‘हर महीने घर भेजे 70K, फिर भी माता-पिता ने मांगे पढ़ाई के 25 लाख’ कनाडा में रह रहे 22 साल के युवक का पोस्ट वायरल

कनाडा में नौकरी कर रहे एक 22 वर्षीय भारतीय युवक की सोशल मीडिया पोस्ट इन दिनों चर्चा में है। युवक ने बताया कि हर महीने परिवार को अच्छी-खासी रकम भेजने के बावजूद वह आर्थिक दबाव महसूस कर रहा है। युवक ने बताया कि वह हर महीने अपने घर करीब 70 हजार रुपये भेजता है। युवक ने दावा किया कि, उसके माता-पिता उस पैसे का बड़ा हिस्सा चिट फंड और स्थानीय कमेटियों में निवेश कर देते हैं, जिससे घर के खर्च के लिए बहुत कम रकम बचती है। इसी वजह से घर के खर्च और पैसों के इस्तेमाल को लेकर परिवार में लगातार मतभेद बने हुए हैं।

युवक के मुताबिक, जब उसने इस पर सवाल उठाया तो माता-पिता ने उसकी पढ़ाई पर खर्च हुए 25 लाख रुपये का हवाला दिया। युवक की पोस्ट पर हजारों लोगों ने अपनी राय दी है।

यूजर ने किया पोस्ट

रेडिट पर शेयर किए गए पोस्ट में यूजर ने लिखा, “मेरे माता-पिता हर महीने मेरे भेजे गए पैसों में से 50,000 रुपये स्थानीय कमेटी (चिट फंड) में जमा कर देते हैं। इसमें 25,000 रुपये मेरी मां के नाम और 25,000 रुपये मेरे पिताजी के नाम से डाले जाते हैं। उनका मानना है कि यह जबरन बचत का एक तरीका है, लेकिन इससे यह पैसा पूरे साल के लिए फंस जाता है।”

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यूजर ने आगे लिखा, “मेरे भेजे गए 70,000 रुपये में से 50,000 रुपये कमेटी में जमा हो जाने के बाद घर के खर्च के लिए सिर्फ़ 20,000 रुपये बचते हैं। इसी रकम से किराने का सामान, बिजली-पानी के बिल, मेरी बहन की स्कूल और एडमिशन फीस सहित बाकी सभी खर्च पूरे करने पड़ते हैं। जाहिर है, 20,000 रुपये इसके लिए काफी नहीं हैं। इसलिए लगभग हर महीने मेरे माता-पिता मुझसे कहते हैं कि मैं कम पैसे भेज रहा हूं और जरूरी बिलों का भुगतान करने के लिए अतिरिक्त रकम भी मांगते हैं।”

माता-पिता को समझाने की कोशिश की

यूजर ने अपनी पोस्ट में लिखा, “लगभग हर महीने मेरे माता-पिता कहते हैं कि मैं पर्याप्त पैसे नहीं भेज रहा हूं और जरूरी खर्चों के लिए अतिरिक्त रकम मांगते हैं। इसी महीने मुझे 70,000 रुपये के अलावा 25,000 रुपये और भेजने पड़े। इससे कनाडा में मेरा अपना मासिक बजट पूरी तरह बिगड़ गया और मेरे लिए अपने खर्च संभालना मुश्किल हो गया।” यूजर ने अपनी पोस्ट में लिखा, “मैंने कई बार अपने माता-पिता को समझाने की कोशिश की कि जब रोजमर्रा की जरूरी जरूरतों के लिए ही पैसे कम पड़ रहे हों, तब बड़ी रकम को कमेटी में फंसा देना सही फैसला नहीं है। अगर अचानक कोई इमरजेंसी आ जाए, तो उस समय यह पैसा तुरंत इस्तेमाल भी नहीं किया जा सकता।”

पढ़ाई के पैसे वापस करो

युवक ने कहा कि लगातार बढ़ते आर्थिक दबाव की वजह से उसे अब ऐसा महसूस होने लगा है कि वह सिर्फ परिवार की बचत योजनाओं के लिए ही काम कर रहा है, जबकि उसके अपने सपने और लक्ष्य पीछे छूटते जा रहे हैं। यूजर ने अपनी पोस्ट में लिखा, “क्या किसी और को भी अपने माता-पिता से ऐसी उम्मीदों का सामना करना पड़ा है? मुझे परिवार की मदद करने से कोई दिक्कत नहीं है, क्योंकि मैं पहले से ही हर महीने 70,000 रुपये भेज रहा हूं।”

उसने आगे बताया, “जब भी मैं इस व्यवस्था पर सवाल उठाता हूं, तो मेरे माता-पिता कहते हैं कि उन्होंने मेरी पढ़ाई पर जो पैसा खर्च किया है, वह पहले लौटा दो। उनके मुताबिक, मेरी पढ़ाई पर करीब 25 लाख रुपये खर्च हुए हैं और वे चाहते हैं कि मैं वह पूरी रकम वापस करूं।”

लोगों ने किया कमेंट

युवक की पोस्ट सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गई, जिस पर लोगों ने अलग-अलग तरह की प्रतिक्रियाएं दीं। एक यूजर ने सलाह देते हुए लिखा, “तुम्हें घर भेजी जाने वाली रकम कम करनी होगी। यही सबसे सही तरीका है। अपने माता-पिता को बताओ कि कनाडा में खर्चे बहुत ज्यादा हैं और उनसे कहो कि कमेटी में हर महीने 10 से 15 हजार रुपये कम जमा करें।” एक अन्य यूजर ने सलाह दी, “तुम अभी सिर्फ 22 साल के हो। शादी जैसी बातों की चिंता अभी मत करो। इस साल के अंत तक अपने परिवार का साथ दो, क्योंकि बीच में चिट फंड छोड़ने पर नुकसान हो सकता है। लेकिन अगले साल उनसे कहो कि कमेटी की जगह एफडी (FD) या आरडी (RD) जैसे सुरक्षित और आसान विकल्पों में बचत करें।”

44 साल की उम्र में 6.5 करोड़ का पोर्टफोलियो बनाकर मजे से नौकरी छोड़ रिटायर हो गया ये इंजीनियर, फिर बताया अपना फॉर्म्युला

Viral News: कॉर्पोरेट लाइफ की भागदौड़, काम के लंबे घंटे और ऑफिस की राजनीति से परेशान होकर क्या कोई अपनी सफल नौकरी को अलविदा कह सकता है? एक 44 वर्षीय सॉफ्टवेयर इंजीनियर ने ऐसा ही कर दिखाया है. लेकिन उन्होंने यह कदम किसी बिना तैयारी के नहीं बल्कि 6.5 करोड़ रुपये का एक मजबूत इन्वेस्टमेंट पोर्टफोलियो बनाने के बाद उठाया है.

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म रेडिट (Reddit) पर My FIRE Journey: Walking Away at 44 टाइटल के साथ इस शख्स ने अपनी कहानी शेयर की है. अब उनकी ये स्टोरी टॉकिंग प्वाइंट बन गई है. इस इंजीनियर ने बताया कि वह इंजीनियरिंग से रिटायर नहीं हुए हैं बल्कि कॉर्पोरेट जीवन के बर्नआउट से रिटायर हुए हैं.

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आइए जानते हैं कि इस टेक पेशेवर ने इतनी कम उम्र में इतना बड़ा फंड कैसे खड़ा किया और उनका वह सीक्रेट फॉर्म्युला क्या है जिसने उन्हें काम के दबाव से मुक्ति और आजादी की जिंदगी दी.

14 घंटे काम और खराब होती सेहत: जीवन का वो टर्निंग पॉइंट

रेडिट पोस्ट के मुताबिक इस सॉफ्टवेयर इंजीनियर की शादी हो चुकी है और उनका एक 11 साल का बेटा है. उन्होंने देश के एक प्रतिष्ठित कॉलेज से अपनी यूजी और पीजी इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी की और अपने करियर का लगभग पूरा हिस्सा स्टार्टअप कंपनियों में बिताया. कई बार तो उन्होंने कंपनी पर भरोसे के चलते महीनों तक बिना सैलरी के भी काम किया. उनकी पत्नी हमेशा से एक होममेकर रही हैं.

करियर के दौरान एक स्टार्टअप में रेफरल के जरिए शामिल होना उनके जीवन का सबसे बड़ा टर्निंग पॉइंट बना. वहां का माहौल बेहद टॉक्सिक था और हर तरफ बस ऑफिस पॉलिटिक्स चलती थी. उन्हें हफ्ते में 6 दिन और रोजाना 14-14 घंटे काम करना पड़ता था.

इस भयानक दबाव के कारण उनको नींद न आने की समस्या हो गई. वह बॉर्डरलाइन डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर और मोटापे का शिकार हो गए. आखिरकार साल 2023 में उन्होंने एक ब्रेक लिया और रुककर अपनी सेहत व अपनी वित्तीय स्थिति दोनों का बारीकी से देखा.

कैसे बना 6.5 करोड़ का यह विशाल पोर्टफोलियो?

शुरुआत में वह पैसों को लेकर बहुत अधिक अनुशासित नहीं थे और न ही FIRE (Financial Independence, Retire Early) टाइप मूवमेंट उनका कोई टारगेट था. लेकिन उनके एक सही फैसले ने उनकी किस्मत बदल दी। एक फाइनेंशियल एडवाइजर से सलाह लेने के बाद उन्होंने साल 2018 में एसआईपी के जरिए निवेश करना शुरू किया.

ESOP से मिला बड़ा बूस्ट

साल 2019 में जिस स्टार्टअप में वह काम कर रहे थे, उसका अधिग्रहण हो गया. इससे उन्हें ईशॉप के रूप में लगभग 1.4 करोड़ रुपये का पेआउट मिला. उन्होंने इस बड़ी रकम को खर्च करने के बजाय पूरी तरह इन्वेस्टेड रखा. नियमित निवेश और शेयर बाजार की शानदार ग्रोथ की बदौलत आने वाले सालों में उनका पैसा तेजी से बढ़ता चला गया.

अप्रैल 2026 में एसेट एलोकेशन कैसा था?

अप्रैल 2026 तक उनका कुल इन्वेस्टमेंट पोर्टफोलियो करीब 6.5 करोड़ रुपये तक पहुंच गया. उन्होंने अपने इस फंड को इस तरह से बांट रखा था। पोर्टफोलियो का लगभग 60% हिस्सा शेयरों में निवेशित था. शेष 40% हिस्सा डेट फंड्स, लिक्विड इन्वेस्टमेंट्स और प्रोविडेंट फंड (PF) की सेविंग्स में फैला हुआ था.

खर्च का गणित

इंजीनियर ने बताया कि उनके परिवार का सालाना खर्च लगभग 14 लाख रुपये है और टियर 1 शहर में उनका अपना खुद का घर भी है. जब उन्होंने देखा कि उनके पास जरूरत से ज्यादा पैसा है और काम करना अब मजबूरी नहीं बल्कि एक चॉइस बन चुका है तो उन्होंने अपनी नौकरी छोड़ दी.

नौकरी छोड़ने के बाद जिंदगी में आए ये बड़े बदलाव

नौकरी छोड़ने के तीन महीने बाद ही उनके जीवन में बैंक बैलेंस से परे कई चमत्कारी बदलाव देखने को मिले हैं. उनका वजन काफी कम हो गया है. उनकी नींद की समस्या दूर हो गई है और अब उनका ब्लड प्रेशर पूरी तरह से नियंत्रण में है. अब उनका रोज का रूटीन पूरी तरह बदल चुका है. वह अपना समय ध्यान करने, एक्सरसाइज करने, अपने परिवार के साथ रहने, लार्ज लैंग्वेज मॉडल्स पर रिसर्च करने और ओपन-सोर्स प्रोजेक्ट्स में योगदान देने में बिताते हैं.

इंजीनियर ने बताए जल्दी रिटायर होने के 5 बड़े फॉर्म्युले

अपनी इस यात्रा से सीख लेते हुए उन्होंने उन लोगों के लिए कुछ जरूरी टिप्स और सबक साझा किए हैं जो जल्दी रिटायर होना चाहते हैं.

1- अपने फाइनेंशियल टारगेट तय करें: उन्होंने कहा कि काश उन्होंने अपने करियर की शुरुआत में ही अपना FIRE टारगेट तय कर लिया होता. हर व्यक्ति को पता होना चाहिए कि उसे कितनी रकम के बाद काम छोड़ना है.

2- सैलरी के लिए नेगोशिएट करें: उन्होंने अपने पूरे 20 साल के करियर में एक बार भी अपनी सैलरी के लिए नेगोशिएट नहीं किया था जिससे उन्हें करोड़ों रुपये का नुकसान हुआ होगा. इसलिए अपनी सैलरी को लेकर हमेशा नेगोशिएट करें.

3- लाइफस्टाइल इन्फ्लेशन से बचें: वह कभी भी बहुत बड़े खर्च करने वाले इंसान नहीं रहे. फिजूलखर्ची से दूर रहने के कारण उनके लिए नियमित निवेश करना बहुत आसान हो गया.

4- खुद का घर होना फायदेमंद: उन्होंने बताया कि खुद का घर होने की वजह से उन्हें किराए का भुगतान नहीं करना पड़ता था. इससे उनके मासिक खर्चे बेहद कम हो गए और रिटायरमेंट के लिए आवश्यक कुल फंड का आकार भी छोटा हो गया.

5- पारिवारिक सहयोग: वह खुद को भाग्यशाली मानते हैं क्योंकि उनके माता-पिता और उनकी पत्नी के माता-पिता उनके बेटे की उच्च शिक्षा का खर्च उठाने वाले हैं, जिससे उनका भविष्य का एक बहुत बड़ा खर्च पहले ही हट गया.

क्या वह दोबारा नौकरी करेंगे?

इंजीनियर ने स्पष्ट किया कि उन्होंने पूरी तरह से काम करना बंद नहीं किया है. यदि भविष्य में उन्हें कोई सार्थक और अच्छा अवसर मिलता है तो वह दोबारा काम करने पर विचार कर सकते हैं. लेकिन फिलहाल वह अपने समय को अपनी शर्तों पर, अपने परिवार के साथ और कुछ नया सीखने में बिता रहे हैं.

अस्वीकरण (Disclaimer): यह रिपोर्ट सोशल मीडिया पर किसी यूजर द्वारा शेयर की गई सामग्री पर आधारित है. मनीकंट्रोल (Moneycontrol) ने इन दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं की है और न ही वह इनका समर्थन करती है.