MHT CET Admission 2026: महाराष्ट्र में बी और डी फार्मा में प्रवेश के लिए शुरू हुआ रजिस्ट्रेशन, यहां देखें पूरा शेड्यूल

MHT CET Admission 2026: महाराष्ट्र में फार्मेसी से जुड़े पाठ्यक्रमों में शैक्षिक वर्ष 2026-27 में प्रवेश के इच्छुक छात्रों के बड़ा और अहम अपडेट है। महाराष्ट्र स्टेट कॉमन एंट्रेंस टेस्ट (CET) सेल ने सेंट्रलाइज्ड प्रवेश प्रक्रिया (CAP) के जरिए बी फार्मा और डी फार्मा पाठ्क्रमों के फर्स्ट ईयर में प्रवेश के लिए पंजीकरण शुरू कर दिए हैं। इन पाठ्यक्रमों में प्रवेश पाने के इच्छुक उम्मीदवार सीईटी सेल की आधिकारिक वेबसाइट ph2026.mahacet.org पर शैक्षिक वर्ष 2026-27 के लिए अप्लाई कर सकते हैं। रजिस्ट्रेशन फॉर्म के साथ, कैंडिडेट को ऊपर बताए गए पोर्टल पर सभी जरूरी डॉक्यूमेंट भी अपलोड करने होंगे।

एमएचटी सीईटी की ओर से बी और डी फार्मा में प्रवेश के लिए पूरा शेड्यूल आधिकारिक वेबसाइट पर घोषित कर दिया है। इसके मुताबिक, प्रवेश के इच्छुक छात्रों के लिए 10 अगस्त शाम 5 बजे तक आवेदन जमा करने की रजिस्ट्रेशन विंडो एक्टिव रहेगी। आवेदन सफलतापूर्वक जमा करने के बाद, परीक्षार्थियों को ऑनलाइन या फिजिकल मोड में डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन प्रोसेस के लिए उपस्थित होना होगा। फार्मेसी कोर्स में प्रवेश चाहने वाले छात्रों के लिए डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन प्रक्रिया 1 अगस्त से शुरू हो गया है। पंजीकृत छात्रों को 11 अगस्त शाम 5 बजे से पहले वेरिफिकेशन प्रोसेस पूरा करना होगा, नहीं तो, उनका एप्लीकेशन अपने आप कैंसल हो जाएगा।

डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन प्रोसेस देखें

डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन के लिए ई-स्क्रूटनी मोड चुनने वाले कैंडिडेट पूरा प्रोसेस ऑनलाइन पूरा कर सकते हैं और उन्हें ई-स्क्रूटनी सेंटर जाने की जरूरत नहीं होगी। आधिकारिक सूचना ब्रोशर के अनुसार, फैसिलिटेशन सेंटर ऑनलाइन जमा किए गए डॉक्यूमेंट्स को वेरिफाई करेगा। अप्रूव होने के बाद, वेरिफिकेशन स्टेटस और एक्नॉलेजमेंट रसीद कैंडिडेट के लॉगिन से मिल जाएगी। आवेदन फॉर्म में गड़बड़ी मिलने पर उसे कैंडिडेट को वापस कर दिया जाएगा, जिसे जरूरी सुधार करने के बाद तय शेड्यूल के अंदर इसे दोबारा जमा करना होगा।

फिजिकल स्क्रूटनी चुनने वाले छात्रों को तय तारीख और समय पर अपने चुने हुए फिजिकल स्क्रूटनी सेंटर पर सभी जरूरी डॉक्यूमेंट्स के साथ जाना होगा। सेंटर डॉक्यूमेंट्स को वेरिफाई करेगा और जमा करने के बाद एप्लीकेशन को अप्रूव करेगा। कैंडिडेट को बाद में एक एक्नॉलेजमेंट रसीद मिलेगी। सीईटी सेल 13 अगस्त को अपनी ऑफिशियल वेबसाइट पर प्रोविजनल मेरिट लिस्ट जारी करेगा। कैंडिडेट को लिस्ट में अपनी डिटेल्स चेक करनी होंगी और अगर उन्हें कोई गलती मिलती है, तो 17 अगस्त तक सपोर्टिंग डॉक्यूमेंट्स के साथ शिकायत दर्ज करानी होगी। शॉर्टलिस्ट किए गए कैंडिडेट्स के नामों वाली फाइनल मेरिट लिस्ट 19 अगस्त को ऑनलाइन जारी की जाएगी।

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IIT में एडमिशन नहीं मिला तो छात्र ने कर दी वेबसाइट हैक, अब मिल सकता है अपनी काबिलियत दिखाने का मौका

IIT कानपुर में साइबर सिक्योरिटी प्रोग्राम में दाखिला न मिलने के बाद एक छात्र का मामला चर्चा में आ गया है। छात्र ने कथित तौर पर IIT कानपुर और IIT मद्रास की वेबसाइट तक पहुंच बनाकर अपनी तकनीकी क्षमता दिखाने की कोशिश की। उसका कहना है कि उसका मकसद किसी सिस्टम को नुकसान पहुंचाना नहीं, बल्कि अपनी साइबर सिक्योरिटी स्किल साबित करना था। इस घटना के बाद जहां एक ओर हैकिंग को लेकर सवाल उठ रहे हैं, वहीं दूसरी ओर IIT कानपुर छात्र की प्रतिभा को परखने और उसे सही दिशा देने पर विचार कर रहा है।

संस्थान अब कानूनी कार्रवाई से पहले उसकी तकनीकी योग्यता की जांच करने की तैयारी में है। ये मामला साइबर टैलेंट, सुरक्षा और युवाओं को मौके देने को लेकर नई बहस शुरू कर चुका है। वेबसाइट पर उसने संदेश छोड़ा—”Site is hacked. All I need is just a fair chance.” यानी उसे सिर्फ एक निष्पक्ष मौका चाहिए था।

छात्र का दावा

मामला सामने आने के बाद छात्र ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X और Reddit पर कथित हैकिंग के स्क्रीनशॉट साझा किए। उसने दावा किया कि उसका उद्देश्य किसी सिस्टम को नुकसान पहुंचाना नहीं था, बल्कि अपनी साइबर सिक्योरिटी स्किल्स साबित करना था। छात्र के मुताबिक, उसने एडमिशन के लिए आवेदन किया, फीस जमा की, जरूरी दस्तावेज अपलोड किए और अपने साइबर सिक्योरिटी प्रोजेक्ट्स की जानकारी भी दी थी।

हैकाथॉन में मौका नहीं मिलने से था नाराज

छात्र ने बताया कि सभी प्रक्रिया पूरी करने के बावजूद उसका चयन नहीं हुआ। साथ ही, वह एडमिशन प्रक्रिया का हिस्सा रहे हैकाथॉन में भी शामिल नहीं हो सका। इसी के बाद उसने अपनी तकनीकी क्षमता दिखाने के लिए वेबसाइट में सेंध लगाने का दावा किया।

IIT कानपुर अब जांचेगा छात्र की काबिलियत

PTI की रिपोर्ट के अनुसार,  IIT कानपुर के डायरेक्टर मणिंद्र अग्रवाल ने बताया कि छात्र को इस सत्र में एडमिशन देना संभव नहीं है क्योंकि प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। हालांकि, संस्थान अब उसे बुलाकर एक विशेष टेस्ट के जरिए उसकी तकनीकी क्षमता जांचने पर विचार कर रहा है। अगर छात्र अपनी योग्यता साबित करता है, तो अगले एडमिशन चक्र में उसे मौका दिया जा सकता है।

वेबसाइट के कुछ हिस्सों तक पहुंच की पुष्टि

IIT कानपुर के निदेशक ने बताया कि छात्र ने IIT कानपुर और IIT मद्रास की आधिकारिक वेबसाइट के कुछ हिस्सों तक पहुंच बनाई थी। उन्होंने कहा कि फैकल्टी सदस्य और इंजीनियर छात्र से बातचीत करेंगे और उसे समझाएंगे कि बिना अनुमति किसी भी कंप्यूटर सिस्टम में प्रवेश करना कानून के खिलाफ है।

FIR दर्ज करने का था विचार, फिर बदला फैसला

IIT कानपुर ने शुरुआत में छात्र के खिलाफ FIR दर्ज कराने पर विचार किया था। लेकिन बाद में संस्थान ने पहले उसके दावों और तकनीकी क्षमता की जांच करने का फैसला लिया। अधिकारी के मुताबिक, IIT कानपुर साइबर सिक्योरिटी क्षेत्र में प्रतिभाशाली युवाओं को प्रोत्साहित करता रहा है।

पहले भी साइबर टैलेंट को मिला है मौका

इससे पहले IIT कानपुर ने एक ऐसे युवा को अपने C3iHub में काम करने का अवसर दिया था, जिसने CBSE के ऑनलाइन स्क्रीन-मार्किंग पोर्टल में सुरक्षा खामियों का पता लगाया था। अब इस छात्र का मामला भी चर्चा में है, जहां एक ओर अनधिकृत हैकिंग को लेकर सवाल हैं, वहीं दूसरी ओर उसकी साइबर स्किल्स को सही दिशा देने की संभावना भी दिखाई दे रही है।

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