जापान क्रिकेट एसोसिएशन (JCA) और भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) को यह बताते हुए खुशी हो रही है कि दोनों देशों की पुरुष टीमें भारत-जापान डिप्लोमैटिक रिलेशन की 75वीं सालगिरह के जश्न को शुरू करने के लिए एक टी 20 इंटरनेशनल मैच खेलेंगी। सुज़ुकी कप मंगलवार, 22 सितंबर को टोचिगी प्रीफेक्चर के सानो इंटरनेशनल क्रिकेट ग्राउंड में होगा।
यह मैच “स्पोर्ट 75” का पहला कदम होगा, यह एक पहल है जो जापानी प्रधानमंत्री साने ताकाइची और भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बीच एक समिट के दौरान हुए समझौते से निकली है और इसका मकसद खेल के क्षेत्र में भारत और जापान के बीच लोगों के लेन-देन और सहयोग को बढ़ावा देना है।
बीसीसीआई के सचिव देवजीत सैकिया ने कहा: “बीसीसीआई इस ऐतिहासिक मौके का हिस्सा बनकर बहुत खुश है, जब भारत और जापान की पुरुष टीमें जापान में एक खास टी 20 इंटरनेशनल मैच के लिए एक साथ आ रही हैं।” सैकिया ने कहा, “भारत और जापान के बीच एक मजबूत और लंबे समय से चले आ रहे रिश्ते और दोस्ती है, और हमें खुशी है कि क्रिकेट दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय संबंधों के 75 साल पूरे होने के जश्न का हिस्सा होगा, और हम इस मैच को मुमकिन बनाने के लिए जापान क्रिकेट एसोसिएशन (जेसीए) को उनकी कोशिशों के लिए धन्यवाद देते हैं।
— 一般社団法人 日本クリケット協会| JCA Japan Cricket Association (@CricketJapan) September 4, 2026
बीसीसीआई का मानना है कि क्रिकेट की ग्रोथ उसके पारंपरिक इलाकों से आगे बढ़नी चाहिए, और दुनिया के सबसे बड़े क्रिकेट बोर्ड के तौर पर, हम उस ग्रोथ में योगदान देने की अपनी ज़िम्मेदारी समझते हैं। बीसीसीआई जापान में क्रिकेट को और मजबूत करने और आने वाले सालों में इस रिश्ते को और मजबूत करने के लिए जेसीए के साथ मिलकर काम करेगा।” जेसीए के सीईओ नाओकी मियाजी ने कहा: “मौजूदा वर्ल्ड चैंपियंस को जापान में बुलाना हमारे एसोसिएशन के लिए एक अहम पल है। यह सच में एक यादगार मौका होगा।”
मिताली राज को पीछे छोड़ महिला अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में सर्वाधिक रन बनाने वाली बल्लेबाज बनने के बाद स्मृति मंधाना ने कहा कि उन्होंने “कभी कल्पना नहीं की थी” कि वह भारतीय क्रिकेट की इस दिग्गज बल्लेबाज को पीछे छोड़ पाएंगी।मंधाना ने अपने करियर का बड़ा हिस्सा मिताली राज की कप्तानी में खेला है। मिताली उनके लिए बचपन से ही आदर्श रही हैं।
दुबई इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम गुरुवार को भारतीय उपकप्तान ने मिताली के 10,868 अंतरराष्ट्रीय रनों के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया। मंधाना के नाम अब तीनों प्रारूपों में कुल 10,880 रन हो गए हैं।मंधाना ने मैच के बाद संवाददाता सम्मेलन में कहा, ‘ जब तक मैं बल्लेबाजी कर रही थी, मुझे पता ही नहीं था कि मैं कौन सा रिकॉर्ड तोड़ने वाली हूं, क्योंकि मुझे रनों का सही आंकड़ा मालूम नहीं था।
उन्होंने कहा, ‘‘ मैं जब पीछे मुड़कर देखती हूं तो यह भारतीय क्रिकेट के लिए निश्चित रूप से बहुत अच्छा दिन था। मिताली दीदी ऐसी दिग्गज और आदर्श रही हैं, जिन्हें हम सभी ने बचपन से बल्लेबाजी करते हुए देखा है। उनके रनों के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ पाना मैंने कभी नहीं सोचा था। मुझे इस बात की खुशी है कि इस सूची में शीर्ष दो स्थानों पर भारतीय हैं।’’
Smriti Mandhana now has the most centuries in women’s international cricket
हांगकांग के खिलाफ मंधाना ने शानदार शतक जड़कर एक और रिकॉर्ड अपने नाम किया। उन्होंने महिला टी20 एशिया कप में सर्वाधिक व्यक्तिगत स्कोर का नया रिकॉर्ड बनाया और श्रीलंका की चमारी अटापट्टू के नाबाद 119 रन के पिछले रिकॉर्ड को पीछे छोड़ा।उनकी पारी की बदौलत भारत ने पांच विकेट पर 193 रन का मजबूत स्कोर खड़ा किया। जवाब में हांगकांग की टीम 16.2 ओवर में सिर्फ 56 रन पर सिमट गई और भारत ने महिला टी20 अंतरराष्ट्रीय में रनों के लिहाज से अपनी दूसरी सबसे बड़ी जीत दर्ज की।
मंधाना ने महिला अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में सर्वाधिक शतक लगाने वाली बल्लेबाज का रिकॉर्ड भी अपने नाम कर लिया। उनके शतकों की संख्या अब 18 हो गई है, जिससे उन्होंने ऑस्ट्रेलिया की दिग्गज मेग लैनिंग (17 शतक) को पीछे छोड़ दिया।
Smriti Mandhana is now the all-time leading run-scorer in women’s international cricket
मंधाना ने कहा, “अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में शतकों के रिकॉर्ड को पार करना खास है। 18 एक अच्छा आंकड़ा है।’’उन्होंने कहा, ‘‘मेग लैनिंग और मिताली राज महिला क्रिकेट की दो ऐसी दिग्गज हैं, जिन्हें देखते हुए मैं बड़ी हुई हूं और बतौर बल्लेबाज उनसे बहुत कुछ सीखने की कोशिश की है।’’उन्होंने कहा, ‘‘इसलिए खुशी है कि मैं इन दिग्गजों को पीछे छोड़ सकी, लेकिन फिर भी मैं इसे सिर्फ एक आंकड़ा ही मानूंगी।’’
भारत की लगातार दो बड़ी जीत के बावजूद मध्यक्रम के बल्लेबाज अपेक्षित प्रदर्शन नहीं कर पाए हैं। मंधाना ने हालांकि अपनी साथी बल्लेबाजों का बचाव करते हुए कहा, “मध्यक्रम में सभी बल्लेबाज विश्वस्तरीय हैं और इसमें कोई संदेह नहीं है कि वे परिस्थितियों के अनुसार खुद को ढाल लेंगी।”मंधाना ने यह भी माना कि दुबई की गर्मी और उमस में लंबे समय तक बल्लेबाजी करना शारीरिक रूप से चुनौतीपूर्ण है। उन्होंने कहा, “आज ऐसा लग रहा था जैसे ‘स्टीम बॉक्स’ में बल्लेबाजी कर रही हूं। गर्मी और उमस के कारण लंबे समय तक बल्लेबाजी करना थोड़ा मुश्किल हो जाता है।’’
श्रीलंका क्रिकेट को बड़ा झटका लगा है। 2027 में पहली बार होने वाली ICC विमेंस चैंपियंस ट्रॉफी की मेजबानी अब श्रीलंका के हाथ से निकल गई है। अब 14 से 28 फरवरी के बीच होने वाला छह टीमों का यह टूर्नामेंट अब श्रीलंका में आयोजित नहीं किया जाएगा। श्रीलंका क्रिकेट में सरकारी दखल को लेकर ICC ने आपत्ति जताई है। श्रीलंका से मेजबानी छिनने के बाद अभी तक ICC ने नए मेजबान देश के नाम का ऐलान नहीं किया है। माना जा रहा है कि इस मुद्दे पर ICC की अगली बोर्ड बैठक में चर्चा के बाद कोई फैसला लिया जा सकता है।
इससे पहले भी छिनी गई है मेजबानी
मेजबानी छिनने से श्रीलंकाई क्रिकेट के सामने नई मुश्किल खड़ी हो गई है। ये फैसला ऐसे समय में आया जब श्रीलंका क्रिकेट और इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल के बीच प्रशासन और कामकाज को लेकर विवाद अभी सुलझा नहीं है। श्रीलंका क्रिकेट बोर्ड को 2023-24 में कुछ समय के लिए निलंबित भी किया गया था। उस दौरान बोर्ड के कामकाज में राजनीतिक दखल का मुद्दा सामने आया था। बोर्ड और सरकार के बीच भ्रष्टाचार और कुप्रबंधन के आरोपों को लेकर लंबे समय तक विवाद चलता रहा। इस विवाद का असर क्रिकेट आयोजनों पर भी पड़ा और 2024 में होने वाले पुरुष अंडर-19 वर्ल्ड कप की मेजबानी श्रीलंका से लेकर दक्षिण अफ्रीका को दे दी गई थी।
क्यों लिया फैसला
इस साल अप्रैल में श्रीलंकाई सरकार ने क्रिकेट बोर्ड के कामकाज को अस्थायी रूप से अपने नियंत्रण में ले लिया था। सरकार ने क्रिकेट से जुड़े विवादों को खत्म करने और बोर्ड में जरूरी बदलाव करने के लिए एक ट्रांसफॉर्मेशन कमेटी बनाने की बात कही थी। वहीं ICC का कहना है कि श्रीलंका क्रिकेट में चुनी हुई व्यवस्था वापस आनी चाहिए और बोर्ड के चुनाव कराए जाने चाहिए। इसी वजह से सरकार की बनाई कमेटी के सदस्यों को ICC की बोर्ड बैठकों में शामिल होने की अनुमति नहीं दी गई है।
श्रीलंका नहीं करेगी मेजबानी
ट्रांसफॉर्मेशन कमेटी के सचिव प्रकाश शैफ्टर ने ‘संडे टाइम्स’ से बातचीत में इस खबर की पुष्टि की। उन्होंने कहा कि टूर्नामेंट की मेजबानी अब श्रीलंका में नहीं होगी। शैफ्टर के मुताबिक, इसे किसी दूसरे देश में आयोजित किया जाएगा, लेकिन अभी यह तय नहीं हुआ है कि टूर्नामेंट की मेजबानी कौन सा देश करेगा। ये फैसला उस वक्त लिया गया है, जब श्रीलंका क्रिकेट अभी भी ट्रांसफॉर्मेशन कमेटी की निगरानी में चल रहा है।
क्या है आईसीसी के नियम
ICC के नियमों के मुताबिक, किसी भी सदस्य क्रिकेट बोर्ड को सरकारी हस्तक्षेप से स्वतंत्र होकर काम करना जरूरी है। श्रीलंका क्रिकेट का मौजूदा ढांचा इसी नियम को लेकर ICC के साथ विवाद की वजह बना हुआ है। श्रीलंका से टूर्नामेंट की मेजबानी छिनने के बाद अब उसके खुद इस प्रतियोगिता में खेलने पर भी सवाल उठ सकते हैं। पहले तय नियमों के मुताबिक मेजबान देश के अलावा रैंकिंग में ऊपर रहने वाली टीमों को टूर्नामेंट में जगह मिलनी थी। मौजूदा रैंकिंग में श्रीलंका छठे नंबर पर है। हालांकि, ICC ने अभी यह नहीं बताया है कि मेजबान बदलने के बाद टीमों के चयन के नियमों में कोई बदलाव किया जाएगा या नहीं।
दक्षिण अफ्रीका की टीम जो 2 बार टी-20 विश्वकप के सेमीफाइनल और एक बार फाइनल में जगह बना चुकी है वह अपने पड़ोसी देश की टीम और असोसिएट देश नामिबिया की टीम से एक भी टी-20 मैच नहीं जीत पाई। गौरतलब है कि दक्षिण अफ्रीका जिम्बाब्वे और नामिबिया त्रिकोणीय टी-20 श्रृंखला खेल रहे हैं और कल के शरुआती मुकाबले में मेजबान नामिबिया ने दक्षिण अफ्रीका को 18 रनों से हरा दिया।
यह नामिबिया की दक्षिण अफ्रीका पर लगातार दूसरी जीत है। इससे पहले एक टी-20 मुकाबले में नामिबिया दक्षिण अफ्रीका को पहले भी हरा चुकी है। नामिबिया क्रिकेट ग्राउंड पर खेले गए इस मैच में दक्षिण अफ्रीका ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी चुनी। उनको पहला विकेट 10वें ओवर में मिला और नामिबिया ने तब तक 84 रन जड़ दिए। प्रेनेल सुब्रायन ने सर्वाधिक 3 विकेट चटकाए।
ICC is such a idiot and dumb organisation,If I have control of ICC I can make this game to 35-40 countries from 7-8 countries
Look at this team Namibia who beats South Africa today still doesn't get much matches, approx 8-10 associate teams has such a huge potential but ICC… pic.twitter.com/YxBCGjVVK6
सलामी बल्लेबाजों के अलावा नामिबिया के लिए कोई खास रन नहीं आए लेकिन लौरेन स्टीनकैंप और जैन फ्राएलिंक (41 और 60 रन ) ने नामिबिया को 9 विकेटों के नुकसान पर 163 रनों तक पहुंचा दिया। इसके जवाब में बल्लेबाजी करने उतरी दक्षिण अफ्रीका की शुरुआत खराब रही टीम ने शीर्ष 3 बल्लेबाज 7 ओवर में 39 रन बनाकर ही गंवा दिए।
डेवाल्ड ब्रेविस ने 75 रन बनाकर टीम की जीत को जिंदा रखा लेकिन जैसे ही वह आउट हुए दक्षिण अफ्रीका ताश के पत्तों की तरह ढह गई और निर्धारित 20 ओवरों में सिर्फ 145 रन ही बना पाई। मैन ऑफ द मैच नामिबिया के जेे जे स्मट को मिला जिन्होंने 31 रन देकर 3 विकेट लिए।
Ather has launched the Konarc electric scooter in India at its Annual community day, with prices starting at Rs 1 lakh (ex-showroom, Bengaluru). It is available in three variants – S 100, S 125 and S 161 – with the numbers corresponding to their respective IDC range figures. A 200km version is also in the pipeline, while a feature-loaded Z variant with a 125km IDC range will also join the line-up.
New AEBS braking system and MagicKey boot access headline the technology package.
100mm rear suspension travel and a 1,352mm wheelbase are aimed at improving ride comfort and stability.
Up to 200km IDC range, 31-litre boot and 1.35kW combined charging add to its practicality.
Ather Konarc is based on the EL-platform
The Konarc is aimed at delivering improved ride comfort and stability, with 90mm of front and 100mm of rear suspension travel. It has a 1,352mm wheelbase, the longest of any Ather scooter, along with a 14-inch front wheel and 12-inch rear wheel. The S 100 gets drum brakes at both ends, while the S 125 and S 161 get a 220mm front disc and 130mm rear drum.
Ather Konarc Battery and range information
The S 100 gets a 2.1kWh battery and produces 4kW and 16Nm, while the S 125 and S 161 use 2.7kWh and 3.5kWh batteries, respectively, and produce 4.7kW and 16Nm. All three have a claimed top speed of 70kph. While their TrueRange figures are 80km, 100km and 130km, respectively.
The Konarc comes with a 450W onboard charger as standard. Ather says this can be combined with a 900W off-board charger, giving a total charging capacity of 1.35kW. The claimed home charging time from 0-80 percent with the standard charger is 4 hours for the S 100, 4hr 30min for the S 125 and 5hr 40min for the S 161. With the combined charger, these times fall to two hours, 2hr 25min and 3hr 10min, respectively. The charging speed is claimed at 13km in 10 minutes for the S 100 and 15km in 10 minutes for the S 125 and S 161.
Ather described EL as a scalable platform capable of underpinning different scooter formats while sharing major components. Developed using 26 lakh kilometres of field data, it features a new chassis, powertrain and electronics architecture. Ather says reducing the component count could make assembly 15 percent faster and periodic servicing up to twice as quick. The company also demonstrated the platform’s serviceability on stage, with trained technicians dismantling and reassembling the Konarc’s battery and motor in around three minutes, highlighting the potential to significantly reduce workshop time for major component replacement jobs.
The Konarc offers 31 litres of underseat storage, along with an 18W USB Type-C port and an underseat lamp. The S 100 gets a 4.2-inch DeepView display, while the higher variants get a 7-inch DeepView display. Other features include Park Assist reverse, which uses the motor to help manoeuvre the scooter backwards, and AutoHold, which holds the scooter stationary when stopped.
Ather Konarc features
The Konarc Z gets some of Ather’s more significant new technology, including Advanced Electronic Braking System (AEBS). The system uses electronic control to improve braking performance, with Ather saying it reduces stopping distances and minimises rear-wheel lock-ups. It is intended to offer greater braking control, particularly during hard braking.
The Z also gets MagicKey, which allows the rider to unlock the scooter’s boot through the Ather app rather than using a physical key. On the Konarc Z 161, MagicKey works with the boot’s AutoPop function, allowing the boot to open automatically.
Other Z-specific technology includes Google Maps and WhatsApp on the dashboard, while cricket scores can also be displayed when the scooter is stationary. The Konarc gets Ather Connect with features such as theft and tow alerts, ride statistics, Find My Scooter and remote charging-status monitoring. OTA updates are also supported.
The Konarc uses a PMSM motor with IP67 protection, while its battery is also IP67-rated and housed in an aluminium casing. The S 100 weighs 126.5kg, while the S 161 weighs 129kg.
Ather Konarc Price and warranty details
The Konarc also introduces longer service intervals, with periodic maintenance scheduled once every 10,000km or one year, whichever comes first. The Konarc S 100 is priced at Rs 1 lakh, while the S 125 costs Rs 1.22 lakh and the S 161 is priced at Rs 1.45 lakh. Ather has also revealed Konarc Z variants with 125km and 161km IDC range figures, although their prices are yet to be announce
नेपाल में बाढ़ ने मुश्किल हालत पैदा कर दी है लेकिन इसके बावजूद टीम ने अपने घरवालों की चिंता के बीच मलेशिया से खेले गए अभ्यास मैच में जीत अर्जित कर पूरे देश का मनोबल बढ़ाने का काम किया है। गौरतलब है कि नेपाल में आई बाढ़ के कारण कुल 177 लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ी है।
मैच की बात करें तो नेपाल ने दूसरे अंतरराष्ट्रीय अभ्यास मैच में मलेशिया पर 27 रनों से जीत अर्जित की। पहले बल्लेबाजी करने उतरी नेपाल का प्रदर्शन अच्छा नहीं रहा और उसने 41.4 ओवरों में 170 रन बनाए। मलेशिया भी नेपाल के खिलाफ बल्ले से औसत खेल भी नहीं खेल पाई और 40.1 ओवर में 143 रन बनाकर आउट हो गई।
Nepal have secured a 27-run victory over Malaysia in the second International Practice Match.
Nepal posted 170 all out in 41.4 overs, before Malaysia were bowled out for 143 in 40.1 overs in the chase.
यह जीत क्रिकेट से ज्यादा देश के लिए है क्योंकि नेपाल नाजुक हालत से गुजर रहा है।गौरतलब है कि नेपाल-तिब्बत सीमा पर स्थित उत्तरी रसुवा जिले में भोटेकोशी नदी में आए भयंकर सैलाब और लैंडस्लाइड में 1500 से अधिक लोग लापता है। वहीं इस आपदा में बड़ी संख्या में भारतीय भी लापता है। कैलाश मानसरोवर की यात्रा पर कई तीर्थ यात्रियों के लापता होने की जानकारी भी सामने आ रही है।
नेपाल में आई इस विनाशकारी बाढ़ भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) की प्रमुख इकाई राष्ट्रीय सुदूर संवेदन केंद्र (NRSC) ने शुरुआती सैटेलाइट आधारित रिसर्च किया है। भारतीय और अंतरराष्ट्रीय उपग्रहों से प्राप्त तस्वीरों का उपयोग करते हुए वैज्ञानिकों ने तबाही के पैमाने का आकलन किया और उन घटनाओं को समझने की कोशिश की, जिनके कारण हाल के सालों में हिमालयी क्षेत्र की सबसे भीषण प्राकृतिक आपदाओं में से एक सामने आई।
पूर्व मुंबई अंडर-19 क्रिकेटर अनाया बांगर (Anaya Bangar) के लिए महिला क्रिकेट में वापसी का रास्ता खुल गया है। मार्च में जेंडर-अफर्मिंग सर्जरी (Gender Affirming Surgery) कराने वाली अनाया को क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया ने ऑस्ट्रेलिया में महिला कम्युनिटी क्रिकेट खेलने की मंजूरी दे दी है। हालांकि, अगर वह विमेंस बिग बैश लीग (WBBL) जैसी एलीट क्रिकेट प्रतियोगिताओं में खेलना चाहती हैं, तो उन्हें क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया की टेस्टोस्टेरोन से जुड़ी पात्रता शर्तें पूरी करनी होंगी।
अनाया मुंबई की एज-ग्रुप क्रिकेट में खेल चुकी हैं। वह टेस्ट क्रिकेट खेल चुके सरफराज खान और उनके भाई मुशीर खान के साथ भी मुंबई के लिए क्रिकेट खेल चुकी हैं।
'मुझे लगा था कि मैं फिर कभी क्रिकेट नहीं खेल पाऊंगी'
क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया से मंजूरी मिलने के बाद अनाया ने द इंडियन एक्सप्रेस से बातचीत में इसे अपने लिए बेहद खास दिन बताया। उन्होंने कहा कि एक समय उन्हें लगा था कि वह शायद दोबारा क्रिकेट नहीं खेल पाएंगी।
“यह मेरे लिए बहुत खास दिन है, खासकर यह जानने के बाद कि मैं दोबारा क्रिकेट खेल सकती हूं। एक समय ऐसा भी था जब मुझे लगा था कि मैं फिर कभी क्रिकेट नहीं खेल पाऊंगी। लेकिन क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया का शुक्रिया, जिसने मुझे एक और मौका दिया।”
अनाया ने जून में क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया से संपर्क किया था। इसके जवाब में 20 जुलाई को उन्हें बताया गया कि वह तुरंत कम्युनिटी क्रिकेट खेल सकती हैं। हालांकि, एलीट क्रिकेट में खेलने के लिए उन्हें टेस्टोस्टेरोन से जुड़े पात्रता मानदंड पूरे करने होंगे।
क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया की हेड ऑफ इंटीग्रिटी जैकी पार्ट्रिज ने अनाया को भेजे पत्र में स्पष्ट किया कि वह मार्च 2027 तक ऑस्ट्रेलिया के किसी भी राज्य या क्षेत्र में प्रीमियर क्रिकेट प्रतियोगिताओं में हिस्सा ले सकती हैं।
“मार्च 2027 तक आप ऑस्ट्रेलिया के किसी भी राज्य या क्षेत्र में प्रीमियर क्रिकेट प्रतियोगिताओं में खेलने के लिए पात्र हैं। चूंकि प्रीमियर क्रिकेट को इस नीति के तहत एलीट क्रिकेट के बजाय कम्युनिटी क्रिकेट की श्रेणी में रखा गया है, इसलिए इस फैसले का आपकी इन प्रतियोगिताओं में भागीदारी पर कोई असर नहीं पड़ेगा।”
यानी अनाया मार्च 2027 तक ऑस्ट्रेलिया में कम्युनिटी लेवल पर महिला क्रिकेट खेल सकती हैं। हालांकि, इसके बाद एलीट क्रिकेट में उनकी पात्रता टेस्टोस्टेरोन टेस्ट समेत अन्य शर्तों पर निर्भर होगी।
क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया के अनुसार, खिलाड़ी का सीरम टेस्टोस्टेरोन स्तर कम से कम 12 महीनों तक 10 nmol/L से नीचे होना चाहिए। मार्च 2027 से एलीट क्रिकेट में खेलने के लिए अनाया को ऑस्ट्रेलिया पहुंचने पर ब्लड टेस्ट भी कराना होगा।
“मार्च 2027 से एलीट क्रिकेट में आपकी पात्रता इस बात पर निर्भर करेगी कि आप ऑस्ट्रेलिया पहुंचने पर एक ब्लड टेस्ट उपलब्ध कराएं, जिसमें यह पुष्टि हो कि आपके सीरम टेस्टोस्टेरोन का स्तर 10 nmol/L से कम है और आप नीति में तय पात्रता की अन्य सभी शर्तों को पूरा करना जारी रखती हैं।”
ICC का ट्रांसजेंडर खिलाड़ियों को लेकर क्या नियम है?
इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल (ICC) ने 2023 में ट्रांसजेंडर खिलाड़ियों की एलीट महिला क्रिकेट में भागीदारी को लेकर अपनी नीति स्पष्ट की थी। इसके तहत ऐसे ट्रांसजेंडर खिलाड़ी, जिन्होंने पुरुष यौवन यानी मेल प्यूबर्टी का अनुभव किया है, एलीट महिला इंटरनेशनल क्रिकेट में हिस्सा नहीं ले सकते।
भारत में हालांकि इस तरह के मामले को लेकर BCCI की अभी कोई स्पष्ट नीति नहीं है। BCCI के एक शीर्ष अधिकारी ने *द इंडियन एक्सप्रेस* से कहा कि बोर्ड ने ट्रांस महिलाओं के महिला क्रिकेट खेलने को लेकर अभी कोई फैसला नहीं लिया है।
“जहां तक ICC की बात है, उसने ट्रांसजेंडर खिलाड़ियों को लेकर अपना फैसला स्पष्ट कर दिया है। BCCI ने अभी यह तय नहीं किया है कि ऐसे मामलों में क्या किया जाना चाहिए। चूंकि यह पहली बार है जब इस तरह का मामला सामने आया है, इसलिए बोर्ड ने अभी इस पर कोई रुख तय नहीं किया है। खास तौर पर घरेलू क्रिकेट में उन्हें खेलने की अनुमति देने को लेकर।”
अनाया ने बताया, कैसे मिली क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया से मंजूरी
अनाया ने बताया कि क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया ने उनके मामले को विस्तार से देखा। उनकी मेडिकल हिस्ट्री, टेस्ट रिपोर्ट और सर्जरी से जुड़े दस्तावेजों की समीक्षा की गई।
उन्होंने कहा कि क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया ने उनकी एथलीट टेस्टिंग रिपोर्ट और मैनचेस्टर यूनिवर्सिटी से जुड़ी रिपोर्ट भी देखी। अनाया के मुताबिक, बोर्ड ने उनकी स्थिति का आकलन करने के लिए एक पूरी टीम के जरिए उनके मामले की समीक्षा की।
“मेरी एथलीट टेस्टिंग रिपोर्ट और बाकी सभी जानकारी सामने आने के बाद भी BCCI की ओर से इस पर कोई प्रतिक्रिया नहीं आई। वहीं, क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया ने वास्तव में मेरी रिपोर्ट पढ़ी, मेरी पूरी मेडिकल हिस्ट्री देखी और मेरी स्थिति का आकलन करने के लिए एक पूरी टीम बनाई।”
“मैंने क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया से संपर्क किया और उन्होंने निष्पक्षता और समावेशिता को ध्यान में रखते हुए मुझे खेलने की मंजूरी दी। उन्होंने मुझसे मेरी ब्लड टेस्ट रिपोर्ट और टेस्टोस्टेरोन टेस्ट की रिपोर्ट मांगी। उन्होंने मेरी सर्जरी से जुड़े दस्तावेज भी मांगे। इसके अलावा, उन्होंने मैनचेस्टर यूनिवर्सिटी की वह रिपोर्ट भी मांगी, जिसे मैंने एक साल से ज्यादा समय पहले सार्वजनिक किया था।”
अनाया ने आगे कहा कि अगर वह अच्छा प्रदर्शन करती हैं और बाकी पात्रता शर्तें पूरी करती हैं, तो उनके पास WBBL में खेलने का मौका हो सकता है।
“अगर सब कुछ ठीक रहा और मैं अच्छा प्रदर्शन करती हूं, तो मेरे पास WBBL में खेलने का मौका होगा।”
हार्मोन थेरेपी पर रिसर्च का भी हिस्सा बनी थीं अनाया
अनाया इससे पहले मैनचेस्टर मेट्रोपॉलिटन यूनिवर्सिटी इंस्टीट्यूट ऑफ स्पोर्ट के एक रिसर्च प्रोजेक्ट का हिस्सा रही हैं। इस प्रोजेक्ट में हार्मोन थेरेपी के दौरान उनकी स्ट्रेंथ, स्टैमिना, हार्मोन और ग्लूकोज लेवल में होने वाले बदलावों का अध्ययन किया गया था।
उन्होंने सोशल मीडिया के जरिए BCCI और ICC के प्रतिनिधियों से भी ट्रांसजेंडर खिलाड़ियों को लेकर स्पष्ट नीति बनाने की अपील की थी। अनाया का कहना रहा है कि ऐसी नीतियां पुराने विचारों के बजाय वैज्ञानिक डेटा और रिसर्च पर आधारित होनी चाहिए।
अभी क्लब की तलाश में अनाया
जेंडर-अफर्मिंग सर्जरी के बाद अनाया फिलहाल रिकवरी कर रही हैं। इसके साथ ही वह ऑस्ट्रेलिया में अपने लिए एक क्लब की तलाश भी कर रही हैं, जहां से वह कम्युनिटी क्रिकेट में अपनी नई पारी शुरू कर सकें।
क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया से मिली मंजूरी को अनाया ने सिर्फ अपने लिए ही नहीं, बल्कि दूसरे खिलाड़ियों के लिए भी बड़ा कदम बताया।
“मैं सच में यकीन नहीं कर पा रही थी कि मैं दोबारा क्रिकेट खेल पाऊंगी। क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया और उसकी प्रगतिशील व समावेशी नीतियों की वजह से यह संभव हुआ है। ये नीतियां ट्रांस महिलाओं के लिए महिला खेलों में निष्पक्षता और समावेश पर ध्यान देती हैं।”
“यह सिर्फ मेरे लिए ही नहीं, बल्कि मेरे जैसे दूसरे खिलाड़ियों के लिए भी एक बहुत बड़ा पड़ाव है, जो खेल में आगे बढ़ना चाहते हैं, लेकिन ऐसा नहीं कर पा रहे हैं क्योंकि उन्हें या तो खेल चुनना पड़ता है या फिर जेंडर ट्रांजिशन का विकल्प चुनना पड़ता है।”
अगले महीने अफ़गानिस्तान और भारत के बीच होने वाली तीन मैचों की T 20 अंतरराष्ट्रीय सीरीज़ की तारीखों में बदलाव की कोशिश हो रही है। मैचों को रीशेड्यूल करने का कोई औपचारिक फ़ैसला अभी तक नहीं लिया गया है, लेकिन अफ़गानिस्तान क्रिकेट बोर्ड (ACB) और भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) के बीच बातचीत चल रही है। एसीबी शेड्यूल को कुछ दिन पहले करने की कोशिश कर रहा है, जिसमें 14 सितंबर (गणेश चतुर्थी के दिन) को एक मैच कराने की संभावना भी शामिल है।
ये तीन मैच मूल रूप से 13, 15 और 17 सितंबर को होने थे, लेकिन पता चला है कि बीसीसीआई को इन्हें 11, 13 और 14 सितंबर को कराने का अनुरोध मिला है, ताकि उन तारीखों के आस-पास भारत में होने वाले सांस्कृतिक कार्यक्रमों का ध्यान रखा जा सके। माना जा रहा है कि एसीबी ने बीसीसीआई को यह प्रस्ताव देते समय अपने स्टेकहोल्डर्स के अनुरोध का भी हवाला दिया है।
माना जा रहा है कि उन्होंने तर्क दिया है कि बदले हुए शेड्यूल पर मैच कराने से – जिसमें त्योहार के दिन का मैच भी शामिल है – व्यूअरशिप और स्टेडियम में दर्शकों की संख्या पर सकारात्मक असर पड़ेगा। नई दिल्ली का अरुण जेटली स्टेडियम तीनों मैचों की मेज़बानी करेगा। यह एक अभूतपूर्व सीरीज़ है – पहली बार अफ़गानिस्तान भारत में ही भारत की मेज़बानी करेगा (हालांकि मैच भारत में ही हो रहे हैं)।
BIG UPDATE ON INDIA vs AFGHANISTAN T20I SERIES!
As per Cricbuzz, the 3-match T20I series is set to be rescheduled, with the Afghanistan Cricket Board proposing September 11, 13 & 14 as the new dates.
एसीबी अधिकारियों और सीरीज़ से जुड़े स्टेकहोल्डर्स का मानना है कि बीसीसीआई इस अनुरोध को मान सकता है। बांग्लादेश के ख़िलाफ़ सीरीज़ के रद्द होने की संभावना के कारण, श्रीलंका में टेस्ट सीरीज़ (27 अगस्त) के समापन और एशियाई खेलों (24 सितंबर) की शुरुआत के बीच भारतीय टीम के पास खाली समय है। दिल्ली एंड डिस्ट्रिक्ट क्रिकेट एसोसिएशन (डीडीसीए), जो इन मैचों की मेज़बानी करेगा, ने कहा कि उसे किसी भी बदले हुए प्लान के बारे में कोई जानकारी नहीं है।
जून में, भारत ने अफ़गानिस्तान के साथ एक टेस्ट और तीन मैचों की वनडे सीरीज़ खेली थी। आने वाली टी 20 सीरीज़ से दोनों टीमों के बीच तीनों फ़ॉर्मेट में मुकाबले पूरे हो जाएंगे। बीसीसीआई सेक्रेटरी देवजीत सैकिया ने पिछली तारीखों की घोषणा करते हुए कहा था, “हमने हाल ही में जून में अफ़गानिस्तान के साथ टेस्ट और वनडे सीरीज़ खेली थी, और इस टी 20 सीरीज़ के साथ ही दोनों टीमें तीनों फ़ॉर्मेट में एक-दूसरे के ख़िलाफ़ खेल चुकी होंगी।”
ऑस्ट्रेलिया ने बांग्लादेश के खिलाफ शनिवार को होने वाले दूसरे टेस्ट के लिए अंतिम ग्यारह की घोषणा कर दी है। टीम में सिर्फ एक बदलाव है सलामी बल्लेबाज जैक वेदरल्ड की जगह पर मैट रेनशॉ को शामिल किया गया है। बाकी पूरी ऑस्ट्रेलिया टीम जस की तस है।
ऑस्ट्रेलिया ने अपने शीर्ष क्रम में बदलाव करने में बहुत कम समय बर्बाद किया है, डार्विन में बांग्लादेश से नौ विकेट की निराशाजनक हार के बाद जेक वेदराल्ड को बाहर कर दिया गया है।मैथ्यू रेनशॉ को टीम में बुलाया गया है और 30 वर्षीय खिलाड़ी मैके में शीर्ष क्रम में ट्रैविस हेड के साथ साझेदारी कर सकते हैं।
अप्रैल में राष्ट्रीय अनुबंध मिलने के बाद वेदराल्ड के पहले टेस्ट में 23 और 0 का स्कोर बना पाए थे।उन दोहरी विफलताओं ने 12 पारियों के बाद उनके करियर औसत को 20.36 पर ला दिया।
रेनशॉ की साख उन्हें सीधे वापसी के लिए सबसे सीधा विकल्प बनाती है। वह पिछले सीज़न में सबसे अच्छा प्रदर्शन करने वाले शेफील्ड शील्ड सलामी बल्लेबाज थे, जिन्होंने 10 पारियों में 50 से कम औसत के साथ तीन शतक बनाए थे। उन्होंने मैके में दो प्रथम श्रेणी शतक भी बनाए हैं, जो अपने पहले टेस्ट की मेजबानी करेगा।
उनका अंतर्राष्ट्रीय अनुभव उनके पक्ष में एक और कारक है। रेनशॉ के पास 14 टेस्ट हैं, हालांकि उनकी सबसे हालिया उपस्थिति तीन साल पहले दिल्ली में हुई थी, जब वह मध्य क्रम में बल्लेबाजी कर रहे थे।
इस बीच, नंबर 3 पर मार्नस लाबुशेन को खराब फॉर्म के बावजूद अंतिम ग्यारह में चुना गया है। वह डार्विन में केवल 1 और 31 रन बना सके और लगभग तीन वर्षों से कोई अंतरराष्ट्रीय शतक नहीं बना पाए हैं। अपनी पिछली 42 टेस्ट पारियों में उनका औसत 25.23 है।
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साल 2002 में नेटवेस्ट फाइनल में जीत के बाद सौरव गांगुली लॉर्ड्स की बालकनी में अपने जज्बात काबू में नहीं रख पाए थे और अपनी शर्ट उतार कर बालकनी में लहरा दी थी। 24 साल बाद वैसा ही जश्न लॉर्ड्स की बालकनी में फिर दिखा लेकिन इस बार गांगुली नहीं बल्कि पूरी भारतीय टीम ने ऐसा कारनामा किया।
दरअसल भारत की मिक्स्ड डिसएबिलिटी क्रिकेट टीम ने लॉर्ड्स के मैदान पर मेजबान इंग्लैंड को 118 रनों से हरा दिया और बालकनी में पहुंचकर गांगुली के अंदाज में जश्न मनया। इस जश्न की तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल हो रही हैं।
दोनों टीमों के बीच में 7 मैचों की सीरीज हुई जिसमें अंतिम मुकाबले लॉर्ड्स के एतिहासिक मैदान पर खेला जाना था। पहले बल्लेबाजी करते हुए भारत ने 206 रन बनाए। इसके जवाब में इंग्लैंड की पूरी पारी महज 88 रनों के मामूली स्कोर पर आउट हो गई।भले ही लॉर्ड्स में भारतीय टीम जीती हो लेकिन इस सीरीज को इंग्लैंड ने 4-3 से जीता।
When India wins at Lord’s, the celebrations hit different.
A moment of pure cricketing joy on the Lord’s Balcony — coats off, spirits high, and the Tricolour flying with pride.
— Differently Abled Cricket Council of India (@dcciofficial) August 19, 2026
गांगुली ने नेटवेस्ट ट्रॉफी एकदिवसीय टूर्नामेंट के फाइनल में भारत की जीत का जश्न मनाने के लिए अपनी शर्ट उतार दी थी और यह आज तक अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में सबसे नाटकीय क्षणों में से एक है।दिलचस्प बात यह है कि इंग्लैंड ने लॉर्ड्स में अपनी जीत उसी दिन दर्ज की जिस दिन उसने 2019 में एकदिवसीय विश्व कप फाइनल में स्कोर बराबर रहने के बाद बाउंड्री काउंट-बैक के आधार पर न्यूजीलैंड के खिलाफ जीत हासिल की थी।