विश्वकप में 5वें स्थान रहने परे चक दे गर्ल्स को मिले 50 लाख रुपए

हॉकी इंडिया ने शुक्रवार को भारतीय महिला हॉकी टीम के लिए 50 लाख रुपये के नकद इनाम की घोषणा की। टीम ने पांच दशकों के बाद वर्ल्ड कप में ऐतिहासिक पांचवां स्थान हासिल किया है।

सलीमा टेटे की टीम ने गुरुवार को एमस्टेलवीन में 5वें/6वें स्थान के लिए हुए क्लासिफिकेशन मैच में दुनिया की नंबर 5 टीम जर्मनी को 3-1 से हराकर यह उपलब्धि हासिल की। यह टूर्नामेंट में भारत का अब तक का दूसरा सबसे अच्छा प्रदर्शन है; इससे पहले 1974 में हुए पहले टूर्नामेंट में टीम चौथे स्थान पर रही थी।

टीम ने पूरे टूर्नामेंट में सिर्फ़ एक हार का सामना किया। उन्होंने चीन, इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया जैसी बेहतर रैंकिंग वाली टीमों के साथ मैच ड्रॉ कराए और दक्षिण अफ्रीका को 6-1 से हराया। आखिर में, मुख्य कोच शुअर्ड मरिने के मार्गदर्शन में जर्मनी के खिलाफ जीत के साथ उन्होंने अपना अभियान पूरा किया।

इस उपलब्धि पर टीम को बधाई देते हुए हॉकी इंडिया के अध्यक्ष दिलीप टिर्की ने कहा, “यह भारतीय महिला हॉकी के लिए एक ऐतिहासिक नतीजा है। 52 साल बाद वर्ल्ड कप में पांचवां स्थान हासिल करना इस टीम की कड़ी मेहनत, हिम्मत और लड़ने के जज्बे का सबूत है, जो उन्होंने पूरे टूर्नामेंट के दौरान दिखाया। हॉकी इंडिया की ओर से, मैं टीम के लिए 50 लाख रुपये के नकद इनाम की घोषणा करते हुए खुशी महसूस कर रहा हूं। यह हमारी तरफ से उनकी सराहना का एक छोटा सा तोहफा है, और मुझे उम्मीद है कि इससे खिलाड़ियों को और बेहतर प्रदर्शन करने की प्रेरणा मिलेगी।”

इसी भावना को दोहराते हुए हॉकी इंडिया के महासचिव भोला नाथ सिंह ने कहा, “सलीमा और उनकी टीम ने देश का मान बढ़ाया है। उन्होंने दुनिया की कुछ बेहतरीन टीमों का मुकाबला किया और उनके सामने डटकर खेलीं। यह घोषणा उनके समर्पण और कड़ी मेहनत को सम्मान देने का हमारा तरीका है। हमें उम्मीद है कि इससे टीम को और प्रेरणा मिलेगी क्योंकि अब वे एशियाई खेलों पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं।”

रोमांचक मैच में भारत बेल्जियम से पेनल्टी शूटआउट से हारकर रहा आठवें स्थान पर

भारत बेल्जियम का मैच किसी भी हॉकी प्रेमी के लिए बहुत रोमांचक मैच रहा लेकिन यह मैच कभी इस तरफ तो कभी उस तरफ होता रहा। इसके साथ ही दोनों ही टीम के खिलाड़ियों को चोटों से जूझना पड़ा। खासकर मनप्रीत सिंह जिन्होंने अपने माथे पर चोट खा ली और खेल को काफी वक्त के लिए रोकना पड़ा उन्होंने स्ट्रेचर से जाने से मना कर दिया और चलकर मैदान छोड़ा। इसके बाद जरमनप्रीत की स्टिक बेल्जियम के खिलाड़ी के नाक पर लग गई। लेकिन भारत को रेड कार्ड नहीं मिला।

भारत ने इस मैच में पहले बढ़त बनाई। इसके बाद बेल्जियम ने दो गोल दागे। लेकिन भारत ने फिर से पलटवार कर बराबरी हासिल की। चौथे क्वार्टर में बेल्जियम ने मैदानी गोल दागा। भारत के लिए समय निकलता जा रहा था। लेकिन अंतिम 2.50 मिनट में भारत ने गोलकीपर सूरज करकेरा को बाहर बैठाकर दांव खेला जो अंतिम 30 सेकेंड में काम आया। पेनल्टी स्ट्रोक मिला जिस पर हरमनप्रीत सिंह ने गोल दागकर बराबरी की। हालांकि पेनल्टी शूटआउट की पटकथा भारत के खिलाफ रही।

भारतीय पुरुष हॉकी टीम को एफआईएच विश्व कप सह-मेजबान बेल्जियम के खिलाफ सातवें / आठवें स्थान के क्लासीफिकेशन के रोमांचक मुकाबले में शूटआउट में 3-4 से हार का सामना करना पड़ा।निर्धारित समय में दोनों टीमें 3-3 से बराबरी पर रहीं, लेकिन शूटआउट में बेल्जियम ने बाजी मारकर भारत को एफआईएच विश्व कप में आठवें स्थान पर रहने के लिए मजबूर कर दिया।

शूटआउट में भारत की ओर से शिलानंद लाकड़ा, दिलप्रीत सिंह और अभिषेक ने गोल किए, लेकिन यह टीम को जीत दिलाने के लिए पर्याप्त नहीं रहा।इससे पहले निर्धारित समय में भारत के लिए अभिषेक ने शुरुआती गोल किया, जबकि हरमनप्रीत सिंह ने दो गोल दागे। बेल्जियम की ओर से रोमन डुवेकोट, ह्यूगो लाबूशे और निकोलस डी केरपेल ने गोल किए।शूटआउट में बेल्जियम के खिलाड़ियों ने दबाव के बीच बेहतर संयम दिखाया और 4-3 से जीत दर्ज कर ली।

जर्मनी को 3-1 से हराकर चक दे गर्ल्स का कमाल, पाया विश्वकप में पांचवा पायदान

अगले महीने जापान में होने वाले एशियाई खेलों से पहले मनोबल बढ़ाने वाली जीत के साथ, भारतीय महिला हॉकी टीम ने हॉकी वर्ल्ड कप में शानदार समापन किया। टीम ने 5वें-छठे स्थान के लिए खेले गए मैच में दुनिया की नंबर 5 टीम जर्मनी को 3-1 से हराया। यह मैच गुरुवार शाम को खेला गया।

इस नतीजे से भारतीय महिला टीम को पांचवां स्थान मिला, जो 1974 में हुए पहले महिला वर्ल्ड कप (जिसमें वे चौथे स्थान पर रही थीं) के बाद से उनका वर्ल्ड कप में अब तक का सबसे अच्छा प्रदर्शन है। शुरुआती 30 मिनट तक कोई गोल नहीं हुआ, लेकिन तीसरे क्वार्टर में भारत ने शानदार आक्रामक खेल दिखाया। नवनीत कौर ने दो और इशिका ने एक गोल करके यादगार जीत पक्की की।

मैच की शुरुआत में दोनों टीमों ने सावधानी बरती, हालांकि शुरुआती दौर में जर्मनी का बॉल पर कब्ज़ा ज़्यादा रहा। धीरे-धीरे भारत ने अपनी लय पकड़ी; पांचवें मिनट में बलजीत कौर और साक्षी राणा ने दाहिने फ्लैंक से अच्छा तालमेल दिखाया। उनके मूव का अंत कप्तान सलीमा टेटे की ओर एक अच्छे पास के साथ हुआ, लेकिन जर्मन डिफेंस ने भारतीय कप्तान को गेंद को छूने का मौका नहीं दिया।

दोनों टीमें सर्कल में तो पहुंचीं लेकिन साफ शॉट नहीं लगा पाईं। 11वें मिनट में जर्मनी गोल के करीब पहुंची जब जोहाना हैचेनबर्ग ने रिवर्स हिट लगाने की कोशिश की, लेकिन एक भारतीय डिफेंडर ने समय रहते अपनी स्टिक अड़ाकर उसे रोक दिया। भारत ने लालरेम्सियामी के ज़रिए जवाब दिया; उन्हें 13वें मिनट में शिल्पी डबास से एक हिट मिली और उन्होंने जर्मन 23-मीटर एरिया के अंदर नवनीत को ढूंढने की कोशिश की, लेकिन पास उनकी साथी खिलाड़ी तक नहीं पहुंच पाया।

भारत के वीडियो रेफरल के बाद भी फैसला नहीं बदला और जर्मनी को 15वें मिनट में अपना पहला पेनल्टी कॉर्नर मिला। बिचू देवी ने शुरू में खतरा टाल दिया, लेकिन बाद में हुई गहमागहमी के दौरान गेंद एक भारतीय खिलाड़ी की स्टिक से ऊपर उठ गई, जिससे जर्मनी को एक और पेनल्टी कॉर्नर मिला। जर्मनी ने एक वेरिएशन आज़माया लेकिन गलत तालमेल के कारण गेंद खेल के दायरे से बाहर चली गई।

भारत ने दूसरे क्वार्टर में अपना सबसे अच्छा मौका बनाया जब दीपिका ने नवनीत को गेंद दी, जिन्होंने आगे लालरेम्सियामी को मौका दिया। हालांकि, उनका शॉट निशाने से चूक गया। इसके तुरंत बाद जर्मनी को एक और पेनल्टी कॉर्नर मिला, लेकिन बॉल ठीक से नहीं आई और भारत ने खतरा टाल दिया। जर्मनी की इनेस वानर का शॉट भी बाहर चला गया, जिसके बाद भारत ने लगातार कई हमले किए। नवनीत और सलीमा टेटे ने मिलकर जर्मन गोलकीपर फिंजा स्टार्क की परीक्षा ली, जिन्होंने लगातार तीन बचाव करके हाफ-टाइम तक स्कोर बराबर रखा।

आखिरकार 43वें मिनट में भारत को सफलता मिली। नेहा ने बॉल पर कब्ज़ा किया और तेज़ी से इशिका को पास दिया; इशिका के पास दोनों तरफ़ विकल्प थे, लेकिन उन्होंने खुद जर्मन डिफेंस का सामना करने का फैसला किया। उनके मज़बूत रन का अंत एक शानदार फिनिश के साथ हुआ, जिससे भारत को 1-0 की बढ़त मिल गई।

इसके ठीक एक मिनट बाद भारत ने अपनी बढ़त दोगुनी कर दी। लगातार दबाव बनाने के बाद भारत को पेनल्टी कॉर्नर मिला, और जब नवनीत का पहला सीधा शॉट एक जर्मन डिफेंडर को लगा, तो भारत को एक और पेनल्टी कॉर्नर मिला। इस बार, नवनीत ने ज़ोरदार शॉट मारकर गैप ढूंढा और स्कोर 2-0 कर दिया।

भारत ने आखिरी क्वार्टर में भी अपना मोमेंटम बनाए रखा और 47वें मिनट में फिर से गोल किया। सलीमा ने बेसलाइन के पास नवनीत को बॉल दी, और इस फॉरवर्ड खिलाड़ी ने शानदार तरीके से दो डिफेंडरों को छकाया और बॉल को नेट में डालकर अपना दूसरा गोल किया।

जर्मनी ने वापसी की कोशिश की, और 50वें मिनट में लिन क्रिंग्स का डिफ्लेक्शन गोल करने से बस थोड़ा ही चूक गया। आखिरकार क्रिंग्स ने 59वें मिनट में एक गोल किया, लेकिन यह सिर्फ़ हार के अंतर को कम करने वाला गोल साबित हुआ। खेल खत्म होने में 12 सेकंड बाकी रहते जर्मनी को एक आखिरी पेनल्टी कॉर्नर मिला, लेकिन भारत के डिफेंस ने मज़बूती से बचाव किया और 3-1 की यादगार जीत हासिल की।

भारत ने टूर्नामेंट का समापन छह मैचों में दो जीत, तीन ड्रॉ और एक हार के साथ किया। उन्हें एकमात्र हार मौजूदा चैंपियन नीदरलैंड्स के खिलाफ़ मिली, जबकि उन्होंने बेहतर रैंकिंग वाली चीन, इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया जैसी टीमों के साथ मैच ड्रॉ कराए और दक्षिण अफ्रीका को 6-1 से हराकर वर्ल्ड कप में अपनी सबसे बड़ी जीत दर्ज की।

हालांकि वे बहुत कम अंतर से सेमीफाइनल में जगह बनाने से चूक गए, लेकिन पांचवां स्थान हासिल करना एक बड़ी प्रगति है और इससे टीम को अगले महीने जापान में होने वाले एशियाई खेलों से पहले काफी आत्मविश्वास मिला है।

3-5 से अर्जेंटीना से हारकर भारतीय हॉकी टीम हुई विश्वकप से बाहर

एम्सटेलवीन में अपने सबसे ज़रूरी पुरुष हॉकी वर्ल्ड कप 2026 पूल ई मुकाबले में भारत निराशाजनक प्रदर्शन करते हुए सोमवार को अर्जेंटीना से 3-5 से हारकर सेमीफाइनल की दौड़ से बाहर हो गया। हालांकि भारत ने आखिरी मिनटों में दो गोल दागे लेकिन शुरूआती लड़खड़ाहट ने भारत का काम खराब किया।

मैच के पहले तीनों गोल पहले क्वार्टर में हुए। अर्जेंटीना ने दो गोल की बढ़त बना ली थी, लेकिन भारत ने एक गोल वापस कर लिया। अर्जेंटीना के जोकिन टोस्कानी ने सिर्फ़ 39 सेकंड में गोल किया, और निकोलस डे ला टोरे ने छठे मिनट में पेनल्टी कॉर्नर पर गोल कर बढ़त दोगुनी कर दी। हालांकि, सुखजीत सिंह ने 34वें मिनट में भारत के लिए पहला गोल करके बढ़त कम कर दी।

टॉमस डोमेन ने 33वें और 45वें मिनट में दो गोल दागकर बढ़त को 4-1 पहुंचकर भारत का संघर्ष समाप्त कर दिया। डोमेन ने तीसरा गोल मैदानी किया और उनका चौथा गोल पेनल्टी स्ट्रोक पर आया। लुकास टोस्कानी ने 53वें मिनट में अर्जेंटीना का पांचवां गोल दाग दिया। हालांकि भारत ने सुखजीत सिंह के जरिये 58वें मिनट में अपना दूसरा गोल किया लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। भारत को आखिरी मिनट में पेनल्टी स्ट्रोक मिला जिस पर हार्दिक सिंह ने भारत का तीसरा गोल किया।

पिछले मैच में नीदरलैंड से हारने के बाद भारत पूल ई से अंतिम चार की दौड़ से लगभग बाहर ही हो गया था लेकिन अर्जेंटीना की इंग्लैंड पर जीत के बाद तकनीकी तौर पर उसके रास्ते खुले थे । इसके लिये उसे कम से कम तीन गोल के अंतर से जीत दर्ज करनी थी । भारत ने पहले छह मिनट में ही दो गोल गंवा दिये और इस दबाव से टीम निकल ही नहीं सकी । खराब पासिंग, गेंद पर कब्जा गंवाने और डिफेंस में ढिलाई का खामियाजा भारत को भुगतना पड़ा । आखिर में भारत ने दो मिनट के भीतर दो गोल किये लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी ।

इस पूल से नीदरलैंड पहले ही सेमीफाइनल में पहुंच चुका है और अब दूसरी टीम का फैसला इंग्लैंड और नीदरलैंड के बीच होने वाले आखिरी पूल मैच से होगा ।

FIH Hockey World Cup में भारत ने पाकिस्तान को 5-3 से हराया

पाकिस्तान के खिलाफ पिछले एक दशक से चले आ रहे अजेय अभियान को जारी रखते हुए भारत ने एफआईएच विश्व कप के अहम मुकाबले में बुधवार को चिर प्रतिद्वंद्वी को 5-3 से हराकर दूसरे दौर में प्रवेश कर लिया जबकि इस हार के साथ पाकिस्तान की पहले दौर से रवानगी तय हो गई।

आठ साल बाद विश्व कप खेल रही पाकिस्तानी टीम पहले क्वार्टर में ही दो गोल गंवाने के बाद दबाव में आ गई थी । दूसरे क्वार्टर में दो गोल करके उसने वापसी की कोशिश की लेकिन पिछले दो ओलंपिक में कांस्य पदक जीत चुकी भारतीय टीम अपेक्षा के अनुरूप उस पर भारी पड़ी।

भारत के लिये कप्तान हरमनप्रीत सिंह ने (पांचवां और 21वां) पेनल्टी कॉर्नर पर दो गोल किये जबकि अभिषेक (11वां और 24वां) ने दो शानदार फील्ड गोल दागे । हार्दिक सिंह ने 34 वें मिनट में पेनल्टी स्ट्रोक पर गोल किया।पाकिस्तान के लिये हन्नान शाहिद (22वां और 46वां) ने दो फील्ड गोल किये जबकि सूफियान शेख (24वां ) ने पेनल्टी कॉर्नर को गोल में बदला।पूल डी से इंग्लैंड और भारत ने दूसरे दौर के लिये क्वालीफाई कर लिया । इंग्लैंड से पहले दौर में हारने वाली भारतीय टीम दूसरे दौर में कोई अंक लेकर नहीं जायेगी।

भारत और पाकिस्तान विश्व कप में 16 साल बाद आमने सामने थे और पिछली बार दिल्ली में 2010 विश्व कप में भी भारत ने पाकिस्तान को 4-1 से हराया था । वेगनेर स्टेडियम पर दोनों टीमों की टक्कर 1973 में हुई थी जब भारत ने पाकिस्तान को सेमीफाइनल में एक गोल से हराकर फाइनल में जगह बनाई थी।

पाकिस्तान के लिये यह मैच करो या मरो का था जिसे इंग्लैंड ने 4 -1 से हराया था जबकि वेल्स के खिलाफ मैच ड्रॉ रहा था।भारत ने पहले ही मिनट से आक्रामक खेल दिखाया और शुरूआती पंद्रह मिनट में पूरा खेल पाकिस्तान के सर्कल में हुआ । भारत ने पहले क्वार्टर में चार पेनल्टी कॉर्नर बनाये जिनमें से दूसरे पर पांचवें मिनट में हरमनप्रीत ने गोल करके बढत बना ली । इससे पहले सुखजीत ने बायें फ्लैंक से गेंद सर्कल पर अभिषेक को सौंपी लेकिन पाकिस्तानी गोलकीपर अली रजा ने अच्छा बचाव किया।भारत को अगले मिनट तीसरा पेनल्टी कॉर्नर मिला और इस बार पाकिस्तान के गोलकीपर ने हरमनप्रीत की फ्लिक को भांपकर गोल नहीं होने दिया।

अपना पहला विश्व कप खेल रहे आदित्य लालागे जबर्दस्त ड्रिबलिंग का प्रदर्शन करते हुए गेंद लेकर डी के भीतर घुसे लेकिन शानदार मूव को फिनिशिंग टच नहीं दे सके।शानदार फॉर्म में दिख रहे अभिषेक ने भारत को बढत दिलाई। हरमनप्रीत से हवा में गेंद लेकर अभिषेक ने बेहतरीन नियंत्रण का प्रदर्शन करते हुए गोल पर निशाना साधा जबकि पाकिस्तान का पूरा डिफेंस उन्हें घेरे हुए था । गेंद पाकिस्तानी डिफेंडर की स्टिक से लगकर गोल के भीतर गई।

भारत को 13वें मिनट में चौथा पेनल्टी कॉर्नर मिला जिस पर हरमनप्रीत चूक गए । पहले क्वार्टर में भारत ने दो गोल की बढत बना ली थी।पाकिस्तान ने मैच का पहला मूव 18वें मिनट में बनाया लेकिन भारतीय डिफेंस को भेद नहीं सके। अगले मिनट पलटवार पर भारत ने पेनल्टी कॉर्नर बनाया जिस पर वैरिएशन में कामयाबी मिली।

हरमनप्रीत ने सीधे शॉट लेने की बजाय पीछे खड़े राजिंदर को गेंद सौंपी जिनके शॉट को पाकिस्तानी गोलकीपर ने बचा लिया लेकिन गेंद लौटकर हरमनप्रीत के पास आई जिनके दमदार शॉट पर गेंद सीधे गोल के भीतर जाकर रूकी। इससे पहले दीर्घा में किसी दर्शक को गेंद लगने से कुछ सेकंड खेल रोकना पड़ा।

तीन गोल गंवाने के बाद पाकिस्तानी टीम हरकत में आई और 22वें मिनट में इसका नतीजा पहले गोल के रूप में मिला। हन्नान शाहिद को डी के भीतर गेंद मिली जिनका पहला शॉट भारतीय गोलकीपर सूरज करकेरा ने बचा लिया लेकिन रिबाउंड पर उसे रोक नहीं सके।

अभिषेक ने जबर्दस्त कौशल का प्रदर्शन करते हुए अगले ही मिनट पाकिस्तानी डिफेंस को फिर दबाव में ला दिया। जुगराज से मिले लांग पास पर डी के भीतर बेहतरीन ड्रिबल करते हुए गेंद लेकर गए अभिषेक ने निशाना साधा और गेंद पाकिस्तानी डिफेंडर की स्टिक से टकराकर भीतर गई। पाकिस्तान को मैच का पहला पेनल्टी कॉर्नर 24वें मिनट में मिला जिस पर सूफियान ने गोल दागा।

अगले ही मिनट सुमित की गलती पर पाकिस्तान को एक और पेनल्टी कार्नर मिला लेकिन इस बार सुमित ने ही बचाव करके पाकिस्तान को तीसरा गोल नहीं करने दिया। सुखजीत को ब्रेक से ठीक पहले ग्रीनकार्ड मिला जिससे भारत दो मिनट तक दस खिलाड़ियों के साथ खेला।

भारत ने आक्रामक शुरूआत की लेकिन दूसरे क्वार्टर में पाकिस्तान ने दो गोल करके वापसी की कोशिश की । ब्रेक के समय स्कोर 4 -2 था।

भारत के लिये पांचवां गोल पेनल्टी स्ट्रोक पर हार्दिक सिंह ने किया । आदित्य लालागे को पाकिस्तानी डिफेंडर ने अरशद लियाकत ने बाधा पहुंचाई जिसका खामियाजा उन्हें पेनल्टी स्ट्रोक गंवाकर भुगतना पड़ा । पाकिस्तानी टीम ने दबाव में कई गलतियां की और तीन मिनट बाद फिर पेनल्टी कॉर्नर गंवाया।

हरमनप्रीत मैदान पर नहीं थे और अमित रोहिदास की स्लैप हिट गोलकीपर ने रोक दी । भारत के पास 41वें मिनट में गोल करने का सुनहरा मौका था जब सुखजीत लंबे पास पर गेंद लेकर भीतर गए और सामने सिर्फ पाकिस्तानी गोलकीपर था लेकिन वह सही निशाना नहीं लगा सके।

 अगले मिनट पाकिस्तान को पेनल्टी कॉर्नर मिला लेकिन सूफियान की ड्रैग फ्लिक को रोहिदास ने रोक लिया । गेंद भीतर ही थी जिसे भारतीय डिफेंस ने मुस्तैदी से बाहर निकाल दिया । आखिरी क्वार्टर की शुरूआत में ही हार्दिक ने मिडफील्ड में गेंद गंवाई और भारत के खाली पड़े डिफेंस का फायदा उठाते हुए हन्नान ने आसान गोल दागा।

भारत को 49वें मिनट में फिर मौका मिला जब अभिषेक ने गेंद छीनकर दिलप्रीत को सौंपी लेकिन वह उस पर कब्जा बरकरार नहीं रख पाये । इसके दो मिनट बाद सर्कल के भीतर सुखजीत से मिले पास पर अभिषेक निशाना नहीं साध सके।

आदित्य लालागे को 56वें मिनट में पीला कार्ड मिलने से भारत को आखिरी मिनटों में दस खिलाड़ियों के साथ खेलना पड़ा । पाकिस्तान को आखिरी सीटी बजने से दो मिनट पहले पेनल्टी कॉर्नर मिला लेकिन वैरिएशन नाकाम रहा। 

विश्वकप में भारतीय हॉकी टीम को इंग्लैंड ने 2-4 से हराकर चौंकाया

भारत को FIH पुरुष हॉकी वर्ल्ड कप 2026 के पूल डी मैच में इंग्लैंड के हाथों सोमवार को 2-4 से हार का सामना करना पड़ा।मैच की शुरुआत में पहले क्वार्टर में निक बांडुरक ने गोल करके इंग्लैंड को बढ़त दिलाई, लेकिन दूसरे क्वार्टर में कप्तान हरमनप्रीत सिंह और दिलप्रीत सिंह के गोल की बदौलत भारत ने जोरदार वापसी की।

हालांकि, आखिरी दो क्वार्टर में इंग्लैंड ने भारत को पीछे छोड़ दिया। तीसरे क्वार्टर में स्टुअर्ट रशमेयर और हेनरी क्रॉफ्ट ने गोल करके इंग्लैंड को बढ़त दिलाई, जबकि बांडुरक ने एक और गोल करके इंग्लैंड की जीत पक्की कर दी।

इस नतीजे का मतलब है कि अगले दौर में जगह पक्की करने के लिए भारत को पाकिस्तान के खिलाफ अपना आखिरी पूल मैच जीतना होगा। क्वालिफिकेशन पक्का करने के लिए भारत को जीतना ज़रूरी है, लेकिन अगर मैच ड्रॉ होता है तो उनके बाहर होने का खतरा रहेगा। हारने पर वे वर्ल्ड कप से पूरी तरह बाहर हो जाएंगे।19 अगस्त को होने वाले इस बड़े मुकाबले पर सबकी नज़रें टिकी हैं!

दूसरे क्वार्टर में दो गोल करने वाली भारतीय टीम ने आखिरी 30 मिनट में इंग्लैंड को डिफेंस में सेंध लगाने का मौका दे दिया । इंग्लैंड के लिये निकोलस बेंडारूक ने (14वें और 55वें मिनट ) दो गोल किये जबकि स्टुअर्ट रशमेयेर ने 39वें और हेनरी क्रोफ्ट ने 43वें मिनट में गोल दागा । भारत के लिये कप्तान हरमनप्रीत सिंह (17वां ) और दिलप्रीत सिंह (25वां ) ने गोल किये।

पूल डी में दोनों मैच जीतकर इंग्लैंड शीर्ष पर है जबकि एक जीत और एक हार के बाद भारत दूसरे स्थान पर है । वेल्स से ड्रॉ खेलने के बाद पाकिस्तान एक हार और एक ड्रॉ के साथ तीसरे और वेल्स गोल औसत के आधार पर आखिरी स्थान पर है।

विश्वकप में क्या खुलेगा चक दे गर्ल्स का खाता? कल सामने होगी द.अफ्रीका

चीन के साथ कड़े मुकाबले में 2-2 से ड्रॉ खेलने के बाद अपनी पहली जीत की उम्मीद में भारतीय महिला टीम कल FIH वर्ल्ड कप हॉकी टूर्नामेंट में अपने दूसरे पूल डी मैच में दक्षिण अफ्रीका का सामना करेगी। भारत ने चीन के खिलाफ अच्छी शुरुआत की, जिसमें नवनीत और दीपिका ने गोल करके अपनी शानदार फॉर्म जारी रखी।

चीन ने दो बार वापसी करते हुए बराबरी की, लेकिन भारत की अनुशासित रक्षापंक्ति और लड़ने के जज्बे ने उन्हें टूर्नामेंट की प्रमुख टीमों में से एक के खिलाफ एक अहम अंक दिलाने में मदद की। इस नतीजे से दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ होने वाले मैच से पहले भारत का आत्मविश्वास बढ़ेगा, साथ ही यह भी पता चलेगा कि अपनी सकारात्मक लय को तीन अंक में बदलना कितना जरूरी है।

वहीं, दक्षिण अफ्रीका अपने पहले मैच में इंग्लैंड से 4-0 से हारने के बाद वापसी करने के लिए उत्सुक होगा। इंग्लैंड अभी पूल में सबसे आगे है, जबकि भारत और चीन पहले दिन ड्रॉ खेलने के बाद अंक के मामले में दूसरे स्थान पर हैं। टूर्नामेंट के पहले चरण से हर पूल की शीर्ष दो टीमें आगे बढ़ेंगी और सेमीफाइनल की दौड़ में बनी रहेंगी, इसलिए हर अंक बहुत अहम हो जाता है।

इसलिए भारत इस मुकाबले में यह जानते हुए उतरेगा कि जीत से उनके क्वालिफिकेशन की उम्मीदों को बड़ा बढ़ावा मिल सकता है। भारत के लिए चुनौती यह होगी कि वे चीन के खिलाफ दिखाई गई तीव्रता और संयम को बनाए रखें और साथ ही अटैकिंग थर्ड में और अधिक सटीक खेलें।

टूर्नामेंट की शुरुआत में नवनीत और दीपिका की फॉर्म आत्मविश्वास का बड़ा स्रोत होगी, जबकि दबाव झेलने की टीम की क्षमता का फिर से परीक्षण किया जाएगा। दूसरी ओर, दक्षिण अफ्रीका अपनी शुरुआती हार के बाद मजबूत वापसी करने के लिए पूरी तरह तैयार होगा। भारत को एक ऐसी टीम से कड़े मुकाबले की उम्मीद करनी चाहिए जिसके पास दांव पर लगाने के लिए बहुत कुछ है।

भारतीय टीम चीन के खिलाफ दिखाए गए भरोसे और जीतने की जबरदस्त इच्छाशक्ति से आत्मविश्वास हासिल करेगी। अब, इस विश्व कप में अपनी पहली जीत पर नजर रखते हुए, भारत उसी आधार को आगे बढ़ाना चाहेगा, तीन अहम अंक हासिल करना चाहेगा और कड़े मुकाबले वाले पूल डी में अपनी स्थिति मजबूत करना चाहेगा।

मैच का समय – शाम 6.30 बजे

कहां देखें- स्टार सिलेक्ट या फिर जियो हॉटस्टार पर

Ultraviolette registers highest monthly sales yet in July 2026

Ultraviolette registers highest monthly sales yet in July 2026
Multiple Ultraviolette F77 bikes inside the factory

Since their inception, Ultraviolette Automotive has been focussed on the premium end of the EV two-wheeler market with their products prices from Rs 2.49 lakh to Rs 4.59 lakh, a challenge for high sales numbers. However, with the changing winds in the ICE world, Ultraviolette looks to have turned a corner for the better. With almost no direct competition, this shouldn’t be a surprise, but it’s noteworthy regardless.

  1. Ultraviolette registers 406 percent increase in sales YoY
  2. BaaS and more versatile X-47 model looks to have helped this
  3. Ultraviolette has two more lower price models in the works

Largest EV motorcycle monthly sales in July 2026

Only behind Revolt and Oben

As per the retail sales data on the Vaahan portal, Ultraviolette Automotive has delivered 694 units in July 2026, a 406 percent increase compared to last year. Till July 2026, the brand has sold 3200 vehicles, the best since the brand was founded in 2023. Although the increase in sales numbers could be attributed to them offering more products, it’s hard not to consider this a sign of premium motorcycle buyers now trusting EV motorcycles more.

The brand is showing no signs of slowing down either. Already present in 40 locations across India, the brand intends to increase that number to 100 by the end of 2026. It’s worth mentioning that they had recently opened their first showroom in the North east, in Aizwal, Mizoram. The focussed efforts from the brand should help them finish the year on a high note, considering the upcoming festive season.

If we consider the sales numbers of other EV manufacturers who sell motorcycles, the brands ahead of Ultraviolette are Revolt Motors (6,876 units so far in 2026) and Oben Electric (3,347 units so far in 2026). However, it should be noted that Ultraviolette operates at a considerably higher premium level compared to these two brands. Other EV manufacturers who currently offer EV motorcycles in their lineup are Ola, KLB Komaki, Matter Motor Works, Okaya EV, Wardwizard Innovations, and the latest entrant Royal Enfield with their Flying Flea sub brand.

In addition to their current lineup of four motorcycles (F77 Mach 2, F77 Superstreet, X-47, and X-47 Desert Wing), Ultraviolette is also preparing to launch their first-ever scooter, the Tesseract, and an off-roader, the Shockwave. The Shockwave, starting at Rs 1.75 lakh, is aimed at eco-friendly and efficient city commutes and short weekend, adventure-focussed rides. The Tesseract on the other hand is expected to be priced at Rs 1.45 lakh with a claimed 261km IDC range and a top speed of 125kph. Deliveries for the Shockwave were previously supposed to start in Q2 2026 (we’re currently in Q3), and the Tesseract delivery has been delayed to Q1 of 2027.

What made this possible for Ultraviolette

The brand has upcoming challenges and opportunities

The two biggest factors that look to have helped the brand increase their numbers are the BaaS option from the brand for all their motorcycles and of course, the uncertainty surrounding ICE vehicles at the moment. The brand, however, is also looking to improve their existing international presence. Speaking to Autocar Professional, the CEO Narayan Subramaniam said “India is a key market but we were clear right at the start that we need to take this brand global. Europe is critical because it has amongst the most stringent certification processes. While the F-77 has been certified for sale in Europe, certification for the X-47 is at an advanced stage, and the bike should hit the European market this year as well. At present, we are in about 10 countries across Europe, including Germany, France, the UK, Spain, Portugal, the Netherlands, Belgium and Italy.”

With their current momentum and the upcoming favourable winds, the brand is looking to increase their numbers and subsequently their market share further. The only other player currently capable to take them head on, surprisingly, is Royal Enfield, who started selling their Flying Flea C6 in April 2026 with a Scrambler-like S6 on the way; but, their sales numbers are much lower with the brand selling a total of 124 units till July 2026. That said, the Flying Flea C6 is currently available only in Bengaluru.

Developments on the EV motorcycle space have been slow mainly because customers are expected to pay higher prices for a less capable machine for the money, especially compared to their ICE counterparts. The EV two-wheeler market has so far been carried forward by scooters. As such, EV motorcycles doing even a small fraction of the 13 million vehicle sales done by ICE two-wheelers should be phenomenal, and assuming Ultraviolette Automotive continues to make the right moves, it should remain a key name in the field.

Mercedes-Benz India unveils AI-powered car scanner for servicing

Mercedes-Benz India unveils AI-powered car scanner for servicing
Mercedes-Benz India unveils AI-powered car scanner for servicing

Mercedes-Benz India has revealed an AI-powered device that enables quicker vehicle inspection upon entry to its service centre. Dubbed the XENTRY Scanner, the service debuted at the brand’s newly established centre by Landmark Cars in Jogeshwari, Mumbai.

  1. Mercedes’ first AI-powered car scanning system arrives at its largest workshop in Mumbai.
  2. Uses a 360-degree camera system to identify damage on a car’s exterior.
  3. Service Select debuts as a new scheme for older Mercedes vehicles.

Currently, the scanner is the only one of its kind in India at this service centre, which spans around 58,000 sq. ft., making it the brand’s largest in Mumbai. This facility consists of 16 preventive maintenance and general repair bays, 9 body and paint bays and 9 supporting bays, supported by a dedicated 6,000 sq. ft. spare-parts area.

How does Mercedes’ XENTRY Car Scanner work?

The brand calls it an MRI scanner for its cars

Mercedes-Benz’s XENTRY car scanner.

As the car enters the workshop, it is made to pass through the XENTRY scanner. The scanner utilises a 360-degree high-resolution camera system comprising 13 cameras and a LiDAR sensor. Images of the car are captured and analysed across four categories: body, underbody, windshield and tyres. The system captures 150 images within 3 to 5 seconds and then transmits the data to the Mercedes-Benz cloud.

Artificial intelligence then comes into play, identifying every kind of damage on the car’s exterior, even the ones that aren’t visible to the naked eye. It also provides in-depth tyre information, including their health, tread depth and braking performance. To maintain privacy, the system does not capture images of the driver. The findings are added directly to the job card of the particular car without manual entry, enabling better co-ordinated workshop processes. Mercedes says the process is entirely paperless, reducing walking distances, waiting times and paperwork that traditionally accompanied service reception.

Speaking about the thinking behind such initiatives, Mr Santosh Iyer, MD and CEO, Mercedes-Benz India said, “Productivity has to be the core. Reason being, from a real estate perspective, you need to turn cars around faster, while initiatives like the car scanner are more of a productivity enhancement. But on the customer side too, they expect the car to be turned around quickly, which is a pure mobility requirement for the customer.”

Through AI, external wear and tear is automatically detected by the XENTRY car scanner.

Next, a service advisor receives all the information on a tablet and informs the customer of a detailed list of vehicle wear and tear. It is then up to the customer to approve servicing of the concerned parts on the spot. The brand claims that a digital record of service status eliminates the need for manual inspections by the customer.

Interestingly, Landmark’s own internal research points to a shift in service revenue coming from EV adoption growth. “Landmark did a study of the service cost of EV versus ICE. Over the last six months, they’ve seen that the cost is the same in terms of maintenance. But this isn’t coming from maintenance; it’s coming from the body shop. More of the latter is done on EVs compared to ICE cars, said Mr Iyer.

At around 58,000 sq ft, the Landmark Cars workshop in Jogeshwari is the brand’s largest in Mumbai.

India now adds to the list of countries to offer Mercedes’ XENTRY scanner. Previously, the tech was available in international markets like Germany, Italy, Korea, the Netherlands, Switzerland, and Turkey. Furthermore, Mercedes-Benz plans to expand to more than 20 ‘world-class’ luxury outlets in 2026 in India, supported by an investment of more than Rs 450 crore by franchise partners over the next two years.

Mercedes Service Select: A service plan for older Mercedes vehicles

While Mercedes-Benz provides a standard 3-year warranty on new cars, it has also introduced a new service scheme for older vehicles. Called ‘Service Select’, Mercedes cars 7 years or older are eligible for this service. The scheme enables up to 25 percent savings for periodic service and brake care, a 2-year warranty on spare parts, benefits of its ‘Mobilio Lite’ service facility, and residual value protection of the vehicle.

With inputs from Hormazd Sorabjee

इन दो असोसिएट देशों ने विश्वकप फॉर्मेट को लेकर खोला ICC के खिलाफ मोर्चा

क्रिकेट स्कॉटलैंड और रॉयल डच क्रिकेट एसोसिएशन ने पुरुषों के वनडे वर्ल्ड कप के फ़ॉर्मेट में आईसीसी के हालिया बदलावों पर गहरी निराशा जताते हुए एक कड़ा संयुक्त बयान जारी किया है।बयान के अनुसार, दोनों बोर्डों ने अन्य एसोसिएट सदस्यों के साथ मिलकर आईसीसी से दो बार मुलाक़ात की और बदलावों के बारे में आधिकारिक लिखित जानकारी और इस प्रक्रिया के बारे में ज़्यादा स्पष्टता की मांग की।

हालाँकि, उन्होंने दावा किया कि दूसरी बैठक के दो हफ़्ते से ज़्यादा समय बीत जाने के बाद भी आईसीसी की ओर से कोई जवाब नहीं मिला है, जिसे उन्होंने “निराशाजनक” और “अनादरपूर्ण” बताया। इन बदलावों को एसोसिएट सदस्यों के लिए एक झटका मानते हुए, बयान में कहा गया है कि नया फ़ॉर्मेट “हाल के वर्षों में वैश्विक स्तर पर खेल को आगे बढ़ाने में हुई प्रगति को कमज़ोर करने का जोखिम पैदा करेगा”।

बयान में कहा गया, “ऐसे समय में जब क्रिकेट अपनी पहुँच बढ़ाना चाहता है, नए दर्शकों को आकर्षित करना चाहता है और अंतरराष्ट्रीय खेल जगत में अपनी स्थिति मज़बूत करना चाहता है, उभरते देशों के लिए सार्थक मौकों को कम करना पूरी तरह से गलत संदेश देता है।”

बोर्डों ने यह भी कहा कि महत्वपूर्ण फ़ैसले, खासकर वे जो सीधे एसोसिएट सदस्यों को प्रभावित करते हैं, उनसे सलाह लेने और “पर्याप्त सूचना” देने के बाद ही लिए जाने चाहिए ताकि उनके असर को अच्छी तरह समझा जा सके। “इन बदलावों से अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट की अखंडता और विश्वसनीयता कमज़ोर होने का जोखिम है, और यह मज़बूत गवर्नेंस, पारदर्शी फ़ैसला लेने की प्रक्रिया और सदस्यों के साथ प्रभावी जुड़ाव के महत्व को उजागर करता है। सदस्य और उनके खिलाड़ी वर्ल्ड कप की तैयारी में सालों लगाते हैं, और उन रास्तों पर भरोसा इस बात पर निर्भर करता है कि बिना सलाह-मशविरे के क्वालिफ़िकेशन साइकल के बीच में उन्हें बदला न जाए।”

बयान में कहा गया, “कम समय में उन ढांचों को बदलने से काफी अनिश्चितता पैदा होती है, प्लानिंग में रुकावट आती है और उन संगठनों पर अतिरिक्त ऑपरेशनल और फाइनेंशियल दबाव पड़ता है जो पहले से ही सीमित संसाधनों के साथ काम कर रहे हैं।”

पिछले महीने शुरू किए गए वनडे वर्ल्ड कप के नए फॉर्मेट में टीमों की संख्या 10 से बढ़ाकर 14 कर दी गई है, लेकिन इसमें चार राउंड भी शामिल हैं, जिसमें ग्रुप स्टेज से पहले राउंड-रॉबिन “सुपर सीरीज़” होगी। 12, 13 और 14 नंबर की टीमों में से दो टीमें राउंड 2 में आगे बढ़ेंगी और एक टीम तुरंत बाहर हो जाएगी।

नीदरलैंड और स्कॉटलैंड दोनों ही वर्ल्ड कप क्वालीफायर में पहुंच गए हैं, जो फरवरी 2027 में खेला जाएगा। इसके लिए जगह अभी तय नहीं हुई है। वनडे वर्ल्ड कप के फॉर्मेट में बदलाव से तुरंत चिंताएं पैदा हो गई हैं, खासकर इसलिए क्योंकि अगला एडिशन अगले साल अक्टूबर में शुरू होने वाला है।

बयान में आगे कहा गया, “टूर्नामेंट में अठारह महीने से भी कम समय बचा है, ऐसे में इन बदलावों के समय ने प्रभावित सदस्यों को इस प्रक्रिया में योगदान देने या उसके अनुसार ढलने का बहुत कम मौका दिया है। हमारा मानना है कि एसोसिएट सदस्यों के साथ बेहतर जुड़ाव से एक अधिक प्रभावी और सहयोगी दृष्टिकोण को बढ़ावा मिलता और क्वालिफिकेशन प्रक्रिया में भरोसा बनाए रखने में मदद मिलती।”