बुजुर्ग कपल ने मांगी साइड लोअर बर्थ, युवक ने कहा- ₹1,050 दो फिर मिलेगी सीट, वायरल पोस्ट ने छेड़ी बहस

सोशल मीडिया पर ट्रेन में सीट को लेकर किया गया पोस्ट काफी वायरल हो रहा है। पोस्ट में बताया गया कि एक युवा यात्री ने अपनी साइड लोअर बर्थ एक बुजुर्ग दंपति को देने से मना कर दिया। युवक ने सीट के लिए करीब 2,100 रुपये खर्च किए थे और सीट बदलने के लिए उसने बुजुर्ग दंपति से पैसे भी मांगे। वहीं इस पोस्ट पर लोग तरह-तरह के रिएक्शन दे रहे हैं। इस मामले को लेकर सोशल मीडिया पर लोगों की राय बंटी हुई है और इसे लेकर बहस जारी है। सोशल मीडिया पर ये पोस्ट तेजी से वायरल हो रहा है।

सीट चेंज करने से किया मना

इस मामले को एक्स यूजर ने सोशल मीडिया पर शेयर किया। उन्होंने बताया कि, वह 3AC कोच में सफर कर रही थीं और उनकी सीट ऊपर वाली बर्थ पर थी। वहीं सामने बैठे एक युवक की सीट साइड लोअर थी। पोस्ट के अनुसार, एक बुजुर्ग दंपति ने युवक से उसकी साइड लोअर सीट देने की मांग की। उन्होंने कहा कि युवक उम्र में छोटा है, इसलिए वह ऊपर वाली बर्थ पर आसानी से सो सकता है और उन्हें नीचे वाली सीट की जरूरत ज्यादा है। युवक ने बुजुर्ग दंपति की बात तुरंत नहीं मानी।

युवक ने मांगे पैसे

युवक ने बताया कि उसने साइड लोअर बर्थ के लिए करीब 2,100 रुपये का टिकट खरीदा। इसके बाद बातचीत तब अलग मोड़ ले गई, जब युवक ने कहा कि अगर दंपति उसे टिकट की कीमत का आधा यानी 1,050 रुपये दे दें, तो वह अपनी बर्थ उन्हें दे सकता है। उसकी इस बात पर मामला और चर्चा में आ गया। एक्स यूजर के अनुसार, पैसे देने की बात सामने आने के बाद बुजुर्ग दंपति ने अपनी मांग छोड़ दी और युवक अपनी साइड लोअर बर्थ पर बैठा रहा। ऊपर वाली बर्थ से पूरा मामला देखने वाले यात्री ने इस घटना को काफी अलग अनुभव बताया।

क्या छोड़ देना चाहिए सीट

पोस्ट में बताया कि, लंबी ट्रेन यात्रा में साइड लोअर बर्थ को यात्री काफी पसंद करते हैं, इसलिए कई लोग इसे आसानी से छोड़ना नहीं चाहते। इस घटना के बाद सोशल मीडिया पर भी सीट को लेकर यात्रियों की पसंद और बुजुर्गों को प्राथमिकता देने के मुद्दे पर चर्चा शुरू हो गई। पोस्ट में पूछा गया कि क्या किसी यात्री को दूसरे की सुविधा के लिए अपनी रिजर्व बर्थ छोड़ देनी चाहिए। यूजर ने लोगों से पूछा कि वे बुजुर्ग दंपति को अपनी साइड लोअर बर्थ देंगे या इसके बदले पैसे लेने की मांग करेंगे। इस पर लोगों की अलग-अलग राय सामने आई।

 

यूजर ने दिया ये रिएक्शन

ये पोस्ट सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गई। इसके बाद कई लोगों ने रेलवे के रिजर्वेशन नियमों और सफर के दौरान बुजुर्ग यात्रियों को होने वाली परेशानियों को लेकर अपनी राय साझा की। लोगों ने इस मामले पर अपने अनुभव भी बताए और बताया कि ऐसी स्थिति में यात्री और सीनियर सिटीजन दोनों के लिए क्या सही होना चाहिए।

एक अन्य यूजर ने सवाल उठाया कि, ‘सीनियर सिटिजन्स को हमेशा लोअर बर्थ क्यों नहीं दी जाती, जबकि टिकट बुक करते समय उनकी उम्र की जानकारी पहले ही दर्ज की जाती है।’ एक यूजर ने कहा कि, ‘उसके माता-पिता और परिवार के अन्य बुजुर्ग सदस्य ऊपर की बर्थ पर नहीं चढ़ सकते, फिर भी उन्हें कई बार अपर बर्थ दे दी जाती है।’ यूजर ने सवाल किया कि जब बुकिंग के समय उम्र की जानकारी साफ तौर पर दी जाती है, तो इसके बावजूद बुजुर्गों को लोअर बर्थ न मिलने की जिम्मेदारी आखिर किसकी है।

दूसरे यूजर ने कहा कि, ‘हो सकता है युवक ने लेट बुकिंग या तत्काल टिकट के लिए ज्यादा पैसे दिए हों।’ उसके मुताबिक, ‘टिकट की कीमत यात्रा के लिए होती है, सिर्फ सीट के लिए नहीं। अगर बुजुर्ग दंपति को लोअर बर्थ की सच में जरूरत थी, तो युवक का पैसे लेने का फैसला उसकी अपनी मर्जी थी।’

Indian Oil ने किया खारिज, 23 सितंबर को नहीं है कोई No-UPI Day, ये है पूरा मामला

Indian Oil on No-UPI Day: तेल बेचने वाली देश की सबसे बड़ी कंपनी इंडियन ऑयल इंडियन ऑयल ‘नो-यूपीआई डे’ को लेकर सफाई दी है। कंपनी का कहना है कि मध्य प्रदेश के इंदौर में 23 सितंबर को बिना यूपीआई के तेल बेचने वाली बात पूरी तरह आधारहीन है और पेट्रोल पंप मालिकों ने ऐसा कुछ नहीं कहा है। इंडियन ऑयल ने यह बात शनिवार 19 सितंबर को X (पूर्व नाम Twitter) पर कही। बता दें कि 15 अक्टूबर से कुछ मर्चेंट ट्रांजैक्शन के लिए यूपीआई पेमेंट से जुड़े नियमों में बदलाव होने वाला है। नए नियमों के तहत ग्राहक बिना कोई फीस दिए यूपीआई से पेमेंट कर सकेंगे तो ₹2,000 से अधिक के कुछ खास मर्चेंट ट्रांजैक्शन पर मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) लगेगा।

क्या है No-UPI Day से जुड़ा पूरा मामला

सोशल मीडिया पर एक पोस्ट वायरल हो रही है, जिसमें दावा किया गया है कि मध्य प्रदेश के इंदौर में पेट्रोल पंप मालिकों ने 23 सितंबर को ‘नो-UPI डे’ मनाने का ऐलान किया है। अब इंडियन ऑयल ने इसे फर्जी बताया है। वायरल पोस्ट में दावा किया गया है कि पेट्रोल पंप वाले मर्चेंट फीस के विरोध में ₹2 हजार से अधिक के यूपीआई पेमेंट नहीं ले रहे और 23 सितंबर को ‘नो-यूपीआई डे’ मनाएंगे। इंडियन ऑयल का कहना है कि यह वायरल मैसेज फर्जी और गुमराह करने वाला है और मध्य प्रदेश में पेट्रोल पंप मालिकों ने ₹2,000 से अधिक के UPI पेमेंट पर ऐसी कोई पाबंदी लगाने का ऐलान नहीं किया है। कंपनी का कहना है कि पेट्रोलियम डीलर्स एसोसिएशन लगातार मिनिस्ट्री के अधिकारियों के संपर्क में हैं और ‘नो-यूपीआई डे’ जैसा कुछ ऐलान नहीं हुआ है बल्कि पेट्रोल पंप डीलर्स तो डिजिटल पेमेंट को बढ़ावा देने में सबसे आगे रहे हैं।

कैसी है इंडियन ऑयल के शेयरों की हालत

इंडियन ऑयल के शेयर शुक्रवार 18 सितंबर को बीएसई पर 2.01% की बढ़त के साथ ₹136.80 के भाव पर बंद हुए थे। इस साल इसने निवेशकों को तगड़ा शॉक दिया है। 27 फरवरी 2026 को बीएसई पर यह ₹188.90 पर था जोकि इसके शेयरों के लिए एक साल का रिकॉर्ड हाई लेवल है। इस हाई लेवल से दो ही महीने में यह 31.02% टूटकर 2 अप्रैल 2026 को ₹130.30 पर आ गया था जोकि इसके शेयरों के लिए एक साल का रिकॉर्ड निचला स्तर है।

UPI पर ट्रांजेक्शन चार्ज को लेकर दुविधा में हैं? तो यहां जानें अपने हर सवाल का पूरा जवाब

डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

4 करोड़ की सेविंग के बाद भी नहीं खुश! ऑफिस पॉलिटिक्स से परेशान शख्स लेना चाहता है अर्ली रिटायरमेंट

पिछले कुछ समय से लोगों में जल्दी रिटायरमेंट लेने का फैसला तेजी से वायरल हो रहा है। कम उम्र में कई लोग चाहते हैं कि वह इतना पैसा जमा कर लें कि उन्हें नौकरी करने की जरूरत न पड़े। खासकर नौकरीपेशा लोगों के बीच कम उम्र में आर्थिक रूप से मजबूत होकर काम छोड़ने का सपना तेजी से बढ़ रहा है। कई लोग आर्थिक रूप से मजबूत होने के बाद तो कुछ ऑफिस की होने वाली पॉलिटिक्स की वजह से भी रिटायरमेंट का फैसला कर लेते हैं। हाल ही में जल्दी रिटायरमेंट को लेकर किया गया पोस्ट काफी वायरल हो रहा हैं।

4 करोड़ की कर ली सेविंग

35 वर्षीय यह व्यक्ति अब सिर्फ ज्यादा पैसे कमाने के बारे में नहीं सोच रहा क्योंकि वह अपनी नौकरी से भी परेशान हो चुका है। व्यक्ति ने बताया कि उसने करीब 4 करोड़ रुपये की संपत्ति बना चुका है। अब वह आगे की जिंदगी नौकरी के बिना बिताने की योजना बना रहा है। व्यक्ति ने बताया कि फिलहाल वह सिंगल है और शादी करने का भी कोई प्लान नहीं है। वह अपनी बचत और निवेश के जरिए आर्थिक रूप से मजबूत बने रहना चाहता है, ताकि भविष्य में उसे किसी पर निर्भर न रहना पड़े। सोशल मीडिया पर ये पोस्ट तेजी से वारयल हो रहा है।

क्या रिटायर होने के लिए सही 4 करोड़ की बचत

व्यक्ति ने अपने पोस्ट में कहा कि वह अब ज्यादा पैसे कमाने के बजाय अपनी नौकरी छोड़ने के बारे में सोच रहा है। कॉर्पोरेट लाइफ छोड़ने की वजह बताते हुए उन्होंने लिखा, “मैं मानसिक रूप से थक चुका हूं क्योंकि मैं ऑफिस की पॉलिटिक्स और एक-दूसरे से आगे निकलने वाली संस्कृति का हिस्सा नहीं बनना चाहता। मेरा कोई करीबी नहीं है और मैं इतना अकेलापन महसूस करता हूं कि मुझे नहीं लगता कि मैं किसी के साथ रह सकता हूं। निजी मतभेदों के कारण मैं अपने माता-पिता के भी संपर्क में नहीं हूं। मेरे कुछ अच्छे दोस्त जरूर हैं, लेकिन वे अलग-अलग शहरों में रहते हैं और अपनी-अपनी जिंदगी और परिवार में व्यस्त हैं।” उसके पास करीब 4 करोड़ रुपये की नेट वर्थ है, लेकिन वह जानना चाहता है कि क्या इतनी रकम नौकरी छोड़ने के लिए पर्याप्त होगी। इसी को लेकर उसने Reddit पर लोगों से सलाह मांगी।

Reddit पर किया पोस्ट

इस व्यक्ति ने r/personalfinanceindia सबरेडिट पर एक पोस्ट के जरिए अपनी स्थिति के बारे में बताया। पोस्ट का टाइटल था, “35 साल की उम्र में 4Cr. FIRE करना अच्छा है? जिंदगी से थक गया हूं!” उसने बताया कि रिटायरमेंट के बाद उसका सालाना खर्च करीब 12 लाख रुपये रहने का अनुमान है। इसके लिए वह एक टियर-2 शहर में शिफ्ट होने की योजना बना रहा है। पोस्ट में दी गई जानकारी के अनुसार, 35 वर्षीय व्यक्ति की कुल संपत्ति करीब 4 करोड़ रुपये है। उसने अपनी रकम को अलग-अलग जगहों पर निवेश कर रखा है। उसके निवेश में भारतीय म्यूचुअल फंड, शेयर, अमेरिकी टेक कंपनियों के RSU, रिटायरमेंट फंड, कीमती धातुएं और कैश शामिल हैं। इनमें भारतीय म्यूचुअल फंड में करीब 1.20 करोड़ रुपये और भारतीय शेयरों में लगभग 25 लाख रुपये निवेश किए गए हैं।

कहां किया कितना निवेश

उस व्यक्ति ने अपनी बाकी रकम भी कई तरह के निवेश और बचत में लगा रखी है। उसके पास अमेरिकी टेक कंपनियों के RSU करीब 1 करोड़ रुपये के हैं, जबकि अमेरिकी शेयरों में उसने लगभग 20 लाख रुपये लगाए हैं। PF और NPS में उसकी करीब 40 लाख रुपये की बचत है। इसके अलावा गोल्ड ETF में 15 लाख और सिल्वर ETF में करीब 5 लाख रुपये निवेश किए गए हैं। उसके पास लगभग 10 लाख रुपये भारतीय मुद्रा में कैश भी है। वहीं, उसके पास करीब 70,000 अमेरिकी डॉलर यानी लगभग 65 लाख रुपये की US कैश होल्डिंग है। उसने बताया कि कुछ अमेरिकी शेयर और RSU वह पहले ही बेच चुका है और आगे इस रकम को US आधारित ETF में निवेश करने की योजना बना रहा है।Screenshot 2026-09-13 170317

 

अभी सालाना खर्च करीब 14.4 लाख रुपये

पोस्ट में इस व्यक्ति ने बताया कि उसके नाम पर फिलहाल न तो कोई घर है और न ही कार। साथ ही, उसे भविष्य में परिवार से किसी तरह की विरासत मिलने की भी उम्मीद नहीं है। वह अभी सिंगल है और उसने शादी करने की कोई योजना नहीं बनाई है। ऐसे में वह अपनी मौजूदा बचत और निवेश के सहारे आगे की जिंदगी की योजना बना रहा है। फिलहाल इस व्यक्ति का सालाना खर्च करीब 14.4 लाख रुपये है। इसमें लगभग 8.4 लाख रुपये घर का किराया, राशन और रोजमर्रा की जरूरतों पर खर्च होते हैं, जबकि करीब 6 लाख रुपये घूमने और अपने शौक पूरे करने में खर्च करता है।

लोगों ने दी सलाह

उसने Reddit पर पूछा कि क्या वह अपनी बचत के दम पर नौकरी छोड़ सकता है। कई यूजर्स ने सलाह दी कि तुरंत रिटायर होने के बजाय पहले लंबा ब्रेक लेकर सोच-विचार करना बेहतर होगा। एक यूजर ने लिखा, “सालाना 12 लाख रुपये के खर्च के मुकाबले 4 करोड़ रुपये की रकम कागज पर काफी मजबूत नजर आती है। लेकिन आपकी बातों को देखते हुए, मैं हमेशा के लिए FIRE लेने से पहले लंबे करियर ब्रेक के बारे में सोचूंगा। कई बार इंसान को नौकरी से कुछ समय की दूरी चाहिए होती है, न कि काम से हमेशा के लिए रिटायर होने की।”

एक अन्य Reddit यूजर ने सलाह दी, “कुछ समय का ब्रेक लो और घूमने निकलो। हो सकता है कि इससे तुम्हें जिंदगी को एक अलग नजरिए से देखने में मदद मिले।” एक यूजर ने लिखा, “मेरे हिसाब से यह एक अच्छी शुरुआत है, लेकिन पहले थोड़ा ब्रेक जरूर लो और कम तनाव वाली नौकरी करने के विकल्प पर विचार करो। महंगाई और दूसरे बढ़ते खर्चों को देखते हुए अपनी संपत्ति बढ़ाते रहना बेहतर होगा। इसके अलावा, नौकरी छोड़ने के बाद आप लोगों से काफी दूर हो सकते हैं और अकेलापन बढ़ सकता है। ऑफिस में साथ काम करने वाले लोग भी आपके लिए एक अच्छे साथी साबित हो सकते हैं।”

Zomato के ₹21 वाले ‘पे ऑन डिलीवरी फीस’ पर बवाल! क्या हर पेमेंट पर देना होगा एक्स्ट्रा चार्ज? यूजर्स के हर सवाल का मिल गया जवाब

Zomato Delivery Fee: ऑनलाइन फूड डिलीवरी प्लेटफॉर्म जोमैटो (Zomato) पर खाना ऑर्डर करने वाले कुछ ग्राहकों को अब ‘कैश ऑन डिलीवरी (COD)’ का ऑप्शन चुनने पर एक्स्ट्रा चार्ज देना पड़ सकता है। सोशल मीडिया पर एक ग्राहक की ओर से शेयर किया गया ऑर्डर बिल X पर वायरल होने के बाद इस कथित नए चार्ज को लेकर बहस छिड़ गई है। ग्राहक ने इसे ग्राहकों से पैसे वसूलने का एक और नया तरीका बताया है।

Zomato पर ‘कैश ऑन डिलीवरी’ के लिए एक्स्ट्रा चार्ज लगाए जाने की रिपोर्ट ने सोशल मीडिया पर नई बहस छेड़ दी है। जहां कुछ ग्राहक इसे अनावश्यक चार्ज बता रहे हैं। वहीं, दूसरे इसे कैश हैंडलिंग की लागत और डिजिटल पेमेंट को बढ़ावा देने की रणनीति मान रहे हैं।

वायरल पोस्ट में दिखा ₹21 का अलग चार्ज

विवाद की शुरुआत तब हुई जब X पर @jassneetsingha नाम के यूजर ने अपने Zomato ऑर्डर का स्क्रीनशॉट शेयर किया। इसमें ‘Pay on Delivery Fee’ नाम से अलग से ₹21 का चार्ज दिखाई दे रहा था। यूजर के मुताबिक, उसने ऑर्डर की रकम डिलीवरी के समय कैश में देने का विकल्प चुना था। इसके लिए उससे 21 रुपये एक्स्ट्रा लिए गए।

पोस्ट में यूजर ने सवाल उठाया कि सिर्फ कैश से पेमेंट करने के लिए ग्राहकों से एक्स्ट्रा पैसा क्यों लिया जा रहा है? हालांकि, सूत्रों ने न्यूज 18 को बताया कि इसे Zomato के हर ग्राहक और हर ऑर्डर पर लागू होने वाला एक समान 21 रुपये का चार्ज मानना सही नहीं होगा। रिपोर्टों के अनुसार, चार्ज की राशि अलग-अलग हो सकती है।

₹850 के खाने पर लगा ₹21 का चार्ज

वायरल स्क्रीनशॉट में खाने का आइटम टोटल ₹850 था। इसके अलावा बिल में:-

Pay on Delivery Fee: ₹21

Platform Fee: ₹14

GST: ₹51

जैसे अलग-अलग चार्ज दिखाई दे रहे थे। यानी कैश ऑन डिलीवरी का चार्ज बिल में अलग लाइन आइटम के तौर पर जोड़ा गया।

क्या हर ऑर्डर पर लगेगा देना होगा 21 रुपये?

न्यूज 18 की रिपोर्ट के अनुसार, ऑनलाइन सामने आई रिपोर्टों के मुताबिक कैश ऑन डिलीवरी के लिए लिया जाने वाला चार्ज हर ऑर्डर में समान नहीं हो सकता। कुछ मामलों में यह करीब ₹7.50 बताया गया है। जबकि कुछ ग्राहकों ने ₹21 तक का चार्ज देखने की बात कही है। कुछ रिपोर्टों में यह चार्ज ऑर्डर वैल्यू के करीब 2 प्रतिशत तक होने और अधिकतम ₹30 तक सीमित रहने का भी दावा किया गया है। हालांकि, चार्ज की वास्तविक राशि ऑर्डर और ग्राहक के हिसाब से अलग हो सकती है।

ऑनलाइन पेमेंट करने पर नहीं लगेगा यह चार्ज

रिपोर्टों के मुताबिक, यह एक्स्ट्रा चार्ज मुख्य रूप से Pay on Delivery यानी डिलीवरी के समय भुगतान करने वाले ऑर्डर पर दिखाई दे रहा है। वहीं, प्रीपेड/ऑनलाइन भुगतान वाले ऑर्डर पर यह चार्ज नहीं लगाया जा रहा है। कुछ ऑर्डर्स में ग्राहकों को ऑनलाइन पेमेंट करने पर एक्स्ट्रा चार्ज से बचने के लिए प्रोत्साहित करने वाला संदेश भी दिखाई देने की बात सामने आई है।

ग्राहकों में क्यों है नाराजगी?

कैश ऑन डिलीवरी पसंद करने वाले कुछ ग्राहक इस चार्ज से नाराज हैं। खासकर ऐसे ग्राहक जो डिलीवरी से पहले ऑनलाइन पेमेंट करने में सहज महसूस नहीं करते। इसके पीछे गलत या अधूरा ऑर्डर मिलने, डिलीवरी में देरी, रिफंड में परेशानी या कस्टमर सपोर्ट से जुड़ी दिक्कतों जैसी चिंताएं बताई जा रही हैं। वायरल पोस्ट पर कुछ यूजर्स ने Zomato का बचाव भी किया।

उनका कहना था कि यह कंपनी का बिजनेस मॉडल है। ग्राहक पर ऑर्डर करने की कोई मजबूरी नहीं है। वहीं, कुछ लोगों का मानना है कि कैश संभालने, कैश कलेक्शन और उससे जुड़े संभावित नुकसान को कम करने के लिए कंपनी यह चार्ज लगा सकती है। साथ ही, इससे ग्राहकों को डिजिटल पेमेंट की ओर बढ़ाने में भी मदद मिल सकती है।

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सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर चर्चा के दौरान कुछ सोशल मीडिया यूजर्स ने ग्राहकों को Zomato और Swiggy जैसी डिलीवरी सेवाओं का इस्तेमाल कम करने की सलाह दी। उनका सुझाव था कि ग्राहक सीधे रेस्टोरेंट से खाना मंगवाएं या खुद जाकर खाना ले आएं। इससे एक्स्ट्रा प्लेटफॉर्म और डिलीवरी चार्ज से बचा जा सकता है।

McDonald’s India पर गंभीर आरोप! इंटर्न का महीनों तक बिना सैलरी काम कराने का दावा, कहा- दो और नौकरियां करनी पड़ीं

सोशल मीडिया पर मैकडॉनल्ड्स इंडिया (McDonald’s India) से जुड़ा एक पोस्ट इन दिनों चर्चा का विषय बना हुआ है। वायरल पोस्ट में एक कथित इंटर्न ने आरोप लगाया है कि उसे कई महीनों तक किए गए काम का भुगतान नहीं किया गया और आर्थिक मजबूरी के चलते उसे दो अतिरिक्त नौकरियां तक करनी पड़ीं। हैरानी की बात यह है कि यह दावा McDonald’s India के आधिकारिक X हैंडल पर एक पोस्ट के जरिए किया गया। हालांकि, McDonald’s India ने इस पोस्ट को कुछ ही देर बाद सोशल मीडिया से डिलीट कर दिया। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है।

क्या है वायरल पोस्ट में दावा?

वायरल स्क्रीनशॉट में एक कथित इंटर्न ने McDonald’s India के सोशल मीडिया अकाउंट से ट्वीट कर शिकायत दर्ज कराई है। पोस्ट में दावा किया गया है कि वह कंपनी में इंटर्न के तौर पर काम कर रहा था। लेकिन दिसंबर 2025 से उसका भुगतान नहीं किया गया। कथित इंटर्न ने यह भी दावा किया कि वह McDonald’s के कई एशियाई अकाउंट संभाल रहा था।

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लेकिन इसके बावजूद उसके काम का भुगतान नहीं किया गया। आर्थिक स्थिति संभालने के लिए उसे दो अतिरिक्त नौकरियां करने के लिए मजबूर होना पड़ा। यही दावा सोशल मीडिया पर लोगों का ध्यान खींच रहा है। इसे लेकर इंटर्नशिप, स्टाइपेंड और कंपनियों में युवाओं के साथ होने वाले व्यवहार पर बहस शुरू हो गई है।

इंटर्नशिप या बिना भुगतान के काम?

इस मामले ने एक बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है अगर किसी इंटर्न से नियमित कर्मचारी की तरह काम लिया जा रहा है, जिम्मेदारियां दी जा रही हैं और लंबे समय तक काम कराया जा रहा है, तो क्या उसे उचित स्टाइपेंड या भुगतान नहीं मिलना चाहिए? भारत में इंटर्नशिप को लेकर पहले भी सोशल मीडिया पर बहस होती रही है। LinkedIn पर युवाओं की कई पोस्ट में ऐसे अनुभव शेयर किए गए हैं, जिनमें लंबे समय तक बिना भुगतान काम, फुल-टाइम उपलब्धता और वास्तविक सीखने के बजाय नियमित काम करवाने की शिकायतें सामने आती रही हैं।

यूजर्स ने क्या कहा?

वायरल दावे के बाद सोशल मीडिया यूजर्स की प्रतिक्रियाएं मुख्य रूप से दो हिस्सों में नजर आती हैं। एक वर्ग ने कथित इंटर्न का समर्थन करते हुए कहा कि बड़ी कंपनियों से युवाओं को बेहतर कार्य-संस्कृति और भुगतान की उम्मीद होती है। यूजर्स का कहना है कि यदि आरोप सही हैं तो कंपनी को मामले की जांच कर स्पष्ट जवाब देना चाहिए।

वहीं, कुछ यूजर्स ने बिना पूरी जानकारी के कंपनी को दोषी ठहराने से बचने की सलाह दी। उनका कहना है कि सोशल मीडिया पर वायरल किसी स्क्रीनशॉट या पोस्ट को आखिरी सच मानने से पहले संबंधित कंपनी और कथित इंटर्न दोनों का पक्ष सामने आना जरूरी है।

McDonald’s के लिए क्यों अहम है मामला?

यह मामला ऐसे समय में चर्चा में आया है जब कंपनियों में इंटर्नशिप को लेकर युवाओं की अपेक्षाएं लगातार बढ़ रही हैं। किसी बड़े ब्रांड के साथ इंटर्नशिप को छात्र और युवा अक्सर अपने करियर के लिए महत्वपूर्ण अवसर मानते हैं। McDonald’s India से जुड़ी इंटर्नशिप के पुराने रिकॉर्ड भी बताते हैं कि कंपनी के साथ विभिन्न समय पर इंटर्नशिप अवसर उपलब्ध रहे हैं।

कुछ भूमिकाओं में स्टाइपेंड भी दिया गया था। उदाहरण के तौर पर 2017 के एक Internshala रिकॉर्ड में McDonald’s India (South & West) की HR इंटर्नशिप के लिए ₹7,500-15,000 मासिक स्टाइपेंड का उल्लेख था। इसलिए वायरल पोस्ट में लगाए गए वर्तमान आरोपों और कंपनी की सामान्य इंटर्नशिप नीतियों को एक ही चीज मानना सही नहीं होगा।

क्या कंपनी की ओर से कोई जवाब आया?

फिलहाल उपलब्ध विश्वसनीय सार्वजनिक स्रोतों में इस वायरल आरोप पर McDonald’s India का स्पष्ट आधिकारिक जवाब सामने नहीं आया है। ऐसे में यह कहना जल्दबाजी होगी कि कथित इंटर्न को वास्तव में महीनों तक भुगतान नहीं किया गया या कंपनी ने जानबूझकर ऐसा किया। पूरे मामले की सच्चाई सामने आने के लिए कथित इंटर्न की पहचान, उसका ऑफर/इंटर्नशिप दस्तावेज, भुगतान से जुड़े रिकॉर्ड और कंपनी का आधिकारिक पक्ष सामने आना जरूरी है।

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Viral Video: दोस्त की शादी में शख्स ने दिया ऐसा गिफ्ट, सीने पर बनवा लिया दूल्हा-दुल्हन का टैटू

शादी में दोस्त को गिफ्ट देना आम बात है, लेकिन एक शख्स ने अपने दोस्त की शादी पर ऐसा तोहफा दिया, जिसने हर किसी को हैरान कर दिया। उसने दोस्त और उसकी नई-नवेली पत्नी के चेहरे का टैटू अपने सीने पर बनवा लिया। इसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल है। किसी को यह दोस्ती की मिसाल लग रही है, तो कोई इसे हद से ज्यादा अजीब बता रहा है। खास बात यह है कि टैटू सामने आते ही दूल्हे का रिएक्शन भी कैमरे में कैद हो गया, जिसे देखकर यूजर्स जमकर मजे ले रहे हैं।

पहले दिया कपल का स्केच

वायरल वीडियो में शादी के जश्न के दौरान शख्स नवविवाहित कपल को उनके चेहरों वाला एक स्केच देता नजर आता है। शुरुआत में यह एक सामान्य और प्यारा दोस्ती वाला तोहफा लगता है। लेकिन कुछ ही देर बाद शख्स अपनी शर्ट उतारकर ऐसा सरप्राइज देता है, जिसे देखकर वहां मौजूद लोग भी दंग रह जाते हैं। उसी स्केच में दिख रहे दोस्त और उसकी पत्नी के चेहरे उसने अपने सीने पर स्थायी रूप से टैटू करवाए होते हैं।

दूल्हे का रिएक्शन बना चर्चा की वजह

टैटू से ज्यादा लोगों का ध्यान दूल्हे के चेहरे पर गया। जैसे ही उसने अपने दोस्त के सीने पर अपनी पत्नी का चेहरा देखा, उसके एक्सप्रेशन ने सोशल मीडिया यूजर्स को खूब हंसाया। वायरल पोस्ट में भी मजाकिया अंदाज में कहा गया कि दूल्हा पहले दोस्त के इस भावुक gesture से खुश हुआ होगा, लेकिन पत्नी का चेहरा टैटू में देखकर शायद उसके मन में सवाल आया होगा, “भाई, मेरी पत्नी ही क्यों?”

इंटरनेट पर छिड़ी बहस

वीडियो वायरल होने के बाद लोगों ने इस अनोखे तोहफे को लेकर अलग-अलग राय दी। कुछ यूजर्स ने इसे सच्ची दोस्ती और भावनाओं से जुड़ा हुआ gesture बताया। वहीं, कई लोगों को यह जरूरत से ज्यादा अजीब और असहज करने वाला लगा। एक यूजर ने इसे creepy तक बताया और सवाल किया कि जब लोग करीबी परिवार वालों के चेहरे तक का टैटू नहीं बनवाते, तो दोस्त की पत्नी का चेहरा सीने पर स्थायी रूप से बनवाना कितना सही है।

‘दोस्त का चेहरा होता तो समझ आता…’

कुछ लोगों का कहना था कि अगर शख्स ने सिर्फ अपने दोस्त का चेहरा टैटू कराया होता तो बात समझ में आती। लेकिन दोस्त की पत्नी का चेहरा भी उसी टैटू में शामिल करना उन्हें असहज लगा। एक अन्य यूजर ने दूल्हे के एक्सप्रेशन पर मजाक करते हुए कहा कि उसके चेहरे से साफ लग रहा था,“दोस्त का चेहरा ठीक था, लेकिन मेरी पत्नी का क्यों?”

अगर रिश्ता बदल गया तो?

बहस का एक दूसरा पहलू भी सामने आया। कुछ लोगों ने सवाल उठाया कि दोस्ती और रिश्ते हमेशा एक जैसे नहीं रहते। अगर भविष्य में दोस्ती में दरार आ जाए या कपल के रिश्ते में कोई बदलाव हो जाए, तो यह स्थायी टैटू बेहद अजीब स्थिति पैदा कर सकता है। हालांकि, वायरल पोस्ट में टैटू बनवाने वाले शख्स की निजी जिंदगी या उसके रिश्ते से जुड़ी कोई पक्की जानकारी सामने नहीं आई है।

लोगों को पसंद आया या लगा हद से ज्यादा?

इस पूरे मामले ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि दोस्ती जताने के लिए कोई gesture कितना बड़ा होना चाहिए। कुछ लोगों के लिए यह जिंदगीभर याद रहने वाला दोस्ती का प्रतीक है, जबकि दूसरों को लगता है कि किसी दोस्त की पत्नी का चेहरा सीने पर स्थायी रूप से बनवाना दोस्ती से एक कदम आगे है। फिलहाल वीडियो सोशल मीडिया पर खूब चर्चा बटोर रहा है और सबसे ज्यादा चर्चा उसी पल की हो रही है, जब दूल्हे ने पहली बार अपने दोस्त के सीने पर अपनी पत्नी का चेहरा देखा।

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पहले डॉल्फिन को साइकिल से बांधा, फिर बनाने लगा रील! वायरल वीडियो ने सोशल मीडिया पर मचा दिया बवाल

सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो ने लोगों का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। वीडियो में एक शख्स कथित तौर पर गंगा नदी की डॉल्फिन को साइकिल से बांधकर उसके साथ रील बनाता नजर आ रहा है। फुटेज सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। कई यूजर्स ने इस घटना को बेहद शर्मनाक बताते हुए वन्यजीवों के साथ इस तरह के व्यवहार पर सवाल उठाए हैं। दावा किया जा रहा है कि मामला बिहार का है और वीडियो में दिख रहा व्यक्ति डॉल्फिन के साथ रील बना रहा था। घटना से जुड़े एक अन्य वीडियो को लेकर डॉल्फिन के मृत होने की बात भी कही जा रही है।

हालांकि, वायरल वीडियो और उससे जुड़े सभी दावों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है। लोगों ने संबंधित अधिकारियों से मामले की जांच करने और आरोप सही पाए जाने पर जिम्मेदार व्यक्ति के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।

पहले जिंदा नजर आई डॉल्फिन

वायरल पोस्ट में दो वीडियो का जिक्र है। पहले फुटेज में डॉल्फिन जिंदा दिखाई देती है और कथित तौर पर उसे साइकिल से बांधा गया है। इसके बाद सामने आए दूसरे वीडियो में वही जानवर मृत नजर आने का दावा किया गया है। इस दौरान शख्स के उसके साथ रील बनाने की बात कही जा रही है।

तेल निकालने के लिए पकड़ने का भी दावा

सोशल मीडिया पोस्ट्स में दावा किया गया है कि यह घटना बिहार की है और इसमें नेटालाल कुमार नाम के एक व्यक्ति का कथित तौर पर शामिल होना बताया जा रहा है। पोस्ट में यह भी दावा किया गया कि डॉल्फिन को कथित रूप से उसका तेल निकालने के लिए पकड़ा गया था और बाद में घटना का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर डाला गया।

‘रील के लिए लुप्तप्राय जीव को क्यों बनाया कंटेंट?’

वीडियो सामने आने के बाद यूजर्स ने सवाल उठाया कि सोशल मीडिया पर कुछ सेकेंड की लोकप्रियता के लिए किसी दुर्लभ वन्यजीव के साथ इस तरह का व्यवहार कैसे किया जा सकता है। कई लोगों ने बिहार पुलिस और वन विभाग से मामले की जांच कर दोष साबित होने पर सख्त कार्रवाई की मांग की।

गंगा डॉल्फिन को लेकर क्यों बढ़ी चिंता?

गंगा नदी की डॉल्फिन एक लुप्तप्राय प्रजाति है और इसके संरक्षण को लेकर लंबे समय से प्रयास किए जा रहे हैं। वायरल पोस्ट में दावा किया गया है कि दुनिया में इनकी संख्या करीब 5,000 ही रह गई है। ऐसे में एक डॉल्फिन की कथित मौत ने संरक्षण को लेकर चिंता और बढ़ा दी है।

यूजर्स ने पुलिस और वन विभाग को किया टैग

मामले को लेकर कई सोशल मीडिया यूजर्स ने बिहार पुलिस, पर्यावरण मंत्रालय और वन्यजीव संरक्षण संगठनों को टैग किया। एक यूजर ने मांग की कि अगर किसी व्यक्ति ने जानबूझकर संरक्षित जीव को नुकसान पहुंचाया है, तो उसके खिलाफ कानून के तहत कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए।

कानूनी कार्रवाई की उठी मांग

कुछ यूजर्स ने दावा किया कि भारत में गंगा डॉल्फिन को कानूनी संरक्षण प्राप्त है और इसे नुकसान पहुंचाने पर जेल व जुर्माने का प्रावधान है। हालांकि, वायरल वीडियो से जुड़े दावों की आधिकारिक पुष्टि स्वतंत्र रूप से नहीं हुई है। इसलिए घटना की वास्तविक परिस्थितियों और जिम्मेदार व्यक्ति की भूमिका की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।

डिस्क्लेमर: यह रिपोर्ट सोशल मीडिया पर यूज़र द्वारा शेयर किए गए कंटेंट पर आधारित है। मनीकंट्रोल इन दावों की न तो स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं करता है और न ही इनका समर्थन करता है।

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हरिद्वार कांवड़ मेले में भिखारी बनकर बैठा यूट्यूबर, 8 घंटे में कमाए 4,000 रुपये

हरिद्वार के कांवड़ मेले में एक यूट्यूब सोशल एक्सपेरिमेंट ने सोशल मीडिया पर बहस छेड़ दी है। यूट्यूबर पुरुषोत्तम वशिष्ठ और उनके दोस्त सचिन ने यह जानने की कोशिश की कि अगर कोई व्यक्ति धार्मिक मेले में भिखारी बनकर पैसे मांगे, तो एक दिन में कितनी रकम जुटा सकता है। सचिन करीब 8 घंटे तक भिखारी का हुलिया बनाकर लोगों के बीच घूमे और दोनों के मुताबिक इस दौरान करीब ₹4,000 जमा हुए।

फटे कपड़े, हाथ में कटोरा और गले में QR कोड

एक्सपेरिमेंट के लिए सचिन ने फटे-पुराने कपड़े पहने और हाथ में छोटा सा कटोरा लेकर श्रद्धालुओं के बीच पैसे मांगने लगे। इस प्रयोग को थोड़ा अलग बनाने के लिए उन्होंने गले में UPI QR कोड भी लटका रखा था, ताकि लोग चाहें तो डिजिटल पेमेंट से भी मदद कर सकें। शुरुआत में दोनों को लगा था कि पूरे दिन में शायद ₹1,000 से ₹2,000 तक ही मिल पाएंगे।

शुरुआत में मिले सिर्फ ₹130

मेले में पैसे मांगने के शुरुआती घंटों में सचिन को ज्यादा सफलता नहीं मिली। काफी कोशिश के बाद उनके पास करीब ₹130 ही जमा हुए। कुछ लोगों ने पैसे देने से साफ इनकार कर दिया, जबकि कुछ श्रद्धालुओं ने उनकी मदद की। कई लोगों ने पैसे न होने की बात कहकर आगे बढ़ना बेहतर समझा, तो कुछ ने सचिन के साथ अच्छा व्यवहार किया।

दुकानदार ने दे दी चश्मे की जोड़ी

मेले में घूमते हुए सचिन कई दुकानदारों से भी बातचीत करने लगे। इसी दौरान एक सनग्लास विक्रेता ने उन्हें चश्मे की एक जोड़ी दे दी। इस घटना के बाद सचिन ने मजाकिया अंदाज में खुद को ‘प्रोफेशनल भिखारी’ तक कह दिया। वहीं, गले में लगे UPI QR कोड से भी करीब ₹40 का डिजिटल भुगतान मिला।

असली भिखारी से हुई दिलचस्प बातचीत

एक वक्त सचिन एक असली भिखारी के पास जाकर बैठ गए। दोनों के बीच बातचीत हुई। बताया गया कि उस व्यक्ति को अपना नाम और वह पहले कहां रहता था, इसकी जानकारी तक याद नहीं थी। यह मुलाकात एक्सपेरिमेंट के दौरान सामने आई उन स्थितियों में से एक थी, जिसने भिक्षावृत्ति के पीछे छिपी व्यक्तिगत परेशानियों की ओर भी ध्यान खींचा।

चार घंटे में ₹800, आठ घंटे में ₹4 हजार

करीब चार घंटे बाद सचिन ने अपनी जमा रकम गिनी तो उनके पास लगभग ₹800 थे। इसके बाद उन्होंने कई घंटे और मेले में बिताए। कभी लोगों ने पैसे दिए तो कभी उन्हें खाली हाथ लौटना पड़ा। इस दौरान कुछ जगहों पर सुरक्षाकर्मियों ने उन्हें वहां से हटने के लिए भी कहा। बारिश और लगातार पैदल चलने की वजह से एक्सपेरिमेंट उनके लिए शारीरिक रूप से भी काफी थकाऊ बन गया। करीब 8 घंटे बाद दोनों ने दावा किया कि कुल मिलाकर लगभग ₹4,000 जमा हुए। यानी इस प्रयोग में औसतन करीब ₹500 प्रति घंटे की रकम जुटी।

₹4 हजार से लाखों की कमाई का हिसाब

इसके बाद दोनों ने इसी आंकड़े के आधार पर अनुमान लगाना शुरू किया। उनका कहना था कि अगर रोजाना इतनी ही रकम मिलती रहे तो महीने में करीब ₹1.2 लाख तक जुटाए जा सकते हैं। वायरल पोस्ट में इससे भी ज्यादा कमाई का एक अनुमान सामने आया, जिसमें 12-13 घंटे रोजाना काम करने पर ₹8,000 से ₹10,000 प्रतिदिन तक की संभावित कमाई की बात कही गई। हालांकि, ये सिर्फ इस एक्सपेरिमेंट पर आधारित अनुमान हैं। इससे यह साबित नहीं होता कि वास्तविक जिंदगी में भीख मांगने वाले लोग नियमित रूप से इतनी रकम कमाते हैं।

‘भीख मांगना बिल्कुल आसान नहीं’

एक्सपेरिमेंट के अंत में दोनों ने माना कि बाहर से आसान दिखने वाला यह काम असल में बेहद थका देने वाला है। घंटों तक अजनबियों के पास जाकर मदद मांगना मानसिक और शारीरिक रूप से काफी मुश्किल लगा। सचिन को जहां कुछ लोगों ने पैसे देकर मदद की, वहीं कुछ लोगों के खराब व्यवहार का भी सामना करना पड़ा। दोनों ने लोगों को सलाह दी कि भीख मांगने को कमाई का जरिया बनाने के बजाय मेहनत और ईमानदारी से कमाने की कोशिश करनी चाहिए।

₹4 हजार की कमाई ने छेड़ दी बड़ी बहस

वीडियो वायरल होने के बाद सोशल मीडिया यूजर्स ने 8 घंटे में ₹4,000 जमा होने पर हैरानी जताई। कुछ लोगों ने सवाल उठाया कि क्या धार्मिक आयोजनों और पर्यटन स्थलों पर भीख मांगना कुछ लोगों के लिए कमाई का स्थायी जरिया बन गया है।

वहीं, कई यूजर्स ने इस एक्सपेरिमेंट से बड़े निष्कर्ष निकालने से बचने की सलाह दी। उनका कहना था कि सिर्फ 8 घंटे का प्रयोग उन लोगों की असली जिंदगी को नहीं दर्शा सकता, जो गरीबी, बेघरपन, बीमारी, दिव्यांगता, शोषण या लंबे समय से चली आ रही आर्थिक परेशानियों के कारण भीख मांगने को मजबूर हैं।

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जेब में अचानक गर्म हुआ Samsung Galaxy S26, कुछ ही पल बाद हुआ कथित धमाका; जानें पूरा मामला

सोशल मीडिया पर एक चौंकाने वाला दावा तेजी से चर्चा में है, जिसमें गाजियाबाद के एक व्यक्ति की जेब में कथित तौर पर Samsung Galaxy S26 के फटने की बात कही जा रही है। वायरल पोस्ट के अनुसार, फोन पहले अचानक बेहद गर्म हुआ और उससे धुआं निकलने लगा। इससे पहले कि व्यक्ति कुछ समझ पाता या फोन को जेब से बाहर निकाल पाता, कथित तौर पर उसमें जोरदार धमाका हो गया। दावा है कि इस घटना में उसके दोनों हाथों और शरीर के निचले हिस्से पर गंभीर जलने की चोटें आईं।

आसपास मौजूद लोगों ने तुरंत उसकी मदद की और उसे अस्पताल पहुंचाया, जहां उसका इलाज चलने की बात कही गई है। घटना की तस्वीरें भी सोशल मीडिया पर शेयर की जा रही हैं, जिनमें फोन बुरी तरह जला और क्षतिग्रस्त दिखाई देता है। हालांकि, वायरल दावे और घटना की पूरी परिस्थितियों की अभी स्पष्ट रूप से पुष्टि नहीं हुई है।

सफर के दौरान अचानक गर्म होने लगा फोन

वायरल पोस्ट के अनुसार, मजीद नाम का व्यक्ति गाजियाबाद से दनकौर, ग्रेटर नोएडा स्थित अपने गांव जा रहा था। इसी दौरान उसे महसूस हुआ कि करीब एक महीने पुराना उसका स्मार्टफोन सामान्य से काफी ज्यादा गर्म हो रहा है। बताया गया कि फोन से धुआं निकलने लगा और इससे पहले कि वह उसे जेब से बाहर निकाल पाता, उसमें धमाका हो गया।

राहगीरों ने पहुंचाया अस्पताल

पोस्ट में दावा किया गया है कि घटना के बाद आसपास मौजूद लोगों ने तुरंत मजीद की मदद की और उसे नजदीकी अस्पताल पहुंचाया। फिलहाल उसका इलाज चलने की बात कही गई है। सोशल मीडिया पर शेयर की गई तस्वीरों में फोन काफी जला हुआ नजर आ रहा है। कथित तौर पर बैटरी वाले हिस्से को भारी नुकसान पहुंचा है और फोन का पिछला पैनल भी पिघला हुआ दिखाई देता है।

एक महीने पहले खरीदा था फोन?

वायरल Reddit पोस्ट के मुताबिक, मजीद ने यह फोन करीब एक महीने पहले ग्रेटर नोएडा के The Grand Venice Mall स्थित DG Com से खरीदा था। पोस्ट में यह भी दावा किया गया कि घटना से पहले फोन सामान्य रूप से काम कर रहा था। हालांकि, इन दावों और घटना की परिस्थितियों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। इसलिए फोन में खराबी या विस्फोट की वास्तविक वजह फिलहाल स्पष्ट नहीं है।

Samsung से जवाब मांग रहे यूजर्स

ये दावा @Cartidise द्वारा X पर भी साझा किया गया, घटना की खबर सोशल मीडिया पर फैलते ही कई यूजर्स ने Samsung को टैग करते हुए कंपनी से जवाब और घायल व्यक्ति के इलाज में मदद की मांग की। कुछ लोगों ने सवाल उठाया कि अगर फोन खरीदने के कुछ ही समय बाद ऐसी घटना हुई है, तो निर्माता की जिम्मेदारी क्या बनती है। वहीं, कुछ यूजर्स ने इसे Samsung के पुराने Galaxy Note 7 बैटरी विवाद से जोड़ते हुए कंपनी की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाए।

सोशल मीडिया पर छिड़ी फोन सेफ्टी की बहस

इस कथित घटना ने स्मार्टफोन की बैटरी और ओवरहीटिंग को लेकर एक बार फिर बहस छेड़ दी है। यूजर्स का कहना है कि महंगे फ्लैगशिप फोन से कम से कम इतनी उम्मीद जरूर होती है कि वे रोजमर्रा के इस्तेमाल में सुरक्षित रहें। हालांकि, फिलहाल यह केवल सोशल मीडिया पर वायरल दावा है और घटना के कारण, फोन की स्थिति तथा जिम्मेदारी तय करने के लिए आधिकारिक जांच की जानकारी सामने आना बाकी है।

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Dog Surgery Viral Video: 26 साल के करोड़पति ने ‘कुत्ता’ बनने के लिए उड़ाए 220 करोड़? वायरल वीडियो ने खड़े किए सवाल

सोशल मीडिया पर इन दिनों एक ऐसा वीडियो चर्चा में है, जिसने लोगों को हैरान कर दिया है। वायरल पोस्ट में दावा किया जा रहा है कि जापान के 26 वर्षीय करोड़पति जासो ने खुद को कुत्ते जैसा दिखाने के लिए करीब 220 करोड़ रुपये खर्च किए हैं। पोस्ट के मुताबिक, उन्होंने कई सर्जरी करवाईं और अब उनका हाव-भाव और रहन-सहन कुत्ते जैसा है। हालांकि, इस दावे की अब तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

करोड़ों रुपये खर्च करने का दावा

वायरल पोस्ट में कहा गया है कि जासो ने अपनी शक्ल और शरीर को कुत्ते जैसा बनाने के लिए बड़ी रकम खर्च की। दावा यह भी है कि सर्जरी के बाद वह कुत्ते की तरह चलने-फिरने और रहने की कोशिश करते हैं। वीडियो के साथ शेयर किया गया यह दावा सोशल मीडिया पर तेजी से फैल गया और देखते ही देखते लोग इस असामान्य कहानी पर अपनी प्रतिक्रियाएं देने लगे।

करोड़पति ने चुना ऐसा अजीब शौक?

वीडियो वायरल होने के बाद यूजर्स के बीच सबसे ज्यादा चर्चा इस बात को लेकर हुई कि अगर किसी व्यक्ति के पास करोड़ों रुपये हैं तो वह उन्हें अपनी पसंद के मुताबिक खर्च कर सकता है, लेकिन 220 करोड़ रुपये खर्च कर खुद को कुत्ते जैसा बनाने का दावा लोगों को असामान्य लगा। कुछ यूजर्स ने इस पर मजेदार टिप्पणियां कीं, जबकि कुछ ने इसे इंसान के अनोखे शौक की मिसाल बताया।

सोशल मीडिया पर छिड़ी बहस

पोस्ट के कमेंट सेक्शन में लोगों की प्रतिक्रियाएं भी अलग-अलग रहीं। कुछ लोगों ने मजाक करते हुए कहा कि आमतौर पर करोड़पति महंगी कार, बंगला या लग्जरी लाइफस्टाइल पर पैसा खर्च करते हैं, लेकिन यहां मामला बिल्कुल अलग है। वहीं, कुछ यूजर्स ने वीडियो को लेकर हैरानी जताई और कहा कि अगर यह दावा सही है तो इतनी बड़ी रकम खर्च करने का फैसला वाकई चौंकाने वाला है।

कुछ लोगों ने वीडियो पर ही उठाए सवाल

हर कोई वायरल दावे को सच मानने के लिए तैयार नहीं है। कई सोशल मीडिया यूजर्स ने सवाल किया कि वीडियो में दिखाई देने वाला व्यक्ति आखिर कौन है और क्या वाकई उसने इतनी बड़ी रकम सर्जरी पर खर्च की है। कुछ लोगों ने यह भी सवाल उठाया कि सोशल मीडिया पर वायरल होने वाली तस्वीरों और वीडियो के साथ कई बार अधूरी या गलत जानकारी जोड़ दी जाती है। ऐसे में केवल पोस्ट या वीडियो के आधार पर किसी बड़े दावे को सच मानना सही नहीं होगा।

अभी तक दावे की पुष्टि नहीं

फिलहाल जासो के बारे में किए जा रहे इन दावों की किसी विश्वसनीय आधिकारिक स्रोत से पुष्टि सामने नहीं आई है। इसलिए 220 करोड़ रुपये खर्च करने, कई सर्जरी कराने या कुत्ते जैसा जीवन जीने की बात को फिलहाल सोशल मीडिया का दावा ही माना जाना चाहिए। वीडियो जरूर तेजी से वायरल हो रहा है, लेकिन इसके पीछे की वास्तविक कहानी क्या है, यह आधिकारिक जानकारी सामने आने के बाद ही स्पष्ट हो पाएगी।

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