बारिश में समोसे खाने की हुई इच्छा, Swiggy से ऑर्डर किया तो 104 रुपये का बिल देख रह गई हैरान, वायरल पोस्ट पर लोगों ने दिए मजेदार रिएक्शन

बारिश के मौसम में समोसे खाने की छोटी सी ख्वाहिश सोशल मीडिया पर बड़ी चर्चा का कारण बन गई। X पर एक यूजर ने Swiggy से किए गए अपने ऑर्डर का अनुभव साझा किया, जिसमें कम कीमत ने सभी का ध्यान खींच लिया। पोस्ट में किए गए मजाकिया कमेंट के बाद यूजर्स ने फूड डिलीवरी प्लेटफॉर्म्स के डिस्काउंट, रेस्टोरेंट ऑफर्स और ऑनलाइन ऑर्डर की असली कीमत को लेकर बहस शुरू कर दी।

कुछ लोगों ने इसे शानदार डील बताया, तो कुछ ने कंपनियों के बिजनेस मॉडल और ग्राहकों की जेब पर पड़ने वाले असर पर सवाल उठाए। देखते ही देखते यह पोस्ट सोशल मीडिया पर वायरल हो गई और लोगों ने अपने-अपने अनुभव साझा करने शुरू कर दिए।

₹104 का बिल देख यूजर रह गई हैरान

X यूजर नलिनी उनागर ने बताया कि बारिश के दौरान उन्होंने Swiggy से 8 बड़े समोसे ऑर्डर किए। पूरे ऑर्डर का बिल सिर्फ ₹104 आया, जिसे देखकर वह खुद भी हैरान रह गईं। उन्होंने मजाकिया अंदाज में लिखा कि अगर Swiggy ऐसे ही भारी छूट देता रहा तो एक दिन दिवालिया हो जाएगा।

पोस्ट के साथ शेयर किया बिल

पोस्ट के साथ उन्होंने समोसों की तस्वीर और ऑर्डर का स्क्रीनशॉट भी शेयर किया। बिल में बारिश के कारण ₹5 रेन फीस, GST और अन्य शुल्क भी शामिल थे। इसके बावजूद कुल कीमत कई लोगों को काफी कम लगी।

यूजर्स बोले- ‘डिस्काउंट Swiggy नहीं, रेस्टोरेंट देता है’

पोस्ट वायरल होते ही कमेंट्स की बाढ़ आ गई। कई यूजर्स ने कहा कि यह छूट Swiggy नहीं बल्कि रेस्टोरेंट की ओर से दी जाती है, जबकि प्लेटफॉर्म अपना कमीशन अलग से लेता है। कुछ लोगों ने मजाक में कहा कि अगर कंपनी की इतनी चिंता है तो डिस्काउंट वापस कर देना चाहिए।

किसी ने तारीफ की, किसी ने उठाए सवाल

कुछ यूजर्स ने दावा किया कि कम कीमत की वजह पुराना स्टॉक हो सकता है, हालांकि पोस्ट करने वाली यूजर ने जवाब दिया कि समोसे बिल्कुल गर्म और ताजा थे। वहीं कुछ लोगों ने Swiggy की सर्विस पर सवाल उठाए, जबकि अन्य ने कंपनी की मजबूत वित्तीय स्थिति का हवाला देते हुए दिवालिया होने वाली बात को महज मजाक बताया।

बहस पहुंची सेहत और जेब तक

चर्चा सिर्फ डिस्काउंट तक सीमित नहीं रही। कुछ लोगों ने रात में समोसे खाने को सेहत के लिए ठीक नहीं बताया, जबकि कई यूजर्स का कहना था कि अगर यही समोसे सीधे दुकान से खरीदे जाते तो कीमत आधी से भी कम होती। इस तरह एक साधारण फूड ऑर्डर ने इंटरनेट पर कीमत, डिस्काउंट और ग्राहक अनुभव को लेकर दिलचस्प बहस छेड़ दी।

बिना चेतावनी एक ईमेल में गई नौकरी! वायरल पोस्ट ने छेड़ी जॉब सिक्योरिटी पर बहस

बिना चेतावनी एक ईमेल में गई नौकरी! वायरल पोस्ट ने छेड़ी जॉब सिक्योरिटी पर बहस

सोशल मीडिया पर एक वायरल पोस्ट ने एक बार फिर कॉर्पोरेट सेक्टर में नौकरी की सुरक्षा (Job Security) को लेकर बहस तेज कर दी है। पोस्ट में दावा किया गया कि एक कर्मचारी को अचानक ईमेल भेजकर नौकरी से हटा दिया गया, जिसके बाद इंटरनेट पर लोगों की प्रतिक्रियाओं की बाढ़ आ गई। इस घटना ने न केवल कंपनियों के कर्मचारियों के प्रति रवैये पर सवाल खड़े किए, बल्कि यह भी चर्चा शुरू कर दी कि क्या मौजूदा समय में बिना पूर्व सूचना या स्पष्ट संवाद के कर्मचारियों को नौकरी से निकालना एक सामान्य कॉर्पोरेट प्रथा बनती जा रही है। कई यूजर्स ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि आज के प्रतिस्पर्धी जॉब मार्केट में ऐसी घटनाएं पहले की तुलना में अधिक देखने को मिल रही हैं।

वहीं कुछ लोगों का मानना है कि कंपनियों और कर्मचारियों के बीच बेहतर संवाद और पारदर्शिता की जरूरत पहले से कहीं ज्यादा बढ़ गई है। इस वायरल पोस्ट ने रोजगार की स्थिरता और कॉर्पोरेट संस्कृति पर नई बहस को जन्म दे दिया है।

वायरल पोस्ट में क्या था?

X यूजर @coolcoder ने कथित तौर पर कर्मचारी हर्ष राणा को भेजे गए ईमेल का स्क्रीनशॉट साझा किया। पोस्ट के साथ उन्होंने लिखा, “बिना किसी चेतावनी या फीडबैक के नौकरी से निकाल दिया गया। क्या अब यह सामान्य बात हो गई है?” देखते ही देखते यह पोस्ट वायरल हो गई और हजारों यूजर्स ने अपनी राय रखनी शुरू कर दी।

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ईमेल में क्या लिखा था?

स्क्रीनशॉट के अनुसार, कंपनी ने ईमेल में बताया कि प्रोसेस रैंप-डाउन होने के कारण कर्मचारी को मौजूदा भूमिका से हटाया जा रहा है। ईमेल में 7 अगस्त 2026 को अंतिम कार्य दिवस (Last Working Day) बताया गया और कंपनी की सभी एसेट्स जमा कराने के साथ फुल एंड फाइनल (F&F) प्रक्रिया पूरी करने का निर्देश दिया गया।

फीडबैक या चेतावनी का नहीं था जिक्र

ईमेल में कहीं भी कर्मचारी के प्रदर्शन, किसी गलती या पहले दी गई चेतावनी का उल्लेख नहीं था। यही वजह रही कि सोशल मीडिया पर कई लोगों ने सवाल उठाया कि क्या कर्मचारी को निर्णय से पहले अपनी बात रखने या सुधार का कोई अवसर दिया गया था।

सोशल मीडिया पर लोगों की मिली-जुली प्रतिक्रिया

पोस्ट पर प्रतिक्रिया देते हुए कई यूजर्स ने कॉर्पोरेट कंपनियों की कार्यशैली पर सवाल उठाए। कुछ लोगों का कहना था कि कंपनियां मुनाफे को कर्मचारियों से ज्यादा महत्व देती हैं। वहीं कुछ ने पूछा कि क्या कर्मचारी को अचानक नौकरी जाने के बदले तीन महीने का वेतन या कोई मुआवजा मिलेगा।

‘आज के जॉब मार्केट में यह आम बात है’

कई यूजर्स ने अनुमान लगाया कि मामला कर्मचारी के प्रदर्शन का नहीं, बल्कि प्रोजेक्ट या काम खत्म होने से जुड़ा हो सकता है। वहीं कुछ लोगों ने कहा कि मौजूदा रोजगार बाजार में बिना पूर्व सूचना के छंटनी अब असामान्य नहीं रही और ऐसे मामले लगातार देखने को मिल रहे हैं।

एक इंजीनियर को मिले 20+ जॉब ऑफर, Adobe से Amazon तक कंपनियों की लगी लाइन! जानें सफलता का राज

एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर की सफलता की कहानी इन दिनों सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है। उन्होंने बताया कि अपने करियर सफर के दौरान उन्हें दुनिया की कई नामी प्रोडक्ट बेस्ड कंपनियों से 20 से ज्यादा जॉब ऑफर मिले। यह उपलब्धि हासिल करने के लिए उन्होंने लगातार मेहनत, सीखने और असफलताओं से आगे बढ़ने का रास्ता चुना। उनकी LinkedIn पोस्ट में सिर्फ ऑफर्स की संख्या नहीं, बल्कि उस संघर्ष और तैयारी की झलक भी दिखाई गई है, जिसने उन्हें इस मुकाम तक पहुंचाया।

बड़ी टेक कंपनियों से मिले इन ऑफर्स ने लोगों का ध्यान आकर्षित किया और कई यूजर्स ने उनकी मेहनत की जमकर तारीफ की। आखिर कैसे उन्होंने यह सफलता हासिल की और कौन-कौन सी बड़ी कंपनियों से मिले ऑफर? जानिए पूरी कहानी।

Adobe, Amazon और Tesla जैसी कंपनियों से मिले ऑफर

LinkedIn यूजर निशचय अग्रवाल ने अपनी पोस्ट में बताया कि जॉब सर्च के दौरान उन्हें कई बड़ी कंपनियों से ऑफर मिले। इनमें Adobe, Tesla, Salesforce, Amazon, JioHotstar, eBay, CRED, Twilio, Autodesk और कई अन्य प्रतिष्ठित कंपनियां शामिल हैं। उन्होंने यह भी बताया कि उन्हें एक इंटरनेशनल जॉब ऑफर भी मिला है।

कहा- यह सिर्फ कंपनियों के नाम की कहानी नहीं है

निशचय ने अपनी पोस्ट में साफ किया कि उनका मकसद सिर्फ बड़ी कंपनियों के नाम दिखाना नहीं है, बल्कि उस मेहनत और सफर को साझा करना है, जिसने उन्हें यहां तक पहुंचाया। उन्होंने लिखा कि यह कहानी कंपनी के लोगो की नहीं, बल्कि उस यात्रा की है जिसके पीछे लगातार मेहनत छिपी है।

रातों की मेहनत और कई असफल इंटरव्यू का नतीजा

इंजीनियर ने बताया कि इस मुकाम तक पहुंचने के लिए उन्होंने कई रातें सीखने में बिताईं। वीकेंड पर भी तैयारी की, कई इंटरव्यू में असफलता मिली और लंबे समय तक कोडिंग व डिबगिंग करते रहे।उन्होंने कहा कि कई बार आत्मविश्वास डगमगाया, लेकिन लगातार सीखने और आगे बढ़ने की आदत ने उन्हें सफलता दिलाई।

परिवार और टीम को दिया सफलता का श्रेय

निशचय ने अपने परिवार, मैनेजर्स, साथियों, रिक्रूटर्स और इंटरव्यू लेने वालों का आभार जताया। उन्होंने अपनी सफलता के लिए भगवान हनुमान का भी धन्यवाद किया और कहा कि हर चुनौती और अवसर ने उन्हें बेहतर इंजीनियर बनने में मदद की।

जॉब तलाशने वालों को दी खास सलाह

उन्होंने नौकरी की तैयारी कर रहे लोगों को सलाह दी कि वे अपनी शुरुआत की तुलना किसी और की सफलता के अगले पड़ाव से न करें। उनका कहना था कि हर व्यक्ति की अपनी यात्रा होती है। लगातार सीखते रहना, नई चीजें बनाना, आवेदन करते रहना और खुद पर भरोसा रखना जरूरी है।

सोशल मीडिया पर लोगों ने दिए मजेदार रिएक्शन

पोस्ट वायरल होने के बाद सोशल मीडिया यूजर्स ने निशचय की जमकर तारीफ की। कुछ लोगों ने उनकी सफलता को लेकर मजेदार कमेंट भी किए। एक यूजर ने मजाक में लिखा कि वह ऑफर लेटर ऐसे जमा कर रहे हैं जैसे पोकेमॉन कार्ड इकट्ठा किए जाते हैं। वहीं दूसरे यूजर ने कहा कि वह सफलता की “समस्या” से जूझ रहे हैं। कई लोगों ने उनकी उपलब्धि को प्रेरणादायक बताया और कहा कि ऐसी सफलता हर टेक प्रोफेशनल का सपना होती है।

वायरल पोस्ट ने बढ़ाई चर्चा

निशचय की कहानी LinkedIn से आगे बढ़कर अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म तक पहुंच गई। लोगों ने उनकी मेहनत, धैर्य और लगातार प्रयास को सराहा। कई यूजर्स ने इसे टेक इंडस्ट्री में सफलता पाने वालों के लिए प्रेरणा बताया।

66 लाख रुपये की नौकरी छोड़ने वाली महिला ने खोला राज, बताया क्यों कम वेतन वाली नौकरी लगी बेहतर

वायरल पोस्ट: बैंक में 100 करोड़, सिलिकॉन वैली छोड़ गांव लौटा, मियां-बीवी की लड़ाई की दुखदायी कहानी

इस कहानी का हीरो कभी सिलिकॉन वैली का चमकता सितारा था। आज गांव में रहकर वीडियो बनाता है, जिसमें संघर्ष की लकीरें साफ दिखती हैं। क्योंकि, जिंदगी में कभी-कभी सब कुछ होते हुए भी कुछ नहीं होता।

NEET Protest में छाई ये ‘देसी मां’, पोस्टर पर लिखी एक लाइन पढ़कर इंटरनेट हुआ दीवाना

दिल्ली में NEET परीक्षा को लेकर जारी विरोध प्रदर्शन इन दिनों पूरे देश का ध्यान अपनी ओर खींच रहा है। हजारों छात्र अपनी मांगों को लेकर सड़कों पर उतर रहे हैं और प्रदर्शन से जुड़ी कई तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे हैं। इसी बीच एक ऐसी तस्वीर सामने आई, जिसने आंदोलन के गंभीर माहौल में भी लोगों के चेहरों पर मुस्कान बिखेर दी। तस्वीर में दिखा एक अनोखा संदेश लोगों के दिलों को इस तरह छू गया कि देखते ही देखते वह इंटरनेट पर चर्चा का विषय बन गया। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X से लेकर अन्य मंचों तक लोग इसे जमकर शेयर कर रहे हैं और अपने-अपने अंदाज में प्रतिक्रिया दे रहे हैं।

कई यूजर्स इसे भारतीय माताओं के स्नेह, सख्ती और सुरक्षा की भावना का बेहतरीन उदाहरण बता रहे हैं, जबकि कुछ इसे विरोध प्रदर्शन की सबसे यादगार और दिल छू लेने वाली तस्वीर कह रहे हैं। यही वजह है कि यह फोटो अब सिर्फ एक वायरल पोस्ट नहीं, बल्कि लोगों के बीच चर्चा का खास विषय बन चुकी है।

एक तख्ती, जिसने जीत लिया इंटरनेट का दिल

इस तस्वीर को X (पहले ट्विटर) पर शेयर करते हुए कैप्शन लिखा गया, “Bro, whose mom is this?

Harsh Goenka ने शेयर किया Yamal और उनके छोटे भाई का Video, बोले- यही था फाइनल के बाद का सबसे पसंदीदा सीन

बीते एक महीने से जारी फीफा वर्ल्ड कप रविवार को खेले गए फाइनल के साथ ही खत्म हो गया। स्पेन ने फाइनल में अर्जेंटीना को 1-0 से हराकर दूसरी बार फुटबॉल वर्ल्ड कप जीत लिया। वहीं इस खिताबी मैच के बाद कई इमोशनल पल भी देखने को मिले। अर्जेंटीना के कप्तान लियोनेल मेसी हार के बाद भावुक हो गए। उन्होंने अपने से 20 साल छोटे स्पेनिश स्टार लामिन यमाल को गले लगाकर बधाई दी। वहीं यमाल के छोटे भाई का वीडियो भी सोशल मीडिया पर काफी छाया रहा।

यमाल के भाई ने लूटी महफिल

स्पेन फीफा वर्ल्ड कप 2026 में जहां 19 वर्षीय लामिन यमाल पर सभी की नजरें टिकी रहीं, वहीं मैदान के बाहर सबसे ज्यादा सुर्खियां बटोरी यमाल के महज 3 साल के छोटे भाई कीने यमाल ने। स्टेडियम की बड़ी स्क्रीन पर मासूम मुस्कान, कैमरे की तरफ मजेदार चेहरे बनाना, स्पेन के प्रशंसकों के बीच पूरे जोश से Vamos यानी Come on! चिल्लाना और हर मैच के बाद बड़े भाई लामिन को गले लगाती उनकी तस्वीर वर्ल्ड कप के दौरान खूब वायरल हुई। वहीं कीने यमाल के एक वीडियो को बिजनेसमैन हर्ष गोयनका ने भी पोस्ट किया है।

हर्ष गोयनका ने पोस्ट किया वीडियो

कीने यमाल के वीडियो को पोस्ट करते हुए हर्ष गोयनका ने कहा कि, ‘फाइनल मैच के बाद मेरा पसंदीदा सीन। यमाल के छोटे भाई ने उसे मैदान पर देखा और उत्साह के साथ दौड़कर उसे गले लगा लिया।’

स्पेन दूसरी बार बना चैंपियन

बता दें कि, अमेरिका के न्यूयार्क में 19 जुलाई को खेले गए फाइनल मुकाबले को स्पेन ने अपने नाम किया। स्पेन ने 16 साल बाद फुटबॉल वर्ल्ड कप का खिताब जीता। टीम ने न्यूयॉर्क के न्यू जर्सी स्टेडियम में खेले गए फाइनल में 2022 की चैंपियन अर्जेंटीना को 1-0 से हराया। स्पेन के लिए एक्स्ट्रा टाइम में फेरन टोरेस ने गोल किया। इसी के साथ स्पेन ने 2010 के बाद दूसरी बार ट्रॉफी अपने नाम की।

Viral Post: ‘न घर, न कार, न बड़ा बैंक बैलेंस’ 35 साल के इस शख्स ने बताई अपनी सबसे बड़ी दौलत

सोशल मीडिया पर इस समय एक शख्स की पोस्ट तेजी से वायरल हो रही है। इस पोस्ट में व्यक्ति ने लोगों से संपत्ति जोड़ने की बजाय अपनी सेहत को प्राथमिकता देने की बात कही है। शख्स के मुताबिक लाइफ में सबसे बड़ा निवेश अच्छी सेहत है, इसलिए घर और गाड़ी जैसी पारंपरिक उपलब्धियों से पहले स्वास्थ्य पर ध्यान देना ज्यादा जरूरी है। व्यक्ति का ये पोस्ट सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वहीं लोगों ने इस पर कई कमेंट किए हैं। आइए जानते हैं क्या है पूरी कहानी

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर आशीष जैन ने ये पोस्ट किया है। इस पोस्ट में आशीष जैन ने कहा कि उन्होंने भविष्य की जरूरत से ज्यादा चिंता करना छोड़ दिया और अपनी सेहत को सबसे ऊपर रखना शुरू किया। इसी सोच के साथ उन्होंने करीब एक साल पहले धूम्रपान छोड़ दिया और जंक फूड का सेवन भी काफी कम कर दिया।

सोशल मीडिया पर किया पोस्ट

आशीष जैन ने अपनी पोस्ट में लिखा, “मैं 35 साल का हूं। मेरे पास न अपना घर है, न कार, न बड़ा बैंक बैलेंस, न स्टॉक्स या म्यूचुअल फंड्स का बड़ा पोर्टफोलियो और न ही कोई शानदार नौकरी। लेकिन मैं एक अच्छे किराए के घर में रहता हूं, जरूरत पड़ने पर Uber से सफर कर लेता हूं और मुझ पर कोई कर्ज नहीं है। पिछले साल के मुकाबले मेरी सेहत बेहतर हुई है, मानसिक रूप से भी मैं पहले से ज्यादा मजबूत महसूस करता हूं।” आशीष जैन ने अपनी पोस्ट में बताया कि पिछले एक साल के दौरान उनकी शारीरिक और मानसिक सेहत पहले से काफी बेहतर हुई है।

 

तनाव लेना कम कर दिया

उनका कहना है कि उन्होंने उन छोटी-छोटी बातों की चिंता करना छोड़ दिया है, जिनका भविष्य में कोई खास महत्व नहीं रहेगा। पोस्ट में आशीष ने आगे लिखा, “मैंने उन छोटी-छोटी बातों पर तनाव लेना छोड़ दिया, जिनका एक साल बाद कोई मतलब नहीं रहेगा। मैंने खुद पर घर या कार खरीदने का दबाव डालना बंद कर दिया और भविष्य की जरूरत से ज्यादा चिंता भी छोड़ दी है। अब मेरा पूरा ध्यान अपने शरीर और दिमाग को बेहतर बनाने पर है। एक साल से ज्यादा समय हो गया है, मैंने स्मोकिंग छोड़ दी है और जंक फूड भी काफी कम कर दिया है। हर चीज जानना या हर लक्ष्य हासिल करना जरूरी नहीं है। जिंदगी जैसे चल रही है, उसे स्वीकार करें और सबसे पहले खुद पर ध्यान दें।” सोशल मीडिया पर ये पोस्ट तेजी से वायरल हो रहा है।

लोगों ने किया कमेंट

पोस्ट पर कई यूजर्स ने आशीष जैन की सोच का समर्थन किया। एक यूजर ने लिखा, “जीरो कर्ज, भविष्य की जीरो टेंशन, स्मोकिंग छोड़ना और दूसरों से तुलना न करना… यह उन कई 35 साल के लोगों से कहीं बेहतर बैलेंस शीट है जिन्हें मैं जानता हूं।” एक अन्य यूजर ने कहा, “मैं आपकी बात से पूरी तरह सहमत हूं। यही जिंदगी जीने का सबसे व्यावहारिक तरीका है। हमेशा आभार के साथ जिएं और यह समझें कि असली मुकाबला खुद से होता है, किसी और की इंस्टाग्राम लाइफस्टाइल से नहीं।” वहीं, एक तीसरे यूजर ने लिखा, “दूसरों से तुलना करने पर मंजिल हमेशा दूर होती जाती है, लेकिन मन की शांति नहीं मिलती। पहले अंदर से मजबूत बनिए, उसके बाद बाकी चीजें हासिल करना आसान हो जाएगा।”