जिस IIT में पढ़ाई की, उसी की विदेश में बड़ी जिम्मेदारी संभाली प्रीति अघलायम ने!

किसी इंस्टीटूशन में स्टूडेंट रहने के बाद फिर वहीं की बड़ी जिम्मेदारी संभालना अपने आप में खास सफर है। प्रीति अघलायम की कहानी भी कुछ ऐसी ही है। वह 1991 में IIT मद्रास में केमिकल इंजीनियरिंग की स्टूडेंट रहकर पढ़ाई कर चुकी है। अब तीन दशक से ज्यादा समय बाद वह इसी इंस्टिट्यूट के इंटरनेशनल कैंपस IIT मद्रास जंजीबार की डायरेक्टर-इन-चार्ज बनीं है। जुलाई 2023 में मिली इस जिम्मेदारी के साथ वह IIT लीड करने वाली पहली महिला बनीं।

प्रीति अघलायम की साइंस में रुचि बचपन से थी। उनका परिवार भी पढ़ाई और शिक्षा से जुड़ा हुआ था। उनके पिता केमिस्ट्री के प्रोफेसर थे, जबकि उनकी मां ने दूसरी जिम्मेदारियों के साथ PhD की। अपनी मां को पढ़ाई और एकेडेमिक वर्क जारी रखते देखकर प्रीति को भी हायर एजुकेशन के लिए इंस्पिरेशन मिली।

MIT से IIT Bombay तक का सफर

BTech के बाद अमेरिका चली गईं – यूनिवर्सिटी ऑफ रोचेस्टर से MS और UMass Amherst से PhD (2000)

MIT में पोस्टडॉक्टोरल रिसर्च की

2002 में भारत लौटीं और IIT बॉम्बे में प्रोफेसर बनीं

2010 में वापस अपने होम IIT – IIT मद्रास में प्रोफेसर बनीं

रिसर्च: Underground Coal Gasification, ऑटोमोबाइल से होने वाले NOx प्रदूषण को कम करना

IIT बॉम्बे से एक्सपीरियंस लेकर फिर IIT मद्रास लौटीं

अमेरिका में पढ़ाई और काम का एक्सपीरियंस लेने के बाद प्रीति भारत लौटीं और IIT बॉम्बे में फैकल्टी के तौर पर अपना एकेडेमिक करियर शुरू किया। साल 2010 में वह फिर से IIT मद्रास से जुड़ गईं। यहां उन्होंने केमिकल इंजीनियरिंग पढ़ाने के साथ रिसर्च पर भी काम किया।

IIT मद्रास में उनके रिसर्च के कई एरिया रहे। इनमें अंडरग्राउंड कोल गैसीफिकेशन, गाड़ियों से निकलने वाले नाइट्रोजन ऑक्साइड को कम करना, रिएक्टर मॉडलिंग और जटिल केमिकल रिएक्शन को समझना शामिल है। उनके एकेडेमिक वर्क को इंडियन नेशनल एकेडमी ऑफ इंजीनियरिंग और इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ केमिकल इंजीनियर्स जैसे इंस्टिट्यूट से भी पहचान मिली।

जंजीबार में मिली नई जिम्मेदारी

प्रीति अघलायम के करियर में बड़ा बदलाव तब आया, जब जुलाई 2023 में उन्हें IIT मद्रास जंजीबार का डायरेक्टर-इन-चार्ज बनाया गया। यह भारत के बाहर IIT का पहला इंटरनेशनल कैंपस था, इसलिए यहां काम करना उनके लिए एक नई चुनौती थी। IIT मद्रास के डायरेक्टर वी कामकोटि ने कहा था -“हम सस्टेनेबल डेवलपमेंट गोल्स को फॉलो कर रहे हैं और जेंडर बैलेंस लाना चाहते हैं, इसलिए प्रीति पहली महिला IIT डायरेक्टर हैं।” पहले बैच में जंजीबार, तंजानिया, भारत और नेपाल से स्टूडेंट पहुंचे।

फिलहाल प्रीति अघलायम IIT मद्रास के ऑफिस ऑफ ग्लोबल एंगेजमेंट की डीन हैं। वह IIT मद्रास जंजीबार से अपनी पहले की डायरेक्टर और फैकल्टी की जिम्मेदारियों के कारण भी जुड़ी रही हैं।

15 साल की सिंचना के पास 13.9 लाख रुपये का पोर्टफोलियो, जानें गुल्लक के 10 हजार से कैसे शुरू हुआ निवेश का सफर?

आमतौर पर 15 साल की उम्र में बच्चे स्कूल, दोस्तों और अपनी पसंदीदा चीजों को करने में व्यस्त रहते हैं, लेकिन बेंगलुरु की सिंचना संतोष ने इसी उम्र में एक ऐसी राह चुनी, जो उन्हें बाकी बच्चों से अलग बनाती है। 10वीं कक्षा में पढ़ने वाली सिंचना की दिलचस्पी बचपन से ही पैसों की बचत और उसके सही इस्तेमाल को समझने में रही है। एक छोटी-सी गुल्लक से शुरू हुई उनकी बचत की आदत धीरे-धीरे वित्तीय समझ और निवेश की जिज्ञासा में बदल गई। आज वो करीब 13.9 लाख रुपये के निवेश पोर्टफोलियो को संभाल रही हैं।

खास बात ये है कि उनके लिए पैसा सिर्फ बचाने या बढ़ाने का जरिया नहीं, बल्कि भविष्य के लक्ष्यों को पूरा करने का माध्यम है। पढ़ाई के साथ वित्तीय दुनिया को समझने और नई चीजें सीखने का उनका यह सफर दिखाता है कि सही मार्गदर्शन और जिज्ञासा के साथ छोटी उम्र में भी बड़े लक्ष्य तय किए जा सकते हैं।

गुल्लक में जमा किए 10 हजार रुपये

RR नगर स्थित स्वर्गरानी स्कूल की छात्रा सिंचना को बचपन से ही पैसे बचाने की आदत थी। 12 साल की उम्र तक उन्होंने अपनी गुल्लक में करीब 10,000 रुपये जमा कर लिए थे। लगातार बढ़ती रकम को देखकर उन्हें समझ आया कि छोटी-छोटी बचत समय के साथ बड़ी बन सकती है। यही अनुभव उनके लिए वित्तीय समझ की पहली सीढ़ी बना।

टेलीस्कोप खरीदने के लिए खुद जुटाए पैसे

सिंचना की ‘मनी जर्नी’ को एक और अहम मोड़ तब मिला, जब उन्हें बचपन में टेलीस्कोप खरीदना था। उनके पिता संतोष कुमार ने उनसे इसकी कीमत का कुछ हिस्सा खुद जुटाने को कहा। सिंचना ने रिश्तेदारों से बात कर 10,000 रुपये जुटाए, जबकि बाकी 2,000 रुपये माता-पिता ने दिए। इस अनुभव से उन्हें पैसे की कीमत और लक्ष्य के लिए बचत करने की अहमियत समझ आई।

YouTube से सीखी निवेश की बारीकियां

निवेश शुरू करने से पहले पिता ने उन्हें वित्तीय अवधारणाओं को समझने की सलाह दी। इसके बाद सिंचना ने खुद सीखना शुरू किया। उन्होंने YouTube पर पर्सनल फाइनेंस और निवेश से जुड़े वीडियो देखे और Ankur Warikoo, Dave Ramsey, Power of Money, Mint Wealth और Sonia Shenoy जैसे क्रिएटर्स से सीखने की बात कही है। वह छुट्टियों और वीकेंड में इसके लिए समय निकालती थीं।

NISM और SEBI सर्टिफिकेशन भी किए

Moneycontrol से बात करते हुए  सिंचना ने बताया कि उन्होंने आपनी वित्तीय शिक्षा को ऑनलाइन वीडियो तक सीमित नहीं रखा। उनके पास दो NISM और एक SEBI सर्टिफिकेशन हैं। एक NISM परीक्षा में वह पहली कोशिश में सिर्फ एक अंक से चूक गई थीं, लेकिन दोबारा परीक्षा देकर उन्होंने उसे पास किया।

13.9 लाख का पोर्टफोलियो, माता-पिता की निगरानी

इस साल सिंचना ने निवेश को ज्यादा गंभीरता से शुरू किया। परिवार के अनुसार, कुछ ऐसी इंश्योरेंस पॉलिसियों से पैसा निकाला गया, जिनसे अपेक्षित रिटर्न नहीं मिल रहा था। अब उनका निवेश इक्विटी और म्यूचुअल फंड में है और यह भारतीय तथा अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक फैला हुआ है। करीब सात साल की निवेश अवधि के साथ उनका लक्ष्य भविष्य में मास्टर डिग्री की पढ़ाई का खर्च जुटाना है। निवेश में माता-पिता की निगरानी भी रहती है।

‘GDP’ है सिंचना का निवेश मंत्र

म्यूचुअल फंड को समझने के लिए सिंचना ने ‘GDP’ नाम का अपना फ्रेमवर्क बनाया है Growth, Direct और Passive। वह ग्रोथ पर केंद्रित फंड, कम लागत वाले डायरेक्ट प्लान और इंडेक्स को ट्रैक करने वाले पैसिव फंड को अपने निवेश नजरिए का हिस्सा मानती हैं।

अब बच्चों को सिखाएंगी Financial Literacy

सिंचना की रुचि केवल निवेश तक सीमित नहीं है। 14 साल की उम्र में उन्होंने NCERT के सिलेबस पर आधारित ‘ITIHASA – The Royal Game’ नाम का इतिहास कार्ड गेम बनाया और बेंगलुरु के 36 सरकारी हाई स्कूलों में 170 गेम सेट दान किए।

अब वह बच्चों के लिए एक रणनीति-आधारित वित्तीय कार्ड गेम तैयार कर रही हैं। इसमें बजटिंग, बैंकिंग, ब्याज, महंगाई, जोखिम, बीमा, क्रेडिट, कर्ज और वित्तीय धोखाधड़ी से बचाव जैसी बातें खेल के जरिए सिखाई जाएंगी। उनका लक्ष्य भारत के 10 लाख छात्रों तक वित्तीय साक्षरता को अनुभव आधारित तरीके से पहुंचाना है। गुल्लक में जमा 10 हजार रुपये से शुरू हुआ सिंचना का सफर आज निवेश से आगे बढ़कर दूसरों को पैसों की समझ देने की दिशा में पहुंच चुका है।

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GATE 2027 Registration: आईआईटी मद्रास ने शुरू किया गेट 2027 के लिए रजिस्ट्रेशन, जानें कौन कर सकता और कौन नहीं कर सकता अप्लाई

GATE 2027 Registration: इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (IIT) मद्रास ने ग्रेजुएट एप्टीट्यूड टेस्ट इन इंजीनियरिंग (GATE) 2027 के लिए पंजीकरण प्रक्रिया शुरू करने की घोषणा की है। गेट 2027 में हिस्सा लेने के इच्छुक और योग्य उम्मीदवार आधिकारिक वेबसाइट gate2027.iitm.ac.in पर जाकर अपनी एप्लीकेशन जमा कर सकते हैं। यह आवेदन प्रक्रिया 02 सितंबर 2026 से शुरू हो चुकी है।

गेट 2027 के लिए रजिस्ट्रेशन विंडो बिना लेट फीस के 27 सितंबर, 2026 तक खुली रहेगी। इस डेडलाइन तक अपना आवेदन करने से चूकने वाले उम्मीदवार, इसके बाद भी लेट फीस देकर 5 अक्टूबर तक अप्लाई कर सकते हैं। आवेदन सुधार विंडो 14 अक्टूबर से 21 अक्टूबर तक उपलब्ध रहेगी।

गेट 2027, 6, 7, 13, 14, 20 और 21 फरवरी, 2027 को होगा। सिटी अलॉटमेंट नोटिफिकेशन 4 जनवरी को आने की उम्मीद है, जबकि एडमिट कार्ड रिलीज की तारीख अभी घोषित नहीं की गई है। गेट 2027 का नतीजा 19 मार्च, 2027 को घोषित किया जाएगा।

गेट 2027 में रोबोटिक्स और ऑटोमेशन पेपर किया गया शामिल

इस साल, गेट में रोबोटिक्स और ऑटोमेशन (RA) पर एक नया पेपर होगा। नए पेपर के जुड़ने से, अब परीक्षा 30 टेस्ट पेपर्स के लिए होगी। आईआईटी मद्रास ने गेट 2027 के कुछ सिलेबस में भी बदलाव किए हैं। इनमें बायोटेक्नोलॉजी पेपर में अपडेट और टेक्सटाइल इंजीनियरिंग और फाइबर साइंस, इंजीनियरिंग साइंसेज, ह्यूमैनिटीज और सोशल साइंसेज, और लाइफ साइंसेज के लिए सेक्शनल पेपर कोड में बदलाव शामिल हैं। उम्मीदवार एक या दो टेस्ट पेपर्स दे सकते हैं। हालांकि, दो पेपर्स चुनने वालों को परीक्षा अधिकारियों द्वारा मान्य कॉम्बिनेशन्स में से चुनना होगा।

गेट 2027 योग्यता

जो कैंडिडेट अंडरग्रेजुएट डिग्री प्रोग्राम के तीसरे साल या उससे ऊपर पढ़ रहे हैं, साथ ही जिन्होंने इंजीनियरिंग, टेक्नोलॉजी, आर्किटेक्चर, साइंस, कॉमर्स, आर्ट्स या ह्यूमैनिटीज में सरकार से मंजूर डिग्री पूरी की है, वे इस परीक्षा के लिए आवेदन कर सकते हैं।

भारत के बाहर के संस्थान से योग्य डिग्री वाले उम्मीदवार भी आवेदन कर सकते हैं, जो अधिकारियों द्वारा बताई गई शर्तों के तहत है। भारतीय नागरिकों के लिए, DigiLocker के जरिए रजिस्ट्रेशन जरूरी है। आईआईटी मद्रास ने कैंडिडेट को सलाह दी है कि गेट 2027 आवेदन प्रक्रिया शुरू करने से पहले यह पक्का कर लें कि उनका DigiLocker अकाउंट वेरिफाई और अपडेटेड है।

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GATE 2027 Registration: 27 अगस्त से शुरू होगा गेट 2027 के लिए रजिस्ट्रेशन, इस बार से डिजीलॉकर पर अकाउंट होगा अनिवार्य

GATE 2027 Registration: इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी, मद्रास (IITM) इस हफ्ते ग्रेजुएट एप्टीट्यूड टेस्ट इन इंजीनियरिंग (GATE) 2027 के लिए ऑनलाइन पंजीकरण प्रक्रिया शुरू करेगा। इस महीने की शुरुआत में आईआईटी मद्रास द्वारा शेयर किए गए संशोधित कार्यक्रम के अनुसार, ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया 27 अगस्त, 2026 (गुरुवार) से शुरू होगी। इस प्रक्रिया के शुरू होने के बाद उम्मीदवारों को आधिकारिक गेट 2027 वेबसाइट, यानी gate2027.iitm.ac.in पर अपना ऑनलाइन फॉर्म भरना होगा।

इस बार, भारतीय नागरिकता वाले सभी इच्छुक उम्मीदवारों को डिजीलॉकर पर भी रजिस्टर करना होगा। गेट 2027 में शामिल होने के इच्छुक किसी उम्मीदवार के पास अगर अभी तक डिजीलॉकर पर वेरिफाइड अकाउंट नहीं है तो उन्हें 27 अगस्त तक ऐसा कर लेना चाहिए। उम्मीदवार यह भी ध्यान दें कि गेट ऑनलाइन एप्लिकेशन प्रोसेसिंग सिस्टम्स (GOAPS) पोर्टल के जरिए गेट 2027 के लिए आवेदन करते समय उनका नाम डिजीलॉकर से वेरिफाई किया जाएगा। अगर उनके नाम में कोई गलती है, तो कैंडिडेट गेट 2027 के लिए आवेदन करने से पहले डिजीलॉकर पर उसे ठीक कर सकेंगे। नहीं तो, करेक्शन विंडो के दौरान, लागू नियमों के अनुसार इसे बदला जा सकता है।

गेट 2027 के लिए रिवाइज्ड शेड्यूल देखें

गेट ऑनलाइन एप्लीकेशन प्रोसेसिंग सिस्टम (GOAPS) शुरू होने की तारीख : 14 अगस्त, 2026

नियमित ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन की आखिरी तारीख (बिना लेट फीस के): 27 अगस्त, 2026

बढ़ी हुई ऑनलाइन पंजीकरण की आखिरी तारीख (लेट फीस के साथ): 21 सितंबर, 2026

गेट 2027 आवेदन में सुधार करने की शुरुआती तारीख : 27 सितंबर, 2026

गेट 2027 आवेदन में सुधार करने की आखिरी तारीख : 30 सितंबर, 2026

सिटी अलॉटमेंट नोटिफिकेशन : 5 अक्टूबर, 2026

एडमिट कार्ड डाउनलोड : समय पर घोषित होगा

गेअ 2027 परीक्षा : 6, 7, 13, 14, 20 और 21 फरवरी, 2027

रिजल्ट की घोषणा : 19 मार्च, 2027

गेट 2027 के लिए योग्यता

शैक्षिक योग्यता : इंजीनियरिंग, टेक्नोलॉजी, आर्किटेक्चर, साइंस, कॉमर्स, आर्ट्स या ह्यूमैनिटीज में किसी भी सरकारी-मंज़ूर अंडरग्रेजुएट प्रोग्राम के तीसरे साल या उससे ऊपर पढ़ रहे स्टूडेंट्स एलिजिबल हैं।

डिप्लोमा के जरिए बीई में प्रवेश लेने वाले छात्र : डिप्लोमा के बाद दूसरे साल में प्रवेश लेने वाले बीई के तीसरे साल या उससे ऊपर पढ़ रहे छात्र भी योग्य हैं।

उम्र सीमा : गेट 2027 के लिए अप्लाई करने की कोई उम्र सीमा नहीं है।

प्रयास की संख्या : कोई कैंडिडेट कितनी बार गेट के लिए आवेदन कर सकता है, इस पर कोई रोक नहीं है।

पेपर का चुनाव : कैंडिडेट बताए गए कॉम्बिनेशन में से ज्यादा से ज्यादा दो गेट 2027 पेपर चुन सकते हैं। हालांकि, उम्मीदवारों को सलाह दी जाती है कि वे अपनी क्वालिफाइंग डिग्री के विषय के हिसाब से सही पेपर चुनें।

गेट 2027 इंजीनियरिंग, टेक्नोलॉजी, साइंस, कॉमर्स, आर्ट्स, आर्किटेक्चर और ह्यूमैनिटीज में अंडरग्रेजुएट लेवल के विषयों के बारे में उम्मीदवारों की समझ का मूल्यांकन करने के लिए आयोजित किया जाता है। इसे आईआईएससी और आईआईटी मिलकर नेशनल कोऑर्डिनेशन बोर्ड (NCB), उच्च शिक्षा विभाग, शिक्षा मंत्रालय (MoE), भारत सरकार की ओर से आयोजित करते हैं।

सफल उम्मीदवार, शिक्षा मंत्रालय द्वारा समर्थित संस्थान परास्नातक और डॉक्टोरल पाठ्यक्रम में प्रवेश के लिए गेट स्कोर का इस्तेमाल कर सकते हैं। साथ ही इन्हें वित्तीय मदद भी मिल सकती है, जबकि कई सार्वजनिक क्षेत्र के संस्थान अपने यहां भर्ती के लिए गेट स्कोर का इस्तेमाल करते हैं।

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IIT में एडमिशन नहीं मिला तो छात्र ने कर दी वेबसाइट हैक, अब मिल सकता है अपनी काबिलियत दिखाने का मौका

IIT कानपुर में साइबर सिक्योरिटी प्रोग्राम में दाखिला न मिलने के बाद एक छात्र का मामला चर्चा में आ गया है। छात्र ने कथित तौर पर IIT कानपुर और IIT मद्रास की वेबसाइट तक पहुंच बनाकर अपनी तकनीकी क्षमता दिखाने की कोशिश की। उसका कहना है कि उसका मकसद किसी सिस्टम को नुकसान पहुंचाना नहीं, बल्कि अपनी साइबर सिक्योरिटी स्किल साबित करना था। इस घटना के बाद जहां एक ओर हैकिंग को लेकर सवाल उठ रहे हैं, वहीं दूसरी ओर IIT कानपुर छात्र की प्रतिभा को परखने और उसे सही दिशा देने पर विचार कर रहा है।

संस्थान अब कानूनी कार्रवाई से पहले उसकी तकनीकी योग्यता की जांच करने की तैयारी में है। ये मामला साइबर टैलेंट, सुरक्षा और युवाओं को मौके देने को लेकर नई बहस शुरू कर चुका है। वेबसाइट पर उसने संदेश छोड़ा—”Site is hacked. All I need is just a fair chance.” यानी उसे सिर्फ एक निष्पक्ष मौका चाहिए था।

छात्र का दावा

मामला सामने आने के बाद छात्र ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X और Reddit पर कथित हैकिंग के स्क्रीनशॉट साझा किए। उसने दावा किया कि उसका उद्देश्य किसी सिस्टम को नुकसान पहुंचाना नहीं था, बल्कि अपनी साइबर सिक्योरिटी स्किल्स साबित करना था। छात्र के मुताबिक, उसने एडमिशन के लिए आवेदन किया, फीस जमा की, जरूरी दस्तावेज अपलोड किए और अपने साइबर सिक्योरिटी प्रोजेक्ट्स की जानकारी भी दी थी।

हैकाथॉन में मौका नहीं मिलने से था नाराज

छात्र ने बताया कि सभी प्रक्रिया पूरी करने के बावजूद उसका चयन नहीं हुआ। साथ ही, वह एडमिशन प्रक्रिया का हिस्सा रहे हैकाथॉन में भी शामिल नहीं हो सका। इसी के बाद उसने अपनी तकनीकी क्षमता दिखाने के लिए वेबसाइट में सेंध लगाने का दावा किया।

IIT कानपुर अब जांचेगा छात्र की काबिलियत

PTI की रिपोर्ट के अनुसार,  IIT कानपुर के डायरेक्टर मणिंद्र अग्रवाल ने बताया कि छात्र को इस सत्र में एडमिशन देना संभव नहीं है क्योंकि प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। हालांकि, संस्थान अब उसे बुलाकर एक विशेष टेस्ट के जरिए उसकी तकनीकी क्षमता जांचने पर विचार कर रहा है। अगर छात्र अपनी योग्यता साबित करता है, तो अगले एडमिशन चक्र में उसे मौका दिया जा सकता है।

वेबसाइट के कुछ हिस्सों तक पहुंच की पुष्टि

IIT कानपुर के निदेशक ने बताया कि छात्र ने IIT कानपुर और IIT मद्रास की आधिकारिक वेबसाइट के कुछ हिस्सों तक पहुंच बनाई थी। उन्होंने कहा कि फैकल्टी सदस्य और इंजीनियर छात्र से बातचीत करेंगे और उसे समझाएंगे कि बिना अनुमति किसी भी कंप्यूटर सिस्टम में प्रवेश करना कानून के खिलाफ है।

FIR दर्ज करने का था विचार, फिर बदला फैसला

IIT कानपुर ने शुरुआत में छात्र के खिलाफ FIR दर्ज कराने पर विचार किया था। लेकिन बाद में संस्थान ने पहले उसके दावों और तकनीकी क्षमता की जांच करने का फैसला लिया। अधिकारी के मुताबिक, IIT कानपुर साइबर सिक्योरिटी क्षेत्र में प्रतिभाशाली युवाओं को प्रोत्साहित करता रहा है।

पहले भी साइबर टैलेंट को मिला है मौका

इससे पहले IIT कानपुर ने एक ऐसे युवा को अपने C3iHub में काम करने का अवसर दिया था, जिसने CBSE के ऑनलाइन स्क्रीन-मार्किंग पोर्टल में सुरक्षा खामियों का पता लगाया था। अब इस छात्र का मामला भी चर्चा में है, जहां एक ओर अनधिकृत हैकिंग को लेकर सवाल हैं, वहीं दूसरी ओर उसकी साइबर स्किल्स को सही दिशा देने की संभावना भी दिखाई दे रही है।

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GATE 2027: फरवरी 2027 में होगी गेट परीक्षा, आईआईटी मद्रास ने रोबोटिक्स का पेपर किया शुरू

GATE 2027: इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (IIT) मद्रास ने ग्रेजुएट एप्टीट्यूड टेस्ट इन इंजीनियरिंग (GATE) 2027 के लिए परीक्षा कार्यक्रम की घोषणा कर दी है। यह राष्ट्रीय स्तर की प्रवेश परीक्षा है, जिसका आयोजन 6, 7, 13, 14, 20 और 21 फरवरी, 2027 को हर दिन सुबह और दोपहर दो शिफ्ट में होगा। आईआईटी मद्रास, नेशनल कोऑर्डिनेशन बोर्ड (GATE), शिक्षा मंत्रालय की ओर से इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस (IISc) और दूसरे आईआईटी के साथ मिलकर GATE 2027 का आयोजन कर रहा है। पहली बार 1983 में शुरू हुई परीक्षा का इस साल 45वां एडिशन है।

ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया अगस्त 2026 के बीच में आधिकारिक गेट 2027 पोर्टल के जरिए शुरू होने की उम्मीद है। सुरक्षा बढ़ाने और परीक्षा प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए, आईआईटी मद्रास उम्मीदवारों के पंजीकरण को डिजिलॉकर और फेशियल ऑथेंटिकेशन के साथ जोड़ेगा। इससे परीक्षा केंद्र पर वेरिफिकेशन और प्रवेश आसान हो जाएगा। आईआईटी मद्रास ने बदलते एकेडमिक ट्रेंड और इंडस्ट्री की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए पांच साल में पहली बार सभी टेस्ट पेपर के लिए गेट सिलेबस में बदलाव किया है।

गेट 2027 परीक्षा की संभावित तारीख ब्रांच शेड्यूलिंग

गेट के पेपर का मूल कार्यक्रम परीक्षा की तारीख करीब आने पर जारी किया जाता है, लेकिन ज्यादा वॉल्यूम वाले पेपर आम तौर पर स्टैंडर्ड शेड्यूलिंग पैटर्न को फॉलो करते हैं। अनुमान है कि इस बार पेपरों का शेड्यूल कुछ इस प्रकार रहेगा

6–7 फरवरी : कंप्यूटर साइंस (CS), मैकेनिकल इंजीनियरिंग (ME), इंस्ट्रूमेंटेशन (IN), और इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग (EE) का बंटवारा।

13–14 फरवरी : सिविल इंजीनियरिंग (CE), इलेक्ट्रॉनिक्स और कम्युनिकेशन (EC), केमिकल इंजीनियरिंग (CH), और प्राइमरी साइंसेज स्ट्रीम।

20–21 फरवरी : डेटा साइंस और AI (DA), नए एडिशन, और बचे हुए स्पेशलाइज्ड पेपर।

नया पेपर पेश किया गया

अपडेट के हिस्से के तौर पर, गेट 2027 से एक नया रोबोटिक्स और ऑटोमेशन (RA) पेपर का विकल्प भी छात्रों को मिलेगा। टेक्सटाइल इंजीनियरिंग और फाइबर साइंस (TF) पेपर को भी रीस्ट्रक्चर किया गया है और अब इसे इंजीनियरिंग साइंसेज (XE) के तहत एक सेक्शनल पेपर के तौर पर पेश किया जाएगा। गेट 2027 सिर्फ अंग्रेजी में ही होगा और इसमें 30 टेस्ट पेपर होंगे। परीक्षार्थियों के पास आयोजक संस्थान द्वारा तय कॉम्बिनेशन के आधार पर एक या दो पेपर देने का विकल्प होगा।

एलिजिबिलिटी क्राइटेरिया

गेट 2027 में शामिल होने के लिए कोई उम्र सीमा निर्धारित नहीं है। जिन परीक्षार्थियों ने इंजीनियरिंग, टेक्नोलॉजी, आर्किटेक्चर, साइंस, आर्ट्स या कॉमर्स में बैचलर डिग्री पूरी कर ली है, या अभी फाइनल ईयर में हैं, वे आवेदन करने के योग्य हैं। पहले पेश किए गए बदले हुए योग्यता मानदंड के अनुसार, बीटेक कार्यक्रम के तीसरे साल के छात्रों को भी परीक्षा देने की इजाजत है।

गेट 2027 का एडमिट कार्ड जनवरी में जारी होगा

गेट 2027 एडमिट कार्ड जनवरी 2027 में GOAPS (GATE Online Application Processing System) पोर्टल के जरिए जारी होने की उम्मीद है। आवेदन प्रक्रिया को पूरा करने वाले उम्मीदवार अपनी एनरोलमेंट आईडी/ईमेल आईडी और पासवर्ड से लॉग इन करके अपने हॉल टिकट डाउनलोड कर पाएंगे।

गेट 2027 रिजल्ट की तारीख

गेट 2027 रिजल्ट 19 मार्च 2027 (शुक्रवार) को घोषित किया जाएगा। रिजल्ट घोषित होने के बाद कैंडिडेट अपनी एनरोलमेंट आईडी और पासवर्ड का इस्तेमाल करके GOAPS पोर्टल पर अपने स्कोरकार्ड देख पाएँगे।

गेट 2027 एग्जाम पैटर्न और क्वेश्चन पेपर

ऑफिशियल वेबसाइट एग्जाम पैटर्न के बारे में भी जानकारी देती है। कैंडिडेट इनके बारे में जानकारी पा सकते हैं:

  • एग्जाम का समय
  • सवालों का टाइप
  • मार्किंग स्कीम
  • मल्टीपल-चॉइस सवाल (MCQs)
  • मल्टीपल सेलेक्ट सवाल (MSQs)
  • न्यूमेरिकल आंसर टाइप (NAT) सवाल

पिछले सालों के क्वेश्चन पेपर भी उपलब्ध हैं ताकि परीक्षार्थी को परीक्षा फॉर्मेट समझने में मदद मिल सके।

IIM admission after 12th: जेईई मेन और एडवांस्ड के स्कोर पर आईआईएम में सीधे प्रवेश, एआई-डाटा साइंस में बीबीए और बीएस करने का मौका

QS Ranking 2027: IIT दिल्ली ने रचा इतिहास, दुनिया में 118वीं रैंक के साथ बना भारत का नंबर-1 संस्थान, जानिए टॉप 10 संस्थानों की रैंकिंग

QS Ranking 2027: IIT दिल्ली एक बार फिर भारत का सबसे बेहतर एजुकेशन और रिसर्च इंस्टीट्यूट बनकर उभरा है। आज यानी 18 जून 2026 को जारी QS वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग 2027 में IIT दिल्ली को दुनिया में 118वां स्थान मिला है। पिछले साल यह 123वें स्थान पर था, यानी इस बार इसकी रैंकिंग में 5 स्थान का सुधार हुआ है। वहीं, इस उपलब्धि के साथ IIT दिल्ली ने QS वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग्स में किसी भारतीय संस्थान द्वारा अब तक हासिल की गई सबसे ऊंची ग्लोबल रैंक की बराबरी भी कर ली है।

रैंकिंग के बारे में बात करते हुए, IIT दिल्ली के डीन, प्लानिंग और रैंकिंग सेल के हेड, प्रो. सोमनाथ बैद्य रॉय ने कहा, “IIT दिल्ली दुनिया भर के स्कॉलर्स के लिए एक पसंदीदा जगह बनने और वर्ल्ड-क्लास, किफायती टेक्निकल एजुकेशन देने के अपने लक्ष्य के प्रति प्रतिबद्ध है।” उन्होंने आगे कहा कि संस्थान के नए करिकुलम (पाठ्यक्रम), नए इंफ्रास्ट्रक्चर और इंटरनेशनल लेवल पर बढ़ती भागीदारी से आने वाले सालों में ग्लोबल स्तर पर इसकी स्थिति और मजबूत होने की उम्मीद है।

आईआईटी दिल्ली ने बताया कि पिछले चार वर्षों में उसकी वैश्विक रैंकिंग में 79 स्थान का सुधार हुआ है। QS वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग 2024 में संस्थान 197वें स्थान पर था, जबकि QS वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग 2027 में यह 118वें स्थान पर पहुंच गया है।

दुनिया के टॉप-10 यूनिवर्सिटी

रैंकयूनिवर्सिटीदेश
1एमआईटी (MIT)अमेरिका
2स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटीअमेरिका
3इंपीरियल कॉलेज लंदनयूके
4ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटीयूके
5हार्वर्ड यूनिवर्सिटीअमेरिका
6कैम्ब्रिज यूनिवर्सिटीयूके
7कैलिफोर्निया इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (Caltech)अमेरिका
8यूसीएल (UCL)यूके
9ETH ज्यूरिखस्विट्जरलैंड
10नेशनल यूनिवर्सिटी ऑफ सिंगापुर (NUS)सिंगापुर

हायर एजुकेशन के क्षेत्र में दुनियाभर में भारत का जलवा

QS वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग्स 2027 में भारत को हायर एजुकेशन के क्षेत्र को बड़ी बढ़त हासिल हुई है। देश की रैंकिंग में शामिल आधी से ज्यादा यूनिवर्सिटीज ने अपनी ग्लोबल रैंकिंग में सुधार किया है। इस रैंकिंग में भारत के 52 संस्थानों को जगह मिली है। बता दें कि रैंकिंग में IIT दिल्ली पिछले साल 123वें नंबर पर था। लेकिन इस साल उसने 118वीं रैंक हासिल की है, जो बड़ी उपलब्धि है। वह इस ताजा रैंकिंग में सबसे ऊंची रैंक वाला इंडियन इंस्टीट्यूट बन गया है।

भारत के टॉप संस्थानों की ग्लोबल रैंकिंग

भारतीय संस्थानवैश्विक रैंक (QS World University Rankings 2027)भारतीय रैंक/स्थिति
IIT दिल्ली118भारत में नंबर 1
IIT बॉम्बे134भारत में नंबर 2
IIT मद्रास170भारत में नंबर 3
IIT खड़गपुर205भारत में नंबर 4
IIT कानपुर221भारत में नंबर 5
दिल्ली यूनिवर्सिटी (DU)322रैंकिंग में सुधार (पिछले साल 328वीं)
जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी (JNU)555भारत में 15वां स्थान (पिछले साल 558वीं)
जामिया मिलिया इस्लामिया686भारत में 20वां स्थान (पिछले साल 761-770 बैंड)

यह भी पढ़ें: आज का मौसम 18 June: IMD ने बिहार संग इन 13 राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट दिया! राजस्थान में 80 Kmph की आंधी, दिल्ली-यूपी का ऐसा रहेगा मौसम

QS Ranking 2027: IIT दिल्ली ने रचा इतिहास, दुनिया में 118वीं रैंक के साथ बना भारत का नंबर-1 संस्थान, जानिए टॉप 10 संस्थानों की रैंकिंग

QS Ranking 2027: IIT दिल्ली एक बार फिर भारत का सबसे बेहतर एजुकेशन और रिसर्च इंस्टीट्यूट बनकर उभरा है। आज यानी 18 जून 2026 को जारी QS वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग 2027 में IIT दिल्ली को दुनिया में 118वां स्थान मिला है। पिछले साल यह 123वें स्थान पर था, यानी इस बार इसकी रैंकिंग में 5 स्थान का सुधार हुआ है। वहीं, इस उपलब्धि के साथ IIT दिल्ली ने QS वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग्स में किसी भारतीय संस्थान द्वारा अब तक हासिल की गई सबसे ऊंची ग्लोबल रैंक की बराबरी भी कर ली है।

रैंकिंग के बारे में बात करते हुए, IIT दिल्ली के डीन, प्लानिंग और रैंकिंग सेल के हेड, प्रो. सोमनाथ बैद्य रॉय ने कहा, “IIT दिल्ली दुनिया भर के स्कॉलर्स के लिए एक पसंदीदा जगह बनने और वर्ल्ड-क्लास, किफायती टेक्निकल एजुकेशन देने के अपने लक्ष्य के प्रति प्रतिबद्ध है।” उन्होंने आगे कहा कि संस्थान के नए करिकुलम (पाठ्यक्रम), नए इंफ्रास्ट्रक्चर और इंटरनेशनल लेवल पर बढ़ती भागीदारी से आने वाले सालों में ग्लोबल स्तर पर इसकी स्थिति और मजबूत होने की उम्मीद है।

आईआईटी दिल्ली ने बताया कि पिछले चार वर्षों में उसकी वैश्विक रैंकिंग में 79 स्थान का सुधार हुआ है। QS वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग 2024 में संस्थान 197वें स्थान पर था, जबकि QS वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग 2027 में यह 118वें स्थान पर पहुंच गया है।

दुनिया के टॉप-10 यूनिवर्सिटी

रैंकयूनिवर्सिटीदेश
1एमआईटी (MIT)अमेरिका
2स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटीअमेरिका
3इंपीरियल कॉलेज लंदनयूके
4ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटीयूके
5हार्वर्ड यूनिवर्सिटीअमेरिका
6कैम्ब्रिज यूनिवर्सिटीयूके
7कैलिफोर्निया इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (Caltech)अमेरिका
8यूसीएल (UCL)यूके
9ETH ज्यूरिखस्विट्जरलैंड
10नेशनल यूनिवर्सिटी ऑफ सिंगापुर (NUS)सिंगापुर

हायर एजुकेशन के क्षेत्र में दुनियाभर में भारत का जलवा

QS वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग्स 2027 में भारत को हायर एजुकेशन के क्षेत्र को बड़ी बढ़त हासिल हुई है। देश की रैंकिंग में शामिल आधी से ज्यादा यूनिवर्सिटीज ने अपनी ग्लोबल रैंकिंग में सुधार किया है। इस रैंकिंग में भारत के 52 संस्थानों को जगह मिली है। बता दें कि रैंकिंग में IIT दिल्ली पिछले साल 123वें नंबर पर था। लेकिन इस साल उसने 118वीं रैंक हासिल की है, जो बड़ी उपलब्धि है। वह इस ताजा रैंकिंग में सबसे ऊंची रैंक वाला इंडियन इंस्टीट्यूट बन गया है।

भारत के टॉप संस्थानों की ग्लोबल रैंकिंग

भारतीय संस्थानवैश्विक रैंक (QS World University Rankings 2027)भारतीय रैंक/स्थिति
IIT दिल्ली118भारत में नंबर 1
IIT बॉम्बे134भारत में नंबर 2
IIT मद्रास170भारत में नंबर 3
IIT खड़गपुर205भारत में नंबर 4
IIT कानपुर221भारत में नंबर 5
दिल्ली यूनिवर्सिटी (DU)322रैंकिंग में सुधार (पिछले साल 328वीं)
जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी (JNU)555भारत में 15वां स्थान (पिछले साल 558वीं)
जामिया मिलिया इस्लामिया686भारत में 20वां स्थान (पिछले साल 761-770 बैंड)

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QS Ranking 2027: IIT दिल्ली एक बार फिर भारत का सबसे बेहतर एजुकेशन और रिसर्च इंस्टीट्यूट बनकर उभरा है। आज यानी 18 जून 2026 को जारी QS वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग 2027 में IIT दिल्ली को दुनिया में 118वां स्थान मिला है। पिछले साल यह 123वें स्थान पर था, यानी इस बार इसकी रैंकिंग में 5 स्थान का सुधार हुआ है। वहीं, इस उपलब्धि के साथ IIT दिल्ली ने QS वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग्स में किसी भारतीय संस्थान द्वारा अब तक हासिल की गई सबसे ऊंची ग्लोबल रैंक की बराबरी भी कर ली है।

रैंकिंग के बारे में बात करते हुए, IIT दिल्ली के डीन, प्लानिंग और रैंकिंग सेल के हेड, प्रो. सोमनाथ बैद्य रॉय ने कहा, “IIT दिल्ली दुनिया भर के स्कॉलर्स के लिए एक पसंदीदा जगह बनने और वर्ल्ड-क्लास, किफायती टेक्निकल एजुकेशन देने के अपने लक्ष्य के प्रति प्रतिबद्ध है।” उन्होंने आगे कहा कि संस्थान के नए करिकुलम (पाठ्यक्रम), नए इंफ्रास्ट्रक्चर और इंटरनेशनल लेवल पर बढ़ती भागीदारी से आने वाले सालों में ग्लोबल स्तर पर इसकी स्थिति और मजबूत होने की उम्मीद है।

आईआईटी दिल्ली ने बताया कि पिछले चार वर्षों में उसकी वैश्विक रैंकिंग में 79 स्थान का सुधार हुआ है। QS वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग 2024 में संस्थान 197वें स्थान पर था, जबकि QS वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग 2027 में यह 118वें स्थान पर पहुंच गया है।

दुनिया के टॉप-10 यूनिवर्सिटी

रैंकयूनिवर्सिटीदेश
1एमआईटी (MIT)अमेरिका
2स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटीअमेरिका
3इंपीरियल कॉलेज लंदनयूके
4ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटीयूके
5हार्वर्ड यूनिवर्सिटीअमेरिका
6कैम्ब्रिज यूनिवर्सिटीयूके
7कैलिफोर्निया इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (Caltech)अमेरिका
8यूसीएल (UCL)यूके
9ETH ज्यूरिखस्विट्जरलैंड
10नेशनल यूनिवर्सिटी ऑफ सिंगापुर (NUS)सिंगापुर

हायर एजुकेशन के क्षेत्र में दुनियाभर में भारत का जलवा

QS वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग्स 2027 में भारत को हायर एजुकेशन के क्षेत्र को बड़ी बढ़त हासिल हुई है। देश की रैंकिंग में शामिल आधी से ज्यादा यूनिवर्सिटीज ने अपनी ग्लोबल रैंकिंग में सुधार किया है। इस रैंकिंग में भारत के 52 संस्थानों को जगह मिली है। बता दें कि रैंकिंग में IIT दिल्ली पिछले साल 123वें नंबर पर था। लेकिन इस साल उसने 118वीं रैंक हासिल की है, जो बड़ी उपलब्धि है। वह इस ताजा रैंकिंग में सबसे ऊंची रैंक वाला इंडियन इंस्टीट्यूट बन गया है।

भारत के टॉप संस्थानों की ग्लोबल रैंकिंग

भारतीय संस्थानवैश्विक रैंक (QS World University Rankings 2027)भारतीय रैंक/स्थिति
IIT दिल्ली118भारत में नंबर 1
IIT बॉम्बे134भारत में नंबर 2
IIT मद्रास170भारत में नंबर 3
IIT खड़गपुर205भारत में नंबर 4
IIT कानपुर221भारत में नंबर 5
दिल्ली यूनिवर्सिटी (DU)322रैंकिंग में सुधार (पिछले साल 328वीं)
जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी (JNU)555भारत में 15वां स्थान (पिछले साल 558वीं)
जामिया मिलिया इस्लामिया686भारत में 20वां स्थान (पिछले साल 761-770 बैंड)

यह भी पढ़ें: आज का मौसम 18 June: IMD ने बिहार संग इन 13 राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट दिया! राजस्थान में 80 Kmph की आंधी, दिल्ली-यूपी का ऐसा रहेगा मौसम