शिक्षा को लेकर क्यों सड़क पर उतरने को मजबूर है Gen-Alfa 8 साल में 84 हजार स्कूल बंद!

शिक्षा को लेकर क्यों सड़क पर उतरने को मजबूर है Gen-Alfa 8 साल में 84 हजार स्कूल बंद!

84 thousand government schools closed in India

UDISE education data: देश की सबसे युवा पीढ़ी—Gen-Alfa (जनरेशन अल्फा)—आज किताबों के साथ-साथ अपने अधिकारों और बेहतर शिक्षा की मांग को लेकर सड़कों पर उतरने को मजबूर है। यूनिफाइड डिस्ट्रिक्ट इन्फॉर्मेशन सिस्टम फॉर एजुकेशन (UDISE) के हालिया आंकड़ों ने देश की स्कूली शिक्षा प्रणाली की एक ऐसी तस्वीर पेश की है, जिसने नीति-निर्माताओं से लेकर आम जनता तक को सोचने पर मजबूर कर दिया है।

एक तरफ कॉकरोच जनता पार्टी’ (CJP) के स्कूल ठीक करो अभियान ने ग्रामीण क्षेत्रों के सरकारी स्कूलों की बदहाली, शिक्षकों की कमी और डिजिटल सुविधाओं के अभाव को राष्ट्रीय मुद्दा बना दिया है, तो दूसरी तरफ सरकारी आंकड़ों ने पुष्टि कर दी है कि पिछले आठ वर्षों में देश के शिक्षा ढांचे में बड़ा संकुचन (Contraction) आया है।

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बड़ी चिंता : वर्ष 2025-26 के आंकड़ों के मुताबिक, 3 से 17 वर्ष की आयु के लगभग 31 प्रतिशत पात्र बच्चे (करीब 11.1 करोड़) स्कूलों में नामांकित ही नहीं हैं। यह आंकड़ा 2018-19 से लगातार इसी स्तर पर बना हुआ है।

84 thousand government schools closed in India

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माध्यमिक स्तर पर ड्रॉपआउट और बजटीय आवंटन की चुनौती

छात्रों को उच्च स्तर तक स्कूल में बनाए रखना (Retention) एक बड़ी चुनौती बना हुआ है:

  • ड्रॉपआउट दर: माध्यमिक स्तर (Secondary level) पर ड्रॉपआउट दर 7% दर्ज की गई, जबकि प्राथमिक स्तर पर यह नगण्य है।
  • रिटेंशन रेट: माध्यमिक स्तर पर छात्रों को रोककर रखने की दर केवल 44% है—यानी आधे से ज्यादा छात्र माध्यमिक स्तर तक पहुंचते-पहुंचते शिक्षा छोड़ देते हैं।

शिक्षा बजट में बजटीय कटौती

सरकारी स्कूलों की संख्या और नामांकन में गिरावट का एक बड़ा कारण सार्वजनिक खर्च (Public Expenditure) में कमी भी है:

  • स्कूल शिक्षा व साक्षरता विभाग: केंद्रीय बजट में हिस्सेदारी FY2010 के 1.9% से घटकर FY2026 में 1.4% रह गई।
  • उच्च शिक्षा विभाग: बजटीय हिस्सेदारी 1.4% से घटकर 1.0% हो गई।

आंकड़े साफ संकेत देते हैं कि भारत की स्कूली शिक्षा व्यवस्था एक गंभीर संकट और बड़े बदलाव के मुहाने पर खड़ी है। सरकारी स्कूलों का बंद होना, घटता नामांकन, बजट में कमी और डिजिटल असमानता ऐसे मुद्दे हैं, जो Gen-Alfa के भविष्य पर सवालिया निशान लगा रहे हैं। जब तक शिक्षा पर सार्वजनिक निवेश नहीं बढ़ेगा और बुनियादी ढांचे को आधुनिक तकनीकों से नहीं जोड़ा जाएगा, तब तक 'हर बच्चे को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा' का सपना अधूरा ही रहेगा।

School Holiday Tomorrow: क्या कल बंद रहेंगे स्कूल? जानें यूपी, बिहार, झारखंड और दिल्ली-एनसीआर पर क्या है ताजा अपडेट

School Holiday Tomorrow: देश के कई हिस्सों में मॉनसून के एक बार फिर तेज होने की खबरें आ रही हैं। कई राज्यों में भारी बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त है। इंडिया मेटियोरोलॉजिकल डिपार्टमेंट (IMD) ने कई राज्यों के लिए बारिश का अलर्ट जारी किया है। इस वजह से, अभिभावक और छात्र दुविधा में हैं कि मंगलवार, 25 अगस्त, 2026 को स्कूल बंद रहेंगे या नियमित क्लास चलती रहेंगी।

क्या 25 अगस्त को स्कूल बंद रहेंगे?

अभी 25 अगस्त को स्कूल बंद करने का कोई एक देशव्यापी ऑर्डर नहीं है। खराब मौसम की वजह से स्कूल की छुट्टियां आम तौर पर स्थानीय स्तर पर तय की जाती हैं। अगर भारी बारिश, बाढ़ या पानी भरने से खतरनाक हालात बनते हैं, तो जिलाधिकारी या स्थानीय प्रशासन छुट्टी का ऐलान कर सकता है। इसलिए अभिभावकों को ताजा जानकारी के लिए अपने बच्चे के स्कूल के WhatsApp ग्रुप, ऑफिशियल नोटिस, वेबसाइट या डिस्ट्रिक्ट एडमिनिस्ट्रेशन से मिली जानकारी देखनी चाहिए।

25 अगस्त मौसम का अनुमान

मौसम के ताजा अनुमान के मुताबिक, 25 अगस्त को देश के कई हिस्सों में बारिश होने का अनुमान है।

दिल्ली-एनसीआर : आसमान में बादल छाए रहने की उम्मीद है, सुबह से शाम तक हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। दिल्ली के लिए अभी कोई बड़ा रेड अलर्ट जारी नहीं किया गया है।

उत्तर प्रदेश : पश्चिमी और पूर्वी उत्तर प्रदेश के कई जिलों में 25 अगस्त को भारी बारिश हो सकती है।

बिहार और झारखंड : 25 और 26 अगस्त को बड़े पैमाने पर बारिश होने की उम्मीद है, कुछ इलाकों में भारी बौछारें और गरज के साथ बारिश हो सकती है।

बारिश और पानी भरने से कई शहरों में ट्रैफिक पर भी असर पड़ सकता है।

अभिभावकों और छात्रों को क्या करना चाहिए?

अक्सर बारिश की वजह से स्कूल खुले या बंद होने को लेकर भ्रम हो सकता है। खासकर जब सोशल मीडिया पर जानकारी तेजी से फैलती है। अभिभावकों और छात्रों को इन बातों का ध्यान रखना चाहिए : असत्यापित सोशल मीडिया पोस्ट या मैसेज के आधार पर फैसला लेने से बचें। माता-पिता को अपने बच्चे के स्कूल के WhatsApp ग्रुप, ऑफिशियल नोटिस और डिस्ट्रिक्ट एडमिनिस्ट्रेशन के अनाउंसमेंट को फॉलो करना चाहिए।

अगर आपके इलाके में भारी बारिश हो रही है या पानी भर गया है, तो स्कूल जाने से पहले मौसम और सड़क की हालत देख लें। जब तक स्कूल या लोकल एडमिनिस्ट्रेशन छुट्टी का ऐलान न करे, स्टूडेंट्स को स्कूल के रेगुलर इंस्ट्रक्शन्स मानने चाहिए।

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Heavy Rain Alerts: उत्तराखंड में अगले 24 घंटे बेहद भारी! स्कूल बंद…इन जिलों में हाई अलर्ट, जान लें IMD का लेटेस्ट अपडेट

Heavy Rain Alerts: राजधानी दिल्ली समेत पूरे उत्तर भारत में इस समय मानसून की बारिश देखने को मिल रही है। वहीं देश के पहाड़ी राज्यों में बारिश ने अपना रौद्र रूप भी दिखाना शुरू कर दिया है। उत्तराखंड में अगले 24 घंटे भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग के अनुसार, बारिश की गतिविधियां रात के समय और तेज हो सकती हैं और अगले दो दिनों तक इसका असर बना रह सकता है। 6 अगस्त को चमोली, बागेश्वर और देहरादून जिलों के कुछ इलाकों में भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना जताई गई है।

इन जिलों के लिए जारी हुआ अलर्ट

मौसम विभाग ने 5 और 6 अगस्त के लिए कई जिलों में ऑरेंज और येलो अलर्ट जारी किया है। विभाग का कहना है कि 7 से 10 अगस्त के बीच भी राज्य के कई हिस्सों में बारिश का सिलसिला बना रह सकता है। मौसम विभाग के अनुसार, 5 अगस्त को देहरादून, बागेश्वर और पिथौरागढ़ जिलों में कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। वहीं, अन्य पहाड़ी जिलों और ऊधम सिंह नगर में भी कई जगहों पर भारी बारिश होने की संभावना जताई गई है। ऐसे में लोगों को सतर्क रहने और मौसम विभाग की सलाह का पालन करने की अपील की गई है।

भारी बारिश का अलर्ट, स्कूलों की छुट्टी

देहरादून में रातभर हुई तेज बारिश के कारण टोंस नदी का जलस्तर बढ़ गया। इसे देखते हुए जिला प्रशासन ने एहतियात के तौर पर बुधवार को सभी स्कूल बंद रखने का फैसला किया है। देहरादून जिला प्रशासन ने बुधवार को सभी स्कूलों और आंगनवाड़ी केंद्रों में एक दिन की छुट्टी घोषित कर दी है। यह आदेश पहली से 12वीं कक्षा तक के सभी सरकारी और निजी स्कूलों के साथ-साथ जिले के सभी आंगनवाड़ी केंद्रों पर लागू रहेगा।

अलर्ट पर रखे गए सभी विभाग

वहीं, उत्तराखंड सरकार ने सभी विभागों को किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार रहने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अधिकारियों को हाई अलर्ट पर रहने को कहा है। उन्होंने राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (एसडीआरएफ), राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (एनडीआरएफ) और सभी जिला प्रशासन को अलर्ट रहने तथा किसी भी आपात स्थिति में तुरंत राहत और बचाव कार्य शुरू करने के आदेश दिए हैं। साथ ही उन्होंने लोगों और पर्यटकों से अपील की है कि वे बिना जरूरी काम के यात्रा न करें और मौसम विभाग व प्रशासन की ओर से जारी सलाह का पालन करें।

इन इलाकों में मौसम ने दिखाया रौद्र रूप

लगातार हो रही बारिश का असर उत्तराखंड के कई इलाकों में देखने को मिल रहा है। रुद्रप्रयाग जिले में मदमहेश्वर धाम जाने वाले रास्ते पर मारकंडा नदी का अस्थायी पुल तेज बहाव में बह गया, जिससे यात्रा प्रभावित हो गई है। सावन के महीने में बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे हैं, इसलिए फिलहाल लोग और स्थानीय निवासी नदी पार करने के लिए ट्रॉली की मदद ले रहे हैं। वहीं, मंगलवार रात हुई भारी बारिश के कारण कॉर्बेट टाइगर रिजर्व में जंगल सफारी भी प्रभावित हुई। तेज बहाव वाली नदियों में कई वाहन फंस गए थे। हालांकि, सभी 20 पर्यटकों, गाइड और ड्राइवरों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। एहतियात के तौर पर ढेला और झिरना सफारी जोन को फिलहाल बंद कर दिया गया है।

12 अगस्त तक नहीं खुलेंगे स्कूल-कॉलेज! कांवड़ यात्रा को लेकर यूपी के इन जिलों में प्रशासन का बड़ा फैसला

उत्तर प्रदेश में कांवड़ यात्रा के दौरान बढ़ती भीड़ को देखते हुए मेरठ और गाजियाबाद प्रशासन ने बड़ा फैसला लिया है। अधिकारियों ने दोनों जिलों के सभी स्कूल, कॉलेज और अन्य इंस्टिट्यूट संस्थान को 12 अगस्त तक बंद रखने का आदेश दिया है। ये फैसला छात्रों की सुरक्षा और ट्रैफिक व्यवस्था को बेहतर बनाए रखने के लिए लिया गया है। सावन के महीने में कांवड़ यात्रा के दौरान लाखों श्रद्धालु कई पवित्र जगहों से गंगाजल लेकर पैदल शिव मंदिरों तक जाते हैं। आइए जानते हैं कहां-कहां पर बंद होगे स्कूल और कॉलेज

12 अगस्त तक बंद होंगे स्कूल-कॉलेज

मेरठ में जिला अधिकारी वी.के. सिंह के निर्देश पर सोमवार से सभी स्कूल, कॉलेज, विश्वविद्यालय और तकनीकी शिक्षण संस्थान बंद कर दिए गए हैं। आदेश के अनुसार, कक्षा 1 से 12 तक के सभी सरकारी और निजी स्कूल 12 अगस्त तक बंद रहेंगे। इसमें बेसिक शिक्षा परिषद, यूपी बोर्ड, सीबीएसई, सीआईएससीई, मदरसा बोर्ड और अन्य मान्यता प्राप्त बोर्डों से जुड़े स्कूल शामिल हैं। इसके अलावा सभी सरकारी और निजी कॉलेज, विश्वविद्यालय तथा तकनीकी शिक्षण संस्थानों में भी इस अवधि के दौरान नियमित कक्षाएं नहीं चलेंगी।

प्रशासन ने कहा कि, सावन शिवरात्रि के अवसर पर जिले से बड़ी संख्या में कांवड़ यात्रियों के गुजरने की संभावना है। ऐसे में छात्रों की सुरक्षा बनाए रखने और यातायात व्यवस्था को सुचारु रखने के लिए ये फैसला लिया गया है।

गाजियाबाद में कब तक बंद रहेंगे स्कूल-कॉलेज

गाजियाबाद प्रशासन ने भी नर्सरी से कक्षा 12 तक के सभी स्कूलों के साथ-साथ कॉलेज, विश्वविद्यालय और तकनीकी शिक्षण संस्थानों को 4 अगस्त से 12 अगस्त तक बंद रखने का आदेश जारी किया है। आदेश के अनुसार, ये आदेश बेसिक शिक्षा परिषद, उत्तर प्रदेश बोर्ड, सीबीएसई, आईसीएसई, मदरसा बोर्ड और अन्य मान्यता प्राप्त बोर्डों से जुड़े सभी शिक्षण संस्थानों पर लागू होगी। जिला विद्यालय निरीक्षक (DIOS) की ओर से जारी आदेश में कहा गया है कि जिले के विभिन्न मार्गों पर बड़ी संख्या में कांवड़ यात्रियों और श्रद्धालुओं की आवाजाही शुरू हो चुकी है। ऐसे में डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट (DM) के निर्देश पर छात्रों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए यह फैसला लिया गया है।

निर्देशों का सख्ती से हो पालन

गाजियाबाद प्रशासन ने बताया कि, पहले से निर्धारित किसी भी पाठ्यक्रम या विषय की परीक्षाएं तय कार्यक्रम के अनुसार ही आयोजित की जाएंगी और उन्हें इस आदेश से बाहर रखा गया है। मेरठ प्रशासन ने स्पष्ट किया कि जिन परीक्षाओं का कार्यक्रम पहले से तय है, वे अपने निर्धारित समय के अनुसार ही आयोजित की जाएंगी और उन पर स्कूल बंद रहने का आदेश लागू नहीं होगा। वहीं मेरठ और गाजियाबाद दोनों जिलों के अधिकारियों ने सभी स्कूलों, कॉलेजों और संबंधित विभागों को जारी निर्देशों का सख्ती से पालन करने के लिए कहा है।

जम्मू-कश्मीर में बादल फटने से मची तबाही, किश्तवाड़ में फ्लैश फ्लड, 3 जिलों के स्कूल बंद

जम्मू-कश्मीर के चेनाब घाटी क्षेत्र में शनिवार तड़के हुई तेज बारिश और चत्रू इलाके में बादल फटने से हालात बिगड़ गए। अचानक आई बाढ़ के कारण लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी प्रभावित हुई। स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने किश्तवाड़, डोडा और रामबन जिलों के सभी स्कूल बंद कर दिए। अधिकारियों के अनुसार, रात करीब 2:30 बजे चत्रू इलाके में बादल फटा। इसके बाद तेज पानी के साथ कीचड़, पत्थर और मलबा बाजार में आ गया, जिससे मुख्य बाजार का बड़ा हिस्सा प्रभावित हुआ। मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, बाढ़ की वजह से किश्तवाड़-चत्रू-सिंथन राष्ट्रीय राजमार्ग भी बंद हो गया, जिससे लोगों की आवाजाही रुक गई।

फिलहाल किसी के घायल होने या मौत की सूचना नहीं है। हालांकि, बाढ़ से काफी नुकसान हुआ है। कई घरों और दुकानों में पानी भर गया, जबकि नाले के किनारे खड़ी कम से कम दो गाड़ियां तेज बहाव में बह गईं।

बाढ़ से आकलन का किया जा रहा है नुकसान 

अधिकारियों ने बताया कि बाढ़ से हुए नुकसान का आकलन किया जा रहा है। प्रशासन प्रभावित इलाकों का सर्वे कर रहा है, ताकि नुकसान का सही पता लगाया जा सके। केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने कहा कि जिन दुकानदारों और कारोबारियों को इस आपदा में नुकसान हुआ है, उन्हें सरकार के राहत नियमों के तहत मुआवजा दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि घटना की जानकारी मिलते ही उन्होंने जिला प्रशासन से बात कर हालात की जानकारी ली और जरूरी कदम उठाने के निर्देश दिए। जितेंद्र सिंह ने पिछले साल चसोती में बादल फटने की घटना का भी जिक्र किया, जिसमें 63 लोगों की जान चली गई थी। इनमें ज्यादातर श्रद्धालु थे। उन्होंने कहा कि उस हादसे के बाद आपदा से निपटने की तैयारियों को और मजबूत किया गया है। अब किश्तवाड़ और मचैल में समय से पहले चेतावनी देने वाले सिस्टम लगाए गए हैं। इसके अलावा, पैडर इलाके में एक ऑटोमैटिक मौसम केंद्र भी स्थापित किया गया है, ताकि खराब मौसम की सटीक जानकारी समय पर मिल सके और राहत-बचाव कार्य तेजी से किए जा सकें।

 बंद हैं सभी स्कूल 

एहतियात के तौर पर प्रशासन ने किश्तवाड़ जिले के सभी सरकारी और निजी स्कूल पूरे दिन बंद रखने का फैसला किया। भारी बारिश, फिसलन भरी सड़कें, भूस्खलन और पहाड़ों से पत्थर गिरने के खतरे को देखते हुए यह कदम उठाया गया। वहीं, पड़ोसी डोडा और रामबन जिलों में भी स्कूल बंद रहे और छात्रों की पढ़ाई के लिए ऑनलाइन कक्षाएं चलाने के निर्देश दिए गए। लगातार हो रही बारिश और बादल फटने की घटना से पूरे चेनाब घाटी क्षेत्र में जनजीवन प्रभावित हुआ है। कई जगह संपत्ति को नुकसान पहुंचा, जबकि सड़कें बंद होने से यातायात भी ठप हो गया। हालांकि, राहत की बात यह है कि प्रशासन के अनुसार इस घटना में किसी की जान नहीं गई है।

कल का मौसम 9 जुलाई: यूपी, बिहार, MP समेत इन 22+ राज्यों में IMD जारी किया भारी बारिश का अलर्ट, कई जगह आंधी-तूफान की भी चेतावनी

Weather Forecast for July 9: देश भर में दक्षिण-पश्चिम मानसून तेजी से आगे बढ़ रहा है। अगले 2 से 3 दिनों के भीतर इसके पंजाब, हरियाणा, राजस्थान और उत्तरी अरब सागर के बचे हुए हिस्सों को कवर करते हुए पूरे देश में सक्रिय होने के लिए परिस्थितियां पूरी तरह अनुकूल हैं। मौसम प्रणालियों की बात करें तो उत्तर-पश्चिम मध्य प्रदेश और उससे सटे दक्षिण-पश्चिम उत्तर प्रदेश के ऊपर एक वेल-मार्कड लो प्रेशर एरिया बना हुआ है। इसके साथ हील दक्षिण गुजरात से लेकर केंद्रीय केरल तक ऑफ-शोर ट्रफ और उत्तर-पश्चिम राजस्थान से लेकर उत्तर-पूर्व बांग्लादेश तक सीजनल ट्रफ सक्रिय है।

इन मजबूत वेदर सिस्टम्स के चलते भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 9 जुलाई को उत्तर प्रदेश, बिहार और मध्य प्रदेश समेत देश के 22 से अधिक राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश और आंधी-तूफान का अलर्ट जारी किया है।

इन 7 राज्यों में बहुत भारी बारिश की चेतावनी

मौसम विभाग के ताजा बुलेटिन के मुताबिक 9 जुलाई को देश के 7 राज्यों में अलग-अलग स्थानों पर मूसलाधार से बहुत भारी बारिश होने की प्रबल आशंका जताई गई है:-

उत्तर प्रदेश (पश्चिमी हिस्सा)

बिहार

मध्य प्रदेश

पूर्वी राजस्थान

उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम

अरुणाचल प्रदेश

असम और मेघालय

दिल्ली-NCR और गुजरात समेत इन 16 राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट

9 जुलाई को देश के कई अन्य हिस्सों और राज्यों में भी भारी बारिश दर्ज किए जाने का पूर्वानुमान जारी किया गया है। इन इलाकों और राज्यों के नाम नीचे दिए गए हैं-

उत्तर प्रदेश (पूर्वी हिस्सा)

हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली

पंजाब और उत्तराखंड

हिमाचल प्रदेश

गुजरात क्षेत्र

कोंकण और गोवा

मध्य महाराष्ट्र

गांगेय पश्चिम बंगाल

केरल और माहे

तटीय कर्नाटक और दक्षिण आंतरिक कर्नाटक

तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराइकल

नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा

आंधी-तूफान, बिजली और तेज हवाओं की चेतावनी

बारिश के साथ-साथ मौसम विभाग ने देश के अलग-अलग हिस्सों में हवा की रफ्तार और गरज-चमक को लेकर भी अलर्ट जारी किया है:-

50 से 60 किमी/घंटे की रफ्तार से थंडरस्कॉल: केरल और माहे, लक्षद्वीप, तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराइकल और तेलंगाना में अलग-अलग स्थानों पर 50 से 60 किमी प्रति घंटे (झोंके 70 किमी प्रति घंटे तक) की तूफानी रफ्तार से आंधी-तूफान आने और हवाएं चलने की आशंका है।

40 से 50 किमी/घंटे की रफ्तार से आंधी और बिजली: राजस्थान, गुजरात राज्य, संपूर्ण कर्नाटक, आंध्र प्रदेश, गांगेय पश्चिम बंगाल, झारखंड और जम्मू-कश्मीर-लद्दाख में अलग-अलग हिस्सों पर 40-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से झोंकेदार हवाएं चलने और आकाशीय बिजली कड़कने का अलर्ट है।

30 से 40 किमी/घंटे की रफ्तार से हवाएं: अंडमान और निकोबार द्वीप समूह तथा ओडिशा में 30-40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली तेज हवाओं के साथ गरज-चमक की स्थिति बन सकती है।

गरज-चमक और बिजली का अलर्ट: अरुणाचल प्रदेश, असम और मेघालय, उत्तराखंड, तथा नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में अलग-अलग स्थानों पर गरज-चमक के साथ आकाशीय बिजली गिरने की चेतावनी दी गई है। इसके अलावा कर्नाटक, केरल एवं माहे, लक्षद्वीप और तमिलनाडु, पुडुचेरी एवं कराइकल में सतह पर बहुत मजबूत हवाएं चलने का भी अनुमान है।

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Mumbai-Pune traffic: भारी बारिश और भूस्खलन के बाद मुंबई-पुणे रूट पर बह गई पटरियां! 16 ट्रेनें रद्द, Mumbai-Pune expressway भी बंद

Mumbai-Pune traffic: मुंबई-पुणे के व्यस्त रेल रूट्स पर मूसलाधार बारिश के कारण करजत-लोनावला घाट सेक्शन में भूस्खलन हो गया है। इससे रेल ट्रैफिक बुरी तरह प्रभावित हुआ है। मध्य रेलवे के मुंबई मंडल के ठाकुरवाड़ी और मंकी हिल लूप केबिन के बीच अप मेन लाइन पर मलबा और बड़े पत्थर गिरने से ट्रेनों का संचालन रोकना पड़ा। भारी बारिश और भूस्खलन के बाद मुंबई-पुणे रूट पर ट्रेन की पटरियां पानी में बह गई हैं।

मुंबई डिवीजन में ठाकुरवाड़ी (TKW) और मंकी हिल लूप केबिन (MHLC) के बीच ‘अप मेन लाइन’ पर मलबा गिरने के बाद सेंट्रल रेलवे ने सोमवार को 16 ट्रेनों को रद्द करने और 9 अन्य ट्रेनों का रूट बदलने की घोषणा की।

सेंट्रल रेलवे के अनुसार, घाट इलाके में लगातार भारी बारिश के कारण भूस्खलन हुआ है। इससे मुंबई और पुणे को जोड़ने वाले सबसे व्यस्त रेलवे कॉरिडोर में से एक पर ट्रेनों की आवाजाही प्रभावित हुई। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने स्थिति की समीक्षा करते हुए कहा कि भारी भूस्खलन और ट्रैक पर गिरे बोल्डरों के कारण राहत एवं बहाली का कार्य युद्धस्तर पर जारी है।

उन्होंने पश्चिम रेलवे और मध्य रेलवे के अधिकारियों को समन्वय के साथ काम कर जल्द से जल्द रेल सेवाएं बहाल करने के निर्देश दिए। इस बीच, मौसम विभाग (IMD) की ओर से सोमवार यानी 6 जुलाई को भी मुंबई समेत महाराष्ट्र के कई जिलों में भारी बारिश की आशंका जताई गई है।

रद्द की गई प्रमुख ट्रेनें

CSMT–पुणे इंद्रायणी एक्सप्रेस

पुणे–सोलापुर इंटरसिटी एक्सप्रेस

CSMT–पुणे इंटरसिटी एक्सप्रेस

डेक्कन एक्सप्रेस

डेक्कन क्वीन

प्रगति एक्सप्रेस

सिंहगढ़ एक्सप्रेस

CSMT–धुले एक्सप्रेस

इसके अलावा अहमदाबाद-कोल्हापुर एक्सप्रेस, अहमदाबाद-पुणे दुरंतो, बीदर-CSMT एक्सप्रेस, हज़ूर साहिब नांदेड़-पनवेल एक्सप्रेस, एलटीटी-एसएमवीटी बेंगलुरु एक्सप्रेस, चेन्नई एग्मोर-CSMT मेल समेत नौ लंबी दूरी की ट्रेनों को वैकल्पिक रूट्स से चलाया जा रहा है। मध्य रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी स्वप्निल नीला ने बताया कि घाट सेक्शन में लगातार बारिश और तेज हवाओं के कारण पिछले दो दिनों में 327 मिमी और 162 मिमी वर्षा दर्ज की गई।

जबकि सोमवार को केवल चार घंटे में 140 मिमी बारिश हुई, जिससे भूस्खलन और गंभीर हो गया। प्रभावित ट्रैक से मलबा हटाने और रेल सेवाएं सामान्य करने के लिए सभी संसाधन लगाए गए हैं। रेलवे ने यात्रियों से अपील की है कि यात्रा शुरू करने से पहले अपनी ट्रेन की ताजा स्थिति अवश्य जांच लें, क्योंकि करजत-लोनावला घाट सेक्शन में बहाली का कार्य अभी जारी है।

यात्रियों के लिए हेल्पलाइन

CSMT: 022-22694040

ठाणे: 9321336747

लोनावला: 8356854238

दादर: 9136452387

पनवेल: 9004410777

एलटीटी: 9321336835

कल्याण: 8356848078

मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे बंद

मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे और मुंबई-पुणे पुराना हाईवे भारी बारिश, बाढ़ और भूस्खलन के बाद सोमवार को बंद कर दिया गया। अधिकारियों ने सुरक्षा चिंताओं का हवाला देते हुए नागरिकों से अगले आदेश तक पुणे और मुंबई के बीच यात्रा से बचने की अपील की है।

पुलिस ने एडवाइजरी जारी करते हुए कहा कि मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे और पुराने हाईवे पर दोनों ओर से वाहनों की आवाजाही अगले आदेश तक रोक दी गई है। एडवाइजरी में कहा गया है, “लोगों से अनुरोध है कि अगले निर्देश तक पुणे और मुंबई के बीच यात्रा करने से बचें। जो लोग यात्रा की योजना बना रहे हैं, उन्हें अपनी यात्रा स्थगित करने और सरकारी एजेंसियों द्वारा जारी ट्रैवल एजवाइजरी का पालन करने की सलाह दी जाती है।”

वैकल्पिक रूट्स भी प्रभावित

पुलिस ने बताया कि मावल और ताम्हिणी घाट के कुछ हिस्सों में बाढ़ जैसी स्थिति बन गई है, जिससे पुणे और मुंबई को जोड़ने वाले वैकल्पिक रूट्स भी प्रभावित हुए हैं। पुलिस के मुताबिक, पुणे-मुंबई एक्सप्रेसवे को एक कंक्रीट का खंभा गिर जाने के बाद ‘कनेक्टिंग लिंक’ और ‘मिसिंग लिंक’ सेक्शन के बीच ट्रैफिक के लिए बंद कर दिया गया है।

उन्होंने बताया कि कई स्थानों पर पानी भर जाने के कारण मुंबई-पुणे पुराने हाईवे को बंद कर दिया गया है। पुलिस ने बताया कि लोहगढ़ किले के पास पाटन गांव में भूस्खलन हुआ है, जहां प्रभावित इलाके में एक परिवार के फंसे होने की सूचना है।

स्कूल बंद

उन्होंने बताया कि बचाव अभियान शुरू कर दिया गया है। इसके अलावा, भारी बारिश को देखते हुए पुणे जिला प्रशासन ने सभी स्कूलों के लिए छुट्टी की घोषणा की है। अधिकारियों ने बताया कि भारी बारिश के दौरान सोमवार तड़के खोपोली-कुसगाव ‘मिसिंग लिंक’ की सुरंग-दो के निकास के पास भूस्खलन होने के बाद मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे पर ट्रैफिक बाधित हो गया।

दो महीने पहले शुरू किया गया मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे का ‘मिसिंग लिंक’ 13 किलोमीटर लंबा बाईपास है। इस रूट के बन जाने से अब यात्रा में 25 से 30 मिनट तक कम समय लगता है। महाराष्ट्र राज्य सड़क परिवहन निगम (एमएसआरडीसी) ने बताया कि यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए एहतियात के तौर पर सोमवार तड़के चार बजे से मार्ग में परिवर्तन किया गया।

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निगम ने कहा कि वह हाईवे ट्रैफिक पुलिस के साथ समन्वय कर स्थिति पर लगातार नजर रखे हुए है। साथ ही वाहन चालकों को सलाह दी गई है कि अत्यंत आवश्यक होने पर ही इस मार्ग से यात्रा करें।पश्चिमी महाराष्ट्र के सांगली से मुंबई जा रहे एक वाहन चालक ने पीटीआई को बताया कि वह तड़के चार बजे से लोनावला के पास फंसे हुए हैं, क्योंकि मिसिंग लिंक बंद होने के बाद मुंबई जाने वाले रूट में परिवर्तन कर दिया गया है।

Delhi Weather Today: दिल्ली में आज भारी बारिश के साथ आंधी-तूफान की संभावना, IMD ने जारी किया ऑरेंज अलर्ट

Delhi Weather Today: सोमवार, 6 जुलाई को दिल्ली में मध्यम से भारी बारिश होने की संभावना है, जिसको देखते हुए भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने राजधानी के लिए ‘ऑरेंज अलर्ट’ जारी किया है और दिन भर तेज बारिश और आंधी-तूफान का अनुमान जताया है। मौसम विभाग के अनुसार, दिन भर बिजली कड़कने और 40 से 50 किमी/घंटा की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं।

आज का पूरा मौसम का हाल देखें

मौसम के अनुमान के मुताबिक, आसमान में आमतौर पर बादल छाए रहेंगे और अधिकतम तापमान लगभग 32 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 27 डिग्री सेल्सियस रहने की उम्मीद है। शाम और रात में भी बारिश जारी रहने की संभावना है, साथ ही मौसम के हालात ऐसे ही बने रहेंगे, जिसमें आंधी-तूफान और तेज हवाएं भी शामिल हैं।

वहीं, बीते दिन यानी रविवार को दिल्ली के मौसम में थोड़ा बदलाव देखा गया। दिनभर हल्की बूंदाबांदी के बावजूद उमस बनी रही। मौसम में आए इस बदलाव का असर दिल्ली एयरपोर्ट पर भी देखने को मिला। खराब मौसम की वजह से कुछ उड़ानों में देरी हुई, जिसके बाद कई एयरलाइंस ने यात्रियों के लिए ट्रैवल एडवाइजरी भी जारी की।

दिल्ली में मॉनसून का आगमन

खास बात यह है कि दक्षिण-पश्चिम मानसून आखिरकार गुरुवार को दिल्ली पहुंच गया। यह अपने सामान्य समय से पांच दिन देरी से पहुंचा, जिससे लोगों को काफी राहत मिली। सुबह के समय राजधानी के कई इलाकों में हल्की बारिश हुई, जबकि दिन भर बादल छाए रहने के कारण तापमान सामान्य से काफी कम रहा।

2021 के बाद यह पहली बार है जब मानसून जुलाई में दिल्ली पहुंचा है। 2021 में मानसून 13 जुलाई को आया था। IMD के रिकॉर्ड के अनुसार, पिछले साल मानसून 29 जून को दिल्ली पहुंचा था। इसके अलावा, 2024 में मानसून 28 जून, 2023 में 25 जून, 2022 में 30 जून और 2021 में 13 जुलाई को आया था।

लोगों के लिए जरूरी सलाह

मौसम विभाग ने एडवाइजरी जारी करते हुए लोगों से कहा है कि वे खराब मौसम में घर के अंदर ही रहें और बेवजह यात्रा करने से बचें, खासकर उन इलाकों में जहां पानी भरने की संभावना हो। लोगों से यह भी अपील की गई है कि वे मौसम से जुड़े ताजा अपडेट सिर्फ आधिकारिक स्रोतों से ही लें और मौसम की स्थिति पर लगातार नजर बनाए रखें।

मानसून के आगे बढ़ने के साथ IMD लगातार मौसम पर नजर रखे हुए है। विभाग ने लोगों से मौसम का पूर्वानुमान और एडवाइजरी नियमित रूप से देखने की अपील की है। वहीं, प्रशासन भी किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह सतर्क है।

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Mumbai Weather Update: महाराष्ट्र में मानसून ने अपना सबसे रौद्र रूप दिखाना शुरू कर दिया है। मुंबई, पुणे, ठाणे और पालघर सहित राज्य के कई हिस्सों में हो रही मूसलाधार बारिश ने जनजीवन को पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) मुंबई ने मुंबई, पालघर, रायगढ़ और ठाणे जिलों के लिए चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि इन इलाकों में 50-60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली तेज हवाओं के साथ अत्यंत भारी बारिश होने की आशंका है।

मौसम विभाग ने लोगों को बेहद सतर्क रहने और सुरक्षात्मक उपाय अपनाने की सलाह दी है। भारी बारिश और सुरक्षा के मद्देनजर मुंबई, पुणे, ठाणे और नवी मुंबई में 6 जुलाई को सभी स्कूलों और कॉलेजों को बंद रखने का फैसला किया गया है। मुंबई-पुणे रेल रूट पर भूस्खलन होने से ट्रेनों का परिचालन ठप हो गया है।

कर्जत-लोनावला रूट पर लैंडस्लाइड, मुंबई-पुणे ट्रेन सेवाएं ठप

लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के कारण मुंबई-पुणे रेल मार्ग के बेहद संवेदनशील कर्जत-लोनावला भोर घाट (खंडाला घाट) सेक्शन में कई जगहों पर भूस्खलन हुआ है। इसके चलते सोमवार तड़के से ही इस रूट पर ट्रेनों की आवाजाही को पूरी तरह से निलंबित कर दिया गया है। पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक सेंट्रल रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी स्वप्निल नीला ने बताया कि घाट सेक्शन में ठाकुरवाड़ी के पास भारी लैंडस्लाइड हुआ है। इसके अलावा तड़के करीब 3:05 बजे खंडाला और मंकी हिल के बीच मिडिल लाइन पर भी एक और लैंडस्लाइड की रिपोर्ट मिली है।

भोर घाट सेक्शन में तीन रेलवे लाइनें हैं अप लाइन (मुंबई की तरफ), डाउन लाइन (पुणे की तरफ) और मिडिल लाइन। लगातार हो रही बारिश और मलबे के कारण ये तीनों ही लाइनें पूरी तरह प्रभावित हुई हैं। इससे सेंट्रल रेलवे को कई लंबी दूरी की ट्रेनों को कैंसिल, डायवर्ट या शॉर्ट-टर्मिनेट करना पड़ा है।

कैंसिल की गई प्रमुख ट्रेनों की लिस्ट

सीएसएमटी-पुणे इंद्रायणी एक्सप्रेस

इंटरसिटी एक्सप्रेस

डेक्कन एक्सप्रेस

डेक्कन क्वीन

प्रगति एक्सप्रेस

धुले एक्सप्रेस

पुणे-सीएसएमटी सिंहगढ़ एक्सप्रेस

रेलवे अधिकारियों ने बताया कि युद्धस्तर पर मलबा हटाने और ट्रैक बहाली का काम जारी है। यात्रियों को सलाह दी गई है कि वे घर से निकलने से पहले अपनी ट्रेन का स्टेटस जरूर चेक कर लें। यात्रियों की मदद और रीयल-टाइम अपडेट के लिए मध्य रेलवे ने प्रमुख स्टेशनों पर हेल्पलाइन नंबर स्थापित किए हैं-

CSMT: 022-22694040

ठाणे: 9321336747

दादर: 9136452387

लोनावला: 8356854238

पुणे में रेड अलर्ट: सभी स्कूल बंद, नदियों से दूर रहने की अपील

पुणे जिले के लिए मौसम विभाग द्वारा ‘रेड अलर्ट’ जारी किए जाने के बाद जिला प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद हो गया है। छात्रों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए पुणे के जिलाधिकारी श्री जितेंद्र डुडी ने सोमवार को जिले के सभी स्कूलों में छुट्टी घोषित कर दी है। पुणे नगर निगम (PMC) ने नागरिकों से अपील की है कि वे बेहद जरूरी काम होने पर ही घरों से बाहर निकलें। प्रशासन ने सख्त हिदायत दी है कि लोग नदियों, नालों और अन्य खतरनाक या जलजमाव वाले स्थानों से दूर रहें और स्थानीय प्रशासन द्वारा समय-समय पर जारी निर्देशों का कड़ाई से पालन करें।

मुंबई, ठाणे और नवी मुंबई में भी बंद रहेंगे स्कूल-कॉलेज

मुंबई: BMC ने भारी बारिश और तेज हवाओं के ‘ऑरेंज अलर्ट’ को देखते हुए मुंबई के सभी सरकारी, निजी और नगर निगम द्वारा संचालित स्कूलों और कॉलेजों में सोमवार को छुट्टी घोषित की है। बीएमसी ने साफ किया है कि सरकारी और निजी दफ्तर हमेशा की तरह सामान्य रूप से काम करते रहेंगे।

ठाणे: ठाणे के जिला कलेक्टर श्रीकृष्णनाथ पांचाल ने भी सुरक्षा के मद्देनजर जिले की सभी आंगनबाड़ियों, बालवाड़ियों, प्राथमिक और माध्यमिक स्कूलों को आज बंद रखने का आदेश दिया है।

नवी मुंबई: नवी मुंबई नगर निगम ने भी सभी स्कूलों को बंद रखने का फैसला किया है। नवी मुंबई की मेयर सुजाता पाटिल और एनएमएमसी कमिश्नर कैलास शिंदे ने नागरिकों से बिना वजह घरों से बाहर न निकलने की भावुक अपील की है।

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IMD Heavy Rain Alert : भारी बारिश के बीच सोमवार को बंद रहेंगे सभी स्कूल और कॉलेज, BMC ने की ये अपील

मुंबई में भारी बारिश की चेतावनी को देखते हुए सोमवार को सभी सरकारी, प्राइवेट और नगर निगम के स्कूल-कॉलेज बंद रहेंगे। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने शहर के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। छात्रों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए यह फैसला लिया गया है। हालांकि, सरकारी और निजी कार्यालय सामान्य दिनों की तरह खुले रहेंगे। बृहन्मुंबई नगर निगम (BMC) ने लोगों से भी अपील की है कि खराब मौसम को देखते हुए बहुत जरूरी होने पर ही घर से बाहर निकलें। मौसम विभाग के अनुसार, मुंबई में सोमवार को तेज बारिश के साथ तेज हवाएं चलने की भी संभावना है।

मुंबई में हो रही भारी बारिश

मुंबई और आसपास के इलाकों में पिछले कई दिनों से लगातार तेज बारिश हो रही है। भारी बारिश के कारण कई जगह जलभराव हो गया है और पेड़ गिरने की घटनाएं भी सामने आई हैं। 30 जून से अब तक बारिश से जुड़े हादसों में एक स्कूली छात्र सहित तीन लोगों की जान जा चुकी है। रविवार को ठाणे और पालघर जिलों में भी बारिश का असर देखने को मिला। ठाणे में 17 साल का एक लड़का तेज बहाव वाली नदी में डूब गया, जबकि पालघर में एक इमारत की बालकनी का हिस्सा गिरने से दो लोग घायल हो गए।

हाल ही में हुए हैं कई हादसे 

नवी मुंबई के वाशी इलाके में राम निवास बिल्डिंग की दूसरी मंजिल की बालकनी का कंक्रीट स्लैब अचानक गिर गया। इस हादसे में एक पुरुष और एक महिला घायल हो गए। अधिकारियों के मुताबिक, महिला को इलाज के लिए पास के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जबकि पुरुष को वाशी के एनएमएमसी अस्पताल ले जाया गया। हादसे के बाद फायर ब्रिगेड की टीम ने इमारत के बाकी कमजोर हिस्सों को भी सुरक्षित तरीके से हटा दिया। वहीं, भिवंडी में 17 साल का एक लड़का उफनती कामवारी नदी में बह गया। वह अपने दोस्तों के साथ केकड़े पकड़ने गया था। नगर निगम के अधिकारियों ने बताया कि उसकी तलाश के लिए लगातार सर्च अभियान चलाया जा रहा है।

ठाणे के दिवा इलाके में एक दो मंजिला इमारत के अंदर सीढ़ियों का कंक्रीट स्लैब गिर गया। इससे बाहर निकलने का मुख्य रास्ता बंद हो गया और पांच लोग इमारत में फंस गए। सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची और सभी लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। इसके बाद इमारत में पड़े खतरनाक मलबे को भी हटा दिया गया। वहीं, ठाणे पश्चिम के पचपखाड़ी स्थित यशोदा निवास सोसाइटी में एक बड़ा पेड़ गिरने से दो घरों की छत को नुकसान पहुंचा।

रीजनल डिजास्टर मैनेजमेंट सेल (RDMC) के प्रमुख यासीन तडवी ने बताया कि गिरे हुए पेड़ को काटकर हटाने का काम जारी है। उन्होंने कहा कि राहत की बात यह है कि इस घटना में कोई भी व्यक्ति घायल नहीं हुआ। वहीं, लगातार हो रही बारिश के कारण पालघर जिले के वसई में निर्माणाधीन एक कंपाउंड वॉल ढह गई। दीवार पास की एक रिहायशी कॉलोनी में गिरने से बाउंड्री के पास खड़ी 15 मोटरसाइकिलें क्षतिग्रस्त हो गईं। सूचना मिलने पर वसई-विरार नगर निगम की फायर ब्रिगेड टीम मौके पर पहुंची और मलबा हटाकर स्थिति को सुरक्षित किया।