Mercedes-Benz India unveils AI-powered car scanner for servicing

Mercedes-Benz India unveils AI-powered car scanner for servicing
Mercedes-Benz India unveils AI-powered car scanner for servicing

Mercedes-Benz India has revealed an AI-powered device that enables quicker vehicle inspection upon entry to its service centre. Dubbed the XENTRY Scanner, the service debuted at the brand’s newly established centre by Landmark Cars in Jogeshwari, Mumbai.

  1. Mercedes’ first AI-powered car scanning system arrives at its largest workshop in Mumbai.
  2. Uses a 360-degree camera system to identify damage on a car’s exterior.
  3. Service Select debuts as a new scheme for older Mercedes vehicles.

Currently, the scanner is the only one of its kind in India at this service centre, which spans around 58,000 sq. ft., making it the brand’s largest in Mumbai. This facility consists of 16 preventive maintenance and general repair bays, 9 body and paint bays and 9 supporting bays, supported by a dedicated 6,000 sq. ft. spare-parts area.

How does Mercedes’ XENTRY Car Scanner work?

The brand calls it an MRI scanner for its cars

Mercedes-Benz’s XENTRY car scanner.

As the car enters the workshop, it is made to pass through the XENTRY scanner. The scanner utilises a 360-degree high-resolution camera system comprising 13 cameras and a LiDAR sensor. Images of the car are captured and analysed across four categories: body, underbody, windshield and tyres. The system captures 150 images within 3 to 5 seconds and then transmits the data to the Mercedes-Benz cloud.

Artificial intelligence then comes into play, identifying every kind of damage on the car’s exterior, even the ones that aren’t visible to the naked eye. It also provides in-depth tyre information, including their health, tread depth and braking performance. To maintain privacy, the system does not capture images of the driver. The findings are added directly to the job card of the particular car without manual entry, enabling better co-ordinated workshop processes. Mercedes says the process is entirely paperless, reducing walking distances, waiting times and paperwork that traditionally accompanied service reception.

Speaking about the thinking behind such initiatives, Mr Santosh Iyer, MD and CEO, Mercedes-Benz India said, “Productivity has to be the core. Reason being, from a real estate perspective, you need to turn cars around faster, while initiatives like the car scanner are more of a productivity enhancement. But on the customer side too, they expect the car to be turned around quickly, which is a pure mobility requirement for the customer.”

Through AI, external wear and tear is automatically detected by the XENTRY car scanner.

Next, a service advisor receives all the information on a tablet and informs the customer of a detailed list of vehicle wear and tear. It is then up to the customer to approve servicing of the concerned parts on the spot. The brand claims that a digital record of service status eliminates the need for manual inspections by the customer.

Interestingly, Landmark’s own internal research points to a shift in service revenue coming from EV adoption growth. “Landmark did a study of the service cost of EV versus ICE. Over the last six months, they’ve seen that the cost is the same in terms of maintenance. But this isn’t coming from maintenance; it’s coming from the body shop. More of the latter is done on EVs compared to ICE cars, said Mr Iyer.

At around 58,000 sq ft, the Landmark Cars workshop in Jogeshwari is the brand’s largest in Mumbai.

India now adds to the list of countries to offer Mercedes’ XENTRY scanner. Previously, the tech was available in international markets like Germany, Italy, Korea, the Netherlands, Switzerland, and Turkey. Furthermore, Mercedes-Benz plans to expand to more than 20 ‘world-class’ luxury outlets in 2026 in India, supported by an investment of more than Rs 450 crore by franchise partners over the next two years.

Mercedes Service Select: A service plan for older Mercedes vehicles

While Mercedes-Benz provides a standard 3-year warranty on new cars, it has also introduced a new service scheme for older vehicles. Called ‘Service Select’, Mercedes cars 7 years or older are eligible for this service. The scheme enables up to 25 percent savings for periodic service and brake care, a 2-year warranty on spare parts, benefits of its ‘Mobilio Lite’ service facility, and residual value protection of the vehicle.

With inputs from Hormazd Sorabjee

45000 की नौकरी छोड़ दिल्ली की स्नेहा ने सीखी स्पेनिश, एक लैंग्वेज ने ऐसी बदली जिंदगी कि अब बिना जॉब भी स्विट्जरलैंड में बिता रहीं लाइफ!

बहुत से लोग मानते हैं कि फाइनेंशियल सिक्योरिटी पाने का एकमात्र तरीका एक स्टेबल नौकरी है। लेकिन एक भारतीय कंटेंट क्रिएटर का कहना है कि वह बिना किसी रेगुलर कॉर्पोरेट नौकरी के, दुनिया के सबसे महंगे देशों में से एक, स्विट्जरलैंड में छह महीने बिता पाईं।

एक इंस्टाग्राम वीडियो में, स्नेह गौर ने बताया कि कैसे उन्होंने फिक्स्ड सैलरी वाली नौकरी छोड़कर कमाई के अलग-अलग जरीये बनाए, जिससे उन्हें अपनी शर्तों पर जीने और काम करने की आजादी मिली। उनकी कहानी ने अब ऑनलाइन चर्चा छेड़ दी है।

गौर ने बताया कि उनके सफर की शुरुआत तब हुई जब वह एक कॉर्पोरेट नौकरी कर रही थीं और महीने के लगभग 45,000 रुपये कमा रही थीं। उस समय, उनका मानना ​​था कि सफलता का मतलब है डिग्री हासिल करना, अच्छी नौकरी पाना और प्रमोशन पाना।

उन्होंने कहा, “मुझे लगता था कि सफलता का मतलब यही है – डिग्री लेना, सैलरी पाना, नौकरी करना और अगला प्रमोशन पाना।” लेकिन समय के साथ उन्हें एहसास हुआ कि वह कुछ अलग करना चाहती थीं। अपनी मर्जी से रहने की जगह चुनने, घूमने-फिरने और उन चीजों पर काम करने की आजादी जो मुझे सच में पसंद थीं।” एक ही रास्ते पर चलने के बजाय, उन्होंने स्पैनिश सीखने का फैसला किया।

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गौर के मुताबिक, उस एक स्किल ने नए मौके खोले। इससे उन्हें स्पेन जाने, अलग-अलग देशों के लोगों से मिलने और इंटरनेशनल अनुभव पाने में मदद मिली। बाद में, उन्होंने उस जानकारी को एक बिजनेस में बदल दिया। उन्होंने बताया कि सबसे पहले उन्होंने स्पैनिश सिखाना शुरू किया, और फिर स्पेन ट्रैवल गाइड, डिजिटल प्रोडक्ट्स, ऑनलाइन एंटरप्रेन्योर और कंटेंट क्रिएटर्स के लिए मेंटरशिप प्रोग्राम और ब्रांड कोलैबोरेशन जैसे काम शुरू किए।

गौर ने बताया कि कमाई के कई जरिया होने का मतलब था कि अब उन्हें कंपनी की सैलरी पर निर्भर नहीं रहना पड़ता था। उन्होंने कहा, “जब मैं स्विट्ज़रलैंड गई, तो मैं कंपनी की सैलरी पर निर्भर नहीं थी क्योंकि मेरा लैपटॉप और मेरी रिमोट टीम ही काफी थी।”

स्नेहा ने बताया कि “कभी-कभी आपकी जिंदगी बदलने वाली चीज सिर्फ प्रमोशन नहीं, बल्कि कोई स्किल होती है।” अपनी पोस्ट के कैप्शन में गौर ने लिखा, “कोई नौकरी नहीं। कंपनी से कोई सैलरी नहीं। फिर भी हर सुबह स्विट्जरलैंड में आंख खुली। सच तो यह है कि स्पेन में रहते हुए ही मैंने कुछ ऐसा बनाया जिससे मुझे जहां चाहूं वहां रहने की आजादी मिली। न कोई ऑफिस, न कोई बॉस, न किसी की इजाजत की जरूरत। आजादी का यही वो रूप है जिसे पाने की कोशिश करना सही है।”

इस पोस्ट पर लोगों ने खूब प्रतिक्रिया दी और कई यूजर्स उनकी यात्रा के बारे में और जानना चाहते थे। एक यूजर ने लिखा, “कृपया मुझे बताएं।” एक और ने पूछा, “एक सीधा सा सवाल है कि आप किस वीजा पर 6 महीने तक रहीं? स्पेन का सामान्य रेजिडेंट परमिट तो सिर्फ 3 महीने की इजाजत देता है, या फिर आपने स्पेन की नागरिकता ले ली थी?” एक व्यक्ति ने कमेंट किया, “इसके लिए कैसे अप्लाई करें?” वहीं कई अन्य लोगों ने हार्ट और फायर इमोजी के साथ प्रतिक्रिया दी।

72 साल बाद स्विट्जरलैंड ने रचा इतिहास, कोलंबिया को हराकर पहुंची क्वार्टरफाइनल में

स्विट्जरलैंड ने अतिरिक्त समय के बाद हुए रोमांचक पेनल्टी शूटआउट में कोलंबिया को 4-3 से हराया। इस जीत के साथ स्विट्जरलैंड 1954 के बाद पहली बार फीफा विश्व कप के क्वार्टर फाइनल में जगह बना ली। बीसी प्लेस में 120 मिनट के खेल के बाद भी स्विट्जरलैंड और कोलंबिया की टीमें कोई गोल नहीं कर सकीं।

इसके बाद स्विट्जरलैंड के गोलकीपर ग्रेगोर कोबेल हीरो बनकर उभरे, उन्होंने क्रिस्टियन हर्नांडेज की पेनल्टी बचाई और फिर रूबेन वर्गास ने शांति से विनिंग स्पॉट-किक मारकर 4-3 से शूटआउट में टीम की जीत पक्की की। इस नतीजे के बाद अब क्वार्टर फाइनल में स्विट्जरलैंड का मुकाबला अर्जेंटीना से होगा, जो कैनसस सिटी में खेला जाएगा।

भले ही अंतिम स्कोर कुछ भी रहा हो, लेकिन कोलंबिया की टीम ने अधिक आक्रामक प्रदर्शन किया और बेहतर मौके बनाए, खासकर अतिरिक्त समय के दौरान। डिफेंडर जॉन लुकुमी गोल करने के सबसे करीब पहुंचे थे, लेकिन उनका शॉट क्रॉसबार से टकरा गया। वहीं, 116वें मिनट में जॉन एरियास कैम्पाज को गोल करने का शानदार मौका मिला।

लेकिन गोलकीपर कोबेल के सामने होने के बावजूद उन्होंने शॉट बार के ऊपर मार दिया। कप्तान ग्रैनिट जाका और डिफेंडर मैनुअल अकांजी की अगुवाई में स्विट्जरलैंड ने मजबूती से बचाव किया, लेकिन उन्हें गोल करने के अच्छे मौके बनाने में संघर्ष करना पड़ा, जबकि कोलंबिया ने अधिक खतरनाक हमले किए।

आखिरकार मैच पेनल्टी शूटआउट में पहुंचा, जहां जुआन फर्नांडो क्विंटरो ने कोलंबिया की पहली किक को गोल में बदला और फिर जाका ने स्विट्जरलैंड के लिए गोल किया। कोलंबिया की उम्मीदों को तब बड़ा झटका लगा जब डेविंसन सांचेज़ की पेनल्टी क्रॉसबार से टकरा गई। इसके बाद जेकी अमदौनी और कैम्पाज ने सफल स्पॉट-किक मारकर शूटआउट को बराबरी पर ला दिया।

ऐसा लगा कि स्विट्जरलैंड मैच पर पकड़ बना लेगा, लेकिन अकांजी ने अपनी पेनल्टी बार के ऊपर मार दी, जिससे कोलंबिया को वापसी का मौका मिल गया। हालांकि, कोबेल ने दाईं ओर डाइव लगाकर हर्नांडेज़ का शॉट बचाकर निर्णायक पल बनाया। सेड्रिक इटेन ने स्विट्जरलैंड की अगली पेनल्टी को गोल में बदला और फिर लुइस डियाज़ ने शांत अंदाज़ में गोल करके कोलंबिया की उम्मीदें बनाए रखीं।

शूटआउट में स्कोर 3-3 से बराबर होने पर वर्गास आगे आए और शांति से नीचे के कोने में शॉट मारकर स्विट्जरलैंड को अंतिम आठ में पहुंचा दिया। इस जीत के साथ स्विट्ज़रलैंड ने अपने वर्ल्ड कप इतिहास में 72 साल में पहली बार क्वार्टर फाइनल में प्रवेश किया। जहां उनका मुक़ाबला अर्जेंटीना से होगा।

1934 के बाद स्विटजरलैंड ने जीता नॉकआउट मैच, अलजीरिया पर दागे दो गोल

 

ब्रिल एम्बोलो और डैन एनदोये के गोल की मदद से स्विट्जरलैंड ने अल्जीरिया पर 2-0 की जीत के साथ विश्व कप के अंतिम 16 में जगह बना ली।स्विट्जरलैंड अगला मुकाबला कोलंबिया और घाना के बीच होने वाले मैच के विजेता से होगा। राउंड ऑफ 16 का मैच अगले मंगलवार को वैंकूवर में खेला जाएगा।

BC Place Vancouverमें खेले गए इस मैच के दौरान पहले हाफ में ही स्विटजरलैंड ने बढ़त बना ली थी। दसवें मिनट में ही ब्रिल एम्बोलो ने पहला गोल दाग दिया और रक्षा पंक्ति ने अल्जीरिया को गोल करने का मौका नहीं दिया। पहले हाफ में अलजीरिया के पास बराबरी का एक शानदार मौका था लेकिन डिफेंडर्स ने गोलकीपर का काम आसान कर दिया।

दूसरे हाफ की शुरुआत हुई ही थी लेकिन अलजीरिया बराबरी के बजाए एक और गोल खा गई। डैन एनदोये ने 46वें मिनट में गेंद को अलजीरियन डिफेंडर्स के बीच में से निकालकर गोलकीपर को भी छका दिया। यह स्कोरलाइन अंत तक रही।

स्विट्जरलैंड ने 1938 में फ्रांस में खेले गए विश्व कप के बाद नॉकआउट राउंड का कोई मैच नहीं जीता था, लेकिन 1954 में उसकी टीम ने प्लेऑफ मैच जीतकर क्वार्टर फाइनल में जगह बनाई थी।

स्विट्जरलैंड की टीम पिछले तीन विश्व कप में अंतिम 16 में पहुंची थी लेकिन इससे आगे बढ़ने में नाकाम रही।अल्जीरिया 2014 के बाद पहली बार विश्व कप में भाग ले रहा था। वह 2014 में नॉकआउट राउंड तक पहुंचा था, लेकिन तब जर्मनी से हार गया था।

स्विट्जरलैंड ने कनाडा को घरेलू दर्शकों के सामने हराया (Video Highlights)

स्विट्जरलैंड ने दूसरे हॉफ में शानदार प्रदर्शन करते हुए कनाडा को उसके घरेलू मैदान पर 2-1 से हराकर फीफा विश्वकप ग्रुप बी मुकाबले में शीर्ष रहते हुए नॉटआउट चरण में जगह बना ली है। वहीं इस हार के बावजूद कनाडा ने दूसरे स्थान पर रहते हुए नॉकआउट में प्रवेश किया। बीसी प्लेस स्टेडियम में खेले गए ग्रुप बी के इस मुकाबले में दोनों टीमों के आक्रामक खेल और कई मौके बनाये जाने के बावजूद 45 मिनट गोल नहीं कर सकी।

दूसरे हाफ की शुरुआत में स्विट्जरलैंड के रूबेने वर्गास ने 46वें मिनट में गोल दागकर अपनी टीम को बढ़त दिलाई। इसके बाद 57वें मिनट में 20 वर्षीय जोहान मंजाम्बी ने गोल कर स्विट्रलैंड की बढ़त को दोगुना कर दिया। मंजाम्बी ने पूरे मैच में आक्रमण प्रदर्शन किया।

कनाडा ने वापसी का प्रयास किया और स्थानापन्न खिलाड़ी प्रॉमिस डेविड ने 76वें मिनट में गोल कर मुकाबले को रोमांचक बना दिया। अंतिम मिनटों में कनाडा ने बराबरी का प्रयास किया, लेकिन स्विस रक्षा पंक्ति ने उन्हें कामयाब नहीं होने दिया। आखिरकार स्विट्जरलैंड ने 2-1 की जीत दर्ज कर सात अंकों के साथ ग्रुप बी में शीर्ष पर रहते हुए नॉटआउट चरण में प्रवेश किया।

Crude Oil Price: US-ईरान शांति बातचीत के बीच ट्रंप की नई धमकी से डरा क्रूड बाजार, कीमतों में आया 2% का उछाल, ब्रेंट $82 के निकला पार

Crude Oil Price: सोमवार, 22 जून को तेल की कीमतों में तेज़ी आई, जब प्रेसिडेंट डोनाल्ड ट्रंप ने चेतावनी दी कि अगर हिज़्बुल्लाह इज़राइल पर हमले जारी रखता है तो ईरान के खिलाफ मिलिट्री एक्शन हो सकता है। इससे यह चिंता बढ़ गई कि वॉशिंगटन और तेहरान के बीच चल रही शांति बातचीत में रुकावट आ सकती है।

सोमवार को मार्केट खुलने पर ब्रेंट क्रूड 2.2% तक बढ़कर $82.30 प्रति बैरल पर पहुंच गया, जबकि वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट $78 के निशान से ऊपर चढ़ गया।

आज कच्चे तेल की कीमतें क्यों बढ़ रही हैं?

रविवार को बातचीत की शुरुआत अनिश्चित थी, जब ईरानी मीडिया ने बताया कि ट्रंप की चेतावनी के बाद तेहरान ने स्विट्जरलैंड में बातचीत रोक दी है। हालांकि, बातचीत से जुड़े सूत्रों ने कहा कि बातचीत जारी है। ईरान ने इज़राइल पर लेबनान में सीज़फ़ायर तोड़ने का भी आरोप लगाया।

स्विस रिसॉर्ट बर्गेनस्टॉक में हुई हाई-लेवल बातचीत 60 दिन के बातचीत के समय की शुरुआत है, जो पिछले हफ़्ते ट्रंप के तनाव कम करने के मकसद से एक मेमोरेंडम ऑफ़ अंडरस्टैंडिंग पर साइन करने के बाद शुरू हुई थी। हालांकि ईरान ने एक बार फिर होर्मुज स्ट्रेट को बंद करने का दावा किया, लेकिन वीकेंड में इस ज़रूरी पानी के रास्ते से तेल की सप्लाई ज़्यादातर बिना रुके जारी रही।

ब्लूमबर्ग की एक रिपोर्ट के मुताबिक, बातचीत सोमवार सुबह तक चली और होर्मुज स्ट्रेट से नेविगेशन को सुरक्षित रखने और दक्षिणी लेबनान में इज़राइल और हिज़्बुल्लाह के बीच सीज़फ़ायर का पालन पक्का करने जैसे मुद्दों पर फोकस रही।

फॉक्स न्यूज़ ने ट्रंप के हवाले से कहा कि उन्होंने ईरानी नेताओं को चेतावनी दी थी कि होर्मुज स्ट्रेट को बंद करने की किसी भी कोशिश के गंभीर नतीजे होंगे, और कहा कि वे ईरान वापस नहीं जाएंगे।

इस बीच, हाल के हफ़्तों में कच्चे तेल की कीमतों में कमी आई है, हालांकि वे अभी भी लड़ाई से पहले के लेवल से ऊपर हैं। यह गिरावट रिफाइनरियों द्वारा कुछ समय के लिए विकल्प ढूंढने और इस उम्मीद को बढ़ाने की वजह से हुई है कि लड़ाई का आखिरकार हल ग्लोबल एनर्जी मार्केट के तेज़ी से नॉर्मल होने का रास्ता बना सकता है।

नई अनिश्चितता ने कच्चे तेल की कीमतों को थोड़ा बढ़ा दिया है, यह एक ऐसा डेवलपमेंट है जो जल्द ही सेंटीमेंट पर असर डाल सकता है। इन्वेस्टर्स बातचीत से आगे की हेडलाइंस पर फोकस कर सकते हैं, क्योंकि प्रोग्रेस या बढ़ोतरी के किसी भी संकेत का एनर्जी की कीमतों और बड़े मार्केट सेंटीमेंट पर बड़ा असर पड़ सकता है। एनरिच मनी के CEO पोनमुडी आर ने कहा, “कच्चे तेल की कीमतें बढ़ी हैं और अभी $77–78 प्रति बैरल की रेंज में ट्रेड कर रही हैं, जबकि हाल ही में यह लगभग $73 प्रति बैरल तक गिर गई थी।”

 

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