9 से 5 की नौकरी छोड़ बनी ट्रैवलर, अब एक ही ट्रिप से कमाती हैं 2.5 लाख रुपये! जॉब की किचकिच से इस युवती को ऐसे मिली आजादी

UK की एक 26 साल की महिला ने घूमने-फिरने के अपने शौक को फुल-टाइम करियर बना लिया है। विदेश में कम सैलरी वाली कई नौकरियां करने के बाद, उन्हें ट्रैवल कंटेंट से पैसे कमाने का तरीका मिल गया और अब वह दुनिया भर में ग्रुप टूर लीड करती हैं।

रियानन वुड के Instagram पर लगभग 60,000 फॉलोअर्स हैं। वह एक ही ट्रिप से कमीशन के तौर पर $3,000 (लगभग 2.5 लाख रुपये) तक कमा सकती हैं। वह ब्रांड डील्स और स्पॉन्सर्ड पोस्ट से भी पैसे कमाती हैं और अब अपनी ट्रैवल एजेंसी शुरू करने की दिशा में काम कर रही हैं।

यूनिवर्सिटी के दिनों से है घूमने का शौक

वुड को नई जगहों पर घूमने का अपना जुनून तब पता चला जब वह 2021-22 में फ्रांस के ल्योन में पढ़ाई कर रही थीं। आस-पास के देशों और आल्प्स की वीकेंड ट्रिप्स ने उन्हें ग्रेजुएशन के बाद भी घूमते रहने के लिए प्रेरित किया। बाद में वह कनाडा चली गईं, जहां उन्होंने बोट और कैनो रेंटल कंपनी, जिपलाइन बिजनेस और स्की रिजॉर्ट में काम किया। इन नौकरियों में उन्हें कम सैलरी मिलती थी।

2024 के आखिर में उन्होंने अपने ट्रैवल कंटेंट को कमाई का जरिया बनाने के मकसद से Instagram का इस्तेमाल ज्यादा गंभीरता से करना शुरू किया। उन्होंने सोशल मीडिया स्ट्रैटेजी के कोर्स किए और अपने अकाउंट को बढ़ाने और उससे पैसे कमाने का तरीका सीखने के लिए एक Instagram कोच को हायर किया।

उन्हें पहला बड़ा मौका चार महीने बाद मिला। ग्रुप-ट्रिप कंपनी Mapo Tapo ने उन्हें स्विट्जरलैंड में एक टूर लीड करने का मौका दिया, जिसके लिए उन्होंने £330 कमाए।

आउटडोर एक्टिविटीज के उनके अनुभव ने ग्रुप टूर में मदद की

Business Insider के अनुसार वुड को ऑर्गनाइज्ड टूर लीड करने का पहले कोई अनुभव नहीं था। हालांकि हाइकिंग, माउंटेनियरिंग और रॉक क्लाइंबिंग में उनके बैकग्राउंड ने उन्हें आउटडोर एक्टिविटीज पर आधारित ट्रिप्स प्लान करने में मदद की। स्विट्जरलैंड की ट्रिप से और भी मौके मिले। बाद में उन्होंने Skyscanner, Siroko और Roamless जैसी ट्रैवल और स्पोर्ट्स से जुड़ी कंपनियों के साथ काम किया।

टूर से उनकी कमाई ग्रुप के साइज़ और शामिल एजेंसी पर निर्भर करती है। उन्होंने बताया कि उन्होंने एक ट्रिप से $3,000 तक कमाए हैं। शुरुआत में कुछ सौ डॉलर से शुरू हुई उनकी Instagram कोलैबोरेशन फीस भी बढ़कर $1,000 से ज्यादा हो गई है। बिजनेस इनसाइडर ने बताया कि वुड की मौजूदा कमाई पांच अंकों में है। वह अपनी टूर की कमाई का बड़ा हिस्सा बचाती हैं और स्पॉन्सरशिप से मिलने वाले पैसे का इस्तेमाल निजी खर्चों के लिए करती हैं।

ट्रैवल बिजनेस में रहती हैं काफी बिजी

इस लाइफस्टाइल में कई चुनौतियां भी हैं। वुड अक्सर सीमित सामान के साथ यात्रा करती हैं। बजट वाले होटलों में ठहरती हैं और लगभग एक साल से ज्यादातर समय बैकपैक में ही गुजारा कर रही हैं। उनके रोजाना के काम में कंटेंट बनाना, ईमेल का जवाब देना, ब्रांड डील पर चर्चा करना और ग्रुप ट्रिप आयोजित करना शामिल है। उन्होंने कहा- “मुझे शायद ही कभी छुट्टी मिलती है।”

वुड ने यह भी कहा कि जब उन्होंने शुरुआत की थी तो स्पॉन्सरशिप के लिए बातचीत करना मुश्किल होता था, क्योंकि उन्हें यह तय करने में आत्मविश्वास की कमी महसूस होती थी कि कितना चार्ज किया जाए। अब वह अपनी ट्रैवल एजेंसी शुरू करने की दिशा में काम कर रही हैं और एक ऐसा बिजनेस बनाना चाहती हैं, जिससे वह अपने फॉलोअर्स के साथ घूमती रह सकें।

45000 की नौकरी छोड़ दिल्ली की स्नेहा ने सीखी स्पेनिश, एक लैंग्वेज ने ऐसी बदली जिंदगी कि अब बिना जॉब भी स्विट्जरलैंड में बिता रहीं लाइफ!

बहुत से लोग मानते हैं कि फाइनेंशियल सिक्योरिटी पाने का एकमात्र तरीका एक स्टेबल नौकरी है। लेकिन एक भारतीय कंटेंट क्रिएटर का कहना है कि वह बिना किसी रेगुलर कॉर्पोरेट नौकरी के, दुनिया के सबसे महंगे देशों में से एक, स्विट्जरलैंड में छह महीने बिता पाईं।

एक इंस्टाग्राम वीडियो में, स्नेह गौर ने बताया कि कैसे उन्होंने फिक्स्ड सैलरी वाली नौकरी छोड़कर कमाई के अलग-अलग जरीये बनाए, जिससे उन्हें अपनी शर्तों पर जीने और काम करने की आजादी मिली। उनकी कहानी ने अब ऑनलाइन चर्चा छेड़ दी है।

गौर ने बताया कि उनके सफर की शुरुआत तब हुई जब वह एक कॉर्पोरेट नौकरी कर रही थीं और महीने के लगभग 45,000 रुपये कमा रही थीं। उस समय, उनका मानना ​​था कि सफलता का मतलब है डिग्री हासिल करना, अच्छी नौकरी पाना और प्रमोशन पाना।

उन्होंने कहा, “मुझे लगता था कि सफलता का मतलब यही है – डिग्री लेना, सैलरी पाना, नौकरी करना और अगला प्रमोशन पाना।” लेकिन समय के साथ उन्हें एहसास हुआ कि वह कुछ अलग करना चाहती थीं। अपनी मर्जी से रहने की जगह चुनने, घूमने-फिरने और उन चीजों पर काम करने की आजादी जो मुझे सच में पसंद थीं।” एक ही रास्ते पर चलने के बजाय, उन्होंने स्पैनिश सीखने का फैसला किया।

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गौर के मुताबिक, उस एक स्किल ने नए मौके खोले। इससे उन्हें स्पेन जाने, अलग-अलग देशों के लोगों से मिलने और इंटरनेशनल अनुभव पाने में मदद मिली। बाद में, उन्होंने उस जानकारी को एक बिजनेस में बदल दिया। उन्होंने बताया कि सबसे पहले उन्होंने स्पैनिश सिखाना शुरू किया, और फिर स्पेन ट्रैवल गाइड, डिजिटल प्रोडक्ट्स, ऑनलाइन एंटरप्रेन्योर और कंटेंट क्रिएटर्स के लिए मेंटरशिप प्रोग्राम और ब्रांड कोलैबोरेशन जैसे काम शुरू किए।

गौर ने बताया कि कमाई के कई जरिया होने का मतलब था कि अब उन्हें कंपनी की सैलरी पर निर्भर नहीं रहना पड़ता था। उन्होंने कहा, “जब मैं स्विट्ज़रलैंड गई, तो मैं कंपनी की सैलरी पर निर्भर नहीं थी क्योंकि मेरा लैपटॉप और मेरी रिमोट टीम ही काफी थी।”

स्नेहा ने बताया कि “कभी-कभी आपकी जिंदगी बदलने वाली चीज सिर्फ प्रमोशन नहीं, बल्कि कोई स्किल होती है।” अपनी पोस्ट के कैप्शन में गौर ने लिखा, “कोई नौकरी नहीं। कंपनी से कोई सैलरी नहीं। फिर भी हर सुबह स्विट्जरलैंड में आंख खुली। सच तो यह है कि स्पेन में रहते हुए ही मैंने कुछ ऐसा बनाया जिससे मुझे जहां चाहूं वहां रहने की आजादी मिली। न कोई ऑफिस, न कोई बॉस, न किसी की इजाजत की जरूरत। आजादी का यही वो रूप है जिसे पाने की कोशिश करना सही है।”

इस पोस्ट पर लोगों ने खूब प्रतिक्रिया दी और कई यूजर्स उनकी यात्रा के बारे में और जानना चाहते थे। एक यूजर ने लिखा, “कृपया मुझे बताएं।” एक और ने पूछा, “एक सीधा सा सवाल है कि आप किस वीजा पर 6 महीने तक रहीं? स्पेन का सामान्य रेजिडेंट परमिट तो सिर्फ 3 महीने की इजाजत देता है, या फिर आपने स्पेन की नागरिकता ले ली थी?” एक व्यक्ति ने कमेंट किया, “इसके लिए कैसे अप्लाई करें?” वहीं कई अन्य लोगों ने हार्ट और फायर इमोजी के साथ प्रतिक्रिया दी।