जानिए मशहूर कंटेंट क्रिएटर अंकुर वारिकू और उनकी पत्नी रुचि के 5 मनी रूल्स

सेलिब्रिटीज की रुपये-पैसे से जुड़ी आदतों में लोग काफी दिलचस्पी रखते हैं। मशहूर कंटेंट क्रिएटर अंकुर वारिकू और उनकी पत्नी रुचि ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म लिंक्डइन पर रुपये-पैसे से जुड़ी अपनी आदतों के बारे में बताया है। उन्होंने बताया है कि खर्च के मामले में उनका जोर किन बातों पर होता है।

वारिकू और उनकी पत्नी ने बताया है कि दोनों में किसी का संबंध अमीर परिवार से नहीं था। जिंदगी में ज्यादातर समय उनके पास ज्यादा पैसे नहीं थे। बीते 6-7 सालों में उनके पास काफी पैसे आए। दोनों के दो बच्चे हैं जिनकी उम्र 15 और 9 साल है।

1. अमीर दिखने के लिए खर्च नहीं करते

अंकुर और उनकी पत्नी अमीर बनने के लिए पैसे का इस्तेमाल करते हैं। उनका ज्यादा पैसा एसेट्स, स्टॉक्स और गोल्ड में निवेश पर खर्च होता है। उनके पास एक घर और किराए की एक कार है। वे दिखावे के लिए पैसे खर्च नहीं करते।

2. हेलदी फूड्स पर खर्च करने में कंजूसी नहीं

दोनों का कहना है कि अगर आप हेल्दी फूड पर पैसे खर्च करते हैं तो इसमें कोई खराबी नहीं है। हेल्दी फूड महंगे हैं, लेकिन उन्हें उनपर खर्च करने में परेशानी नहीं है। वे फार्म में ऑर्गेनिक तरीके से उगाई सब्जियों का इस्तेमाल करते हैं।

3. एक्सपीरिएंस पर खर्च करें, चीजों पर नहीं

कई लोग भौतिक चीजों पर काफी पैसे खर्च करते हैं। इसकी जगह अपनी ग्रोथ के लिए पैसे खर्च करना चाहिए। इसमें नई जगह घूमना जैसी चीजें शामिल हैं, जो आपको काफी कुछ सिखाती हैं। उन्होंने कहा, “हम चीजों से ज्यादा अनुभव के लिए खर्च करते हैं। चीजें आपको एक बार खुशी देती हैं और उनका कोई अंत नहीं है। पिछले साल हमने 116 दिन घूमने में बिताए।”

4. पहले इनवेस्ट करें फिर खर्च करें

ज्यादातर लोग पहले खर्च करते हैं, फिर जो पैसे बचते हैं उसका निवेश करते हैं। लेकिन, वारिकू परिवार पहले निवेश करता है और फिर खर्च करता है। वारिकू ने कहा, “जैसे ही सैलरी आती है, उसका बड़ा हिस्सा हम निवेश कर देते हैं। बाकी पैसा हम खर्च के लिए इस्तेमाल करते हैं।

यह भी पढ़ें: Bandhan Mutual Fund ने लॉन्च किया कॉन्ट्रा फंड, निवेश से पहले जानिए इस फंड की खास बातें

5. पढ़ने और सीखने पर खर्च करने पर जोर

अगर आप नई किताबें खरीदने या नई चीजें सीखने पर खर्च करते हैं तो इसमें कोई खराबी नहीं है। वारिकू ने कहा, “रुचि पॉटरी, वाटरकलरिंग और टेनिस सीख रही हैं। हमारे बच्चे भी कई क्लासेज में जाते हैं।”

Bandhan Mutual Fund ने लॉन्च किया कॉन्ट्रा फंड, निवेश से पहले जानिए इस फंड की खास बातें

बंधन म्यूचु्अल फंड ने एक नया फंड लॉन्च किया है। इसका नाम बंधन कॉन्ट्रा फंड है। यह एक ओपन-एंडेड इक्विटी स्कीम है, जो मजबूत फंडामेंटल्स वाली कंपनियों के शेयरों में निवेश के लिए कंट्रेरियन इनवेस्टमेंट स्ट्रेटेजी का इस्तेमाल करेगी। यह निवेश की एक अलग स्ट्रेटेजी है।

10 अगस्त को खुलेगा यह एनएफओ

Bandhan Contra Fund का न्यू फंड ऑफर (NFO) 10 अगस्त को खुलेगा। यह 24 अगस्त को बंद हो जाएगा। कंट्रेरियन इनवेस्टमेंट स्ट्रेटेजी में उन कंपनियों के शेयरों में निवेश किया जाता है, जिनके अच्छे प्रदर्शन का भरोसा मार्केट को नहीं होता है। इस एप्रोच के साथ यह स्कीम उन कंपनियों के शेयरों की पहचान करेगी, जिनमें लंबी अवधि में ग्रोथ की अच्छी संभावना है, लेकिन शेयर की कीमतें कम चल रही हैं।

लंबी अवधि के निवेश के लिए फायदेमंद

ऐसे शेयरों की कीमतें कम होने की कई वजहें हो सकती हैं। इनमें किसी खास से जुड़ी कमजोरी, साइक्लिकल डाउनटर्न और निगेटिव मार्केट सेंटीमेंट शामिल हैं। इस इनवेस्टमेंट स्ट्रेटेजी में यह माना जाता है कि कंपनी के फंडामेंटल्स बदलते ही शेयरों में तेजी आएगी। उसके बाद मार्केट शेयरों की रीरेटिंग करेगा। एक्सपर्ट्स का कहना है कि यह स्ट्रेटेजी उन निवेशकों के लिए फायदेमंद है, जो लंबी अवधि के लिहाज से निवेश करते हैं।

अभी बाजार में कंट्रेरियन इनवेस्टिंग के अच्छे मौके

Bandhan Mutual Fund ने कहा है कि यह स्कीम को शामिल करने से ट्रेडिशनल ग्रोथ और वैल्यू-ओरिएंटेड इक्विटी पोर्टफोलियो को मजबूती मिल सकती है। एएमसी के सीईओ विशाल कपूर ने कहा कि सभी सेक्टर्स में वैल्यूएशन के बीच का फर्क बढ़ रहा है। ऐसे में कंट्रेरियन इनवेस्टमेंट के मौके दिख रहे हैं।

लंबी अवधि में औसत रिटर्न 14-18  फीसदी के बीच

कंट्रेरियन या कॉन्ट्रा फंड्स का लंबी अवधि का औसत रिटर्न आम तौर पर 14 से 18 फीसदी रहता है। उदाहरण के लिए SBI Contra Fund ने शुरुआत से अब तक 15-18 फीसदी के बीच रिटर्न दिया है। एक्सपर्ट्स का कहना है कि पिछले रिटर्न को देख किसी स्कीम में निवेश करना ठीक नहीं है। निवेशकों को निवेश से पहले अपने फाइनेंशियल एडवाइजर की राय लेनी चाहिए।

निवेश से पहले इनवेस्टमेंट इडवाइजर की राय लें

इनवेस्टर्स को किसी एनएफओ में निवेश करने में भी सावधानी बरतनी चाहिए। अगर आप बंधन कॉन्ट्रा फंड में निवेश करना चाहते हैं तो आपको बाजार में पहले से मौजूदा कॉन्ट्रा फंड के प्रदर्शन को जान लेना चाहिए। इससे आपको निवेश का फैसला लेने में आसानी होगी। एसेट मैनेजमेंट कंपनी जब कोई नई स्कीम पेश करती है तो उसे न्यू फंड ऑफर कहते हैं।