल का ही नतीजा था कि 2012 के IPL सीजन के लिए मुंबई इंडियंस ने उन्हें अनुबंधित कर लिया। 2013 तक वह मुंबई इंडियंस के साथ रहे और उसके बाद कोलकाता नाइट राइडर्स से जुड़ गए। 2014 में कोलकाता नाइट राइडर्स की आईपीएल की खिताबी जीत में सूर्य कुमार का बड़ा योगदान रहा। उन्होंने अपनी टीम के लिए इस सीजन का हर मैच खेला।

 

IPL 2020 में फिनिशर की भूमिका में उभरे

IPL 2020 में सूर्यकुमार यादव सर्वाधिक रन बनाने वाले बल्लेबाजों की लिस्ट में सातवें स्थान पर थे। सूर्यकुमार यादव ने 16 मैचों में 40 की औसत से 480 रन बनाए थे। उन्होंने अपने बल्ले से कई अहम मौके पर मुंबई की जीत सुनिश्चित की थी। सूर्यकुमार एक फिनिशर की भूमिका में आईपीएल 2020 में उभरे। इस कारण उन्हें इंग्लैंड के खिलाफ टी-20 और वनडे सीरीज में मौका मिला।

साल 2022 के सर्वश्रेष्ठ T20I खिलाड़ी बने टीम इंडिया के मिस्टर 360 डिग्री

सूर्यकुमार ने 2022 में अपनी अतरंगी बल्लेबाजी से सभी को मंत्रमुग्ध किया और खेल के सबसे छोटे प्रारूप में कई कीर्तिमान रचे। वह टी20 अंतरराष्ट्रीय में एक कैलेंडर वर्ष में 1000 से अधिक रन बनाने वाले सिर्फ दूसरे बल्लेबाज बन गये। उन्होंने यह उपलब्धि 187.43 के विस्फोटक स्ट्राइक-रेट से 1164 रन बनाकर हासिल की।

2 साल के अंतराल में बतौर कप्तान एक भी सीरीज नहीं हारे सूर्या, विश्वप भी जीते

बतौर कप्तान वह अब तक एक भी सीरीज नहीं हारे चाहे द्विपक्षीय हो, एशिया कप हो या टी-20 विश्वकप। यह 100 प्रतिशत रिकॉर्ड ही उनके पक्ष में बोलने के लिए काफी है।सूर्यकुमार यादव ने जुलाई 2024 में भारत की टी20 कप्तानी संभाली थी। उनकी कप्तानी में टीम इंडिया ने Asia Cup 2025 और T20 World Cup 2026 जैसे बड़े टूर्नामेंट अपने नाम किए। बतौर कप्तान उनका जीत प्रतिशत 76.92% (Win Percentage as Captain) रहा, जो किसी भी भारतीय टी20 कप्तान के लिए बेहद प्रभावशाली आंकड़ा है।

टीम:सिद्धेश लाड (कप्तान), यशस्वी जायसवाल, आयुष म्हात्रे (उप कप्तान),दिव्यांश सक्सेना, मुशीर खान, सरफराज खान, सुवेद पारकर, आकाश आनंद (विकेटकीपर), हार्दिक तामोरे (विकेटकीपर), शम्स मुलानी, तनुष कोटियान, अथर्व अंकोलेकर, तुषार देशपांडे, मोहित अवस्थी, सिल्वेस्टर डिसूजा, ओंकार तर्मले।

36 साल के हुए T20I विश्वकप विजेता कप्तान सूर्यकुमार, क्या करेंगे वापसी?

सूर्यकुमार यादव ने 5 साल के क्रिकेट करियर में इतना कुछ कमा लिया जितना क्रिकेट खिलाड़ी दस साल में नहीं कमा पाते। खासकर 2013 से 2023 के कालखंड के लिए तो यह कहा जा सकता है। विराट कोहली जैसा क्रिकेटर भी टी-20 विश्वकप विजेता कप्तान नहीं बन पाया, यह तथ्य इस बात को साबित करने के लिए काफी है।

हालांकि आज अपना 36वां जन्मदिन मना रहे वर्षीय सूर्यकुमार यादव को जब इस साल टी-20 अंतरराष्ट्रीय टीम में नहीं चुना गया तो उनके करियर पर अर्धविराम लग गया। इस उम्र में वापस टीम में जगह बनाना काफी मुश्किल है क्योंकि युवा खिलाड़ियों की खेप इंडियन प्रीमियर लीग में हर साल तैयार हो रही है। ऐसे में जान लेते हैं कि सूर्योदय और सूर्यास्त कैसा रहा।

प्रथम श्रेणी का सूर्योदय

सूर्य कुमार ने 2010-11 में प्रथम श्रेणी क्रिकेट में पदार्पण किया, जब वह मुंबई की तरफ से दिल्ली के खिलाफ रणजी सीजन खेलने उतरे। उन्होंने शानदार तरीके से आगाज करते हुए मुंबई की तरफ से सर्वाधिक रन बनाए। उसके बाद से वह लगातार टीम का हिस्सा बने रहे।

2 साल के भीतर ही मिला IPL अनुबंध

उनके उम्दा खेल का ही नतीजा था कि 2012 के IPL सीजन के लिए मुंबई इंडियंस ने उन्हें अनुबंधित कर लिया। 2013 तक वह मुंबई इंडियंस के साथ रहे और उसके बाद कोलकाता नाइट राइडर्स से जुड़ गए। 2014 में कोलकाता नाइट राइडर्स की आईपीएल की खिताबी जीत में सूर्य कुमार का बड़ा योगदान रहा। उन्होंने अपनी टीम के लिए इस सीजन का हर मैच खेला।

IPL 2020 में फिनिशर की भूमिका में उभरे

IPL 2020 में सूर्यकुमार यादव सर्वाधिक रन बनाने वाले बल्लेबाजों की लिस्ट में सातवें स्थान पर थे। सूर्यकुमार यादव ने 16 मैचों में 40 की औसत से 480 रन बनाए थे। उन्होंने अपने बल्ले से कई अहम मौके पर मुंबई की जीत सुनिश्चित की थी। सूर्यकुमार एक फिनिशर की भूमिका में आईपीएल 2020 में उभरे। इस कारण उन्हें इंग्लैंड के खिलाफ टी-20 और वनडे सीरीज में मौका मिला।

T-20I डेब्यू की पहली गेंद पर ही मारा छक्का, जड़ा अर्धशतक

सूर्य कुमार ने 14 मार्च 2021 को इंग्लैंड के खिलाफ पहला टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबला खेला और 18 जुलाई 2021 को श्रीलंका के खिलाफ एकदिवसीय अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैच में पहली बार टीम ब्लू में खेले।

इंग्लैंड के खिलाफ सूर्यकुमार यादव ने जैसे पारी की शुरुआत करी ऐसा लग रहा था कि वह भावनाओं में ना बह जाएं लेकिन जोफ्रा आर्चर की पहली गेंद पर छक्का मारने के बाद उन्होंने कोई भी गैर जिम्मेदार शॉट नहीं खेला।

उन्होंने अपने 50 रन बनाने में भी ज्यादा समय नहीं लगाया और 28 गेंदो में अपना पहला अर्धशतक पूरा किया।यादव ने आउट होने से पहले 31 गेंदो में 57 रन बनाए जिसमें छह चौके और तीन छक्के शामिल थे। हालांकि उनका आउट होना भी काफी विवादास्पद रहा।

साल 2022 के सर्वश्रेष्ठ T20I खिलाड़ी बने टीम इंडिया के मिस्टर 360 डिग्री

सूर्यकुमार ने 2022 में अपनी अतरंगी बल्लेबाजी से सभी को मंत्रमुग्ध किया और खेल के सबसे छोटे प्रारूप में कई कीर्तिमान रचे। वह टी20 अंतरराष्ट्रीय में एक कैलेंडर वर्ष में 1000 से अधिक रन बनाने वाले सिर्फ दूसरे बल्लेबाज बन गये। उन्होंने यह उपलब्धि 187.43 के विस्फोटक स्ट्राइक-रेट से 1164 रन बनाकर हासिल की।

डेविड मिलर का वह करिश्माई कैच जिसने खत्म किया ICC खिताब का सूखा

T20I World Cup Final के आखिरी ओवर में दक्षिण अफ्रीका को 16 रनों की जरूरत की लेकिन पंड्या की पहली गेंद पर सूर्यकुमार यादव ने लांग ऑफ बाउंड्री के पास मिलर का शानदार कैच लपक कर मैच पर भारत का नियंत्रण बना दिया।


T20I WC 2024 की जीत के बाद मिली कप्तानी

मुख्य चयनकर्ता अजीत अगरकर ने हार्दिक पंड्या (Hardik Pandya) पर तरजीह देकर सूर्यकुमार यादव (Suryakumar Yadav) को T20I टीम की कप्तान बनाने का फैसला किया। 2024 का श्रीलंका दौरा बतौर T20I टीम कप्तान उनकी पहली सीरीज रही।

Suryakumar Yadav

2 साल के अंतराल में बतौर कप्तान एक भी सीरीज नहीं हारे सूर्या, विश्वप भी जीते

बतौर कप्तान वह अब तक एक भी सीरीज नहीं हारे चाहे द्विपक्षीय हो, एशिया कप हो या टी-20 विश्वकप। यह 100 प्रतिशत रिकॉर्ड ही उनके पक्ष में बोलने के लिए काफी है।सूर्यकुमार यादव ने जुलाई 2024 में भारत की टी20 कप्तानी संभाली थी। उनकी कप्तानी में टीम इंडिया ने Asia Cup 2025 और T20 World Cup 2026 जैसे बड़े टूर्नामेंट अपने नाम किए। बतौर कप्तान उनका जीत प्रतिशत 76.92% (Win Percentage as Captain) रहा, जो किसी भी भारतीय टी20 कप्तान के लिए बेहद प्रभावशाली आंकड़ा माना जा रहा है।

लगातार खराब बल्लेबाजी के कारण हुए से बाहर

कप्तान बनने के बाद से सूर्या ने 45 टी20 मुकाबलों में सिर्फ 932 रन बनाए हैं। टी20 वर्ल्ड कप 2026 में भी उन्होंने 9 पारियों में 242 रन बनाए, लेकिन इनमें से 84 रन केवल अमेरिका के खिलाफ आए थे। बड़े मुकाबलों में उनका बल्ला दमदार असर नहीं छोड़ सका।मुंबई इंडियंस के लिए खेल रहे सूर्यकुमार यादव का आईपीएल 2026 सीजन भी अब तक काफी निराशाजनक रहा है।  सूर्यकुमार ने  12 पारियों में सिर्फ़ 18 की औसत से 2 अर्धशतक के साथ 270 रन बनाए हैं।

‘रोहित शर्मा की बात पर नहीं था भरोसा… अब मांगी माफी’ संजू सैमसन ने ‘हिटमैन’ को लेकर किया बड़ा खुलासा

टी20 वर्ल्ड कप 2026 में संजू सैमसन ने शानदार प्रदर्शन किया था। लेकिन वर्ल्ड कप के शुरुआती मुकाबलो में संजू को मौका नहीं दिया गया था। टी20 वर्ल्ड कप 2026 से पहले न्यूजीलैंड के खिलाफ टी20 सीरीज में संजू सैमसन अच्छा प्रदर्शन नहीं कर पाए थे। इसके बाद उन्हें टूर्नामेंट के शुरुआती मैचों में भारत की प्लेइंग इलेवन में जगह नहीं मिली थी। उनकी जगह ईशान किशन को अभिषेक शर्मा के साथ ओपनिंग का मौका दिया गया। अब हाल ही में संजू ने खुलासा किया कि टी20 वर्ल्ड कप 2026 के दौरान प्लेइंग इलेवन से बाहर किए जाने के बाद वह काफी निराश थे।

उन्होंने बताया कि, उस समय पूर्व कप्तान रोहित शर्मा ने उनका हौसला बढ़ाने की कोशिश की, लेकिन शुरुआत में उन्हें रोहित की बातों पर भरोसा करना मुश्किल लग रहा था। बाद में उन्हें एहसास हुआ कि रोहित की सलाह उनके आत्मविश्वास को बनाए रखने के लिए थी।

रोहित की बात पर नहीं हुआ यकीन

संजू सैमसन ने JioStar से कहा की टी20 वर्ल्ड कप के दौरान रोहित शर्मा ने उनसे कहा, “निराश मत हो, भाई। ये लंबा टूर्नामेंट है। तुम्हें मौका जरूर मिलेगा और वह कभी भी आ सकता है।” संजू सैमसन ने बताया कि उस समय वह इतने निराश थे कि रोहित की बातों पर उन्हें भरोसा नहीं हो पाया। संजू ने आगे कहा, “सच कहूं तो उस वक्त मुझे उनकी बात पर यकीन नहीं हुआ। इसके लिए माफी चाहता हूं। हो सकता है उन्होंने अपने अनुभव और दिल से यह बात कही हो, लेकिन उस समय मैं वह नहीं देख पा रहा था, जो वह देख रहे थे।”

नहीं हो पाया नॉर्मल

केरल के बैट्समैन ने कहा कि वह काफी दिनों तक उदास रहे। संजू सैमसन ने कहा, “हमारा वर्ल्ड कप अभियान न्यूजीलैंड सीरीज खत्म होने के सिर्फ दो दिन बाद शुरू हो गया था। उस निराशा से बाहर आने में मुझे कम से कम एक हफ्ता लगा। मैं अपनी भावनाओं को छिपाने वाला इंसान नहीं हूं। अगर मैं पूरी तरह ठीक महसूस नहीं करता, तो वह मेरे चेहरे पर साफ नजर आता है। करीब चार-पांच दिन तक मैं उसी दौर से गुजरता रहा, उसके बाद ही खुद को संभाल पाया और फिर से सामान्य हो सका।”

खुद पर किया काम

संजू सैमसन ने आगे कहा, “जब आपको पता होता है कि आप असफल हो चुके हैं, तो उसके बाद आपके सामने सिर्फ आगे बढ़ने का रास्ता होता है। मैंने मानसिक रूप से खुद पर काम करना शुरू किया। मैंने खुद से सवाल पूछे कि मैं क्रिकेट क्यों खेलता हूं और मेरा असली मकसद क्या है। ऐसा लगा जैसे वर्ल्ड कप के दौरान मैं खुद को दोबारा पहचान रहा था। इसके बाद धीरे-धीरे सब कुछ फिर से सही होने लगा।”

बने प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट

जब संजू सैमसन को टीम में मौका मिला तो उन्होंने शानदार प्रदर्शन करके सबका भरोसा जीत लिया। उन्होंने पूरे टूर्नामेंट में दमदार बल्लेबाजी करते हुए पांच मैचों में 321 रन बनाए। इस दौरान उनका औसत 80.25 और स्ट्राइक रेट 199.37 रहा। संजू भारत के सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज बने और उनके शानदार प्रदर्शन के लिए उन्हें प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट चुना गया। इतना ही नहीं, उन्होंने पांच पारियों में 24 छक्के लगाकर टी20 वर्ल्ड कप के एक संस्करण में सबसे ज्यादा छक्के लगाने का नया रिकॉर्ड भी अपने नाम किया।

Dope Test में +ve आने पर इस पाकिस्तानी ऑलराउंडर पर लगा 3 महीने का बैन

अंतराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद ने पाकिस्तान के ऑलराउंडर मोहम्मद नवाज पर आईसीसी की एंटी डोपिंग कोड का उल्लंघन करने के लिए तीन महीने का प्रतिबंध लगाया है। आईसीसी ने यह कार्यवाही इस साल के शुुरुआत में हुए टी-20 विश्वकप में के दौरान एक प्रतिबंधित दवा की जांच में पॉजीटीव आने के कारण की है।

32 साल के नवाज ने श्रीलंका में पाकिस्तान के सभी सात मैचों में हिस्सा लिया था, जहां टीम सुपर-8 स्टेज से बाहर हो गई थी, इन मैचों में उन्होंने 15 रन बनाए और सात विकेट लिए। नवाज ने सरे के साथ करार करने पर सहमति जताई थी, और उन्हें पूरे ब्लास्ट टूर्नामेंट के लिए उपलब्ध रहना था, जो 26 मई से 18 जुलाई तक चलना था।इंग्लैंड में होने वाले टी-20 ब्लास्ट के लिए सरे टीम में शामिल होने का नवाज का करार टूट गया है।

उनका टेस्ट एक ‘Recreational Drug’ (नशे वाली दवा) के इस्तेमाल के लिए पॉजिटिव आया है।नवाज ने पाकिस्तान के लिए 98 टी-20 मैच खेले हैं।

पीसीबी ने पहले घोषणा की थी कि नवाज को ब्लास्ट के लिए अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) दे दिया गया है, और सरे ने इस हफ़्ते उनके टीम में शामिल होने की घोषणा करने की योजना बनाई थी। लेकिन यह करार टूट गया, और नवाज क्लब में शामिल नहीं सके। सरे ने इस मामले पर कोई टिप्पणी करने से इनकार कर दिया। आईसीसी ने भी इस मामले पर कोई टिप्पणी करने से इनकार कर दिया।

पुर्तगाल से खेलने के लिए ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट से लिया संन्यास इस ऑलराउंडर ने

ऑस्ट्रेलिया जैसी टीम के लिए खेलने वाले क्रिकेटर पुर्तगाल जैसी असोसिएट देश के लिए खेलेने के लिए भला क्यों ही दिलचस्पी दिखाएगा। लेकिन ऐसा हुआ है। बिग बैश लीग (BBL) और ऑस्ट्रेलिया के घरेलू क्रिकेट में सबसे अधिक मैच खेलने वाले मोइसेस हेनरिक्स ने घरेलू क्रिकेट से संन्यास लेने का ऐलान कर स्थानीय फैंस को चौंका दिया है। वह अपने जन्मस्थान पुर्तगाल के लिए ना केवल एसोसिएट क्रिकेट खेलना जारी रखेंगे बल्कि अहर्ता प्राप्त करने के बाद टी-20 विश्वकप क्वालिफायर का भी हिस्सा रहेंगे।

मोइसेस हेनरिक्स ऑस्ट्रेलिया के उन चुनिंदा खिलाड़ियों में से एक हैं जो कभी भी किसी विश्व खिताब का हिस्सा नहीं रहे क्योंकि उन्हें राष्ट्रीय टीम में कभी कभार ही मौके मिले। 39 साल के हेनरिक्स ने मार्च 2025 में प्रथम श्रेणी क्रिकेट से संन्यास ले लिया था, लेकिन पिछले समर में न्यू साउथ वेल्स के लिए ए लिस्ट क्रिकेट खेला और जनवरी में सिक्सर्स को BBL फाइनल तक पहुंचाया। उन्हें सिक्सर्स के साथ नया अनुबंध नहीं मिला और BBL की दूसरी टीमों की दिलचस्पी के बावजूद उन्होंने एक ही क्लब के लिए खेलने वाले खिलाड़ीके तौर पर अपना करियर खत्म करने का फैसला किया।

संन्यास की घोषणा करते हुए हेनरिक्स ने कहा, “मैं बहुत किस्मत वाला रहा हूं कि पिछले 22 सालों से एक प्रोफेशनल एथलीट के तौर पर क्रिकेट मेरा काम रहा है। मुझे दूसरी बीबीएल टीमों से भी ऑफर मिले थे, लेकिन कहीं और जाना मुझे सही नहीं लगा।जिन लोगों के साथ मुझे खेलने और काम करने का मौका मिला, मैं उनका शुक्रिया अदा करना चाहता हूं। अगर वे रिश्ते और उनके लिए मेरा गहरा लगाव न होता, तो मुझे यकीन है कि मैं इस दिन तक बहुत पहले ही पहुंच गया होता। मुझे लगता है कि अब मेरे करियर को खत्म करने और अपनी ज़िंदगी के अगले पड़ाव की ओर देखने का समय आ गया है।”

ऐसा रहा करियर

उन्होंने BBL के सभी 15 सीजन में 154 मैच खेले है, जिसमें उनके पहले और आखिरी सीज़न का फ़ाइनल भी शामिल है। ऑस्ट्रेलिया में सभी फ़ॉर्मेट में हेनरिक्स के 420 घरेलू मैचों से ज़्यादा किसी ने नहीं खेले हैं; इसमें NSW के लिए 110 प्रथम श्रेणी मैच और 112 A List मैच शामिल हैं। उन्होंने NSW के लिए 38 टी-20 मैच और 2012-13 में चैंपियंस लीग जीतने वाली सिक्सर्स टीम के लिए छह मैच भी खेले। उन्होंने ऑस्ट्रेलिया के लिए आखिरी बार 2021 में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट खेला था। उनके नाम 4 टेस्ट, 16 वनडे और 24 T-20I मैच दर्ज हैं।

एकदिवसीय और T-20I विश्वकप का बदला फॉर्मेट, इस टेबल से समझिए

कुछ दिन पहले मीडिया में छपी खबरों के अनुसार अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद एकदिवसीय विश्वकप के लिए सुपर 6 प्रणाली का क्रियान्वन करने वाला था जो कि साल 2003 की प्रणाली से मेल खाती थी। लेकिन अब ने ना केवल एकदिवसीय विश्वकप में सुपर 6 की जगह सुपर 7 चरण बल्कि टी-20 विश्वकप में सुपर 8 की जगह सुपर 10 चरण प्रणाली अपनाई है। इसे फैंस आसानी से इन दो टेबल से समझ सकते हैं।

एकदिवसीय विश्वकप 2027

टूर्नामेंट के लिए 12वें से 14वें स्थान पर क्वालीफाई करने वाली टीम पहले सुपर सीरीज दौर खेलेंगी। इसमें सबसे अच्छा प्रदर्शन करने वाली टीम दूसरे चरण में पहुंचेगी जहां छह टीमों को दो समूहों में बांटा जाएगा।प्रत्येक ग्रुप की शीर्ष तीन टीम और दोनों ग्रुप में अगली सबसे बेहतर टीम Super-7 चरण के लिए क्वालीफाई करेंगी (पहले यहां Super-6 चरण होना था)। सुपर-7 चरण की चार सर्वश्रेष्ठ टीम सेमीफाइनल में पहुंचेंगी।

इस टूर्नामेंट में 10 टीम सीधे क्वालीफाई करेंगी। तीन मेजबान देशों में से दक्षिण अफ्रीका और जिम्बाब्वे पूर्ण सदस्य देश होने के कारण अपने आप क्वालीफाई करेंगे। तीसरा मेजबान देश नामीबिया एसोसिएट सदस्य होने के कारण सीधे क्वालीफाई नहीं कर पाएगा।वनडे रैंकिंग की शीर्ष आठ टीमें बाकी 10 स्थानों को पूरा करेंगी। बची हुई चार टीम का फैसला वैश्विक क्वालीफायर के जरिए होगा।

T20I विश्व कप 2028

ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड में 2028 में होने वाले टी20 विश्व कप में ग्रुप चरण के बाद अब सुपर-8 की जगह सुपर-10 चरण होगा।टूर्नामेंट में चार-चार टीम के पांच ग्रुप बनाए जाएंगे। प्रत्येक ग्रुप की शीर्ष दो टीम सुपर-10 में पहुंचेंगी।

पिछले चरण में सुपर-8 के प्रत्येक ग्रुप से शीर्ष दो टीम सीधे सेमीफाइनल में पहुंचती थीं। नए प्रारूप में अब प्रत्येक ग्रुप की केवल शीर्ष टीम ही सीधे अंतिम चार में पहुंचेगी। ग्रुप में दूसरे स्थान पर रहने वाली टीम विपरीत ग्रुप की तीसरे स्थान वाली टीम के खिलाफ एलिमिनेटर मुकाबला खेलेंगी जिससे प्रतियोगिता में एक नया रोमांच जुड़ जाएगा।

वहीं 2026 टी20 विश्व कप में खेलने वाली लेकिन स्वतः क्वालीफाई नहीं कर पाने वाली बाकी टीम सीधे वैश्विक क्वालीफायर में पहुंचेंगी।वैश्विक क्वालीफायर के अन्य आठ स्थानों के लिए क्षेत्रीय क्वालीफिकेशन होगा। इनमें अफ्रीका, एशिया और यूरोप से दो-दो टीम जबकि अमेरिका और पूर्वी एशिया प्रशांत क्षेत्र से एक-एक टीम क्वालीफाई करेगी।वैश्विक क्वालीफायर में प्रत्येक क्षेत्र की शीर्ष टीम और कुल मिलाकर अगली तीन सर्वश्रेष्ठ टीम 2028 टी20 विश्व कप के लिए क्वालीफाई करेंगी।

ODI और T20 World Cup का फॉर्मेट पूरी तरह बदल गया, ICC ने किया बड़ा ऐलान! जानिए क्या है सुपर 7 और सुपर 10 का गणित

अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (ICC) ने अपने सबसे बड़े और प्रमुख टूर्नामेंट्स के लिए एक बड़ा ऐलान किया है। एडिनबर्ग में आयोजित आईसीसी की वार्षिक कॉन्फ्रेंस में यह फैसला लिया गया कि साल 2027 में होने वाले वनडे (ODI) वर्ल्ड कप और 2028 में होने वाले टी20 वर्ल्ड कप के फॉर्मेट में बड़े बदलाव किए जाएंगे। पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक इस नए बदलाव के तहत 2027 वनडे वर्ल्ड कप में ‘सुपर 7’ स्टेज को शामिल किया गया है। इसी तरह 2028 में प्रस्तावित टी20 वर्ल्ड कप के दूसरे चरण में ‘सुपर 8’ की जगह अब ‘सुपर 10’ स्टेज को आजमाने का फैसला किया गया है।

2027 वनडे वर्ल्ड कप: 3 चरणों का खेल और ‘सुपर 7’ का नया नियम

दक्षिण अफ्रीका में होने वाले 2027 वनडे वर्ल्ड कप में पहले की योजना के मुताबिक 14 टीमें हिस्सा लेंगी (जो पिछले संस्करण की 10 टीमों से अधिक है)। लेकिन आईसीसी ने प्रतियोगिता को अधिक रोमांचक बनाने के लिए नॉकआउट और फाइनल्स से पहले इसे तीन चरणों में बांट दिया है।

समझिए वनडे वर्ल्ड कप का नया गणित

चरण 1 (सुपर सीरीज राउंड): वर्ल्ड कप के लिए 12वें से 14वें स्थान पर क्वालीफाई करने वाली टीमों के बीच एक सुपर सीरीज राउंड खेला जाएगा। इस राउंड में जो टीम टॉप पर रहेगी वह दूसरे चरण (राउंड टू) में आगे बढ़ेगी।

चरण 2 (ग्रुप राउंड): दूसरे चरण में कुल 6 टीमों को दो ग्रुपों में विभाजित किया जाएगा।

चरण 3 (सुपर 7 स्टेज): पहले तय किए गए सुपर 6 की जगह पर अब सुपर 7 स्टेज को जोड़ा गया है। दोनों ग्रुपों में से टॉप-3 पर रहने वाली टीमें और इसके साथ ही दोनों ग्रुपों को मिलाकर अगले सर्वोच्च स्थान पर रहने वाली एक और टीम इस सुपर 7 स्टेज में पहुंचेगी।

सेमीफाइनल: इस सुपर 7 स्टेज में प्रदर्शन के आधार पर शीर्ष 4 स्थानों पर रहने वाली सर्वश्रेष्ठ टीमें सीधे सेमीफाइनल के लिए प्रोग्रेस करेंगी।

कैसे होगा टीमों का क्वालिफिकेशन?

इस टूर्नामेंट में 10 टीमों को ऑटोमैटिक क्वालिफिकेशन मिलेगा। तीन सह-मेजबानों में से दक्षिण अफ्रीका और जिम्बाब्वे को पूर्ण सदस्य होने के नाते सीधे प्रवेश मिलेगा। तीसरे सह-मेजबान नामीबिया को एसोसिएट सदस्य होने के कारण सीधा प्रवेश नहीं मिला है। वनडे रैंकिंग की शीर्ष 8 टीमें मिलकर टॉप-10 का हिस्सा बनेंगी। इसके बाद बची हुई 4 टीमों का फैसला एक ग्लोबल क्वालीफायर के जरिए होगा।

2028 टी20 वर्ल्ड कप: सुपर 8 की जगह अब दिखेगा सुपर 10 का रोमांच

ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड की मेजबानी में होने वाले 2028 टी20 वर्ल्ड कप के लिए आईसीसी ने ग्रुप स्टेज के बाद सुपर 8 की जगह सुपर 10 आजमाने का फैसला किया है। आईसीसी ने बताया कि 2026 के टी20 वर्ल्ड कप में उभरती हुई टीमों के शानदार प्रदर्शन से उत्साहित होकर दूसरे चरण में टीमों की संख्या 8 से बढ़ाकर 10 करने का निर्णय लिया गया है।

समझिए टी20 वर्ल्ड कप का नया समीकरण

नया ग्रुप फॉर्मेट: शुरुआत में 4-4 टीमों के 5 ग्रुप बनाए जाएंगे। हर ग्रुप से टॉप-2 में रहने वाली टीमें सुपर 10 चरण में प्रवेश करेंगी।

सेमीफाइनल का नया रास्ता: पिछले संस्करण में जहां सुपर 8 के दोनों ग्रुपों से टॉप-2 टीमें सेमीफाइनल में जाती थीं, वहीं अब सिर्फ अपने-अपने ग्रुप में टेबल टॉप करने वाली टीम ही सीधे अंतिम चार (सेमीफाइनल) में जगह बनाएगी।

एलिमिनेटर राउंड का रोमांच: जो टीमें अपने ग्रुप में दूसरे स्थान पर रहेंगी वे दूसरे ग्रुप की तीसरे स्थान पर रहने वाली टीमों के खिलाफ एलिमिनेटर मुकाबला खेलेंगी। इससे टूर्नामेंट में नया रोमांच आएगा।

टी20 वर्ल्ड कप के लिए क्या हैं क्वालिफिकेशन नियम?

बांग्लादेश की जगह अंतिम समय में शामिल होने और 2026 के टूर्नामेंट में विशेष परिस्थितियों के मद्देनजर स्कॉटलैंड को सीधे ‘यूरोप रीजनल फाइनल’ में प्रवेश दिया जाएगा। टी20 वर्ल्ड कप 2026 में भाग लेने वाली वो टीमें जो ऑटोमैटिक क्वालिफिकेशन हासिल नहीं कर सकीं वे सीधे ग्लोबल क्वालीफायर में आगे बढ़ेंगी। ग्लोबल क्वालीफायर के बाकी 8 स्थान क्षेत्रीय क्वालिफिकेशन के जरिए भरे जाएंगे। इसमें अफ्रीका, एशिया और यूरोप से 2-2 टीमें और अमेरिका व पूर्वी एशिया-प्रशांत क्षेत्रों से 1-1 टीम क्वालीफाई करेगी। ग्लोबल क्वालीफायर में हर क्षेत्र से सर्वोच्च स्थान पाने वाली टीम और कुल मिलाकर अगली तीन सर्वोच्च स्थान हासिल करने वाली टीमें मिलकर 2028 टी20 वर्ल्ड कप के लिए क्वालीफाई करेंगी।

आईसीसी ने स्पष्ट किया है कि आईसीसी डेवलपमेंट और चीफ एग्जीक्यूटिव्स कमेटियों (CEC) की सिफारिश के बाद इस नए मार्की टूर्नामेंट ढांचे को बोर्ड द्वारा एंडोर्स कर दिया गया है। हालांकि नवंबर में होने वाली बैठकों में आईसीसी की फाइनेंस एंड कमर्शियल अफेयर्स कमेटी द्वारा समीक्षा किए जाने के बाद ही बोर्ड इस पर अपनी अंतिम मंजूरी देगा।

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लगातार दो सीरीज हारने के बाद टी20 टीम में होगी सूर्यकुमार यादव की वापसी? बीसीसीआई ने रखी ये शर्त

टी20 विश्व कप 2026 में भारत को चैंपियन बनाने वाले सूर्यकुमार यादव को बड़ा झटका लगा। विश्व कप खत्म होने के बाद बीसीसीआई ने टी20 टीम की कप्तानी उनसे लेकर श्रेयस अय्यर को सौंप दी। वहीं अय्यर की कप्तानी में भारतीय टीम टी20 में अब तक एक भी मुकाबला नहीं जीत पाई है। भारतीय टीम आयरलैंड और इंग्लैंड के खिलाफ सीरीज हार गई। वहीं अब सीरीज हारने के बाद सूर्यकुमार के भारतीय टीम में वापसी को लेकर कई तरह की चर्चाएं हो रही हैं।

श्रेयस अय्यर की कप्तानी में भारतीय टीम का प्रदर्शन अब तक उम्मीद के मुताबिक नहीं रहा है। टीम अपने पिछले सात टी20 अंतरराष्ट्रीय मैचों में से छह हार चुकी है, जबकि एक मुकाबला बारिश के कारण रद्द हो गया।

सूर्या को होगी वापसी

रिपोर्ट्स के मुताबिक, बीसीसीआई ने सूर्यकुमार यादव के लिए भारतीय टीम के दरवाजे पूरी तरह बंद नहीं किए हैं। न्यूज एजेंसी ANI ने बीसीसीआई के एक सूत्र के हवाले से कहा, “सूर्यकुमार यादव के लिए भारतीय टीम के दरवाजे अभी भी खुले हैं। फिलहाल वह टीम का हिस्सा नहीं हैं, लेकिन अगर वह घरेलू क्रिकेट में लगातार अच्छा प्रदर्शन करते हैं और रन बनाते हैं, तो उनकी वापसी पर जरूर विचार किया जाएगा।”

करना होगा बेहतरीन प्रदर्शन

अगर सूर्यकुमार यादव को भारतीय टीम में दोबारा जगह बनानी है, तो उन्हें घरेलू क्रिकेट में मुंबई की ओर से लगातार अच्छा प्रदर्शन करना होगा। चयनकर्ताओं का भरोसा फिर से जीतने के लिए उन्हें बल्ले से लगातार रन बनाने होंगे। मजबूत प्रदर्शन ही उनके लिए राष्ट्रीय टीम में वापसी का सबसे बड़ा आधार माना जा रहा है। पिछला साल सूर्यकुमार यादव के लिए उम्मीद के मुताबिक नहीं रहा और वह लगातार 19 पारियों तक अर्धशतक नहीं बना सके। वहीं इस साल की शुरुआत में न्यूजीलैंड के खिलाफ टी20 सीरीज में उन्होंने पांच मैचों में तीन अर्धशतक जड़े। इसके बाद टी20 विश्व कप के पहले मुकाबले में नाबाद 84 रन की मैच जिताऊ पारी खेलकर उन्होंने दमदार अंदाज में अपनी फॉर्म में वापसी के संकेत दिए।

सूर्या का प्रदर्शन

इसके बाद टी20 विश्व कप के बाकी आठ मुकाबलों में सूर्यकुमार यादव का प्रदर्शन कुछ खास नहीं रहा और वह कुल 158 रन ही बना सके। फाइनल मैच में भी उनका बल्ला नहीं चला और वह बिना खाता खोले आउट हो गए। इसके बाद आईपीएल 2026 में मुंबई इंडियंस के लिए खेलते हुए उन्होंने 13 पारियों में 270 रन बनाए। उनका स्ट्राइक रेट 147.54 रहा, लेकिन लगातार बड़े स्कोर नहीं बना पाने के कारण चयनकर्ताओं ने उन्हें भारतीय टी20 टीम से बाहर कर दिया।

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भारतीय बेसबॉल का चेहरा बने सूर्याकुमार यादव, नजर आएंगे इस टूर्नामेंट में

टी-20 विश्व विजेता कप्तान सूर्याकुमार यादव अब भारतीय बेसबॉल का चेहरा बन गए हैं। टी-20 विश्वकप जीतने के बाद खराब फॉर्म के कारण उन्हें अपनी जगह गंवानी पड़ी थी। हालांकि अब करियर के अंतिम पड़ाव पर खड़े सूर्या भाऊ ने दूसरे खेलों को प्रोत्साहन देने की जिम्मेदारी उठाई है।वह एमएलबी इंडिया यानि कि भारतीय बेसबॉल टीम के ब्रांड एंबेसेडर बन गए हैं और उनको अमेरिका में होने वाले एमएलबी ऑल स्टार वीक में देखा जा सकेगा। यह टूर्नामेंट 12 से 14 जुलाई को फिलेडिया में होगा।

सूर्यकुमार यादव ने जुलाई 2024 में भारत की टी20 कप्तानी संभाली थी। उनकी कप्तानी में टीम इंडिया ने Asia Cup 2025 और T20 World Cup 2026 जैसे बड़े टूर्नामेंट अपने नाम किए। बतौर कप्तान उनका जीत प्रतिशत 76.92% (Win Percentage as Captain) रहा, जो किसी भी भारतीय टी20 कप्तान के लिए बेहद प्रभावशाली आंकड़ा माना जा रहा है।सूर्याकुमार यादव बतौर कप्तान एक भी सीरीज नहीं हारे।

 

हालांकि, कप्तानी में सफलता के बावजूद उनकी बल्लेबाजी लगातार सवालों के घेरे में रही। कप्तान बनने के बाद से सूर्या ने 45 टी20 मुकाबलों में सिर्फ 932 रन बनाए हैं। टी20 वर्ल्ड कप 2026 में भी उन्होंने 9 पारियों में 242 रन बनाए, लेकिन इनमें से 84 रन केवल अमेरिका के खिलाफ आए थे। बड़े मुकाबलों में उनका बल्ला दमदार असर नहीं छोड़ सका।

35 वर्षीय सूर्यकुमार यादव को जब टी-20 अंतरराष्ट्रीय टीम में नहीं चुना गया तो उनके करियर पर अर्धविराम लग गया। इस उम्र में वापस टीम में जगह बनाना काफी मुश्किल है क्योंकि युवा खिलाड़ियों की खेप इंडियन प्रीमियर लीग में हर साल तैयार हो रही है। ऐसे में जान लेते हैं कि सूर्योदय और सूर्यास्त कैसा रहा।

IND vs ENG: ‘दो मैच हारने से टीम खराब नहीं हो जाती’ टी20 मुकाबले में लगातार हार के बाद टीम इंडिया की आलोचना पर भड़के कोच

IND vs ENG: भारत और इंग्लैंड के बीच 5 मैचों की टी20 सीरीज में अबतक कुल 2 मुकाबले खेला जा चुके हैं। पहला मुकाबला बारिश की वजह से रद्द हो गया वहीं दूसरे मैच में भारत को 4 विकेट से मात मिली है। इस जीत के साथ इंग्लैंड की टीम 1-0 की बढ़त बना ली है। वहीं अब 7 जुलाई को नॉटिंघम के ट्रेंट ब्रिज में भारतीय टीम इंग्लैंड से तीसरे मुकाबले में भिड़ेगी। वहीं इससे पहले आयरलैंड के खिलाफ दो मैचों की टी20 सीरीज में भारतीय टीम 2-0 से हार गई थी। इसके बाद भारतीय टीम की काफी आलोचना हो रही थी। वहीं इस पर अब भारतीय टीम के बल्लेबाजी कोच सीतांशु कोटक ने रिएक्शन दिया है।

भारतीय टीम के बल्लेबाजी कोच सीतांशु कोटक ने कहा कि, कुछ हार के बाद टीम की आलोचना करना सही नहीं है, क्योंकि लोग 2024 से 2026 के बीच टीम के शानदार प्रदर्शन को भूल रहे हैं।

कोच ने क्या कहा

कोटक ने इंग्लैंड के खिलाफ तीसरे टी20 मैच से पहले प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, “देखिए, हमारा टारगेट बल्लेबाजी, गेंदबाजी और फील्डिंग तीनों विभागों में लगातार सुधार करना है। पिछले वर्ल्ड कप के बाद हम टीम को अगले स्तर तक ले जाना चाहते हैं, क्योंकि दूसरी टीमें भी लगातार बेहतर हो रही हैं। हम सिर्फ एक मैच को देखकर फैसले नहीं लेते। कई बार आप एक मैच जीतते हैं तो लोग तारीफ करते हैं, लेकिन अगले ही मैच में हार जाएं या दो कैच छूट जाएं तो वही लोग कहते हैं कि टीम की फील्डिंग खराब है।”

2 साल से लगातार जीत रहे सीरीज

कोच ने आगे कहा, “पिछले दो साल में हमने एक भी सीरीज नहीं गंवाई, वर्ल्ड कप जीता, एशिया कप जीता और तब सभी ने हमारी तारीफ की। अब दो मैच हारने के बाद लोग कह रहे हैं कि टीम लगातार हार रही है। आखिर यह भी खेल का ही हिस्सा है। हमारी टीम में कई बदलाव हुए हैं। कप्तान बदला है, हार्दिक यहां नहीं हैं और हम अगले दो साल को ध्यान में रखते हुए नए खिलाड़ियों को मौका दे रहे हैं। ऐसा होना आदर्श नहीं है, लेकिन ऐसी परिस्थितियां खेल का हिस्सा होती हैं। कुछ कमियां जरूर हैं, लेकिन हमें पता है कि अगर अगला वर्ल्ड कप जीतना है, तो हमें पिछले वर्ल्ड कप से भी बेहतर प्रदर्शन करना होगा।” गौतम गंभीर की कोचिंग में भारतीय टीम को तेज और उछाल वाली पिचों पर अच्छा प्रदर्शन करने में दिक्कत हुई है।

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