इंग्लैंड के खिलाफ पहले टेस्ट के लिए फिटनेस की राह पर पाक पूर्व कप्तान

Shan Masood

ENGvsPAK इंग्लैंड में वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप अभियान से पहले पाकिस्तान के लिए अच्छी खबर है कि उंगली की चोट से उबरने के बाद पाकिस्तान के पूर्व कप्तान शान मसूद ने बल्लेबाजी अभ्यास शुरू कर दिया है।मसूद बेकनहम में केंट काउंटी क्रिकेट क्लब में पाकिस्तान टीम के साथ जुड़े और मेडिकल स्टाफ की देखरेख में टीम के अभ्यास सत्र में हिस्सा लिया। इंग्लैंड के खिलाफ तीन टेस्ट मैचों की सीरीज़ शुरू होने से एक हफ़्ते से भी कम समय पहले उनकी नेट्स में वापसी हुई है, जिसका पहला टेस्ट 19 अगस्त से लीड्स में खेला जाना है।

कैरेबियन दौरे के पहले मैच के दौरान उंगली में चोट लगने के कारण यह बाएं हाथ का बल्लेबाज़ वेस्टइंडीज के खिलाफ पाकिस्तान के दूसरे टेस्ट में नहीं खेल पाया था। पाकिस्तान ने दूसरा टेस्ट जीता और सीरीज़ 1-1 से बराबर की, जिससे उन्हें 2023 के बाद से घर से बाहर अपनी पहली टेस्ट जीत मिली।

पाकिस्तान ने कहा,” चिकित्सा दल की देखरेख में राष्ट्रीय टीम ने बेकनहम में केंट काउंटी क्रिकेट क्लब में प्रैक्टिस सेशन में हिस्सा लिया। खिलाड़ियों ने सेशन के दौरान बल्लेबाजी और गेंदबाजी नेट प्रैक्टिस की। चोटिल बल्लेबाज़ शान मसूद ने भी प्रैक्टिस सेशन में हिस्सा लिया।”

पाकिस्तान टीम आने वाले दिनों में मसूद की फ़िटनेस पर नज़र रखेगी और उसके बाद ही पहले टेस्ट के लिए उनकी उपलब्धता पर फ़ैसला करेगी। यह सीरीज़ इंग्लैंड में 2025-27 वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप चरण में पाकिस्तान का पहला असाइनमेंट होगा। पाकिस्तान अभी डब्ल्यूटीसी स्टैंडिंग में आठवें स्थान पर है और कैरेबियन में अपने बेहतर प्रदर्शन से मिले आत्मविश्वास को इंग्लैंड दौरे पर भी बनाए रखने की कोशिश करेगा।

Asian Games में मुख्य खिलाड़ियों को आराम देकर युवा टीम भेजेगा अफगानिस्तान

अफगानिस्तान ने दरविश रसूली की अगुवाई में जापान के आइची-नागोया में होने वाले एशियाई खेल 2026 के लिए 15 सदस्यीय टीम की घोषणा कर दी है। इस टीम में युवा खिलाड़ियों के साथ नजीबुल्लाह ज़दरान और करीम जनत जैसे अनुभवी खिलाड़ी भी शामिल हैं। अफगानिस्तान क्रिकेट बोर्ड की राष्ट्रीय चयन समिति ने टीम के अधिकतर खिलाड़ी हाल ही में खत्म हुई 11वीं शपागीजा क्रिकेट लीग से चुना हैं। नियमित कप्तान राशिद खान और रहमानुल्लाह गुरबाज और अज़मतुल्लाह ओमरजई जैसे अहम खिलाड़ी इस टीम का हिस्सा नहीं होंगे।

एशियाई खेल 24 सितंबर से तीन अक्टूबर तक होने हैं। इससे ठीक एक सप्ताह पहले, अफ़गानिस्तान की टीम तीन मैचों की टी-20 सीरीज़ के लिए भारत का दौरा करेगी। वहीं, टॉप-ऑर्डर बल्लेबाज मोहम्मद अकरम ने शपागीजा क्रिकेट लीग में शानदार प्रदर्शन के बाद टीम में जगह बनाई है। उन्होंने आठ पारियों में 339 रन बनाए, जिसमें एक शतक और दो अर्धशतक शामिल थे। ऑलराउंडर इस्मत आलम को भी टूर्नामेंट में उनके अच्छे प्रदर्शन का इनाम मिला है। उन्होंने 294 रन बनाए और नौ विकेट लिए, जिसके लिए उन्हें एससीएल का ‘बेस्ट प्लेयर’ अवॉर्ड मिला।

विकेटकीपर-बल्लेबाज मोहम्मद इशाक, हसन ईसाखिल, खालिद तानीवाल और इमरान मीर टीम में शामिल अन्य युवा खिलाड़ियों में से हैं, जबकि नजीबुल्लाह और जनत अंतरराष्ट्रीय अनुभव लेकर आए हैं।

अफगानिस्तान एशियाई खेलों की टीम इस प्रकार है:- दरविश रसूली (कप्तान), मोहम्मद इशाक (विकेटकीपर), मोहम्मद अकरम, हसन ईसाखिल, खालिद तानिवाल, इमरान मीर, फैसल खान शिनोजादा, नजीबुल्लाह जादरान, फरमानुल्लाह सफी, इस्मत आलम, करीम जनत, नांग्याल खरोती, अरब गुल मोमंद, फरीदून दाऊदजई और अब्दुल्ला अहमदजई।

टी-20 विश्वकप में उलटफेर करने वाली इटली खेलेगी पहला एकदिवसीय मैच

अपनी फुटबॉल टीम के लिए मशहूर इटली अब क्रिकेट में धीरे धीरे आगे बढ़ रहा है। कुछ महीने पहले ही टी-20 विश्वकप में इटली के स्पिनरों ने हालात का पूरा फ़ायदा उठाकर नेपाल के खिलाफ बेन मैनेंटी ने 9 रन देकर 2 विकेट लिए, जबकि कृष्ण कलुगामागे ने 22 रन देकर 3 विकेट लिए। इसके बाद मोस्का भाइयों ने अपनी आक्रामक बल्लेबाजी से नेपाल को कोई मौका नहीं दिया। हां, टारगेट ज्यादा नहीं था लेकिन उन्होंने 12.4 ओवर में उसे पूरी तरह से खत्म कर दिया।

अब यह खबर आ रही है कि आगामी एकदिवसीय विश्वकप क्वालिफायर में इटली आधिकारिक तौर पर अपना पहला एकदिवसीय मैच खेलेगा।

जुलाई में ICC द्वारा घोषित किए गए विश्व कप 2027 के नए प्रारुप  के मुताबिक़ क्वालीफ़ायर्स का विजेता सीधे प्रमुख ग्रुप में प्रवेश कर जाएगा। जबकि क्वालीफ़ायर्स में दूसरे, तीसरे और चौथे स्थान की टीम वनडे विश्व कप के पहले राउंड में पहुंचेगी। जिसे सुपर सीरीज़ का नाम दिया गया है, और फिर सुपर सीरीज़ के विजेता को 12 देशों के बीच प्रतिस्पर्धा का मौक़ा मिलेगा।

ICC वनडे विश्व कप 2027 दक्षिण अफ़्रीका, ज़िम्बाब्वे और नामीबिया के 12 शहरों में 4 अक्टूबर से 11 नवंबर 2027 के बीच खेला जाएगा।विश्व कप क्वालीफ़ायर्स में कुल 10 टीमें हिस्सा लेंगी। इनमें 30 सितंबर 2026 तक की वनडे रैंकिंग के आधार पर मेज़बान दक्षिण अफ़्रीका और ज़िम्बाब्वे को छोड़कर दो सबसे निचली रैंकिंग वाली पूर्ण सदस्य टीमें, CWC लीग-2 की शीर्ष चार टीमें और विश्व कप क्वालीफ़ायर्स प्लेऑफ़ से क्वालीफ़ाई करने वाली शीर्ष चार टीमें शामिल होंगी।

विश्वकप क्वालीफ़ायर्स प्लेऑफ़ में CWC लीग-2 की निचली चार टीमें और चैलेंज लीग की चार टीमें आमने-सामने होंगी। चैलेंज लीग को विश्व क्रिकेट का तीसरा स्तर माना जाता है। प्लेऑफ़ का प्रारूप अभी तय नहीं किया गया है, लेकिन इस आठ टीमों के टूर्नामेंट से शीर्ष चार टीमें 2027 वनडे विश्व कप क्वालीफ़ायर्स के लिए क्वालीफ़ाई करेंगी।

चैलेंज लीग में कुल 12 टीमें हिस्सा लेंगी, जिन्हें छह-छह टीमों के दो समूहों में बांटा जाएगा। प्रत्येक टीम इस पूरे चक्र के दौरान तीन राउंड-रॉबिन टूर्नामेंट खेलेगी। दोनों समूहों से शीर्ष दो-दो टीमें विश्व कप क्वालीफ़ायर्स प्लेऑफ़ के लिए क्वालीफ़ाई करेंगी।

एंड्रयू फ्लिंटॉफ के बेटे ने क्रिकेट में दिखाया अपना जलवा, 18 साल की उम्र में ठोका ताबड़तोड़ शतक

इंग्लैंड के पूर्व कप्तान एंड्रयू फ्लिंटॉफ के बेटे रॉकी फ्लिंटॉफ ने घरेलू क्रिकेट में अपनी शानदार बल्लेबाजी से सबका ध्यान खींचा है। 18 साल के रॉकी लंकाशायर की टीम से खेल रहे हैं। 11 अगस्त, मंगलवार को टॉन्टन के द कूपर एसोसिएट्स काउंटी ग्राउंड पर खेले गए मैच में रॉकी फ्लिंटॉफ ने तूफानी अंदाज में बल्लेबाजी करते हुए महज 65 गेंदों में अपना शतक पूरा किया। रॉकी ने ये शतक इंग्लैंड के वन-डे कप 2026 में समरसेट के खिलाफ लगाया।

रॉकी फ्लिंटॉफ ने कीटन जेनिंग्स के साथ मिलकर लंकाशायर की पारी को बड़े स्कोर तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई। दोनों ने चौथे विकेट के लिए 127 गेंदों में 214 रन की शानदार साझेदारी की। जेनिंग्स ने 156 रन बनाए, जबकि रॉकी की तेज पारी ने टीम को 50 ओवर में 443/6 के विशाल स्कोर तक पहुंचाने में मदद की।

रॉकी ने खेली आक्रामक बल्लेबाजी

लंकाशायर के लिए नंबर-5 पर बल्लेबाजी करने उतरे रॉकी फ्लिंटॉफ ने अपनी पारी में आक्रामक बल्लेबाजी का शानदार प्रदर्शन किया। दाएं हाथ के इस बल्लेबाज ने 45वें ओवर की पहली गेंद पर एक रन लेकर अपना शतक पूरा किया। इसके बाद भी उन्होंने तेजी से रन बनाना जारी रखा और 76 गेंदों में 123 रन की शानदार पारी खेली। रॉकी की इस पारी में 10 चौके और 7 छक्के शामिल रहे, जिससे उन्होंने टीम के स्कोर को मजबूत बनाने में अहम योगदान दिया। रॉकी के करियर में ये पहली बार था जब उन्होंने लिस्ट ए क्रिकेट में शतक लगाया। इससे पहले 14 लिस्ट ए मैचों में उनके नाम दो अर्धशतक के साथ 350 रन थे। वहीं, वह अब तक पांच फर्स्ट-क्लास मैचों में नौ पारियां खेल चुके हैं, जिसमें उन्होंने कुल 137 रन बनाए हैं।

इससे पहले भी खेले चुके हैं अच्छी पारी

समरसेट के खिलाफ शतक लगाने से पहले रॉकी फ्लिंटॉफ ने अपने पिछले वन-डे कप मुकाबले में भी शानदार बल्लेबाजी की थी। वारविकशायर के खिलाफ उस मैच में उन्होंने लंकाशायर के लिए नंबर-5 पर खेलते हुए 51 गेंदों में नाबाद 61 रन बनाए थे। लगातार दो मैचों में अच्छे प्रदर्शन के साथ रॉकी ने घरेलू क्रिकेट में अपनी बल्लेबाजी की क्षमता दिखाई है।

एंड्रयू फ्लिंटॉफ ने छोड़ा कोच का पद

रॉकी फ्लिंटॉफ के पिता एंड्रयू फ्लिंटॉफ ने हाल ही में इंग्लैंड लायंस के मुख्य कोच का पद छोड़ दिया है। इंग्लैंड के लिए लंबे समय तक क्रिकेट खेलने वाले फ्लिंटॉफ ने 1998 से 2009 के बीच 79 टेस्ट, 141 वनडे और 7 टी20 इंटरनेशनल मैच खेले थे। अब वह इस साल वह बिग बैश लीग (BBL) में पहली बार मुख्य कोच की जिम्मेदारी संभालेंगे। उन्हें साल की शुरुआत में सिडनी थंडर का हेड कोच नियुक्त किया गया था।

इन दो असोसिएट देशों ने विश्वकप फॉर्मेट को लेकर खोला ICC के खिलाफ मोर्चा

क्रिकेट स्कॉटलैंड और रॉयल डच क्रिकेट एसोसिएशन ने पुरुषों के वनडे वर्ल्ड कप के फ़ॉर्मेट में आईसीसी के हालिया बदलावों पर गहरी निराशा जताते हुए एक कड़ा संयुक्त बयान जारी किया है।बयान के अनुसार, दोनों बोर्डों ने अन्य एसोसिएट सदस्यों के साथ मिलकर आईसीसी से दो बार मुलाक़ात की और बदलावों के बारे में आधिकारिक लिखित जानकारी और इस प्रक्रिया के बारे में ज़्यादा स्पष्टता की मांग की।

हालाँकि, उन्होंने दावा किया कि दूसरी बैठक के दो हफ़्ते से ज़्यादा समय बीत जाने के बाद भी आईसीसी की ओर से कोई जवाब नहीं मिला है, जिसे उन्होंने “निराशाजनक” और “अनादरपूर्ण” बताया। इन बदलावों को एसोसिएट सदस्यों के लिए एक झटका मानते हुए, बयान में कहा गया है कि नया फ़ॉर्मेट “हाल के वर्षों में वैश्विक स्तर पर खेल को आगे बढ़ाने में हुई प्रगति को कमज़ोर करने का जोखिम पैदा करेगा”।

बयान में कहा गया, “ऐसे समय में जब क्रिकेट अपनी पहुँच बढ़ाना चाहता है, नए दर्शकों को आकर्षित करना चाहता है और अंतरराष्ट्रीय खेल जगत में अपनी स्थिति मज़बूत करना चाहता है, उभरते देशों के लिए सार्थक मौकों को कम करना पूरी तरह से गलत संदेश देता है।”

बोर्डों ने यह भी कहा कि महत्वपूर्ण फ़ैसले, खासकर वे जो सीधे एसोसिएट सदस्यों को प्रभावित करते हैं, उनसे सलाह लेने और “पर्याप्त सूचना” देने के बाद ही लिए जाने चाहिए ताकि उनके असर को अच्छी तरह समझा जा सके। “इन बदलावों से अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट की अखंडता और विश्वसनीयता कमज़ोर होने का जोखिम है, और यह मज़बूत गवर्नेंस, पारदर्शी फ़ैसला लेने की प्रक्रिया और सदस्यों के साथ प्रभावी जुड़ाव के महत्व को उजागर करता है। सदस्य और उनके खिलाड़ी वर्ल्ड कप की तैयारी में सालों लगाते हैं, और उन रास्तों पर भरोसा इस बात पर निर्भर करता है कि बिना सलाह-मशविरे के क्वालिफ़िकेशन साइकल के बीच में उन्हें बदला न जाए।”

बयान में कहा गया, “कम समय में उन ढांचों को बदलने से काफी अनिश्चितता पैदा होती है, प्लानिंग में रुकावट आती है और उन संगठनों पर अतिरिक्त ऑपरेशनल और फाइनेंशियल दबाव पड़ता है जो पहले से ही सीमित संसाधनों के साथ काम कर रहे हैं।”

पिछले महीने शुरू किए गए वनडे वर्ल्ड कप के नए फॉर्मेट में टीमों की संख्या 10 से बढ़ाकर 14 कर दी गई है, लेकिन इसमें चार राउंड भी शामिल हैं, जिसमें ग्रुप स्टेज से पहले राउंड-रॉबिन “सुपर सीरीज़” होगी। 12, 13 और 14 नंबर की टीमों में से दो टीमें राउंड 2 में आगे बढ़ेंगी और एक टीम तुरंत बाहर हो जाएगी।

नीदरलैंड और स्कॉटलैंड दोनों ही वर्ल्ड कप क्वालीफायर में पहुंच गए हैं, जो फरवरी 2027 में खेला जाएगा। इसके लिए जगह अभी तय नहीं हुई है। वनडे वर्ल्ड कप के फॉर्मेट में बदलाव से तुरंत चिंताएं पैदा हो गई हैं, खासकर इसलिए क्योंकि अगला एडिशन अगले साल अक्टूबर में शुरू होने वाला है।

बयान में आगे कहा गया, “टूर्नामेंट में अठारह महीने से भी कम समय बचा है, ऐसे में इन बदलावों के समय ने प्रभावित सदस्यों को इस प्रक्रिया में योगदान देने या उसके अनुसार ढलने का बहुत कम मौका दिया है। हमारा मानना है कि एसोसिएट सदस्यों के साथ बेहतर जुड़ाव से एक अधिक प्रभावी और सहयोगी दृष्टिकोण को बढ़ावा मिलता और क्वालिफिकेशन प्रक्रिया में भरोसा बनाए रखने में मदद मिलती।”

40 एकड़ की जमीन पर बने Centre of Excellence में है 3 क्रिकेट ग्राउंड 40 नेट पिच, 16 हजार Sq Ft का जिम (Video)

बीते कुछ दिनों में बैंगलूरू स्थित सेंटर ऑफ एक्सीलेंस अच्छी खबरों में नहीं रहा है। जिन खिलाड़ियों को फिटनेस सर्टिफिकेट बांटे जाते हैं वह मैदान पर आकर अनफिट हो जाते हैं। लेकिन 9 अगस्त को  भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड ने 2 साल पूरे किए और क्रिकेटर्स को दी जाने वाली तमाम सुविधाएं ही इसकी उपलब्धि है। इस सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में 3 बड़े क्रिकेट ग्राउंड है जिसमें अंतरराष्ट्रीय अभ्यास मैच हो चुके हैं। 40 नेट पिच और 33 सेंटर विकेट्स हैं। 8 लेन का इनडोर प्रेक्टिस एरिया है और 16 हजार Sq Ft का जिम है।इसका वीडियो भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड ने अपने आधिकारिक ट्विटर अकाउंट पर अपलोड किया।

बीसीसीआई सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में मीडिया से बातचीत में सचिव देवजीत सैकिया ने कहा, ‘‘उन्होंने बीसीसीआई की शीर्ष परिषद के सभी सदस्यों को साथ लिया और दृढ़ निर्णय किया कि इस परिसर का निर्माण युद्धस्तर पर किया जाना चाहिए। हमें राष्ट्रीय क्रिकेट अकादमी की पुरानी और अस्थायी व्यवस्था से आगे बढ़ने की जरूरत थी।’’ काम शुरू करने के लिए जरूरी कानूनी अड़चनों को दूर करने के लिए शाह कई बार व्यक्तिगत रूप से यहां आए।’’

उन्होंने कहा, ‘‘जब कोई बड़ी परियोजना शुरू करनी होती है तो कई नियमों का पालन करना पड़ता है। इसके अलावा जमीन को नियमित कराना भी जरूरी था। इन सभी कानूनी अड़चनों को दूर करने के लिए जय कई मौकों पर खुद यहां आए।’’ यह सबसे बड़ी चुनौती थी, क्योंकि 40 एकड़ की यह जमीन लंबे समय से खाली पड़ी थी और कई लोग इसे वापस लेना चाहते थे। इसलिए 14 फरवरी 2022 को काम शुरू होने से पहले हर चीज को मंजूरी दिलाना जरूरी था।’’

उन्होंने कहा, ‘‘ बदलाव का दौर चुनौतीपूर्ण था। उस समय रोजर बिन्नी अध्यक्ष थे और हमने वीवीएस लक्ष्मण की भी मदद ली, जो उस समय इस पूरी योजना का हिस्सा बन चुके थे।’’

लक्ष्मण ने भी उस लंबे सफर को याद किया, जिसके लिए वह हैदराबाद से बेंगलुरु आए थे। उन्होंने बताया कि 2021 में जय शाह और तत्कालीन बीसीसीआई अध्यक्ष सौरव गांगुली ने उनसे संपर्क किया था। उस समय राहुल द्रविड़ भारतीय टीम के मुख्य कोच बनने जा रहे थे और बोर्ड राष्ट्रीय क्रिकेट अकादमी में निरंतरता बनाए रखना चाहता था।

लक्ष्मण ने कहा, ‘‘मेरे लिए यह कठिन फैसला था। लेकिन एक क्रिकेटर के तौर पर मेरा हमेशा मानना रहा है कि जिन पूर्व खिलाड़ियों को इस महान खेल से लाभ मिला है, उनकी जिम्मेदारी है कि वे खेल के लिए अपना योगदान वापस दें। इसी सोच के साथ मैं दिसंबर 2021 में बेंगलुरु आ गया।’’ पूर्व भारतीय बल्लेबाज ने पूरी परियोजना के दौरान शाह के मार्गदर्शन को याद करते हुए कहा, ‘‘करीब दो साल के भीतर पूरा बुनियादी ढांचा तैयार होकर काम करने लगा। इसका बड़ा श्रेय जय शाह को जाता है। वह उस समय बीसीसीआई सचिव थे और मैंने खुद देखा कि वह आर्किटेक्ट और L&T की टीम के साथ होने वाली हमारी विभिन्न बैठकों में कितनी दिलचस्पी लेते थे। उनका प्रयास रहता था कि सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के हर पहलू का ध्यान रखा जाए।’’

लक्ष्मण ने कहा, ‘‘यह देखकर अच्छा लगता है कि जो दृष्टिकोण था, उसे हकीकत में बदला गया। मेरा मानना है कि सभी नेतृत्व करने वालों के पास विजन होता है, लेकिन वह विजन तभी सार्थक होता है जब उसे वास्तविकता में बदला जाए। हमने नवंबर 2024 में उस विजन को वास्तविकता के रूप में देखा।’

जब गुरु ही बन जाएं विरोधी खेमे की ताकत! कभी टीम इंडिया को बनाया चैंपियन, अब उसी को हराने की तैयारी

भारत और श्रीलंका के बीच टेस्ट सीरीज का मंच तैयार है। पहला मुकाबला 15 अगस्त से गॉल इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम में खेला जाना है। इससे पहले भारतीय टीम ने तीन दिवसीय वार्म-अप मैच में श्रीलंका क्रिकेट XI को 6 विकेट से हराकर अपनी तैयारियों का अच्छा संकेत दिया। हालांकि इस मुकाबले में एक चेहरा ऐसा भी था, जिसने भारतीय फैंस का खास ध्यान खींचा—गैरी कर्स्टन। कभी टीम इंडिया को वर्ल्ड कप जिताने वाले कर्स्टन अब श्रीलंका के खेमे में हैं और आगामी टेस्ट सीरीज में भारत के खिलाफ रणनीति तैयार करेंगे।

 

बाउंड्री पर खड़े रहे कर्स्टन, भारतीय खिलाड़ियों पर रही पैनी नजर

 

रविवार को कर्स्टन एनसीसी ग्राउंड पहुंचे, जहां भारत अपना वार्म-अप मुकाबला खेल रहा था। वह काफी देर तक बाउंड्री के पास खड़े होकर भारतीय खिलाड़ियों की गतिविधियों पर नजर रखते दिखाई दिए।

 

वह मैदान पर ज्यादा सक्रिय नजर नहीं आए, लेकिन उनकी मौजूदगी अपने आप में चर्चा का विषय बन गई। कर्स्टन ने कुछ भारतीय खिलाड़ियों और सपोर्ट स्टाफ से बातचीत भी की। इस दौरान वह लगातार मैच और स्कोरबोर्ड पर नजर बनाए हुए थे।

 

भारतीय टीम के स्पिनर मानव सुथार और थ्रोडाउन स्पेशलिस्ट रघु से भी उनकी बातचीत हुई। कर्स्टन का सुथार और साई किशोर जैसे खिलाड़ियों से पुराना परिचय रहा है, खासकर गुजरात टाइटन्स के साथ उनके समय के कारण।

जिस टीम को वर्ल्ड कप जिताया, अब उसी के खिलाफ बनाएंगे रणनीति

 

गैरी कर्स्टन का भारतीय क्रिकेट से रिश्ता बेहद खास रहा है। 2008 से 2011 तक वह टीम इंडिया के हेड कोच रहे और उनके कार्यकाल में भारतीय टीम ने कई बड़ी उपलब्धियां हासिल कीं। सबसे यादगार पल आया 2011 में, जब एमएस धोनी की कप्तानी वाली टीम इंडिया ने श्रीलंका को हराकर 28 साल बाद वनडे वर्ल्ड कप अपने नाम किया। उसी दौर में भारत पहली बार टेस्ट रैंकिंग में नंबर-1 भी बना।

 

अब कहानी पूरी तरह बदल चुकी है। जिस टीम की कमजोरियों और ताकत को समझना कभी कर्स्टन की जिम्मेदारी थी, अब उसी टीम के खिलाफ उन्हें श्रीलंका की रणनीति तैयार करनी है।

 

गैरी के सामने होंगे उनके पुराने खिलाड़ी और नया कोच

 

कर्स्टन के लिए यह मुकाबला इसलिए भी दिलचस्प है क्योंकि भारतीय टीम के मौजूदा हेड कोच गौतम गंभीर भी उनके पुराने खिलाड़ियों में शामिल रहे हैं।एक समय कर्स्टन की कोचिंग में खेलने वाले गंभीर अब टीम इंडिया के ड्रेसिंग रूम की कमान संभाल रहे हैं। यानी एक तरफ पुराने गुरु कर्स्टन श्रीलंका को तैयार कर रहे हैं, तो दूसरी तरफ उनका पुराना खिलाड़ी गंभीर भारत की रणनीति बनाएगा।

 

क्रिकेट में ऐसे रिश्ते मुकाबले को और दिलचस्प बना देते हैं।

 

207 रन का टारगेट, आखिरी ओवर में भारत ने मारी बाजी

 

वार्म-अप मैच के तीसरे दिन भारत के सामने 207 रन का लक्ष्य था। भारतीय बल्लेबाजों ने दबाव के बीच लक्ष्य का पीछा किया और दिन के आखिरी ओवर में 6 विकेट से मुकाबला अपने नाम कर लिया। इस जीत से टीम इंडिया को टेस्ट सीरीज से पहले परिस्थितियों के साथ तालमेल बैठाने का अच्छा मौका मिला। वहीं श्रीलंका को भी भारत के खिलाफ अपनी तैयारियों को परखने का मौका मिला।

 

सरफराज की वापसी, सुदर्शन सीरीज से बाहर

 

टेस्ट सीरीज शुरू होने से पहले भारतीय टीम में बदलाव भी हुआ है। चोट के कारण साई सुदर्शन पूरी सीरीज से बाहर हो गए हैं, उनकी जगह सरफराज खान को टीम में शामिल किया गया है।

 

सरफराज ने नवंबर 2024 के बाद कोई टेस्ट मैच नहीं खेला है। ऐसे में उनके पास खुद को फिर से टेस्ट टीम में स्थापित करने का मौका होगा।

 

वहीं, शुभमन गिल को भी लेकर टीम के लिए राहत की खबर आई। अभ्यास के दौरान चोटिल होने के कारण वह शुरुआती दो दिन वार्म-अप मैच में नहीं उतरे थे, लेकिन तीसरे दिन उन्होंने बल्लेबाजी की।

 

WTC पॉइंट्स टेबल के लिहाज से भी अहम है सीरीज

 

भारत और श्रीलंका के बीच होने वाली यह टेस्ट सीरीज वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप 2025-27 के लिहाज से भी काफी महत्वपूर्ण है। टीम इंडिया फिलहाल टॉप-4 से बाहर है और दोनों टेस्ट जीतकर अपनी स्थिति मजबूत करना चाहेगी।

 

श्रीलंका के लिए भी यह सीरीज बड़ी चुनौती है। खास बात यह है कि भारत के खिलाफ श्रीलंका ने अब तक जो 7 टेस्ट जीते हैं, वे सभी अपनी घरेलू जमीन पर आए हैं। अब देखना दिलचस्प होगा कि गॉल में कर्स्टन की रणनीति भारी पड़ती है या फिर गंभीर की टीम पुराने गुरु को उनके ही घर में मात देने की कहानी लिखती है।

 

खिलाड़ियों की बढ़ती चोटों से परेशान BCCI? CoE में बढ़ी इंजर्ड प्लेयर की भीड़

बेंगलुरु स्थित BCCI के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में भारतीय पुरुष क्रिकेट टीम के कई खिलाड़ी चोट से उबर रहे हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, IPL के दौरान फ्रेंचाइजी और पैसों से जुड़ा दबाव खिलाड़ियों पर ज्यादा काम का बोझ डाल रहा है, जिससे चोटों की संख्या बढ़ी है। इस समय कम से कम 10 इंटरनेशलन खिलाड़ी छोटी या गंभीर चोटों के कारण सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में इलाज और रिहैब कर रहे हैं। न्यूज एजेंसी ANI के मुताबिक, BCCI के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस से जुड़े एक सूत्र ने बताया कि कई बड़े खिलाड़ी IPL के दौरान चोटिल होने के बावजूद खेलते रहे। लगातार ज्यादा क्रिकेट खेलने से खिलाड़ियों के शरीर पर दबाव बढ़ रहा है, खासकर उम्रदराज खिलाड़ियों में चोट से वापसी का समय तय करना मुश्किल हो जाता है।

चोट के बाद भी खेलते हैं आईपीएल

सूत्र के अनुसार, IPL में टीम और पैसों से जुड़े दबाव के कारण कुछ खिलाड़ी चोट के बावजूद मैदान पर उतरते हैं, जिसके बाद उन्हें इलाज और फिटनेस के लिए सेंटर ऑफ एक्सीलेंस भेजा जाता है। उन्होंने कहा कि, टीम और CoE के फिजियो खिलाड़ियों की सुरक्षा को सबसे ज्यादा महत्व दे रहे हैं, लेकिन लगातार बढ़ती चोटों से सेलेक्टर्सु, कोच और कप्तान के सामने भी मुश्किलें बढ़ रही हैं। सेंटर ऑफ एक्सीलेंस पर खिलाड़ियों की बढ़ती चोटों के साथ-साथ उनके खेलने के कार्यक्रम को लेकर भी दबाव बढ़ रहा है।

चोट की वजह से बाहर हुए बुमराह-साई

जसप्रीत बुमराह और साई सुदर्शन के श्रीलंका दौरे से बाहर होने के बाद BCCI के चयनकर्ताओं के साथ CoE के तालमेल पर भी सवाल उठ रहे हैं। इससे पहले खबर थी कि दोनों खिलाड़ी दो टेस्ट मैचों में से कम से कम एक मुकाबले में खेल सकते हैं, लेकिन बाद में उन्हें दौरे से बाहर कर दिया गया। भारत के पूर्व क्रिकेटर वीवीएस लक्ष्मण फिलहाल दो साल के कॉन्ट्रैक्ट पर बेंगलुरु स्थित सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के प्रमुख हैं। मार्च 2025 में नितिन पटेल के जाने के बाद से यहां का स्पोर्ट्स साइंस विभाग अभी तक स्थायी प्रमुख के बिना चल रहा है। इसी बीच BCCI सचिव देवजीत सैकिया ने रविवार को सेंटर ऑफ एक्सीलेंस का दौरा किया और मीडिया से बातचीत की।

लक्ष्मण ने क्या कहा

इस दौरान वीवीएस लक्ष्मण ने सेंटर की टीम और उसकी व्यवस्था का बचाव किया। उन्होंने कहा, “देखिए, CoE सिर्फ एक रिहैब सेंटर नहीं है, बल्कि क्रिकेटरों को बेहतर बनाने में मदद करने के लिए इसकी भूमिका इससे कहीं बड़ी है। इसलिए, हम (चोटों के लिए) ‘दोष’ शब्द का इस्तेमाल करना पसंद नहीं करते, क्योंकि जब आप इस शब्द का इस्तेमाल करते हैं, तो आप किसी को बलि का बकरा बना रहे होते हैं।” लक्ष्मण ने कहा, “लेकिन CoE और दोनों टीमों (पुरुष और महिला) के टीम मैनेजमेंट और दोनों टीमों के SSM स्टाफ के बीच शानदार तालमेल है। इसलिए यह बातचीत आसानी से हो रही है।”

क्या लक्ष्मण लेंगे अजीत अगरकर की जगह? अफवाहों पर खुद तोड़ी चुप्पी

भारतीय क्रिकेट टीम के मुख्य चयनकर्ता अजीत अगरकर का कार्यकाल सितंबर 2026 में खत्म हो रहा है। वहीं अजीत अगरकर का कार्यकाल आगे नहीं बढ़ाया जाएगा या नहीं इस पर अभी स्थिति साफ नहीं है। अगरकर के लिए 2027 वनडे वर्ल्ड कप के लिए टीम तैयार करना बड़ी जिम्मेदारी है। ऐसे में उनके कार्यकाल को लेकर BCCI का फैसला काफी अहम माना जा रहा है। वहीं कुछ समय पहले ऐसी खबरें थी कि, BCCI उनकी जगह पूर्व भारतीय बल्लेबाज वीवीएस लक्ष्मण को मुख्य चयनकर्ता बनाने पर विचार कर रहा है। लक्ष्मण फिलहाल बेंगलुरु स्थित सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के प्रमुख हैं। वहीं हाल ही में आई एक रिपोर्ट के मुताबिक, लक्ष्मण ने इस पद को संभालने में फिलहाल रुचि नहीं दिखाई है।

कई खिलाड़ी कर सकते हैं दावेदारी

भारतीय क्रिकेट में चीजें कभी भी बदल सकती हैं। राहुल द्रविड़ पहले भारतीय टीम के मुख्य कोच नहीं बनना चाहते थे, लेकिन बाद में उन्होंने ये जिम्मेदारी संभाली। 2023 वर्ल्ड कप के बाद भी वह कोच पद छोड़ना चाहते थे, लेकिन रोहित शर्मा के कहने पर उन्होंने अपना कार्यकाल आगे बढ़ाया। इसी तरह मुख्य चयनकर्ता अजीत अगरकर के पद को लेकर भी अभी स्थिति साफ नहीं है। अगर अजीत अगरकर का कार्यकाल आगे नहीं बढ़ता है, तो कई पूर्व भारतीय क्रिकेटर इस पद के लिए दावेदारी कर सकते हैं।

लक्ष्मण अभी COE की जिम्मेदारी संभाल रहे

वीवीएस लक्ष्मण 2024 में भारतीय टीम के मुख्य कोच बनने की दौड़ में शामिल थे, लेकिन उन्होंने ये जिम्मेदारी लेने से इनकार कर दिया था। इसके बाद उन्होंने दो साल के लिए बेंगलुरु स्थित सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की जिम्मेदारी संभाली। रविवार को BCCI सचिव देवजीत सैकिया सेंटर ऑफ एक्सीलेंस पहुंचे और लक्ष्मण से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने भारतीय पुरुष टीम में बढ़ रही चोटों की स्थिति और उससे जुड़े मामलों की जानकारी ली।

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IND vs SL: जडेजा ने उतारी कुलदीप के बॉलिंग एक्शन की नकल, हंसी नहीं रोक पाए गंभीर, वीडियो वायरल

भारत और श्रीलंका के बीच 2 मैचों की टेस्ट सीरीज की शुरुआत 15 अगस्त से होगा। वहीं इस सीरीज से पहले भारतीय टीम कोलंबो में श्रीलंका क्रिकेट XI के खिलाफ तीन दिवसीय प्रैक्टिस मैच खेल रही है। वहीं इस टेस्ट मैच का एक वीडियो सोशल मीडिया पर काफी वायरल हो रहा है। इस वीडियो में दिन का खेल खत्म होने के बाद जडेजा ने कुलदीप यादव के गेंदबाजी एक्शन की मजेदार नकल करते हुए नजर आए। जडेजा की इस हरकत पर हेड कोच गौतम गंभीर भी अपनी हंसी नहीं रोक पाए।

जडेजा की टीम में हुई वापसी

प्रैक्टिस मैच के दूसरे दिन रवींद्र जडेजा ने शानदार बल्लेबाजी की और कप्तान शुभमन गिल की गैरमौजूदगी में नंबर-4 पर उतरकर नाबाद अर्धशतक लगाया। वहीं जून में अफगानिस्तान के खिलाफ खेले गए एकमात्र टेस्ट में रवींद्र जडेजा को टीम में जगह नहीं मिली थी। वहीं अब श्रीलंका के खिलाफ होने वाली दो टेस्ट मैचों की सीरीज के लिए उन्हें शामिल किया गया है। श्रीलंका के खिलाफ सीरीज में जडेजा टीम के लिए गेंदबाजी और बल्लेबाजी दोनों में अहम भूमिका निभा सकते हैं।

कुलदीप ने किया शानदार प्रदर्शन

कुलदीप यादव ने श्रीलंका के खिलाफ होने वाली टेस्ट सीरीज के लिए भारतीय टीम में शामिल हैं। प्रैक्टिस मैच में उन्होंने नंबर-8 पर बल्लेबाजी करते हुए 15 गेंदों में एक रन बनाया और नाबाद रहे। कुलदीप यादव ने अभ्यास मैच के पहले दिन गेंद से अच्छा प्रदर्शन किया और 18 ओवर में 76 रन देकर दो विकेट हासिल किए। लेकिन श्रीलंका के खिलाफ टेस्ट सीरीज में उनकी जगह अभी तय नहीं मानी जा रही है। प्लेइंग-11 में शामिल होने के लिए कुलदीप को राजस्थान के स्पिनर मानव सुथार से कड़ी प्रतिस्पर्धा मिल रही है। हाल ही में इंग्लैंड के खिलाफ तीन वनडे मैचों में भी कुलदीप को खेलने का मौका नहीं मिला था।

मानव सुथार का शानदार प्रदर्शन

मानव सुथार ने भी प्रैक्टिस मैच में अपने प्रदर्शन से प्रभावित किया है। जून में अफगानिस्तान के खिलाफ टेस्ट डेब्यू करने वाले सुथार ने उस मैच की पहली पारी में छह विकेट लिए थे। श्रीलंका क्रिकेट XI के खिलाफ अभ्यास मैच के पहले दिन उन्होंने दो विकेट हासिल किए, जबकि दूसरे दिन गेंदबाजी में 13 ओवर में 33 रन देकर 2 विकेट लिए। इसके अलावा उन्होंने बल्ले से भी योगदान दिया और 90 गेंदों पर 41 रन बनाए।