Video: तीन साल तक ₹10 के सिक्के बचाए, फिर उन्हीं से खरीद ली 1.23 लाख की Honda Activa, 2 घंटे तक गिनते रहे शोरूम वाले!

Honda Activa News: कहते हैं कि बूंद-बूंद से घड़ा भरता है और छोटी-छोटी बचत से बड़े से बड़े सपने पूरे हो जाते हैं। तेलंगाना के मंचेरियल जिले के एक शख्स ने इस कहावत को सच कर दिखाया है। उन्होंने तीन साल तक ₹10 के सिक्के जमा किए और जब पर्याप्त रकम इकट्ठा हो गई, तो उन्हीं सिक्कों से 1 लाख 23 हजार रुपये की होंडा एक्टिवा (Honda Activa) स्कूटर खरीद ली। उनकी इस अनोखी कहानी ने शोरूम के कर्मचारियों से लेकर स्थानीय लोगों तक का ध्यान खींचा है। लक्षेट्टीपेट निवासी बी. रवि जोसेफ ने बताया कि उन्होंने परिवार के लिए कोई उपयोगी चीज खरीदने के उद्देश्य से रोजमर्रा के लेनदेन, जैसे किराने का सामान खरीदने के दौरान मिले 10 रुपये के सिक्कों को सावधानीपूर्वक बचाकर रखा।

परिवार को पहले था शक, लेकिन बाद में किया सपोर्ट

पीटीआई के मुताबिक, जोसेफ ने कहा कि शुरुआत में परिवार के सदस्यों को उनके इस विचार पर शक हुआ था। लेकिन बाद में उन्होंने उनका साथ दिया। रवि ने बताया कि उनकी पुरानी बाइक खराब होने लगा था, जिसके बाद उन्होंने नया स्कूटर खरीदने का फैसला किया। शोरूम के मैनेजर ने बताया कि रवि जोसेफ करीब 15 दिन पहले यह पता करने आए थे कि क्या शोरूम स्कूटर के पेमेंट के लिए सिक्के स्वीकार करेगा। मैनेजर के अनुसार, शोरूम ने सिक्के स्वीकार करने पर सहमति जताई। मैनेजर ने बताया कि इसके बाद रवि जोसेफ एक लाख 23 हजार रुपये के 10 रुपये के सिक्के लेकर शोरूम पहुंचे और स्कूटर खरीदा।

रोजमर्रा के खर्च से बचाए पैसे

रवि जोसेफ पेशे से चर्च के पादरी हैं। रवि ने रोजमर्रा के खर्चों में से थोड़े-थोड़े पैसे बचाकर यह रकम जुटाई। पोर्ट के मुताबिक, उन्होंने 10 अक्टूबर 2023 से ₹10 के सिक्के जमा करना शुरू किया था। किराने का सामान खरीदने और रोजमर्रा के लेन-देन के दौरान मिलने वाले सिक्कों को वह अलग रख देते थे। इस तरह तीन साल तक लगातार बचत करते हुए उन्होंने करीब ₹1.23 लाख जमा कर लिए।

पुराना वाहन खराब हुआ तो लिया नया स्कूटर खरीदने का फैसला

रवि जोसेफ का पुराना वाहन बार-बार खराब होने लगा था। ऐसे में उन्होंने नया दोपहिया वाहन खरीदने का फैसला किया। उनका सपना पहले रॉयल एनफील्ड बुलेट खरीदने का था। लेकिन आर्थिक स्थिति को देखते हुए उन्हें अपना यह इरादा छोड़ना पड़ा। इसके बाद उन्होंने अपनी जमा की गई रकम से परिवार के लिए एक नया स्कूटर खरीदने का फैसला किया। जिस पैसे को उन्होंने लंबे समय तक धीरे-धीरे जमा किया था, वही आखिरकार उनके काम आया।

परिवार ने भी जताई थी चिंता

रवि जोसेफ के लिए तीन साल तक सिक्के जमा करना आसान नहीं था। इस दौरान उनके परिवार के लोगों ने भी चिंता जताई। ₹10 के सिक्कों को लेकर बाजार में इनके बंद होने या कानूनी मान्यता खत्म होने जैसी अफवाहों की चर्चा से परिवार को लगा कि कहीं उनकी मेहनत बेकार न चली जाए। परिवार ने उन्हें सिक्के जमा करना बंद करने की सलाह भी दी। लेकिन रवि जोसेफ ने हार नहीं मानी। उन्होंने अपना लक्ष्य नहीं छोड़ा और लगातार बचत करते रहे।

दो घंटे तक सिक्के गिनते रहे शोरूम के कर्मचारी

शख्स ने होंडा मोटर्स शोरूम में अपनी जमा रकम से स्कूटर खरीदने का फैसला किया। इसके बाद जब रवि जोसेफ अपने परिवार के साथ सिक्के लेकर शोरूम पहुंचे, तो कर्मचारियों के सामने उन्हें गिनने और रकम का मिलान करने की चुनौती थी। रिपोर्ट के अनुसार, सिक्कों को गिनने और कुल राशि की पुष्टि करने में कर्मचारियों को करीब दो घंटे लग गए। आखिरकार, सिक्कों की कुल कीमत ₹1.23 लाख निकली और रवि जोसेफ ने इन्हीं पैसों से अपनी सपनों की Honda Activa खरीद ली।

ये भी पढ़ें- Braj Mohan Ram: ‘ओडिशा में भी BJP को मजबूत करूंगा’; शपथ ग्रहण से पहले नए राज्यपाल के बयान पर बवाल, जानिए कौन हैं बृज मोहन राम

छोटी बचत, बड़ी सीख

रवि जोसेफ की यह कहानी केवल एक स्कूटर खरीदने तक सीमित नहीं है। यह बताती है कि नियमित रूप से थोड़ी-थोड़ी रकम बचाकर भी किसी बड़े लक्ष्य को हासिल किया जा सकता है। जहां कई लोग छोटी रकम को नजरअंदाज कर देते हैं। वहीं, रवि ने रोजमर्रा के लेन-देन से मिलने वाले ₹10 के सिक्कों को अपनी ताकत बना लिया। तीन साल की मेहनत के बाद जब वह अपने परिवार के साथ नया स्कूटर लेकर निकले, तो उनकी बचत की कहानी दूसरों के लिए भी प्रेरणा बन गई। रवि सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बने हुए हैं।

साल भर में 92 लाख का टैक्स दिया, अब 90 लाख की नौकरी भी नहीं मिल रही – Uber इंजीनियर के पोस्ट ने मचाया बवाल

नई दिल्ली। अच्छी सैलरी वाली नौकरी और लाखों रुपये का इनकम टैक्स देने के बाद भी नौकरी जाने का डर खत्म नहीं होता। ऐसा ही एक मामला सोशल मीडिया पर चर्चा में है। Uber में सीनियर इंजीनियर होने का दावा करने वाले एक व्यक्ति ने बताया कि पिछले साल उन्होंने 92 लाख रुपये इनकम टैक्स दिया था। लेकिन अब पैटरनिटी लीव के दौरान नौकरी जाने के बाद वे नई नौकरी खोजने के लिए संघर्ष कर रहे हैं।

उन्होंने रेडिट (Reddit) पर 7 अक्टूबर 2026 को शेयर की गई उनकी पोस्ट के मुताबिक, घर में नवजात बच्चा है और परिवार की जिम्मेदारियों के बीच नई नौकरी ढूंढना आसान नहीं होता है।

नौकरी छूटने का कारण रहा पैटरनिटी लीव

इंजीनियर का कहना है कि वे चार महीने की पैटरनिटी लीव (Paternity leave) पर थे, तभी उन्हें नौकरी से निकाल दिया गया। घर में नवजात बच्चा है और परिवार की मदद के लिए भी कोई खास सहारा नहीं है। ऐसे में बच्चे की देखभाल के साथ नई नौकरी ढूंढना उनके लिए मुश्किल हो रहा है।

उन्होंने बताया कि परिवार की जिम्मेदारियों के चलते वे नौकरी खोजने और इंटरव्यू की तैयारी पर पूरा समय नहीं दे पा रहे हैं। नौकरी जाने के बाद घर के खर्च और बच्चे की देखभाल की चिंता भी बढ़ गई है। वह कहते है कि नौकरी जाने के बाद उन्हें ऐसी नई नौकरी नहीं मिल पा रही है, जिसमें सालाना कम से कम 90 लाख रुपये मिलें।

सेवरेंस पे पर टैक्स से नाराज, भारत छोड़ने की कही बात

नौकरी जाने के बाद मिलने वाले पैसे यानी सेवरेंस पे (Severance pay) पर टैक्स लगने से भी इंजीनियर नाराज हैं। उनका कहना है कि नई नौकरी मिलने तक परिवार का खर्च चलाने के लिए उन्हें इस पैसे की जरूरत है। ऐसे में टैक्स कटने से उनकी परेशानी बढ़ सकती है। इंजीनियर ने कहा कि वे जल्द ही भारत छोड़ देंगे और वापस नहीं आना चाहते।

इस घटना ने एक बार फिर नौकरी की सुरक्षा, टैक्स और परिवार की जिम्मेदारियों के बीच संतुलन जैसे मुद्दों पर चर्चा शुरू कर दी है।

दुबई में ट्रक चलाने वाले पंजाबी ड्राइवर की चमकी किस्मत, दोस्तों के साथ मिलकर जीती ₹1.3 करोड़ की लॉटरी

नई दिल्ली। दुबई में रहने वाले पंजाब के 53 साल के कुलवंत सिंह की किस्मत चमक गई है। अबू धाबी के बिग टिकट ड्रॉ में उन्होंने 5 लाख दिरहम यानी करीब 1.3 करोड़ रुपये का इनाम जीता है। कुलवंत पिछले 18 साल से दुबई में रहकर काम कर रहे हैं। उनकी इस जीत की खबर सामने आने के बाद उनके टिकट खरीदने के तरीके को लेकर काफी बातें हो रही है।

दोस्तों के साथ हर महीने खरीदते थे टिकट

कुलवंत सिंह को ऑनलाइन वीडियो से बिग टिकट के बारे में पता चला था। इसके बाद उन्होंने अपने दोस्तों के साथ मिलकर टिकट खरीदना शुरू किया। उनके दोस्तों का यह ग्रुप करीब दो साल से हर महीने टिकट खरीद रहा था।

इस बार भी कुलवंत ने बिना कुछ सोचे एक टिकट चुना था। लेकिन इस बार उन्हें अंदाजा नहीं था कि इस बार उन्हें इतनी बड़ी रकम मिल जाएगी। इस जीत का पता चलने के बाद वह बहुत ही खुश है।

जीती हुई रकम से करेंगे अपने और घरवालों के सपने पूरे

कुलवंत सिंह इनाम की रकम से अपने परिवार की मदद करना चाहते हैं और इन पैसों को वह अपने घर में लगाना चाहते हैं। घर से दूर रहकर काम कर रहे कुलवंत अब इस पैसे से अपने परिवार की मदद कर सकेंगे।

इसी ड्रॉ में केरल के 30 साल के इंजीनियर मुहम्मद इजास सी ने भी 1 लाख दिरहम यानी करीब 26 लाख रुपये जीते। उन्होंने टिकट का नंबर अपने बेटे की जन्म-तारीख और जन्म-साल को मिलाकर चुना था। वह कहते है कि यह जीत उनके लिए बेहद खास थी, क्योंकि टिकट का नंबर उनके बेटे से जुड़ा हुआ था।

बिग टिकट की सीरीज 291 में पांच भारतीय प्रवासियों को कुल 19.5 लाख दिरहम के सांत्वना पुरस्कार मिले। इस तरह कुलवंत सिंह और मुहम्मद इजास के अलावा तीन अन्य भारतीयों ने भी इनाम जीते।

Video: आप डॉग, कैट पालते हैं और इस शख्स, इनकी सास और पत्नी सबने अलग-अलग सांप पाल लिया! इन्हें लेकर शॉपिंग पर भी जाते हैं

Viral Video: आज के समय में लोग अपने घरों में कई तरह के जानवरों को पालते हैं। घरों में डॉग, कैट, खरगोश या पक्षी पालना आम बात है। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि कोई शख्स अपने घर में अजगर जैसे सांप को भी पालतू बनाकर रख सकता है? रूस की राजधानी मॉस्को में एक शख्स ने अपने घर में अजगर पाला है। वहीं हैरानी की बात ये हैं कि वह अपने पालतू अजकर को लेकर शॉपिंग पर भी जाता है। वहीं शख्स ने बताया कि उसके घर में एक नहीं बल्कि चार अजगर पाले गए है। सोशल मीडिया पर इसका वीडियो तेजील से वायरल हो रहा है।

अजगर के साथ शॉपिंग पर निकला शख्स

मॉस्को न्यूज के मुताबिक, रूस की राजधानी मॉस्को में एक शख्स अपने पालतू अजगर को लेकर कार के स्पेयर पार्ट्स की दुकान पहुंच गया। अजगर को अपने साथ देखकर वहां मौजूद लोग हैरान रह गए और इस अनोखे नजारे की तस्वीरें भी सामने आईं। इस दौरान जब शख्स से पूछा गया कि उसके पास कितने सांप हैं, तो उस आदमी ने जवाब दिया, “चार, जिसमें मेरी पत्नी और सास भी शामिल हैं।” आसपास के लोगों के मुताबिक, वह शख्स अपने अजगर को लेकर अक्सर खरीदारी करने निकलता है, इसलिए उसके लिए यह कोई नई बात नहीं है।

 

अक्सर अजगर को लेकर शॉपिंग करता है शख्स

मॉस्को में अजगर के साथ शॉपिंग करने पहुंचे इस शख्स की आदत अब स्थानीय लोगों के लिए नई नहीं है। लोगों के मुताबिक, वह अक्सर अपने पालतू अजगर को साथ लेकर दुकानों पर जाता है, इसलिए उसे सांप के साथ देखकर अब कोई खास हैरानी नहीं होती। हालांकि, इस बार उसका मजेदार जवाब और अजगर के साथ स्टोर में घूमने का अनोखा अंदाज लोगों के बीच चर्चा का विषय बन गया और इस घटना ने सभी का ध्यान खींच लिया।

बेंगलुरु में Urban Company की सर्विस पर विवाद, पत्नी की अंगूठी चोरी होने के आरोप पर कंपनी का आया जवाब

ऑनलाइन ऐप से घर की सफाई के लिए प्रोफेशनल बुलाना आजकल आम बात है, लेकिन अगर इसी दौरान घर से कोई कीमती सामान गायब हो जाए तो भरोसे पर सवाल उठना लाजिमी है। बेंगलुरु के एक विज्ञापन पेशेवर ने Urban Company की क्लीनिंग सर्विस को लेकर ऐसा ही आरोप लगाया है। उनका दावा है कि घर की सफाई के दौरान उनकी पत्नी की शादी की सोने की अंगूठी गायब हो गई। मामला तब और चर्चा में आ गया, जब उन्होंने बताया कि पुलिस ने अंगूठी शहर से करीब 100 किलोमीटर दूर से बरामद की। इस घटना के बाद कंपनी की ग्राहक सेवा और ऑनलाइन बुकिंग वाली घरेलू सेवाओं की जवाबदेही पर बहस छिड़ गई है।

प्रीमियम क्लीनिंग सर्विस बुक की, फिर गायब हुई अंगूठी

बेंगलुरु के विज्ञापन पेशेवर शुभम मजूमदार ने LinkedIn पर अपना अनुभव साझा किया। उनके मुताबिक, उन्होंने Urban Company की InstaHelp सेवा के तहत घर की सफाई के लिए ‘Gold Expert’ कैटेगरी बुक की थी। इसी दौरान उनकी पत्नी की शादी की सोने की अंगूठी गायब हो गई।

मजूमदार ने आरोप लगाया कि सर्विस के लिए आए कर्मचारी ने अंगूठी चुराई। हालांकि, यह उनका आरोप है और मामले में किसी की दोषसिद्धि की जानकारी सामने नहीं आई है।

कंपनी से शिकायत की, लेकिन जवाब से नहीं हुए संतुष्ट

मजूमदार के मुताबिक, उन्होंने अंगूठी गायब होने की जानकारी तुरंत ऐप के जरिए कंपनी को दी। ग्राहक सहायता टीम ने उन्हें बताया कि कंपनी की रिकवरी टीम मामले की जांच करेगी और इसमें चार से पांच दिन लग सकते हैं।

उनका दावा है कि एक दिन बीतने के बाद भी कोई खास प्रगति नहीं हुई। इसके बाद उन्होंने कंपनी के शिकायत अधिकारी से संपर्क कर मामले की जानकारी और संबंधित कर्मचारी का विवरण मांगा। लेकिन मजूमदार के अनुसार, उन्हें संतोषजनक जवाब मिलने के बजाय सामान्य तरह का संदेश मिला।

उन्होंने बताया कि कंपनी की ओर से पुलिस में शिकायत दर्ज कराने की सलाह भी दी गई, जबकि वह पहले ही पुलिस से संपर्क कर चुके थे।

100 किलोमीटर दूर से मिली अंगूठी, Uber भी करनी पड़ी बुक

इस पूरे मामले में सबसे चौंकाने वाली बात अंगूठी की बरामदगी को लेकर सामने आई। मजूमदार ने दावा किया कि पुलिस ने अंगूठी बेंगलुरु से करीब 100 किलोमीटर दूर एक जगह से बरामद की। उनके मुताबिक, पुलिस को वहां तक पहुंचाने के लिए उन्हें इंटरसिटी Uber बुक करनी पड़ी।

शिकायत के बीच आया सर्विस रेटिंग का मैसेज

मजूमदार ने कंपनी के ऑटोमेटेड मैसेज के स्क्रीनशॉट भी साझा किए। उनका कहना था कि अंगूठी गायब होने की शिकायत के बीच कंपनी ने उनसे सर्विस को रेट करने और रिव्यू देने के लिए संदेश भेज दिया। इससे उनकी नाराजगी और बढ़ गई।

Urban Company ने सार्वजनिक रूप से माफी मांगते हुए उनसे रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर निजी संदेश में साझा करने को कहा, ताकि मामले की जांच की जा सके। इस पर मजूमदार ने सवाल उठाया कि जब शिकायत पहले से दर्ज है, तो दोबारा जानकारी क्यों मांगी जा रही है।

सोशल मीडिया पर छिड़ी बहस

इस घटना के बाद कुछ लोगों ने कंपनी की ग्राहक सेवा पर सवाल उठाए, जबकि कुछ यूजर्स ने ग्राहकों को कीमती सामान सुरक्षित रखने की सलाह दी। फिलहाल, यह मामला घरेलू सेवाओं में भरोसे, सुरक्षा और कंपनियों की जवाबदेही को लेकर चर्चा में है।

Tiger Attack Video: टाइगर के बाड़े में घुसा व्यक्ति, फिर बाघ ने किया हमला… वीडियो से सामने आया खौफनाक मामला

बिहार बाढ़ में मसीहा बने खान सर, सोशल मीडिया पर हो रही जमकर तारीफ लोग बोले- सलाम!

बिहार में बाढ़ की स्थिति ने कई इलाकों के लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। घरों और आसपास के इलाकों में पानी भरने के कारण लोगों को रोज की जरूरतों के लिए भी परेशानी उठानी पड़ रही है। ऐसे समय में राहत और बचाव का काम लगातार जारी है। इसी बीच शिक्षक और यूट्यूबर खान सर भी बाढ़ प्रभावित इलाकों में लोगों के बीच दिखाई दे रहे है।

खान सर बिहार के जाने-माने शिक्षक और यूट्यूबर हैं, जो आसान और बोलचाल की भाषा में पढ़ाने के अपने तरीके के लिए काफी पॉपुलर हैं। वह प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कराते हैं। पटना में उनका कोचिंग संस्थान भी है, जहां बड़ी संख्या में छात्र पढ़ाई करते हैं।

नाव से बाढ़ प्रभावित इलाकों में पहुंचे खान सर

खान सर बाढ़ प्रभावित इलाकों तक पहुंचने के लिए नाव से सफर कर रहे है। बताया जा रहा है कि राहत से जुड़े कामों के दौरान टीम के साथ कांटेक्ट बनाए रखने के लिए वॉकी-टॉकी का भी इस्तेमाल किया गया। इस दौरान प्रभावित क्षेत्रों में पहुंचकर जरूरतमंद लोगों तक मदद पहुंचाने की कोशिश की गई। बाढ़ की वजह से कई जगह रास्ते बंद हैं, इसलिए लोगों तक पहुंचने के लिए नाव की मदद ली जा रही है।

खान सर के काम से प्रभावित हुई जनता

खान सर के बाढ़ प्रभावित इलाकों में पहुंचने की तस्वीरें और वीडियो देखकर कुछ यूजर्स ने कहा कि मुश्किल समय में लोगों के बीच पहुंचकर मदद करना अच्छी बात है। वहीं कुछ लोगों ने राहत के कामों को सोशल मीडिया पर दिखाने को लेकर सवाल भी उठाए। कुछ यूजर्स का कहना था कि ऐसे समय में पूरा ध्यान जरूरतमंद लोगों की मदद पर होना चाहिए।

मदद के प्रयास की कई लोगों ने की तारीफ

कई लोगों ने खान सर के इस प्रयास की तारीफ भी की। कुछ यूजर्स ने कहा कि वह सिर्फ एक शिक्षक ही नहीं, बल्कि जरूरत के समय लोगों की मदद करने की कोशिश भी कर रहे हैं। कमेंट्स में उनके शिक्षा से जुड़े काम और जरूरतमंद बच्चों की मदद का भी जिक्र किया गया। लोगों का कहना था कि कोई अपने लेवल पर दूसरों की मदद कर रहा है, तो उसकी इस कोशिश को भी सराहना चाहिए।

बिहार में बाढ़ से कई इलाकों के लोग परेशान हैं। डिजास्टर मैनेजमेंट डिपार्टमेंट के मुताबिक करीब 49.74 लाख लोग बाढ़ से प्रभावित हुए हैं। पटना, भोजपुर, सारण, वैशाली, भागलपुर, बेगूसराय, बक्सर, समस्तीपुर, मुंगेर, कटिहार, लखीसराय, खगड़िया, पूर्णिया, मधेपुरा और अररिया समेत कई जिले प्रभावित हैं। इन इलाकों में लोगों तक खाना, पानी और दूसरी जरूरी चीजें पहुंचाने के साथ उन्हें सुरक्षित जगहों पर ले जाने का काम किया जा रहा है।

बाढ़ जैसे मुश्किल समय में सबसे जरूरी है कि लोगों को सुरक्षित रखा जाए और उन्हें खाना, पानी व दूसरी जरूरी चीजें मिलती रहें। अगर हर कोई अपनी क्षमता के हिसाब से थोड़ा-सा भी मदद का हाथ बढ़ाए, तो जरूरतमंद लोगों के लिए काफी सहारा बन सकता है। छोटी-सी मदद भी किसी के लिए बड़ी राहत साबित हो सकती है।

बिजनेस ट्रिप का बहाना पड़ा भारी, एयरपोर्ट पर पासपोर्ट के इस राज ने खोल दी पति की पोल!

पासपोर्ट की एक गड़बड़ी से खुला व्यक्ति की छिपी हुई ट्रिप का पूरा सीक्रेट

मुंबई: पुणे के एक बिजनेसमैन की विदेश यात्रा से जुड़ा मामला इन दिनों चर्चा में है। उसने पत्नी को इमिग्रेशन से जुड़ी परेशानी बताकर यात्रा रद्द होने की बात कही, लेकिन असल कहानी कुछ और थी। जिस महिला के साथ वह विदेश जाने वाला था, उसके पासपोर्ट में दिक्कत के चलते इमिग्रेशन क्लियर नहीं हो पाया और पूरी यात्रा रद्द करनी पड़ी। इसके बाद इस मामले में कई ऐसी बातें सामने आईं, जिनसे कहानी ने अलग मोड़ ले लिया।

पत्नी से छिपाई ट्रिप की बात

46 साल के इस बिजनेसमैन ने अपनी पत्नी को बताया था कि वह बिजनेस ट्रिप के लिए कुआलालंपुर जा रहा है। लेकिन वह एक दूसरी महिला के साथ विदेश यात्रा पर निकला था। मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर इमिग्रेशन जांच के दौरान अधिकारियों को पता चला कि महिला जिस पासपोर्ट का इस्तेमाल कर रही थी, उसे पहले ही खोया हुआ घोषित किया जा चुका था।

एयरपोर्ट से अचानक बदला ये प्लान

महिला को इमिग्रेशन पर रोके जाने के बाद बिजनेसमैन को लगा कि अब उसकी पत्नी को असली बात पता चल सकती है। इसके बाद उसने अपनी यात्रा रद्द कर दी और मोबाइल फोन बंद कर दिया। पुलिस के मुताबिक, वह महिला के साथ दक्षिण मुंबई छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस यानी CSMT चला गया। एयरपोर्ट से निकलने से पहले उसने वहां मौजूद लैंडलाइन फोन से पत्नी को कॉल किया और बताया कि इमिग्रेशन की परेशानी के कारण उसे अपना मोबाइल फोन जमा करना पड़ा है।

पत्नी ने दर्ज कराई किडनैपिंग की FIR

अगले दिन बिजनेसमैन ने अपनी पत्नी से थोड़ी देर WhatsApp वीडियो कॉल पर बात की और इमिग्रेशन की समस्या वाली वही बात दोहराई। इसके बाद उसका फोन नेटवर्क से बाहर हो गया और पत्नी उससे कांटेक्ट नहीं कर पाई। काफी समय तक कोई जानकारी नहीं मिलने पर उसने पुलिस से कांटेक्ट किया। उसकी शिकायत के आधार पर पुलिस ने अपहरण की FIR दर्ज कर जांच शुरू कर दी।

FIR की जानकारी मिलते ही सामने आया ये सच

मामले की FIR दर्ज होने की जानकारी मिलने के बाद बिजनेसमैन खुद सहार पुलिस स्टेशन पहुंचा। यह वही पुलिस स्टेशन है, जिसके अधिकार क्षेत्र में मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट आता है। पुलिस के सामने उसने स्वीकार किया कि इमिग्रेशन से जुड़ी परेशानी की जो कहानी उसने अपनी पत्नी को बताई थी, वह सच नहीं थी। उसने खुद यह कहानी बनाई थी ताकि अपनी ट्रिप और उसके साथ मौजूद महिला की बात पत्नी से छिपा सके।

जांच के बाद पुलिस का कहना है कि इस मामले में आगे की कार्रवाई को लेकर कोर्ट में ‘C समरी’ क्लोजर रिपोर्ट दाखिल की जाएगी। पुलिस के अनुसार, ऐसी रिपोर्ट उन मामलों में इस्तेमाल की जाती है, जहां जांच के दौरान शिकायत के पीछे गलतफहमी या तथ्यों से जुड़ी स्थिति सामने आती है। इस मामले में भी जांच के बाद पूरी कहानी स्पष्ट हुई और सामने आया कि इमिग्रेशन को लेकर बताई गई बात सही नहीं थी।

iPhone 18 Pro खरीदने उमड़ी भीड़, किसी ने बेचा सोना तो कोई पहुंचा पंजाब से नोएडा!

iPhone 18 Pro खरीदने के लिए लगी लंबी लाइन, पत्नी या मंगेतर को गिफ्ट देने के लिए लोग खड़े है Store के बाहर दिख रहा है जबरदस्त क्रेज, बेच रहे है सोना ले रहे है लोन पर भूल नहीं रहे iPhone खरीदना।

नए फोन के लिए कई खरीदार Apple Store खुलने से पहले ही पहुंच रहे है। iPhone 18 Pro की बिक्री शुरू होते ही इसे खरीदने के लिए लोग बेसब्री से इंतजार कर रहे है। कई खरीदार सुबह होते-होते स्टोर के बाहर लंबी लाइन लग गई। नोएडा के DLF मॉल ऑफ इंडिया Apple Store पर भी कुछ ऐसा ही नजारा देखने को मिला, जहां नए फोन के इंतजार में लोग सुबह से खड़े नजर आए। इस भीड़ में कुछ लोग अपने लिए तो कुछ अपने खास लोगों को गिफ्ट देने के लिए फोन खरीदने पहुंचे थे।

गिफ्ट देने के लिए बेच दिया सोना

दिल्ली से आया एक व्यक्ति अपनी पत्नी को iPhone 18 Pro तोहफे में देने के लिए नोएडा के Apple Store पहुंचा था। उसने बताया कि उसकी पत्नी ने पहले कभी iPhone इस्तेमाल नहीं किया है, लेकिन वह उसे नया फोन देकर अपग्रेड करना चाहता है। उसकी पत्नी को खास तौर पर बरगंडी रंग का फोन पसंद था। जब उससे पूछा गया कि उसने इतना महंगा फोन अभी खरीदने का फैसला क्यों किया, तो उसने कहा कि इस समय उसके पास पैसे हैं, इसलिए वह यह खरीदारी कर रहा है। उसने यह भी बताया कि फोन के लिए पैसे जुटाने के लिए उसने अपना सोना बेच दिया।

शादी से पहले मंगेतर के लिए खास सरप्राइज

iPhone 18 Pro खरीदने के लिए एक और खरीदार पंजाब से नोएडा आया था। गुरदिता सिंह अपने दोस्त के साथ सुबह करीब 6 बजे ही Apple Store के बाहर पहुंच गए थे। उनके दोस्त ने बताया कि सिंह की जल्द शादी होने वाली है और वह अपनी मंगेतर को iPhone 18 Pro गिफ्ट में देना चाहते हैं। खास बात यह है कि वह अपने लिए भी iPhone 18 Pro Max खरीदने वाले थे। दोनों फोन की कुल कीमत 3.5 लाख रुपये से ज्यादा बताई गई। खरीदारी के बाद उनका पंजाब लौटने का प्लान था और इसके लिए उनकी सुबह 11 बजे की ट्रेन भी थी।

कीमत की परवाह नहीं, फोन का अलग क्रेज

स्टोर के बाहर एक कपल भी दो iPhone 18 Pro खरीदने का इंतजार कर रहा था। महिला ने कहा कि फोन की कीमत बढ़ने के बावजूद जिन लोगों को iPhone चाहिए, वे इसके लिए ज्यादा पैसे खर्च करने को तैयार हैं। इस कपल की iPhone Duo खरीदने की भी योजना थी, लेकिन वे इसे नोएडा से खरीदने के बजाय हांगकांग से मंगवाने की तैयारी में थे। उनका एक दोस्त हांगकांग में रहता है, जो अक्टूबर में भारत लौटने वाला था और उसके जरिए फोन लाने की उम्मीद थी। हरियाणा से आए एक अन्य खरीदार विशाल ने भी कहा कि बढ़ी हुई कीमत उनके लिए परेशानी की बात नहीं है और वे इसे मैनेज कर लेंगे।

लॉन्च डे पर छुट्टी लेकर पहुंचे खरीदार

Apple Store के बाहर लगी लाइन में सिर्फ बिजनेस करने वाले लोग ही नहीं, बल्कि स्टूडेंट और ऑफिस में काम करने वाले लोग भी शामिल थे। कुछ खरीदार ऐसे भी थे, जिन्होंने नए iPhone की बिक्री के पहले दिन स्टोर पहुंचने के लिए काम से छुट्टी तक ली। लेकिन लाइन में खड़े सभी लोगों को फोन खरीदने का मौका नहीं मिला। जिन कस्टमर ने पहले से प्री-ऑर्डर नहीं किया था, उन्हें उस दिन डिवाइस खरीदने की परमिशन नहीं दी गई।

नए iPhone को लेकर लोगों की पसंद और उसे पाने का उत्साह हर बार अलग देखने को मिलता है। इस बार भी लॉन्च के साथ खरीदारों के बीच काफी उत्सुकता नजर आई। हालांकि, महंगे फोन की खरीदारी से पहले बजट और अपनी जरूरत को ध्यान में रखना भी जरूरी है।

गोद में बच्चा, कंधे पर सांप! झरने पर परिवार के साथ हुआ खौफनाक वाकया

झरने पर परिवार के साथ घूम रहे शख्स अचानक सामने आया सांप

महाराष्ट्र के सिंधुदुर्ग जिले में मौजूद अंबोली वॉटरफॉल पर घूमने गए एक परिवार के लिए सामान्य सैर अचानक डरावनी घटना में बदल गई। परिवार के लोग झरने के पास समय बिता रहे थे और एक व्यक्ति छोटे बच्चे को गोद में लेकर फिसलन भरी जगह से सावधानी से आगे बढ़ रहा था। तभी ऊपर की चट्टानों से अचानक एक बड़ा सांप नीचे गिर गया और सीधे बच्चे को गोद में लिए व्यक्ति के कंधे पर आ गिरा। अचानक हुई इस घटना से आसपास मौजूद लोग भी घबरा गए।

बच्चे को गोद में लिए व्यक्ति ने तुरंत संभाला खुद को

सांप अचानक कंधे पर गिरने के बाद वहां कुछ पल के लिए अफरा तफरी का माहौल बन गया। बच्चे को गोद में लिए व्यक्ति ने भी सांप को अपने पास देखते ही तुरंत प्रतिक्रिया दी। आसपास मौजूद दूसरे पर्यटक भी घबरा गए और उस जगह से दूर जाने लगे। सांप ज्यादा देर वहां नहीं रुका और तेजी से आगे बढ़ते हुए चट्टानों के बीच गायब हो गया। इस दौरान बच्चे और परिवार के दूसरे सदस्यों की सुरक्षा को लेकर भी लोग परेशान नजर आए।

दूसरे टूरिस्ट ने कैमरे में कैद किया पल

इस पूरी घटना को वहां मौजूद एक दूसरे पर्यटक ने अपने कैमरे में रिकॉर्ड कर लिया। घटना का यह वीडियो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वीडियो में परिवार के लोग झरने के पास नजर आते हैं और कुछ ही देर बाद ऊपर से सांप के गिरने की घटना दिखाई देती है। जिसे देखकर आसपास मौजूद लोगों की प्रतिक्रिया भी साफ नजर आती है, जिससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि उस समय वहां कितना डर का माहौल रहा होगा।

क्या सच में था कोबरा सांप?

घटना के बाद कुछ लोगों को सांप को कोबरा कहते हुए सुना गया, लेकिन रिपोर्ट के मुताबिक सांप की सही प्रजाति की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। अंबोली वॉटरफॉल मॉनसून के दौरान पर्यटकों के बीच काफी लोकप्रिय रहता है और यहां चट्टानी व फिसलन वाली जगहों पर लोग घूमने पहुंचते हैं।

झरने पर सुरक्षा का रखें ध्यान

यदि आप भी ऐसे झरने और पहाड़ी इलाकों में घूमते है तो हमेशा सावधानी बरतनी चाहिए। फिसलन भरी चट्टानों से दूरी रखें और आसपास किसी भी तरह की हलचल या वन्यजीव नजर आए तो उसके पास जाने की कोशिश न करें। बच्चों के साथ ऐसी जगहों पर खास सावधानी रखें और सुरक्षित रास्ते से चुने।

‘होता है…’ बुजुर्ग ड्राइवर ने 3 बार मारी कार को टक्कर, शख्स ने बताया पूरा किस्सा तो सोशल मीडिया पर छिड़ी बहस

Viral News: सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक शख्स ने एक बुजुर्ग के ड्राइविंग को लेकर एक हैरान करने वाली पोस्ट डाली है। शख्स ने ट्रैफिक सिग्नल पर एक बुजुर्ग कार चालक के साथ हुई घटना सोशल मीडिया पर शेयर की। उसका दावा है कि बुजुर्ग चालक को कार आगे बढ़ाने में काफी परेशानी हो रही थी और इस दौरान उसने तीन बार उसकी कार को टक्कर मार दी। इस पोस्ट के बाद सोशल मीडिया पर सड़क सुरक्षा और बुजुर्ग लोगों के लिए ड्राइविंग से जुड़ी परेशानियों को लेकर चर्चा शुरू हो गई।

एक्स पर विश्वरूप समाजदार ने बताया कि, वह रेड लाइट पर खड़े थे और उनके आगे हुंडई ग्रैंड आई10 में एक बुजुर्ग व्यक्ति बैठे थे। सिग्नल के ग्रीन होने के बाद बुजुर्ग चालक, कार को आगे बढ़ाने की कोशिश कर रहा था। लेकिन हल्की चढ़ाई होने के कारण कार बार-बार बंद हो रही थी।

‘कार बार-बार पीछे हो रही थी’

विश्वरूप समाजदार ने अपनी पोस्ट में लिखा कि एक बुजुर्ग व्यक्ति ग्रैंड आई10 चला रहा था और ट्रैफिक में उनकी कार के आगे था। रेड लाइट, ग्रीन होने के बाद बुजुर्ग चालक कार को आगे बढ़ाने की कोशिश कर रहा था, लेकिन कार बार-बार रुक रही थी। उन्होंने बताया कि सड़क पर हल्की चढ़ाई होने के कारण कार पीछे की ओर खिसक रही थी। समाजदार का आरोप है कि इस दौरान कार उनकी गाड़ी से तीन बार हल्के से टकराई। उन्होंने कहा कि चालक को समझ नहीं आ रहा था कि कार को कैसे संभालना है, इसलिए उन्होंने कई बार हॉर्न बजाया और फिर कार के बराबर जाकर उसकी खिड़की नीचे की।

मुझे गुस्सा नहीं आया

उन्होंने आगे बताया कि बुजुर्ग चालक ने कहा कि उनकी कार बार-बार रुक रही थी। इस पर उन्होंने चालक को बताया कि उसकी कार उनकी गाड़ी से तीन बार टकराई है। उनके मुताबिक, बुजुर्ग व्यक्ति मुस्कुराए और बोले, “होता है।” टक्कर हल्की थी और उनकी कार को कोई खास नुकसान नहीं हुआ, इसलिए उन्हें गुस्सा नहीं आया। हालांकि, अगले ट्रैफिक सिग्नल पर भी बुजुर्ग चालक को कार आगे बढ़ाने में परेशानी हुई और उनकी गाड़ी फिर टकराने वाली थी। इसके बाद उन्होंने अपनी कार पीछे कर ली और दोनों गाड़ियों के बीच करीब एक कार जितनी दूरी रखी। उन्होंने कहा कि कुछ बुजुर्ग लोगों के लिए गाड़ी चलाना मुश्किल हो सकता है, लेकिन ऐसी स्थिति में उन पर चिल्लाना सही नहीं है।

 

लोगों ने ऐसा दिया रिएक्शन

इस घटना को लेकर सोशल मीडिया पर लोगों की अलग-अलग राय सामने आई है। कुछ लोगों का कहना है कि बुजुर्ग चालक पर गुस्सा करने के बजाय युवक को उनकी मदद करनी चाहिए थी। वहीं, कुछ यूजर्स ने सुझाव दिया कि बुजुर्ग लोगों की ड्राइविंग क्षमता की समय-समय पर जांच होनी चाहिए। एक यूजर ने कहा कि ऐसी परेशानी सिर्फ बुजुर्गों को ही नहीं, बल्कि युवाओं को भी हो सकती है और ऐसी स्थिति में मदद करना ज्यादा सही है। वहीं, दूसरे यूजर ने चालक के “होता है” और “चलता है” जैसे जवाब पर नाराजगी जताई।