जॉब में प्रमोशन से लेकर सैलरी हाइक तक, अंकुर वारिकू के 5 लाइफ-चेंजिंग मंत्र आएंगे काम!

ऑफिस में काम करते समय हर परेशानी खुलकर सामने नहीं आती। कई बार कुछ बातें ऐसी होती हैं, जिन्हें समझना थोड़ा मुश्किल होता है। किसी सीनियर का अचानक अजीब काम दे देना, जरूरी जानकारी आपसे शेयर न करना, किसी कलीग का आपको गॉसिप में शामिल करना या किसी गलती के लिए बिना पूरी बात बताए आपको जिम्मेदार ठहराना जैसी छोटी-छोटी बातें भी आगे चलकर परेशानी बढ़ा सकती हैं। ऐसे में हर बात पर बहस करना सही नहीं होता।

एंटरप्रेन्योर और कंटेंट क्रिएटर अंकुर वारिकू ने ऑफिस में ऐसी सिचुएशन से बचने के लिए पांच आसान और काम के तरीके बताए हैं। उनकी सलाह का मकसद ऑफिस पॉलिटिक्स में उलझकर अपना समय और एनर्जी खराब करने के बजाय अपने काम पर ध्यान देना है। इन तरीकों से ऑफिस में बेहतर तरीके से काम करने के साथ-साथ अपने करियर पर भी फोकस बनाए रखना आसान होता है।

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1. डॉक्यूमेंटेशन है जरूरी

अगर ऑफिस में कोई सीनियर या मैनेजर आपसे ऐसा काम करने के लिए कहता है, जिससे आपको थोड़ी असहजता महसूस हो रही है, तो तुरंत बहस करने या मना करने की जरूरत नहीं है। आप शांति से उनसे कह सकते हैं कि वे उस काम को ईमेल या मैसेज में भेज दें, ताकि आपको बात ठीक से समझ आ सके। इससे बातचीत साफ रहती है और बाद में यह गलतफहमी नहीं होती कि किसने क्या कहा था।

2. इंडिपेंडेंट बनें

ऑफिस में कई बार एक ऐसा व्यक्ति होता है जिसे हर छोटी-बड़ी खबर पता रहती है। लेकिन यदि आप हर जानकारी के लिए उसी एक व्यक्ति पर डिपेंड रहते हैं, तो आपको चीजों की पूरी तस्वीर नहीं मिल पाती। बेहतर है कि टीम के अलग-अलग लोगों से अच्छे प्रोफेशनल रिश्ते बनाएं रखें।

3. गॉसिप से दूरी बेहतर

किसी कलीग के बारे में कोई आपसे राय पूछे तो तुरंत अपनी राय बताने से बचें। ऑफिस में कही गई बात प्राइवेट नहीं रहती। हो सकता है आपकी कही बात आगे किसी और तक पहुंच जाए और फिर बात का मतलब भी बदल जाए। इसलिए किसी के काम को लेकर सही मायने में कोई फीडबैक देना जरूरी है, तो उसे सही व्यक्ति के सामने और प्रोफेशनल तरीके से दें।

4. काम का बोझ न लें

यदि आप पहले से कई जरूरी काम कर रहे हैं और मैनेजर अचानक कोई नया काम दे देते हैं, तो बिना कुछ कहे सबकुछ अपने ऊपर लेने की जरूरत नहीं है। आप यह कह सकते हैं कि आप नया काम करने के लिए तैयार हैं, लेकिन पहले से X और Y काम चल रहे हैं, इसलिए बताएं कि इनमें से किस काम को कम प्रायोरिटी दी जाए।

5. सहे नहीं सवाल पूछे

यदि ऑफिस में किसी गलती के लिए आपको जिम्मेदार ठहराया जाता है, तो तुरंत गुस्सा करने या यह कहने के बजाय कि यह मेरी गलती नहीं है, पहले शांत रहें। आप सामने वाले से पूछ सकते हैं कि असल में गलती कहां हुई, ताकि आगे उसे दोबारा न दोहराया जाए। इससे बातचीत बेवजह की बहस बनने के बजाय परेशानी समझने पर आ जाती है। सामने वाले को भी बताना पड़ेगा कि क्या गलत हुआ और आपसे आगे क्या उम्मीद की जा रही है।

इन तरीकों को अपनाकर आप ऑफिस में बेवजह की उलझनों से बच सकते हैं। समझदारी से बात करना, अपनी लिमिट तय रखना और हर सिचुएशन में प्रोफेशनल तरीका अपनाना आपको ऑफिस पॉलिटिक्स से दूर रखने में मदद कर सकता है। इस तरह आप बिना किसी ड्रामे में पड़े अपने काम पर फोकस कर पाएंगे।

दुनिया का सबसे ‘बदसूरत’ कुत्ता कौन? लटकी जीभ बनी खासियत, मालिक को मिले 5 लाख रुपये

दुनिया में खूबसूरती के मुकाबले तो आपने कई देखे होंगे, लेकिन अमेरिका में होने वाली एक अनोखी प्रतियोगिता का मकसद बिल्कुल अलग है। यहां खूबसूरत नहीं, बल्कि सबसे अलग और ‘बदसूरत’ दिखने वाले कुत्ते को विजेता चुना जाता है। हालांकि, इसके पीछे किसी जानवर का मजाक उड़ाना नहीं, बल्कि रेस्क्यू डॉग्स की ओर लोगों का ध्यान खींचना है। साल 2026 में इस अनोखे मुकाबले का खिताब 6 साल की पग कुतिया जिन्नी लू ने जीता है। उसकी उभरी हुई आंखें और बाहर निकली बड़ी जीभ उसकी पहचान बन गई हैं। खास बात यह है कि जिन्नी लू की कहानी सिर्फ उसके अजीबोगरीब लुक तक सीमित नहीं है।

कभी दक्षिण कोरिया में मुश्किल हालात में मिली यह कुतिया आज अमेरिका में सुरक्षित और खुशहाल जिंदगी जी रही है। उसकी जीत यह संदेश भी देती है कि किसी जानवर की खूबसूरती उसके चेहरे से नहीं, बल्कि उसके संघर्ष और जज्बे से देखी जानी चाहिए।

6 साल की जिन्नी लू बनी विजेता

2026 के World’s Ugliest Dog Contest का खिताब 6 साल की पग कुतिया जिन्नी लू ने अपने नाम किया। उसकी बड़ी-बड़ी उभरी आंखें और मुंह से बाहर निकली लंबी जीभ उसके लुक को बेहद अनोखा बनाती हैं। यही ‘परफेक्टली इंपर्फेक्ट’ अंदाज जजों को पसंद आया। जिन्नी लू को जीत के लिए 5,000 डॉलर की इनामी राशि मिली। इसके साथ उसे टीवी शो में नजर आने और एक स्पेशल एडिशन प्रोडक्ट पर अपनी तस्वीर छपने का मौका भी मिला।

कभी ठंड में लकड़ी के बक्से में मिली थी

जिन्नी लू की कहानी उसके लुक से कहीं ज्यादा भावुक है। वह दक्षिण कोरिया के एक पहाड़ी इलाके में बेहद खराब हालत में मिली थी। उसे ठंड में एक लकड़ी के बक्से में छोड़ दिया गया था। बाद में उसे रेस्क्यू किया गया और अमेरिका में एक नया परिवार मिला। आज वही कुतिया न सिर्फ सुरक्षित और खुशहाल जिंदगी जी रही है, बल्कि दुनिया का ध्यान भी अपनी ओर खींच रही है।

प्रतियोगिता का मकसद सुनकर बदल जाएगा नजरिया

इस प्रतियोगिता का उद्देश्य किसी कुत्ते का मजाक बनाना नहीं है। आयोजक ऐसे रेस्क्यू डॉग्स को पहचान दिलाना चाहते हैं, जिन्होंने बीमारी, चोट, उपेक्षा या मुश्किल परिस्थितियों का सामना किया है।जिन्नी लू की जीत भी इसी संदेश को मजबूत करती है कि किसी जानवर की कीमत उसके चेहरे से नहीं, बल्कि उसकी जिंदगी और संघर्ष से तय होनी चाहिए।

पग की शक्ल के पीछे छिपी है स्वास्थ्य की कहानी

पग कुत्तों की चपटी नाक, बड़ी आंखें और छोटी कद-काठी उन्हें अलग पहचान देती है। हालांकि, उनकी शारीरिक बनावट के कारण कुछ पग्स को सांस लेने जैसी स्वास्थ्य समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। जिन्नी लू की उभरी आंखें और बाहर निकली जीभ भी उसकी अनोखी शारीरिक बनावट का हिस्सा हैं। इसके बावजूद वह एक सक्रिय और खुश कुतिया है। शायद यही वजह है कि इस बार जजों को उसमें ‘बदसूरती’ से ज्यादा संघर्ष के बाद मिली जिंदगी की खूबसूरती नजर आई।

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बिजनेसमैन अंकुर वारिकू की एक सोशल मीडिया पोस्ट ने भारत में टैलेंट और सफलता को लेकर लोगों का ध्यान खींचा है। उन्होंने इंदौर के एक डिजाइनर नमन की कहानी साझा की, जो दो बार JEE में सफल नहीं हो सके। इसके बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी और बिना किसी प्रतिष्ठित कॉलेज की डिग्री के अपने दम पर प्रोडक्ट डिजाइन सीखना शुरू किया। YouTube से सीखते हुए नमन ने धीरे-धीरे अपने कौशल को निखारा और फ्रीलांसिंग की दुनिया में अपनी पहचान बनाई। आज उनकी कमाई करीब 2 लाख रुपये प्रति माह बताई गई है।

नमन की कहानी साझा करते हुए वारिकू ने कहा कि भारत में टैलेंट की कमी नहीं है, बल्कि लोगों को पहचानने का नजरिया सीमित है। उनका मानना है कि किसी व्यक्ति की काबिलियत केवल कॉलेज, डिग्री या नौकरी के नाम से तय नहीं होनी चाहिए। उनकी पोस्ट के बाद सोशल मीडिया पर लोगों के बीच इस बात को लेकर चर्चा शुरू हो गई कि सफलता के लिए डिग्री जरूरी है या असली हुनर।

‘भारत में टैलेंट की नहीं, लेबल की समस्या है’

अंकुर वारिकू ने इंस्टाग्राम पर लिखा, “India does not have a talent problem. It has a label problem.” उनका कहना है कि भारत में लोगों की काबिलियत को अक्सर उनके कॉलेज, डिग्री और नौकरी के नाम से आंका जाता है। उन्होंने कहा कि कई बार बेहतरीन टैलेंट सिर्फ इसलिए सामने नहीं आ पाता, क्योंकि उसके पास किसी बड़े कॉलेज की डिग्री या मशहूर कंपनी का अनुभव नहीं होता।

JEE में दो बार फेल, फिर YouTube से सीखा डिजाइन

वारिकू ने इंदौर के डिजाइनर नमन का उदाहरण दिया। उनके मुताबिक, नमन दो बार JEE में सफल नहीं हो पाए। इसके बाद उन्होंने रात में YouTube की मदद से खुद प्रोडक्ट डिजाइन सीखना शुरू किया। धीरे-धीरे उन्होंने अपना पोर्टफोलियो तैयार किया और फ्रीलांस काम शुरू किया। वारिकू के अनुसार, आज नमन हर महीने करीब 2 लाख रुपये कमाते हैं।

‘डिग्री यह नहीं बता सकती कि आप कितनी दूर जाएंगे’

वारिकू ने अपनी पोस्ट में कहा कि किसी व्यक्ति की डिग्री या पुराने अनुभव से यह तय नहीं किया जा सकता कि वह भविष्य में कितना सफल होगा। उनके मुताबिक, क्रेडेंशियल्स बताते हैं कि कोई व्यक्ति अब तक कहां पहुंचा है, लेकिन यह नहीं बताते कि वह आगे कितनी दूर जा सकता है।

सोशल मीडिया पर लोगों की अलग-अलग राय

वारिकू की पोस्ट पर लोगों की प्रतिक्रियाएं भी मिली-जुली रहीं। कुछ यूजर्स ने नमन की सफलता को प्रेरणादायक बताया, लेकिन कुछ लोगों का कहना था कि ऐसी कहानियां अपवाद हो सकती हैं। एक यूजर ने कहा कि कई IIT ग्रेजुएट भी कम उम्र में 2 लाख रुपये महीने नहीं कमा पाते। वहीं, दूसरे यूजर ने IIT से तुलना पर सवाल उठाते हुए कहा कि JEE जैसी कठिन परीक्षा पास करना भी किसी व्यक्ति की समस्या सुलझाने की क्षमता दिखाता है।

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जानिए मशहूर कंटेंट क्रिएटर अंकुर वारिकू और उनकी पत्नी रुचि के 5 मनी रूल्स

सेलिब्रिटीज की रुपये-पैसे से जुड़ी आदतों में लोग काफी दिलचस्पी रखते हैं। मशहूर कंटेंट क्रिएटर अंकुर वारिकू और उनकी पत्नी रुचि ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म लिंक्डइन पर रुपये-पैसे से जुड़ी अपनी आदतों के बारे में बताया है। उन्होंने बताया है कि खर्च के मामले में उनका जोर किन बातों पर होता है।

वारिकू और उनकी पत्नी ने बताया है कि दोनों में किसी का संबंध अमीर परिवार से नहीं था। जिंदगी में ज्यादातर समय उनके पास ज्यादा पैसे नहीं थे। बीते 6-7 सालों में उनके पास काफी पैसे आए। दोनों के दो बच्चे हैं जिनकी उम्र 15 और 9 साल है।

1. अमीर दिखने के लिए खर्च नहीं करते

अंकुर और उनकी पत्नी अमीर बनने के लिए पैसे का इस्तेमाल करते हैं। उनका ज्यादा पैसा एसेट्स, स्टॉक्स और गोल्ड में निवेश पर खर्च होता है। उनके पास एक घर और किराए की एक कार है। वे दिखावे के लिए पैसे खर्च नहीं करते।

2. हेलदी फूड्स पर खर्च करने में कंजूसी नहीं

दोनों का कहना है कि अगर आप हेल्दी फूड पर पैसे खर्च करते हैं तो इसमें कोई खराबी नहीं है। हेल्दी फूड महंगे हैं, लेकिन उन्हें उनपर खर्च करने में परेशानी नहीं है। वे फार्म में ऑर्गेनिक तरीके से उगाई सब्जियों का इस्तेमाल करते हैं।

3. एक्सपीरिएंस पर खर्च करें, चीजों पर नहीं

कई लोग भौतिक चीजों पर काफी पैसे खर्च करते हैं। इसकी जगह अपनी ग्रोथ के लिए पैसे खर्च करना चाहिए। इसमें नई जगह घूमना जैसी चीजें शामिल हैं, जो आपको काफी कुछ सिखाती हैं। उन्होंने कहा, “हम चीजों से ज्यादा अनुभव के लिए खर्च करते हैं। चीजें आपको एक बार खुशी देती हैं और उनका कोई अंत नहीं है। पिछले साल हमने 116 दिन घूमने में बिताए।”

4. पहले इनवेस्ट करें फिर खर्च करें

ज्यादातर लोग पहले खर्च करते हैं, फिर जो पैसे बचते हैं उसका निवेश करते हैं। लेकिन, वारिकू परिवार पहले निवेश करता है और फिर खर्च करता है। वारिकू ने कहा, “जैसे ही सैलरी आती है, उसका बड़ा हिस्सा हम निवेश कर देते हैं। बाकी पैसा हम खर्च के लिए इस्तेमाल करते हैं।

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5. पढ़ने और सीखने पर खर्च करने पर जोर

अगर आप नई किताबें खरीदने या नई चीजें सीखने पर खर्च करते हैं तो इसमें कोई खराबी नहीं है। वारिकू ने कहा, “रुचि पॉटरी, वाटरकलरिंग और टेनिस सीख रही हैं। हमारे बच्चे भी कई क्लासेज में जाते हैं।”

कंटेंट क्रिएटर अंकुर वारिकू और उनकी पत्नी राधा ने शेयर किए 5 मनी रूल्स, आपके काम भी आएंगे

सेलिब्रिटीज कई बार रुपये-पैसे को लेकर अपनी सोच और आदतों के बारे में बताते हैं। हाल में कंटेंट क्रिएटर अंकुर वारिकू और उनकी पत्नी राधा ने कुछ मनी रूल्स शेयर किए हैं। उन्होंने बताया है कि 45 साल की उम्र में अपने दो बच्चों के साथ वे हर महीने अपने पैसे कैसे खर्च करते हैं। ये रूल्स आपको भी काम आ सकते हैं।

1. फिजूलखर्ची की जगह आर्थिक आजादी पर करें फोकस

अंकुर और उनकी पत्नी राधा का मानना है कि ब्रांड्स पर ज्यादा पैसे खर्च करना ठीक नहीं है। इसकी जगह हमें वेल्थ क्रिएशन और आर्थिक आजादी के बारे में सोचना चाहिए। कई लोग सिर्फ स्मार्ट और बेहतर दिखने के लिए काफी पैसे खर्च कर देते हैं। अंकुर ने कहा, “हम अमीर दिखने के लिए कभी पैसे खर्च नहीं करते। हम अमीर बनने और आर्थिक आजादी के लिए पैसे खर्च करते हैं।”

2. हेलदी फूड्स पर पैसे खर्च करने में कोई खराबी नहीं

दोनों का कहना है कि अगर आप हेल्दी फूड पर पैसे खर्च करते हैं तो इसमें कोई खराबी नहीं है। उन्होंने कहा, “खाने की सेहतमंद चीजों पर खर्च करने में हम कभी संकोच नहीं करते। हमारे शरीर में जो जाता है वह हमारा सबसे बड़ा वेल्थ है। हालांकि, हेल्दी फूड्स सस्ते नहीं हैं।”

3. तड़कभड़क की जगह ग्रोथ पर करें खर्च

कई लोग भौतिक चीजों पर काफी पैसे खर्च करते हैं। इसकी जगह अपनी ग्रोथ के लिए पैसे खर्च करना चाहिए। इसमें नई जगह घूमना जैसी चीजें शामिल हैं, जो आपको काफी कुछ सिखाती हैं। उन्होंने कहा, “हम चीजों से ज्यादा अनुभव के लिए खर्च करते हैं। चीजें आपको एक बार खुशी देती हैं और उनका कोई अंत नहीं है। पिछले साल हमने 116 दिन घूमने में बिताए।”

4. पहले इनवेस्ट करें फिर खर्च करें

ज्यादातर लोग पहले खर्च करते हैं, फिर जो पैसे बचते हैं उसका निवेश करते हैं। लेकिन, वारिकू परिवार पहले निवेश करता है और फिर खर्च करता है। वारिकू ने कहा, “जैसे ही सैलरी आती है, उसका बड़ा हिस्सा हम निवेश कर देते हैं। बाकी पैसा हम खर्च के लिए इस्तेमाल करते हैं। आज 30 तारीख है और हमारे अकाउंट में सिर्फ 9000 रुपये और 6000 रुपये बचे हैं।”

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5. पढ़ने और सीखने पर खर्च करने में कंजूसी नहीं

अगर आप नई किताबें खरीदने या नई चीजें सीखने पर खर्च करते हैं तो इसमें कोई खराबी नहीं है। वारिकू ने कहा, “रुचि पॉटरी, वाटरकलरिंग और टेनिस सीख रही हैं। हमारे बच्चे भी कई क्लासेज में जाते हैं।”

WhatsApp ला रहा है Username फीचर, प्राइवेसी होगी मजबूत या बढ़ेंगे ऑनलाइन फ्रॉड? जानिए पूरी बात

WhatsApp जल्द ही अपने यूजर्स के लिए एक बड़ा बदलाव लेकर आने वाला है, जिसका नाम है Username फीचर। इस नए फीचर के जरिए लोग अपनी एक यूनिक डिजिटल पहचान बना सकेंगे और दूसरों से जुड़ने के लिए मोबाइल नंबर शेयर करने की जरूरत नहीं होगी। यह कदम ऐप में प्राइवेसी और सेफ्टी को और मजबूत करने की दिशा में माना जा रहा है। यूजर्स अब अपने मनपसंद यूजरनेम चुन सकेंगे, जिससे चैटिंग का तरीका पहले से ज्यादा आसान और सुरक्षित हो जाएगा।

साथ ही, WhatsApp ने इस फीचर के लिए कुछ खास नियम भी तैयार किए हैं, ताकि हर यूजर का नाम अलग और वैध हो तथा किसी तरह की कॉपी या गलत पहचान से बचा जा सके। इस बदलाव को सोशल मीडिया और टेक वर्ल्ड में एक बड़े अपडेट के रूप में देखा जा रहा है, जो आने वाले समय में ऑनलाइन बातचीत के तरीके को पूरी तरह बदल सकता है।

प्राइवेसी के साथ बढ़ेग चुनौतियां

WhatsApp का कहना है कि यह फीचर यूजर्स की प्राइवेसी को मजबूत करेगा, क्योंकि अब हर बातचीत के लिए फोन नंबर साझा करना जरूरी नहीं होगा। हालांकि, इस फीचर के सामने आते ही साइबर सुरक्षा और फर्जी पहचान को लेकर नई चिंताएं भी सामने आने लगी हैं।

अंकुर वारिकू ने जताई बड़ी चिंता

उद्यमी और कंटेंट क्रिएटर अंकुर वारिकू ने इस फीचर को लेकर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर अपनी चिंता जाहिर की। उनका कहना है कि अगर मजबूत सुरक्षा व्यवस्था नहीं बनाई गई, तो ठग ऐसे यूजरनेम बना सकते हैं जो किसी प्रसिद्ध व्यक्ति से मिलते-जुलते हों और लोगों को आसानी से धोखा दे सकते हैं।

भारत जैसे देश में यह खतरनाक साबित हो सकता है’

वारिकू ने कहा कि भारत जैसे देश में ऑनलाइन ठगी पहले से ही बड़ी समस्या है। अगर किसी ठग ने warikoo, ankur_warikoo या इससे मिलते-जुलते यूजरनेम बनाकर लोगों से पैसे मांगे, तो कई लोग आसानी से भ्रमित हो सकते हैं। उनके अनुसार, ऐसे मामलों को रोकने के लिए WhatsApp को मजबूत एंटी-अब्यूज सिस्टम लागू करना होगा।

पहले भी उठा चुके हैं फर्जी विज्ञापनों का मुद्दा

वारिकू ने बताया कि वह पहले भी Meta के खिलाफ कानूनी लड़ाई लड़ चुके हैं। उनका आरोप था कि AI से बने फर्जी विज्ञापनों में उनकी तस्वीर का इस्तेमाल कर लोगों को निवेश वाले WhatsApp ग्रुप में जोड़ने की कोशिश की गई थी। उनका मानना है कि इसी तरह की ठगी नए Username फीचर के जरिए भी बढ़ सकती है।

सोशल मीडिया पर यूजर्स भी बंटे

वारिकू की पोस्ट के बाद कई लोगों ने उनकी चिंता से सहमति जताई। कुछ यूजर्स का कहना था कि अगर WhatsApp को सच में प्राइवेसी बढ़ानी थी, तो उसे ऐसे विकल्प देने चाहिए थे जिनसे केवल कॉन्टैक्ट लिस्ट में मौजूद लोग ही मैसेज या कॉल कर सकें।

4 अंकों का PIN भी होगा, फिर भी चिंता बरकरार

रिपोर्ट्स के मुताबिक, WhatsApp यूजरनेम के साथ 4 अंकों का PIN भी जोड़ेगा, जिससे गलत व्यक्ति तक पहुंचना आसान नहीं होगा। इसके बावजूद कई यूजर्स का मानना है कि यह फीचर प्लेटफॉर्म की मूल पहचान को बदल सकता है और फर्जी अकाउंट्स के लिए नए रास्ते खोल सकता है।

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