ना कोई लग्जरी होटल, ना कोई रिसॉर्ट… वंदे भारत के फर्स्ट एसी में मिल रहीं ऐसी सुविधाएं, वीडियो हुआ वायरल

ट्रेन में सफर का नाम सुनते ही ज्यादातर लोगों के दिमाग में सीट, खिड़की से दिखते नजारे और सफर के दौरान मिलने वाला खाना आता है। लेकिन अगर यही सफर किसी लग्जरी होटल जैसा अनुभव देने लगे, तो आपका हैरान होना लाजमी है। वंदे भारत स्लीपर एक्सप्रेस का फर्स्ट एसी कोच इन दिनों इसी वजह से चर्चा में है। यहां प्राइवेट केबिन से लेकर स्मार्ट ग्लास और गर्म पानी वाले शॉवर तक जैसी सुविधाएं देखने को मिलती हैं। कंटेंट क्रिएटर प्रणय गुप्ता ने हाल ही में इस कोच में सफर करते हुए एक वीडियो शेयर किया, जिसमें उन्होंने अंदर की सुविधाओं को करीब से दिखाया।

वीडियो सामने आने के बाद लोग ट्रेन के लग्जरी अंदाज और किराये को लेकर चर्चा कर रहे हैं। खास बात यह है कि प्रणय ने सिर्फ सुविधाएं नहीं दिखाईं, बल्कि खाने का स्वाद भी परखा और अपना अनुभव साझा किया। अब सवाल है कि क्या वंदे भारत का यह सफर वाकई महाराजा जैसा एहसास कराता है?

वंदे भारत के 1AC में दिखा लग्जरी अंदाज

इंस्टाग्राम अकाउंट @counting.unique पर प्रणय गुप्ता ने वंदे भारत स्लीपर एक्सप्रेस के फर्स्ट एसी का अनुभव साझा किया। वीडियो में वह कोच के अंदर की खूबसूरत पेंटिंग और सुरक्षा के लिए लगाए गए सीसीटीवी कैमरे दिखाते हैं। इसके बाद वह अपने प्राइवेट केबिन में पहुंचते हैं, जहां की सुविधाएं उन्हें काफी प्रभावित करती हैं।

प्राइवेट केबिन में स्मार्ट ग्लास और शानदार लाइटिंग

केबिन में अंदर से लॉक होने वाला दरवाजा यात्रियों की निजता का ध्यान रखता है। वहीं, खिड़की पर लगा खास ग्लास बटन दबाने पर पारदर्शी हो जाता है। केबिन में पीली वॉर्म लाइट और नीली नाइट लाइट भी दी गई है। इसके अलावा, टाइप-C चार्जिंग पोर्ट जैसी सुविधा आधुनिक गैजेट इस्तेमाल करने वालों के लिए उपयोगी है।

ट्रेन में गर्म पानी से नहाने की सुविधा

प्रणय के वीडियो का सबसे दिलचस्प हिस्सा वॉशरूम है। यहां शॉवर की सुविधा के साथ गर्म पानी भी मिलता है। लंबी दूरी की यात्रा में ऐसी व्यवस्था यात्रियों के लिए काफी आरामदायक हो सकती है। यही वजह है कि ट्रेन का यह लग्जरी अंदाज लोगों का ध्यान खींच रहा है।

खाने को बताया बाकी ट्रेनों से बेहतर

केबिन देखने के बाद प्रणय को टेबल पर गर्मागर्म खाना परोसा जाता है। खाने का रिव्यू देते हुए वह कहते हैं कि यह पांच सितारा होटल जैसा तो नहीं है, लेकिन बाकी ट्रेनों के मुकाबले काफी अच्छा है। यानी सुविधाओं की तारीफ के साथ उन्होंने खाने को लेकर भी अपनी राय साफ रखी।

टिकट की कीमत पर लोगों की नजर

रिपोर्ट के मुताबिक, प्रणय के वीडियो को पोस्ट होने के करीब 16 घंटे 30 मिनट में लगभग 30 लाख व्यूज मिले थे। कमेंट सेक्शन में कई यूजर्स ने ट्रेन की तारीफ की, तो कुछ ने टिकट की कीमत को लेकर चिंता जताई। लोगों ने 1,000 से 5,000 रुपये तक के अनुमान लगाए, हालांकि ये वास्तविक किराये की पुष्टि नहीं हैं।

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Video: बिस्किट में गड़बड़ी पर दुकानदार से भिड़ा शख्स, ऑनलाइन शिकायत की बात सुनकर मिला ऐसा जवाब

कई बार रोजमर्रा की खरीदारी के दौरान लोग छोटी-मोटी कमियों को नजरअंदाज कर देते हैं, लेकिन कुछ लोग सवाल उठाने से पीछे नहीं हटते। ऐसा ही एक मामला बिस्किट के पैकेट को लेकर सामने आया है, जहां एक कंटेंट क्रिएटर ने दुकानदार से ऑनलाइन शिकायत करने की बात कही। दुकानदार के जवाब और दोनों के बीच हुई बातचीत का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया। इसे देखने के बाद लोग उपभोक्ता जागरूकता और खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता पर चर्चा करने लगे। कई यूजर्स ने शिकायत करने के कदम की तारीफ की, तो कुछ ने खाद्य सुरक्षा विभाग की भूमिका पर ध्यान दिलाया।

इस घटना ने एक बार फिर सवाल खड़ा किया है कि अगर किसी पैकेटबंद खाद्य पदार्थ की गुणवत्ता पर संदेह हो, तो उपभोक्ता को क्या करना चाहिए और अपनी शिकायत कहां दर्ज करानी चाहिए।

दुकानदार से पूछा- ऑनलाइन शिकायत कर दूं?

राघव दुबे नाम के कंटेंट क्रिएटर ने यह वीडियो शेयर किया है। इसमें वह बिस्किट के पैकेट की गुणवत्ता को लेकर सवाल करते हैं और दुकानदार से पूछते हैं, “Complaint online daalu chalega” यानी क्या वह ऑनलाइन शिकायत दर्ज करा सकते हैं?

इस पर दुकानदार जवाब देता है, “हां, डाल दो।” वीडियो में हुई इस छोटी-सी बातचीत ने लोगों का ध्यान खींचा। रिपोर्ट के मुताबिक, वीडियो को 1.4 करोड़ से ज्यादा बार देखा गया। कई यूजर्स ने कहा कि किसी उत्पाद की गुणवत्ता पर संदेह होने पर ग्राहक को आवाज उठानी चाहिए, न कि मामले को अनदेखा करना चाहिए।

सोशल मीडिया पर लोगों ने क्या कहा?

वीडियो पर कई लोगों ने कंटेंट क्रिएटर के कदम की तारीफ की। कुछ यूजर्स ने इसे उपभोक्ता जागरूकता से जोड़कर देखा, तो कुछ ने खाद्य सुरक्षा विभाग के काम की सराहना की। एक यूजर ने लिखा, “Good Job”, जबकि दूसरे ने खाद्य सुरक्षा विभाग की तारीफ की। कुछ लोगों ने यह भी पूछा कि शिकायत कहां दर्ज की गई और कार्रवाई होने में कितना समय लगा। यूजर्स का कहना था कि खाने-पीने की चीजों की गुणवत्ता से जुड़ी शिकायतों को गंभीरता से लिया जाना चाहिए।

महाराष्ट्र FDA में ऑनलाइन शिकायत की सुविधा

महाराष्ट्र के खाद्य एवं औषधि प्रशासन (FDA) के पास खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता से जुड़ी शिकायतें दर्ज कराने की ऑनलाइन सुविधा है। इसके माध्यम से मिलावट, असुरक्षित खाद्य उत्पादों और पैकेट पर गलत जानकारी जैसी समस्याओं की शिकायत की जा सकती है। जुलाई 2026 में विभाग ने आयुक्त तुकाराम मुंढे के नेतृत्व में AI की मदद से शिकायतों को संभालने वाला प्लेटफॉर्म शुरू किया था। इसका उद्देश्य शिकायत दर्ज कराने और उनकी स्थिति जानने की प्रक्रिया को आसान बनाना है।

खाद्य पदार्थ में गड़बड़ी दिखे तो क्या करें?

अगर किसी बिस्किट या पैकेटबंद खाद्य पदार्थ की गुणवत्ता पर संदेह हो, तो उसका पैकेट संभालकर रखें। उत्पाद, बैच नंबर और एक्सपायरी तारीख की तस्वीरें लें। खरीदारी का बिल भी सुरक्षित रखें और संदिग्ध उत्पाद का सेवन न करें। इसके बाद निर्माता या संबंधित खाद्य सुरक्षा विभाग में शिकायत दर्ज कराएं।

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दिल्ली में रहने वाली अमेरिकन लेडी भारत की किराना दुकानों की हो गई फैन! इनमें ऐसा क्या मिल गया इनको?

दिल्ली (Delhi) में रहने वाली अमेरिकी कंटेंट क्रिएटर क्रिस्टन फिशर (Kristen Fisher) का एक वीडियो सोशल मीडिया पर चर्चा में है। इसमें वह अपने घर के पास की किराना दुकान से खरीदती नजर आ रही हैं। क्रिस्टन को यह बात पसंद आई कि रोज का सामान लेने के लिए न तो दूर जाना पड़ता है और न ही ऑनलाइन ऑर्डर करके डिलीवरी का इंतजार करना पड़ता है।

क्रिस्टन ने इंस्टाग्राम वीडियो में बताया कि किराना दुकान उनके घर से एक मिनट से भी कम दूरी पर है। वह पैदल दुकान पर गईं, हिंदी में दूध और दही मांगा, पैसे दिए और घर लौट आईं। उन्होंने कहा कि भारत में छोटी दुकानें पास में होने से जरूरत का सामान आसानी से मिल जाता है और यह सुविधा उन्हें बहुत पसंद है।

क्रिस्टन के वीडियो पर लोगों ने कई तरह के रिएक्शन दिए

एक यूजर ने कहा कि भारतीय अपने आसपास आसानी से मिलने वाली सुविधाओं की अहमियत भूल जाते हैं। दूसरे ने बताया कि अमेरिका में बिना कार के खरीदारी करना मुश्किल हो सकता है। वहीं, एक यूजर ने छोटी दुकानों को ‘छोटा वॉलमार्ट’ कहा। कई लोगों ने क्रिस्टन की हिंदी की भी तारीफ की।

ब्लिंकइट से बेहतर लगी पैदल खरीदारी

एक यूजर ने क्रिस्टन को ब्लिंकइट इस्तेमाल करने की सलाह दी। इस पर उन्होंने कहा कि वह पैदल जाकर लोगों से बात करना और छोटी दुकानों से सामान खरीदना पसंद करती हैं। इससे छोटे दुकानदारों को भी मदद मिलती है।

आजकल ब्लिंकइट और इंस्टामार्ट जैसे ऐप्स से लोग कुछ ही मिनटों में घर पर सामान मंगवा लेते हैं। मोहल्ले की दुकानों से सामान लेने पर लोगों को डिलीवरी का इंतजार नहीं करना पड़ता और छोटे दुकानदारों का कारोबार भी चलता रहता है।

प्रदर्शनकारियों को सामने लाए राहुल

नई दिल्ली। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर रद्द करने को लेकर दिल्ली में कई दिन तक हुए प्रदर्शन में शामिल रहे कुछ प्रदर्शनकारियों को राहुल गांधी मीडिया के सामने लेकर आए। उन्होंने प्रदर्शनकारियों के साथ प्रेस कॉन्फ्रेंस की और आरोप लगाया कि पुलिस ने उनके खिलाफ बहुत ज्यादती की। प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया गया कि पुलिस ने महिला प्रदर्शनकारियों के प्राइवेट पार्ट पर हमला किया। एक प्रदर्शनकारी ने बताया कि जहां सीसीटीवी कैमरा नहीं था वहां लेकर जाकर पुलिसकर्मियों ने उसे मारा।

गौरतलब है कि इससे पहले राहुल गांधी 20 जुलाई को जंतर मंतर पर हुए प्रदर्शन में शामिल प्रदर्शनकारियों को सामने लेकर आए थे। बुधवार, 14 अक्टूबर को राहुल ने जिन लोगों के साथ प्रेस कॉन्फ्रेंस की उनमें कांग्रेस के छात्र संगठन एनएसयूआई के छात्रों, कार्यकर्ताओं और कंटेंट क्रिएटर्स ने अपने साथ घटनाएं बताईं। एक छात्रा ने प्राइवेट पार्ट पर लात मारने का आरोप लगाया, जबकि दिल्ली यूनिवर्सिटी की छात्रा अदिरा ने दावा किया कि पुलिस की पिटाई से उसके एक कान से सुनने की क्षमता चली गई।

राहुल गांधी ने छात्रों से घटनाओं के वीडियो और दूसरे सबूत सुरक्षित रखने को कहा। उन्होंने कहा कि इन सबूतों के आधार पर पुलिसकर्मियों से लेकर मुख्य चुनाव आयुक्त तक, जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की जाएगी। राहुल ने केंद्रीय गृह मंत्री को ललकारते हुए कहा, ‘ये हिंदुस्तान है, अमित शाह जी यहां कोई हिंदू, मुस्लिम नहीं है, इनकी कोई जात नहीं है। आप इस आवाज के सामने खड़े नहीं हो सकते। स्टूडेंट्स से कहना चाहता हूं। आप वीडियो बनाकर रखिए। उन सबूतों को हम रखेंगे’। राहुल ने कहा कि जब सब खत्म होगा तो इन सबूतों के आधार पर सबको सजा मिलेगी। चाहे पुलिस वाले हों या ज्ञानेश कुमार हों। ये देश की आवाज हैं। इस आवाज को दबाने की कोशिश हो रही है।

लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष ने कहा, ‘केरल की अदिरा की एक कान से सुनने की क्षमता चली गई है। उस कान पर चोट लगने के कारण वह एक कान से सुन नहीं पा रही है। पिछली बार मैंने आपको एक लड़का दिखाया था, जिसकी आंखों की रोशनी चली गई थी। अब इस लड़की के एक कान से सुनने की क्षमता चली गई है’। एनएसयूआई से जुड़ी ऋतु बराला ने अपने साथ हुई बदसलूकी का कहानी सुनाई तो दूसरे प्रदर्शनकारी रमित ने कहा, ‘मैं कंटेंट क्रिएटर हूं, मुझे 11 अक्टूबर को आरएसएस और भाजपा के गुंडों के बोलने के बाद हिरासत में लिया गया। उनके पास डंडे थे। पुलिस ने उनकी बात सुनकर लोगों को हिरासत में लिया और बुरी तरह हमें पीटा।

सीजेपी के प्रदर्शन पर पुलिस की सख्त कार्रवाई, कई नेता हिरासत में

कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे सहित अन्य मांगों में शनिवार को राजधानी दिल्ली के जंतर मंतर पर पहुंचने की आशंका को देखते हुए दिल्ली पुलिस तथा अन्य सुरक्षा बलों ने कड़ी कार्रवाई करते हुए राष्ट्रीय स्तर के कई नेताओं माकपा के एमए बेबी, तृणमूल कांग्रेस की ममता बनर्जी, आम आदमी पार्टी के अरविंद केजरीवाल और सैकड़ों की संख्या में प्रदर्शनकारियों को हिरासत में ले लिया।

जंतर-मंतर पर प्रस्तावित प्रदर्शन को देखते हुए पुलिस ने इससे पहले कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के प्रमुख नेताओं अभिजीत दीपके, सौरभ दास और आशुतोष रांका को दिल्ली पहुंचने के बाद इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे पर हिरासत में लिया गया। दिल्ली पुलिस ने बार्डर सहित कई इलाकों में पहरा सख्त करते हुए कई जगह पर बैरिकेडिंग लगा दी और सुबह से ही यातायात पर कड़ी पाबंदियां लागू कर दी गईं।

वाहनों की आवाजाही को नियंत्रित करने और स्थिति पर निगरानी रखने के लिए प्रमुख चौराहों पुलिस बल तैनात किया गया है। दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने कनॉट प्लेस, मंडी हाउस, जंतर-मंतर, पटेल चौक और मध्य दिल्ली के अन्य हिस्सों में यातायात जाम और रूट डायवर्जन की चेतावनी देते हुए एडवाइजरी जारी की। पुलिस की सख्ती के बावजूद बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी जगह जगह पहुंचे। इनमें मिंटो ब्रिज, दिल्ली रेलवे स्टेशन, प्रभावित चौराहों और मार्गों में अशोक रोड-जंतर-मंतर रोड गोल चक्कर, टॉलस्टॉय मार्ग-जनपथ क्रॉसिंग, जय सिंह रोड-संसद मार्ग क्रॉसिंग, रेल भवन गोल चक्कर, गोल डाकखाना और विंडसर प्लेस शामिल हैं।

पुलिस ने सीजेपी संस्थापक सर्वश्री दीपके, दास और रांका को राष्ट्रीय राजधानी में तब हिरासत में ले लिया जब वे मुंबई से यहां आए हवाई जहाज से उतरने वाले थे। दिल्ली पुलिस ने उनको विमान के भीतर से अपनी हिरासत में ले लिया। इस घटना के बाद पार्टी ने सोशल मीडिया पर बताया कि इन नेताओं के हिरासत में लिए जाने के बाद संगठन प्रभारी अजिंक्य शिंदे शनिवार को जंतर-मंतर पर होने वाले प्रदर्शन का नेतृत्व करेंगे।

श्री दीपके ने एक पूर्व रिकार्डेड मैसेज से यह जानकारी देते हुए कहा कि शीर्ष नेतृत्व की हिरासत के बावजूद यह प्रदर्शन जारी रहेगा तथा श्री कुमार के इस्तीफे और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को वापस लेने की मांग पर आंदोलन पूरी दृढ़ता से आगे बढ़ाया जाएगा। इस बीच यह भी जानकारी सामने आई कि श्री दीपके की दादी का निधन हो गया। पार्टी ने एक बयान जारी कर कहा कि नेताओं की इस तरह की गई हिरासत कार्यकर्ताओं के हौसलों को नहीं डिगा सकती और यह लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा के लिए एक निर्णायक संघर्ष है।

बयान में कहा गया जब राज्य सत्ता लोकतांत्रिक असंतोष को दबाने के लिए बड़े पैमाने पर गिरफ्तारियों का सहारा लेती है, तो लोकतंत्र को बचाने के लिए जनता को स्वयं कमान संभालनी होगी । इसके अलावा खुफिया एजेंसियों के सूत्रों के अनुसार, शनिवार सुबह एक संयुक्त अभियान के तहत दिल्ली और गुरुग्राम पुलिस ने गुरुग्राम के एक आवासीय फ्लैट से चर्चित यूट्यूबर ध्रुव राठी को हिरासत में लेकर अज्ञात स्थान पर भेज दिया है। श्री राठी ऐसे वीडियोज के लिए जाने जाते हैं जिनमें केंद्र सरकार की कठोर आलोचना की जाती है।

इस विरोध प्रदर्शन को रोकने के लिए मध्य दिल्ली और उसके आसपास के इलाकों में सुरक्षा बलों और पुलिसकर्मियों को भारी संख्या में तैनात किया गया है। निर्धारित प्रदर्शन स्थल के पास एकत्र हुए प्रदर्शनकारियों को पुलिस द्वारा हिरासत में लेकर बसों में भरकर अन्य स्थानों पर ले जाया गया। सुरक्षा उपायों के तहत दिल्ली पुलिस अधिनियम की धारा 65 के अंतर्गत बड़े पैमाने पर कार्रवाई करते हुए अब तक हजारों लोगों को हिरासत में लिया जा चुका है। दिल्ली पुलिस ने सीजेपी के इस प्रदर्शन की अनुमति देने से यह कहते हुए इनकार कर दिया था कि पार्टी द्वारा प्रस्तुत सूचना कोई औपचारिक आवेदन नहीं थी, क्योंकि नियमों के अनुसार जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के लिए कम से कम 10 दिन पहले आवेदन देना अनिवार्य होता है।

केंद्रीय गृह मंत्रालय ने भी सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के प्रशासन को दिल्ली पुलिस के साथ समन्वय स्थापित करने और राजधानी की ओर प्रदर्शनकारियों के आने को रोकने के लिए एहतियाती कदम उठाने के निर्देश दिए थे। एहतियात के तौर पर अधिकारियों ने दिल्ली के कुछ हिस्सों में इंटरनेट सेवाओं पर पाबंदियां लगाई हैं, बाजारों और मेट्रो स्टेशनों को बंद रखने के आदेश दिए हैं तथा शहर में आने वाली कई ट्रेनों को रद्द कर दिया है। दिल्ली के लोकप्रिय दिल्ली हाट से छात्रों की भीड़ का नेतृत्व करने की कोशिश कर रही वामपंथी छात्र नेता नेहा बोरा को भी “सरफ़रोशी की तमन्ना” कविता गाते हुए देर दोपहर हिरासत में ले लिया गया।

ममता बनर्जी और उनके सांसदों और समर्थकों का एक समूह प्रतिबंध का उल्लंघन करने के कारण हिरासत में लिए जाने से पहले अपने साउथ एवेन्यू स्थित आवास के बाहर तख्तियां लेकर धरने पर बैठा था। ममता बनर्जी ने एक पुलिस वाहन में ले जाए जाते समय संवाददाताओं से कहा देश में क्या चल रहा है, सबको पता है । दूसरी ओर, भारतीय जनता पार्टी ने शनिवार को विपक्ष पर अपना हमला तेज करते हुए राहुल गांधी और अरविंद केजरीवाल सहित अन्य नेताओं पर देश में तनाव भड़काने की कोशिश करने का आरोप लगाया। भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन ने कहा कि सरकार उनके द्वारा अशांति भड़काने के प्रयासों से सख्ती से निपटेगी।

उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्षी नेता बार-बार की चुनावी हार के बाद हताश होकर काम कर रहे हैं और चेतावनी दी कि पार्टी तथा उसके समर्थक उनके इन प्रयासों का विरोध करेंगे। उन्होंने कहा भारत सरकार आपके द्वारा तनाव पैदा करने के लिए किए जा रहे प्रयासों से सख्ती से निपटेगी । कांग्रेस ने सत्तारूढ़ पार्टी और सरकार पर राष्ट्रीय राजधानी को “किले” में तब्दील करने का आरोप लगाया, जिसके तहत पार्टी के महासचिव जयराम रमेश ने ‘एक्स’ पर लिखा राष्ट्रीय राजधानी को एक किले में बदल दिया गया है, जहाँ हर तरफ सशस्त्र सुरक्षाकर्मी तैनात हैं ।कांग्रेस अध्यक्ष एवं राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे ने मोदी सरकार पर आरोप लगाया है कि सरकार से सवाल करने वालों को हिरासत में लेकर उनकी आवाज दबायी जा रही है और देश को ‘खामोश लोकतंत्र’ में बदला जा रहा है।

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श्री खरगे ने सोशल मीडिया एक्स पर कहा कि युवाओं, छात्रों, वकीलों, पत्रकारों, सामाजिक कार्यकर्ताओं, किसान संगठनों के नेताओं, यूट्यूबरों और कंटेंट क्रिएटरों सहित सरकार से सवाल करने वाले सभी लोगों को हिरासत में लिया जा रहा है। उन्होंने कहा “भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) की कायरता आज पूरी तरह सामने आ गयी है। हिरासत, गिरफ्तारियां, जेल, लाठियां और पैलेट भी भारत के लोगों को रोक नहीं सकते। स्वतंत्रता संग्राम के समय से ही युवा देश की नियति तय करने में अग्रणी भूमिका निभाते रहे हैं । कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि उनकी पार्टी एकजुट विपक्ष के साथ मिलकर इस तानाशाही शासन के खिलाफ पूरी ताकत से लड़ती रहेगी। भारत की आजादी के लिए खून बहाने वाली कांग्रेस लोकतंत्र, संविधान और प्रत्येक भारतीय के मौलिक अधिकारों की रक्षा के लिए संघर्ष जारी रखेगी। समाजवादी पार्टी (सपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुये कहा कि जनता की आवाज को ताकत के बल पर दबाने की कोशिश सरकार की बड़ी भूल साबित होगी।

श्री यादव ने ‘एक्स’ पर कहा किसी के रोकने से नहीं रुकेगा, अब दिल्ली में देश जुटेगा । उन्होंने कहा कि देश की युवा ऊर्जा उनके साथ है। भाजपा सरकार अगर यह समझ रही है कि वह ताकत के बल पर जनता को रोक लेगी, तो यह उसकी और भी बड़ी भूल साबित होगी। श्री यादव ने कहा कि ‘जंतर-मंतर’ अब केवल एक जगह का नाम नहीं, बल्कि नई चेतना और जागरण का प्रतीक बन गया है। पुलिस ने सुबह ही जंतर-मंतर पर आयोजित प्रदर्शन में शामिल होने जा रहे मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के शीर्ष नेताओं समेत कई नेताओं को हिरासत में ले लिया। हिरासत में लिए गए नेताओं में माकपा महासचिव एमए बेबी, पूर्व मुख्यमंत्री एवं केरलम विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष पिनराई विजयन, केरलम के पूर्व वित्त मंत्री केएन. बालगोपाल, राज्यसभा सांसद जॉन ब्रिटास, मणिकंतन वी. गोविंदान, श्रीमती, वृंदा करात, के के शैलजा और पी राजीव शामिल हैं।

श्रीमती करात ने फेसबुक पेज पर लिखा मोदी और उनकी सरकार को यह समझ लेना चाहिए कि भारत के लोग उठ खड़े हुए हैं और वे उन्हें रोक नहीं सकते। दिल्ली का दिल उसके सभी लोगों का है। ये दबाने वाले तरीके हमें नहीं रोक पाएंगे! चलो जंतर-मंतर की ओर!”

केरलम भवन से बाहर निकलते ही पुलिस ने वामपंथी नेताओं को जंतर-मंतर की ओर मार्च करने से रोक दिया और उन्हें हिरासत में ले लिया। शुरुआत में पुलिस ने श्री विजयन, श्री ब्रिटास और श्री केएन बालगोपाल को छोड़कर अन्य नेताओं को हिरासत में लिया था लेकिन जब ये तीनों नेता जंतर-मंतर की ओर बढ़ने लगे तो पुलिस के साथ उनकी तीखी बहस हुई और पुलिस ने उन्हें भी हिरासत में ले लिया। हिरासत में लिए जाने के दौरान मीडिया से बात करते हुए श्री विजयन ने इस कार्रवाई को ‘लोकतंत्र की हत्या’ करार दिया। उन्होंने कहा कि नागरिकों से उनकी सरकार चुनने का अधिकार छीना जा रहा है और 13 करोड़ से अधिक मतदाताओं के नाम हटाए गए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि यह काम मुख्य चुनाव आयुक्त ने सरकार के इशारे पर किया है और सरकार अब उन्हें बचाने के लिए गैर-कानूनी तरीके अपना रही है लेकिन यह विरोध आज खत्म नहीं होगा। श्री विजयन ने कहा कि भारत देश कोई पुलिस राज्य नहीं, बल्कि एक लोकतांत्रिक देश है और सत्ताधारी दल के मन में लोकतंत्र के प्रति कोई सम्मान न होने के कारण ऐसी कार्रवाई की जा रही है।

वहीं, सांसद जॉन ब्रिटास ने स्पष्ट किया कि वे किसी भी दबाव के आगे नहीं झुकेंगे। इसी बीच, सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन ने सुप्रीम कोर्ट क्षेत्र में शांतिपूर्ण प्रदर्शन के दौरान वकीलों के खिलाफ बल प्रयोग किए जाने और उनकी हिरासत की खबरों पर गंभीर चिंता व्यक्त की है। एसोसिएशन ने विशेष रूप से महिला अधिवक्ताओं सहित वरिष्ठ और युवा वकीलों की कथित हिरासत का मुद्दा उठाया है। उच्चतम न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत को दिए गए एक ज्ञापन में एसोसिएशन ने हस्तक्षेप की मांग करते हुए हिरासत में लिए गए वकीलों की सुरक्षा और उनके ठिकाने का पता लगाने का आग्रह किया है। इसके साथ ही, बिना किसी कानूनी आधार के रोके गए वकीलों को तत्काल कानूनी सहायता प्रदान करने, उनकी रिहाई सुनिश्चित करने और पूरी घटना की निष्पक्ष जांच के बाद उचित कानूनी कार्रवाई करने की मांग की गई है।

जंतर-मंतर पर प्रदर्शन करने जा रहे आम आदमी पार्टी (आप) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल समेत पार्टी के कई नेताओं को दिल्ली पुलिस ने हिरासत में लिया है। हिरासत में लिए गए नेताओं में आप के राज्यसभा सांसद संजय सिंह, दिल्ली के पूर्व मंत्री सौरभ भारद्वाज और विधायक दुर्गेश पाठक भी शामिल हैं।आप विधायक कुलदीप कुमार ने आज दिल्ली पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि अरविंद केजरीवाल और आप सांसद संजय सिंह को पुलिस मोदी सरकार के आदेश पर हिरासत में लेकर जा रही है। उन्होंने कहा कि पार्टी मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर प्रदर्शन करने पहुंच रही थी और इसी दौरान पुलिस ने नेताओं को हिरासत में लिया।

Pic Credit : UNI

‘3 से 4 साल में चाहिए 1 करोड़…’ जानिए अंकुर वारिकू ने किस ‘कॉस्टली मनी मिस्टेक’ से बचने की दी सलाह

हर कोई चाहता है कि उसकी बचत तेजी से बढ़े और वह जल्द से जल्द आर्थिक रूप से मजबूत बन जाए। कोई अपना घर खरीदने का सपना देखता है, तो कोई करोड़पति बनकर आरामदायक जिंदगी जीना चाहता है। लेकिन जब बड़े वित्तीय लक्ष्य को पूरा करने के लिए समय बहुत कम तय कर लिया जाता है, तो यही उम्मीद चिंता का कारण बन सकती है। उद्यमी और कंटेंट क्रिएटर अंकुर वारिकू ने हाल ही में एक महिला का ईमेल साझा किया, जो अगले तीन से चार साल में ₹1 करोड़ का फंड तैयार करना चाहती थीं।

खास बात यह है कि महिला के पास पहले से ₹25 लाख की बचत थी और वह कई वर्षों से निवेश भी कर रही थीं। इसके बावजूद उनका लक्ष्य वारिकू को जल्द अमीर बनने की सोच का उदाहरण लगा।

₹25 लाख की बचत के बाद भी क्यों थी करोड़पति बनने की जल्दी?

अंकुर वारिकू ने अपने LinkedIn पोस्ट में बताया कि महिला की आर्थिक स्थिति अच्छी थी। उनके पास स्थिर नौकरी, अच्छी कमाई और निवेश का अनुभव भी था। वह पहले ही ₹25 लाख का फंड बना चुकी थीं, जिसे वारिकू ने एक अच्छी उपलब्धि बताया।

इसके बाद भी महिला अगले तीन से चार वर्षों में ₹1 करोड़ तक पहुंचना चाहती थीं। वारिकू के मुताबिक, इस तरह की इच्छा काफी आम है, लेकिन कम समय में बहुत बड़ी रकम जुटाने की उम्मीद करना व्यावहारिक सोच नहीं है।

उनकी बात का मकसद बचत के लक्ष्य को गलत बताना नहीं, बल्कि यह समझाना था कि पैसे बढ़ाने की प्रक्रिया में जल्दबाजी करना कई बार निराशा पैदा कर सकता है।

निवेश में कंपाउंडिंग समझना काफी नहीं

वारिकू ने निवेश के एक अहम सिद्धांत कंपाउंडिंग पर भी जोर दिया। इसमें निवेश से मिलने वाला रिटर्न आगे चलकर खुद भी रिटर्न कमाने लगता है। समय के साथ यह प्रक्रिया बचत को बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।

हालांकि, शुरुआत में इसका असर बहुत धीमा दिखाई दे सकता है। निवेशक नियमित रूप से पैसा लगाते हैं, लेकिन उन्हें उम्मीद के मुताबिक तेजी से बढ़ोतरी नजर नहीं आती। ऐसे में कई लोग अधीर हो जाते हैं और अपने लक्ष्य या निवेश की रणनीति को लेकर परेशान होने लगते हैं।

वारिकू का कहना है कि कंपाउंडिंग को समझना और अपनी बचत पर उसका वास्तविक असर महसूस करना दो अलग-अलग बातें हैं।

युवाओं को क्यों रखना चाहिए लंबी अवधि का नजरिया?

वारिकू के मुताबिक, 20 या 30 की उम्र में निवेश शुरू करने वाले लोगों ने अक्सर अपनी रकम पर 15 से 20 वर्षों तक कंपाउंडिंग का असर नहीं देखा होता। इसलिए उन्हें शुरुआत में यह प्रक्रिया धीमी लग सकती है।

लेकिन लंबी अवधि में नियमित निवेश और समय का संयोजन धन जुटाने में अहम भूमिका निभा सकता है। इसका मतलब यह नहीं कि हर निवेश से निश्चित रिटर्न मिलेगा। बाजार का प्रदर्शन, निवेश की राशि और जोखिम जैसे कारक भी परिणामों को प्रभावित करते हैं।

करोड़पति बनने के लिए सिर्फ बड़ा लक्ष्य नहीं, धैर्य भी जरूरी

इस पूरे मामले से एक अहम सीख मिलती है कि आर्थिक सफलता की योजना बनाते समय लक्ष्य के साथ उसकी समयसीमा भी वास्तविकता के आधार पर तय करनी चाहिए। ₹1 करोड़ का फंड बनाना एक अच्छा वित्तीय लक्ष्य हो सकता है, लेकिन उसे हासिल करने के लिए अपनी आय, मौजूदा बचत, निवेश और जोखिम उठाने की क्षमता को ध्यान में रखना जरूरी है।

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Video: ₹60 हजार की नौकरी छोड़कर चुना कंटेंट क्रिएशन, 14K फॉलोअर्स के साथ कमाए ₹1.12 लाख; जानिए कैसे

हर महीने मिलने वाली तय सैलरी छोड़कर सोशल मीडिया पर करियर बनाना आसान फैसला नहीं होता। खासकर तब, जब कमाई का भरोसा ब्रांड डील्स, फॉलोअर्स और ऑडियंस की पसंद पर टिका हो। लेकिन दिल्ली की 23 साल की कंटेंट क्रिएटर उपासना ने इसी अनिश्चित रास्ते को अपना करियर बनाने का फैसला किया। अब उन्होंने अपनी एक महीने की कमाई का आंकड़ा साझा कर सोशल मीडिया यूजर्स का ध्यान खींचा है।

सितंबर बना अब तक का सबसे कमाऊ महीना

उपासना ने बताया कि उन्होंने ₹60,000 महीने की नौकरी छोड़कर कंटेंट क्रिएशन को फुल-टाइम करियर के तौर पर चुना। सितंबर उनके लिए खास रहा, क्योंकि इस एक महीने में उन्होंने छह ब्रांड कोलैबोरेशन से कुल ₹1.12 लाख कमाए। अपने इंस्टाग्राम वीडियो में कमाई का पूरा हिसाब बताते हुए उपासना ने कहा कि उस समय उनके करीब 14,000 फॉलोअर्स थे और सितंबर उनके कंटेंट क्रिएशन सफर का अब तक का सबसे बड़ा महीना रहा।

छह ब्रांड डील्स से कैसे जुटे ₹1.12 लाख?

उपासना की सितंबर की कमाई छह अलग-अलग ब्रांड कोलैबोरेशन से हुई। इनमें से एक डील UGC यानी User Generated Content की थी, जबकि बाकी पांच कोलैबोरेशन उनके अपने इंस्टाग्राम पेज पर पोस्ट किए जाने थे। उपासना के मुताबिक, UGC डील से उन्हें ₹15,000 मिले। बाकी पांच ब्रांड डील्स से कुल ₹97,000 की कमाई हुई। इस तरह सितंबर की कुल कमाई ₹1.12 लाख तक पहुंच गई। UGC में क्रिएटर किसी ब्रांड के लिए वीडियो, फोटो, रिव्यू या दूसरे तरह का कंटेंट तैयार करता है। खास बात यह है कि ऐसे कंटेंट को क्रिएटर के अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर पोस्ट करना जरूरी नहीं होता। ब्रांड इसे अपने मार्केटिंग कैंपेन में इस्तेमाल कर सकता है।

कमाई हुई, लेकिन पैसे अभी खाते में नहीं आए

यहां कहानी का एक दिलचस्प पहलू भी है। ₹1.12 लाख की डील्स हासिल करने के बावजूद उपासना को अभी पूरी रकम प्राप्त नहीं हुई है। उन्होंने बताया कि अलग-अलग ब्रांड्स के पेमेंट साइकल अलग होते हैं, इसलिए भुगतान मिलने में समय लग सकता है। यानी सोशल मीडिया से हुई कमाई सिर्फ डील साइन होने या कंटेंट बनाने तक सीमित नहीं है, बल्कि पेमेंट का इंतजार भी इस सफर का हिस्सा है।

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डेढ़ साल के सफर में पहली बार पार किया ₹1 लाख

उपासना पिछले करीब 1.5 साल से कंटेंट बना रही हैं। उनके लिए सितंबर इसलिए भी खास रहा क्योंकि यह पहला महीना था जब उनकी कमाई ने ₹1 लाख का आंकड़ा पार किया। उनकी इस उपलब्धि पर सोशल मीडिया यूजर्स ने भी प्रतिक्रिया दी। एक यूजर ने इसे कंटेंट क्रिएशन शुरू करने की प्रेरणा बताया, जबकि दूसरे ने सिर्फ 14 हजार फॉलोअर्स के बावजूद इतनी कमाई पर हैरानी जताई।

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Video: 40 रुपये की कॉफी बेचकर एक दिन में 18 हजार की बिक्री, जानें कैसे चला ये अनोखा स्टॉल

एक कप कॉफी की कीमत भले ही 40 रुपये हो, लेकिन अगर ग्राहक लगातार मिलते रहें तो यही छोटी बिक्री बड़ा आंकड़ा बना सकती है। इसी गणित को परखने के लिए कंटेंट क्रिएटर देवांश त्यागी ने कॉर्पोरेट ऑफिस के बाहर एक दिन के लिए कॉफी स्टॉल लगाया। मकसद था यह देखना कि ऑफिस जाने वाले लोगों के बीच कॉफी बेचकर एक दिन में कितनी बिक्री की जा सकती है। सुबह स्टॉल शुरू हुआ तो धीरे-धीरे ग्राहक आने लगे। कभी बिक्री धीमी हुई तो कभी ऑफिस ब्रेक और शाम की भीड़ ने रफ्तार बढ़ा दी। दिन खत्म होते-होते सामने आया 450 कप का आंकड़ा, जिसने इस छोटे से प्रयोग को चर्चा में ला दिया।

सुबह-सुबह शुरू हुई कॉफी की दुकान

देवांश ने अपने प्रयोग की पूरी झलक सोशल मीडिया वीडियो में दिखाई। सुबह उन्होंने एक टेबल, गैस स्टोव, दूध, इंस्टेंट कॉफी, कप और दूसरी जरूरी चीजों का इंतजाम किया।

करीब 10 बजे तक उनका छोटा सा स्टॉल तैयार था। ग्राहकों को सामान्य कॉफी से थोड़ा अलग अनुभव देने के लिए उन्होंने चार फ्लेवर भी रखे।

इसके बाद दूध गर्म किया गया, कॉफी तैयार हुई और ऑफिस जाने वाले लोगों के लिए बिक्री शुरू हो गई।

पहले दो घंटे में बिके 40 कप

सुबह ऑफिस ब्रेक के दौरान लोगों की आवाजाही बढ़ी तो कॉफी की बिक्री भी शुरू हो गई। देवांश ग्राहकों को कॉफी देने के साथ-साथ उनसे स्वाद का फीडबैक भी लेते रहे।

उनके मुताबिक, शुरुआत अच्छी रही और पहले दो घंटे में ही 40 कप कॉफी बिक गई।

दोपहर में धीमी हुई बिक्री, शाम को फिर बढ़ी भीड़

हालांकि पूरे दिन ग्राहकों की रफ्तार एक जैसी नहीं रही। दोपहर के समय बिक्री कुछ धीमी पड़ गई। लेकिन शाम होते ही ऑफिस से निकलने वाले कर्मचारियों की संख्या बढ़ी और कॉफी की मांग फिर तेज हो गई।

ऑर्डर बढ़ने लगे तो देवांश को कॉफी बनाने की रफ्तार भी बढ़ानी पड़ी। उन्होंने मजाकिया अंदाज में कहा कि उस समय उनके हाथ इतनी तेजी से चल रहे थे, जैसे वह खुद कॉफी मशीन बन गए हों।

कॉफी का स्टॉक ही पड़ गया कम

बढ़ती बिक्री के बीच आखिरकार एक ऐसी समस्या सामने आई, जो किसी भी छोटे कारोबार के लिए आम है। कॉफी का स्टॉक खत्म हो गया। देवांश के मुताबिक, दिन के अंत तक उन्होंने कुल 450 कप कॉफी बेचने का दावा किया। अगर हर कप की कीमत 40 रुपये मानी जाए, तो 450 कप की कुल बिक्री 18,000 रुपये बैठती है।

18 हजार रुपये की बिक्री का मतलब 18 हजार का मुनाफा नहीं

यहां एक बात समझना जरूरी है। 18 हजार रुपये पूरे दिन की बिक्री यानी राजस्व है, मुनाफा नहीं।दूध, कॉफी, फ्लेवर, कप, गैस और दूसरी चीजों पर हुए खर्च को निकालने के बाद ही पता चलेगा कि वास्तव में कितना पैसा बचा। वीडियो में इन सभी खर्चों का पूरा हिसाब सामने नहीं आया।

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क्या हर दिन इतनी कमाई हो सकती है?

देवांश के इस प्रयोग के बाद सोशल मीडिया पर लोगों के बीच बहस भी शुरू हो गई। कुछ लोगों को यह कारोबार का अच्छा आइडिया लगा, जबकि कुछ ने सवाल उठाया कि क्या हर दिन 450 कप कॉफी बेचना संभव है। कुछ यूजर्स का कहना था कि एक दिन कॉर्पोरेट कर्मचारियों का समर्थन मिल जाना और रोजाना स्थायी ग्राहक बनना दो अलग बातें हैं। वहीं कुछ लोगों ने यह भी कहा कि असली चुनौती सिर्फ एक दिन बिक्री करना नहीं, बल्कि लंबे समय तक उसी जगह कारोबार चलाना है।

एक दिन का प्रयोग, लेकिन सवाल बड़ा

इस कॉफी स्टॉल के प्रयोग ने कम से कम एक बात जरूर दिखा दी कि सही जगह, सही ग्राहक और सही कीमत छोटे कारोबार की बिक्री पर बड़ा असर डाल सकते हैं। हालांकि, एक दिन की 18 हजार रुपये की बिक्री को देखकर यह मान लेना सही नहीं होगा कि इतनी कमाई हर दिन आसानी से हो सकती है। असली तस्वीर लागत, ग्राहक और लगातार बिक्री के आंकड़ों से ही सामने आएगी।

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6 ग्राम का कंगन, 22 एकड़ की सोसाइटी और 2000 लोगों की भीड़… ऐसे वापस मिला खोया सोना

हैदराबाद की एक गेटेड कम्युनिटी में गुम हुआ सोने का ब्रेसलेट मिलने की कहानी इन दिनों चर्चा में है। करीब 22 एकड़ में फैले इस रिहायशी परिसर में रहने वाली कंटेंट क्रिएटर स्वाति बांदला को तब परेशानी हुई, जब उनका 6-7 ग्राम का ब्रेसलेट अचानक गायब हो गया। उन्हें याद ही नहीं था कि आखिर ज्वेलरी कब और कहां गिरी। काफी तलाश के बाद भी जब कोई सुराग नहीं मिला, तो उन्होंने सोसाइटी की सिक्योरिटी टीम से मदद मांगी। इसके बाद CCTV फुटेज ने पूरी कहानी का रुख बदल दिया। सिक्योरिटी कर्मचारियों ने उनके आने-जाने के रास्तों और कॉमन एरिया की फुटेज खंगाली और एक खास जगह को चिन्हित किया।

खास बात यह थी कि वहां स्वतंत्रता दिवस के मौके पर 2,000 से ज्यादा लोग मौजूद थे। इसके बावजूद स्वाति और उनके पति ने रात में वहां पहुंचकर तलाश जारी रखी और आखिरकार घास में चमकता ब्रेसलेट मिल गया।

6-7 ग्राम का ब्रेसलेट हुआ अचानक गायब

हैदराबाद की कंटेंट क्रिएटर स्वाति बांदला ने इंस्टाग्राम वीडियो में अपना अनुभव शेयर किया। उन्होंने बताया कि ब्रेसलेट करीब 6-7 ग्राम का था और उन्हें बिल्कुल अंदाजा नहीं था कि वह कब और कहां गिरा। 16 अगस्त को जब उन्हें ब्रेसलेट हाथ में नहीं मिला, तो सबसे पहले उन्होंने सोसाइटी की सिक्योरिटी टीम से संपर्क किया। उन्होंने यह भी पता किया कि कहीं किसी निवासी ने ब्रेसलेट को सिक्योरिटी या लॉस्ट एंड फाउंड में तो जमा नहीं कराया है।

एक वीडियो बना पूरी तलाश का सुराग

जब शुरुआती कोशिशों से कुछ पता नहीं चला तो स्वाति ने अपने फोन में मौजूद पुराने फोटो और वीडियो खंगालने शुरू किए। इसी दौरान उन्हें 15 अगस्त की सुबह का एक वीडियो मिला, जिसमें ब्रेसलेट उनकी कलाई पर साफ दिखाई दे रहा था। यह छोटा-सा सुराग सिक्योरिटी टीम के लिए बेहद काम का साबित हुआ। वीडियो को आधार बनाकर टीम ने स्वाति की उस दिन की गतिविधियों को CCTV में ट्रैक करना शुरू किया।

CCTV ने जो दिखाया, वहीं से शुरू हुई असली खोज

सिक्योरिटी कर्मचारियों ने सोसाइटी के अलग-अलग हिस्सों की फुटेज देखी। एंट्री और एग्जिट पॉइंट, लिफ्ट, लॉबी और कॉमन एरिया तक के कैमरों को खंगाला गया। काफी फुटेज देखने के बाद टीम को एक ऐसी जगह नजर आई, जहां संभावना थी कि स्वाति के वहां से गुजरने से कुछ सेकंड पहले ब्रेसलेट जमीन पर गिरा होगा। लेकिन समस्या यह थी कि उसी जगह 15 अगस्त को स्वतंत्रता दिवस का कार्यक्रम आयोजित किया गया था।

2000 से ज्यादा लोगों के बीच कैसे मिलता ब्रेसलेट?

जिस जगह ब्रेसलेट गिरने की आशंका थी, वहां दिनभर 2,000 से ज्यादा लोग आ-जा चुके थे। ऐसे में कुछ ग्राम का सोने का ब्रेसलेट घास में तलाशना किसी चुनौती से कम नहीं था। फिर भी स्वाति और उनके पति ने हार नहीं मानी। रात में दोनों उसी जगह पहुंचे, जिसे CCTV फुटेज के आधार पर चिन्हित किया गया था।

अंधेरे में चमकी उम्मीद की एक किरण

रात में रोशनी के बीच घास में तलाश करते हुए अचानक उन्हें कुछ चमकता हुआ दिखाई दिया। पास जाकर देखा तो वह वही गुम हुआ सोने का ब्रेसलेट था। जिस ज्वेलरी को वापस मिलने की उम्मीद लगभग खत्म हो चुकी थी, वह आखिरकार मिल गई। इस पूरे घटनाक्रम में CCTV और सिक्योरिटी टीम की तेजी ने अहम भूमिका निभाई।

स्वाति ने सिक्योरिटी टीम को दिया पूरा श्रेय

इस अनुभव के बाद स्वाति ने कहा कि गेटेड कम्युनिटी की अहमियत सिर्फ सुविधाओं और इमारतों तक सीमित नहीं है। उनके मुताबिक, मजबूत सिक्योरिटी सिस्टम, CCTV कैमरे और मदद के लिए मौजूद स्टाफ मुश्किल समय में बेहद काम आते हैं। उन्होंने माना कि अगर सिक्योरिटी टीम ने तुरंत कार्रवाई नहीं की होती और CCTV फुटेज को इतनी बारीकी से ट्रैक नहीं किया होता, तो शायद उनका ब्रेसलेट हमेशा के लिए खो जाता।

(डिस्क्लेमर: यह रिपोर्ट सोशल मीडिया पर यूज़र द्वारा शेयर किए गए कंटेंट पर आधारित है। मनीकंट्रोल इन दावों की न तो स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं करता है और न ही इनका समर्थन करता है।)

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Ramayana: मेकर्स ने देर रात रिलीज किए ‘रामायणम्’ के नए पोस्टर, रणबीर कपूर-यश को देख इंप्रेस हुए यूजर्स

Ramayana: नमित मल्होत्रा ​​और नितेश तिवारी ने ‘रामायणम् पार्ट वन’ के लिए शनिवार को मुंबई में एक इवेंट रखा। आधी रात के बाद उन्होंने फिल्म के नए पोस्टर जारी किए, जिनमें मुख्य कलाकार रणबीर कपूर, साई पल्लवी, यश और रवि दुबे नजर आए। फैन्स नए पोस्टर्स से बहुत इंप्रेस लग रहे हैं। यूजर्स को ये पोस्टर टीम द्वारा अब तक जारी किए गए सभी लुक से ये पोस्टर से बेहतर लगे हैं।

‘रामायण’ के नए पोस्टर जारी

‘वर्ल्ड ऑफ रामायण’ के ऑफिशियल सोशल मीडिया अकाउंट्स ने एक पोस्टर जारी किया, जिसमें रणबीर कपूर राम के रूप में, साई पल्लवी सीता के रूप में और रवि दुबे लक्ष्मण के रूप में वनवास गेटअप में दिख रहे हैं। इसके साथ कैप्शन लिखा था, “हमेशा धर्म के साथ।” पोस्टर में तीनों सादे, पारंपरिक कपड़ों में वनवास के दौरान एक साथ खड़े दिखाई दे रहे हैं।

इसके बिल्कुल उलट एक और पोस्टर है, जिसमें यश अपनी सुनहरी लंका में रावण के रूप में दिख रहे हैं। काले कपड़ों और सोने के गहनों से सजे वे अपने महल के सामने खड़े होकर डरावने और प्रभावशाली लग रहे हैं। इसे पोस्ट करते हुए ‘रामायण’ अकाउंट ने लिखा, “तीनों लोकों का स्वामी रावण।” उन्होंने यह भी लिखा- “हमारा सच… हमारा इतिहास।”

नए पोस्टर्स से फैन्स हुए इंप्रेस्ड

पोस्टर्स जारी करने में देरी के बावजूद फैन्स बहुत उत्साहित दिखे। X पर एक पोस्ट में लिखा था, “#Ramayana की नई तस्वीरें आ गई हैं, पोस्टर शानदार लग रहे हैं।” एक और यूजर ने लिखा, “पहला वाला पोस्टर तो बहुत पहले ही जारी कर देना चाहिए था यार।” वनवास वाले पोस्टर का ज़िक्र करते हुए एक X यूजर ने लिखा, “आखिरकार वो पोस्टर आ ही गया… बहुत सुंदर… ।”

एक X यूजर ने अपनी राय दी, “मुझे पता है कि पुरानी यादों (नॉस्टेल्जिया) की वजह से बहुत से लोगों को यह बात पसंद नहीं आएगी, लेकिन यह फिल्म युगो साको की ‘रामायण: द लीजेंड ऑफ प्रिंस राम’ और रामानंद सागर की ‘रामायण’ से कहीं बेहतर साबित होगी।” रेडिट पर कई लोग रणबीर, साई और रवि के पोस्टर को लेकर बंटे हुए दिखे, लेकिन वे यश के पोस्टर से प्रभावित थे। एक कमेंट में लिखा था, “अब तक का सबसे अच्छा पोस्टर। यश अच्छे लग रहे हैं और फिल्म का स्केल भी ज्यादा साफ तौर पर दिख रहा है।”

यश के पोस्टर के बारे में एक रेडिटर ने कहा- “शायद यहीं मुझे कुछ बड़े पैमाने पर काम होता दिख रहा है। साथ ही यश की पोस्टर पर मौजूदगी भी जबरदस्त है।” वहीं एक और यूजर ने लिखा, “वह खतरनाक लग रहे हैं और उनमें निश्चित रूप से सही तरह का औरा है!”

मिस्टरबीस्ट ने रामायण इवेंट में ‘जय श्री राम’ के नारे लगाए

शनिवार को मशहूर अमेरिकी यूट्यूबर जिमी डोनाल्डसन, जिन्हें मिस्टरबीस्ट के नाम से जाना जाता है, रामायणम् के प्रमोशनल इवेंट में शामिल हुए। वहां उन्होंने ‘जय श्री राम’ का नारा लगाकर दर्शकों को हैरान कर दिया। जब दर्शकों में से किसी ने यही नारा लगाया तो रणबीर ने कंटेंट क्रिएटर को भी वह नारा दोहराने में मदद की। मिस्टरबीस्ट ने कहा, “बहुत मजा आया और फिल्म का ट्रेलर शानदार है, यह जबरदस्त लग रहा है।”