ट्रैविस हेड ने लगातर दूसरे साल जीता एलन बॉर्डर मेडल

टेस्ट ओपनर के तौर पर शानदार बदलाव के बाद, ट्रैविस हेड ने ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट के सबसे बड़े पुरुष पुरस्कार के लिए एलेक्स कैरी को एक वोट और मिशेल स्टार्क को तीन वोटों से पीछे छोड़ते हुए लगातार दूसरा एलन बॉर्डर मेडल जीता।हेड ने एशेज़ में 87.36 के स्ट्राइक रेट से 629 रन बनाए, जिसमें तीन शतक शामिल थे। उन्होंने पर्थ में चोटिल उस्मान ख्वाजा की जगह रन चेज़ के दौरान 83 गेंदों पर 123 रन बनाकर इंग्लैंड को चौंका दिया था। इसके बाद उन्होंने एडिलेड में 170 और एससीजी में 163 रन बनाए।

हेड ने पत्रकारों से कहा, “मुझे लगा कि स्टार्की का साल शानदार रहा, केज़ (कैरी) का साल भी बहुत अच्छा रहा। मुझे लगा कि यह पुरस्कार किसी को भी मिल सकता है। मुझे लगा था कि स्टार्की ही जीतेंगे, इसलिए मैं आज रात काफी शांत मन से आया था और यह नहीं सोच रहा था कि मैं जीत के करीब भी होऊंगा।”

हेड रिकी पोंटिंग, माइकल क्लार्क और स्टीवन स्मिथ (चार बार), डेविड वॉर्नर (तीन बार) और शेन वॉटसन (दो बार) के बाद एलन बॉर्डर मेडल एक से ज़्यादा बार जीतने वाले छठे खिलाड़ी बन गए हैं। पिछले साल, जब हेड को कोच एंड्रयू मैकडोनाल्ड ने गॉल के एक होटल में मेडल दिया था, उसके उलट इस बार बॉर्डर खुद ब्रिस्बेन में उनका दूसरा मेडल देने के लिए मौजूद थे, हालांकि यह कार्यक्रम भी टीम के डार्विन जाने से पहले एक सादे समारोह में हुआ।

हेड ने कहा, “कमरे में एलेन बॉर्डर जैसे व्यक्ति का होना बहुत सौभाग्य और सम्मान की बात है।” “मुझे लगता है कि शायद दोनों के बीच यही फ़र्क है – उनका वहाँ होना, उनका इसे पेश करना। जब आप पीछे मुड़कर देखते हैं और अपने करियर के बाद के समय में उन्हें फ़ोटो फ़्रेम में देखते हैं, वहाँ बैठकर सोचते हैं कि मेरे पास दो मेडल हैं, और आपके बच्चे उन्हें देख सकते हैं, और 20 साल बाद आप उन्हें बता सकते हैं कि आप कितने अच्छे थे – यह बहुत बढ़िया बात है।”

स्टार्क, जो एशेज़ में ‘प्लेयर ऑफ़ द सीरीज़’ रहे थे, उन्हें वोटिंग पीरियड के दौरान 17.80 की औसत से 52 विकेट लेने के लिए ‘शेन वॉर्न टेस्ट प्लेयर ऑफ़ द ईयर’ चुना गया – वे एलेन बॉर्डर मेडल टैली में तीसरे स्थान पर रहे – इसमें इंग्लैंड के ख़िलाफ़ 19.93 की औसत से लिए गए 31 विकेट भी शामिल थे, जब उन्होंने उस बॉलिंग अटैक की अगुवाई की थी जिसमें जोश हेज़लवुड पूरे समय और पैट कमिंस एक मैच को छोड़कर बाकी सभी मैचों में नहीं खेल पाए थे। स्टार्क के लिए यह साल जमैका में वेस्टइंडीज़ के ख़िलाफ़ 9 रन देकर 6 विकेट लेने के प्रदर्शन के लिए भी यादगार रहा, जहाँ उन्होंने अपने 100वें टेस्ट में अपना 400वाँ विकेट लिया।

इस साल की शुरुआत में बेलिंडा क्लार्क अवॉर्ड की घोषणा की गई थी – जिसमें एनाबेल सदरलैंड लगातार दूसरी बार विजेता बनीं – क्योंकि इंटरनेशनल और फ्रेंचाइज़ी क्रिकेट के शेड्यूल में टकराव के कारण पारंपरिक समारोह रद्द कर दिया गया था, जिसका मतलब था कि सीए को सभी खिलाड़ियों को एक साथ लाने के लिए कोई तारीख नहीं मिल पाई।इंटरनेशनल क्रिकेट के लिए अवॉर्ड हर मैच में खिलाड़ियों, अंपायरों और मीडिया के 3-2-1 के आधार पर दिए गए वोटों पर आधारित होते हैं। वोटिंग की अवधि 29 जनवरी, 2025 से 24 जनवरी, 2026 तक थी।

फ्लॉप पेसर्स के बाद स्पिनर्स ने कराई भारत की वापसी, श्रीलंका ने जड़े 363 रन

INDvsSL कुलदीप यादव , रवींद्र जडेजा और मानव सुथार (दो-दो विकेट) की बेहतरीन गेंदबाजी की बदौलत भारत ने शुक्रवार को एकमात्र अभ्यास मैच के पहले दिन शुक्रवार को श्रीलंका इलेवन के 363 रन पर आठ विकेट झटक लिये।

आज यहां श्रीलंका इलेवन ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया। निशान मदुश्का और रविंदु रसंता की सलामी जोड़ी ने तेज शुरुआत करते हुए पहले विकेट के लिए 110 रनों की साझेदारी की। 21वें ओवर में निशान मदुश्का 65 गेंदों में (66) के रनआउट होने पर यह साझेदारी टूटी। मदुश्का ने अपनी पारी में 11 चौके और एक छक्का लगाया।

इसके बाद बल्लेबाजी करने आये संजूला सूर्याबंडारा ने रविंदु रसंता के साथ पारी को संभाला। 40वें ओवर में रवींद्र जडेजा ने संजूला सूर्याबंडारा (35) को बोल्ड कर इस साझेदारी का अंत किया। 50वें ओवर में सुथार ने रविंदु रसंता 143 गेंदों में (71) रन को आउट किया। उन्होंने अपनी पारी में छह चौके और एक छक्का लगाया। पवन रत्नायके (39) को गुरनूर बराड़ ने आउट किया। अगले ही ओवर में अहान विक्रमसिंघे (31) को कुलदीप यादव ने आउट किया। अंजला बंडारा (13) रन को आउट कर कुलदीप ने अपना दूसरा विकेट लिया।

रमेश मेंडिस (32) को रवींद्र जडेजा ने आउट किया। कप्तान सोनल दिनुशा ने 72 गेंदों में पांच चौकों और एक छक्के की मदद से 52 रनों की अर्धशतकीय पारी खेली। मानव सुथार ने दिनुशा को पगबाधा आउट कर भारत को आठवीं सफलता दिलाई।स्टंप्स के समय श्रीलंका इलेवन ने 90 ओवरों में आठ विकेट पर 363 रन बना लिये है। केशरा नुवंता (नाबाद नौ) और दिलम सुदीरा (नाबाद एक) रन क्रीज पर मौजूद हैं।

कड़ा हुआ खिलाड़ियों का फिटनेस टेस्ट, 5 मिनट में दौड़ने होगे 1200 मीटर

Team India

भारतीय खिलाड़ियों का फिटनेस परीक्षण पहले यो यो टेस्ट से होता था लेकिन अब रग्बी के खेल में फिटनेस जांचने का टेस्ट जिसे BRONCO कहते हैं वह अब भारतीय क्रिकेट टीम अपनाने वाली है। यह टेस्ट योयो टेस्ट से भी काफी कठिन होने वाला है।

ब्रोंको टेस्ट एक प्रशिक्षण अभ्यास है जिसमें खिलाड़ी 20 मीटर शटल रन से शुरुआत करता है, जिसके बाद 40 मीटर और 60 मीटर की दौड़ भी होती है। ये तीन रन मिलकर एक सेट बनाते हैं। गौरतलब है कि एक खिलाड़ी को ऐसे पाँच सेट करने होते हैं, जो बिना रुके कुल 1200 मीटर दौड़ के बराबर होंगे। खिलाड़ियों को यह टेस्ट छह मिनट में पूरा करना होता है।

समझा जाता है कि टीम के कुछ खिलाड़ी पहले ही बीसीसीआई (भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड) के बेंगलुरु स्थित उत्कृष्टता केंद्र में ब्रोंको टेस्ट दे चुके हैं। ब्रोंको टेस्ट के अलावा, बीसीसीआई भारतीय टीम के सितारों के लिए फिटनेस टेस्ट के तौर पर यो-यो टेस्ट और 2 किलोमीटर का टाइम ट्रायल भी आयोजित करता है।

गौरतलब है कि ले रॉक्स जून 2025 में भारतीय टीम में स्ट्रेंथ और कंडीशनिंग कोच के रूप में शामिल हुए थे; जनवरी 2022 से मई 2023 तक टीम इंडिया में भी वह इसी पद पर थे और दक्षिण अफ्रीका के कोचिंग स्टाफ का भी हिस्सा रहे। इसके अलावा, उन्होंने कोलकाता नाइट राइडर्स और पंजाब किंग्स जैसी आईपीएल टीमों में भी काम किया।

भारत के कई अनुबंधित खिलाड़ी इस टेस्ट के लिए बेंगलुरु पहुंचे

गौरतलब है कि भारत के कुछ अनुबंधित खिलाड़ी सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में शुरू किए गए ब्रोंको टेस्ट के लिए बेंगलुरु पहुँच चुके हैं। यह टेस्ट फिटनेस मानकों को बनाए रखने के लिए शुरू किया गया है और कोच तेज़ गेंदबाज़ों के लिए वेट ट्रेनिंग की बजाय रनिंग ड्रिल को ज़्यादा प्राथमिकता देने पर विचार कर रहे हैं।

एक प्रतिश्ठित अंग्रेजी अखबार के सूत्र के हवाले से बताया, “सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में ब्रोंको टेस्ट शुरू किया गया है। भारत के कुछ अनुबंधित खिलाड़ी बेंगलुरु पहुँच चुके हैं और उन्होंने यह टेस्ट दिया है। ब्रोंको टेस्ट का इस्तेमाल यह सुनिश्चित करने के लिए किया जा रहा है कि फिटनेस मानक स्पष्ट हों।”

सीनियर खिलाड़ियों को नहीं मिला सम्मान, भारतीय टेस्ट टीम के बारे में तीखे शब्द कह गए अजिंक्य रहाणे (Video)

अजिंक्य रहाणे ने लंबे समय बाद राष्ट्रीय टीम से बाहर होने के कारण अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास ले लिया। अब खबर यह आ रही है कि वह किसी यूरोपिय लीग से जुड़ेंगे हालांकि अब वह कमेंट्री और पॉडकास्ट में क्रिकेट के बारे अपने विचार देते हुए नजर आते हैं। 

माइकल वॉन के साथ हुए ऐसे ही एक पॉडकास्ट में उन्होंने अपने जीवन के संघर्ष के बार में बताया। अजिंक्य रहाणे ने बताया कि उनका एकदिवसीय करियर 2011 में शुरु हो गया था लेकिन उनको टेस्ट मैचों के लिए करीब 2 साल तक 12वें आदमी की भूमिका निभानी पड़ी और कम से कम 20 टेस्ट मैच तक का लंबा इंतजार करना पड़ा 

इसके अलावा उन्होंने सचिन विराट समेत क्रिकेटरों से रिश्ते, टेस्ट क्रिकेट में अभ्यास मैचों का महत्व और वर्तमान टेस्ट टीम के भविष्य पर अपनी राय रखी। 

अजिंक्य रहाणे ने कहा, मेरे पास 2 विकल्प थे या तो मैं सहानूभूति हासिल करता या तो खुद को बेहतर बनाने की कोशिश करता। 12वें खिलाड़ी होने और पानी पिलाने में कोई खास खराबी नहीं है। मैंने इसे सकारात्मक दृष्टिकोण से लिया। 

अजिंक्य रहाणे ने हालांकि वर्तमान टेस्ट टीम के भविष्य पर तीखी टिप्पणी की। अजिंक्य रहाणे से जब पूछा गया कि क्या आपको वर्तमान भारतीय  टेस्ट टीम को देखकर चिंता होती है तो उनका जवाब हां में था। 

रहाणे ने कहा कि टेस्ट क्रिकेट में दक्षिण अफ्रीका, ऑस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड और इंग्लैंड अच्छा खेल रही हैं। भारत के साथ अचानक इतनी दिक्कत इस कारण हो गई है क्योंकि ज्यादातर सीनियर खिलाड़ी एक साथ बाहर निकल गए हैं। ऐसे में सीनियर खिलाड़ियों को बोर्ड को वह सम्मान देना जरूरी है जिसके वह हकदार हैं। 

ऐसा रहा करियर

अजिंक्य रहाणे ने अपना टेस्ट पदार्पण साल 2013 में किया था। अभी तक वह कुल 85 टेस्ट खेल चुके हैं। इस दौरान उन्होंने 38.5 की औसत के साथ 5077 रन बनाए, जिसमें 12 शतक और 26 अर्धशतक शामिल है।साल 2011 में अपने सफेद गेंद करियर का आगाज करने वाले अजिंक्य रहाणे अपना आखिरी टी-20 मैच साल 2016 के टी-20 विश्वकप सेमीफाइनल में खेल चुके थे जहां उनकी धीमी पारी ने टीम इंडिया का वेस्टइँडीज के खिलाफ खासा नुकसान किया था।इसके अलावा उन्होंने आखिरी वनडे 2018 में खेला था।

बाहर होने के बाद भी बतौर कप्तान जीते रणजी

टेस्ट टीम से बाहर होने के बाद से, रहाणे ने लगातार दो रणजी ट्रॉफ़ी सीजन में मुंबई का नेतृत्व किया है, जिसमें टीम ने 2023-24 में अपना 42वां खिताब जीता, जबकि 2024-25 में उपविजेता रही। वह सैयद मुश्ताक अली (टी20) खिताब जीतने वाली मुंबई टीम का भी हिस्सा थे।रहाणे ने 2024-25 के रणजी सीज़न में 14 पारियों में 35.92 की औसत से एक अर्धशतक और एक शतक सहित 467 रन बनाए

अगले महीने की इस तारीख को होगा भारत बनाम पाकिस्तान का मुकाबला

एशियन क्रिकेट काउंसिल ने गुरुवार को घोषणा की कि 2026 महिला एशिया कप का मुख्य मुकाबला भारत और पाकिस्तान के बीच पांच सितंबर को दुबई अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम में खेला जाएगा। टूर्नामेंट की शुरुआत 28 अगस्त को थाईलैंड और हांगकांग के बीच मैच से होगी। यह महिला एशिया कप का छठा संस्करण होगा जो टी-20 प्रारूप में खेला जाएगा।

आठ टीमों को दो ग्रुप में बांटा गया है; ग्रुप ए में भारत और पाकिस्तान के साथ थाईलैंड, हांगकांग और चीन शामिल हैं, जबकि ग्रुप बी में श्रीलंका, बंगलादेश, यूएई और इंडोनेशिया हैं। टूर्नामेंट का पहला मैच थाईलैंड और हांगकांग के बीच खेला जाएगा।हर ग्रुप की टॉप दो टीमें सेमीफाइनल के लिए क्वालीफाई करेंगी और फाइनल 13 सितंबर को खेला जाएगा। सभी मैच दुबई अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम में फ्लडलाइट्स की रोशनी में खेले जाएंगे।

टी-20 प्रारुप में भारत का पलड़ा पाकिस्तान पर हमेशा भारी रहा है। टीम ने कुल 16 मुकाबलों में से 13 मैचों में जीत हासिल की है। हाल में हुए टी-20 विश्वकप मैच में भी भारत ने पाकिस्तान को 60 रनों से बड़ी हार थमाई थी। इसका कारण है पॉवर हिटिंग और स्पिन गेंदबाज जिसका तोड़ सालों साल पाकिस्तान भारत के खिलाफ नहीं निकाल पाया है।पाकिस्तान ने अंतिम बार भारत को इस प्रारुप में साल 2016 के टी-20 विश्वकप में हराया था।

पाकिस्तान में हमजा पर लगा 2 साल का बैन और 3.5 लाख रुपए का जुर्माना

धुरंधर फिल्म में अभिनीत रणवीर सिंह का किरदार “हमजा अली मजारी” को पाकिस्तान में खासा पसंद किया गया था। यह फिल्म पाकिस्तान में प्रतिबंधित थी लेकिन पाकिस्तानी खासकर ल्यारी की जनता ने इसको डाउनलोड करके खूब देखा।

हालांकि पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने हमजा नजर नाम के एक क्रिकेटर को घरेलू और अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से प्रतिबंधित कर दिया साथ ही उस पर 1 मिलियन पाकिस्तानी रुपए जो भारत के 3.42 लाख रूपए बराबर होगा का जुर्माना लगा दिया।

यह अनुशासनात्मक कार्यवाही PCB के ज़रिए वीज़ा के लिए आवेदन करते समय हमज़ा नज़र द्वारा दी गई जानकारी की जांच के बाद लिया गया है। जांच में पाया गया कि वह पूरी और सही जानकारी देने में नाकाम रहे, गुमराह करने वाली जानकारी दी और एप्लीकेशन प्रक्रिया के दौरान ज़रूरी बातें छिपाईं।

PCB ने तीन सदस्यों की जांच कमेटी बनाई। कमेटी ने हमज़ा नज़र को अपनी बात रखने और विचाराधीन मामलों पर जवाब देने का मौका दिया।उनकी सफाई सुनने, मौजूद जानकारी को रिव्यू करने और सभी ज़रूरी हालात को ध्यान में रखने के बाद, समिति ने अपने नतीजे और सुझाव PCB को सौंप दिए।

समिति के नतीजों के डिटेल्ड रिव्यू के बाद, PCB ने हमज़ा नज़र को दो साल के लिए सभी तरह के घरेलू और अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से निलंबि करने और PKR दस लाख का जुर्माना लगाने का फैसला लिया।

ऑस्ट्रेलियाई पिच पर इस बांग्लादेशी ने अभ्यास मैच में जड़ा लाल गेंद के खिलाफ नाबाद शतक (Video)

AUSvsBAN ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 2 टेस्ट मैचों की सीरीज खेलने ऑस्ट्रेलिया गई बांग्लादेश के लिए क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया एकादश के खिलाफ अभ्यास मैच औसत से बेहतर रहा।  बांग्लादेश जो अभी जिम्बाब्वे के खिलाफ टेस्ट मैच हारकर आ रही है। उस टीम ने क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया एकादश के सामने बल्ले और गेंद से कुछ चुनौती पेश की।

डारविन के मरारा क्रिकेट ग्राउंड पर टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी बांग्लादेश की शुरुआत ठीक नहीं रही। टीम नियमति अंतराल पर विकेट गंवाती रही। एक समय बांग्लादेश के 6 विकेट 110 रनों पर गिर गए थे। लेकिन इसके बाद ऑलराउंडर मेहंदी हसन मिराज ने पुछल्ले बल्लेबाजों के साथ छोटी छोटी साझेदारी कर स्कोर को 263 रनों तक पहुंचाया।

मेहंदी हसन मिराज ने 141 गेंदों में नाबाद 109 रन बनाए जिसमें 11 चौके और 4 छक्के शामिल थे। मिराज के अलावा किसी बांग्लादेशी बल्लेबाज ने 50 रन भी नहीँ बनाए। उनके बाद कप्तान शांटो ही रहे जिन्होंने 37 रनों की पारी खेली। बांग्लादेश की पारी 75.5 ओवर्स में 263 रनों पर सिमट गई।

ऑस्ट्रेलिया का तेज गेंदबाजी आक्रमण अनुभवहीन था। फिर भी ऐसे शतक को मिराज लंबे समय तक याद रखेंगे। ऑस्ट्रेलिया की ओर से  कॉरी रोकीचोली को सर्वाधिक 6 विकेट मिले। अन्य गेंदबाजों को 1-1 विकेट मिला।

बल्लेबाजी करने उतरी ऑस्ट्रेलिया की शुरुआत भी ठीक नहीं रही। टीम ने सिर्फ 1 रन पर अने दोनों सलामी बल्लेबाज गंवा दिए। सैम कॉन्सटास एक और कैंबेल केलावे 0 पर आउट हो गए। इसके बाद कप्तान कुर्टिस पैटरसन और जोश फिलिप के बीच नाबाद 50 रनों की साझेदारी हुई। अभी ऑस्ट्रेलिया बांग्लादेश से 212 रन पीछे है।

घसियाली पिच पर अभ्यास मैच खिलाने पर भारतीय टीम हुई श्रीलंका पर नाराज (Video)

INDvsSL टेस्ट सीरीज से पहले अमूमन मेजबान टीमें मेहमान टीमों को अभ्यास मैच में वह स्थिति या पिच नहीं देती है जो मुख्य मैच में होती है। यह किसी भी मेजबान टीम की रणनीति का हिस्सा होता है। हालांकि पिच मुख्य मैच से थोड़ी बहुत मिलती जुलती है।

लेकिन श्रीलंका क्रिकेट ने मुख्य मैच से इतर स्पिन मुफीद पिच ना देकर अभ्यास मैच में भारत के खिलाफ घसियाली पिच देकर एक नया विवाद खड़ा कर लिया है। भारतीय टीम श्रीलंका आते साथ ही इस बात पर नाराज हो गई है। इस विवाद पर श्रीलंका क्रिकेट बोर्ड ने सफाई दी है कि पिच पर भले ही घास हो लेकिन पिच बल्लेबाजी के लिए मुफीद है।

हाल के दिनों में घरेलू मैदान पर न्यूजीलैंड और दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ टेस्ट श्रृंखलाओं में भारतीय बल्लेबाजों की सबसे बड़ी कमजोरी बेहतर स्पिन गेंदबाजी के सामने उजागर हुई थी। श्रीलंका के खिलाफ भी परिस्थितियां कुछ अलग नहीं होंगी।श्रीलंका के पास विशेष रूप से घरेलू परिस्थितियों में प्रभावी स्पिन आक्रमण है। ऐसे में 15 अगस्त से गॉल में खेले जाने वाले पहले टेस्ट से पहले यह अभ्यास मैच भारतीय बल्लेबाजों के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

ऐसे में जब टीम को अभ्यास मैच में अलग और पहले टेस्ट मैच में अगल पिच मिलेगी तो टीम के लिए अभ्यास ना के बराबर होगा।कप्तान शुभमन गिल, लोकेश राहुल और यशस्वी जायसवाल जैसे प्रमुख बल्लेबाज श्रीलंका रवाना होने से पहले अपने-अपने घरेलू अभ्यास केंद्रों पर स्पिन गेंदबाजी के खिलाफ अभ्यास कर चुके हैं, लेकिन श्रीलंकाई पिचों पर मैच जैसी परिस्थितियों में खेलने का अनुभव उससे कहीं अधिक उपयोगी होगा।इस कारण पिच का बर्ताव महत्वपूर्ण हो जाता है।

गुरनूर बराड़ और सारांश जैन ने पिछले महीने गॉल में भारत ‘ए’ की ओर से श्रीलंका ‘ए’ के खिलाफ शानदार प्रदर्शन किया था। दोनों खिलाड़ी इस अभ्यास मैच में भी अच्छा प्रदर्शन कर अपनी तैयारी को और मजबूत करना चाहेंगे।

सिर्फ पिच ही नहीं बल्कि मौसम भी भारतीय टीम के लिए परेशानी का सबब बन सकता है। मौसम  भारत की तैयारियों में बाधा बन सकता है। मौसम विभाग ने शुक्रवार से शहर में रुक-रुक कर बारिश होने का अनुमान जताया है।

भारतीय टीम इस प्रकार है: शुभमन गिल (कप्तान), केएल राहुल (उपकप्तान), साई सुदर्शन, यशस्वी जायसवाल, ऋषभ पंत (विकेटकीपर), ध्रुव जुरेल (विकेटकीपर),रविंद्र जडेजा , कुलदीप यादव, मानव सुथार, मोहम्मद सिराज, प्रसिद्ध कृष्णा, गुरनूर बराड़, देवदत्त पडिक्कल, सारांश जैन


बारिश से रद्द हुआ मैच और आयरलैंड को अब खेलना पड़ेगा ODI WC Qualifiers

अफ़ग़ानिस्तान के ख़िलाफ़ पहला ODI बारिश की भेंट चढ़ने के चलते आयरलैंड को अब अफ़्रीका में 2027 में होने वाले वनडे विश्व कप में प्रवेश पाने के लिए क्वालीफ़ायर टूर्नामेंट खेलना होगा। ब्रेडी में रद्द हुए मुक़़ाबले में टॉस भी नहीं हो पाया।

आयरलैंड इस समय पुरुष ODI रैंकिंग में 11वें स्थान पर है और उन्हें विश्व कप में सीधा प्रवेश पाने के लिए ज़िम्बाब्वे, वेस्टइंडीज़ और बांग्लादेश को पछाड़ना ज़रूरी था। हालांकि इसके लिए उन्हें 30 सितंबर की समयसीमा से पहले अफ़ग़ानिस्तान के ख़िलाफ़ 5-0 से क्लीन स्वीप करना था और उनके लिए यह भी ज़रूरी था कि वेस्टइंडीज़ भारत के ख़िलाफ़ दो ODI हारे।

आयरलैंड अब 10 टीमों वाले क्वालीफ़ायर टूर्नामेंट में हिस्सा लेगा जिसका विजेता विश्व कप में सीधा प्रवेश पाएगा। दूसरे, तीसरे और चौथे स्थान पर रहने वाली टीमें विश्व कप के पहले राउंड (सुपर सीरीज़) में खेलेंगी। इसमें शीर्ष पर रहने वाली टीम 12 टीम वाले मुख्य स्टेज में प्रवेश करेगी।

10 टीमों वाले क्वालीफ़ायर में यह टीमें शामिल होंगी: 30 सितंबर 2026 तक ODI रैंकिंग में अंतिम दो स्थान पर रहने वाले पूर्ण सदस्य देश ( मेज़बान साउथ अफ़्रीका और ज़िम्बाब्वे को छोड़कर), CWC लीग 2 से शीर्ष चार टीमें और विश्व कप क्वालीफ़ायर प्लेऑफ़ से शीर्ष चार टीमें। इस प्लेऑफ़ में CWC लीग 2 की अंतिम चार टीमें चैलेंज लीग की चार टीमों के साथ खेलेंगी। इसका प्रारूप तय किया जाना अभी बाक़ी है लेकिन आठ टीमों वाले इस प्लेऑफ़ की शीर्ष चार टीमें विश्व कप क्वालीफ़ायर में प्रवेश पाएंगी।

चैलेंज लीग में 12 टीमें खेलेंगी जिन्हें छह-छह के दो पूल में बांटा जाएगा और इस चक्र में हर टीम तीन राउंड-रॉबिन टूर्नामेंट खेलेंगी। दोनों पूल में शीर्ष दो पर रहने वाली टीमें विश्व कप क्वालीफ़ायर प्लेऑफ़ में प्रवेश करेंगी।

शाकिब अल हसन के घर पेट्रोल बम से हमला, फेंके गए पत्थर (Video)

Shakib al hasan

बांग्लादेश क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान और दिग्गज ऑलराउंडर शाकिब अल हसन के बांग्लादेश के मगुरा जिले में स्थित उनके घर पर अज्ञात लोगों ने हमला कर दिया। इस हमले में ना केवल पेट्रोल बम बल्कि घरों पर पत्थर फेंके गए। इसके अलावा घर को आग लगाने की भी कोशिश हुई।

शेख हसीना के नेतृत्व वाली सरकार के सत्ता से हटने के बाद से सुरक्षा कारणों और अपने खिलाफ चल रहे कानूनी मामलों की वजह से अवामी लीग के सांसद शाकिब बांग्लादेश नहीं लौटे हैं।हालांकि बांग्लादेश के इस महान खिलाड़ी को उम्मीद है कि क्रिकेट से संन्यास लेने से पहले वह अपने देश के लिए एक आखिरी मैच जरूर खेलेंगे।

शाकिब का रहा भारत समर्थित विमर्श

पूर्व कप्तान शाकिब अल हसन ने इस साल की शुरुआत में भारत में हुए टी20 विश्व कप से बांग्लादेश के बाहर रहने को एक ‘बड़ी गलती’ करार किया और उम्मीद जताई है कि अगर दोनों टीम कुछ श्रृंखला खेलती हैं तो उनके बीच क्रिकेट के रिश्ते बेहतर हो सकते हैं।

बांग्लादेश ने अपने तेज गेंदबाज मुस्तफिजुर रहमान को आईपीएल टीम कोलकाता नाइट राइडर्स से बाहर किए जाने के बाद टी20 विश्व कप के लिए भारत का दौरा नहीं किया था जिसकी मेजबानी भारत और श्रीलंका ने मिलकर की थी। जिसके बाद बांग्लादेश की जगह स्कॉटलैंड को टूर्नामेंट में शामिल किया गया।शाकिब ने कोलकाता नाइट राइडर्स और सनराइजर्स हैदराबाद के लिए आईपीएल के नौ सत्र खेले हैं।


शाकिब  जनवरी 2024  से अगस्त तक अवामी लीग के सांसद थे, उसके बाद छात्रों के नेतृत्व वाली क्रांति में सरकार गिर गई थी। हसीना 5 अगस्त को भारत भाग गईं, जबकि शाकिब तब से अब तक घर नहीं लौटे हैं। उन्होंने  साल 2024 में पाकिस्तान और भारत के ख़िलाफ टेस्ट मैच खेले थे, लेकिन पिछले 24 महीनों में उन्हें राष्ट्रीय टीम में नहीं चुना गया है, जबकि वह अन्य जगहों पर फ्रेंचाइजी लीग में खेलते रहे हैं।