संडे प्रोफाइल : एलिक्स अर्ले:85 लाख फॉलोअर्स वाली अर्ले सबसे प्रभावशाली कंटेंट क्रिएटर

अमेरिकी इंफ्लूएंसर एलिक्स अर्ले को टाइम मैग्जीन ने 2026 के 100 सबसे प्रभावशाली डिजिटल कंटेंट क्रिएटर की सूची में शीर्ष पर रखा है। अर्ले ने एक प्रोडक्ट भी लॉन्च किया है। अब नेटफ्लिक्स उन पर रियलिटी सीरीज बनाएगा। आज सोशल मीडिया पर लाखों लोग अपनी जिंदगी साझा करते हैं, लेकिन अमेरिकी कंटेंट क्रिएटर एलिक्स अर्ले ने इसी आदत को अपना सबसे बड़ा बिजनेस मॉडल बना दिया। टिकटॉक पर करीब 85 लाख फॉलोअर्स वाली 25 वर्षीय अर्ले का मानना है कि लोग अब भी उन्हें ठीक से नहीं समझते। उनके मुताबिक सबसे बड़ी गलतफहमी यह है कि लोगों को लगता है उन्हें सफलता आसानी से मिल गई। दूसरी धारणा यह है कि वह केवल किसी और के बिजनेस का चेहरा हैं, जबकि वह अपने फैसले खुद लेने वाली उद्यमी हैं। अर्ले कहती हैं, ‘लोग मुझे कम आंकते हैं या सोचते हैं कि मैं नासमझ हूं।’ इंटरनेट पर बेहद आत्मविश्वासी और प्रभावशाली दिखने वाली अर्ले वास्तविक जीवन में काफी शांत स्वभाव की हैं। उनका कहना है कि उनसे पहली बार मिलने वाले कई लोग कहते हैं कि वे तस्वीरों और वीडियो जैसी नहीं दिखतीं। एक समय उन्हें राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प का समर्थक भी माना गया। इस पर अर्ले ने साफ किया कि कॉलेज के दिनों में उनके विचार अलग थे, लेकिन अब वे खुद को ट्रम्प समर्थक नहीं मानतीं। अर्ले की सबसे बड़ी ताकत उनकी साफगोई मानी जाती है। उन्होंने कभी अपनी जिंदगी को परफेक्ट दिखाने की कोशिश नहीं की। उन्होंने पारिवारिक परेशानियों, प्रेम संबंधों, मानसिक उतार-चढ़ाव और मुंहासों जैसी निजी समस्याओं तक को सोशल मीडिया पर खुलकर साझा किया। यही ईमानदारी उनके फॉलोअर्स को उनसे जोड़ती है। उनकी लोकप्रियता को देखते हुए नेटफ्लिक्स उन पर आधारित रियलिटी सीरीज ‘अर्ले मीट्स वर्ल्ड’ लेकर आ रहा है। मियामी यूनिवर्सिटी से मार्केटिंग की पढ़ाई करने वाली अर्ले दो बार हार्वर्ड यूनिवर्सिटी में भी व्याख्यान दे चुकी हैं। उन्होंने अमेजन, कार्ल्स जूनियर और प्रीबायोटिक ड्रिंक पॉपी सहित कई बड़े ब्रांड्स के साथ काम किया है। अर्ले का सोशल मीडिया सफर भी संघर्ष से भरा रहा। न्यू जर्सी में पली-बढ़ी अर्ले ने कॉलेज के दौरान टिकटॉक पर डांस, शॉपिंग और रोजमर्रा की जिंदगी से जुड़े वीडियो पोस्ट किए, लेकिन खास पहचान नहीं मिली। 2022 में उन्होंने अपने मुंहासों (एक्ने) से जुड़ी परेशानी और बिना मेकअप वाली तस्वीरें साझा कीं। यह वीडियो वायरल हो गई और लाखों लोगों ने उनकी ईमानदारी की सराहना की।

‘काम नहीं छोड़ेंगे हम बिहारी ऐसे ही होते हैं…’, महीने की 80,000 कमाई…दिल का दौरा पड़ने के बाद भी 12 घंटे Uber चला रहा शख्स

सोशल मीडिया पर वायरल हुई एक पोस्ट ने दिल्ली के एक उबर ड्राइवर की ओर लोगों का ध्यान खींचा है, जिन्होंने आराम के बजाय अपने काम को चुना। हालांकि उन्हें किराए से हर महीने ₹80,000 की कमाई होती है, फिर भी हार्ट अटैक से उबरने के बाद भी वे घंटों तक गाड़ी चलाते हैं। वे यह साबित करने के लिए ऐसा करते हैं कि सेहत से जुड़ी इस मुश्किल ने उन्हें “बेकार” नहीं बना दिया है।

इस कहानी को कंटेंट क्रिएटर आस्था सेठ ने इंस्टाग्राम पर शेयर किया। उन्होंने बताया कि राइड के दौरान हुई एक आम बातचीत उनके लिए सबसे यादगार मुलाकातों में से एक बन गई। सेठ के अनुसार, ड्राइवर बिहार के समस्तीपुर का रहने वाला है और पहले दिल्ली में अपने एक रिश्तेदार की फ़ैक्ट्री में काम करता था। हालाँकि, पिछले साल हार्ट अटैक आने के बाद उसकी ज़िंदगी ने एक अप्रत्याशित मोड़ ले लिया। उन्होंने बताया कि उसके रिश्तेदार का मानना ​​था कि वह अब शारीरिक रूप से मेहनत वाले काम करने में सक्षम नहीं है, इसलिए उन्होंने उसे फ़ैक्ट्री छोड़ने के लिए कह दिया।

उस बातचीत को याद करते हुए सेठ ने लिखा, “यह व्यक्ति बिहार के समस्तीपुर का रहने वाला है। पहले वह दिल्ली में अपने एक रिश्तेदार की फैक्ट्री में काम करता था और अच्छी कमाई करता था, लेकिन पिछले साल उसे दिल का दौरा पड़ा। इसके बाद उसके रिश्तेदार ने उससे कहा कि अब वह किसी काम का नहीं रहा क्योंकि वह ताकत वाला कोई काम नहीं कर सकता, और उसे फैक्ट्री से निकाल दिया। लेकिन वह व्यक्ति यहीं नहीं रुका।”

उन्होंने आगे बताया कि ड्राइवर के पास नोएडा इलेक्ट्रॉनिक सिटी के पास एक रेजिडेंशियल सोसाइटी में दो फ्लैट हैं, जिनकी कुल कीमत लगभग ₹80 लाख है और जिनसे हर महीने लगभग ₹80,000 का किराया मिलता है। पास काम छोड़कर आराम करने और घर पर रहने का विकल्प था और अब भी है। लेकिन उन्होंने उबर ड्राइवर के तौर पर काम करना चुना है।”

पैसिव इनकम का एक पक्का ज़रिया होने के बावजूद, ड्राइवर सुबह 10 बजे से रात 10 बजे तक काम करते हैं और हर महीने अतिरिक्त 50,000 कमाते हैं। सेठ के अनुसार, उनके काम करने की वजह सिर्फ़ पैसों की ज़रूरत से कहीं ज़्यादा है। ये सिर्फ़ उन लोगों को यह दिखाने के लिए कि हार्ट अटैक की वजह से वे बेकार या किसी काम के नहीं हो गए हैं। उनकी 2 बेटियां हैं, जिनके लिए उन्होंने ये 2 फ्लैट बचाकर रखे हैं। बिहार में उनकी पुश्तैनी संपत्ति भी है। लेकिन फिर भी वे काम कर रहे हैं।”

Video: गुरुग्राम पर महिला की अनोखी टिप्पणी वायरल, ‘अदरक’ वाली बात सुन नहीं रुकेगी हंसी

गुरुग्राम को देश के सबसे आधुनिक और तेजी से विकसित होते शहरों में गिना जाता है। ऊंची-ऊंची इमारतें, कॉर्पोरेट ऑफिस, लग्जरी सोसायटी और शानदार लाइफस्टाइल इसे लाखों लोगों के लिए आकर्षण का केंद्र बनाते हैं। हर साल बड़ी संख्या में लोग नौकरी और बेहतर अवसरों की तलाश में यहां पहुंचते हैं। लेकिन शहर की चमक-दमक के पीछे कुछ ऐसी चुनौतियां भी हैं, जिनका सामना यहां रहने वाले लोग रोजाना करते हैं। ट्रैफिक जाम, खराब सड़कें, बारिश के दौरान जलभराव और बुनियादी सुविधाओं को लेकर अक्सर चर्चा होती रहती है।

यही वजह है कि समय-समय पर सोशल मीडिया पर भी गुरुग्राम को लेकर अलग-अलग राय देखने को मिलती है। हाल ही में एक कंटेंट क्रिएटर ने शहर को लेकर ऐसा मजेदार और अनोखा उदाहरण दिया कि उसका वीडियो देखते ही देखते वायरल हो गया। उनकी तुलना ने न सिर्फ लोगों का ध्यान खींचा, बल्कि कमेंट सेक्शन में भी शहर को लेकर दिलचस्प बहस शुरू हो गई।

अदरक की तरह हर दिशा में फैल गया शहर’

वीडियो में साक्षी कहती हैं कि गुरुग्राम का नक्शा और विकास ऐसा लगता है, मानो शहर बिना किसी योजना के हर दिशा में फैल गया हो। उनके मुताबिक, बारिश होते ही हालात और बिगड़ जाते हैं। सड़कें पानी से भर जाती हैं, गड्ढों के कारण निकलना मुश्किल हो जाता है और लोगों को रोजाना परेशानियों का सामना करना पड़ता है।

अमीर पिता के बिगड़े बेटे का प्रोजेक्ट लगता है’

साक्षी ने शहर के विकास पर तंज कसते हुए कहा कि गुरुग्राम ऐसा महसूस होता है जैसे किसी बेहद अमीर व्यक्ति के बिगड़े बेटे ने अपनी पसंद से शहर बसाया हो। उन्होंने मजाकिया अंदाज में कहा कि बिना सही प्लानिंग के सब कुछ इधर-उधर जोड़कर शहर खड़ा कर दिया गया।

रोज का सफर बना सबसे बड़ी परेशानी

उन्होंने बताया कि गुरुग्राम में रोजाना यात्रा करना बेहद थकाने वाला अनुभव है। खराब सड़कें, लंबा ट्रैफिक और लगातार चल रहे निर्माण कार्य लोगों की दिनचर्या को मुश्किल बना देते हैं। वीडियो के कैप्शन में उन्होंने लिखा, “अच्छी बात बस इतनी है कि यहां रहकर आपकी टॉलरेंस काफी बढ़ जाती है।”

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लोग के रिएक्शन

वीडियो पर हजारों लोगों ने प्रतिक्रिया दी। कई यूजर्स ने कहा कि “गुरुग्राम अदरक की तरह हर जगह उग आया है” वाली तुलना शहर की सबसे सटीक तस्वीर पेश करती है। कुछ लोगों ने खराब सड़कों, धूल और स्ट्रीट लाइट की कमी का जिक्र किया, जबकि एक यूजर ने लिखा कि वह इस शहर में हमेशा के लिए फंस गया है। वहीं, बेंगलुरु के एक यूजर ने मजाक में कहा कि “एक बार बेंगलुरु आ जाओ, फिर गुरुग्राम अच्छा लगने लगेगा।”

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Siddharth Saxena: कौन हैं सिद्धार्थ सक्सेना? जिन्होंने 26 साल की उम्र में एक दिन में कमाए 76.99 करोड़ रुपये!

Who is Siddharth Saxena: इंटरनेट और सोशल मीडिया पर इन दिनों एक भारतीय टेक एंटरप्रेन्योर की कहानी तेजी से वायरल हो रही है। इस शख्स का नाम है सिद्धार्थ सक्सेना। इन्होंने हाल ही में खुलासा किया है कि उन्होंने महज 26 साल की उम्र में एक ही दिन में 8 मिलियन डॉलर (करीब 76.99 करोड़ रुपये) की कमाई की थी। कंटेंट क्रिएटर विराज अला के साथ हुए एक स्ट्रीट इंटरव्यू में सिद्धार्थ ने भारत के एक छोटे से शहर से अमेरिका में मल्टी-मिलियन डॉलर की कंपनियां खड़ी करने तक के अपने इस शानदार सफर के बारे में खुलकर बात की है। आइए जानते हैं कि कौन हैं सिद्धार्थ सक्सेना और उन्होंने यह मुकाम कैसे हासिल किया।

IIT कानपुर से की पढ़ाई, बोले- हार्वर्ड से 20 गुना मुश्किल है एडमिशन

विराज अला को दिए इंटरव्यू में सिद्धार्थ सक्सेना ने अपनी पढ़ाई और करियर के बारे में कई दिलचस्प बातें साझा कीं। सिद्धार्थ ने देश के प्रतिष्ठित संस्थान आईआईटी कानपुर से कंप्यूटर साइंस में बी. टेक की डिग्री हासिल की है। वह साल 2019 में आईआईटी कानपुर से ग्रेजुएट हुए थे। इंटरव्यू के दौरान सिद्धार्थ ने दावा किया कि आईआईटी कानपुर के कंप्यूटर साइंस प्रोग्राम में दाखिला पाना अमेरिका की प्रसिद्ध हार्वर्ड यूनिवर्सिटी में एडमिशन मिलने से 20 गुना ज्यादा कठिन है।

एक दिन में ₹76.99 करोड़ की कमाई का सच

जब इंटरव्यूअर विराज अला ने सिद्धार्थ से पूछा कि उन्होंने एक साल में अधिकतम कितनी कमाई की है, तो सिद्धार्थ ने मुस्कुराते हुए जवाब दिया कि उन्होंने एक ही दिन में 8 मिलियन डॉलर (लगभग 76.99 करोड़ रुपये) कमाए हैं। इस पर जब उनसे पूछा गया कि क्या इसका मतलब यह है कि वह रातों-रात करोड़पति बन गए, तो उन्होंने कहा कि हां, कुछ ऐसा ही कह सकते हैं। उन्होंने महज 26 साल की उम्र में यह मुकाम हासिल कर लिया था। सिद्धार्थ ने बताया कि जब वह 16 साल के थे तब उन्होंने अपने भविष्य में इस तरह की सफलता की बिल्कुल भी उम्मीद नहीं की थी।

कैसा रहा है सिद्धार्थ का करियर और बिजनेस?

आईआईटी कानपुर से 2019 में पास आउट होने के बाद सिद्धार्थ ने मशीन लर्निंग इंजीनियर के रूप में कई राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय कंपनियों के साथ काम किया। उनके करियर के सफर में Envestnet, Yodlee, Wadhwani AI जैसी कंपनियों और एल्टो यूनिवर्सिटी, जूमियो कॉर्पोरेशन जैसे संस्थान रहे।

Merlin और Thine के को-फाउंडर

नौकरी के बाद सिद्धार्थ ने एंटरप्रेन्योरशिप की राह चुनी। साल 2022 में सिद्धार्थ ने अपने आईआईटी कानपुर के बैचमेट्स प्रत्यूष राय और शीर्षेंदु सरकार के साथ मिलकर Merlin नाम की एक एआई-पावर्ड क्रोम एक्सटेंशन कंपनी की सह-स्थापना की। रिपोर्ट्स के मुताबिक आज इस कंपनी की वैल्यूएशन लगभग 50 मिलियन डॉलर (करीब 418 करोड़ रुपये से अधिक) है। इसके अलावा सिद्धार्थ एक दूसरे स्टार्टअप Thine के भी को-फाउंडर हैं।

स्टार्टअप्स को लेकर क्या है उनकी सोच?

स्टार्टअप और बिजनेस को लेकर सिद्धार्थ का मानना है कि भारत में सीमित संसाधनों की वजह से बहुत से लोग स्कार्सिटी माइंडसेट (कमी की सोच/सुरक्षित चलने की मानसिकता) के साथ बड़े होते हैं। उनका कहना है कि सफल उद्यमी बनने के लिए इस मानसिकता को बदलकर अबंडेंस माइंडसेट (प्रचुरता की सोच) अपनाना बेहद जरूरी है, जहां लोग खुलकर जोखिम लेने और नए अवसरों की तलाश करने के लिए तैयार रहें।

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सिद्धार्थ ने दोनों देशों के वर्क-कल्चर की तुलना करते हुए कहा कि अमेरिका में लोग अक्सर काम को इसलिए चुनते हैं क्योंकि वे उसे पसंद करते हैं जबकि भारत में कई बार लोग मजबूरी या जरूरत की वजह से काम करते हैं।

VIDEO: यूपी से शिलॉन्ग घूमने गए लोगों ने Airbnb से बुक प्रॉपर्टी का किया बुरा हाल, होस्ट ने उनकी शर्मिंदा करने वाली करतूतों की पूरी लिस्ट बताई

Viral Video: मेघालय की राजधानी शिलांग में एक Airbnb होमस्टे में ठहरे कुछ मेहमानों पर तोड़फोड़ और बदसलूकी के गंभीर आरोप लगे हैं। होमस्टे मालिक के मुताबिक, उत्तर प्रदेश से आए चार मेहमानों ने उनकी नई शुरू हुई प्रॉपर्टी में तोड़फोड़ की, केयरटेकर के साथ मारपीट की और स्टाफ को धमकाया। होमस्टे मालिक ने सोशल मीडिया पर प्रॉपर्टी की कथित खराब हालत की तस्वीरें और पूरी घटना शेयर की है। वहीं ये घटना सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा। इस घटना को लेकर लोगों ने नाराजगी जताई और आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। आइए जानते हैं क्या है पूरा मामला

ये मामला तब सामने आया जब शिलांग के रीसा कॉलोनी स्थित द ओकवुड नाम के Airbnb होमस्टे के मालिक ने सोशल मीडिया पर पूरी घटना बताई। उन्होंने दावा किया कि मेहमानों के ठहरने के दौरान उनकी प्रॉपर्टी को नुकसान पहुंचा। इसे दिखाने के लिए उन्होंने पहले और बाद की तस्वीरें भी शेयर कीं। इसके बाद ये मामला सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा।

प्रॉपर्टी में किया तोड़ फोड़

होमस्टे मालिक ने लिखा, “मेहमानों को अच्छा और आरामदायक ठहराव देने के लिए हमने इस होमस्टे को बहुत मेहनत से तैयार किया था। लेकिन कुछ लोग प्रॉपर्टी के साथ जिस तरह का व्यवहार करते हैं, उसे देखकर बेहद दुख होता है। ऐसा लगता है कि उनमें जरा भी नागरिक जिम्मेदारी या सिविक सेंस नहीं है।” पोस्ट में दावा किया गया कि, मेहमानों ने बिना अनुमति के दूसरे लोगों को भी प्रॉपर्टी में बुलाया। उन पर तोड़फोड़ करने, हंगामा करने, शराब पीने और घर के नियमों के बावजूद कमरों के अंदर स्मोकिंग करने का भी आरोप लगाया गया है। होस्ट का कहना है कि जब स्टाफ ने इसका विरोध किया तो मेहमानों ने गुस्से में गलत व्यवहार किया।

 

इन लोगों की बुकिंग ना ले

उन्होंने पोस्ट में मेहमानों की पहचान बताते हुए शिलांग और मेघालय के अन्य होमस्टे व गेस्टहाउस मालिकों से अपील की कि वे इन लोगों की बुकिंग स्वीकार न करें। उन्होंने लिखा, “अगर आपकी मुलाकात कभी विकास सिंह नाम के इस व्यक्ति से हो, तो कृपया उन्हें अपनी प्रॉपर्टी बुक न करने दें।” होस्ट ने यह भी आरोप लगाया कि अखंड सिंह सूर्यवंशी ने उनके केयरटेकर के साथ मारपीट की। उन्होंने आगे कहा, “हम मेहमानों को बेहतर सुविधा देने के लिए हर संभव कोशिश करते हैं, लेकिन होमस्टे मालिक इस तरह के व्यवहार के हकदार नहीं हैं।” होस्ट का ये भी दावा है कि एक मेहमान ने यहां तक कहा कि चेक-इन से पहले ही प्रॉपर्टी की हालत ऐसी थी।

हजारों रुपए का हुआ नुकसान

इस मामले ने तब और ज्यादा ध्यान खींचा, जब ट्रैवल कंटेंट क्रिएटर रूबेन चार्ल्स ने इस घटना पर रिएक्शन देते हुए एक वीडियो शेयर किया। उन्होंने बताया कि वह कुछ दिन पहले इसी Airbnb में ठहरे थे और कहा, “शिलांग के इस Airbnb में उत्तर प्रदेश से आए चार लोगों ने तोड़फोड़ की है।” ट्रैवल कंटेंट क्रिएटर ने बताया कि जब वह इस होमस्टे में रुके थे, तब सब कुछ ठीक था। बाद में प्रॉपर्टी की खराब हालत देखकर उन्हें हैरानी हुई। उनके मुताबिक, वहां कचरा फैला था, दीवारें क्षतिग्रस्त थीं और कई जगह गंदगी दिखाई दे रही थी। बताया जा रहा है कि इससे प्रॉपर्टी को हजारों रुपये का नुकसान हुआ।

यूजर ने किया कमेंट

इस मामले के सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर लोगों ने तीखी प्रतिक्रियाएं दीं। कई लोगों ने मेहमानों के कथित व्यवहार की आलोचना की और उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। साथ ही, होमस्टे मालिकों की सुरक्षा के लिए कड़े नियम बनाने की भी बात कही। एक यूजर ने लिखा, “जानवर भी ऐसा नहीं करते।” वहीं दूसरे यूजर ने कहा, “उम्मीद है कि आप इस तोड़फोड़ की पुलिस में शिकायत करेंगे। यह देखकर बहुत दुख हुआ।” एक अन्य यूजर ने लिखा, “यह बेहद खराब व्यवहार है और बिल्कुल स्वीकार नहीं किया जा सकता। आपकी प्रॉपर्टी के साथ जो हुआ, उसके लिए दुख है। दूसरे होस्ट को सावधान करने के लिए यह जानकारी साझा करना सही कदम है।”

Video: 1 लाख रुपये कमाने वाले लोग हो जाएं अलर्ट, जानिए क्यों बताई गई यह इनकम खतरनाक

हर महीने 1 लाख रुपये की सैलरी पाना कई लोगों के लिए आर्थिक सफलता का संकेत माना जाता है। ये आय स्तर एक आरामदायक जीवन जीने, जरूरी खर्च पूरे करने और कुछ इच्छाओं को पूरा करने की क्षमता देता है। लेकिन अब इसी कमाई को लेकर एक नई बहस शुरू हो गई है। साल 2026 में एक सोशल मीडिया कंटेंट क्रिएटर ने दावा किया है कि 1 लाख रुपये प्रति माह की सैलरी कई लोगों के लिए एक तरह का ‘कम्फर्ट ट्रैप’ बन सकती है।

उनके अनुसार, समस्या कमाई की रकम में नहीं बल्कि उस संतुष्टि में है, जो व्यक्ति को बड़े लक्ष्य तय करने से रोक सकती है। इस विचार ने सोशल मीडिया पर लोगों के बीच चर्चा छेड़ दी है, जहां कुछ लोग इससे सहमत हैं तो कुछ इसे वास्तविक जीवन की परिस्थितियों से अलग मान रहे हैं।

कंटेंट क्रिएटर ने बताया ‘सबसे खतरनाक सैलरी’

इंस्टाग्राम पर पर्सनल फाइनेंस और माइंडसेट से जुड़े वीडियो बनाने वाली निधि कुशवाहा ने कहा कि 1 लाख रुपये प्रति माह की सैलरी कम होना इसकी समस्या नहीं है, बल्कि इसकी सबसे बड़ी चुनौती इसका आरामदायक होना है। उनका कहना है कि इतनी आय कई लोगों को इतना संतुष्ट कर सकती है कि व बड़े सपने देखने और आगे बढ़ने की कोशिश कम कर दें।

आराम कब बन जाता है करियर की रुकावट?

निधि के मुताबिक, 1 लाख रुपये की मासिक कमाई से लोग किराया, रोजमर्रा के खर्च, वीकेंड आउटिंग और साल में एक-दो ट्रिप जैसी चीजें आसानी से मैनेज कर लेते हैं। यही सुविधा कई बार लोगों को अपनी सीमाओं से बाहर निकलने और नए जोखिम लेने से रोक सकती है। उनका मानना है कि जब इंसान को लगता है कि जिंदगी पूरी तरह सेट हो गई है, तो आगे बढ़ने की भूख धीरे-धीरे कम हो सकती है।

‘ज्यादा कमाने की चाह’ खत्म होने का खतरा

निधि ने अपने वीडियो में कहा कि असली खतरा कम आय में नहीं बल्कि उस स्थिति में है, जहां व्यक्ति आरामदायक जीवन में इतना खुश हो जाए कि नए लक्ष्य बनाना छोड़ दे। उन्होंने लोगों को सलाह दी कि सिर्फ आरामदायक कमाई पर रुकने के बजाय लगातार सीखने, निवेश करने और नए अवसर तलाशने पर ध्यान देना चाहिए।

सोशल मीडिया पर लोगों की मिली-जुली प्रतिक्रिया

वीडियो वायरल होने के बाद लोगों ने इस पर अलग-अलग राय रखी। कुछ यूजर्स ने माना कि ज्यादा आराम इंसान को आगे बढ़ने से रोक सकता है। वहीं कुछ लोगों ने सवाल उठाया कि क्या जीवन में सफलता का पैमाना हमेशा ज्यादा पैसा कमाना ही होना चाहिए।

एक यूजर ने पूछा कि अगर 10 लाख रुपये महीने की सैलरी हो तो क्या वह भी खतरनाक होगी? वहीं कुछ लोगों ने महंगाई का हवाला देते हुए कहा कि आज के समय में 1 लाख रुपये की कमाई उतनी बड़ी नहीं रही जितनी पहले मानी जाती थी।

असली सवाल

इस बहस का कोई तय जवाब नहीं है कि कौन-सी सैलरी इंसान को रोक देती है। कुछ लोगों के लिए 1 लाख रुपये की आय आर्थिक स्थिरता हो सकती है, जबकि दूसरों के लिए ये सिर्फ एक पड़ाव।

विशेषज्ञों का मानना है कि आय चाहे जितनी हो, सही बचत, निवेश और नए लक्ष्य बनाते रहना जरूरी है, ताकि आराम विकास की राह में बाधा न बने।

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बहुत से लोग मानते हैं कि फाइनेंशियल सिक्योरिटी पाने का एकमात्र तरीका एक स्टेबल नौकरी है। लेकिन एक भारतीय कंटेंट क्रिएटर का कहना है कि वह बिना किसी रेगुलर कॉर्पोरेट नौकरी के, दुनिया के सबसे महंगे देशों में से एक, स्विट्जरलैंड में छह महीने बिता पाईं।

एक इंस्टाग्राम वीडियो में, स्नेह गौर ने बताया कि कैसे उन्होंने फिक्स्ड सैलरी वाली नौकरी छोड़कर कमाई के अलग-अलग जरीये बनाए, जिससे उन्हें अपनी शर्तों पर जीने और काम करने की आजादी मिली। उनकी कहानी ने अब ऑनलाइन चर्चा छेड़ दी है।

गौर ने बताया कि उनके सफर की शुरुआत तब हुई जब वह एक कॉर्पोरेट नौकरी कर रही थीं और महीने के लगभग 45,000 रुपये कमा रही थीं। उस समय, उनका मानना ​​था कि सफलता का मतलब है डिग्री हासिल करना, अच्छी नौकरी पाना और प्रमोशन पाना।

उन्होंने कहा, “मुझे लगता था कि सफलता का मतलब यही है – डिग्री लेना, सैलरी पाना, नौकरी करना और अगला प्रमोशन पाना।” लेकिन समय के साथ उन्हें एहसास हुआ कि वह कुछ अलग करना चाहती थीं। अपनी मर्जी से रहने की जगह चुनने, घूमने-फिरने और उन चीजों पर काम करने की आजादी जो मुझे सच में पसंद थीं।” एक ही रास्ते पर चलने के बजाय, उन्होंने स्पैनिश सीखने का फैसला किया।

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गौर के मुताबिक, उस एक स्किल ने नए मौके खोले। इससे उन्हें स्पेन जाने, अलग-अलग देशों के लोगों से मिलने और इंटरनेशनल अनुभव पाने में मदद मिली। बाद में, उन्होंने उस जानकारी को एक बिजनेस में बदल दिया। उन्होंने बताया कि सबसे पहले उन्होंने स्पैनिश सिखाना शुरू किया, और फिर स्पेन ट्रैवल गाइड, डिजिटल प्रोडक्ट्स, ऑनलाइन एंटरप्रेन्योर और कंटेंट क्रिएटर्स के लिए मेंटरशिप प्रोग्राम और ब्रांड कोलैबोरेशन जैसे काम शुरू किए।

गौर ने बताया कि कमाई के कई जरिया होने का मतलब था कि अब उन्हें कंपनी की सैलरी पर निर्भर नहीं रहना पड़ता था। उन्होंने कहा, “जब मैं स्विट्ज़रलैंड गई, तो मैं कंपनी की सैलरी पर निर्भर नहीं थी क्योंकि मेरा लैपटॉप और मेरी रिमोट टीम ही काफी थी।”

स्नेहा ने बताया कि “कभी-कभी आपकी जिंदगी बदलने वाली चीज सिर्फ प्रमोशन नहीं, बल्कि कोई स्किल होती है।” अपनी पोस्ट के कैप्शन में गौर ने लिखा, “कोई नौकरी नहीं। कंपनी से कोई सैलरी नहीं। फिर भी हर सुबह स्विट्जरलैंड में आंख खुली। सच तो यह है कि स्पेन में रहते हुए ही मैंने कुछ ऐसा बनाया जिससे मुझे जहां चाहूं वहां रहने की आजादी मिली। न कोई ऑफिस, न कोई बॉस, न किसी की इजाजत की जरूरत। आजादी का यही वो रूप है जिसे पाने की कोशिश करना सही है।”

इस पोस्ट पर लोगों ने खूब प्रतिक्रिया दी और कई यूजर्स उनकी यात्रा के बारे में और जानना चाहते थे। एक यूजर ने लिखा, “कृपया मुझे बताएं।” एक और ने पूछा, “एक सीधा सा सवाल है कि आप किस वीजा पर 6 महीने तक रहीं? स्पेन का सामान्य रेजिडेंट परमिट तो सिर्फ 3 महीने की इजाजत देता है, या फिर आपने स्पेन की नागरिकता ले ली थी?” एक व्यक्ति ने कमेंट किया, “इसके लिए कैसे अप्लाई करें?” वहीं कई अन्य लोगों ने हार्ट और फायर इमोजी के साथ प्रतिक्रिया दी।