Weather Update 17 October 2026: दक्षिण भारत समेत आज 18 राज्यों में बारिश का अलर्ट! दिल्ली-UP में बढ़ेगी ठंड, पहाड़ों पर बर्फबारी के आसार

Weather Update 17 October 2026: देशभर में मौसम का मिजाज तेजी से बदल रहा है। दिल्ली-NCR समेत उत्तर भारत के कई इलाकों में बारिश के बाद तापमान गिरने लगा है और सुबह-शाम ठंड महसूस होने लगी है। पहाड़ी राज्यों में बर्फबारी ने भी मौसम का रुख बदल दिया है। वहीं, दक्षिण भारत में लौटता मानसून अब भी जोरदार बारिश कर रहा है। पूर्वी राज्यों में भी बारिश का सिलसिला जारी है।

इस बीच भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने आज यानी 17 अक्टूबर 2026 को दिल्ली, उत्तर प्रदेश और झारखंड समेत देश के 18 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में बारिश की संभावना जताई है। ऐसे में कहीं बारिश लोगों को गर्मी से राहत देगी, तो कहीं लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। आइए जानते हैं, आज किन राज्यों में बारिश होने के आसार हैं और कहां मौसम का मिजाज बदला रहेगा।

दिल्ली-NCR में बारिश के बाद बढ़ी ठंड

दिल्ली-NCR में बारिश के बाद मौसम सुहाना हो गया है। दो दिन पहले हुई बारिश के चलते तापमान में गिरावट आई है और अब सुबह-शाम हल्की ठंड महसूस होने लगी है। इस बीच मौसम विभाग ने आज यानी 17 अक्टूबर को भी राजधानी में बादल छाए रहने और हल्की बारिश होने की संभावना जताई है। मौसम विभाग के मुताबिक, दिल्ली में आज अधिकतम तापमान 32 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 21 डिग्री सेल्सियस के आसपास रह सकता है। हालांकि, 18 अक्टूबर से मौसम साफ होने लगेगा। 18, 19, 20 और 21 अक्टूबर को आसमान मुख्य रूप से साफ रहने का अनुमान है।

यूपी में बदला मौसम, कई जिलों में बारिश के आसार

उत्तर प्रदेश में भी मौसम का रुख बदला गया है। पश्चिमी यूपी में हुई बारिश के बाद तापमान में गिरावट आई है। वहीं, मौसम विभाग ने आज प्रदेश के कई जिलों में आसमान में बादल छाए रहने और बारिश की संभावना जताई है। जबकि पश्चिमी और पूर्वी यूपी में आसमान साफ रहेगा और अधिकतर जिलों में मौसम शुष्क बना रहेगा।

बिहार और झारखंड में आज कैसा रहेगा मौसम?

बिहार में आज मौसम साफ और शुष्क रहने का अनुमान है। मौसम विभाग ने राज्य में बारिश को लेकर कोई चेतावनी जारी नहीं की है। वहीं, झारखंड में मौसम का मिजाज बदला हुआ है। रांची समेत राज्य के कई इलाकों में कल बारिश हुई थी और आज भी कुछ जिलों में बारिश होने की संभावना है। हालांकि, झारखंड में अब धीरे-धीरे मौसम साफ होने के आसार हैं। मौसम में इस बदलाव की वजह ओडिशा और आंध्र प्रदेश के तटीय इलाकों के ऊपर बना नया वेदर सिस्टम माना जा रहा है। इसका असर आसपास के राज्यों में भी देखने को मिल रहा है।

पहाड़ी राज्यों में बारिश-बर्फबारी के आसार

पहाड़ी राज्यों में मौसम का असर अब साफ नजर आने लगा है। हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के ऊंचे इलाकों में बारिश के साथ बर्फबारी जारी है। मौसम विभाग के मुताबिक, 18 अक्टूबर तक जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के कुछ हिस्सों में बारिश हो सकती है। वहीं, ऊंचाई वाले इलकों पर बर्फ गिरने की भी संभावना है।

बता दें कि इस मौसमी बदलाव से पहाड़ी क्षेत्रों में ठंड बढ़ेगी। साथ ही, आने वाले दिनों में ठंडी हवाओं का असर मैदानी इलाकों में भी महसूस हो सकता है, जिससे उत्तर भारत में तापमान और नीचे जाने के आसार हैं।

मानसून की विदाई से पहले दक्षिण भारत में बारिश तेज

दक्षिण भारत में मानसून की विदाई से पहले बारिश का दौर थमने का नाम नहीं ले रहा है। कई राज्यों में बादल जमकर बरस रहे हैं। मौसम विभाग के मुताबिक, आज तटीय कर्नाटक के कुछ इलाकों में भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। वहीं, केरल और माहे में भी कुछ जगहों पर तेज बारिश होने का अनुमान है। कर्नाटक के उत्तरी और दक्षिणी हिस्सों में भी भारी बारिश की संभावना जताई गई है। इसके अलावा आंध्र प्रदेश में गरज-चमक के साथ बारिश हो सकती है। इस दौरान तेज हवाएं चलने के भी आसार हैं।

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कल का मौसम: 27 सितंबर को जमकर बरसेंगे बादल, UP-उत्तराखंड समेत इन 23 राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट, 50kmph की स्पीड से चलेंगी हवाएं

September 27 Weather: सितंबर के आखिरी हफ्ते में मौसम एक बार फिर करवट लेता नजर आ रहा है। ऐसे में मौसम विभाग (IMD) ने कई राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश के साथ आंधी-तूफान और बिजली गिरने की संभावनता जताई है। वहीं, उत्तराखंड में भी कुछ जगहों पर बहुत ज्यादा बारिश हो सकती है। इसके अलावा, दिल्ली-NCR, उत्तर प्रदेश, पंजाब और हिमाचल प्रदेश में भी बारिश और आंधी-तूफान की उम्मीद है।

कल दिल्ली-NCR का मौसम

शहर के मौसम के अनुमान के मुताबिक, 27 सितंबर को न्यूनतम तापमान 22°C और अधिकतम तापमान 31°C रहने की उम्मीद है और मौसम को लेकर कोई खास चेतावनी नहीं है। वहीं, फरीदाबाद और गुड़गांव में आंधी-तूफान और बिजली गिरने की संभावना है क्योंकि हरियाणा-दिल्ली के बड़े इलाके में भारी बारिश की चेतावनी जारी है।

उत्तर प्रदेश में कल का मौसम

IMD ने 27 सितंबर को पूर्वी उत्तर प्रदेश में भारी बारिश और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में बहुत भारी बारिश के साथ-साथ आंधी-तूफान और बिजली गिरने का अनुमान लगाया है। हालांकि, 28 सितंबर से मौसम की चेतावनी में राहत मिलने की उम्मीद है।

इस अनुमान को देखते हुए राज्य सरकार ने जिला प्रशासन को अलर्ट पर रखा है। जिलाधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि वे सतर्क रहें और अचानक बाढ़ (flash floods) की आशंका वाले इलाकों में व्यवस्थाओं पर नजर रखें।

इसके अलावा, रेड अलर्ट वाले और अचानक बाढ़ की आशंका वाले जिलों में स्कूल बंद रखे गए हैं।

उत्तराखंड में कल का मौसम

27 सितंबर को उत्तराखंड में बहुत भारी बारिश होने की संभावना है, साथ ही आंधी-तूफान और बिजली भी कड़क सकती है। वहीं, IMD ने चेतावनी दी है कि 28 सितंबर को भी भारी बारिश जारी रह सकती है, जिस वजह से भूस्खलन और सड़कें बंद होने का खतरा बढ़ सकता है, नदियों और नालों में जलस्तर बढ़ सकता है और मैदानी इलाकों में जलभराव की समस्या हो सकती है।

राज्य सरकार ने लोगों से सतर्क रहने, गैर-जरूरी यात्रा से बचने और मौसम की जानकारी पर लगातार नजर रखने की अपील की है।

हिमाचल प्रदेश में कल का मौसम

IMD ने 27 सितंबर को हिमाचल प्रदेश में बहुत भारी बारिश, आंधी-तूफान और बिजली गिरने का अनुमान लगाया है। साथ ही 28 सितंबर को भी भारी बारिश जारी रहने की संभावना जताई है।

पंजाब में कल का मौसम

पंजाब में भी 27 सितंबर को भारी बारिश, आंधी-तूफान और बिजली गिरने की संभावना है। फिलहाल 28 सितंबर से राज्य के लिए कोई चेतावनी जारी नहीं की गई है।

झारखंड में कल का मौसम

मध्य और पूर्वी भारत से गुजर रहे मौसम सिस्टम के असर से झारखंड में बारिश हो रही है। 27 सितंबर को राज्य के कुछ हिस्सों में आंधी-तूफान और बिजली गिरने की संभावना है, जबकि 28 सितंबर से हालात में कुछ सुधार होने की उम्मीद है।

अधिकारियों ने लोगों को सलाह दी है कि बिजली कड़कने के दौरान खुले मैदानों, पेड़ों और बिजली के खंभों से दूर रहें और पानी भरे इलाकों से गुजरते समय सावधानी बरतें।

कल राजस्थान का मौसम

राजस्थान में 27 सितंबर को मौसम में बदलाव देखने को मिल सकता है। मौसम विभाग के मुताबिक, पूर्वी राजस्थान के कुछ हिस्सों में गरज-चमक और बिजली गिरने की संभावना है। वहीं, पश्चिमी राजस्थान के लिए फिलहाल कोई मौसम चेतावनी जारी नहीं की गई है।

कल जम्मू-कश्मीर का मौसम

27 सितंबर को जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के लिए मौसम की कोई चेतावनी नहीं है। 28 सितंबर से कुछ इलाकों में आंधी-तूफान और बिजली गिरने की संभावना है।

कल ओडिशा का मौसम

भुवनेश्वर स्थित मौसम केंद्र के अनुसार, कल ओडिशा में आसमान में आंशिक रूप से बादल छाए रहने और एक-दो बार बारिश या गरज के साथ बौछारें पड़ने की संभावना है। हालांकि, राज्य के लिए मौसम की कोई गंभीर चेतावनी नहीं है।

कल आंध्र प्रदेश का मौसम

29 सितंबर तक आंध्र प्रदेश के कई जिलों में आसमान में बादल छाए रहने, हल्की बारिश और तेज सतही हवाएं चलने की संभावना है।

तटीय आंध्र प्रदेश और यनम में 27 से 30 सितंबर के बीच बारिश हो सकती है। वहीं, 27 और 28 सितंबर को गरज-चमक, बिजली गिरने और 30-40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने का अनुमान है। इस दौरान हवा के झोंकों की रफ्तार 50 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है।

इसके अलावा तटीय आंध्र प्रदेश, यनम और रायलसीमा में भी तेज सतही हवाएं चलने की उम्मीद है।

पूर्वोत्तर में कल का मौसम

27-28 सितंबर को असम और मेघालय में काफी ज्यादा से लेकर व्यापक बारिश होने की संभावना है, जबकि अरुणाचल प्रदेश में 28 सितंबर को भारी बारिश हो सकती है।

इसेक अलावा, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में भी 27 सितंबर को काफी ज्यादा से लेकर व्यापक बारिश होने की संभावना है।

वहीं, अरुणाचल प्रदेश में 27 सितंबर और 29-30 सितंबर को कहीं-कहीं या छिटपुट बारिश हो सकती है। असम और मेघालय में 29-30 सितंबर को कहीं-कहीं या छिटपुट बारिश होने की संभावना है, जबकि नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में 30 सितंबर तक ऐसे ही हालात बने रह सकते हैं।

पश्चिम बंगाल में कल का मौसम

ओडिशा के अंदरूनी इलाकों में बने डिप्रेशन और सक्रिय मॉनसून की वजह से उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल के कुछ हिस्सों में बहुत भारी बारिश हुई है। दार्जिलिंग में भूस्खलन हुआ है, और IMD ने जिले में और बारिश का अनुमान लगाया है।

कालिम्पोंग और जलपाईगुड़ी में भी मौसम के ऐसे ही हालात रहने की संभावना है, और मौसम विभाग ने दार्जिलिंग और कालिम्पोंग में भूस्खलन की चेतावनी दी है।

महाराष्ट्र और गुजरात का मौसम

अगले कुछ दिनों के दौरान गुजरात, कोंकण और गोवा, मध्य महाराष्ट्र और मराठवाड़ा में कहीं-कहीं या छिटपुट बारिश होने की संभावना है।

कल दक्षिण भारत का मौसम

27 से 30 सितंबर के बीच रायलसीमा, तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में कहीं-कहीं बारिश होने की संभावना है।

इसी दौरान केरल, माहे और लक्षद्वीप में भी बारिश हो सकती है, जबकि तटीय कर्नाटक में 27 से 29 सितंबर के बीच बारिश हो सकती है।

इसके अलावा, उत्तरी अंदरूनी कर्नाटक और तेलंगाना में 27 से 30 सितंबर के बीच कहीं-कहीं बारिश होने की संभावना है। वहीं, दक्षिणी अंदरूनी कर्नाटक में भी 27-28 सितंबर को ऐसे ही हालात रहने की उम्मीद है।

27-28 सितंबर के दौरान तटीय आंध्र प्रदेश और यनम में, और 27-28 सितंबर को ही रायलसीमा में आंधी-तूफान, बिजली कड़कने और 30-40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं (जिनकी गति 50 किमी प्रति घंटे तक पहुंच सकती है) चलने की संभावना है।

IMD का ताजा अनुमान

IMD के ताजा अनुमान के मुताबिक, 27 सितंबर के बाद कई उत्तरी राज्यों में मौसम की तेज गतिविधियां कम हो जाएंगी। उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश में 28 सितंबर को भी बारिश जारी रहने की उम्मीद है, जबकि उत्तर प्रदेश, दिल्ली-एनसीआर और पंजाब के लिए चेतावनी कम होने की उम्मीद है।

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Flood News: बिहार के 13 जिलों में खतरे के निशान को पार कर गईं गंगा! कोसी नदी भी उफान पर, अलर्ट मोड में NDRF-SDRF

Flood News: बिहार में शुक्रवार को भी हाई अलर्ट जारी रहा क्योंकि नेपाल और पड़ोसी राज्य झारखंड में हुई भारी बारिश के बाद गंगा समेत कई नदियों का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। इसके कारण राज्य के कई जिलों में बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं। वहीं, मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने प्रभावित इलाकों का हवाई सर्वेक्षण किया और बचाव, राहत और तटबंधों की सुरक्षा के इंतजामों का जायजा लिया। अधिकारियों ने बताया कि अब तक किसी के हताहत होने की खबर नहीं है और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सुरक्षित जगहों पर पहुंचाया जा रहा है।

जल संसाधन विभाग के मुताबिक, गंगा, गंडक, कोसी, बूढ़ी गंडक, बागमती, पुनपुन और घाघरा समेत कई नदियों का जलस्तर बढ़ रहा है। वहीं, पटना में दीघा घाट, गांधी घाट, हथिदह और मनेर के अलावा बक्सर, मुंगेर, भागलपुर और कहलगांव में गंगा का पानी खतरे के निशान से ऊपर बह रहा है।

खतरे के निशान पर गंगा नदी

गांधी घाट पर गंगा का जलस्तर 1 सितंबर की सुबह 49.40 मीटर था, जो 2 सितंबर की शाम बढ़कर 49.98 मीटर और 3 सितंबर की सुबह 50.18 मीटर हो गया। गुरुवार दोपहर तक जलस्तर 50.25 मीटर पहुंच गया था, जो खतरे के निशान से करीब 1.65 मीटर ऊपर है। विभाग ने अनुमान जताया था कि गुरुवार रात गांधी घाट पर गंगा का पानी सबसे ऊंचे बाढ़ स्तर (HFL) को पार कर सकता है। वहीं, मोकामा के हथिदह में शुक्रवार दोपहर तक यह स्तर पार होने की आशंका जताई गई थी।

News 18 की एक रिपोर्ट के अनुसार, बाढ़ जैसे हालात ने पटना, वैशाली, मुजफ्फरपुर, भागलपुर, भोजपुर, खगड़िया, पूर्णिया, मधेपुरा, सहरसा और कटिहार के निचले इलाकों को प्रभावित किया है। इसके अलावा, आठ जिलों – भोजपुर, पटना, सारण, वैशाली, नालंदा, बेगूसराय, लखीसराय और जहानाबाद – को हाई अलर्ट पर रखा गया है और अधिकारियों को संवेदनशील इलाकों में रहने वाले लोगों को चेतावनी देने का निर्देश दिया गया है।

मुंगेर में, गंगा का जलस्तर 39.33 मीटर के चेतावनी स्तर को पार करते हुए 39.36 मीटर (खतरे का निशान) तक पहुंच गया, जिससे सात पंचायतें जलमग्न हो गईं और घरों में पानी घुस गया। News 18 की रिपोर्ट के मुताबिक, समस्तीपुर में गंगा का जलस्तर खतरे के निशान से लगभग 1.95 मीटर ऊपर पहुंचने के बाद 15 पंचायतों में बाढ़ का पानी घुस गया।

अरवल में पुनपुन नदी के बढ़ने से 30 गांव डूबे

अरवल में भी हालात गंभीर बताए गए, जहां पुनपुन नदी के पानी से कुर्था और बंसी ब्लॉक के लगभग 30 गांव डूब गए, जिससे सड़क संपर्क टूट गया और बंसी पुलिस स्टेशन में भी पानी भर गया। सारण में सोनपुर, छपरा सदर, दिघा और रेवेलगंज को संवेदनशील इलाकों के तौर पर चिह्नित किया गया।

अमर उजाला के अनुसार, बेगूसराय के मटिहानी ब्लॉक में बाढ़ का पानी 17 सरकारी स्कूलों तक पहुंच गया, जबकि गया के मानपुर ब्लॉक में पेमार नदी के पानी ने अमरी और बरसाना गांवों तक जाने वाली सड़क को डुबो दिया।

प्रभावित लोगों के लिए राहत शिविर और मेडिकल की सुविधाएं की गई

वहीं, अधिकारियों ने प्रभावित लोगों के लिए राहत शिविर, मेडिकल सुविधाएं, पीने का पानी, भोजन और दूसरी जरूरी चीजों की व्यवस्था की है। बचाव कार्य के लिए SDRF और NDRF की टीमें, गोताखोर और नावें तैनात की गई हैं। विस्थापित परिवारों के लिए सामुदायिक रसोई भी शुरू की जा रही हैं।

सोनपुर में 25 नावें चल रही हैं। इसके अलावा वहां 1,000 पॉलीथिन शीट भेजी गई हैं, जबकि 500 पॉलीथिन शीट दीघा भेजी गई हैं।

पटना में 108 जगहों को सील किया गया

पटना में, शहर की सुरक्षा दीवार के पास 108 जगहों को सील किया गया, 13 स्लुइस-गेट के लीकेज को ठीक किया गया और पंपिंग स्टेशनों को तैयार रखा गया। पुनपुन नदी पर बना एक रिंग तटबंध भी टूट गया, जिससे मुख्य बांध को खतरा पैदा हो गया।

आपदा प्रबंधन विभाग ने लोगों को सलाह दी कि वे नदियों, घाटों, तटबंधों और पानी से भरे इलाकों में बेवजह न जाएं। साथ ही, बच्चों, बुजुर्गों और दिव्यांगों को ऐसी जगहों से दूर रखने की अपील की। ​​विभाग ने नदियों के पास तैरने, बेवजह नाव की सवारी करने और सेल्फी लेने के खिलाफ भी चेतावनी दी।

तेजस्वी यादव ने  NDA सरकार पर साधा निशाना

विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव ने NDA सरकार पर बाढ़ से निपटने की अपर्याप्त तैयारी और राहत कार्यों में कमी का आरोप लगाया और कहा कि 15 से ज्यादा जिले प्रभावित हुए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि कटाव और बाढ़ से मक्का और सब्जियों की फसलें बर्बाद हो गईं, जबकि बिजली कटौती, पीने के पानी की कमी और कनेक्टिविटी बाधित होने से ग्रामीणों को जरूरी चीजों के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है। उन्होंने दियारा इलाकों को बाढ़ प्रभावित घोषित करने की भी मांग की।

केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विदेश यात्रा से लौटने के बाद चौधरी के साथ हालात का जायजा लिया और केंद्र व बिहार सरकार “युद्ध स्तर पर” काम कर रही हैं।

भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने आने वाले दिनों में और बारिश व गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ने का अनुमान जताया है। इससे नदियों का जलस्तर और बढ़ने की चिंता बढ़ गई है। बिहार के पटना, गया, मुजफ्फरपुर और भागलपुर समेत कई जिलों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है। इन इलाकों में 50 किलोमीटर प्रति घंटे तक की तेज हवाएं चलने की भी संभावना है। वहीं, गुरुवार को देश के करीब 20 राज्यों में बारिश और आंधी-तूफान को लेकर चेतावनी जारी की गई थी।

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कल का मौसम: 23 अगस्त को 15 राज्यों में तूफानी हवाओं के साथ मूसलाधार बारिश की चेतावनी, यूपी से ओडिशा तक IMD ने दिया ये अलर्ट

Weather Update: देश भर में मानसूनी गतिविधियों के चलते मौसम का मिजाज बदला हुआ है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 23 अगस्त के लिए मौसम का ताजा पूर्वानुमान जारी करते हुए देश के अलग अलग हिस्सों में मूसलाधार बारिश, बिजली कड़कने और तेज आंधी-तूफान को लेकर गंभीर चेतावनी जारी की है। मौसम विभाग के मुताबिक उत्तर प्रदेश से लेकर ओडिशा तक और मध्य भारत से लेकर दक्षिणी राज्यों तक मौसम का असर देखने को मिलेगा। मौसम विभाग ने नागरिकों को खराब मौसम के दौरान सतर्क रहने और आवश्यक एहतियात बरतने की सलाह दी है।

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छत्तीसगढ़ और ओडिशा में भारी से बहुत भारी बारिश का अनुमान

मौसम विभाग के बुलेटिन के मुताबिक 23 अगस्त को छत्तीसगढ़ और ओडिशा में अलग-अलग जगहों पर भारी से बहुत भारी बारिश होने की पूरी संभावना है। इन राज्यों के प्रभावित इलाकों में जलभराव और नदियों के जलस्तर में अचानक से बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है।

इन 15 राज्यों और क्षेत्रों में भारी बारिश का अलर्ट

देश के 15 से अधिक राज्यों और क्षेत्रों में अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश की संभावना जताई गई है। इनमें उत्तर भारत का उत्तराखंड और पूर्वी उत्तर प्रदेश शामिल हैं। इसके अलावा मध्य भारत के मध्य प्रदेश और विदर्भ क्षेत्र में भारी बारिश का अनुमान है। पूर्वोत्तर भारत के अरुणाचल प्रदेश, असम और मेघालय के साथ-साथ नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में भी बारिश की गतिविधियां तेज रहेंगी। पूर्वी भारत के गांगेय पश्चिम बंगाल और झारखंड में बारिश का अलर्ट है। दक्षिण भारत के तटीय कर्नाटक, दक्षिण आंतरिक कर्नाटक, केरल और माहे तथा तेलंगाना में भी भारी बारिश होने की संभावना जताई गई है।

40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलेंगी तूफानी हवाएं

बारिश के साथ-साथ कई इलाकों में आकाशीय बिजली चमकने और तूफानी हवाएं चलने की चेतावनी दी गई है। अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, आंध्र प्रदेश, बिहार और तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में अलग-अलग जगहों पर आकाशीय बिजली के साथ 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है।

अन्य राज्यों में बिजली गिरने और 30 से 40 किमी प्रति घंटे की हवाओं की चेतावनी

पूर्वी राजस्थान, जम्मू-कश्मीर-लद्दाख, झारखंड, कर्नाटक, केरल और माहे, लक्षद्वीप, ओडिशा, तेलंगाना और पश्चिम बंगाल और सिक्किम के दूर-दराज के इलाकों में गरज और बिजली चमकने के साथ 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। अरुणाचल प्रदेश, असम और मेघालय, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम, त्रिपुरा और उत्तराखंड के कई स्थानों पर आकाशीय बिजली गिरने की आशंका जताई गई है। इसके अतिरिक्त आंध्र प्रदेश और कर्नाटक के अलग-अलग हिस्सों में सतह पर तेज हवाएं चलने का पूर्वानुमान व्यक्त किया गया है।

अरब सागर और बंगाल की खाड़ी के लिए समुद्री चेतावनी

समुद्र में खराब मौसम के कारण मछुआरों और तटीय क्षेत्रों को विशेष रूप से अलर्ट पर रखा गया है। अरब सागर में सोमालिया तट के साथ और उससे सटे इलाकों, मध्य-पश्चिम और उससे सटे दक्षिण-पश्चिम अरब सागर के कुछ हिस्सों में 45 से 55 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलेंगी, जिनकी स्पीड बढ़कर 65 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। इसके साथ ही कर्नाटक, केरल, लक्षद्वीप क्षेत्र और उससे सटे समुद्री क्षेत्रों में 35 से 45 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है, जो बढ़कर 55 किलोमीटर प्रति घंटे तक जा सकती हैं।

बंगाल की खाड़ी की बात करें तो मन्नार की खाड़ी, कॉमोरिन क्षेत्र, दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी और दक्षिण श्रीलंका तट के आसपास के इलाकों में 45 से 55 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तूफानी हवाएं चलने का अनुमान है, जो 65 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार छू सकती हैं। इसके अलावा पश्चिम बंगाल, ओडिशा और उत्तरी आंध्र प्रदेश के तटीय क्षेत्रों, मध्य-पश्चिम और उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी के कुछ हिस्सों तथा अंडमान सागर में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से हवाएं चलने की उम्मीद है, जो बढ़कर 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती हैं।

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झारखंड में बने डिप्रेशन से यूपी, एमपी, दिल्ली संग इन राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट! 20 अगस्त तक इन राज्यों में होगी मूसलाधार

IMD Heavy Rain Alert: झारखंड और उससे सटे गांगेय पश्चिम बंगाल के ऊपर बने डिप्रेशन के असर से देश के कई राज्यों में मानसून एक बार फिर बेहद एक्टिव हो गया है। भारत मौसम विज्ञान विभाग यानी आईएमडी द्वारा 14 अगस्त को जारी मौसम बुलेटिन के मुताबिक इस मौसमी बदलाव की वजह से ओडिशा, झारखंड, पूर्वी मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में भारी से अति भारी बारिश की संभावना बनी हुई है। इसके साथ ही पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र और उत्तर-पश्चिम भारत के मैदानी इलाकों में भी 20 अगस्त तक मूसलाधार बारिश का दौर जारी रहने का अनुमान जताया गया है।

मौसम विभाग के मुताबिक बीते 24 घंटों के दौरान देश के कई हिस्सों में झमाझम बारिश दर्ज की गई है। छत्तीसगढ़, तमिलनाडु, पूर्वी उत्तर प्रदेश, ओडिशा, झारखंड और बिहार में 12 से 20 सेंटीमीटर तक बहुत भारी बारिश दर्ज हुई है। वहीं पूर्वी राजस्थान, हिमाचल प्रदेश, गुजरात क्षेत्र, उत्तराखंड, कोंकण, मध्य महाराष्ट्र, पश्चिम उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल और सिक्किम, असम तथा पूर्वी मध्य प्रदेश में 7 से 11 सेंटीमीटर तक भारी बारिश रिकॉर्ड की गई है।

झारखंड में बना डिप्रेशन और प्रमुख मौसमी सिस्टम

आईएमडी के अनुसार, मानसून ट्रफ का पश्चिमी सिरा अपनी सामान्य स्थिति से उत्तर की ओर है जबकि पूर्वी सिरा दक्षिण में स्थित है। तटीय पश्चिम बंगाल के ऊपर बना डिप्रेशन 14 अगस्त की सुबह झारखंड और उससे सटे गांगेय पश्चिम बंगाल के ऊपर केंद्रित था। यह तंत्र पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा की ओर बढ़ते हुए झारखंड और उत्तरी छत्तीसगढ़ को पार करेगा और अगले 12 घंटों के दौरान कमजोर होकर स्पष्ट निम्न दबाव के क्षेत्र में बदल जाएगा। इसके असर से कुछ इलाकों में भारी बारिश दर्ज की जाएगी।

उत्तर-पश्चिम भारत: यूपी, दिल्ली और पहाड़ी राज्यों का हाल

उत्तर-पश्चिम भारत के राज्यों में 14 से 20 अगस्त के दौरान व्यापक बारिश की संभावना है। हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर-लद्दाख और उत्तराखंड में पूरे सप्ताह हल्की से मध्यम और कई स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है। हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली और पंजाब में 14 से 15 अगस्त और फिर 17 से 18 अगस्त को काफी बारिश और भारी बौछारों का अनुमान है।

पश्चिम उत्तर प्रदेश में 14 से 16 अगस्त और 18 अगस्त को भारी बारिश हो सकती है, जबकि 14, 16 और 17 अगस्त को कुछ स्थानों पर बहुत भारी बारिश की चेतावनी दी गई है। पूर्वी उत्तर प्रदेश में 14 अगस्त और 16 से 20 अगस्त के दौरान मूसलाधार बारिश होगी, जिसमें 14, 16 और 17 अगस्त को अत्यधिक भारी बारिश का पूर्वानुमान जताया गया है। उत्तराखंड में 14 से 17 अगस्त तक, हिमाचल प्रदेश में 14, 17 और 18 अगस्त को और जम्मू-कश्मीर क्षेत्र में 17 अगस्त को बहुत भारी वर्षा होने की संभावना है। उत्तराखंड और पश्चिम उत्तर प्रदेश में बिजली चमकने और गरज के साथ बौछारें पड़ने का अलर्ट भी है।

मध्य भारत: मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और विदर्भ में मूसलाधार

मध्य भारत में डिप्रेशन के सीधे असर से बारिश का जोर रहेगा। पश्चिम मध्य प्रदेश में 14 से 16 अगस्त तक अधिकांश स्थानों पर बारिश होग, जबकि 14 से 18 अगस्त के बीच भारी बारिश दर्ज की जा सकती है। इसके बाद 17 से 20 अगस्त तक छिटपुट बारिश का अनुमान है। छत्तीसगढ़ और पूर्वी मध्य प्रदेश में 14 से 20 अगस्त तक व्यापक बारिश का सिलसिला जारी रहेगा। इन दोनों राज्यों में 14 और 15 अगस्त को पृथक स्थानों पर बहुत भारी बारिश होगी जबकि 16 से 18 अगस्त के दौरान भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। विदर्भ में 14 से 18 अगस्त तक व्यापक बारिश और भारी बौछारें पड़ने की उम्मीद है। साथ ही छत्तीसगढ़ में 14 से 18 अगस्त के दौरान गरज-चमक के साथ बिजली गिरने की आशंका जताई गई है।

पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत: झारखंड, ओडिशा और बिहार में चेतावनी

पूर्वी भारत के राज्यों में मौसम बेहद खराब रहने का अनुमान है। अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, गांगेय पश्चिम बंगाल, झारखंड, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में 14 से 20 अगस्त तक झमाझम बारिश होगी। ओडिशा में 14-15 अगस्त और 17-19 अगस्त के दौरान और बिहार में 16 से 19 अगस्त तक व्यापक बारिश दर्ज की जाएगी।

झारखंड और ओडिशा में 14 अगस्त को बहुत भारी बारिश की संभावना जताई गई है, जिसके बाद 15 से 18 अगस्त तक भारी बारिश का दौर जारी रहेगा। उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में 16 और 17 अगस्त को बहुत भारी बारिश हो सकती है। बिहार में 14 से 19 अगस्त के दौरान भारी बारिश होगी। इसके साथ ही अंडमान और निकोबार, बिहार, झारखंड, ओडिशा और पश्चिम बंगाल के इलाकों में 30 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने और बिजली चमकने का अलर्ट जारी किया गया है।

पूर्वोत्तर भारत में अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में 14 से 20 अगस्त के दौरान अधिकांश स्थानों पर मध्यम से भारी बारिश होगी। अरुणाचल प्रदेश में 16 से 18 अगस्त तक और असम-मेघालय में 16 अगस्त को बहुत भारी वर्षा की संभावना जताई गई है।

पश्चिम और दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत का मौसम

पश्चिम भारत के तटीय क्षेत्रों में मानसून मेहरबान रहेगा। कोंकण और गोवा में 14 से 20 अगस्त तक व्यापक बारिश जारी रहेगी, जिसमें 14 और 16 अगस्त को भारी बारिश हो सकती है। गुजरात क्षेत्र में 14 और 15 अगस्त को भारी बारिश का अनुमान है, जबकि मध्य महाराष्ट्र के घाट क्षेत्रों में 14 से 18 अगस्त तक भारी वर्षा होने की संभावना है।

दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत में तटीय कर्नाटक में 14 से 20 अगस्त तक लगातार बारिश होगी। केरल और माहे तथा लक्षद्वीप में 14 से 16 अगस्त और 19 से 20 अगस्त के दौरान बारिश का जोर रहेगा। तमिलनाडु, पुडुचेरी, कराइकल और केरल में 14 अगस्त को भारी वर्षा दर्ज हो सकती है। तटीय आंध्र प्रदेश, रायलसीमा, कर्नाटक और तेलंगाना में 14 से 18 अगस्त के दौरान तेज सतही हवाएं चलने और तेज गरज-चमक के साथ बारिश होने का पूर्वानुमान व्यक्त किया गया है।