सैलरी नहीं, ये 5 आदतें खाली कर रही हैं आपकी जेब! बेंगलुरु के क्रिएटर ने बताया बचत का तरीका

बेंगलुरु के कंटेंट क्रिएटर अक्षय सीएन ने लोगों का ध्यान बचत से जुड़ी एक अहम समस्या की ओर दिलाया है। उनका कहना है कि कम सैलरी नहीं, बल्कि रोजाना होने वाले छोटे-छोटे खर्च कई बार आर्थिक स्थिति को प्रभावित करते हैं। उन्होंने सोशल मीडिया पर एक वीडियो शेयर कर बताया कि फूड डिलीवरी, कैब राइड, गैरजरूरी शॉपिंग, बेकार सब्सक्रिप्शन और बिना प्लानिंग के वीकेंड खर्च जैसी आदतें धीरे-धीरे बड़ी रकम में बदल जाती हैं।

अक्षय के मुताबिक, ज्यादा कमाई करने वाले लोग भी अगर खर्चों पर नजर नहीं रखते तो बचत नहीं कर पाते। वहीं सीमित आय वाले लोग सही प्लानिंग के जरिए पैसे बचा सकते हैं। उनकी पोस्ट ने सोशल मीडिया पर लोगों के बीच खर्च करने की आदतों और बेहतर वित्तीय प्रबंधन को लेकर चर्चा शुरू कर दी है।

वायरल वीडियो में बताए पैसे खत्म करने वाले कारण

Instagram पेज @bangalore_viral चलाने वाले अक्षय सीएन ने एक वीडियो शेयर कर ऐसी 5 आदतों के बारे में बताया, जो धीरे-धीरे हर महीने की बचत को कम कर देती हैं। इनमें बार-बार ऑनलाइन फूड ऑर्डर करना, कैब पर ज्यादा खर्च, बेवजह खरीदारी, बिना इस्तेमाल वाले सब्सक्रिप्शन और बिना बजट के वीकेंड प्लान शामिल हैं।

‘समस्या सैलरी नहीं, अनदेखे खर्च हैं’

अक्षय ने पोस्ट के कैप्शन में लिखा कि कई लोग सोचते हैं कि सैलरी बढ़ने के बाद बचत शुरू करेंगे। लेकिन उनके मुताबिक, असली फर्क कमाई से ज्यादा पैसों को लेकर जागरूकता का होता है। उन्होंने बताया कि कुछ लोग 40 हजार रुपये कमाकर भी बचत कर लेते हैं, जबकि लाखों की आय वाले लोग भी महीने के अंत में परेशान रहते हैं।

छोटे खर्च कैसे बन जाते हैं बड़ा बोझ

अक्षय ने उदाहरण देते हुए बताया कि एक बार का ₹300 का कैब राइड ज्यादा बड़ा खर्च नहीं लगता, लेकिन महीने में 20 बार लेने पर यही रकम काफी बढ़ जाती है। इसी तरह रोजाना फूड डिलीवरी, सेल के नाम पर खरीदारी और छोटे-छोटे डिजिटल पेमेंट लंबे समय में जेब पर भारी असर डाल सकते हैं।

सब्सक्रिप्शन और वीकेंड खर्च पर भी दी चेतावनी

उन्होंने कहा कि कई लोग ऐसे ऐप्स और सेवाओं के लिए पैसे देते रहते हैं, जिनका इस्तेमाल तक नहीं करते। वहीं हर वीकेंड बाहर जाने की आदत भी बिना प्लानिंग के बजट बिगाड़ सकती है। उनके अनुसार, समस्या बाहर जाने में नहीं बल्कि बिना हिसाब के खर्च करने में है।

30 दिन वाला सवाल बदल सकता है खर्च की आदत

अक्षय ने पैसे बचाने का एक आसान तरीका भी साझा किया। उन्होंने बताया कि कोई भी चीज खरीदने से पहले वह खुद से पूछते हैं,”क्या मैं 30 दिन बाद भी इस खरीदारी से खुश रहूंगा?” उनके मुताबिक, इस एक सवाल ने उन्हें बेहतर वित्तीय फैसले लेने में मदद की है।

सोशल मीडिया पर लोगों ने दी प्रतिक्रिया

अक्षय की पोस्ट पर कई यूजर्स ने सहमति जताई। कुछ लोगों ने कहा कि रोजमर्रा के खर्चों की वजह से महीने के अंत तक पैसे बचाना मुश्किल हो जाता है। वहीं कई यूजर्स ने माना कि बचत के लिए ज्यादा कमाई से ज्यादा खर्चों पर नियंत्रण जरूरी है।

बारिश में समोसे खाने की हुई इच्छा, Swiggy से ऑर्डर किया तो 104 रुपये का बिल देख रह गई हैरान, वायरल पोस्ट पर लोगों ने दिए मजेदार रिएक्शन

बारिश में समोसे खाने की हुई इच्छा, Swiggy से ऑर्डर किया तो 104 रुपये का बिल देख रह गई हैरान, वायरल पोस्ट पर लोगों ने दिए मजेदार रिएक्शन

बारिश के मौसम में समोसे खाने की छोटी सी ख्वाहिश सोशल मीडिया पर बड़ी चर्चा का कारण बन गई। X पर एक यूजर ने Swiggy से किए गए अपने ऑर्डर का अनुभव साझा किया, जिसमें कम कीमत ने सभी का ध्यान खींच लिया। पोस्ट में किए गए मजाकिया कमेंट के बाद यूजर्स ने फूड डिलीवरी प्लेटफॉर्म्स के डिस्काउंट, रेस्टोरेंट ऑफर्स और ऑनलाइन ऑर्डर की असली कीमत को लेकर बहस शुरू कर दी।

कुछ लोगों ने इसे शानदार डील बताया, तो कुछ ने कंपनियों के बिजनेस मॉडल और ग्राहकों की जेब पर पड़ने वाले असर पर सवाल उठाए। देखते ही देखते यह पोस्ट सोशल मीडिया पर वायरल हो गई और लोगों ने अपने-अपने अनुभव साझा करने शुरू कर दिए।

₹104 का बिल देख यूजर रह गई हैरान

X यूजर नलिनी उनागर ने बताया कि बारिश के दौरान उन्होंने Swiggy से 8 बड़े समोसे ऑर्डर किए। पूरे ऑर्डर का बिल सिर्फ ₹104 आया, जिसे देखकर वह खुद भी हैरान रह गईं। उन्होंने मजाकिया अंदाज में लिखा कि अगर Swiggy ऐसे ही भारी छूट देता रहा तो एक दिन दिवालिया हो जाएगा।

पोस्ट के साथ शेयर किया बिल

पोस्ट के साथ उन्होंने समोसों की तस्वीर और ऑर्डर का स्क्रीनशॉट भी शेयर किया। बिल में बारिश के कारण ₹5 रेन फीस, GST और अन्य शुल्क भी शामिल थे। इसके बावजूद कुल कीमत कई लोगों को काफी कम लगी।

यूजर्स बोले- ‘डिस्काउंट Swiggy नहीं, रेस्टोरेंट देता है’

पोस्ट वायरल होते ही कमेंट्स की बाढ़ आ गई। कई यूजर्स ने कहा कि यह छूट Swiggy नहीं बल्कि रेस्टोरेंट की ओर से दी जाती है, जबकि प्लेटफॉर्म अपना कमीशन अलग से लेता है। कुछ लोगों ने मजाक में कहा कि अगर कंपनी की इतनी चिंता है तो डिस्काउंट वापस कर देना चाहिए।

किसी ने तारीफ की, किसी ने उठाए सवाल

कुछ यूजर्स ने दावा किया कि कम कीमत की वजह पुराना स्टॉक हो सकता है, हालांकि पोस्ट करने वाली यूजर ने जवाब दिया कि समोसे बिल्कुल गर्म और ताजा थे। वहीं कुछ लोगों ने Swiggy की सर्विस पर सवाल उठाए, जबकि अन्य ने कंपनी की मजबूत वित्तीय स्थिति का हवाला देते हुए दिवालिया होने वाली बात को महज मजाक बताया।

बहस पहुंची सेहत और जेब तक

चर्चा सिर्फ डिस्काउंट तक सीमित नहीं रही। कुछ लोगों ने रात में समोसे खाने को सेहत के लिए ठीक नहीं बताया, जबकि कई यूजर्स का कहना था कि अगर यही समोसे सीधे दुकान से खरीदे जाते तो कीमत आधी से भी कम होती। इस तरह एक साधारण फूड ऑर्डर ने इंटरनेट पर कीमत, डिस्काउंट और ग्राहक अनुभव को लेकर दिलचस्प बहस छेड़ दी।

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