ये चायवाला अपनी कमाई का 80% Underprivileged बच्चों की पढ़ाई पर खर्च करता है | Mahboob Malik

ये चायवाला अपनी कमाई का 80% Underprivileged बच्चों की पढ़ाई पर खर्च करता है | Mahboob Malik

खुद आर्थिक तंगी की वजह से अपनी पढ़ाई पूरी नहीं कर पाए…
लेकिन आज महबूब मलिक अपनी कमाई का करीब 80% हिस्सा जरूरतमंद बच्चों की पढ़ाई पर खर्च करते हैं।
कानपुर में चाय बेचने से शुरू हुई उनकी छोटी-सी कोशिश आज 3500+ बच्चों को Education से जोड़ चुकी है।
कभी उनकी चाय की दुकान ही बच्चों की Classroom बनी थी। आज Foundation के जरिए बच्चों को Uniforms, Books, Courses और Teachers की सुविधा मिलती है।
इनमें कोई Doctor बनना चाहता है, तो कोई Engineer।
महबूब की कहानी सिर्फ एक इंसान की कहानी नहीं, बल्कि इस बात की याद है कि किसी के भविष्य को बदलने के लिए हमेशा बहुत कुछ होना जरूरी नहीं।
कभी-कभी शुरुआत करने की जरूरत होती है।
अगर आपके आसपास भी कोई ऐसा आम इंसान है जो चुपचाप बदलाव ला रहा है, हमें Comment में जरूर बताएं।
और अगर आप Mahboob Malik और Maa Tujhe Salaam Social Foundation की इस पहल में मदद करना चाहते हैं, तो दिए गए Contact details पर संपर्क करें।

@matujhesalamfoundation

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सूर्या ने बदली हजारों बच्चों की जिंदगी | Agaram Foundation | Tamil Nadu | Actor Surya

सूर्या ने बदली हजारों बच्चों की जिंदगी | Agaram Foundation | Tamil Nadu | Actor Surya

एक सुपरस्टार की असली ताकत सिर्फ उसकी फिल्मों की कमाई या फेम नहीं होती,
कभी-कभी उसकी असली पहचान इस बात से होती है कि उसकी वजह से कितनी जिंदगियां बदलती हैं।
2006 में सूर्या ने Agaram Foundation की शुरुआत इस सोच के साथ की कि पैसों की वजह से किसी बच्चे की Higher Education न रुके।
आज Agaram से 6,500+ students Support पा चुके हैं।
इनमें 70+ Doctors और 1,750+ Engineers बन चुके हैं।
लेकिन सबसे खूबसूरत बात उन बच्चों की है, जो अपने परिवार की पहली पीढ़ी हैं, जो Higher Education तक पहुँची।
यानी एक बच्चे की पढ़ाई… सिर्फ एक जिंदगी नहीं बदलती, वो पूरे परिवार की दिशा बदल देती है।
शायद Superstar होने का सबसे खूबसूरत मतलब यही है-
लोग आपको देखकर सिर्फ सपना न देखें, आपकी वजह से उसे पूरा भी कर सकें।

@actorsuriya
@agaram_foundation_official

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Chawl से 2.2M Followers तक | Sanjay Appan की कहानी | Influencer Teachers | The Better India Hindi

Chawl से 2.2M Followers तक | Sanjay Appan की कहानी | Influencer Teachers | The Better India Hindi

कभी पहले ही Demo Lecture में कह दिया गया था “आप Teacher नहीं बन सकते।”
आज वही Sanjay Appan लाखों Students के Favourite Professor हैं।
Mumbai की Chawl से शुरू हुआ सफर,
Call Centre और Bank की Jobs से होते हुए Classroom और फिर Instagram तक पहुँचा। आज 2.2 Million Followers हैं,
हजारों Students हैं और Sanjay Appan Academy के जरिए उन बच्चों तक भी Education पहुँचाने की कोशिश है
जो सिर्फ पैसों की वजह से आगे नहीं पढ़ पाते।

संजय ने अपने सफर से एक बात साबित की –
आप कहाँ से आते हैं, ये मायने नहीं रखता।
आप क्या कर सकते हैं, ये मायने रखता है।
@sanjay_appan

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Chawl से 2.2M Followers तक | Sanjay Appan की कहानी | Influencer Teachers

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FD मैच्योरिटी के बाद पैसा निकालना भूल गए तो क्या होगा? समझिए RBI के नियम और ब्याज का पूरा हिसाब

FD Maturity: फिक्स्ड डिपॉजिट यानी FD को सुरक्षित निवेश माना जाता है। पैसा एक तय अवधि के लिए जमा किया और ब्याज दर भी पहले से पता होती है। लेकिन कई बार FD की मैच्योरिटी डेट निकल जाती है और निवेशक को पता ही नहीं चलता।

फिर सवाल उठता है… पैसा कहां गया? क्या FD अपने आप रिन्यू हो गई? अगर पैसा बैंक में ही पड़ा है तो कितना ब्याज मिलेगा? और अगर 10 साल तक किसी ने रकम पर ध्यान नहीं दिया तो उसका क्या होगा?

मैच्योरिटी के बाद FD का क्या होता है?

FD की अवधि पूरी होने के बाद बैंक आपके दिए मैच्योरिटी निर्देश के हिसाब से रकम का निपटारा करता है। अगर आपने ऑटो रिन्युअल का विकल्प चुना है, तो FD दोबारा रिन्यू हो सकती है। ऐसे में नई FD पर उस समय लागू ब्याज दर मिलेगी।

वहीं, अगर मैच्योरिटी पर पैसा आपके सेविंग्स अकाउंट में जाने का निर्देश दिया गया है, तो बैंक की प्रक्रिया के मुताबिक रकम उस खाते में क्रेडिट हो सकती है।

एक नजर में पूरा मामला

स्थितिक्या होगा?ब्याज का नियम
ऑटो रिन्युअल चालूFD दोबारा रिन्यू हो सकती है
नई FD की लागू दर

मैच्योरिटी पर खाते में क्रेडिट का निर्देशरकम खाते में आ सकती हैखाते की लागू दर
FD मैच्योर, रकम अनपेडरकम ओवरड्यू डिपॉजिट के रूप में रह सकती है
सेविंग्स या कॉन्ट्रैक्टेड FD दर में से जो कम हो

नई FD को समय से पहले तोड़ाप्री-मैच्योर निकासी
बैंक की पॉलिसी के मुताबिक ब्याज/पेनल्टी

रकम 10 साल या ज्यादा समय तक अनक्लेम्डDEA Fund में ट्रांसफर हो सकती हैबाद में बैंक के जरिए क्लेम किया जा सकता है

अगर कोई निर्देश नहीं दिया था तो?

यह स्थिति थोड़ी अलग है। अगर FD मैच्योर हो गई और उसकी रकम का भुगतान नहीं हुआ, तो वह रकम बैंक के पास ओवरड्यू डिपॉजिट के तौर पर रह सकती है।

RBI के मौजूदा नियमों के मुताबिक, ऐसी मैच्योर लेकिन अनपेड घरेलू टर्म डिपॉजिट पर ब्याज सेविंग्स अकाउंट की लागू ब्याज दर या मैच्योर FD की कॉन्ट्रैक्टेड ब्याज दर, दोनों में से जो कम हो, उस दर से मिलता है।

₹5 लाख की FD का आसान हिसाब

मान लीजिए आपने ₹5 लाख की FD 7% सालाना ब्याज पर कराई थी। FD मैच्योर होने के बाद पैसा बैंक में ही पड़ा रहा और उस समय सेविंग्स अकाउंट की लागू दर 3% थी।

अगर दोनों में 3% कम है, तो ओवरड्यू अवधि के लिए इसी दर से ब्याज मिलेगा।

स्थितिब्याज दर
₹5 लाख पर एक साल का अनुमानित ब्याज

पुरानी FD की दर7%₹35,000
मैच्योरिटी के बाद लागू कम दर3%₹15,000
अंतर4%₹20,000

यानी सिर्फ एक साल में करीब ₹20,000 के ब्याज का अंतर हो सकता है। इसलिए मैच्योरिटी के बाद FD को लंबे समय तक बिना देखे छोड़ना ठीक नहीं है।

 

FD ऑटो रिन्यू हो गई तो क्या करें?

मान लीजिए आपको मैच्योरिटी पर पैसा चाहिए था। लेकिन ध्यान नहीं दिया और FD ऑटो रिन्यू हो गई। ऐसे में बैंक से तुरंत बात करें। पहले यह पता करें कि FD कब रिन्यू हुई और नई FD की ब्याज दर क्या है।

अगर आपको पैसा निकालना है तो FD को समय से पहले तोड़ना पड़ सकता है। RBI के नियमों के मुताबिक बैंक प्री-मैच्योर निकासी पर पेनल्टी लगा सकते हैं। यह पेनल्टी अमूमन 0.5% से 1% तक होती है।

10 साल तक पैसा नहीं निकाला तो क्या होगा?

RBI के नियमों के मुताबिक, अगर कोई डिपॉजिट 10 साल तक इनऑपरेटिव या अनक्लेम्ड रहता है, तो बैंक उसे DEA Fund में ट्रांसफर कर देता है। इसे Depositor Education and Awareness Fund कहते हैं।

इसका मतलब यह नहीं है कि आपका पैसा खत्म हो गया। अगर बाद में आपको या आपके वारिस को पैसे का पता चलता है, तो आप संबंधित बैंक के जरिए रकम का दावा कर सकते हैं। इसके लिए कोई तय समय-सीमा भी नहीं है।

पैसा खोजने के लिए UDGAM पोर्टल भी है

अगर आपको लगता है कि किसी बैंक में आपका पुराना पैसा या FD पड़ा हो सकता है, लेकिन बैंक या अकाउंट की जानकारी याद नहीं है, तो RBI का UDGAM पोर्टल काम आ सकता है।

इस पोर्टल के जरिए कई बैंकों में मौजूद अनक्लेम्ड डिपॉजिट की जानकारी खोजी जा सकती है। हालांकि, पैसा सीधे RBI से नहीं मिलता। दावा संबंधित बैंक के जरिए ही करना होता है।

नुकसान से बचने का आसान तरीका

  • FD कराते समय सिर्फ ब्याज दर देखकर काम खत्म न करें। यह भी देखें कि मैच्योरिटी पर पैसा कहां जाएगा और ऑटो रिन्युअल चालू है या नहीं।
  • FD की मैच्योरिटी डेट मोबाइल कैलेंडर में सेव कर दें। मैच्योरिटी से करीब एक हफ्ते पहले रिमाइंडर लगा दें।
  • अगर पैसा आगे भी FD में रखना है तो उस समय की ब्याज दर देखें। अगर पैसे की जरूरत है तो मैच्योरिटी पर रकम निकाल लें।

FD तोड़ने पर कितना नुकसान होता है? समझिए ब्याज और पेनल्टी का पूरा कैलकुलेशन

Disclaimer: यहां दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जागरूकता के लिए है। किसी भी निवेश, लोन, टैक्स, बीमा या दूसरे वित्तीय फैसले लेने से पहले संबंधित एक्सपर्ट्स से सलाह जरूर लें। मनीकंट्रोल किसी भी फाइनेंशियल प्रोडक्ट या सर्विस की सिफारिश नहीं करता।

गाँव के बच्चों के लिए पढ़ाई आसान बना रही ये महिला टीचर | Teacher’s Day special | Bihar

गाँव के बच्चों के लिए पढ़ाई आसान बना रही ये महिला टीचर | Teacher’s Day special | Bihar

जहाँ पढ़ाई आसान नहीं थी, वहाँ भगवती जी ने पढ़ाना आसान कर दिया।
बिहार के छोटे से गाँव शिवनगर में रहने वाली भगवती जी घर और अपने दो बच्चों की जिम्मेदारी संभालने के साथ गाँव के बच्चों को पढ़ाती हैं।
बच्चों को चीज़ें रटने के बजाय आसान Tricks और मज़ेदार तरीकों से समझाती हैं। आज वह इसी कोशिश को Social Media के जरिए दूसरे बच्चों तक भी पहुँचा रही हैं। कई बच्चों को अपनी Coaching में मुफ्त में भी पढ़ाती हैं। क्योंकि एक अच्छा शिक्षक सिर्फ पढ़ाता नहीं, पढ़ाई को आसान और दिलचस्प भी बनाता है।

@xmartsrishtisingh

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गाँव के बच्चों के लिए पढ़ाई आसान बना रही
ये महिला टीचर | Teacher’s Day special | Bihar |

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Teachers’ Day 2026: आज शिक्षक दिवस पर राष्ट्रपति करेंगी देश के 82 शिक्षकों का सम्मान, शिक्षा मंत्रालय हर साल करता है खास आयोजन

Teachers’ Day 2026: एक छात्र के जीवन में शिक्षक का स्थान भगवान से भी ऊपर होता है। शिक्षक सिर्फ पढ़ना-लिखना ही नहीं सिखाता है, वह सही-गलत की पहचान करना और अपने सपनों को हकीकत में बदलने की राह भी दिखाता है। इस असाधरण काम को पूरी निष्ठा और ईमानदारी से करने वाले ऐसे योग्य शिक्षकों को हर साल राष्ट्रीय शिक्षक दिवस के मौके पर राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार से सम्मानित किया जाता है। इस साल भी शिक्षा के क्षेत्र में अपने जज्बे से ज्ञान की अलख जगाने वाले शिक्षकों को सम्मानित किया जाएगा।

भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू आज, 5 सितंबर को, टीचर्स डे के मौके नई दिल्ली के विज्ञान भवन में 82 बेहतरीन टीचर्स को नेशनल टीचर्स अवार्ड्स 2026 देंगी। अवार्ड पाने वालों में 48 स्कूल टीचर, 21 हायर एजुकेशन टीचर और मिनिस्ट्री ऑफ स्किल डेवलपमेंट एंड एंटरप्रेन्योरशिप (MoSDE) के 13 ट्रेनर शामिल हैं। इस समारोह में सम्मानित शिक्षकों के शानदार काम को दिखाने वाली छोटी डॉक्यूमेंट्री भी दिखाई जाएंगी। ये अवार्ड शिक्षकों के शिक्षा में खास योगदान और छात्रों की जिंदगी पर उनके लंबे समय तक चलने वाले असर को पहचान देते हैं। हर साल 5 सितंबर को डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन की जयंती मनाई जाती है, जो एक जाने-माने फिलॉसफर, स्कॉलर और राजनेता थे। वह भारत के दूसरे राष्ट्रपति रहे और उन्हें सम्मानित करने के लिए उनकी जयंति पर शिक्षक दिवस मनाया जाता है।

केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय ने कहा, “ये बेहतरीन टीचर शिक्षा के क्षेत्र में लगन और बेहतरीन काम दिखाते हैं। एक टीचर सिर्फ ज्ञान देने से कहीं ज्यादा करता है। वे दिमाग को आकार देते हैं, अच्छे और सच्चे मूल्यों को बढ़ावा देते हैं और हर छात्र के संपूर्ण विकास में योगदान देते हैं।” राष्ट्रपति ने टीचर्स डे से एक दिन पहले देश भर के टीचर्स को भी बधाई दी।

अपने संदेश में उन्होंने कहा, “शिक्षक दिवस के मौके पर, मैं देश भर के सभी टीचर्स को दिल से बधाई देती हूं। शिक्षक दिवस भारत के पूर्व राष्ट्रपति डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन के जन्मदिन के मौके पर मनाया जाता है, जो एक महान लेखक और फिलॉसफर थे। वे एक बहुत अच्छे टीचर भी थे। इस मौके पर, मैं उन्हें अपनी विनम्र श्रद्धांजलि देती हूं।” राष्ट्रपति ने कहा कि शिक्षक अपने मार्गदर्शन के जरिए प्रतिभा को निखारने और चरित्र को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाते हैं। उन्होंने कहा कि छात्रों को अच्छा इंसान बनाने के लिए गाइड करना उनका फर्ज है।

शिक्षा मंत्रालय का स्कूल शिक्षा और साक्षरता विभाग, देश के बेहतरीन शिक्षकों को सम्मानित करने के लिए हर साल टीचर्स डे (5 सितंबर) पर एक राष्ट्रीय स्तर का समारोह आयोजित करता है। सम्मान पाने वाले शिक्षकों को एक सख्त, पारदर्शी और ऑनलाइन चयन प्रक्रिया से चुना जाता है।

UP Special TET 2026: स्पेशल टीईटी का नोटिफिकेशन जारी, जानें कब से शुरू होगा रजिस्ट्रेशन और क्या है आवेदन की लास्ट डेट

100 बच्चों को मुफ्त पढ़ा रहे 23 साल के कृष्णा | Aapka Krishna | Free Education | Rajasthan

100 बच्चों को मुफ्त पढ़ा रहे 23 साल के कृष्णा | Aapka Krishna | Free Education | Rajasthan

कृष्णा ने बचपन से ही एयरफोर्स में जाकर देश की सेवा का सपना देखा था, लेकिन एक्सीडेंट के बाद ऐसा हो ना सका। लेकिन 23 की उम्र में उन्होंने हार मानने के बजाय देश सेवा का एक नया रास्ता चुन लिया।

आज राजस्थान का ये लड़का अपने गाँव के 100 बच्चों को मुफ्त पढ़ा रहा है, ताकि जिन हाथों में कभी मजबूरी ने काम थमाया था, उनमें कल किताबें हों और अपने सपने चुनने की आज़ादी हो।

कृष्णा का सफर याद दिलाता है कि देश सेवा सिर्फ वर्दी पहनकर नहीं होती। कभी-कभी एक बच्चे को पढ़ने का मौका देना भी देश का भविष्य संवारना होता है। :heart:

आप भी कृष्णा से पढ़ने वाले एक बच्चे की मदद करें: ₹130 = 1 Stationery Kit & 1 Meal
Donation Now! UPI ID- 917300369081@cnrb
Bank Details:
Account Holder Name: Kanheya Lal
Account Number: 4331119000551
Bank Name: Canara Bank
IFSC Code: CNRB0004331

@aapka_krishnaaa

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[GenZ Teacher Teaching 100 Village Children for Free in Rajasthan,Teachers Day | Gen Z Teacher | Free Education | Youth for Change | Education for All ]

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Kareena Kapoor: एक्टिंग की वजह से स्कूल ड्रॉप करने का करीना कपूर को है अफसोस, 11वीं क्लास के बाद नहीं की पढ़ाई

Kareena Kapoor: करीना कपूर ने माना कि उन्हें एक्टिंग के लिए स्कूल छोड़ने का अफसोस है। करीना कपूर ने साल 2000 में अभिषेक बच्चन के साथ फिल्म ‘रिफ्यूजी’ से बॉलीवुड में डेब्यू किया था। फिल्म की शूटिंग के समय वह 19 साल की थीं और फिल्म रिलीज होने के बाद 20 साल की हो गईं। इसके बाद उन्होंने सिर्फ एक्टिंग पर ध्यान देने का फैसला किया।

हाल ही में पॉडकास्टर हनुमान दास के साथ बातचीत में करीना ने कहा, “मैंने अपनी पढ़ाई पूरी नहीं की और यह बात कहीं न कहीं मेरे मन में रह गई। हालांकि मेरे पास मौका था, लेकिन मैं फिल्मों में आ गई। 11वीं क्लास के बाद आगे पढ़ाई नहीं की। मुझे पता है कि बहुत से लोग इसका मजाक उड़ा सकते हैं या जो चाहें कह सकते हैं, लेकिन मैं एक एक्टर के तौर पर खुद को साबित करना चाहती थी। मैं बस अपने दिल की बात सुनना चाहती थी।”

उन्होंने कहा, “मुझे अपनी पढ़ाई पूरी न कर पाने का अफसोस है। इसीलिए मैंने अपने बेटों को भी यही समझाया है कि वे पहले अपनी पढ़ाई पूरी करें और फिर अपने मन की सुनें। जब UNICEF ने मुझसे भारत में लड़कियों की शिक्षा को सपोर्ट करने के बारे में बात की, तो मुझे यह बात बहुत गहराई से महसूस हुई, क्योंकि मुझे हमेशा से अपनी अधूरी पढ़ाई का अफसोस रहा है।”

करीना कपूर की पढ़ाई-लिखाई

एक्ट्रेस बनने से पहले, करीना ने मुंबई के जमनाबाई नर्सी स्कूल में पढ़ाई की और बाद में देहरादून के वेलहम गर्ल्स स्कूल गईं। कहा जाता है कि उन्होंने कुछ समय के लिए मुंबई के मिठीबाई कॉलेज में कॉमर्स की पढ़ाई भी की थी, लेकिन उन्होंने अपनी डिग्री पूरी नहीं की।

करीना ने हार्वर्ड समर स्कूल में माइक्रो-कंप्यूटर्स का तीन महीने का समर कोर्स भी किया था। इससे पहले, करीना ने बताया था कि एक्टिंग शुरू करने से पहले वह वकील बनने के बारे में सोच रही थीं। आज, करीना इंडस्ट्री की सबसे पॉपुलर एक्ट्रेसेस में से एक हैं।

करीना कपूर की आने वाली फ़िल्में

वहीं, काम की बात करें तो करीना को आखिरी बार 2024 में ‘सिंघम अगेन’ और ‘क्रू’ में देखा गया था। अब, करीना कपूर और पृथ्वीराज सुकुमारन मेघना गुलज़ार की फ़िल्म ‘दायरा’ के लिए साथ आ रहे हैं। यह फ़िल्म क्राइम और जुडिशियल सिस्टम पर आधारित है और भारत के कई मामलों से प्रेरित है।

यह फ़िल्म 18 सितंबर को सिनेमाघरों में रिलीज़ होगी। इस फ़िल्म में करीना और पृथ्वीराज पहली बार साथ नज़र आएंगे। फ़िल्म का हाल ही में रिलीज़ हुआ ट्रेलर फ़ैन्स को बहुत पसंद आया है और वे फ़िल्म देखने के लिए बेताब हैं।

शिक्षा को लेकर क्यों सड़क पर उतरने को मजबूर है Gen-Alfa 8 साल में 84 हजार स्कूल बंद!

शिक्षा को लेकर क्यों सड़क पर उतरने को मजबूर है Gen-Alfa 8 साल में 84 हजार स्कूल बंद!

84 thousand government schools closed in India

UDISE education data: देश की सबसे युवा पीढ़ी—Gen-Alfa (जनरेशन अल्फा)—आज किताबों के साथ-साथ अपने अधिकारों और बेहतर शिक्षा की मांग को लेकर सड़कों पर उतरने को मजबूर है। यूनिफाइड डिस्ट्रिक्ट इन्फॉर्मेशन सिस्टम फॉर एजुकेशन (UDISE) के हालिया आंकड़ों ने देश की स्कूली शिक्षा प्रणाली की एक ऐसी तस्वीर पेश की है, जिसने नीति-निर्माताओं से लेकर आम जनता तक को सोचने पर मजबूर कर दिया है।

एक तरफ ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (CJP) के ‘स्कूल ठीक करो’ अभियान ने ग्रामीण क्षेत्रों के सरकारी स्कूलों की बदहाली, शिक्षकों की कमी और डिजिटल सुविधाओं के अभाव को राष्ट्रीय मुद्दा बना दिया है, तो दूसरी तरफ सरकारी आंकड़ों ने पुष्टि कर दी है कि पिछले आठ वर्षों में देश के शिक्षा ढांचे में बड़ा संकुचन (Contraction) आया है।

84 thousand government schools closed in India

बड़ी चिंता : वर्ष 2025-26 के आंकड़ों के मुताबिक, 3 से 17 वर्ष की आयु के लगभग 31 प्रतिशत पात्र बच्चे (करीब 11.1 करोड़) स्कूलों में नामांकित ही नहीं हैं। यह आंकड़ा 2018-19 से लगातार इसी स्तर पर बना हुआ है।

84 thousand government schools closed in India

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84 thousand government schools closed in India

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माध्यमिक स्तर पर ड्रॉपआउट और बजटीय आवंटन की चुनौती

छात्रों को उच्च स्तर तक स्कूल में बनाए रखना (Retention) एक बड़ी चुनौती बना हुआ है:

  • ड्रॉपआउट दर: माध्यमिक स्तर (Secondary level) पर ड्रॉपआउट दर 7% दर्ज की गई, जबकि प्राथमिक स्तर पर यह नगण्य है।
  • रिटेंशन रेट: माध्यमिक स्तर पर छात्रों को रोककर रखने की दर केवल 44% है—यानी आधे से ज्यादा छात्र माध्यमिक स्तर तक पहुंचते-पहुंचते शिक्षा छोड़ देते हैं।

शिक्षा बजट में बजटीय कटौती

सरकारी स्कूलों की संख्या और नामांकन में गिरावट का एक बड़ा कारण सार्वजनिक खर्च (Public Expenditure) में कमी भी है:

  • स्कूल शिक्षा व साक्षरता विभाग: केंद्रीय बजट में हिस्सेदारी FY2010 के 1.9% से घटकर FY2026 में 1.4% रह गई।
  • उच्च शिक्षा विभाग: बजटीय हिस्सेदारी 1.4% से घटकर 1.0% हो गई।

आंकड़े साफ संकेत देते हैं कि भारत की स्कूली शिक्षा व्यवस्था एक गंभीर संकट और बड़े बदलाव के मुहाने पर खड़ी है। सरकारी स्कूलों का बंद होना, घटता नामांकन, बजट में कमी और डिजिटल असमानता ऐसे मुद्दे हैं, जो Gen-Alfa के भविष्य पर सवालिया निशान लगा रहे हैं। जब तक शिक्षा पर सार्वजनिक निवेश नहीं बढ़ेगा और बुनियादी ढांचे को आधुनिक तकनीकों से नहीं जोड़ा जाएगा, तब तक 'हर बच्चे को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा' का सपना अधूरा ही रहेगा।