Snakebite in India: सांप के काटने में भारत नंबर-1, हर साल 13 लाख तक मामले; जानें क्यों बढ़ रहा खतरा

भारत में सांप के काटने का खतरा कितना बड़ा है, इसका अंदाजा एक नए वैश्विक अध्ययन से लगाया जा सकता है। रिपोर्ट के मुताबिक, हर साल देश में बड़ी संख्या में लोग सांप के जहर का शिकार होते हैं, जिससे यह समस्या गंभीर स्वास्थ्य संकट बनती जा रही है। खासकर गांवों और खेतों में रहने वाले लोगों के लिए इसका खतरा ज्यादा रहता है। बारिश के मौसम में सांपों के इंसानी इलाकों के करीब आने से घटनाएं बढ़ने की आशंका रहती है। सबसे चिंता की बात यह है कि कई मामलों में पीड़ित समय पर अस्पताल नहीं पहुंच पाते। इलाज में देरी और ग्रामीण क्षेत्रों में मेडिकल सुविधाओं की कमी स्थिति को और गंभीर बना देती है।

वहीं, दुनिया के दूसरे देशों की तुलना में भारत में सांप के काटने के मामलों का आंकड़ा काफी ज्यादा बताया गया है। ऐसे में यह जानना जरूरी है कि किन इलाकों में खतरा ज्यादा है और कौन से जहरीले सांप सबसे ज्यादा जानलेवा साबित होते हैं।

भारत के बाद इन देशों में सबसे ज्यादा मामले

अध्ययन में दुनिया के उन देशों की पहचान की गई है जहां सांप के काटने का खतरा सबसे ज्यादा है। अनुमानित सालाना मामलों के हिसाब से भारत सबसे ऊपर है। इसके बाद नाइजीरिया, इंडोनेशिया और डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कांगो का नंबर आता है।

भारत: 13 लाख तक मामले

नाइजीरिया: करीब 6.66 लाख मामले

इंडोनेशिया: करीब 4.90 लाख मामले

डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कांगो: करीब 4.67 लाख मामले

रिसर्च के अनुसार, दुनिया के लगभग तीन-चौथाई सांप काटने के मामले सिर्फ 20 देशों में केंद्रित हैं।

किसानों और ग्रामीणों पर सबसे ज्यादा खतरा

भारत में सांप काटने की घटनाओं का बड़ा हिस्सा ग्रामीण क्षेत्रों से जुड़ा है। खेतों में काम करने वाले किसान और मजदूर खास तौर पर जोखिम में रहते हैं। मानसून के दौरान यह खतरा और बढ़ जाता है, क्योंकि बारिश के समय सांप अक्सर सुरक्षित जगह की तलाश में इंसानी बस्तियों और खेतों की ओर आ जाते हैं। बिना जूते खेतों में काम करना, जमीन पर सोना और कच्चे या खुले घरों में रहना भी जोखिम बढ़ा सकता है।

इलाज में देरी बनती है जानलेवा

सांप के काटने के बाद समय पर सही इलाज मिलना बेहद जरूरी है। लेकिन ग्रामीण और दूरदराज के इलाकों में अस्पताल दूर होने के कारण मरीज को इलाज मिलने में काफी समय लग सकता है। कई मामलों में लोग अस्पताल जाने से पहले पारंपरिक इलाज या झाड़-फूंक का सहारा लेते हैं। कुछ स्थानीय स्वास्थ्य केंद्रों में एंटीवेनम और गंभीर मरीजों के लिए जरूरी चिकित्सा सुविधाओं की कमी भी समस्या को बढ़ा सकती है।

भारत के ‘बिग फोर’ जहरीले सांप

भारत में गंभीर सांप काटने के मामलों के लिए चार प्रमुख जहरीली प्रजातियों को आमतौर पर ‘बिग फोर’ कहा जाता है।

  1. Spectacled Cobra

यह कोबरा खेतों के अलावा कई बार इंसानी बस्तियों के आसपास भी दिखाई देता है। इसके जहर से शरीर के तंत्रिका तंत्र पर गंभीर असर पड़ सकता है।

  1. Common Krait

कॉमन क्रेट रात में ज्यादा सक्रिय रहता है। इसके काटने की कई घटनाएं सोते समय होती हैं और पीड़ित को शुरुआत में काटने का पता भी नहीं चल पाता।

  1. Russell’s Viper

रसेल वाइपर को भारत में गंभीर सांप काटने के प्रमुख कारणों में गिना जाता है। इसके जहर से रक्तस्राव, ऊतकों को नुकसान और किडनी से जुड़ी गंभीर समस्याएं हो सकती हैं।

  1. Saw-scaled Viper

आकार में छोटा होने के बावजूद यह बेहद जहरीला सांप है। इसके जहर से खून बहने और शरीर में रक्त के जमने की प्रक्रिया प्रभावित होने जैसी गंभीर समस्याएं हो सकती हैं।

सांप का काटना बना ‘छिपा हुआ’ स्वास्थ्य संकट

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने snakebite envenoming को Neglected Tropical Disease यानी उपेक्षित उष्णकटिबंधीय बीमारी की प्राथमिकता वाली श्रेणी में रखा है। विशेषज्ञों का मानना है कि सांप काटने के वास्तविक आंकड़े इससे भी ज्यादा हो सकते हैं, क्योंकि ग्रामीण क्षेत्रों में कई घटनाएं आधिकारिक रिकॉर्ड तक नहीं पहुंचतीं।

बचाव के लिए क्या कदम जरूरी?

विशेषज्ञों के अनुसार, ज्यादा प्रभावित इलाकों में पर्याप्त मात्रा में एंटीवेनम उपलब्ध कराना बेहद जरूरी है। साथ ही प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों के कर्मचारियों को सांप काटने के मामलों के इलाज की बेहतर ट्रेनिंग देने की जरूरत है। ग्रामीण मजदूरों को सुरक्षित जूते उपलब्ध कराना, लोगों को सांप काटने के बाद सही प्राथमिक कदमों की जानकारी देना और समय पर अस्पताल पहुंचाने की व्यवस्था मजबूत करना भी इस संकट से निपटने में अहम भूमिका निभा सकता है।

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Viral Video: दोस्त की शादी में शख्स ने दिया ऐसा गिफ्ट, सीने पर बनवा लिया दूल्हा-दुल्हन का टैटू

शादी में दोस्त को गिफ्ट देना आम बात है, लेकिन एक शख्स ने अपने दोस्त की शादी पर ऐसा तोहफा दिया, जिसने हर किसी को हैरान कर दिया। उसने दोस्त और उसकी नई-नवेली पत्नी के चेहरे का टैटू अपने सीने पर बनवा लिया। इसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल है। किसी को यह दोस्ती की मिसाल लग रही है, तो कोई इसे हद से ज्यादा अजीब बता रहा है। खास बात यह है कि टैटू सामने आते ही दूल्हे का रिएक्शन भी कैमरे में कैद हो गया, जिसे देखकर यूजर्स जमकर मजे ले रहे हैं।

पहले दिया कपल का स्केच

वायरल वीडियो में शादी के जश्न के दौरान शख्स नवविवाहित कपल को उनके चेहरों वाला एक स्केच देता नजर आता है। शुरुआत में यह एक सामान्य और प्यारा दोस्ती वाला तोहफा लगता है। लेकिन कुछ ही देर बाद शख्स अपनी शर्ट उतारकर ऐसा सरप्राइज देता है, जिसे देखकर वहां मौजूद लोग भी दंग रह जाते हैं। उसी स्केच में दिख रहे दोस्त और उसकी पत्नी के चेहरे उसने अपने सीने पर स्थायी रूप से टैटू करवाए होते हैं।

दूल्हे का रिएक्शन बना चर्चा की वजह

टैटू से ज्यादा लोगों का ध्यान दूल्हे के चेहरे पर गया। जैसे ही उसने अपने दोस्त के सीने पर अपनी पत्नी का चेहरा देखा, उसके एक्सप्रेशन ने सोशल मीडिया यूजर्स को खूब हंसाया। वायरल पोस्ट में भी मजाकिया अंदाज में कहा गया कि दूल्हा पहले दोस्त के इस भावुक gesture से खुश हुआ होगा, लेकिन पत्नी का चेहरा टैटू में देखकर शायद उसके मन में सवाल आया होगा, “भाई, मेरी पत्नी ही क्यों?”

इंटरनेट पर छिड़ी बहस

वीडियो वायरल होने के बाद लोगों ने इस अनोखे तोहफे को लेकर अलग-अलग राय दी। कुछ यूजर्स ने इसे सच्ची दोस्ती और भावनाओं से जुड़ा हुआ gesture बताया। वहीं, कई लोगों को यह जरूरत से ज्यादा अजीब और असहज करने वाला लगा। एक यूजर ने इसे creepy तक बताया और सवाल किया कि जब लोग करीबी परिवार वालों के चेहरे तक का टैटू नहीं बनवाते, तो दोस्त की पत्नी का चेहरा सीने पर स्थायी रूप से बनवाना कितना सही है।

‘दोस्त का चेहरा होता तो समझ आता…’

कुछ लोगों का कहना था कि अगर शख्स ने सिर्फ अपने दोस्त का चेहरा टैटू कराया होता तो बात समझ में आती। लेकिन दोस्त की पत्नी का चेहरा भी उसी टैटू में शामिल करना उन्हें असहज लगा। एक अन्य यूजर ने दूल्हे के एक्सप्रेशन पर मजाक करते हुए कहा कि उसके चेहरे से साफ लग रहा था,“दोस्त का चेहरा ठीक था, लेकिन मेरी पत्नी का क्यों?”

अगर रिश्ता बदल गया तो?

बहस का एक दूसरा पहलू भी सामने आया। कुछ लोगों ने सवाल उठाया कि दोस्ती और रिश्ते हमेशा एक जैसे नहीं रहते। अगर भविष्य में दोस्ती में दरार आ जाए या कपल के रिश्ते में कोई बदलाव हो जाए, तो यह स्थायी टैटू बेहद अजीब स्थिति पैदा कर सकता है। हालांकि, वायरल पोस्ट में टैटू बनवाने वाले शख्स की निजी जिंदगी या उसके रिश्ते से जुड़ी कोई पक्की जानकारी सामने नहीं आई है।

लोगों को पसंद आया या लगा हद से ज्यादा?

इस पूरे मामले ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि दोस्ती जताने के लिए कोई gesture कितना बड़ा होना चाहिए। कुछ लोगों के लिए यह जिंदगीभर याद रहने वाला दोस्ती का प्रतीक है, जबकि दूसरों को लगता है कि किसी दोस्त की पत्नी का चेहरा सीने पर स्थायी रूप से बनवाना दोस्ती से एक कदम आगे है। फिलहाल वीडियो सोशल मीडिया पर खूब चर्चा बटोर रहा है और सबसे ज्यादा चर्चा उसी पल की हो रही है, जब दूल्हे ने पहली बार अपने दोस्त के सीने पर अपनी पत्नी का चेहरा देखा।

Highest Paying Jobs: सॉफ्टवेयर इंजीनियर नहीं, ये लोग कमा रहे लाखों! PG मालिक से चायवाले तक की लिस्ट वायरल

Highest Paying Jobs: सॉफ्टवेयर इंजीनियर नहीं, ये लोग कमा रहे लाखों! PG मालिक से चायवाले तक की लिस्ट वायरल

भारत में अक्सर युवाओं को बताया जाता है कि IIT की पढ़ाई, FAANG जैसी बड़ी टेक कंपनियों में नौकरी या Data Structures and Algorithms (DSA) में महारत हासिल करना अच्छी कमाई का सबसे आसान रास्ता है। लेकिन टेक और AI कमेंटेटर साक्षी ने सोशल मीडिया पर एक मजेदार लिस्ट शेयर कर इस सोच को ही उलट दिया। उन्होंने भारत में इस समय सबसे ज्यादा कमाई करने वाले लोगों की एक मजाकिया रैंकिंग साझा की, जिसमें सॉफ्टवेयर इंजीनियर टॉप पर नहीं, बल्कि काफी पीछे नजर आए। इस लिस्ट में PG मालिक, मकान मालिक, पानी के टैंकर वाले और चाय-सिगरेट की दुकान चलाने वाले शामिल हैं।

नंबर-1 पर PG मालिक, एक कमरे से लाखों की कमाई

साक्षी की इस मजेदार रैंकिंग में सबसे ऊपर PG मालिक को रखा गया। उन्होंने बताया कि शहरों में बढ़ती नौकरी और किराए की मांग का फायदा PG के मालिकों को मिल रहा है। उनके मुताबिक, एक कमरे में तीन लोगों को रखा जाता है और हर व्यक्ति से करीब ₹10,000 से ₹15,000 तक किराया लिया जाता है। इस हिसाब से कुछ PG मालिक किराया और दूसरे खर्च निकालने के बाद भी ₹1 लाख से ₹1.5 लाख महीने तक कमा सकते हैं। यही वजह है कि पोस्ट में PG बिजनेस को आज के दौर के सबसे कमाई वाले कामों में से एक बताया गया।

बेंगलुरु के मकान मालिक भी पीछे नहीं

लिस्ट में तीसरे नंबर पर बेंगलुरु के मकान मालिक का जिक्र किया गया। टेक सिटी में किराए की बढ़ती मांग को लेकर अक्सर सोशल मीडिया पर चर्चाएं होती रहती हैं। पोस्ट में मजाकिया अंदाज में बताया गया कि दो बेडरूम का फ्लैट खरीदकर उसे करीब ₹50,000 महीने के किराए पर देना, हर साल किराया बढ़ाना और WhatsApp पर सिर्फ ‘last price’ लिखकर बातचीत खत्म करना भी कमाई का शानदार तरीका बन गया है।

पानी के टैंकर वाले भी बने ‘बिजनेस किंग’

बेंगलुरु में पानी की समस्या किसी से छिपी नहीं है। इसी को लेकर साक्षी ने पानी के टैंकर संचालकों को भी अपनी लिस्ट में जगह दी। उन्होंने मजाकिया अंदाज में लिखा कि ये लोग बेंगलुरु का ही पानी वापस बेंगलुरु के लोगों को बेचते हैं। पानी की कमी के समय टैंकरों की मांग बढ़ने से इस कारोबार की कमाई भी बढ़ जाती है।

ब्रोकरों की कमाई का भी किया जिक्र

रैंकिंग में प्रॉपर्टी ब्रोकर भी शामिल हैं। पोस्ट के मुताबिक, कुछ ब्रोकर किरायेदारों को कई ऐसे घर दिखाते हैं जो उनकी जरूरत के मुताबिक नहीं होते और आखिर में डील होने पर किरायेदार और मकान मालिक, दोनों से करीब एक महीने के किराए के बराबर कमीशन ले लेते हैं। बेंगलुरु जैसे शहरों में लगातार घर बदलने वाले किरायेदारों की बड़ी संख्या के कारण यह काम भी अच्छी कमाई वाला बताया गया।

टेक पार्क के बाहर चाय-सिगरेट वाला भी हिट

इस लिस्ट में दूसरे नंबर पर जिस शख्स को रखा गया, वह शायद सबसे ज्यादा चौंकाने वाला नाम है टेक पार्क के बाहर चाय, सिगरेट और स्नैक्स बेचने वाला दुकानदार। साक्षी ने उसे टेक इंडस्ट्री का ‘अनसंग हीरो’ बताया। उनके अनुसार, हजारों सॉफ्टवेयर इंजीनियर रोजाना चाय, सिगरेट और स्नैक्स के लिए ऐसी दुकानों पर निर्भर रहते हैं। पोस्ट में अनुमान लगाया गया कि अच्छी लोकेशन वाली ऐसी दुकान से कुछ दुकानदार ₹30,000 से ₹50,000 महीने तक कमा सकते हैं।

न MBA, न फंडिंग, फिर भी कमाई!

इस पूरी पोस्ट का सबसे मजेदार हिस्सा यही था। चाय-सिगरेट की दुकान के लिए न किसी MBA की जरूरत है, न pitch deck की और न ही startup funding की। साक्षी ने इसी अंदाज में टेक इंडस्ट्री पर तंज कसते हुए बताया कि जहां इंजीनियर नौकरी और प्रमोशन के लिए लगातार मेहनत कर रहे हैं, वहीं कुछ छोटे कारोबारी रोजमर्रा की जरूरतों के दम पर अच्छी कमाई कर रहे हैं।

सॉफ्टवेयर इंजीनियरों पर आया सबसे बड़ा तंज

पोस्ट के अंत में सॉफ्टवेयर इंजीनियरों को लेकर सबसे मजेदार टिप्पणी की गई। साक्षी ने लिखा कि जब बाकी लोग अलग-अलग तरीकों से कमाई कर रहे हैं, तब सॉफ्टवेयर इंजीनियर रात 2 बजे तक DSA के सवाल हल कर रहे हैं और उम्मीद कर रहे हैं कि अगली salary hike अच्छी होगी।

सोशल मीडिया यूजर्स ने भी लिए मजे

साक्षी की पोस्ट को सोशल मीडिया पर जबरदस्त प्रतिक्रिया मिली और इसे खबर लिखने तक 1.5 लाख से ज्यादा व्यूज मिले। यूजर्स ने भी अपने-अपने अंदाज में इस रैंकिंग पर मजेदार प्रतिक्रियाएं दीं। एक यूजर ने मजाक करते हुए कहा कि सॉफ्टवेयर इंजीनियरों ने कमाई का सबसे मुश्किल रास्ता चुना है और उन्हें DSA की तैयारी के बजाय पानी का टैंकर खरीद लेना चाहिए था। एक अन्य यूजर ने बेंगलुरु का असली ‘product-market fit’ AI या सॉफ्टवेयर नहीं, बल्कि चाय, प्रॉपर्टी और मेट्रो से दूरी का गणित बताया। एक यूजर ने टैक्स को लेकर भी तंज कसा और कहा कि इन कामों में कमाई करने वालों में शायद सॉफ्टवेयर इंजीनियर ही ऐसा व्यक्ति है जो नियमित रूप से इनकम टैक्स और ITR जैसी चीजों से जूझता है।

डिस्क्लेमर: यह रिपोर्ट सोशल मीडिया पर यूज़र द्वारा शेयर किए गए कंटेंट पर आधारित है। मनीकंट्रोल इन दावों की न तो स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं करता है और न ही इनका समर्थन करता है।

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₹2.5 लाख महीना कमाता है ये 29 साल का युवक फिर भी कर्ज में डूबा! जानिए शादी-घर ने कैसे बिगाड़ा पूरा हिसाब

Bengaluru Viral News: हैंडसम सैलरी और अच्छा करियर होने के बावजूद खराब फाइनेंशियल मैनेजमेंट किसी को भी कर्ज के जाल में फंसा सकता है। बेंगलुरु के रहने वाले 29 वर्षीय एक शादीशुदा युवक की कहानी इसी बात का लेटेस्ट उदाहरण बनी है। टैक्स कटने के बाद हर महीने ₹2.5 लाख की कुल कमाई करने के बावजूद यह युवक शादी और घर के रिनोवेशन पर बड़ा खर्च करने की वजह से कई लोन और कर्ज के भारी बोझ तले दब गया है। युवक ने सोशल मीडिया पर अपने फाइनेंशियल स्टेटस को शेयर करते हुए लोगों से सलाह मांगी है।

95 फीसदी सेविंग्स खत्म, शादी और घर के रेनोवेशन ने बिगाड़ा बजट

युवक ने अपनी आपबीती बताते हुए लिखा है कि ‘मैं हाल ही में एक ऐसे कर्ज के जाल में फंस गया, जिसमें मैं कभी नहीं फंसना चाहता था। मैंने हाल ही में दो बड़े खर्च किए एक मेरी शादी और दूसरा घर का रेनोवेशन, जिसने मेरी 95 प्रतिशत बचत को खत्म कर दिया।’

रेडिट पर की गई युवक की इस पोस्ट के मुताबिक उसके माता-पिता ने उसे अपने पैतृक घर पर एक और मंजिल बनाने के लिए जोर दिया ताकि उसे किराए पर दिया जा सके। इस घर के रेनोवेशन में कुल 35 लाख रुपये खर्च हुए। उसने अपनी सेविंग्स में से ₹15 लाख दिए और बाकी के ₹20 लाख लोन लिए। उसकी शादी का खर्च ₹30 लाख से अधिक हो गया। शादी के खर्चों के लिए उसने अपने स्टॉक्स (शेयर) बेचे लेकिन आखिरी समय में कैश की कमी होने की वजह से उसे 9.1 फीसदी के इंट्रेस्ट पर 5 लाख रुपये का पर्सनल लोन लेना पड़ा। उसने बताया कि आखिरी समय में इस अमाउंट के कैश का बंदोबस्त करने के लिए उसके पास दूसरा कोई ऑप्शन नहीं था।

EMI और क्रेडिट कार्ड का भारी-भरकम बोझ

घर के रेनोवेशन और शादी के अलावा युवक पर कार लोन भी है। इसपर अभी 3 लाख रुपये बचे हुए हैं। उसके माता-पिता फाईनेंशियली से उसी पर निर्भर हैं और राशन-पानी व अन्य घरेलू खर्चों के लिए उसी के क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल करते हैं। हर महीने युवक को होम लोन में 35000, पर्सनल लोन ईएमआई 16000, कार लोन पर 15000, किराए और बिल पर 37000, क्रेडिट कार्ड के बिल पर 70 हजार, राशन के मद में 15 हजार, आउटिंग और मूवी पर करीब 6000 खर्च करने पड़ते हैं। इसके अलावा 1500 रुपये SIP इन्वेंस्टमेंट में जाते हैं।

युवक के पास फिलहाल स्टॉक्स में 3 लाख रुपये और एफडी में 1 लाख रुपये जमा हैं। इसके अलावा उसके पास 50 सॉवरेन सोना है, जिसे वह बेचना या इस्तेमाल करना नहीं चाहता। युवक ने बताया है कि ‘हम पार्टियां नहीं करते, न ही मैं अक्सर बाहर खाता हूं। मैं अपने कैश फ्लो को सुधारने के लिए नौकरी बदलने की योजना बना रहा हूं, लेकिन इसमें अभी समय लग रहा है।’ अब वह किसी भी तरह अपने कर्जों को जल्द चुकता करने, क्रेडिट कार्ड के खर्चों पर लगाम लगाने और मासिक बचत बढ़ाने के तरीके तलाश रहा है।

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इस पोस्ट पर सोशल मीडिया यूजर्स ने अपनी प्रतिक्रियाएं दी हैं। एक यूजर ने कमेंट करते हुए लिखा कि, ‘यह पति-पत्नी दोनों की मिलाकर कमाई है। अगर पति अपनी पत्नी की कमाई का इस्तेमाल अपने माता-पिता द्वारा इस्तेमाल किए गए क्रेडिट कार्ड का बिल भरने के लिए करेगा, तो नई-नवेली पत्नी नाराज हो सकती है और लड़ाई शुरू हो सकती है। इसके अलावा युवक ने पत्नी के पक्ष के खर्चों का जिक्र नहीं किया है, यकीनन पत्नी भी अपने माता-पिता को कुछ पैसे भेज रही होगी या शादी के लिए लिए गए किसी लोन की भरपाई कर रही होगी।’

नौकरी जॉइन करने के 6 घंटे बाद ही दिया इस्तीफा, वजह जानकर मैनेजर भी रह गया हैरान

दिल्ली स्थित कंपनी Hiring Insider के संस्थापक और पूर्व टैलेंट एक्विजिशन लीडर हर्षित श्रीवास्तव की एक LinkedIn पोस्ट ने सोशल मीडिया पर खूब चर्चा बटोरी है। उन्होंने एक नए कर्मचारी से जुड़ा ऐसा किस्सा साझा किया, जिसने भर्ती प्रक्रिया और नौकरी की वास्तविकता के बीच के अंतर पर सवाल खड़े कर दिए। खास बात यह रही कि कर्मचारी ने कंपनी जॉइन करने के महज छह घंटे बाद ही इस्तीफा देने का फैसला कर लिया। इस घटना ने यह सोचने पर मजबूर कर दिया कि क्या इंटरव्यू के दौरान उम्मीदवारों को नौकरी की पूरी और सच्ची तस्वीर दिखाई जाती है?

अक्सर कंपनियां किसी पद को आकर्षक तरीके से पेश करती हैं, लेकिन असली जिम्मेदारियां, काम का दबाव और टीम का माहौल जॉइन करने के बाद सामने आता है। हर्षित की पोस्ट ने इसी अंतर को बेहद दिलचस्प तरीके से उजागर किया, जिसके बाद LinkedIn पर लोगों के बीच पारदर्शिता और ईमानदार hiring को लेकर सवाल उठा दिए हैं।

पुराने कर्मचारी ने ही नए कर्मचारी को ट्रेनिंग दी

कहानी के मुताबिक, एक कर्मचारी पहले ही इस्तीफा दे चुका था। मैनेजर ने उससे कहा कि जाने से पहले वो अपनी जगह किसी नए व्यक्ति को हायर करे और उसे काम समझाकर जाए। उस कर्मचारी ने उम्मीदवार का इंटरव्यू लिया, उसे चुना और जॉइनिंग के पहले दिन उसे काम की पूरी जानकारी दी।

इंटरव्यू से अलग थी असलियत

नए कर्मचारी को सिर्फ सामान्य काम नहीं बताया गया। उसे कंपनी की पॉलिसी, टीम स्ट्रक्चर, स्टेकहोल्डर्स, काम का दबाव, डेडलाइन और एस्केलेशन कल्चर तक सब कुछ साफ-साफ समझाया गया। सबसे खास बात यह थी कि पुराने कर्मचारी ने कुछ छिपाया नहीं और न ही बातों को बढ़ा-चढ़ाकर बताया।  नतीजा? दिन खत्म होते-होते नए कर्मचारी ने नौकरी छोड़ने का फैसला कर लिया।

मैनेजर ने पूछा “तुमने उसे क्या बताया?”

नए कर्मचारी के इस्तीफे से मैनेजर हैरान और नाराज था। उसने पुराने कर्मचारी से पूछा कि आखिर उसने नए व्यक्ति को ऐसा क्या बता दिया कि उसने कुछ ही घंटों में नौकरी छोड़ दी। जवाब मिला “वही सब, जो आपने मुझे उसे सिखाने के लिए कहा था।” यानी नए कर्मचारी को पहली बार नौकरी की असली तस्वीर दिखाई गई थी। कंपनी ने नौकरी बेची, कर्मचारी ने काम की सच्चाई दिखाई

श्रीवास्तव ने इस घटना को एक दिलचस्प लाइन में समझाया कंपनी ने उसे नौकरी का सपना दिखाया था, जबकि पुराने कर्मचारी ने उसे उस नौकरी की हकीकत दिखा दी। उनका कहना था कि कई बार नौकरी के विज्ञापन और इंटरव्यू में भूमिका जितनी आकर्षक दिखाई जाती है, असल में काम उससे काफी अलग होता है।

ईमानदारी से हो सकती है बेहतर भर्ती

इस कहानी के बाद LinkedIn पर लोगों के बीच चर्चा शुरू हो गई कि भर्ती के दौरान सैलरी और पद के साथ-साथ काम की असली चुनौतियां भी बतानी चाहिए। अगर कंपनी शुरुआत में ही काम का दबाव, जिम्मेदारियां, टीम कल्चर और वास्तविक उम्मीदें साफ कर दे, तो बाद में कर्मचारी के निराश होकर छोड़ने की संभावना कम हो सकती है।

अच्छी hiring सिर्फ कंपनी को पसंद आने वाला उम्मीदवार ढूंढना नहीं है। यह भी देखना है कि उम्मीदवार को कंपनी और नौकरी की सच्ची तस्वीर पहले से पता हो और फिर भी वह वहां काम करना चाहे।

डिस्क्लेमर: यह रिपोर्ट सोशल मीडिया पर यूज़र द्वारा शेयर किए गए कंटेंट पर आधारित है। मनीकंट्रोल इन दावों की न तो स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं करता है और न ही इनका समर्थन करता है।

46 पैसे का बिल चुकाना भूला शख्स, बैंक ने ठोक दिया ₹1200 का जुर्माना! भड़के यूजर ने X पर सुनाई खरी-खोटी

Credit Card Bill Viral News: क्रेडिट कार्ड बिल का पेमेंट करते समय अगर आप एक रुपये से भी कम की चूक करते हैं, तो यह आपको कितना भारी पड़ सकता है? इसका एक ताजा और हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। एक शख्स ने अपने क्रेडिट कार्ड बिल में से महज 46 पैसे कम चुकाए, जिसके बदले बैंक ने उस पर ₹1200 से अधिक का जुर्माना और अन्य फीस लगा दी।

पीड़ित ग्राहक ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर अपना गुस्सा जाहिर करते हुए एचडीएफसी बैंक के कस्टमर केयर अधिकारियों को ‘अज्ञानी और घमंडी’ तक कह दिया। यह पोस्ट देखते ही देखते इंटरनेट पर वायरल हो गई और लोग बैंक के इस रवैये पर अपनी अलग-अलग प्रतिक्रियाएं देने लगे।

क्या है पूरा मामला?

पीड़ित ग्राहक को बैंक की तरफ से ₹10,649.46 का क्रेडिट कार्ड बिल मिला था। भुगतान करते समय गलती से ग्राहक ने दशमलव के बाद के पैसे छोड़ दिए और सिर्फ ₹10,649 का ही पेमेंट किया। यानी कुल बिल में से महज 46 पैसे बकाया रह गए। इस 46 पैसे के मामूली शॉर्टफॉल की वजह से बैंक ने ग्राहक पर ₹1200 से ज्यादा का लेट पेमेंट चार्ज और पेनल्टी ठोक दी।

इस पर ग्राहक ने X पर HDFC Bank को टैग करते हुए लिखा, ‘प्रिय HDFC बैंक, आपने मुझे ₹10,649.46 का क्रेडिट कार्ड बिल भेजा था। गलती से मैंने ₹10,649.00 का भुगतान किया, 46 पैसे छूट गए और आपने 46 पैसे की इस चूक के लिए मुझ पर ₹1200 से ज्यादा का लेट पेमेंट चार्ज लगा दिया? क्या आप इसे जल्द से जल्द रिवर्स करेंगे?

यूजर बैंक के कस्टमर सपोर्ट पर भी भड़ास निकाली और लिखा कि वहां के प्रतिनिधि जितने अज्ञानी हैं, उतने ही घमंडी भी हैं।

सोशल मीडिया पर भड़के लोग, मिली तरह-तरह की सलाह

यह पोस्ट सामने आते ही यूजर्स बैंक के इस एक्शन की आलोचना करने लगे और अपने पुराने अनुभव शेयर करने लगे। एक यूजर ने लिखा, ‘क्रेडिट कार्ड कैंसल करो, उसके 4 टुकड़े करके कचरे के डिब्बे में फेंक दो। उन्हें कोर्ट में साबित करने दो कि 0.46 रुपये का ब्याज ₹1200 कैसे बन गया।’

एक अन्य यूजर ने सुझाव दिया कि रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) के दिशानिर्देशों के अनुसार, ₹10,649.46 जैसे आंकड़े को राउंड ऑफ करके ₹10,649 किया जाना चाहिए, क्योंकि 50 पैसे से कम की किसी भी भिन्न को नजरअंदाज कर दिया जाता है।

कुछ यूजर्स ने HDFC बैंक के साथ अपने बुरे अनुभवों को याद करते हुए कहा कि उन्होंने भी बैंक के खराब व्यवहार के कारण अपने अकाउंट्स और एफडी बंद करवा दिए थे।

हालांकि, एक वर्ग ऐसा भी था जिसने ग्राहक को ही जिम्मेदार ठहराया। एक यूजर ने लिखा, ‘यह आपकी गलती है, भाई। इसे बैंक पर मत डालो। यह उन लोगों के लिए एक बहुत अच्छा सबक है जो हर चीज को हल्के में लेते हैं।’

क्रेडिट कार्ड पेनल्टी और भारी-भरकम चार्ज से कैसे बचें?

क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल करते समय थोड़ी सी लापरवाही बड़ा नुकसान करा सकती है। ऐसी स्थितियों से बचने के लिए इन बातों का खास ध्यान रखें:

Auto-Debit ऑन रखें: अपने बैंक अकाउंट से क्रेडिट कार्ड बिल का ‘Total Amount Due’ ऑटो-डेबिट मोड पर सेट करें, ताकि दशमलव के पैसे भी अपने आप सही समय पर कट जाएं।

राउंड ऑफ न करें: जब भी खुद से मैनुअल पेमेंट करें, बिल में लिखी दशमलव वाली सटीक रकम ही ट्रांसफर करें, खुद से कोई आंकड़ा न घटाएं।

गलती होने पर तुरंत नोडल अधिकारी से संपर्क करें: अगर गलती से ऐसा लेट चार्ज लग भी जाए, तो कस्टमर केयर के अलावा बैंक के Grievance Redressal Officer / Nodal Officer को ईमेल करें और चार्जेस रिवर्स करने की रिक्वेस्ट करें।

RBI Ombudsman में शिकायत करें: अगर बैंक आपकी जायज बात नहीं सुनता है और पैसे वापस नहीं करता है, तो आप आरबीआई के बैंकिंग लोकपाल के पास ऑनलाइन शिकायत दर्ज करा सकते हैं।

डिजिटल दौर में ऑटोमेटेड बैंकिंग सिस्टम बिल का पूरा भुगतान न होने पर अपने आप लेट फीस और पेनल्टी जनरेट कर देते हैं, फिर चाहे बकाया राशि 1 रुपये से भी कम क्यों न हो। ऐसे में समझदारी इसी में है कि बिल की पाई-पाई का भुगतान करें ताकि बैंकों के इन कड़े पेनल्टी रूल्स से बचा जा सके।

Disclaimer: यह खबर सोशल मीडिया (X) पर वायरल यूजर पोस्ट पर आधारित है। यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। मनीकंट्रोल इसकी पुष्टि नहीं करता है।

UP News: यूपी के BJP विधायक का आरोप, समधी ने धोखाधड़ी कर 25 महिलाओं से की शादी, करोड़ों की ठगी के दावे

UP Viral News: उत्तर प्रदेश के सीतापुर जिले से एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने बॉलीवुड फिल्म ‘Ladies V/S Ricky Bahl’ की कहानी की याद दिला दी है। फर्क सिर्फ इतना है कि यहां मामला फिल्मी कहानी नहीं, बल्कि एक भारतीय जनता पार्टी (BJP) के विधायक के परिवार से जुड़ा गंभीर आरोप है। सीतापुर जिले की सेवता विधानसभा सीट से भारतीय जनता पार्टी (BJP) के विधायक ज्ञान तिवारी ने अपने समधी अनुज त्रिवेदी के खिलाफ धोखाधड़ी और तथ्य छिपाने के आरोप में रेउसा थाने में FIR दर्ज कराई है।

पुलिस के अनुसार, विधायक की बेटी प्रज्ञा तिवारी की शादी वर्ष 2024 में मिश्रिख क्षेत्र के चंद्रवाल निवासी अनुज त्रिवेदी के बेटे प्रखर त्रिवेदी से हुई थी। विधायक द्वारा दर्ज कराई गई FIR के मुताबिक, शादी के समय आरोपी पक्ष ने खुद को मुंबई में बड़ा रियल एस्टेट कारोबारी बताया था। स्थानीय स्तर पर जांच एवं प्रतिष्ठित लोगों से मिली सकारात्मक प्रतिक्रिया के बाद यह रिश्ता तय किया गया था।

कैसे हुआ खुलासा?

यूपी पुलिस के अनुसार, शादी के करीब दो साल बाद सोशल मीडिया और अन्य माध्यमों से अनुज त्रिवेदी के खिलाफ लगाए गए कथित धोखाधड़ी के आरोप सामने आए। पुलिस ने बताया कि जांच में उसके खिलाफ महाराष्ट्र समेत देश के कई राज्यों में महिलाओं को कथित रूप से प्रेम जाल में फंसाकर उनसे धोखाधड़ी करने के आरोप सामने आए। पुलिस के मुताबिक, अनुज त्रिवेदी पर फर्जी पहचान के आधार पर करीब 25 शादियां करने और धोखाधड़ी करने के आरोप हैं।

बाप-बेटा गिरफ्तार

पुलिस ने बताया कि इन आरोपों और पीड़ित महिलाओं की शिकायतों के आधार पर अनुज त्रिवेदी और उसके बेटे प्रखर त्रिवेदी को गिरफ्तार किया गया। विधायक ज्ञान तिवारी ने अनुज त्रिवेदी और उसके परिवार से सभी संबंध खत्म करने की घोषणा की है। रेउसा थाने में दी गई शिकायत में विधायक ने आरोप लगाया कि अनुज त्रिवेदी ने अपना आपराधिक इतिहास और पूर्व के मुकदमों की जानकारी छिपाकर उनके परिवार को धोखे में रखा। इसी आधार पर शादी का रिश्ता तय हुआ।

उन्होंने बताया कि इस घटना से उनके परिवार को गहरा सदमा और एक जनप्रतिनिधि के रूप में उनकी सामाजिक छवि को नुकसान पहुंचा है। रेउसा थाने में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 318(4) के तहत अनुज त्रिवेदी के खिलाफ मामला दर्ज कर किया गया है।

2024 में हुई थी विधायक की बेटी की शादी

शिकायत के अनुसार, विधायक ज्ञान तिवारी की बेटी प्रज्ञा की शादी वर्ष 2024 में प्रखर त्रिवेदी के साथ हुई थी। विधायक का आरोप है कि शादी के समय प्रखर के पिता अनुज त्रिवेदी ने खुद को मुंबई का एक प्रतिष्ठित और स्थापित रियल एस्टेट कारोबारी बताया था। परिवार की ओर से स्थानीय स्तर पर जानकारी भी जुटाई गई थी। कुछ प्रभावशाली लोगों से मिली सकारात्मक प्रतिक्रिया के बाद रिश्ता तय किया गया।

उस समय परिवार को कथित तौर पर ऐसी किसी जानकारी का पता नहीं था, जिसे अब शिकायत में गंभीर आरोपों के रूप में सामने रखा गया है। विधायक के मुताबिक, शादी के करीब ढाई साल बाद परिवार को सोशल मीडिया और दूसरे माध्यमों से प्रखर त्रिवेदी की कथित गतिविधियों के बारे में जानकारी मिलने लगी। आरोप लगाया गया कि प्रखर ने अलग-अलग राज्यों में कई महिलाओं के साथ कथित तौर पर फर्जी पहचान के आधार पर संबंध बनाए और उनसे बड़ी रकम हासिल की।

विधायक ने बेटी को वापस घर बुलाया

जब विधायक के परिवार को कथित गतिविधियों की जानकारी मिली, तो ज्ञान तिवारी ने कहा कि उन्होंने आरोपी परिवार से संबंध खत्म कर लिए और अपनी बेटी को वापस घर ले आए। विधायक ने इस पूरे घटनाक्रम से परिवार को हुए मानसिक और भावनात्मक नुकसान की भी बात कही। उन्होंने दावा किया कि इस मामले का असर उनकी सार्वजनिक छवि पर भी पड़ा है।

सोशल मीडिया वीडियो में ने खोला राज

ज्ञान तिवारी ने 6 अगस्त को सोशल मीडिया पर एक वीडियो जारी कर मामले को सार्वजनिक किया। वीडियो में वह अपनी बेटी के साथ नजर आए। उन्होंने आरोपी परिवार के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की और कहा कि अगर उनके दामाद के खिलाफ लगाए गए आरोप जांच में साबित होते हैं, तो कानून के तहत उसे भी कठोरतम सजा मिलनी चाहिए। विधायक ने अपने बयान में अनुज त्रिवेदी के लिए तो मौत की सजा तक की मांग की।

आगे की जांच जारी

अब जांच एजेंसियां आरोपों से जुड़े दस्तावेज, कथित पहचान, पूर्व संबंधों, आर्थिक लेन-देन और अन्य महिलाओं से जुड़े दावों की पड़ताल कर सकती हैं। बॉलीवुड फिल्म में फर्जी पहचान के जरिए महिलाओं को कथित तौर पर धोखा देने वाले किरदार की कहानी दर्शकों के सामने आई थी। उत्तर प्रदेश का यह मामला भी पहली नजर में उसी तरह की कहानी जैसा दिखाई दे रहा है। लेकिन यहां सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि 25 शादियों और महिलाओं से ठगी के आरोप अभी आरोप ही हैं। इनकी वास्तविकता पुलिस जांच और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही स्पष्ट होगी।

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फिलहाल इस मामले ने इसलिए सनसनी मचा दी है क्योंकि शिकायतकर्ता कोई आम व्यक्ति नहीं, बल्कि उत्तर प्रदेश के एक BJP विधायक हैं। आरोप सीधे उनके अपने परिवार में हुई शादी से जुड़े हैं। अब जांच का सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या यह वास्तव में कई महिलाओं को फर्जी पहचान के जरिए कथित तौर पर फंसाने का मामला है, या आरोपों के पीछे कोई अलग कहानी है? पुलिस जांच और अदालत की कार्यवाही से ही इसका अंतिम सच सामने आएगा।

44 साल की उम्र में 6.5 करोड़ का पोर्टफोलियो बनाकर मजे से नौकरी छोड़ रिटायर हो गया ये इंजीनियर, फिर बताया अपना फॉर्म्युला

Viral News: कॉर्पोरेट लाइफ की भागदौड़, काम के लंबे घंटे और ऑफिस की राजनीति से परेशान होकर क्या कोई अपनी सफल नौकरी को अलविदा कह सकता है? एक 44 वर्षीय सॉफ्टवेयर इंजीनियर ने ऐसा ही कर दिखाया है. लेकिन उन्होंने यह कदम किसी बिना तैयारी के नहीं बल्कि 6.5 करोड़ रुपये का एक मजबूत इन्वेस्टमेंट पोर्टफोलियो बनाने के बाद उठाया है.

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म रेडिट (Reddit) पर My FIRE Journey: Walking Away at 44 टाइटल के साथ इस शख्स ने अपनी कहानी शेयर की है. अब उनकी ये स्टोरी टॉकिंग प्वाइंट बन गई है. इस इंजीनियर ने बताया कि वह इंजीनियरिंग से रिटायर नहीं हुए हैं बल्कि कॉर्पोरेट जीवन के बर्नआउट से रिटायर हुए हैं.

My FIRE Journey: Walking Away at 44

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आइए जानते हैं कि इस टेक पेशेवर ने इतनी कम उम्र में इतना बड़ा फंड कैसे खड़ा किया और उनका वह सीक्रेट फॉर्म्युला क्या है जिसने उन्हें काम के दबाव से मुक्ति और आजादी की जिंदगी दी.

14 घंटे काम और खराब होती सेहत: जीवन का वो टर्निंग पॉइंट

रेडिट पोस्ट के मुताबिक इस सॉफ्टवेयर इंजीनियर की शादी हो चुकी है और उनका एक 11 साल का बेटा है. उन्होंने देश के एक प्रतिष्ठित कॉलेज से अपनी यूजी और पीजी इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी की और अपने करियर का लगभग पूरा हिस्सा स्टार्टअप कंपनियों में बिताया. कई बार तो उन्होंने कंपनी पर भरोसे के चलते महीनों तक बिना सैलरी के भी काम किया. उनकी पत्नी हमेशा से एक होममेकर रही हैं.

करियर के दौरान एक स्टार्टअप में रेफरल के जरिए शामिल होना उनके जीवन का सबसे बड़ा टर्निंग पॉइंट बना. वहां का माहौल बेहद टॉक्सिक था और हर तरफ बस ऑफिस पॉलिटिक्स चलती थी. उन्हें हफ्ते में 6 दिन और रोजाना 14-14 घंटे काम करना पड़ता था.

इस भयानक दबाव के कारण उनको नींद न आने की समस्या हो गई. वह बॉर्डरलाइन डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर और मोटापे का शिकार हो गए. आखिरकार साल 2023 में उन्होंने एक ब्रेक लिया और रुककर अपनी सेहत व अपनी वित्तीय स्थिति दोनों का बारीकी से देखा.

कैसे बना 6.5 करोड़ का यह विशाल पोर्टफोलियो?

शुरुआत में वह पैसों को लेकर बहुत अधिक अनुशासित नहीं थे और न ही FIRE (Financial Independence, Retire Early) टाइप मूवमेंट उनका कोई टारगेट था. लेकिन उनके एक सही फैसले ने उनकी किस्मत बदल दी। एक फाइनेंशियल एडवाइजर से सलाह लेने के बाद उन्होंने साल 2018 में एसआईपी के जरिए निवेश करना शुरू किया.

ESOP से मिला बड़ा बूस्ट

साल 2019 में जिस स्टार्टअप में वह काम कर रहे थे, उसका अधिग्रहण हो गया. इससे उन्हें ईशॉप के रूप में लगभग 1.4 करोड़ रुपये का पेआउट मिला. उन्होंने इस बड़ी रकम को खर्च करने के बजाय पूरी तरह इन्वेस्टेड रखा. नियमित निवेश और शेयर बाजार की शानदार ग्रोथ की बदौलत आने वाले सालों में उनका पैसा तेजी से बढ़ता चला गया.

अप्रैल 2026 में एसेट एलोकेशन कैसा था?

अप्रैल 2026 तक उनका कुल इन्वेस्टमेंट पोर्टफोलियो करीब 6.5 करोड़ रुपये तक पहुंच गया. उन्होंने अपने इस फंड को इस तरह से बांट रखा था। पोर्टफोलियो का लगभग 60% हिस्सा शेयरों में निवेशित था. शेष 40% हिस्सा डेट फंड्स, लिक्विड इन्वेस्टमेंट्स और प्रोविडेंट फंड (PF) की सेविंग्स में फैला हुआ था.

खर्च का गणित

इंजीनियर ने बताया कि उनके परिवार का सालाना खर्च लगभग 14 लाख रुपये है और टियर 1 शहर में उनका अपना खुद का घर भी है. जब उन्होंने देखा कि उनके पास जरूरत से ज्यादा पैसा है और काम करना अब मजबूरी नहीं बल्कि एक चॉइस बन चुका है तो उन्होंने अपनी नौकरी छोड़ दी.

नौकरी छोड़ने के बाद जिंदगी में आए ये बड़े बदलाव

नौकरी छोड़ने के तीन महीने बाद ही उनके जीवन में बैंक बैलेंस से परे कई चमत्कारी बदलाव देखने को मिले हैं. उनका वजन काफी कम हो गया है. उनकी नींद की समस्या दूर हो गई है और अब उनका ब्लड प्रेशर पूरी तरह से नियंत्रण में है. अब उनका रोज का रूटीन पूरी तरह बदल चुका है. वह अपना समय ध्यान करने, एक्सरसाइज करने, अपने परिवार के साथ रहने, लार्ज लैंग्वेज मॉडल्स पर रिसर्च करने और ओपन-सोर्स प्रोजेक्ट्स में योगदान देने में बिताते हैं.

इंजीनियर ने बताए जल्दी रिटायर होने के 5 बड़े फॉर्म्युले

अपनी इस यात्रा से सीख लेते हुए उन्होंने उन लोगों के लिए कुछ जरूरी टिप्स और सबक साझा किए हैं जो जल्दी रिटायर होना चाहते हैं.

1- अपने फाइनेंशियल टारगेट तय करें: उन्होंने कहा कि काश उन्होंने अपने करियर की शुरुआत में ही अपना FIRE टारगेट तय कर लिया होता. हर व्यक्ति को पता होना चाहिए कि उसे कितनी रकम के बाद काम छोड़ना है.

2- सैलरी के लिए नेगोशिएट करें: उन्होंने अपने पूरे 20 साल के करियर में एक बार भी अपनी सैलरी के लिए नेगोशिएट नहीं किया था जिससे उन्हें करोड़ों रुपये का नुकसान हुआ होगा. इसलिए अपनी सैलरी को लेकर हमेशा नेगोशिएट करें.

3- लाइफस्टाइल इन्फ्लेशन से बचें: वह कभी भी बहुत बड़े खर्च करने वाले इंसान नहीं रहे. फिजूलखर्ची से दूर रहने के कारण उनके लिए नियमित निवेश करना बहुत आसान हो गया.

4- खुद का घर होना फायदेमंद: उन्होंने बताया कि खुद का घर होने की वजह से उन्हें किराए का भुगतान नहीं करना पड़ता था. इससे उनके मासिक खर्चे बेहद कम हो गए और रिटायरमेंट के लिए आवश्यक कुल फंड का आकार भी छोटा हो गया.

5- पारिवारिक सहयोग: वह खुद को भाग्यशाली मानते हैं क्योंकि उनके माता-पिता और उनकी पत्नी के माता-पिता उनके बेटे की उच्च शिक्षा का खर्च उठाने वाले हैं, जिससे उनका भविष्य का एक बहुत बड़ा खर्च पहले ही हट गया.

क्या वह दोबारा नौकरी करेंगे?

इंजीनियर ने स्पष्ट किया कि उन्होंने पूरी तरह से काम करना बंद नहीं किया है. यदि भविष्य में उन्हें कोई सार्थक और अच्छा अवसर मिलता है तो वह दोबारा काम करने पर विचार कर सकते हैं. लेकिन फिलहाल वह अपने समय को अपनी शर्तों पर, अपने परिवार के साथ और कुछ नया सीखने में बिता रहे हैं.

अस्वीकरण (Disclaimer): यह रिपोर्ट सोशल मीडिया पर किसी यूजर द्वारा शेयर की गई सामग्री पर आधारित है. मनीकंट्रोल (Moneycontrol) ने इन दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं की है और न ही वह इनका समर्थन करती है.

कल का मौसम 18 जुलाई: IMD ने इन 17 राज्यों में हैवी रेन का अलर्ट दिया, 5 एक्टिव चक्रवाती सिस्टम से कई इलाकों में मूसलाधार बारिश और आंधी-तूफान की चेतावनी

India Weather Update: देश भर में मानसून की रफ्तार अब बेहद आक्रामक हो चुकी है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 18 जुलाई के लिए देश के कई हिस्सों में भारी से अत्यंत भारी बारिश, आंधी-तूफान और तेज बिजली गिरने का बड़ा अलर्ट जारी किया है। मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक इस समय देश के आसमान पर 5 एक्टिव मौसमी सिस्टम (एक लो प्रेशर एरिया, एक वेस्टर्न डिस्टर्बेंस, दो अपर एयर साइक्लोनिक सर्कुलेशन और एक ट्रफ) सक्रिय हैं। ये देश के मौसम को पूरी तरह से नियंत्रित कर रहे हैं। इनके चलते देश के 17 राज्यों में मूसलाधार बारिश का दौर देखने को मिलेगा।

आइए जानते हैं मौसम विभाग के ताजा बुलेटिन के अनुसार 18 जुलाई को आपके राज्य में मौसम का मिजाज कैसा रहेगा:-

सिक्किम और उप-हिमालयी बंगाल में अत्यंत भारी बारिश का अलर्ट

मौसम विभाग के मुताबिक 18 जुलाई को देश के पूर्वोत्तर और हिमालयी इलाकों में बारिश सबसे घातक रूप ले सकती है। सिक्किम और उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल में अलग-अलग जगहों पर भारी से बहुत भारी बारिश के साथ कहीं-कहीं अत्यधिक भारी बारिश होने की गंभीर आशंका जताई गई है।

इन 4 राज्यों में बहुत भारी बारिश की चेतावनी

IMD ने नीचे दिए गए 5 राज्यों के लिए भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है:-

उत्तराखंड: देवभूमि में पहाड़ों पर हो रही लगातार बारिश के बीच 18 जुलाई को कुछ हिस्सों में मूसलाधार बारिश का दौर जारी रहेगा।

छत्तीसगढ़: मध्य भारत के इस राज्य में मानसून की सक्रियता के चलते कई जगहों पर बहुत भारी बारिश होने का अनुमान है।

असम और मेघालय: पूर्वोत्तर के इन दोनों राज्यों में मौसम विभाग ने भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी जारी की है।

अरुणाचल प्रदेश: यहां के पर्वतीय और तलहटी इलाकों में भी भारी से बहुत भारी बारिश दर्ज की जा सकती है।

यूपी, बिहार और एमपी समेत इन 11 राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट

18 जुलाई को देश के कुल 11 राज्यों और क्षेत्रों में अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश होने की संभावना है:-

उत्तर प्रदेश (पूर्वी): पूर्वी यूपी के इलाकों में मानसून सक्रिय रहेगा और यहां भारी बारिश होने की संभावना है।

बिहार और झारखंड: इन दोनों पड़ोसी राज्यों में बादल जमकर बरसेंगे और कई हिस्सों में भारी बारिश दर्ज की जाएगी।

पूर्वी मध्य प्रदेश: मध्य प्रदेश के पूर्वी हिस्सों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।

हिमाचल प्रदेश: पहाड़ी राज्य हिमाचल प्रदेश के कुछ इलाकों में भारी बारिश होने का अनुमान है।

ओडिशा: यहां भी मानसून की सक्रियता के चलते अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश की संभावना है।

केरल और माहे: दक्षिण भारत के केरल और माहे क्षेत्र में भारी बारिश हो सकती है।

कर्नाटक: कर्नाटक राज्य के अलग-अलग हिस्सों में भारी बारिश का दौर देखने को मिलेगा।

नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा: पूर्वोत्तर के इन चारों राज्यों में भी भारी बारिश की चेतावनी दी गई है।

थंडरस्क्वाल और आंधी-तूफान की चेतावनी

बारिश के साथ-साथ मौसम विभाग ने कई राज्यों में तेज रफ्तार हवाओं और बिजली कड़कने का भी पूर्वानुमान व्यक्त किया है। तेलंगाना के अलग-अलग स्थानों पर गरज-चमक के साथ थंडरस्क्वाल आने की आशंका है। हवाओं की रफ्तार 50 से 60 किमी प्रति घंटे तक पहुंच सकती है।

जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, झारखंड, मध्य प्रदेश, मध्य महाराष्ट्र, मराठवाड़ा, तटीय आंध्र प्रदेश और आंतरिक कर्नाटक के अलग-अलग हिस्सों में गरज-चमक के साथ 40-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज झोंकेदार हवाएं चलने और बिजली गिरने की प्रबल आशंका है। बिहार, विदर्भ, गांगेय पश्चिम बंगाल, तटीय कर्नाटक, केरल व माहे, रायलसीमा, अंडमान और निकोबार द्वीप समूह तथा तमिलनाडु, पुडुचेरी व कराइकल में गरज-चमक के साथ 30 से 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने की संभावना है।

कपकतर

उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, छत्तीसगढ़, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल व सिक्किम, असम व मेघालय, अरुणाचल प्रदेश और नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम व त्रिपुरा के विभिन्न हिस्सों में कल गरज-चमक के साथ आकाशीय बिजली गिरने का अलर्ट जारी किया गया है। कर्नाटक, रायलसीमा और तेलंगाना के कुछ इलाकों में कल काफी तेज सतही हवाएं भी चल सकती हैं।

पंजाब, हरियाणा और दिल्ली में उमस का कहर जारी रहेगा

एक तरफ जहां देश का एक बड़ा हिस्सा बारिश और बाढ़ जैसी स्थिति से जूझेगा, वहीं उत्तर-पश्चिम भारत के मैदानी इलाकों में लोगों को उमस का सामना करना पड़ेगा। मौसम विभाग के मुताबिक हरियाणा, चंडीगढ़ एवं दिल्ली और पंजाब के अलग-अलग स्थानों पर मौसम बेहद गर्म और उमस भरा बना रहेगा।

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Badrinath temple donation case: बद्रीनाथ दान घोटाला मामले में पूर्व मंदिर अधिकारी राजेंद्र चौहान गिरफ्तार, CCTV फुटेज में जेब में कैश रखते दिखने का दावा

Badrinath temple donation case: उत्तराखंड के विश्व प्रसिद्ध बद्रीनाथ धाम में श्रद्धालुओं के दान में कथित गड़बड़ी के मामले में स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए मंदिर के पूर्व अधिकारी राजेंद्र चौहान को गिरफ्तार कर लिया है। एसआईटी ने करीब चार घंटे तक पूछताछ करने के बाद उन्हें हिरासत में लिया। अधिकारियों के अनुसार, अब उन्हें अदालत में पेश किया जाएगा। यह कार्रवाई मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी और गबन की जांच के बीच हुई है।

जांच एजेंसियां मंदिर प्रशासन से जुड़े कई लोगों की भूमिका की पड़ताल कर रही हैं। राजेंद्र चौहान इस मामले के प्रमुख संदिग्धों में शामिल हैं। जांच के दौरान जुटाए गए CCTV फुटेज के आधार पर एसआईटी ने चौहान से पूछताछ की। जांचकर्ताओं का दावा है कि 22 जून, 25 जून और 29 जून की रिकॉर्डिंग में चौहान कथित तौर पर कैश के बंडल उठाकर अपनी जेब में रखते हुए दिखाई दे रहे हैं। इसी फुटेज के आधार पर उनसे विस्तृत पूछताछ की गई और बाद में गिरफ्तार कर लिया गया।

CCTV फुटेज से खुलासा

पुलिस ने बताया कि 25 जून और 29 जून के सीसीटीवी फुटेज की जांच के दौरान कुछ और लोगों की गतिविधियां संदिग्ध पाई गई हैं। इन फुटेज के आधार पर एसआईटी ने अतिरिक्त संदिग्धों की पहचान की है और जल्द ही उनसे भी पूछताछ की जाएगी। अधिकारियों का कहना है कि मंदिर में श्रद्धालुओं द्वारा चढ़ाए गए दान के कथित दुरुपयोग से जुड़े इस मामले की जांच अभी जारी है।

एसआईटी सभी उपलब्ध साक्ष्यों, सीसीटीवी फुटेज और दस्तावेजों की गहन जांच कर रही है ताकि पूरे मामले में शामिल सभी लोगों की भूमिका स्पष्ट हो सके। फिलहाल, जांच एजेंसी ने किसी अन्य आरोपी के खिलाफ औपचारिक कार्रवाई की घोषणा नहीं की है, लेकिन नए साक्ष्यों के सामने आने के बाद आने वाले दिनों में जांच का दायरा और बढ़ने की संभावना है।

SIT ने सौंपी रिपोर्ट

बदरीनाथ मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी की पड़ताल के लिए श्री बदरीनाथ केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) की ओर से गठित जांच दल ने गुरुवार को अपनी रिपोर्ट सौंप दी। बीकेटीसी के मुख्य कार्य अधिकारी (सीईओ) सोहन सिंह रांगड़ ने इसकी पुष्टि करते हुए बताया कि चार-सदस्यीय दल ने 18 पन्नों की अपनी जांच रिपोर्ट सौंप दी है।

मंदिर समिति के सूत्रों के मुताबिक, रिपोर्ट में चढ़ावे की चोरी को रोकने के लिए कई सुझाव दिए गए हैं। इनमें गणना के दौरान ड्रेस कोड लागू करना, मंदिर परिसर तथा गणना केंद्र के अछूते स्थानों को चिन्हित कर वहां नये सीसीटीवी कैमरे लगाना, निगरानी व्यवस्था को बेहतर एवं जवाबदेह बनाना और श्रद्धालुओं को गणना कार्य से जोड़ने की निश्चित प्रक्रिया तय करना शामिल है।

दो जुलाई को हेराफेरी का हुआ खुलासा

दो जुलाई को सोशल मीडिया पर मंदिर में चढ़ावे में कथित हेराफेरी के आरोप सामने आने के बाद बीकेटीसी ने इस समिति का गठन किया था, जिसकी प्रारंभिक रिपोर्ट के आधार पर अध्यक्ष कार्यालय में वैयक्तिक सहायक के तौर पर तैनात प्रमोद नौटियाल को निलंबित कर दिया गया था। इसके बाद पुलिस में नौटियाल के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया, जिसकी जांच में साक्ष्य मिलने के बाद उन्हें गिरफतार कर लिया गया।

मंदिर के चढ़ावे के रिकॉर्ड वाले रजिस्टर में ओवरराइटिंग पाए जाने के बाद इस काम में लगे खजांची संदेश मेहता को भी वहां से हटाकर अन्यत्र तबादला किया जा चुका है। इस बीच, मामले की पड़ताल कर रहा पुलिस का विशेष जांच दल (एसआईटी) बीकेटीसी के निलंबित कर्मचारी प्रमोद नौटियाल के साथ ही अन्य लोगों के भी इसमें शामिल होने की आशंका का बारीकी से पता लगा रहा है।

पुलिस सूत्रों ने बताया कि चमोली के पुलिस उपाधीक्षक मदन सिंह की अध्यक्षता में गठित एसआईटी सीसीटीवी कैमरों में दर्ज नौटियाल की पूर्व की संदिग्ध गतिविधियों का विश्लेषण कर रही है। इसके अलावा, आरोपी के साथ ही इस मामले में अन्य लोगों के शामिल होने के पहलू की भी जांच की जा रही है, जिसके लिए पुराने सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाली जा रही हैं।

सूत्रों के मुताबिक, एसआईटी ने सीसीटीवी कैमरों के पूर्व में डिलीट हो चुके रिकॉर्ड को रिकवर करने की दिशा में भी प्रयास शुरू कर दिए हैं। इसके लिए विशेषज्ञों की मदद लेने का प्रयास किया जा रहा है। उधर, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर गढ़वाल के कमिश्नर आनंद स्वरूप की अध्यक्षता में गठित तीन सदस्यीय उच्चस्तरीय समिति की जांच भी जारी है।

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