कौन हैं जगदीश अफले? IIT बॉम्बे से पढ़े इंजीनियर को राम मंदिर ट्रस्ट का सचिव नियुक्त किया गया

Jagdish Aphale: राम मंदिर में दान में मिले सामान की कथित चोरी के विवाद के बीच, बुधवार को श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने जगदीश अफले को अपना पहला सेक्रेटरी नियुक्त किया है। News 18 के अनुसार, अफले रोजाना के कामकाज की देखरेख करेंगे। हालांकि, अफले की नियुक्ति पर 2 सितंबर को ट्रस्ट की एग्जीक्यूटिव मीटिंग में औपचारिक रूप से मुहर लगाई जाएगी।

राम मंदिर ट्रस्ट ने बनाया पहला सेक्रेटरी पद

राम मंदिर में कथित चांदी चोरी मामले को लेकर मचे राजनीतिक विवाद के बीच ट्रस्ट ने सचिव का नया पद बनाया है। यह पद सीईओ (CEO) के पद से अलग होगा। सीईओ पद के लिए जहां ट्रस्ट ने पहले सार्वजनिक रूप से आवेदन मांगे थे और इसके लिए एक तय जॉब डिस्क्रिप्शन जारी किया गया था, वहीं सचिव की नियुक्ति ट्रस्ट की कार्यकारिणी समिति के फैसले के आधार पर की गई है।

जगदीश अफले कौन हैं?

पुणे के रहने वाले जगदीश अफले, इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी बॉम्बे (IIT) के पूर्व छात्र हैं और उन्होंने सिविल इंजीनियर के तौर पर ट्रेनिंग ली है। उनके पास इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग में BTech और MTech की डिग्री है। ‘इंडियन एक्सप्रेस’ की रिपोर्ट के मुताबिक, एक प्रोजेक्ट मैनेजर के तौर पर अफले ने अयोध्या राम मंदिर के निर्माण में अहम भूमिका निभाई है। रिपोर्ट में कहा गया है कि वह उस मुख्य इंजीनियरिंग टीम का हिस्सा थे, जिसने नींव के काम से लेकर सुपरस्ट्रक्चर तक के प्रोजेक्ट को पूरा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

बताया जाता है कि अफले राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के एक वरिष्ठ पदाधिकारी हैं और कई सालों से संगठन से जुड़े हुए हैं।

रिटायरमेंट के बाद भारत लौटने से पहले, अफले ने कई मल्टीनेशनल कंपनियों के साथ काम किया है। अपने करियर के दौरान उन्होंने यूरोप और अमेरिका में भी कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभालीं हैं।

अब जगदीश अफले अंतरिम महासचिव कृष्ण मोहन को रिपोर्ट करेंगे और ट्रस्ट में एक पदाधिकारी के रूप में अपनी जिम्मेदारी निभाएंगे।

राम मंदिर दान चोरी मामले में ताजा अपडेट

सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को अयोध्या में राम मंदिर के लिए मिले दान में कथित हेराफेरी की जांच के लिए IGP किरण एस. की अगुवाई में चार सदस्यों वाली SIT के गठन का संज्ञान लिया और उत्तर प्रदेश सरकार से जांच टीम में एक फोरेंसिक ऑडिटर को भी शामिल करने को कहा। चीफ जस्टिस सूर्य कांत और जस्टिस जॉयमाल्य बागची और वी. मोहना की बेंच ने कहा कि “सुधारात्मक कदम उठाने होंगे” और “पारदर्शिता सुनिश्चित करने” के लिए कदम उठाए जाएंगे। बेंच ने स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) को दो हफ्ते में स्टेटस रिपोर्ट सौंपने का भी निर्देश दिया। राज्य सरकार की ओर से पेश सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि SIT में एक फोरेंसिक ऑडिटर को भी शामिल किया जाएगा।

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बोर्ड परीक्षा में कम नंबर आने के बाद भी नहीं छोड़ा सपना, लगातार मेहनत कर IIT बॉम्बे तक पहुंचा छात्र

बोर्ड परीक्षा के नतीजे अक्सर छात्रों के आत्मविश्वास को प्रभावित करते हैं। कई बार कम अंक आने पर विद्यार्थी यह मान लेते हैं कि उनका भविष्य अब बेहतर नहीं हो सकता। लेकिन सच यह है कि किसी एक परीक्षा का परिणाम पूरी जिंदगी तय नहीं करता। सही दिशा, लगातार मेहनत और खुद पर भरोसा किसी भी असफलता को सफलता में बदल सकता है। ऐसे ही एक छात्र की कहानी आज हजारों युवाओं के लिए प्रेरणा बन गई है। 10वीं में उम्मीद से काफी कम अंक मिलने के बाद भी उसने हार नहीं मानी। उसने अपनी कमियों को पहचाना, पढ़ाई का तरीका बदला और अनुशासन के साथ अपने लक्ष्य की ओर बढ़ता रहा।

समय के साथ उसकी मेहनत रंग लाई और उसने देश की सबसे कठिन इंजीनियरिंग परीक्षाओं में शानदार प्रदर्शन कर IIT बॉम्बे तक का सफर तय किया। उसकी यह कहानी साबित करती है कि सफलता अंकों से नहीं, बल्कि दृढ़ संकल्प और निरंतर प्रयास से मिलती है।

10वीं के नतीजे ने दिया बड़ा झटका

जैनेंद्रजीत ने 10वीं बोर्ड परीक्षा में अच्छे अंकों की उम्मीद की थी, लेकिन रिजल्ट उम्मीद से बिल्कुल अलग रहा। उसे कुल 54% अंक मिले। गणित में 41 और विज्ञान में 48 अंक आने से वह काफी निराश हुआ। रिजल्ट देखने के बाद उसे कुछ देर तक यकीन ही नहीं हुआ कि ये उसके ही नंबर हैं।

बीमारी बनी पढ़ाई में सबसे बड़ी रुकावट

बोर्ड परीक्षा से पहले जैनेंद्रजीत करीब 40 से 50 दिनों तक बेड रेस्ट पर रहा। लंबी बीमारी के कारण उसकी तैयारी प्रभावित हुई। वहीं उसके कई दोस्तों ने 90% से अधिक अंक हासिल किए, जिससे उसे अपनी कमियों का एहसास हुआ।

हार नहीं मानी, खुद को बदलने का लिया फैसला

निराश होने के बजाय उसने खुद से कहा, “यह मेरी असली पहचान नहीं है, मैं इससे बेहतर कर सकता हूं।” इसी सोच ने उसे आगे बढ़ने की ताकत दी। उसने तय किया कि अब बहाने नहीं, सिर्फ मेहनत ही उसकी पहचान बनेगी।

बदली पढ़ाई की पूरी रणनीति

11वीं में पहुंचने के बाद जैनेंद्रजीत ने पढ़ाई का तरीका पूरी तरह बदल दिया। उसने तय समय पर पढ़ाई शुरू की, सोशल मीडिया से दूरी बनाई और रोजाना करीब 10 घंटे पढ़ाई करने लगा। उसका मानना था कि सिर्फ लंबे समय तक पढ़ना काफी नहीं, बल्कि सही तरीके से पढ़ना ज्यादा जरूरी है।

क्लास से पहले ही समझ लेता था पूरा टॉपिक

उसने एक नई आदत अपनाई। क्लास में पढ़ाए जाने वाले विषय को पहले ही YouTube के जरिए समझ लेता था। इससे लेक्चर के दौरान कॉन्सेप्ट आसानी से समझ आते थे और पढ़ाई ज्यादा प्रभावी हो गई।

रोजाना बनाता था छोटे-छोटे लक्ष्य

बिना योजना के पढ़ाई करने के बजाय उसने हर दिन के छोटे-छोटे लक्ष्य तय किए। हर चैप्टर पूरा होने के बाद Previous Year Questions (PYQs) हल करता था। इससे परीक्षा का पैटर्न समझने और सवाल हल करने की क्षमता मजबूत हुई।

मेहनत ने बदली किस्मत

लगातार मेहनत और अनुशासन का नतीजा यह रहा कि जैनेंद्रजीत ने JEE Main 2023 में 99.98 पर्सेंटाइल हासिल किया। इसके बाद JEE Advanced में AIR 349 रैंक के साथ IIT बॉम्बे के प्रतिष्ठित कंप्यूटर साइंस प्रोग्राम में दाखिला मिला।

मेहनत हर चीज पर भारी पड़ती है’

अपनी सफलता पर जैनेंद्रजीत ने कहा, “अगर जिंदगी में कुछ बड़ा हासिल करना है तो बहाने नहीं, मेहनत करनी होगी। मेहनत हर चीज पर भारी पड़ती है।”

सोशल मीडिया पर मिली जमकर तारीफ

यूट्यूब पर अपनी कहानी साझा करने के बाद हजारों लोगों ने उसकी सराहना की। किसी ने लिखा, “Hard work pays off,” तो किसी ने उसकी हिम्मत और समर्पण को सलाम किया। कई छात्रों ने कहा कि उसकी कहानी उन्हें मुश्किल हालात में भी अपने लक्ष्य के लिए मेहनत करते रहने की प्रेरणा देती है।

डिस्क्लेमर: यह रिपोर्ट सोशल मीडिया पर साझा की गई यूजर-जनरेटेड सामग्री पर आधारित है। Moneycontrol ने इन दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं की है और न ही इनका समर्थन करता है।

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IIT Bombay ग्रेजुएट की वायरल कहानी निकली फर्जी, US जॉब छोड़ दुकान चलाने का दावा झूठा

सोशल मीडिया पर एक कहानी तेजी से वायरल हो गई, जिसमें दावा किया गया कि IIT Bombay के एक ग्रेजुएट ने अमेरिका की ₹2.9 करोड़ सालाना नौकरी छोड़कर भारत लौटकर अपने घर के नीचे किराना दुकान शुरू कर दी। यह कहानी X (Twitter) पर “Vikas Alwys” नाम के अकाउंट से पोस्ट की गई थी और देखते ही देखते हजारों लोगों तक पहुंच गई। कई यूजर्स ने इसे एक भावुक और प्रेरणादायक कहानी मानकर बिना जांचे-परखे शेयर कर दिया। लेकिन बाद में सामने आया कि इस कहानी में किए गए दावे किसी ठोस सबूत पर आधारित नहीं थे।

न तो उस व्यक्ति की पहचान की पुष्टि हुई और न ही उसकी शैक्षणिक या नौकरी से जुड़ी कोई आधिकारिक जानकारी मिली। धीरे-धीरे यह मामला चर्चा में आ गया और सोशल मीडिया पर वायरल होने वाली फर्जी कहानियों को लेकर एक बार फिर सवाल उठने लगे।

कौन था ‘Vivek Sharma’ का दावा?

पोस्ट में बताया गया कि ‘विवेक शर्मा’ IIT Bombay के कंप्यूटर साइंस गोल्ड मेडलिस्ट थे, जो एक साधारण परिवार से आते हैं। दावा था कि उनके माता-पिता ने उनकी पढ़ाई के लिए अपनी बचत और सोना तक बेच दिया। आगे लिखा गया कि उन्हें अमेरिका की बड़ी कंपनी से लाखों डॉलर का ऑफर मिला था, लेकिन परिवार की बीमारी के चलते उन्होंने नौकरी छोड़ दी और घर लौटकर किराना दुकान चलाने लगे।

फर्जी कहानी के पीछे कोई ठोस सबूत नहीं

इस वायरल दावे में किसी भी तरह का पुख्ता स्रोत नहीं दिया गया था। बाद में पता चला कि यह कहानी पहले LinkedIn पर भी साझा की गई थी, जिसे एक डॉक्टर ने पोस्ट किया था और बाद में काफी बदलाव कर दिए।

जांच में सामने आया कि 2012 के JEE रिकॉर्ड में ‘विवेक शर्मा’ नाम का कोई ऐसा टॉपर मौजूद ही नहीं था, जैसा दावा किया गया था।

खुद लेखक ने माना कहानी काल्पनिक थी

पोस्ट करने वाले ने बाद में स्वीकार किया कि यह कहानी एक “inspirational fictional persona” थी, यानी लोगों को प्रेरित करने के लिए बनाई गई एक काल्पनिक कहानी। इसके बाद उन्हें सोशल मीडिया पर काफी आलोचना का सामना करना पड़ा।

तस्वीर भी निकली किसी और की

इस कहानी के साथ जो फोटो वायरल की गई थी, वह भी गलत निकली। जांच में पता चला कि वह व्यक्ति कोई ‘विवेक शर्मा’ नहीं, बल्कि YouTuber और किराना स्टोर मालिक Sumit Gorai हैं, जिनकी तस्वीर को गलत तरीके से इस्तेमाल किया गया।

असल सच्चाई क्या है?

पूरी जांच के बाद साफ हो गया कि यह कहानी पूरी तरह फर्जी थी। न कोई IIT Bombay टॉपर ‘विवेक शर्मा’ है, न ही ऐसा कोई व्यक्ति जिसने US जॉब छोड़कर किराना दुकान शुरू की हो। यह सिर्फ सोशल मीडिया पर बनाई और फैलाई गई एक मनगढ़ंत कहानी थी, जिसे लोगों ने बिना सत्यापित किए वायरल कर दिया।

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2.9 करोड़ रुपये की US नौकरी छोड़ी, IIT टॉपर ने कानपुर में खोली किराने की दुकान, वजह हैरान कर देगी!

सोशल मीडिया पर एक ऐसी भावुक कहानी तेजी से वायरल हो रही है, जिसने लोगों का ध्यान खींच लिया है। IIT Bombay के एक टॉपर ने विदेश में मिले करोड़ों रुपये के जॉब ऑफर को छोड़कर अपने माता-पिता के साथ रहने का फैसला किया। बताया जा रहा है कि उन्हें अमेरिका की एक कंपनी से शानदार पैकेज मिला था, लेकिन परिवार की परिस्थितियों और जिम्मेदारियों को देखते हुए उन्होंने यह बड़ा निर्णय लिया। इस कहानी ने लोगों को सोचने पर मजबूर कर दिया है कि असली सफलता पैसा है या अपने अपनों के साथ खड़ा रहना।

जहां एक तरफ युवा विदेश जाकर करियर बनाने का सपना देखते हैं, वहीं इस फैसले ने एक अलग ही उदाहरण पेश किया है। यह कहानी अब इंटरनेट पर तेजी से वायरल हो रही है और लोग इसे भावनात्मक और प्रेरणादायक बता रहे हैं।

2.9 करोड़ रुपये का शानदार ऑफर ठुकराया

रिपोर्ट्स के अनुसार, कंप्यूटर साइंस से B.Tech गोल्ड मेडलिस्ट विवेक शर्मा को अमेरिका के सैन फ्रांसिस्को स्थित एक स्टार्टअप से करीब $240,000 (लगभग ₹2.9 करोड़) सालाना का जॉब ऑफर मिला था। इस ऑफर में वीजा, रिलोकेशन और ग्लोबल करियर का शानदार मौका भी शामिल था।

साधारण परिवार से निकलकर IIT तक का सफर

विवेक का जन्म उत्तर प्रदेश के कानपुर के एक मध्यमवर्गीय परिवार में हुआ था। उनके पिता रेलवे में क्लर्क थे और मां ट्यूशन पढ़ाकर घर चलाने में मदद करती थीं। परिवार ने उनकी पढ़ाई के लिए कई त्याग किए, यहां तक कि गहने बेचकर और बचत से उन्हें कोटा भेजा गया।

अचानक बदली जिंदगी की कहानी

जब सब कुछ ठीक चल रहा था और वह अमेरिका जाने की तैयारी कर रहे थे, तभी उनकी जिंदगी में बड़ा मोड़ आया। उनके पिता को हार्ट अटैक आ गया और मां को कैंसर जैसी गंभीर बीमारी का पता चला।

विदेश नहीं, परिवार चुना

इस मुश्किल समय में विवेक ने बड़ा फैसला लिया और विदेश जाने की बजाय कानपुर में ही रुकने का निर्णय लिया। उन्होंने अपने माता-पिता की देखभाल शुरू की और उनके साथ रहना चुना।

ग्रोसरी शॉप से नई शुरुआत

रिपोर्ट के मुताबिक, विवेक अब अपने घर के नीचे एक छोटी किराने की दुकान चला रहे हैं और साथ ही जरूरतमंद बच्चों को कोडिंग भी सिखा रहे हैं। उनका कहना है कि परिवार से बढ़कर कुछ नहीं होता।

सोशल मीडिया पर भावुक प्रतिक्रियाएं

इस कहानी को पढ़कर लोग सोशल मीडिया पर भावुक हो गए हैं। कई यूजर्स ने कहा कि असली सफलता पैसा नहीं बल्कि परिवार और जिम्मेदारी है। उनकी यह कहानी लोगों के लिए प्रेरणा बन गई है।

 

QS Ranking 2027: IIT दिल्ली ने रचा इतिहास, दुनिया में 118वीं रैंक के साथ बना भारत का नंबर-1 संस्थान, जानिए टॉप 10 संस्थानों की रैंकिंग

QS Ranking 2027: IIT दिल्ली एक बार फिर भारत का सबसे बेहतर एजुकेशन और रिसर्च इंस्टीट्यूट बनकर उभरा है। आज यानी 18 जून 2026 को जारी QS वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग 2027 में IIT दिल्ली को दुनिया में 118वां स्थान मिला है। पिछले साल यह 123वें स्थान पर था, यानी इस बार इसकी रैंकिंग में 5 स्थान का सुधार हुआ है। वहीं, इस उपलब्धि के साथ IIT दिल्ली ने QS वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग्स में किसी भारतीय संस्थान द्वारा अब तक हासिल की गई सबसे ऊंची ग्लोबल रैंक की बराबरी भी कर ली है।

रैंकिंग के बारे में बात करते हुए, IIT दिल्ली के डीन, प्लानिंग और रैंकिंग सेल के हेड, प्रो. सोमनाथ बैद्य रॉय ने कहा, “IIT दिल्ली दुनिया भर के स्कॉलर्स के लिए एक पसंदीदा जगह बनने और वर्ल्ड-क्लास, किफायती टेक्निकल एजुकेशन देने के अपने लक्ष्य के प्रति प्रतिबद्ध है।” उन्होंने आगे कहा कि संस्थान के नए करिकुलम (पाठ्यक्रम), नए इंफ्रास्ट्रक्चर और इंटरनेशनल लेवल पर बढ़ती भागीदारी से आने वाले सालों में ग्लोबल स्तर पर इसकी स्थिति और मजबूत होने की उम्मीद है।

आईआईटी दिल्ली ने बताया कि पिछले चार वर्षों में उसकी वैश्विक रैंकिंग में 79 स्थान का सुधार हुआ है। QS वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग 2024 में संस्थान 197वें स्थान पर था, जबकि QS वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग 2027 में यह 118वें स्थान पर पहुंच गया है।

दुनिया के टॉप-10 यूनिवर्सिटी

रैंकयूनिवर्सिटीदेश
1एमआईटी (MIT)अमेरिका
2स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटीअमेरिका
3इंपीरियल कॉलेज लंदनयूके
4ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटीयूके
5हार्वर्ड यूनिवर्सिटीअमेरिका
6कैम्ब्रिज यूनिवर्सिटीयूके
7कैलिफोर्निया इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (Caltech)अमेरिका
8यूसीएल (UCL)यूके
9ETH ज्यूरिखस्विट्जरलैंड
10नेशनल यूनिवर्सिटी ऑफ सिंगापुर (NUS)सिंगापुर

हायर एजुकेशन के क्षेत्र में दुनियाभर में भारत का जलवा

QS वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग्स 2027 में भारत को हायर एजुकेशन के क्षेत्र को बड़ी बढ़त हासिल हुई है। देश की रैंकिंग में शामिल आधी से ज्यादा यूनिवर्सिटीज ने अपनी ग्लोबल रैंकिंग में सुधार किया है। इस रैंकिंग में भारत के 52 संस्थानों को जगह मिली है। बता दें कि रैंकिंग में IIT दिल्ली पिछले साल 123वें नंबर पर था। लेकिन इस साल उसने 118वीं रैंक हासिल की है, जो बड़ी उपलब्धि है। वह इस ताजा रैंकिंग में सबसे ऊंची रैंक वाला इंडियन इंस्टीट्यूट बन गया है।

भारत के टॉप संस्थानों की ग्लोबल रैंकिंग

भारतीय संस्थानवैश्विक रैंक (QS World University Rankings 2027)भारतीय रैंक/स्थिति
IIT दिल्ली118भारत में नंबर 1
IIT बॉम्बे134भारत में नंबर 2
IIT मद्रास170भारत में नंबर 3
IIT खड़गपुर205भारत में नंबर 4
IIT कानपुर221भारत में नंबर 5
दिल्ली यूनिवर्सिटी (DU)322रैंकिंग में सुधार (पिछले साल 328वीं)
जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी (JNU)555भारत में 15वां स्थान (पिछले साल 558वीं)
जामिया मिलिया इस्लामिया686भारत में 20वां स्थान (पिछले साल 761-770 बैंड)

यह भी पढ़ें: आज का मौसम 18 June: IMD ने बिहार संग इन 13 राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट दिया! राजस्थान में 80 Kmph की आंधी, दिल्ली-यूपी का ऐसा रहेगा मौसम

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रैंकिंग के बारे में बात करते हुए, IIT दिल्ली के डीन, प्लानिंग और रैंकिंग सेल के हेड, प्रो. सोमनाथ बैद्य रॉय ने कहा, “IIT दिल्ली दुनिया भर के स्कॉलर्स के लिए एक पसंदीदा जगह बनने और वर्ल्ड-क्लास, किफायती टेक्निकल एजुकेशन देने के अपने लक्ष्य के प्रति प्रतिबद्ध है।” उन्होंने आगे कहा कि संस्थान के नए करिकुलम (पाठ्यक्रम), नए इंफ्रास्ट्रक्चर और इंटरनेशनल लेवल पर बढ़ती भागीदारी से आने वाले सालों में ग्लोबल स्तर पर इसकी स्थिति और मजबूत होने की उम्मीद है।

आईआईटी दिल्ली ने बताया कि पिछले चार वर्षों में उसकी वैश्विक रैंकिंग में 79 स्थान का सुधार हुआ है। QS वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग 2024 में संस्थान 197वें स्थान पर था, जबकि QS वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग 2027 में यह 118वें स्थान पर पहुंच गया है।

दुनिया के टॉप-10 यूनिवर्सिटी

रैंकयूनिवर्सिटीदेश
1एमआईटी (MIT)अमेरिका
2स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटीअमेरिका
3इंपीरियल कॉलेज लंदनयूके
4ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटीयूके
5हार्वर्ड यूनिवर्सिटीअमेरिका
6कैम्ब्रिज यूनिवर्सिटीयूके
7कैलिफोर्निया इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (Caltech)अमेरिका
8यूसीएल (UCL)यूके
9ETH ज्यूरिखस्विट्जरलैंड
10नेशनल यूनिवर्सिटी ऑफ सिंगापुर (NUS)सिंगापुर

हायर एजुकेशन के क्षेत्र में दुनियाभर में भारत का जलवा

QS वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग्स 2027 में भारत को हायर एजुकेशन के क्षेत्र को बड़ी बढ़त हासिल हुई है। देश की रैंकिंग में शामिल आधी से ज्यादा यूनिवर्सिटीज ने अपनी ग्लोबल रैंकिंग में सुधार किया है। इस रैंकिंग में भारत के 52 संस्थानों को जगह मिली है। बता दें कि रैंकिंग में IIT दिल्ली पिछले साल 123वें नंबर पर था। लेकिन इस साल उसने 118वीं रैंक हासिल की है, जो बड़ी उपलब्धि है। वह इस ताजा रैंकिंग में सबसे ऊंची रैंक वाला इंडियन इंस्टीट्यूट बन गया है।

भारत के टॉप संस्थानों की ग्लोबल रैंकिंग

भारतीय संस्थानवैश्विक रैंक (QS World University Rankings 2027)भारतीय रैंक/स्थिति
IIT दिल्ली118भारत में नंबर 1
IIT बॉम्बे134भारत में नंबर 2
IIT मद्रास170भारत में नंबर 3
IIT खड़गपुर205भारत में नंबर 4
IIT कानपुर221भारत में नंबर 5
दिल्ली यूनिवर्सिटी (DU)322रैंकिंग में सुधार (पिछले साल 328वीं)
जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी (JNU)555भारत में 15वां स्थान (पिछले साल 558वीं)
जामिया मिलिया इस्लामिया686भारत में 20वां स्थान (पिछले साल 761-770 बैंड)

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रैंकिंग के बारे में बात करते हुए, IIT दिल्ली के डीन, प्लानिंग और रैंकिंग सेल के हेड, प्रो. सोमनाथ बैद्य रॉय ने कहा, “IIT दिल्ली दुनिया भर के स्कॉलर्स के लिए एक पसंदीदा जगह बनने और वर्ल्ड-क्लास, किफायती टेक्निकल एजुकेशन देने के अपने लक्ष्य के प्रति प्रतिबद्ध है।” उन्होंने आगे कहा कि संस्थान के नए करिकुलम (पाठ्यक्रम), नए इंफ्रास्ट्रक्चर और इंटरनेशनल लेवल पर बढ़ती भागीदारी से आने वाले सालों में ग्लोबल स्तर पर इसकी स्थिति और मजबूत होने की उम्मीद है।

आईआईटी दिल्ली ने बताया कि पिछले चार वर्षों में उसकी वैश्विक रैंकिंग में 79 स्थान का सुधार हुआ है। QS वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग 2024 में संस्थान 197वें स्थान पर था, जबकि QS वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग 2027 में यह 118वें स्थान पर पहुंच गया है।

दुनिया के टॉप-10 यूनिवर्सिटी

रैंकयूनिवर्सिटीदेश
1एमआईटी (MIT)अमेरिका
2स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटीअमेरिका
3इंपीरियल कॉलेज लंदनयूके
4ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटीयूके
5हार्वर्ड यूनिवर्सिटीअमेरिका
6कैम्ब्रिज यूनिवर्सिटीयूके
7कैलिफोर्निया इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (Caltech)अमेरिका
8यूसीएल (UCL)यूके
9ETH ज्यूरिखस्विट्जरलैंड
10नेशनल यूनिवर्सिटी ऑफ सिंगापुर (NUS)सिंगापुर

हायर एजुकेशन के क्षेत्र में दुनियाभर में भारत का जलवा

QS वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग्स 2027 में भारत को हायर एजुकेशन के क्षेत्र को बड़ी बढ़त हासिल हुई है। देश की रैंकिंग में शामिल आधी से ज्यादा यूनिवर्सिटीज ने अपनी ग्लोबल रैंकिंग में सुधार किया है। इस रैंकिंग में भारत के 52 संस्थानों को जगह मिली है। बता दें कि रैंकिंग में IIT दिल्ली पिछले साल 123वें नंबर पर था। लेकिन इस साल उसने 118वीं रैंक हासिल की है, जो बड़ी उपलब्धि है। वह इस ताजा रैंकिंग में सबसे ऊंची रैंक वाला इंडियन इंस्टीट्यूट बन गया है।

भारत के टॉप संस्थानों की ग्लोबल रैंकिंग

भारतीय संस्थानवैश्विक रैंक (QS World University Rankings 2027)भारतीय रैंक/स्थिति
IIT दिल्ली118भारत में नंबर 1
IIT बॉम्बे134भारत में नंबर 2
IIT मद्रास170भारत में नंबर 3
IIT खड़गपुर205भारत में नंबर 4
IIT कानपुर221भारत में नंबर 5
दिल्ली यूनिवर्सिटी (DU)322रैंकिंग में सुधार (पिछले साल 328वीं)
जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी (JNU)555भारत में 15वां स्थान (पिछले साल 558वीं)
जामिया मिलिया इस्लामिया686भारत में 20वां स्थान (पिछले साल 761-770 बैंड)

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