अकेले कचरे से भरी नदी साफ करने वाले ‘बिट्टू तबाही’ की बदली किस्मत, डच CEO ने दिया नौकरी का ऑफर

मध्य प्रदेश के राजगढ़ जिले के ब्यावरा के 20 वर्षीय सुरेंद्र सिंह चौधरी, जिन्हें सोशल मीडिया पर ‘Bittu Tabahi’ के नाम से पहचान मिली है, इन दिनों अपनी मेहनत के कारण सुर्खियों में हैं। सुरेंद्र ने कचरे से भरी अजनार नदी की सफाई का बीड़ा खुद उठाया और कई महीनों तक लगातार वहां से प्लास्टिक, गंदगी और जमा मलबा हटाते रहे। उनके इस काम के वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुए, जिसके बाद उनकी कोशिशों की चर्चा दूर तक पहुंची। अब उनकी इसी पहल ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी ध्यान खींचा है।

नीदरलैंड की पर्यावरण संस्था The Ocean Cleanup के संस्थापक और CEO बॉयन स्लैट ने सोशल मीडिया पर सुरेंद्र के काम को देखते हुए उन्हें अपने साथ काम करने का सीधा ऑफर दिया है। इस खबर के सामने आने के बाद सुरेंद्र की कहानी को लेकर सोशल मीडिया पर लोग उत्साहित हैं। एक छोटे से शहर का यह युवा अब नदी सफाई के अपने जुनून के कारण वैश्विक मंच तक पहुंचने की ओर बढ़ रहा है।

सोशल मीडिया पोस्ट पर CEO ने कहा- हमारे साथ काम करो

अजनार नदी की सफाई के दौरान सुरेंद्र के काम का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। एक यूजर ने X पर उनकी तस्वीरों के साथ पोस्ट शेयर की, जिसमें नदी की सफाई से पहले और बाद की तस्वीरें दिखाई गई थीं।

पोस्ट पर बॉयन स्लैट की नजर पड़ी। उन्होंने बिना ज्यादा कुछ कहे सीधे लिखा, “Come work for us.”

डच के CEO का यह छोटा-सा जवाब सोशल मीडिया पर तेजी से चर्चा का विषय बन गया।

लोगों ने कहा- जिंदगी का सबसे बड़ा मौका

बॉयैन स्लैट के ऑफर के बाद यूजर्स ने सुरेंद्र को बधाई देना शुरू कर दिया। कई लोगों ने इसे उनके लिए शानदार अवसर बताया। एक यूजर ने लिखा कि उम्मीद है यह ऑफर गंभीर है और सुरेंद्र को यह मौका जरूर हासिल करना चाहिए।

दूसरे यूजर ने इसे ‘ऑफर ऑफ ए लाइफटाइम’ तक बता दिया।

कौन हैं Bittu Tabahi?

सुरेंद्र सिंह चौधरी ब्यावरा, राजगढ़, मध्य प्रदेश से आते हैं। उनके सोशल मीडिया वीडियो में उन्हें अजनार नदी से प्लास्टिक, कचरा, गंदगी और जमा हुआ मलबा खुद निकालते देखा जा सकता है।बताया जाता है कि उन्होंने इस सफाई अभियान की शुरुआत जनवरी में की थी। लगातार मेहनत के बाद नदी के एक हिस्से का पूरा रूप बदल गया और वहां जमा कचरा काफी हद तक साफ हो गया।

सफाई अभियान में अपनी जेब से लगाए पैसे

एक डिजिटल कंटेंट क्रिएटर के मुताबिक, सुरेंद्र अब तक इस सफाई अभियान पर करीब ₹30,000 खर्च कर चुके हैं। यानी सोशल मीडिया पर लोकप्रियता हासिल करने से पहले उन्होंने इस काम में अपना समय, मेहनत और पैसा लगाया।

आनंद महिंद्रा भी कर चुके हैं तारीफ

सुरेंद्र के काम की चर्चा इससे पहले उद्योगपति आनंद महिंद्रा तक भी पहुंच चुकी है। उन्होंने मार्च में सोशल मीडिया पर सुरेंद्र की तारीफ करते हुए कहा था कि अगर सोशल मीडिया पर मिलने वाले ‘लाइक्स’ किसी अच्छे काम की वजह बनते हैं, तो इसमें कोई बुराई नहीं है।

उन्होंने सुरेंद्र को अपनी #MondayMotivation पोस्ट का हिस्सा भी बनाया था।

कौन हैं बॉयन स्लैट?

बॉयैन स्लैट नीदरलैंड के इनोवेटर और उद्यमी हैं और The Ocean Cleanup के संस्थापक हैं। उनकी संस्था समुद्रों और नदियों में जमा प्लास्टिक को हटाने के लिए तकनीकी समाधान विकसित करती है।

संस्था का लक्ष्य 2040 तक समुद्र में मौजूद तैरते प्लास्टिक का 90 फीसदी हिस्सा हटाना है। ऐसे में नदी की सफाई में जुटे एक युवा भारतीय को खुद CEO की ओर से मिला ऑफर उसके काम की अंतरराष्ट्रीय पहचान के तौर पर देखा जा रहा है।

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Flood News: बिहार के 13 जिलों में खतरे के निशान को पार कर गईं गंगा! कोसी नदी भी उफान पर, अलर्ट मोड में NDRF-SDRF

Flood News: बिहार में शुक्रवार को भी हाई अलर्ट जारी रहा क्योंकि नेपाल और पड़ोसी राज्य झारखंड में हुई भारी बारिश के बाद गंगा समेत कई नदियों का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। इसके कारण राज्य के कई जिलों में बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं। वहीं, मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने प्रभावित इलाकों का हवाई सर्वेक्षण किया और बचाव, राहत और तटबंधों की सुरक्षा के इंतजामों का जायजा लिया। अधिकारियों ने बताया कि अब तक किसी के हताहत होने की खबर नहीं है और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सुरक्षित जगहों पर पहुंचाया जा रहा है।

जल संसाधन विभाग के मुताबिक, गंगा, गंडक, कोसी, बूढ़ी गंडक, बागमती, पुनपुन और घाघरा समेत कई नदियों का जलस्तर बढ़ रहा है। वहीं, पटना में दीघा घाट, गांधी घाट, हथिदह और मनेर के अलावा बक्सर, मुंगेर, भागलपुर और कहलगांव में गंगा का पानी खतरे के निशान से ऊपर बह रहा है।

खतरे के निशान पर गंगा नदी

गांधी घाट पर गंगा का जलस्तर 1 सितंबर की सुबह 49.40 मीटर था, जो 2 सितंबर की शाम बढ़कर 49.98 मीटर और 3 सितंबर की सुबह 50.18 मीटर हो गया। गुरुवार दोपहर तक जलस्तर 50.25 मीटर पहुंच गया था, जो खतरे के निशान से करीब 1.65 मीटर ऊपर है। विभाग ने अनुमान जताया था कि गुरुवार रात गांधी घाट पर गंगा का पानी सबसे ऊंचे बाढ़ स्तर (HFL) को पार कर सकता है। वहीं, मोकामा के हथिदह में शुक्रवार दोपहर तक यह स्तर पार होने की आशंका जताई गई थी।

News 18 की एक रिपोर्ट के अनुसार, बाढ़ जैसे हालात ने पटना, वैशाली, मुजफ्फरपुर, भागलपुर, भोजपुर, खगड़िया, पूर्णिया, मधेपुरा, सहरसा और कटिहार के निचले इलाकों को प्रभावित किया है। इसके अलावा, आठ जिलों – भोजपुर, पटना, सारण, वैशाली, नालंदा, बेगूसराय, लखीसराय और जहानाबाद – को हाई अलर्ट पर रखा गया है और अधिकारियों को संवेदनशील इलाकों में रहने वाले लोगों को चेतावनी देने का निर्देश दिया गया है।

मुंगेर में, गंगा का जलस्तर 39.33 मीटर के चेतावनी स्तर को पार करते हुए 39.36 मीटर (खतरे का निशान) तक पहुंच गया, जिससे सात पंचायतें जलमग्न हो गईं और घरों में पानी घुस गया। News 18 की रिपोर्ट के मुताबिक, समस्तीपुर में गंगा का जलस्तर खतरे के निशान से लगभग 1.95 मीटर ऊपर पहुंचने के बाद 15 पंचायतों में बाढ़ का पानी घुस गया।

अरवल में पुनपुन नदी के बढ़ने से 30 गांव डूबे

अरवल में भी हालात गंभीर बताए गए, जहां पुनपुन नदी के पानी से कुर्था और बंसी ब्लॉक के लगभग 30 गांव डूब गए, जिससे सड़क संपर्क टूट गया और बंसी पुलिस स्टेशन में भी पानी भर गया। सारण में सोनपुर, छपरा सदर, दिघा और रेवेलगंज को संवेदनशील इलाकों के तौर पर चिह्नित किया गया।

अमर उजाला के अनुसार, बेगूसराय के मटिहानी ब्लॉक में बाढ़ का पानी 17 सरकारी स्कूलों तक पहुंच गया, जबकि गया के मानपुर ब्लॉक में पेमार नदी के पानी ने अमरी और बरसाना गांवों तक जाने वाली सड़क को डुबो दिया।

प्रभावित लोगों के लिए राहत शिविर और मेडिकल की सुविधाएं की गई

वहीं, अधिकारियों ने प्रभावित लोगों के लिए राहत शिविर, मेडिकल सुविधाएं, पीने का पानी, भोजन और दूसरी जरूरी चीजों की व्यवस्था की है। बचाव कार्य के लिए SDRF और NDRF की टीमें, गोताखोर और नावें तैनात की गई हैं। विस्थापित परिवारों के लिए सामुदायिक रसोई भी शुरू की जा रही हैं।

सोनपुर में 25 नावें चल रही हैं। इसके अलावा वहां 1,000 पॉलीथिन शीट भेजी गई हैं, जबकि 500 पॉलीथिन शीट दीघा भेजी गई हैं।

पटना में 108 जगहों को सील किया गया

पटना में, शहर की सुरक्षा दीवार के पास 108 जगहों को सील किया गया, 13 स्लुइस-गेट के लीकेज को ठीक किया गया और पंपिंग स्टेशनों को तैयार रखा गया। पुनपुन नदी पर बना एक रिंग तटबंध भी टूट गया, जिससे मुख्य बांध को खतरा पैदा हो गया।

आपदा प्रबंधन विभाग ने लोगों को सलाह दी कि वे नदियों, घाटों, तटबंधों और पानी से भरे इलाकों में बेवजह न जाएं। साथ ही, बच्चों, बुजुर्गों और दिव्यांगों को ऐसी जगहों से दूर रखने की अपील की। ​​विभाग ने नदियों के पास तैरने, बेवजह नाव की सवारी करने और सेल्फी लेने के खिलाफ भी चेतावनी दी।

तेजस्वी यादव ने  NDA सरकार पर साधा निशाना

विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव ने NDA सरकार पर बाढ़ से निपटने की अपर्याप्त तैयारी और राहत कार्यों में कमी का आरोप लगाया और कहा कि 15 से ज्यादा जिले प्रभावित हुए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि कटाव और बाढ़ से मक्का और सब्जियों की फसलें बर्बाद हो गईं, जबकि बिजली कटौती, पीने के पानी की कमी और कनेक्टिविटी बाधित होने से ग्रामीणों को जरूरी चीजों के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है। उन्होंने दियारा इलाकों को बाढ़ प्रभावित घोषित करने की भी मांग की।

केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विदेश यात्रा से लौटने के बाद चौधरी के साथ हालात का जायजा लिया और केंद्र व बिहार सरकार “युद्ध स्तर पर” काम कर रही हैं।

भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने आने वाले दिनों में और बारिश व गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ने का अनुमान जताया है। इससे नदियों का जलस्तर और बढ़ने की चिंता बढ़ गई है। बिहार के पटना, गया, मुजफ्फरपुर और भागलपुर समेत कई जिलों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है। इन इलाकों में 50 किलोमीटर प्रति घंटे तक की तेज हवाएं चलने की भी संभावना है। वहीं, गुरुवार को देश के करीब 20 राज्यों में बारिश और आंधी-तूफान को लेकर चेतावनी जारी की गई थी।

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Coimbatore Incident: कोयंबटूर में एक चौंकाने वाली घटना का CCTV फुटेज वायरल हो रहा है। जिसमें दो आवारा कुत्ते तब बीच-बचाव करते दिखे जब एक 17 साल के लड़के ने कथित तौर पर मानसिक रूप से बीमार महिला के साथ यौन उत्पीड़न की कोशिश की। यह घटना गुरुवार सुबह थुडियालुर के पास रेलवे ओवरब्रिज की सर्विस रोड पर हुई। खबरों के मुताबिक, बाद में लड़के की पहचान हुई और उसी दिन पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया।

पुलिस के अनुसार, महिला सड़क किनारे दो आवारा कुत्तों के पास बैठी थी, तभी शराब के नशे में धुत लड़का उसके पास पहुंचा। CCTV फुटेज में कथित तौर पर उसे महिला से बात करते और फिर पत्थर उठाकर कुत्तों को भगाने की कोशिश करते देखा गया। कुत्ते वहां से हट तो गए, लेकिन उस पर भौंकते रहे।

इसके बाद लड़के ने कथित तौर पर महिला के साथ यौन उत्पीड़न की कोशिश की। महिला मदद के लिए चिल्लाई, जिसके बाद दो कुत्तों ने कथित तौर पर उस पर झपट्टा मारा, उसके पैरों को काटा और उसे महिला से दूर खींच लिया।

इसके बाद वह लड़का वहां से भाग गया और कथित तौर पर एक कुत्ता उसके पीछे भागा। बाद में पुलिस ने CCTV फुटेज की मदद से लड़के की पहचान की और उसे गिरफ्तार कर लिया। फिलहाल, मामले की आगे जांच चल रही है।

इंटरनेट पर प्रतिक्रिया

इस घटना ने ऑनलाइन प्रतिक्रियाओं का दौर शुरू कर दिया है। कई यूजर्स आवारा कुत्तों की तारीफ कर रहे हैं कि उन्होंने बीच-बचाव किया और साथ ही समाज द्वारा कम्युनिटी जानवरों के साथ किए जाने वाले व्यवहार पर सवाल भी उठा रहे हैं।

एक यूजर ने लिखा, “भारत, जरा ध्यान से देखो कि हम किसे ‘खतरा’ कहते हैं।” कोयंबटूर में रात करीब 2:30 बजे, दो कम्युनिटी डॉग्स तब हीरो बन गए जब एक आदमी ने कथित तौर पर एक कमजोर महिला के साथ छेड़छाड़ करने की कोशिश की। भगाए जाने के बाद, कुत्ते वापस आए और उनमें से एक ने कथित तौर पर आरोपी पर हमला कर दिया, जिससे उसे भागना पड़ा और महिला की जान बच गई। बाद में पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया। कम्युनिटी डॉग्स बेकार चीज नहीं हैं। वे सुरक्षा करते हैं, साथ रहते हैं और अक्सर इंसानों से ज्यादा इंसानियत दिखाते हैं।

एक और यूजर ने भी देसी कुत्तों की तारीफ की। “हमारे गली के कुत्ते सच में बहुत समझदार होते हैं! यह उन अनगिनत मामलों में से एक है जहां उन्होंने गली में महिलाओं को बुरे लोगों से बचाया है। यहां इन कुत्तों ने एक मानसिक रूप से कमजोर महिला को उस आदमी से बचाया जो उसका फायदा उठाने की कोशिश कर रहा था। देसी कुत्ते सबसे अच्छे होते हैं।”

कुछ यूज़र्स ने महिलाओं की सुरक्षा के मामले में सरकार की बेरुखी पर भी सवाल उठाए। “डोगेशभाई सरकार और अधिकारियों, दोनों का काम अकेले कर रहे हैं… सोचता हूं कि ये कौन से ‘मर्द’ हैं जो चाहते हैं कि महिलाओं की सुरक्षा करने वालों को ‘हटा’ दिया जाए?”

एक और यूजर ने कहा, “कुत्ते इंसानों के वफादार दोस्त और रक्षक होते हैं।” वहीं एक और यूजर ने कमेंट किया, “सड़क किनारे सड़ा-गला और कचरा खाना खाने वाले आवारा देसी कुत्तों में, हर समय ताजा बनी बिरयानी खाने वाले इंसानों के मुकाबले ज्यादा इंसानियत, नागरिक समझ और आम नागरिक वाली समझ होती है। अब समय आ गया है कि इंसानी सभ्यता खत्म हो जाए।”

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बेंगलुरु में कैब चलाकर Uber Black ड्राइवर ने एक हफ्ते में कमाए ₹46000, कमाई देखकर सोशल मीडिया यूजर्स हुए हैरान

बेंगलुरु जैसे व्यस्त शहर में कैब चलाना किसी के लिए सिर्फ रोजगार हो सकता है, लेकिन एक Uber Black ड्राइवर ने अपनी कमाई और रोजमर्रा की जिंदगी की झलक दिखाकर सोशल मीडिया पर लोगों को चौंका दिया। Instagram पर वायरल हुए एक वीडियो में Hamtor Debbarma ने बताया कि वह किस तरह अपने दिन की शुरुआत करते हैं, शहर में यात्रियों को छोड़ते हैं और इसी काम के जरिए एक सप्ताह में ₹46,000 से ज्यादा कमा लेते हैं।

सुबह की शुरुआत से सड़क तक का सफर

वीडियो की शुरुआत Hamtor की सुबह की दिनचर्या से होती है। वह उठकर ब्रश करते हैं, नहाते हैं, नाश्ता तैयार करते हैं और काम पर जाने से पहले अपने कपड़े प्रेस करते हैं। इसके बाद वह घर पर अपने काम की तैयारी करते हैं और Uber ड्राइवर की पहचान वाली सफेद शर्ट और काली पैंट पहनकर निकलते हैं।

काम शुरू करने से पहले वह अपनी कार की सफाई भी करवाते हैं। इसके बाद बेंगलुरु की सड़कों पर उनका सफर शुरू होता है, जहां वीडियो में उनकी कुछ राइड्स की छोटी-छोटी झलकियां दिखाई गई हैं।

कैब ड्राइविंग है साइड हसल

Hamtor ने बताया कि Uber Black के लिए ड्राइविंग करना उनका मुख्य काम नहीं, बल्कि एक साइड हसल है। उनके प्रोफाइल के मुताबिक उन्होंने B.Com की पढ़ाई Yenepoya University से की है और वह क्रिप्टो तथा फॉरेक्स ट्रेडिंग में भी रुचि रखते हैं।

वीडियो में वह दिनभर की व्यस्तता के बीच एक परिचित के साथ लंच करते हुए भी नजर आते हैं। यानी उनका दिन सिर्फ ड्राइविंग तक सीमित नहीं रहता, बल्कि काम और निजी जिंदगी के बीच संतुलन की भी झलक देता है।

एक हफ्ते की कमाई ने चौंकाया

वीडियो का सबसे ज्यादा ध्यान खींचने वाला हिस्सा उनकी साप्ताहिक कमाई थी। उनके फोन की स्क्रीन पर एक सप्ताह की कमाई ₹46,022.30 दिखाई दी। इस आंकड़े को देखकर कई सोशल मीडिया यूजर्स हैरान रह गए। वीडियो के अंत में Hamtor ने अपने फॉलोअर्स के लिए एक संदेश भी साझा किया उन्होंने लोगों को विनम्र और जमीन से जुड़े रहने की सलाह दी और याद दिलाया कि कोई भी पद या स्थिति हमेशा के लिए नहीं रहती।

सोशल मीडिया पर लोगों ने क्या कहा?

वीडियो वायरल होने के बाद लोगों ने अलग-अलग तरह से प्रतिक्रिया दी। कई यूजर्स ने उनकी मेहनत और काम के प्रति रवैये की तारीफ की। कुछ लोगों ने मजाकिया अंदाज में कहा कि उनकी जिंदगी कॉरपोरेट नौकरी करने वालों से ज्यादा शानदार नजर आ रही है। एक यूजर ने लिखा कि उनकी जिंदगी अपनी जिंदगी से ज्यादा फैंसी लग रही है। वहीं एक अन्य ने कहा कि यह कमाई कॉरपोरेट नौकरी से कहीं बेहतर है।

कुछ लोगों ने इसे IT और कॉरपोरेट सेक्टर में काम करने वालों के लिए उम्मीद से जोड़कर देखा। एक कमेंट में कहा गया कि ऐसी कहानी IT प्रोफेशनल्स को भी नई संभावनाओं के बारे में सोचने की प्रेरणा देती है।

‘काम कोई छोटा नहीं होता’

इस पोस्ट पर एक यूजर ने अपने बेटे का उदाहरण देते हुए Hamtor और ऐसे काम करने वाले लोगों की तारीफ की। उन्होंने कहा कि हर क्षेत्र में पढ़े-लिखे और मेहनती लोगों की जरूरत है और अपने सपनों तक पहुंचने तक अपने काम का आनंद लेना चाहिए।

इस पूरी कहानी ने एक बार फिर यह सवाल सामने रखा है कि सफलता को सिर्फ पारंपरिक 9-5 नौकरी के पैमाने से क्यों देखा जाए। Hamtor की कहानी सोशल मीडिया पर इसलिए भी चर्चा में है क्योंकि उन्होंने अपने काम को छिपाने के बजाय उसे खुले तौर पर दिखाया और अपनी मेहनत से जुड़ी कमाई भी लोगों के साथ साझा की।

डिस्क्लेमर: यह रिपोर्ट सोशल मीडिया पर यूज़र द्वारा शेयर किए गए कंटेंट पर आधारित है। मनीकंट्रोल इन दावों की न तो स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं करता है और न ही इनका समर्थन करता है।

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ये खाना है या चूहे की दावत? सूरत रेलवे स्टेशन के फूड स्टॉल का VIDEO देख भड़के लोग

सूरत रेलवे स्टेशन से सामने आए एक वीडियो ने यात्रियों का ध्यान खींच लिया है। इसमें एक चूहा कांच के फूड काउंटर के अंदर रखा आलू पेटिज खाते हुए दिखाई दे रहा है। एक यात्री ने इस घटना को कैमरे में रिकॉर्ड किया और वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। मामला सामने आने के बाद रेलवे अधिकारियों ने तुरंत संबंधित स्टॉल पर कार्रवाई की। इस घटना ने रेलवे स्टेशनों पर मिलने वाले खाने की साफ-सफाई और यात्रियों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है।

यात्रियों के बीच अब सवाल उठ रहे हैं कि खाने के सामान को किस तरह सुरक्षित रखा जाता है और फूड स्टॉल्स की नियमित निगरानी कितनी प्रभावी है। घटना के बाद रेलवे ने भी मामले को गंभीरता से लिया है और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की बात कही है।

सुबह-सुबह यात्री ने देखा पूरा मंजर

यह घटना 29 अगस्त की सुबह के शुरुआती घंटों की बताई जा रही है। एक यात्री ने देखा कि चूहा कांच के डिस्प्ले काउंटर के अंदर आराम से घूम रहा था और वहां रखे खाने में से पफ कुतर रहा था। काउंटर में यात्रियों के लिए दूसरे खाद्य पदार्थ भी रखे हुए थे। यात्री ने तुरंत इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो बना लिया। बाद में यही वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से फैल गया।

वीडियो वायरल होते ही हरकत में आया रेलवे

वीडियो के सोशल मीडिया पर सामने आने के बाद रेलवे अधिकारियों तक मामला पहुंचा। इसके बाद संबंधित स्टॉल को तुरंत बंद करा दिया गया। वेस्टर्न रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी विनीत अभिषेक के मुताबिक, रेलवे को घटना की जानकारी मिलते ही स्टॉल पर कार्रवाई की गई। बंद किए गए काउंटर की सफाई भी कराई गई।

स्टॉल संचालक पर भी शुरू हुई कार्रवाई

मामले को सिर्फ सफाई तक सीमित नहीं रखा गया है। रेलवे के कमर्शियल विभाग ने स्टॉल संचालक के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी है। रेलवे की ओर से आगे ऐसी कार्रवाई पर भी विचार किया जा रहा है, जिससे संबंधित स्टॉल का कॉन्ट्रैक्ट स्थायी रूप से खत्म किया जा सकता है।

खास सफाई अभियान के बीच सामने आया मामला

हैरानी की बात यह है कि यह घटना रेलवे के एक विशेष सफाई अभियान के कुछ ही दिनों बाद सामने आई। वेस्टर्न रेलवे ने सूरत और उधना रेलवे स्टेशनों के फूड स्टॉल्स में डीप क्लीनिंग और सैनिटाइजेशन अभियान चलाने की घोषणा की थी। इस अभियान का उद्देश्य रेलवे के खानपान केंद्रों में साफ-सफाई और हाइजीन के स्तर को बेहतर बनाना था।

16 अगस्त को भी हुआ था पेस्ट कंट्रोल

रेलवे अधिकारी के अनुसार, 16 अगस्त को स्टेशन पर पेस्ट और रोडेंट कंट्रोल भी कराया गया था। इसके बावजूद फूड काउंटर के अंदर चूहे के पहुंचने की घटना ने व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। अधिकारियों का कहना है कि लापरवाही के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

यात्रियों की सेहत को लेकर बढ़ी चिंता

रेलवे स्टेशन पर लोग सफर के दौरान अक्सर फूड स्टॉल से खाना और नाश्ता खरीदते हैं। ऐसे में खाने के सामान के बीच चूहे का पहुंचना यात्रियों के लिए चिंता की बात है। वीडियो सामने आने के बाद लोगों का सवाल यही है कि अगर कांच के बंद काउंटर के अंदर चूहा पहुंच सकता है, तो वहां रखे खाने की सुरक्षा और साफ-सफाई कितनी भरोसेमंद है? फिलहाल रेलवे ने स्टॉल बंद कर कार्रवाई शुरू कर दी है, लेकिन यह घटना स्टेशन के फूड आउटलेट्स में नियमित सफाई और निगरानी को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े करती है।

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VIDEO: प्रयागराज में मां गंगा ने कराया ‘लेटे हनुमान जी’ को महास्नान! गर्भगृह तक पहुंचा नदी का पानी; वीडियो वायरल

Prayagraj Floods: पड़ोसी देश नेपाल में आई विनाशकारी बाढ़ और हिमालयी क्षेत्रों में लगातार हो रही बारिश का असर अब गंगा नदी के जलस्तर पर भी साफ दिखाई दे रहा है। धर्मनगरी प्रयागराज में बीते कुछ दिनों से गंगा का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। इसके चलते उत्तर प्रदेश और बिहार के कई गंगा किनारे बसे शहरों में नदी का पानी अपने सामान्य प्रवाह क्षेत्र से बाहर फैलने लगा है। इसी बीच प्रयागराज में एक बेहद भावुक और आस्था से जुड़ा दृश्य सामने आया है, जहां मां गंगा का पानी प्रसिद्ध ‘लेटे हुए हनुमान’ यानी बड़े हनुमान जी मंदिर तक पहुंच गया।

संगम स्थित लेटे हनुमान मंदिर में मां गंगा का पानी गर्भगृह तक पहुंच गया। पानी मंदिर की सीढ़ियों से होते हुए अंदर तक पहुंचा और वहां विराजमान भगवान हनुमान की प्रतिमा को स्पर्श करने लगा। इस दौरान ऐसा दृश्य बना मानो मां गंगा स्वयं संगम तट पर विराजमान बड़े हनुमान जी का अभिषेक करने पहुंची हों। मंदिर में पानी सीढ़ियों से नीचे की ओर बहता दिखाई दिया। गर्भगृह में स्थापित लेटे हुए हनुमान जी की प्रतिमा तक पहुंच गया, जिसे देखकर सबलोग भावुक हो गए।

पूजा-पाठ के बीच मंदिर में पहुंचा गंगा का पानी

गंगा का पानी मंदिर परिसर में एंट्री करने के बावजूद पुजारी और स्थानीय श्रद्धालुओं ने पूजा-अर्चना जारी रखी। पुजारी ने धार्मिक अनुष्ठान और प्रार्थना की। इस दौरान मंदिर परिसर और आसपास ‘बड़े हनुमान जी महाराज’ और ‘मां गंगा’ के जयकारे गूंजते रहे। इसका वीडियो भी सामने आया है, जिसमें मंदिर के पुजारी और स्थानीय लोग श्रद्धा के साथ पूजा करते नजर आ रहे हैं। वीडियो में गंगा का पानी मंदिर की सीढ़ियों से बहता हुआ दिखाई देता है। जबकि आगे बढ़कर भगवान हनुमान की प्रतिमा तक पहुंचता नजर आता है।

मंदिर के सोशल मीडिया पेज पर भी शेयर हुई तस्वीरें

इस घटना से जुड़ी तस्वीरें और वीडियो श्री बड़े हनुमान जी मंदिर (संगम प्रयाग), प्रयागराज के फेसबुक पेज पर भी शेयर किए गए हैं। पोस्ट में इस दिन को प्रयागराज और हनुमान भक्तों के लिए बेहद शुभ और सौभाग्यशाली बताया गया। पोस्ट में धार्मिक भावनाओं के अनुरूप कहा गया कि प्रयागराज के पवित्र संगम पर, जहां संगम तट पर श्री बड़े हनुमान जी महाराज विराजमान हैं, वहां ‘पतित पावनी मां गंगा’ ने स्वयं भगवान हनुमान का भव्य जलाभिषेक किया।

लगातार बढ़ रहा है गंगा का जलस्तर

दरअसल, नेपाल में बाढ़ की स्थिति और हिमालयी क्षेत्रों में लगातार बारिश के कारण गंगा समेत कई नदियों के जलस्तर में वृद्धि देखी जा रही है। उत्तर प्रदेश में वाराणसी और प्रयागराज सहित गंगा किनारे के इलाकों में नदी का पानी फैलने लगा है। वहीं, बिहार के बक्सर, पटना और मुंगेर जैसे जिलों में भी गंगा का बढ़ता जलस्तर लोगों के लिए चिंता का कारण बना हुआ है।

प्रयागराज में गंगा और यमुना का संगम धार्मिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। संगम क्षेत्र में स्थित बड़े हनुमान जी मंदिर की विशेष धार्मिक मान्यता है। यहां भगवान हनुमान की प्रतिमा लेटी हुई मुद्रा में है। गंगा का पानी मंदिर तक पहुंचने और प्रतिमा को स्पर्श करने के इस दृश्य को श्रद्धालु आस्था और धार्मिक दृष्टि से बेहद विशेष क्षण मान रहे हैं।

हर साल दिख जाता है ये मनमोहक दृश्य

सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो और तस्वीरों के बाद यह दृश्य तेजी से चर्चा में है। मंदिर परिसर में मौजूद लोगों ने गंगा और बड़े हनुमान जी दोनों की श्रद्धा के साथ पूजा की और जयकारे लगाए। हिंदू धर्म में आस्था है कि जब हनुमान जी ने लंका दहन किया था तो उसके बाद उनका शरीर भी आग की चपेट में आकर जलनशील हो गया था। फिर बजरंगबली संगम के तट पर आकर लेट गए थे।

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बताया जाता है कि इस दौरान मां गंगा ने अपना रूप बढ़ाकर अपने जल से हनुमान जी को स्पर्श किया था। पुजारियों का कहना है कि आज भी प्रयागराज में वैसे ही मां गंगा हर साल ‘लेटे हुए हनुमान’ जी को प्रणाम करने जरूर आती है।

Viral Video: नेपाल की बाढ़ में बहकर भारत पहुंचे हाथी, पानी में फंसा देख लोगों का पसीजा दिल

नेपाल-तिब्बत सीमा के पास आई भीषण बाढ़ ने कई इलाकों में भारी तबाही मचा दी है। अचानक आए सैलाब ने बस्तियों, सड़कों और दूसरी जरूरी सुविधाओं को नुकसान पहुंचाया, वहीं बड़ी संख्या में लोगों की जान जाने और कई लोगों के लापता होने की खबर है। इस भयावह स्थिति के बीच अब एक ऐसा वीडियो सामने आया है, जिसने लोगों का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। वीडियो में कुछ हाथी तेज बहाव वाले बाढ़ के पानी में फंसे नजर आ रहे हैं। ये बेजुबान जानवर पानी की लहरों के बीच खुद को बचाने और सुरक्षित जगह तक पहुंचने की कोशिश करते दिखाई दे रहे हैं।

बताया जा रहा है कि नेपाल से आए बाढ़ के पानी के कारण हाथी बहकर उत्तर प्रदेश के बहराइच के पास पहुंच गए। वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया यूजर्स हाथियों की सलामती को लेकर चिंता जता रहे हैं और उनके सुरक्षित रेस्क्यू की उम्मीद कर रहे हैं।

बाढ़ के पानी में फंसे 4-5 हाथी

वायरल वीडियो में कई हाथी तेज बहाव वाले पानी में फंसे नजर आ रहे हैं। वे लगातार खुद को पानी की सतह से ऊपर रखने और बहाव के बीच आगे बढ़ने की कोशिश करते दिखाई देते हैं। वीडियो रिकॉर्ड कर रहा एक शख्स बताता है कि नेपाल की तरफ से आए बाढ़ के पानी में बहकर ये हाथी उत्तर प्रदेश के बहराइच स्थित कैलाशपुरी बैराज के आसपास पहुंच गए हैं। उसके मुताबिक, पानी में करीब चार से पांच हाथी फंसे हुए थे और उन्हें सुरक्षित निकालने की कोशिश की जा रही थी।

नेपाल से आए सैलाब में बहकर पहुंचे हाथी

बताया जा रहा है कि नेपाल में आई बाढ़ का पानी कर्णाली नदी में पहुंचा, जिसे उत्तर प्रदेश में घाघरा नदी के नाम से भी जाना जाता है। तेज बहाव के साथ हाथी भी बहकर भारतीय क्षेत्र की तरफ आ गए।हालात की जानकारी मिलने के बाद वन विभाग की टीमें हाथियों को बचाने और सुरक्षित स्थान पर पहुंचाने के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन में जुट गईं। अधिकारी बाढ़ से हुए नुकसान का जायजा लेने के साथ-साथ प्रभावित वन्यजीवों पर भी नजर रख रहे हैं।

‘इंसानों के साथ जानवर भी झेल रहे हैं तबाही’

हाथियों का वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया यूजर्स भावुक हो गए। लोगों ने कहा कि बाढ़ जैसी प्राकृतिक आपदा में इंसानों के साथ-साथ बेजुबान जानवर भी बुरी तरह प्रभावित होते हैं। एक यूजर ने लिखा कि ऐसी त्रासदियों में अक्सर यह भूल जाता है कि जानवर भी उतनी ही तकलीफ झेलते हैं। एक अन्य यूजर ने हाथियों के लिए चिंता जताते हुए कहा कि इन बेजुबान जानवरों का अच्छी तरह ख्याल रखा जाना चाहिए। वहीं, एक व्यक्ति ने लिखा कि इतने सारे जानवरों को बाढ़ में फंसा देखकर उसका दिल टूट गया और आपदा की भयावहता का अंदाजा लगाना मुश्किल है।

नेपाल में कैसे आई इतनी भयानक बाढ़?

जानकारी के अनुसार, नेपाल में अचानक आई बाढ़ की शुरुआत करीब सुबह 9 बजे हुई, जब तिब्बत की तरफ से पानी का तेज बहाव भोटे कोशी नदी में पहुंचा। इसके बाद बाढ़ का पानी नेपाल के रसुवा जिले के कई इलाकों में फैल गया। तिमुरे और स्याफ्रुबेसी जैसे इलाकों में सैलाब ने भारी तबाही मचाई। पानी के तेज बहाव ने रास्तों, बस्तियों और बुनियादी ढांचे को नुकसान पहुंचाया।

रेस्क्यू टीमों की नजर अब हाथियों पर

एक तरफ राहत और बचाव दल बाढ़ में फंसे लोगों की तलाश में जुटे हैं, वहीं वन विभाग की टीमें हाथियों को सुरक्षित निकालने की कोशिश कर रही हैं। वायरल वीडियो ने यह भी दिखा दिया कि प्राकृतिक आपदा का असर सिर्फ इंसानों तक सीमित नहीं रहता, बल्कि जंगल और वन्यजीव भी इसकी चपेट में आ जाते हैं।

डिस्क्लेमर: यह रिपोर्ट सोशल मीडिया पर यूज़र द्वारा शेयर किए गए कंटेंट पर आधारित है। मनीकंट्रोल इन दावों की न तो स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं करता है और न ही इनका समर्थन करता है।

Viral Video: दोस्त की शादी में शख्स ने दिया ऐसा गिफ्ट, सीने पर बनवा लिया दूल्हा-दुल्हन का टैटू

Viral Video: दोस्त की शादी में शख्स ने दिया ऐसा गिफ्ट, सीने पर बनवा लिया दूल्हा-दुल्हन का टैटू

शादी में दोस्त को गिफ्ट देना आम बात है, लेकिन एक शख्स ने अपने दोस्त की शादी पर ऐसा तोहफा दिया, जिसने हर किसी को हैरान कर दिया। उसने दोस्त और उसकी नई-नवेली पत्नी के चेहरे का टैटू अपने सीने पर बनवा लिया। इसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल है। किसी को यह दोस्ती की मिसाल लग रही है, तो कोई इसे हद से ज्यादा अजीब बता रहा है। खास बात यह है कि टैटू सामने आते ही दूल्हे का रिएक्शन भी कैमरे में कैद हो गया, जिसे देखकर यूजर्स जमकर मजे ले रहे हैं।

पहले दिया कपल का स्केच

वायरल वीडियो में शादी के जश्न के दौरान शख्स नवविवाहित कपल को उनके चेहरों वाला एक स्केच देता नजर आता है। शुरुआत में यह एक सामान्य और प्यारा दोस्ती वाला तोहफा लगता है। लेकिन कुछ ही देर बाद शख्स अपनी शर्ट उतारकर ऐसा सरप्राइज देता है, जिसे देखकर वहां मौजूद लोग भी दंग रह जाते हैं। उसी स्केच में दिख रहे दोस्त और उसकी पत्नी के चेहरे उसने अपने सीने पर स्थायी रूप से टैटू करवाए होते हैं।

दूल्हे का रिएक्शन बना चर्चा की वजह

टैटू से ज्यादा लोगों का ध्यान दूल्हे के चेहरे पर गया। जैसे ही उसने अपने दोस्त के सीने पर अपनी पत्नी का चेहरा देखा, उसके एक्सप्रेशन ने सोशल मीडिया यूजर्स को खूब हंसाया। वायरल पोस्ट में भी मजाकिया अंदाज में कहा गया कि दूल्हा पहले दोस्त के इस भावुक gesture से खुश हुआ होगा, लेकिन पत्नी का चेहरा टैटू में देखकर शायद उसके मन में सवाल आया होगा, “भाई, मेरी पत्नी ही क्यों?”

इंटरनेट पर छिड़ी बहस

वीडियो वायरल होने के बाद लोगों ने इस अनोखे तोहफे को लेकर अलग-अलग राय दी। कुछ यूजर्स ने इसे सच्ची दोस्ती और भावनाओं से जुड़ा हुआ gesture बताया। वहीं, कई लोगों को यह जरूरत से ज्यादा अजीब और असहज करने वाला लगा। एक यूजर ने इसे creepy तक बताया और सवाल किया कि जब लोग करीबी परिवार वालों के चेहरे तक का टैटू नहीं बनवाते, तो दोस्त की पत्नी का चेहरा सीने पर स्थायी रूप से बनवाना कितना सही है।

‘दोस्त का चेहरा होता तो समझ आता…’

कुछ लोगों का कहना था कि अगर शख्स ने सिर्फ अपने दोस्त का चेहरा टैटू कराया होता तो बात समझ में आती। लेकिन दोस्त की पत्नी का चेहरा भी उसी टैटू में शामिल करना उन्हें असहज लगा। एक अन्य यूजर ने दूल्हे के एक्सप्रेशन पर मजाक करते हुए कहा कि उसके चेहरे से साफ लग रहा था,“दोस्त का चेहरा ठीक था, लेकिन मेरी पत्नी का क्यों?”

अगर रिश्ता बदल गया तो?

बहस का एक दूसरा पहलू भी सामने आया। कुछ लोगों ने सवाल उठाया कि दोस्ती और रिश्ते हमेशा एक जैसे नहीं रहते। अगर भविष्य में दोस्ती में दरार आ जाए या कपल के रिश्ते में कोई बदलाव हो जाए, तो यह स्थायी टैटू बेहद अजीब स्थिति पैदा कर सकता है। हालांकि, वायरल पोस्ट में टैटू बनवाने वाले शख्स की निजी जिंदगी या उसके रिश्ते से जुड़ी कोई पक्की जानकारी सामने नहीं आई है।

लोगों को पसंद आया या लगा हद से ज्यादा?

इस पूरे मामले ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि दोस्ती जताने के लिए कोई gesture कितना बड़ा होना चाहिए। कुछ लोगों के लिए यह जिंदगीभर याद रहने वाला दोस्ती का प्रतीक है, जबकि दूसरों को लगता है कि किसी दोस्त की पत्नी का चेहरा सीने पर स्थायी रूप से बनवाना दोस्ती से एक कदम आगे है। फिलहाल वीडियो सोशल मीडिया पर खूब चर्चा बटोर रहा है और सबसे ज्यादा चर्चा उसी पल की हो रही है, जब दूल्हे ने पहली बार अपने दोस्त के सीने पर अपनी पत्नी का चेहरा देखा।

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कभी Nano खरीदने पर उड़ाया गया था मजाक, आज मां को गिफ्ट की 1.5 करोड़ की कार, देखें वीडियो

आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर होने के बाद, कई बच्चे अपने माता-पिता को आरामदायक जिंदगी देने और उनके सपने को पूरा करना चाहते हैं। एक व्यक्ति के लिए यह सपना एक लग्जरी कार के रूप में सच हुआ, जबकि एक समय ऐसा भी था जब सिर्फ ‘Nano’ कार खरीदने की इच्छा रखने पर उनके परिवार का मजाक उड़ाया गया था।

माता-पिता को आराम की जिंदगी देना और उनके सपनों को पूरा करना हर बच्चे की इच्छा होती है। आर्थिक रूप से मजबूत होने के बाद कई बच्चे अपने माता-पिता के लिए कुछ खास करना चाहते हैं।

यह वीडियो ट्रेडर और कंटेंट क्रिएटर हर्षित पटेल ने इंस्टाग्राम पर शेयर किया है। क्लिप में पटेल अपनी मां को 1.5 करोड़ रुपये की कार में टेस्ट ड्राइव पर ले जाते हुए दिख रहे हैं। जब उनकी मां कार में बैठती हैं, तो वह उन्हें उन दिनों की याद दिलाते हैं जब परिवार के लिए कार का मालिक बनना ही एक बहुत बड़ा लक्ष्य हुआ करता था।

ड्राइव के दौरान, पटेल अपनी मां से कहते हैं, “वो दिन याद है मम्मी जब मैं कह रहा था कि नैनो खरीद लेते हैं क्योंकि एक गाड़ी होनी चाहिए अपने पास। और आज देखो मम्मी 1.5 करोड़ रुपये की गाड़ी में बैठी हैं आप और आपको ये गिफ्ट मिलने वाली है। डिपेंड करता है आपको कौन सी पसंद आती है।”

बेटे की यह बात सुनकर उनकी मां कार के अंदर भावुक होती नजर आती हैं। हर्षित उन्हें बताते हैं कि यह कार उनके लिए एक गिफ्ट हो सकती है।

हर्षित ने वीडियो के कैप्शन में लिखा, “जब हम Nano खरीदने की बात करते थे, तब लोग हमारा मजाक उड़ाते थे। आज वही मां 1.5 करोड़ रुपये की कार में बैठी हैं।”

पटेल कहते हैं कि जब उनका परिवार आर्थिक रूप से मजबूत नहीं था और उनके करियर के प्लान भी पक्के नहीं थे, तब उन्हें आलोचनाओं का सामना करना पड़ा। उन्होंने लिखा, “जब आपकी शुरुआत साधारण होती है, तो लोग हमेशा आपके विजन पर शक करते हैं। वे आपसे सुरक्षित रास्ता चुनने, ‘नॉर्मल’ नौकरी करने और इतने बड़े सपने न देखने के लिए कहेंगे। जब हम उस छोटे से कमरे में रह रहे थे, तो ताने कभी खत्म नहीं होते थे। लेकिन उन सभी शक और तानों ने मेरे अंदर कुछ कर दिखाने की आग को और भड़काया।”

एक और वीडियो में उन्होंने कहा, “उन्होंने मेरे माता-पिता से कहा कि मैं अपना समय बर्बाद कर रहा हूं, मुझे ‘असली पढ़ाई’ पर ध्यान देना चाहिए और मैं जिंदगी में कुछ नहीं कर पाऊंगा। हमने यह सफर एक सेकंड-हैंड होंडा सिटी कार से शुरू किया था और चुपचाप लोगों के मजाक और शक को सहते रहे। आज, मेरी मां 1.5 करोड़ रुपये की कार में बैठी हैं और गर्व के आंसू बहा रही हैं।”

जैसे ही यह वीडियो ऑनलाइन वायरल हुआ, लोगों ने मां-बेटे के इस इमोशनल पल पर अपनी प्रतिक्रिया दी।

एक यूजर ने कमेंट किया, “मेरी तरफ से बहुत-बहुत बधाई।” दूसरे ने लिखा, “सच में रोंगटे खड़े हो गए।” एक ने कहा, “सबसे बेहतरीन पल।”

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Viral Video: कानपुर में कचरे के ढेर पर फेंकी गई एक्सपायर्ड चॉकलेट्स के लिए मची भयंकर लूट, क्या इसे बच्चों को खिलाएंगे?

Kanpur expired chocolate dump: सोशल मीडिया पर उत्तर प्रदेश के कानपुर का एक चौंकाने वाला वीडियो वायरल हो रहा है। वीडियो में दावा किया जा रहा है कि कानपुर के पनकी में कचरे के ढेर पर फेंकी गई एक्सपायर्ड टॉफियों और चॉकलेट्स को उठाने के लिए लोगों में होड़ मची हुई है। एक फैक्ट्री द्वारा कचरे में फेंकी गई इन मिठाइयों और चॉकलेट्स को इकट्ठा करने के लिए पुरुषों और महिलाएं टूट पड़े हैं। सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होते ही फूड सेफ्टी, वेस्ट मैनेजमेंट और गरीबी को लेकर बहस छिड़ गई है कि कोई एक्सपायर्ड चॉकलेट के लिए कैसे क्रेजी हो सकता है और क्या लोग इसे घर ले जाकर अपने बच्चों को खिलाएंगे?

न्यूज18 की रिपोर्ट के मुताबिक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर @Delhiite नाम के यूजर ने इस वीडियो को शेयर करते हुए इसे अजीब होड़ बताया है। यूजर का कहना है कि एक्सपायर्ड चॉकलेट लूटने के लिए टूट पड़े लोगों में बुनियादी कॉमन सेंस पूरी तरह से गायब नजर आया।

वीडियो के वायरल होते ही इंटरनेट पर लोगों की ओर से तीखी प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं। कुछ लोगों ने जहां एक्सपायर्ड चीजों को उठाने वालों की आलोचना की और इसके हेल्थ पर पड़ने वाले खराब असर की बात कही, तो दूसरे कुछ लोगों का मानना था कि इस घटना को गरीबी और महंगाई के नजरिए से भी देखा जाना चाहिए।

महंगाई और गरीबी पर छिड़ी तीखी बहस

कचरे के ढेर पर मची इस लूट को लेकर कई यूजर्स ने देश में बढ़ती महंगाई और आर्थिक तंगी पर चिंता जताई। एक यूजर ने कमेंट करते हुए तंज कसा कि भाई महंगाई इतनी बढ़ गई है कि अब कचरा भी बजट शॉपिंग डेस्टिनेशन बन गया है। वहीं दूसरे यूजर ने सहानुभूति जताते हुए लिखा कि यह सामान्य समझ की कमी से ज्यादा गरीबी और असमर्थता को दर्शाता है। इसी गरीबी ने लोगों को कचरे से खाना उठाने पर मजबूर किया होगा। एक दूसरे व्यक्ति ने लिखा कि सोचिए उस स्तर तक पहुंचने के लिए कितनी तंगी रही होगी कि लोग इस जोखिम को उठाने के लिए तैयार हो गए।

कुछ यूजर्स ने लोगों के पहनावे को लेकर सवाल उठाए। एक यूजर ने लिखा कि जिस तरह से लोगों ने कपड़े पहने हैं, उससे लगता है कि वे सभी स्कूल और कॉलेज गए होंगे। समझ नहीं आता कि उन्हें क्या सिखाया गया है कि वे एक्सपायर्ड सामान उठा रहे हैं। दूसरे यूजर ने लिखा कि लोग फ्री की टॉफियों के लिए इंफेक्शन का खतरा मोल ले रहे हैं, ऐसा लगता है जैसे कॉमन सेंस गायब हो चुका है।

कंपनी और FSSAI पर उठे सवाल, नियमों के उल्लंघन का आरोप

इस पूरी घटना के बाद कंपनियों द्वारा खराब और एक्सपायर्ड सामान को नष्ट करने के तरीके पर भी सवाल उठे हैं। सोशल मीडिया पर एफएसएसएआई और संबंधित अधिकारियों को टैग करते हुए एक यूजर ने लिखा कि उस फैक्ट्री मालिक को जल्द से जल्द पकड़ा जाना चाहिए और सजा मिलनी चाहिए क्योंकि एक्सपायर्ड सामान को नष्ट करने की एक तय प्रक्रिया होती है। एक दूसरे यूजर ने कहा कि एक्सपायर्ड आइटम को निपटाने का यह मानक तरीका नहीं है और इसके लिए दोषी ब्रांड के खिलाफ मामला दर्ज किया जाना चाहिए।

(डिस्क्लेमर: यह लेख यूजर-जनरेटेड कंटेंट और सोशल मीडिया पोस्ट पर आधारित है। ओरिजिनल पोस्ट में किए गए दावों की मनीकंट्रोल द्वारा स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं की गई है।)

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