4 करोड़ की सेविंग के बाद भी नहीं खुश! ऑफिस पॉलिटिक्स से परेशान शख्स लेना चाहता है अर्ली रिटायरमेंट

पिछले कुछ समय से लोगों में जल्दी रिटायरमेंट लेने का फैसला तेजी से वायरल हो रहा है। कम उम्र में कई लोग चाहते हैं कि वह इतना पैसा जमा कर लें कि उन्हें नौकरी करने की जरूरत न पड़े। खासकर नौकरीपेशा लोगों के बीच कम उम्र में आर्थिक रूप से मजबूत होकर काम छोड़ने का सपना तेजी से बढ़ रहा है। कई लोग आर्थिक रूप से मजबूत होने के बाद तो कुछ ऑफिस की होने वाली पॉलिटिक्स की वजह से भी रिटायरमेंट का फैसला कर लेते हैं। हाल ही में जल्दी रिटायरमेंट को लेकर किया गया पोस्ट काफी वायरल हो रहा हैं।

4 करोड़ की कर ली सेविंग

35 वर्षीय यह व्यक्ति अब सिर्फ ज्यादा पैसे कमाने के बारे में नहीं सोच रहा क्योंकि वह अपनी नौकरी से भी परेशान हो चुका है। व्यक्ति ने बताया कि उसने करीब 4 करोड़ रुपये की संपत्ति बना चुका है। अब वह आगे की जिंदगी नौकरी के बिना बिताने की योजना बना रहा है। व्यक्ति ने बताया कि फिलहाल वह सिंगल है और शादी करने का भी कोई प्लान नहीं है। वह अपनी बचत और निवेश के जरिए आर्थिक रूप से मजबूत बने रहना चाहता है, ताकि भविष्य में उसे किसी पर निर्भर न रहना पड़े। सोशल मीडिया पर ये पोस्ट तेजी से वारयल हो रहा है।

क्या रिटायर होने के लिए सही 4 करोड़ की बचत

व्यक्ति ने अपने पोस्ट में कहा कि वह अब ज्यादा पैसे कमाने के बजाय अपनी नौकरी छोड़ने के बारे में सोच रहा है। कॉर्पोरेट लाइफ छोड़ने की वजह बताते हुए उन्होंने लिखा, “मैं मानसिक रूप से थक चुका हूं क्योंकि मैं ऑफिस की पॉलिटिक्स और एक-दूसरे से आगे निकलने वाली संस्कृति का हिस्सा नहीं बनना चाहता। मेरा कोई करीबी नहीं है और मैं इतना अकेलापन महसूस करता हूं कि मुझे नहीं लगता कि मैं किसी के साथ रह सकता हूं। निजी मतभेदों के कारण मैं अपने माता-पिता के भी संपर्क में नहीं हूं। मेरे कुछ अच्छे दोस्त जरूर हैं, लेकिन वे अलग-अलग शहरों में रहते हैं और अपनी-अपनी जिंदगी और परिवार में व्यस्त हैं।” उसके पास करीब 4 करोड़ रुपये की नेट वर्थ है, लेकिन वह जानना चाहता है कि क्या इतनी रकम नौकरी छोड़ने के लिए पर्याप्त होगी। इसी को लेकर उसने Reddit पर लोगों से सलाह मांगी।

Reddit पर किया पोस्ट

इस व्यक्ति ने r/personalfinanceindia सबरेडिट पर एक पोस्ट के जरिए अपनी स्थिति के बारे में बताया। पोस्ट का टाइटल था, “35 साल की उम्र में 4Cr. FIRE करना अच्छा है? जिंदगी से थक गया हूं!” उसने बताया कि रिटायरमेंट के बाद उसका सालाना खर्च करीब 12 लाख रुपये रहने का अनुमान है। इसके लिए वह एक टियर-2 शहर में शिफ्ट होने की योजना बना रहा है। पोस्ट में दी गई जानकारी के अनुसार, 35 वर्षीय व्यक्ति की कुल संपत्ति करीब 4 करोड़ रुपये है। उसने अपनी रकम को अलग-अलग जगहों पर निवेश कर रखा है। उसके निवेश में भारतीय म्यूचुअल फंड, शेयर, अमेरिकी टेक कंपनियों के RSU, रिटायरमेंट फंड, कीमती धातुएं और कैश शामिल हैं। इनमें भारतीय म्यूचुअल फंड में करीब 1.20 करोड़ रुपये और भारतीय शेयरों में लगभग 25 लाख रुपये निवेश किए गए हैं।

कहां किया कितना निवेश

उस व्यक्ति ने अपनी बाकी रकम भी कई तरह के निवेश और बचत में लगा रखी है। उसके पास अमेरिकी टेक कंपनियों के RSU करीब 1 करोड़ रुपये के हैं, जबकि अमेरिकी शेयरों में उसने लगभग 20 लाख रुपये लगाए हैं। PF और NPS में उसकी करीब 40 लाख रुपये की बचत है। इसके अलावा गोल्ड ETF में 15 लाख और सिल्वर ETF में करीब 5 लाख रुपये निवेश किए गए हैं। उसके पास लगभग 10 लाख रुपये भारतीय मुद्रा में कैश भी है। वहीं, उसके पास करीब 70,000 अमेरिकी डॉलर यानी लगभग 65 लाख रुपये की US कैश होल्डिंग है। उसने बताया कि कुछ अमेरिकी शेयर और RSU वह पहले ही बेच चुका है और आगे इस रकम को US आधारित ETF में निवेश करने की योजना बना रहा है।Screenshot 2026-09-13 170317

 

अभी सालाना खर्च करीब 14.4 लाख रुपये

पोस्ट में इस व्यक्ति ने बताया कि उसके नाम पर फिलहाल न तो कोई घर है और न ही कार। साथ ही, उसे भविष्य में परिवार से किसी तरह की विरासत मिलने की भी उम्मीद नहीं है। वह अभी सिंगल है और उसने शादी करने की कोई योजना नहीं बनाई है। ऐसे में वह अपनी मौजूदा बचत और निवेश के सहारे आगे की जिंदगी की योजना बना रहा है। फिलहाल इस व्यक्ति का सालाना खर्च करीब 14.4 लाख रुपये है। इसमें लगभग 8.4 लाख रुपये घर का किराया, राशन और रोजमर्रा की जरूरतों पर खर्च होते हैं, जबकि करीब 6 लाख रुपये घूमने और अपने शौक पूरे करने में खर्च करता है।

लोगों ने दी सलाह

उसने Reddit पर पूछा कि क्या वह अपनी बचत के दम पर नौकरी छोड़ सकता है। कई यूजर्स ने सलाह दी कि तुरंत रिटायर होने के बजाय पहले लंबा ब्रेक लेकर सोच-विचार करना बेहतर होगा। एक यूजर ने लिखा, “सालाना 12 लाख रुपये के खर्च के मुकाबले 4 करोड़ रुपये की रकम कागज पर काफी मजबूत नजर आती है। लेकिन आपकी बातों को देखते हुए, मैं हमेशा के लिए FIRE लेने से पहले लंबे करियर ब्रेक के बारे में सोचूंगा। कई बार इंसान को नौकरी से कुछ समय की दूरी चाहिए होती है, न कि काम से हमेशा के लिए रिटायर होने की।”

एक अन्य Reddit यूजर ने सलाह दी, “कुछ समय का ब्रेक लो और घूमने निकलो। हो सकता है कि इससे तुम्हें जिंदगी को एक अलग नजरिए से देखने में मदद मिले।” एक यूजर ने लिखा, “मेरे हिसाब से यह एक अच्छी शुरुआत है, लेकिन पहले थोड़ा ब्रेक जरूर लो और कम तनाव वाली नौकरी करने के विकल्प पर विचार करो। महंगाई और दूसरे बढ़ते खर्चों को देखते हुए अपनी संपत्ति बढ़ाते रहना बेहतर होगा। इसके अलावा, नौकरी छोड़ने के बाद आप लोगों से काफी दूर हो सकते हैं और अकेलापन बढ़ सकता है। ऑफिस में साथ काम करने वाले लोग भी आपके लिए एक अच्छे साथी साबित हो सकते हैं।”

38 साल की उम्र में पुणे के इस कपल ने बनाया अपना रिटायरमेंट प्लान, इस एक चीज ने डिसाइड किया इनका FIRE फॉर्म्युला

पुणे के रहने वाले 38 साल के एक कपल ने कुल मिलाकर लगभग 11.5 करोड़ रुपये की संपत्ति जमा कर ली है। वे अगले दो-तीन साल और काम करने के बाद जल्दी रिटायर होने के बारे में सोच रहे हैं, क्योंकि काम का बढ़ता दबाव और सेहत की चिंताएं उन्हें अपनी फाइनेंशियल प्राथमिकताओं पर फिर से सोचने के लिए मजबूर कर रही हैं।

इस कपल की कोई संतान नहीं है और वे अभी अपनी जीवनशैली पर सालाना लगभग 22 लाख रुपये खर्च करते हैं। उनकी संपत्ति रियल एस्टेट, भारतीय इक्विटी और म्यूचुअल फंड, अमेरिकी स्टॉक, कैश और रिटायरमेंट सेविंग्स में बंटी हुई है। उनकी मौजूदा संपत्ति के बंटवारे में रियल एस्टेट में लगभग 3.2 करोड़ रुपये, भारतीय स्टॉक और म्यूचुअल फंड में 1.8 करोड़ रुपये, अमेरिकी स्टॉक में 5 करोड़ रुपये और कैश व रिटायरमेंट सेविंग्स में 1.5 करोड़ रुपये शामिल हैं।

कपल रिटायरमेंट का फैसला लेने से पहले अगले दो-तीन साल तक काम जारी रखने की योजना बना रहा है। 30 के दशक के आखिर में होने वाले कई अन्य जोड़ों के विपरीत, उन्हें बच्चों की उच्च शिक्षा, शादी या परिवार पालने से जुड़े अन्य बड़े खर्चों के लिए रिटायरमेंट फंड नहीं बनाना है।

हालांकि, उनकी फाइनेंशियल जिम्मेदारियां खत्म नहीं हुई हैं। उनके माता-पिता रिटायर हो चुके हैं और उन पर निर्भर हैं, जिसका मतलब है कि कपल इतनी फाइनेंशियल सिक्योरिटी बनाए रखना चाहता है कि अगर वे जल्दी काम करना छोड़ भी दें, तो भी वे अपने माता-पिता की आराम से मदद कर सकें।

X पर शेयर की गई जानकारी के अनुसार, सबसे बड़ी चिंता उनकी अपनी सेहत है। उनकी नौकरियों में लंबे समय तक काम करना, लगातार दबाव और काम से बहुत कम छुट्टी मिलना शामिल हो गया है। इस कपल को अपनी जीवनशैली के कारण सेहत पर असर भी दिखने लगा है, जिससे वे यह सोचने पर मजबूर हो गए हैं कि क्या इतनी तेज़ी से और ज़्यादा पैसा कमाते रहना सही है।

अब चर्चा इस बात पर हो रही है कि “हम और कितना कमा सकते हैं?” के बजाय “कितना पैसा काफ़ी है?” पत्नी की बात को पोस्ट में इस तरह बताया गया- “हमने अपनी जवानी का समय पैसा बनाने में बिताया। शायद अब समय आ गया है कि हम इसमें से कुछ पैसा अपनी ज़िंदगी पर खर्च करें।”

यह जानकारी X पर अमित अरोड़ा नाम के यूज़र ने शेयर की। उन्होंने कपल की आर्थिक स्थिति को तो शानदार बताया, लेकिन सवाल उठाया कि क्या उनका असली मकसद ज़्यादा नेट वर्थ (कुल संपत्ति) बनाना होना चाहिए या ज़्यादा आज़ादी पाना।

“38 साल की उम्र में ऐसी स्थिति में होना शानदार है। दिलचस्प बात यह है कि वे आज़ादी चाहते हैं या ज़्यादा पैसा। ऐसी क्या चीज़ है जो उन्हें रिटायरमेंट में देरी करने पर मजबूर कर सकती है?” इस पोस्ट ने एक बहस छेड़ दी है कि क्या 11.5 करोड़ रुपये का फंड इस कपल के लिए 30 के दशक के आखिर में काम बंद करने के लिए काफ़ी है, खासकर उनके सालाना खर्च, माता-पिता की मदद करने की संभावना और निवेश के कई दशकों तक चलने की ज़रूरत को देखते हुए।

एक कमेंट करने वाले ने कपल की लोकेशन के हिसाब से उनके जमा किए गए पैसे (कॉर्पस) के साइज़ पर सवाल उठाया और उनकी इनकम के बारे में पूछा- “38 साल की उम्र में 11.5 करोड़ की नेट वर्थ बहुत बड़ी बात है… वो भी पुणे में… वहां की सैलरी देखकर सुखद आश्चर्य हुआ… क्या उनकी सालाना इनकम पता चल सकती है ताकि मैं यह देख सकूं कि मेरा बेंचमार्क कितना खराब रहा है?”

दूसरों ने कपल के बच्चे न करने के फ़ैसले और आगे चलकर उनकी ज़िंदगी कैसी होगी, इस पर ध्यान दिया। एक कमेंट में लिखा था- “जब वे बूढ़े हो जाएंगे, तो उनसे बात करने के लिए कुत्ते होंगे।” एक और कमेंट करने वाले ने सवाल उठाया कि क्या कपल की मौजूदा फाइनेंशियल स्थिति उन्हें बिना नौकरी के अगले चार दशकों तक सहारा देने के लिए काफ़ी होगी और उनकी इन्वेस्टमेंट स्ट्रेटेजी पर चिंता जताई।

“मौजूदा आंकड़े बिना काम किए अगले 40 साल गुज़ारने के लिए ठीक नहीं हैं और एसेट एलोकेशन वेटेज और एस्टेट प्लानिंग पर फिर से काम करने की ज़रूरत है।” एक ज़्यादा आलोचनात्मक प्रतिक्रिया में सवाल उठाया गया कि क्या कपल को बाद में बच्चे न होने का पछतावा हो सकता है और तर्क दिया गया कि उन्हें जल्दी रिटायर होने के बजाय काम करते रहना चाहिए। “रिटायर होने के बाद वे क्या करेंगे? बच्चे न होने का पछतावा? जितना कम समय इसके लिए होगा, उतना ही अच्छा है। इसलिए उन्हें कड़ी मेहनत करते रहना चाहिए ताकि वे अपने उस भयानक फ़ैसले के बारे में न सोचें।” यह बहस FIRE (फाइनेंशियल इंडिपेंडेंस, रिटायर अर्ली) अप्रोच से जुड़े एक बड़े सवाल को सामने लाती है, जिसमें लोग इतनी संपत्ति और इन्वेस्टमेंट इनकम जमा करने का लक्ष्य रखते हैं कि पेड एम्प्लॉयमेंट (नौकरी) ज़रूरी न रहे।

44 साल की उम्र में 6.5 करोड़ का पोर्टफोलियो बनाकर मजे से नौकरी छोड़ रिटायर हो गया ये इंजीनियर, फिर बताया अपना फॉर्म्युला

Viral News: कॉर्पोरेट लाइफ की भागदौड़, काम के लंबे घंटे और ऑफिस की राजनीति से परेशान होकर क्या कोई अपनी सफल नौकरी को अलविदा कह सकता है? एक 44 वर्षीय सॉफ्टवेयर इंजीनियर ने ऐसा ही कर दिखाया है. लेकिन उन्होंने यह कदम किसी बिना तैयारी के नहीं बल्कि 6.5 करोड़ रुपये का एक मजबूत इन्वेस्टमेंट पोर्टफोलियो बनाने के बाद उठाया है.

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म रेडिट (Reddit) पर My FIRE Journey: Walking Away at 44 टाइटल के साथ इस शख्स ने अपनी कहानी शेयर की है. अब उनकी ये स्टोरी टॉकिंग प्वाइंट बन गई है. इस इंजीनियर ने बताया कि वह इंजीनियरिंग से रिटायर नहीं हुए हैं बल्कि कॉर्पोरेट जीवन के बर्नआउट से रिटायर हुए हैं.

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आइए जानते हैं कि इस टेक पेशेवर ने इतनी कम उम्र में इतना बड़ा फंड कैसे खड़ा किया और उनका वह सीक्रेट फॉर्म्युला क्या है जिसने उन्हें काम के दबाव से मुक्ति और आजादी की जिंदगी दी.

14 घंटे काम और खराब होती सेहत: जीवन का वो टर्निंग पॉइंट

रेडिट पोस्ट के मुताबिक इस सॉफ्टवेयर इंजीनियर की शादी हो चुकी है और उनका एक 11 साल का बेटा है. उन्होंने देश के एक प्रतिष्ठित कॉलेज से अपनी यूजी और पीजी इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी की और अपने करियर का लगभग पूरा हिस्सा स्टार्टअप कंपनियों में बिताया. कई बार तो उन्होंने कंपनी पर भरोसे के चलते महीनों तक बिना सैलरी के भी काम किया. उनकी पत्नी हमेशा से एक होममेकर रही हैं.

करियर के दौरान एक स्टार्टअप में रेफरल के जरिए शामिल होना उनके जीवन का सबसे बड़ा टर्निंग पॉइंट बना. वहां का माहौल बेहद टॉक्सिक था और हर तरफ बस ऑफिस पॉलिटिक्स चलती थी. उन्हें हफ्ते में 6 दिन और रोजाना 14-14 घंटे काम करना पड़ता था.

इस भयानक दबाव के कारण उनको नींद न आने की समस्या हो गई. वह बॉर्डरलाइन डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर और मोटापे का शिकार हो गए. आखिरकार साल 2023 में उन्होंने एक ब्रेक लिया और रुककर अपनी सेहत व अपनी वित्तीय स्थिति दोनों का बारीकी से देखा.

कैसे बना 6.5 करोड़ का यह विशाल पोर्टफोलियो?

शुरुआत में वह पैसों को लेकर बहुत अधिक अनुशासित नहीं थे और न ही FIRE (Financial Independence, Retire Early) टाइप मूवमेंट उनका कोई टारगेट था. लेकिन उनके एक सही फैसले ने उनकी किस्मत बदल दी। एक फाइनेंशियल एडवाइजर से सलाह लेने के बाद उन्होंने साल 2018 में एसआईपी के जरिए निवेश करना शुरू किया.

ESOP से मिला बड़ा बूस्ट

साल 2019 में जिस स्टार्टअप में वह काम कर रहे थे, उसका अधिग्रहण हो गया. इससे उन्हें ईशॉप के रूप में लगभग 1.4 करोड़ रुपये का पेआउट मिला. उन्होंने इस बड़ी रकम को खर्च करने के बजाय पूरी तरह इन्वेस्टेड रखा. नियमित निवेश और शेयर बाजार की शानदार ग्रोथ की बदौलत आने वाले सालों में उनका पैसा तेजी से बढ़ता चला गया.

अप्रैल 2026 में एसेट एलोकेशन कैसा था?

अप्रैल 2026 तक उनका कुल इन्वेस्टमेंट पोर्टफोलियो करीब 6.5 करोड़ रुपये तक पहुंच गया. उन्होंने अपने इस फंड को इस तरह से बांट रखा था। पोर्टफोलियो का लगभग 60% हिस्सा शेयरों में निवेशित था. शेष 40% हिस्सा डेट फंड्स, लिक्विड इन्वेस्टमेंट्स और प्रोविडेंट फंड (PF) की सेविंग्स में फैला हुआ था.

खर्च का गणित

इंजीनियर ने बताया कि उनके परिवार का सालाना खर्च लगभग 14 लाख रुपये है और टियर 1 शहर में उनका अपना खुद का घर भी है. जब उन्होंने देखा कि उनके पास जरूरत से ज्यादा पैसा है और काम करना अब मजबूरी नहीं बल्कि एक चॉइस बन चुका है तो उन्होंने अपनी नौकरी छोड़ दी.

नौकरी छोड़ने के बाद जिंदगी में आए ये बड़े बदलाव

नौकरी छोड़ने के तीन महीने बाद ही उनके जीवन में बैंक बैलेंस से परे कई चमत्कारी बदलाव देखने को मिले हैं. उनका वजन काफी कम हो गया है. उनकी नींद की समस्या दूर हो गई है और अब उनका ब्लड प्रेशर पूरी तरह से नियंत्रण में है. अब उनका रोज का रूटीन पूरी तरह बदल चुका है. वह अपना समय ध्यान करने, एक्सरसाइज करने, अपने परिवार के साथ रहने, लार्ज लैंग्वेज मॉडल्स पर रिसर्च करने और ओपन-सोर्स प्रोजेक्ट्स में योगदान देने में बिताते हैं.

इंजीनियर ने बताए जल्दी रिटायर होने के 5 बड़े फॉर्म्युले

अपनी इस यात्रा से सीख लेते हुए उन्होंने उन लोगों के लिए कुछ जरूरी टिप्स और सबक साझा किए हैं जो जल्दी रिटायर होना चाहते हैं.

1- अपने फाइनेंशियल टारगेट तय करें: उन्होंने कहा कि काश उन्होंने अपने करियर की शुरुआत में ही अपना FIRE टारगेट तय कर लिया होता. हर व्यक्ति को पता होना चाहिए कि उसे कितनी रकम के बाद काम छोड़ना है.

2- सैलरी के लिए नेगोशिएट करें: उन्होंने अपने पूरे 20 साल के करियर में एक बार भी अपनी सैलरी के लिए नेगोशिएट नहीं किया था जिससे उन्हें करोड़ों रुपये का नुकसान हुआ होगा. इसलिए अपनी सैलरी को लेकर हमेशा नेगोशिएट करें.

3- लाइफस्टाइल इन्फ्लेशन से बचें: वह कभी भी बहुत बड़े खर्च करने वाले इंसान नहीं रहे. फिजूलखर्ची से दूर रहने के कारण उनके लिए नियमित निवेश करना बहुत आसान हो गया.

4- खुद का घर होना फायदेमंद: उन्होंने बताया कि खुद का घर होने की वजह से उन्हें किराए का भुगतान नहीं करना पड़ता था. इससे उनके मासिक खर्चे बेहद कम हो गए और रिटायरमेंट के लिए आवश्यक कुल फंड का आकार भी छोटा हो गया.

5- पारिवारिक सहयोग: वह खुद को भाग्यशाली मानते हैं क्योंकि उनके माता-पिता और उनकी पत्नी के माता-पिता उनके बेटे की उच्च शिक्षा का खर्च उठाने वाले हैं, जिससे उनका भविष्य का एक बहुत बड़ा खर्च पहले ही हट गया.

क्या वह दोबारा नौकरी करेंगे?

इंजीनियर ने स्पष्ट किया कि उन्होंने पूरी तरह से काम करना बंद नहीं किया है. यदि भविष्य में उन्हें कोई सार्थक और अच्छा अवसर मिलता है तो वह दोबारा काम करने पर विचार कर सकते हैं. लेकिन फिलहाल वह अपने समय को अपनी शर्तों पर, अपने परिवार के साथ और कुछ नया सीखने में बिता रहे हैं.

अस्वीकरण (Disclaimer): यह रिपोर्ट सोशल मीडिया पर किसी यूजर द्वारा शेयर की गई सामग्री पर आधारित है. मनीकंट्रोल (Moneycontrol) ने इन दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं की है और न ही वह इनका समर्थन करती है.