IAS से इस्तीफा देकर पॉलिटिक्स करने का ऐलान करने वाली दिव्या मित्तल कितना पढ़ी-लिखी हैं? इनकी पूरी प्रोफाइल जानिए

पूर्व IAS अधिकारी दिव्या मित्तल ने प्रशासनिक सेवा के बाद अब राजनीति की राह चुनने का ऐलान किया है। करीब 13 साल तक IAS के तौर पर काम करने के बाद उन्होंने उत्तर प्रदेश से अपनी राजनीतिक शुरुआत करने की बात कही है। सोशल मीडिया पर जारी वीडियो में उन्होंने लोगों से जुड़ने और उनके मुद्दों को उठाने की बात कही। दिव्या मित्तल के राजनीति में आने की खबर के साथ उनकी पढ़ाई और अब तक के सफर को लेकर भी चर्चा शुरू हो गई है। आखिर IAS बनने से पहले उन्होंने क्या पढ़ाई की और उनका करियर कैसा रहा? आइए जानते हैं।

IIT दिल्ली से शुरू हुई पढ़ाई

दिव्या मित्तल ने IIT दिल्ली से Engineering Physics में BTech किया। उनके LinkedIn प्रोफाइल के मुताबिक, उन्होंने 2001 से 2005 के बीच यह पढ़ाई की। ग्रेजुएशन में उनका CGPA 9.07/10 था और वह अपने विभाग में दूसरे स्थान पर रही थीं। इसके बाद उन्होंने IIM बेंगलुरु से MBA किया। 2005 से 2007 के बीच की गई इस पढ़ाई में भी उनका प्रदर्शन अच्छा रहा। उपलब्ध प्रोफाइल जानकारी के अनुसार, वह अपनी MBA बैच के टॉप 5 फीसदी छात्रों में शामिल थीं।

पढ़ाई के बाद लंदन में नौकरी

MBA पूरा करने के बाद दिव्या मित्तल ने विदेश में कॉर्पोरेट करियर शुरू किया। उन्होंने लंदन में JP Morgan में Associate के तौर पर काम किया। अप्रैल 2007 से जुलाई 2008 तक उन्होंने वहां नौकरी की। इसके बाद उन्होंने कॉर्पोरेट करियर छोड़कर भारत लौटने और UPSC की तैयारी करने का फैसला किया।

UPSC में सफलता और IAS का सफर

दिव्या मित्तल ने UPSC सिविल सेवा परीक्षा पास की। रिपोर्टों के मुताबिक, अपने पहले प्रयास में वह IPS के लिए चुनी गईं और बाद के प्रयास में ऑल इंडिया रैंक 68 हासिल कर IAS बनीं। वह 2013 बैच की उत्तर प्रदेश कैडर की अधिकारी रहीं। IAS के तौर पर उन्होंने उत्तर प्रदेश में कई अहम जिम्मेदारियां संभालीं। वह संत कबीर नगर, मिर्जापुर और देवरिया की जिलाधिकारी रह चुकी हैं। इसके अलावा उन्होंने NITI Aayog और उत्तर प्रदेश सरकार में भी अलग-अलग पदों पर काम किया।मिर्जापुर में उनके कार्यकाल के दौरान एक पहाड़ी गांव तक पाइपलाइन के जरिए पानी पहुंचाने की पहल भी चर्चा में रही।

MIT से भी की पढ़ाई

दिव्या मित्तल ने नौकरी और प्रशासनिक जिम्मेदारियों के बीच अपनी पढ़ाई जारी रखी। उन्होंने 2019 से 2020 के बीच MITx से Data, Economics and Development Policy में MicroMasters किया। यानी उनकी शैक्षणिक यात्रा इंजीनियरिंग से शुरू होकर मैनेजमेंट, डेटा और डेवलपमेंट पॉलिसी तक पहुंची।

IAS के बाद अब राजनीति में एंट्री

अगस्त 2026 में दिव्या मित्तल ने करीब 13 साल की IAS सेवा के बाद इस्तीफा दे दिया। अब उन्होंने साफ कर दिया है कि उनकी अगली पारी राजनीति में होगी।

उन्होंने कहा है कि वह उत्तर प्रदेश से राजनीतिक शुरुआत करेंगी और किसी राजनीतिक पार्टी के साथ नहीं जाएंगी। अपने वीडियो संदेश में उन्होंने शिक्षक, डॉक्टर, किसान, मजदूर, वकील और छात्रों से जुड़ने की अपील की है।

IIT दिल्ली की पढ़ाई, IIM बेंगलुरु का MBA, लंदन की नौकरी, UPSC में सफलता और करीब 13 साल की प्रशासनिक सेवा के बाद दिव्या मित्तल अब अपने करियर का एक नया अध्याय शुरू करने जा रही हैं।

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IIT-IIM के बाद लंदन में थी शानदार नौकरी, UPSC के लिए छोड़ा करियर; अब IAS दिव्या मित्तल ने दिया इस्तीफा

दिव्या मित्तल की कहानी उस सोच से बिल्कुल अलग है, जिसमें अच्छी पढ़ाई, विदेश की नौकरी और शानदार करियर को सफलता की आखिरी मंजिल माना जाता है। IIT Delhi और IIM Bangalore जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों से पढ़ाई करने के बाद उन्होंने लंदन में ट्रेडर के तौर पर काम किया। बाहर से उनकी जिंदगी पूरी तरह सफल नजर आती थी, लेकिन उनके मन में अपने देश के लिए कुछ करने की इच्छा बनी रही। इसी सोच ने उन्हें विदेश की नौकरी छोड़कर भारत लौटने और IAS बनने के लिए प्रेरित किया। करीब 13 साल तक सिविल सेवा में रहने के बाद अब उन्होंने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है।

30 अगस्त को सोशल मीडिया पर साझा किए गए भावुक पोस्ट में उन्होंने अपने सफर और उससे जुड़ी यादों को साझा किया। उनका ये फैसला इसलिए भी चर्चा में है, क्योंकि उन्होंने सफलता की कई मंजिलें हासिल करने के बाद भी अपनी राह बदलने का साहस दिखाया।

साधारण परिवार से IIT और IIM तक का सफर

दिव्या मित्तल ने बताया कि वह एक साधारण माहौल में पली-बढ़ीं और एक अच्छा और सफल जीवन बनाने का सपना देखा था। इस सपने को पूरा करने के लिए उन्होंने कड़ी मेहनत की और IIT Delhi में दाखिला लिया। इसके बाद उन्होंने IIM Bangalore से MBA किया और पढ़ाई पूरी करने के बाद लंदन में ट्रेडर के तौर पर काम शुरू किया। प्रतिष्ठित संस्थानों की डिग्री और विदेश में शानदार नौकरी के बावजूद उन्हें महसूस हुआ कि उनकी जिंदगी में कुछ कमी है।

लंदन की नौकरी छोड़ भारत लौटने का फैसला

विदेश में रहते हुए उन्हें अपने देश से दूर होने का एहसास लगातार परेशान करता रहा। Mittal के मुताबिक, उन्हें लगता था कि उनकी शिक्षा, आत्मविश्वास और मिले अवसरों पर देश का भी हक है। इसी सोच ने उन्हें वापस भारत आने और देश के लिए कुछ करने का फैसला लेने के लिए प्रेरित किया। इसके बाद उन्होंने IAS को अपना रास्ता चुना और 2013 में सिविल सेवा में शामिल हो गईं।

उत्तर प्रदेश में अफसर रहते हुए बदली सफलता की परिभाषा

IAS बनने के बाद मित्तल ने उत्तर प्रदेश में कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभालीं। वह Deoria, Mirzapur और Sant Kabir Nagar की District Magistrate भी रहीं। प्रशासनिक जिम्मेदारियों के दौरान उनके सामने ऐसे कई मौके आए, जिन्होंने उनके लिए सफलता का मतलब बदल दिया। किसी परिवार को पहली बार जमीन का अधिकार मिलना, दिव्यांग लोगों को सम्मान के साथ आगे बढ़ने का मौका मिलना या किसानों के खेतों तक पानी पहुंचना इन अनुभवों ने उन्हें महसूस कराया कि सरकारी काम सिर्फ फाइलों तक सीमित नहीं है।

उन्होंने लिखा कि हर सरकारी फाइल के पीछे एक इंसान की जिंदगी जुड़ी होती है।

एक बुजुर्ग महिला का आशीर्वाद कभी नहीं भूल पाईं

Mirzapur के Lahuriya Dih गांव की एक घटना मित्तल के दिल में हमेशा के लिए बस गई। उन्होंने याद किया कि जब पहली बार गांव में पानी पहुंचा तो एक बुजुर्ग महिला ने यह देखकर कुछ नहीं कहा। इसके बजाय उसने कांपते हाथों से Mittal के सिर पर हाथ रखा और उन्हें आशीर्वाद दिया। Mittal के लिए वह पल किसी पद या उपलब्धि से कहीं बड़ा था। उन्होंने भावुक होकर कहा कि पद आज भले पीछे छूट जाए, लेकिन उस बुजुर्ग महिला का स्पर्श उनकी जिंदगीभर की याद बनकर रहेगा।

13 साल बाद समझ आया- देने से ज्यादा पाया

IAS के 13 सालों को याद करते हुए Mittal ने बताया कि शुरुआत में उन्हें लगता था कि वह लोगों को कुछ देने के लिए सेवा में आई हैं। लेकिन समय के साथ उनकी सोच बदल गई। उन्हें एहसास हुआ कि लोगों से मिले प्यार, भरोसे और सम्मान ने उन्हें कहीं ज्यादा समृद्ध किया। जब भी वह थकतीं या खुद मुश्किल दौर से गुजरतीं, लोगों का विश्वास उन्हें आगे बढ़ने की ताकत देता था।

पद छोड़ा, लेकिन सपना अब भी वही है

साधारण परिवेश से निकलकर IIT और IIM तक पहुंचना, लंदन में ट्रेडर बनना और फिर देश की सेवा के लिए IAS में आना Mittal का सफर कई मोड़ों से गुजरा है।

अब उन्होंने 13 साल की सेवा के बाद IAS से इस्तीफा दे दिया है। हालांकि, पद छोड़ने के बावजूद उनका कहना है कि जिस भारत का सपना देखकर वह विदेश से वापस लौटी थीं, वह सपना आज भी उनके साथ है।

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5 AM क्लब Vs Night Owl: IITian फाउंडर इशान 11:30 पर जगते हैं और रात 9 के बाद चलता है असल दिमाग! ये है क्रिएटिविटी का सीक्रेट

हालांकि कई स्टार्टअप फाउंडर सुबह 5 बजे अलार्म लगाने और सुबह के बिज़ी रूटीन को बहुत ज़रूरी मानते हैं, लेकिन IIT दिल्ली के पूर्व छात्र ईशान जिंदल को ऐसा शेड्यूल पसंद है जो देर से शुरू होता है और देर रात तक चलता है। 30 साल के इस एंटरप्रेन्योर का कहना है कि उनके काम के सबसे प्रोडक्टिव घंटे रात 9 बजे के बाद शुरू होते हैं, जब ज़्यादातर कर्मचारी जा चुके होते हैं और ऑफिस में काफी शांति हो जाती है।

जिंदल ने मनीकंट्रोल को बताया, “तभी मैं सबसे ज़्यादा क्रिएटिव होता हूँ।” उन्होंने बताया कि उन्हें सुबह जल्दी उठने के बजाय देर तक काम करना क्यों पसंद है। इस साल की शुरुआत में ‘शार्क टैंक इंडिया’ में आने और Shaadi.com के फाउंडर अनुपम मित्तल से 50 लाख रुपये की डील हासिल करने के बाद चर्चा में आए इस फाउंडर ने बताया कि वे आम तौर पर सुबह 11:30 बजे के आसपास उठते हैं। कई फाउंडर जो सूरज उगने के साथ अपना दिन शुरू करते हैं, उनसे अलग जिंदल ने कहा कि उनका ऑफिस रूटीन आम तौर पर दोपहर 12:30 या 1 बजे के आसपास शुरू होता है। फिर भी, ऑफिस पहुंचने से पहले ही कॉल और दूसरे कामों के ज़रिए काम अक्सर शुरू हो जाता है।

उन्होंने कहा, “मेरा शेड्यूल थोड़ा अलग है। मैं असल में अपना काम दोपहर 12:30 या 1 बजे के आसपास शुरू करता हूं।”IIT दिल्ली के ग्रेजुएट ने कहा कि उनके ऑफिस का समय आम तौर पर रात 9 बजे, 10 बजे या 10:30 बजे तक चलता है, जो काम के बोझ पर निर्भर करता है। लेकिन काम का दिन शायद ही कभी वहीं खत्म होता है।

IIT दिल्ली में बनी आदत

जिंदल अपनी देर रात तक जागने की आदत को IIT दिल्ली में अपने स्टूडेंट दिनों से जोड़कर देखते हैं। उन्होंने मनीकंट्रोल को बताया, “मेरे पहले साल में, इंटरनेट रात 1 बजे बंद हो जाता था।” तब भी, इंटरनेट बंद होने से पहले छात्र अक्सर देर रात तक काम करते थे।

जब बाद में ये पाबंदियां हटा दी गईं, तो देर रात तक काम करने का समय और बढ़ गया। समय के साथ, जिंदल ने पाया कि आधी रात के बाद के शांत समय में कुछ ऐसा मिलता था जो दिन के समय नहीं मिल पाता था: बिना किसी रुकावट के पूरा ध्यान लगाकर काम करना।

उन्होंने कहा, “अगर हमें रात में दो-तीन घंटे का वह शानदार समय मिल जाए, तो हम बहुत सारे दूसरे काम भी कर सकते हैं जिन पर हम काम कर रहे हैं।” जिंदल के लिए, सबसे बड़ा फ़ायदा यह है कि ध्यान भटकाने वाली चीज़ें नहीं होतीं।

उन्होंने कहा, “यह एक ऐसा समय है जब आप बस अपने काम पर ध्यान दे सकते हैं क्योंकि आस-पास कम लोग होते हैं।” “इसका मतलब है कि यह पूरी तरह से आपका अपना समय होता है और आप जिस चीज़ पर चाहें, उस पर ध्यान केंद्रित कर सकते हैं।”

नींद सबसे ज़रूरी है

अक्सर देर रात तक काम करने के बावजूद, जिंदल का कहना है कि वे नींद से समझौता करने में यकीन नहीं रखते। उन्होंने कहा, “मैं अपनी नींद से कोई समझौता नहीं करता।” हर दिन एक तय समय पर जागने के लिए खुद पर ज़बरदस्ती करने के बजाय, वे अपनी सुबह की शुरुआत इस आधार पर करते हैं कि वे पिछली रात कितने बजे सोए थे। ज़्यादातर रातें वे सुबह 2 बजे से 4 बजे के बीच सोते हैं, हालांकि कभी-कभी काम की वजह से उन्हें और भी देर हो जाती है।

घड़ी देखने के बजाय परफॉर्मेंस पर ध्यान

कंपनी के फाउंडर अपनी कंपनी में भी यही सोच अपनाते हैं। कर्मचारियों के आने या जाने के समय से उन्हें आंकने के बजाय, जिंदल नतीजों पर ध्यान देना पसंद करते हैं। उन्होंने कहा, “हमारी कंपनी में हर टीम मेंबर के साथ, हम यह कोशिश करते हैं कि काम किसी खास व्यक्ति की मौजूदगी पर निर्भर न हो।” उन्होंने आगे कहा कि उनका मकसद ऐसे सिस्टम बनाना है जहाँ लोगों का मूल्यांकन उनके काम के नतीजों और लक्ष्यों के आधार पर हो, न कि इस आधार पर कि वे डेस्क पर कितने घंटे बिताते हैं।

QS Ranking 2027: IIT दिल्ली ने रचा इतिहास, दुनिया में 118वीं रैंक के साथ बना भारत का नंबर-1 संस्थान, जानिए टॉप 10 संस्थानों की रैंकिंग

QS Ranking 2027: IIT दिल्ली एक बार फिर भारत का सबसे बेहतर एजुकेशन और रिसर्च इंस्टीट्यूट बनकर उभरा है। आज यानी 18 जून 2026 को जारी QS वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग 2027 में IIT दिल्ली को दुनिया में 118वां स्थान मिला है। पिछले साल यह 123वें स्थान पर था, यानी इस बार इसकी रैंकिंग में 5 स्थान का सुधार हुआ है। वहीं, इस उपलब्धि के साथ IIT दिल्ली ने QS वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग्स में किसी भारतीय संस्थान द्वारा अब तक हासिल की गई सबसे ऊंची ग्लोबल रैंक की बराबरी भी कर ली है।

रैंकिंग के बारे में बात करते हुए, IIT दिल्ली के डीन, प्लानिंग और रैंकिंग सेल के हेड, प्रो. सोमनाथ बैद्य रॉय ने कहा, “IIT दिल्ली दुनिया भर के स्कॉलर्स के लिए एक पसंदीदा जगह बनने और वर्ल्ड-क्लास, किफायती टेक्निकल एजुकेशन देने के अपने लक्ष्य के प्रति प्रतिबद्ध है।” उन्होंने आगे कहा कि संस्थान के नए करिकुलम (पाठ्यक्रम), नए इंफ्रास्ट्रक्चर और इंटरनेशनल लेवल पर बढ़ती भागीदारी से आने वाले सालों में ग्लोबल स्तर पर इसकी स्थिति और मजबूत होने की उम्मीद है।

आईआईटी दिल्ली ने बताया कि पिछले चार वर्षों में उसकी वैश्विक रैंकिंग में 79 स्थान का सुधार हुआ है। QS वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग 2024 में संस्थान 197वें स्थान पर था, जबकि QS वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग 2027 में यह 118वें स्थान पर पहुंच गया है।

दुनिया के टॉप-10 यूनिवर्सिटी

रैंकयूनिवर्सिटीदेश
1एमआईटी (MIT)अमेरिका
2स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटीअमेरिका
3इंपीरियल कॉलेज लंदनयूके
4ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटीयूके
5हार्वर्ड यूनिवर्सिटीअमेरिका
6कैम्ब्रिज यूनिवर्सिटीयूके
7कैलिफोर्निया इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (Caltech)अमेरिका
8यूसीएल (UCL)यूके
9ETH ज्यूरिखस्विट्जरलैंड
10नेशनल यूनिवर्सिटी ऑफ सिंगापुर (NUS)सिंगापुर

हायर एजुकेशन के क्षेत्र में दुनियाभर में भारत का जलवा

QS वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग्स 2027 में भारत को हायर एजुकेशन के क्षेत्र को बड़ी बढ़त हासिल हुई है। देश की रैंकिंग में शामिल आधी से ज्यादा यूनिवर्सिटीज ने अपनी ग्लोबल रैंकिंग में सुधार किया है। इस रैंकिंग में भारत के 52 संस्थानों को जगह मिली है। बता दें कि रैंकिंग में IIT दिल्ली पिछले साल 123वें नंबर पर था। लेकिन इस साल उसने 118वीं रैंक हासिल की है, जो बड़ी उपलब्धि है। वह इस ताजा रैंकिंग में सबसे ऊंची रैंक वाला इंडियन इंस्टीट्यूट बन गया है।

भारत के टॉप संस्थानों की ग्लोबल रैंकिंग

भारतीय संस्थानवैश्विक रैंक (QS World University Rankings 2027)भारतीय रैंक/स्थिति
IIT दिल्ली118भारत में नंबर 1
IIT बॉम्बे134भारत में नंबर 2
IIT मद्रास170भारत में नंबर 3
IIT खड़गपुर205भारत में नंबर 4
IIT कानपुर221भारत में नंबर 5
दिल्ली यूनिवर्सिटी (DU)322रैंकिंग में सुधार (पिछले साल 328वीं)
जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी (JNU)555भारत में 15वां स्थान (पिछले साल 558वीं)
जामिया मिलिया इस्लामिया686भारत में 20वां स्थान (पिछले साल 761-770 बैंड)

यह भी पढ़ें: आज का मौसम 18 June: IMD ने बिहार संग इन 13 राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट दिया! राजस्थान में 80 Kmph की आंधी, दिल्ली-यूपी का ऐसा रहेगा मौसम

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रैंकिंग के बारे में बात करते हुए, IIT दिल्ली के डीन, प्लानिंग और रैंकिंग सेल के हेड, प्रो. सोमनाथ बैद्य रॉय ने कहा, “IIT दिल्ली दुनिया भर के स्कॉलर्स के लिए एक पसंदीदा जगह बनने और वर्ल्ड-क्लास, किफायती टेक्निकल एजुकेशन देने के अपने लक्ष्य के प्रति प्रतिबद्ध है।” उन्होंने आगे कहा कि संस्थान के नए करिकुलम (पाठ्यक्रम), नए इंफ्रास्ट्रक्चर और इंटरनेशनल लेवल पर बढ़ती भागीदारी से आने वाले सालों में ग्लोबल स्तर पर इसकी स्थिति और मजबूत होने की उम्मीद है।

आईआईटी दिल्ली ने बताया कि पिछले चार वर्षों में उसकी वैश्विक रैंकिंग में 79 स्थान का सुधार हुआ है। QS वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग 2024 में संस्थान 197वें स्थान पर था, जबकि QS वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग 2027 में यह 118वें स्थान पर पहुंच गया है।

दुनिया के टॉप-10 यूनिवर्सिटी

रैंकयूनिवर्सिटीदेश
1एमआईटी (MIT)अमेरिका
2स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटीअमेरिका
3इंपीरियल कॉलेज लंदनयूके
4ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटीयूके
5हार्वर्ड यूनिवर्सिटीअमेरिका
6कैम्ब्रिज यूनिवर्सिटीयूके
7कैलिफोर्निया इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (Caltech)अमेरिका
8यूसीएल (UCL)यूके
9ETH ज्यूरिखस्विट्जरलैंड
10नेशनल यूनिवर्सिटी ऑफ सिंगापुर (NUS)सिंगापुर

हायर एजुकेशन के क्षेत्र में दुनियाभर में भारत का जलवा

QS वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग्स 2027 में भारत को हायर एजुकेशन के क्षेत्र को बड़ी बढ़त हासिल हुई है। देश की रैंकिंग में शामिल आधी से ज्यादा यूनिवर्सिटीज ने अपनी ग्लोबल रैंकिंग में सुधार किया है। इस रैंकिंग में भारत के 52 संस्थानों को जगह मिली है। बता दें कि रैंकिंग में IIT दिल्ली पिछले साल 123वें नंबर पर था। लेकिन इस साल उसने 118वीं रैंक हासिल की है, जो बड़ी उपलब्धि है। वह इस ताजा रैंकिंग में सबसे ऊंची रैंक वाला इंडियन इंस्टीट्यूट बन गया है।

भारत के टॉप संस्थानों की ग्लोबल रैंकिंग

भारतीय संस्थानवैश्विक रैंक (QS World University Rankings 2027)भारतीय रैंक/स्थिति
IIT दिल्ली118भारत में नंबर 1
IIT बॉम्बे134भारत में नंबर 2
IIT मद्रास170भारत में नंबर 3
IIT खड़गपुर205भारत में नंबर 4
IIT कानपुर221भारत में नंबर 5
दिल्ली यूनिवर्सिटी (DU)322रैंकिंग में सुधार (पिछले साल 328वीं)
जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी (JNU)555भारत में 15वां स्थान (पिछले साल 558वीं)
जामिया मिलिया इस्लामिया686भारत में 20वां स्थान (पिछले साल 761-770 बैंड)

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रैंकिंग के बारे में बात करते हुए, IIT दिल्ली के डीन, प्लानिंग और रैंकिंग सेल के हेड, प्रो. सोमनाथ बैद्य रॉय ने कहा, “IIT दिल्ली दुनिया भर के स्कॉलर्स के लिए एक पसंदीदा जगह बनने और वर्ल्ड-क्लास, किफायती टेक्निकल एजुकेशन देने के अपने लक्ष्य के प्रति प्रतिबद्ध है।” उन्होंने आगे कहा कि संस्थान के नए करिकुलम (पाठ्यक्रम), नए इंफ्रास्ट्रक्चर और इंटरनेशनल लेवल पर बढ़ती भागीदारी से आने वाले सालों में ग्लोबल स्तर पर इसकी स्थिति और मजबूत होने की उम्मीद है।

आईआईटी दिल्ली ने बताया कि पिछले चार वर्षों में उसकी वैश्विक रैंकिंग में 79 स्थान का सुधार हुआ है। QS वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग 2024 में संस्थान 197वें स्थान पर था, जबकि QS वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग 2027 में यह 118वें स्थान पर पहुंच गया है।

दुनिया के टॉप-10 यूनिवर्सिटी

रैंकयूनिवर्सिटीदेश
1एमआईटी (MIT)अमेरिका
2स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटीअमेरिका
3इंपीरियल कॉलेज लंदनयूके
4ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटीयूके
5हार्वर्ड यूनिवर्सिटीअमेरिका
6कैम्ब्रिज यूनिवर्सिटीयूके
7कैलिफोर्निया इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (Caltech)अमेरिका
8यूसीएल (UCL)यूके
9ETH ज्यूरिखस्विट्जरलैंड
10नेशनल यूनिवर्सिटी ऑफ सिंगापुर (NUS)सिंगापुर

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भारत के टॉप संस्थानों की ग्लोबल रैंकिंग

भारतीय संस्थानवैश्विक रैंक (QS World University Rankings 2027)भारतीय रैंक/स्थिति
IIT दिल्ली118भारत में नंबर 1
IIT बॉम्बे134भारत में नंबर 2
IIT मद्रास170भारत में नंबर 3
IIT खड़गपुर205भारत में नंबर 4
IIT कानपुर221भारत में नंबर 5
दिल्ली यूनिवर्सिटी (DU)322रैंकिंग में सुधार (पिछले साल 328वीं)
जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी (JNU)555भारत में 15वां स्थान (पिछले साल 558वीं)
जामिया मिलिया इस्लामिया686भारत में 20वां स्थान (पिछले साल 761-770 बैंड)

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