CBSE Class 12 Supplementary Result 2026: 12वीं के सप्लिमेंट्री परीक्षा रिजल्ट के बाद रि-इवैल्युएशन की प्रक्रिया शुरू, जानें कब से करें आवेदन

CBSE Class 12 Supplementary Result 2026: केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने कक्षा 12 की पूरक परीक्षा (Supplementary exam) 2026 में हिस्सा लेने वाले छात्रों के लिए अहम घोषणा की है। इस परीक्षा में हिस्सा लेने वाले छात्रों का रिजल्ट जारी हो चुका है। इसके बाद अब बोर्ड ने छात्रों के लिए रिजल्ट के बाद मिलने वाली सुविधाओं का शेड्यूल घोषित कर दिया है। यह नोटिस 27 अगस्त को जारी किया गया है।

नोटिस के मुताबिक, उम्मीदवार पहले अपनी मूल्यांकन की हुई आंसर बुक की स्कैन कॉपी के लिए ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। इसके बाद अंकों का सत्यापन, री-इवैल्यूएशन, या दोनों करवा सकते हैं। बोर्ड ने छात्रों को सलाह दी है कि वे बताए गए कार्यक्रम और निर्देशों का ध्यान से पालन करें, क्योंकि डेडलाइन के बाद या ऑफलाइन मोड से जमा किए गए आवेदन स्वीकार एक्सेप्ट नहीं किए जाएंगे।

सीबीएसई कक्षा 12 सप्लीमेंट्री 2026: जरूरी तारीखें और फीस

नोटिस के एनेक्सर I में दिए गए शेड्यूल के मुताबिक, छात्र 31 अगस्त से 1 सितंबर, 2026 तक अपनी मूलयांकन की हुई आंसर बुक की स्कैन कॉपी के लिए आवेदन कर सकते हैं। फीस 100 रुपये प्रति विषय है। जिन उम्मीदवारों को स्कैन कॉपी मिलेगी, वे फिर मार्क्स के वेरिफिकेशन, री-इवैल्यूएशन, या दोनों के लिए अप्लाई कर सकते हैं।

स्कैन की हुई आंसर बुक : 31 अगस्त से 1 सितंबर

स्कैन की हुई कॉपी की फीस : हर विषय के लिए 100 रुपये

मार्क्स का वेरिफिकेशन : 7 से 8 सितंबर

री-इवैल्यूएशन : 7 से 8 सितंबर

वेरिफिकेशन फीस : हर आंसर बुक के लिए 100 रुपये

री-इवैल्यूएशन फीस : हर सवाल के लिए 100 रुपये

सीबीएसई सप्लीमेंट्री रिजल्ट 2026: छात्र मार्क्स को कैसे चैलेंज कर सकते हैं?

छात्रों को सबसे पहले मूल्यांकन की हुई आंसर बुक की स्कैन की हुई कॉपी लेनी होगी। इसे मिलने के बाद, वे मूल्यांकन, टोटलिंग या कवर पेज पर डाले गए अंकों में अंतर चेक कर सकते हैं। री-इवैल्यूएशन रिक्वेस्ट सिर्फ थ्योरी वाले हिस्से और पूरे सवाल के लिए स्वीकार की जाएंगी, किसी सवाल के हिस्से के लिए नहीं।

सभी आवेदन और शुल्क भुगतान सिर्फ तय प्रक्रिया के जरिए ऑनलाइन एक्सेप्ट किए जाएंगे। सीबीएसई ने यह भी कहा है कि एक भी अंक की कमी को ध्यान में रखा जाएगा। री-इवैल्यूएशन का नतीजा फाइनल होगा, जिसमें आगे कोई अपील या रिव्यू नहीं होगा।

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CTET Exam Postponed 2026: सीबीएसई ने टाली सीटेट परीक्षा और फिर से खोली आवेदन विंडो, अब 01 सितंबर तक कर सकते हैं आवेदन

CTET Exam Postponed 2026: सेंट्रल बोर्ड ऑफ सेकेंडरी एजुकेशन (CBSE) ने सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद 22वें केंद्रीय शिक्षक अर्हता परीक्षा (CTET) को टाल दिया है। साथ ही, बोर्ड ने सीटेट परीक्षा के लिए आवेदन विंडो फिर से खोल दी है। इससे उन उम्मीदवारों को आवेदन करने का एक और मौका मिल गया है जो पहले पंजीकरण नहीं कर पाए थे। इच्छुक और योग्य उम्मीदवार अब 1 सितंबर, 2026 तक आवेदन जमा कर सकते हैं।

सीबीएसई बोर्ड द्वारा जारी आधिकारिक नोटिस के मुताबिक, योग्य शिक्षकों के लिए जरूरी शिक्षक अर्हता परीक्षा (TET) क्वालिफिकेशन पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले को देखते हुए आवेदन विंडो फिर से खोली गई है। बोर्ड ने कहा कि यह अतिरिक्त मौका इसलिए दिया गया है ताकि योग्य शिक्षकों के पास क्वालिफिकेशन की जरूरत को पूरा करने के लिए पर्याप्त समय हो। सीबीएसई 22वां सेंट्रल टीचर एलिजिबिलिटी टेस्ट (CTET) आयोजित कर रहा है। अब तक सीटेट के कुल 21 संस्करण हो चुके हैं। सीटेट के 21वें संस्करण का रिजल्ट 30 मार्च को घोषित किया गया था।

सीबीएसई ने अपने आधिकारिक नोटिस में कहा, “सुप्रीम कोर्ट ने योग्य शिक्षकों को तय टीईटी योग्यता हासिल करने की कानूनी जरूरत को पूरा करने के लिए एक सही मौका देने की जरूरत पर जोर दिया है। इसे देखते हुए और उम्मीदवारों के व्यापक हित में, यह तय किया गया है कि 25 अगस्त से 1 सितंबर, 2026 तक ऑनलाइन आवेदन पोर्टल खोलकर उन सभी योग्य उम्मीदवारों को एक मौका दिया जाए जो पहले की आवेदन विंडो का फायदा नहीं उठा सके थे।” 22वें सीटेट का नोटिफिकेशन 8 मई को जारी किया गया था, और ऑनलाइन आवेदन 11 मई से 10 जून तक लिए गए थे।

सीटेट 2026 परीक्षा कब होगी?

आवेदन विंडो फिर से खुलने के साथ, कैंडिडेट सीटेट परीक्षा की संशोधित तारीख भी जानना चाहते हैं। सीबीएसई ने कहा है कि 1 सितंबर को एप्लीकेशन पोर्टल बंद होने के बाद परीक्षा की बदली हुई तारीख बताई जाएगी। बता दें, यह परीक्षा पहले सितंबर में होने वाली थी।

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दिल्ली विश्वविद्यालय में 1 साल के PG कोर्स के लिए 5857 सीटें जुड़ीं, जानें 4-साल की डिग्री के बाद सीधे PhD का नियम

यह खबर उन छात्रों के लिए बेहद अहम है, जो दिल्ली विश्वविद्यालय से परास्नातक यानी पोसट ग्रेजुएशन करना चाहते हैं। यूनिवर्सिटी ने शैक्षिक सत्र 2026-27 के शैक्षिक सत्र के लिए एक साल की अवधि वाले 46 पीजी प्रोग्राम में सीटें बढ़ाने का फैसला किया है। इसके तहत यूनिवर्सिटी हर प्रोग्राम में 120 बढ़ाएगा, जिससे कुल 5857 सीटें एक साल के पीजी पाठ्यक्रम में बढ़ेंगीं।

यह फैसला ऐसे समय में आया है, जब यूनिवर्सिटी से चार साल के अंडरग्रेजुएट कार्यक्रम से पहला बैच स्नातक पूरा कर निकलने वाला है। यूनिवर्सिटी ने अपने दो साल के पीजी प्रोग्राम में सीटों की मौजूदा संख्या बनाए रखी है, जिससे चार साल के अंडरग्रेजुएट प्रोग्राम (FYUP) के तहत स्नातक होने वाले छात्रों को शामिल करने के लिए कुल पीजी इनटेक को असरदार तरीके से बढ़ाया गया है। न्यूज एजेंसी एएनाई की खबर के मुताबिक, डीयू 46 विषयों में एक साल का पीजी प्रोग्राम ऑफर कर रहा है, जिसमें कुल 5,857 सीटें हैं। इसमें रेगुलर मोड में 2,807 सीटें शामिल हैं। 46 प्रोग्राम में 5,857 सीटें हर प्रोग्राम में औसतन लगभग 127 सीटें बनती हैं।

डीयू के रजिस्ट्रार विकास गुप्ता ने बताया कि यूनिवर्सिटी ने क्लासरूम और टीचिंग स्टाफ की बढ़ी हुई जरूरत को पूरा करने का इंतजाम किया है। गुप्ता ने कहा, “हम अतिरिक्त टीचर हायर करेंगे। हमने कॉलेजों में पढ़ाने वाले टीचरों के लिए भी इंतजाम किया है कि वे यूनिवर्सिटी में आकर पढ़ाएं। हम उन्हें मानदेय देंगे।” बता दें, एफवाईयूपी को छात्रों को उनकी स्नातक पढ़ाई के दौरान रिसर्च और एंटरप्रेन्योरशिप का ज्यादा अनुभव देने और भारतीय डिग्री को वैश्विक मानक के साथ जोड़ने के मकसद से शुरू किया गया था।

डीयू ने नेशनल एजुकेशन पॉलिसी (NEP) 2020 के आधार पर अंडरग्रेजुएट करिकुलम फ्रेमवर्क (UGCF) 2022 के तहत 2022-23 शैक्षिक सत्र से एफवाईयूपी शुरू किया था। 2022-23 शैक्षिक सत्र में डीयू में कुल 75,948 छात्रों को प्रवेश मिला। इनमें से, 40,005 स्टूडेंट्स 2025 में तीन साल की स्नातक पढ़ाई पूरी करने के बाद बाहर हो गए, जबकि लगभग 35,943 चौथे साल में आगे बढ़े।

यूनिवर्सिटी के डेटा के मुताबिक, चौथे साल में आगे बढ़ने वाले 35,943 स्टूडेंट्स में से 12,111 ने 2026-27 एकेडमिक सेशन के लिए एक साल के पोस्टग्रेजुएट प्रोग्राम में एडमिशन के लिए अप्लाई किया। इसका मतलब है कि चौथे साल में आगे बढ़ने वाले लगभग 33.7% छात्रों ने एक साल के पीजी प्रोग्राम के लिए आवेदन किया। एक साल के पीजी प्रोग्राम में उपलब्ध 5,857 सीटों में से, आवेदकों की संख्या 12,111 थी। इसलिए उपलब्ध सीटें एप्लिकेंट्स की संख्या का लगभग 48.36% हैं।

डीयू का एक साल का पीजी कार्यक्रम भी दूसरे विश्वविद्यालयों की तुलना में काफी बड़ा है। यूनिवर्सिटी ने 2026-27 एकेडमिक सेशन के लिए अपने दो साल के पोस्टग्रेजुएट प्रोग्राम में भी उतनी ही सीटें ऑफर करना जारी रखा है, खासकर उन छात्रों के लिए जिन्होंने तीन साल पूरे करने के बाद एफवाईयूपी छोड़ दिया था।

यूनिवर्सिटी ने चार साल के अंडरग्रेजुएट प्रोग्राम से पीएचडी प्रवेश के लिए एक सीधा शैक्षिक रास्ता भी बनाया है। यूनिवर्सिटी के ऑर्डिनेंस VI में एक बदलाव के तहत, एफवाईयूपी को 7.5 या उससे ज्यादा सीजीपीए और एससी/एसटी छात्रों के लिए 7.0 या उससे ज्यादा सीजीपीए के साथ पूरा करने वाले छात्र सीधे पीएचडी प्रोग्राम के लिए अप्लाई करने के लायक होंगे।

CBSE Class 10 Compartment Result 2026: 10वीं कंपार्टमेंट परीक्षा का रिजल्ट का इंतजार जारी, जानें कब तक जारी होंगे नतीजे

CBSE Class 10 Compartment Result 2026: 10वीं कंपार्टमेंट परीक्षा का रिजल्ट का इंतजार जारी, जानें कब तक जारी होंगे नतीजे

CBSE Class 10 Compartment Result 2026: सीबीएसई बोर्ड के 10वीं कक्षा की कंपार्टमेंट परीक्षा दे चुके छात्र बेसब्री से अपने रिजल्ट का इंतजार कर रहे हैं। केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने अभी तक सीबीएसई कक्षा 10 कंपार्टमेंट रिजल्ट 2026 की घोषणा नहीं की है। न ही बोर्ड ने के लिए कोई ऑफिशियल तारीख या समय जारी किया है। छात्र कक्षा 10 कंपार्टमेंट परीक्षा के रिजल्ट के लिए बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट पर नजर बनाए हुए हैं।

एक बार जारी होने के बाद छात्र यहां रिजल्ट देख सकते हैं और अपना स्कोरकार्ड डाउनलोड कर सकते हैं। ध्यान रहे, सीबीएसई रिजल्ट की तारीख पहले से घोषित नहीं करता है। रिजल्ट का लिंक सीधे पोर्टल पर एक्टिवेट किया जा सकता है। इसलिए छात्रों को ताजा अपडेट के लिए बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट पर नजर रखनी चाहिए। लिंक एक्टिव होने के बाद छात्र और स्कूल अपने रोल नंबर और एडमिट कार्ड पर दी गई दूसरी जानकारी की मदद से सीबीएसई कक्षा 10 रिजल्ट 2026 ऑनलाइन चेक कर सकते हैं।

परिणाम जारी होने की अनुमानित तारीख और समय

ज्यादा जानकारी के लिए नीचे दी गई टेबल देखें:

इवेंट डिटेल्स

अनुमानित तारीख : अगस्त 2026 के बीच से आखिर तक

अनुमानित समय : घोषणा की जाएगी

आधिकारिक वेबसाइट : cbse.gov.in

आधिकारिक घोषणा : सीबीएसई रिजल्ट की तारीख पहले से घोषित नहीं करता है। रिजल्ट का लिंक सीधे पोर्टल पर एक्टिवेट किया जा सकता है।

सीबीएसई कक्षा 10 कंपार्टमेंट रिजल्ट 2026 कैसे चेक करें?

छात्र अपने रोल नंबर और अपने एडमिट कार्ड पर दी गई दूसरी जानकारी का इस्तेमाल करके सीबीएसई कक्षा 10 रिजल्ट 2026 ऑनलाइन चेक कर सकते हैं। नीचे दिए गए स्टेप्स को फॉलो करें।

  • ऑफिशियल सीबीएसई रिजल्ट्स पोर्टल या सीबीएसई ऑफिशियल वेबसाइट पर जाएं।
  • कक्षा 10 कंपार्टमेंट या दूसरे बोर्ड एग्जाम रिजल्ट के लिए लिंक पर क्लिक करें।
  • अपना रोल नंबर, स्कूल नंबर और एडमिट कार्ड ID टाइप करें।
  • अपनी डिजिटल मार्कशीट देखने और सेव करने के लिए सबमिट पर क्लिक करें।

सीबीएसई क्लास 10 रिजल्ट 2026 चेक करने के दूसरे तरीके

सीबीएसई कक्षा 10th रिजल्ट के दिन, कैंडिडेट्स को ज्यादा ट्रैफिक के कारण ऑफिशियल वेबसाइट एक्सेस करने में दिक्कत हो सकती है। ऐसे में, ऑफिशियल रिजल्ट नीचे दिए गए तरीकों से चेक करें

डिजिलॉकर (results.digilocker.gov.in)

UMANG ऐप

सीबीएसई कक्षा 10 रिजल्ट 2026 पर दी गई डिटेल्स

ऑनलाइन जारी की गई सीबीएसई कक्षा 10 मार्कशीट में उम्मीदवारों के विषयवार मार्क्स के साथ क्वालिफाइंग स्टेटस पास या फेल दिखेगा। मार्कशीट पर प्रिंटेड नीचे दी गई डिटेल्स चेक करें।

  • स्टूडेंट का नाम
  • रोल नंबर
  • जन्म तिथि
  • स्कूल का नाम और कोड
  • सब्जेक्ट के हिसाब से मिले मार्क्स
  • मिले ग्रेड
  • रिजल्ट स्टेटस (पास/कम्पार्टमेंट)
  • CGPA/परसेंटेज
  • इंटरनल असेसमेंट मार्क्स

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Independence Day 2026: स्वतंत्रता दिवस पर सबसे पहले किसने लाल किले पर फहराया था तिरंगा? जानें इतिहास में दर्ज इस घटना के बारे में

Independence Day 2026: हमारा देश 15 अगस्त 1947 को अंग्रेजी हुकूमत से आजाद हुआ था। लंबे संघर्ष के बाद मिली आजादी से सभी उत्साहित थे। यह उत्साह आजादी के 79 साल पूरे होने के बाद आज भी कायम है। इस साल 15 अगस्त 2026 को भारत अपना 80वां स्वतंत्रता दिवस मनाएगा। इस दिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लाल किले की प्राचीर से तिरंगा फहराकर आजादी के जश्न की शुरुआत करेंगे। नई दिल्ली स्थित लाल किले पर झंडा फहराना एक ऐसी परंपरा है, जो 1947 के पहले से चली आ रही है। आइए आज जानें कि लाल किले पर पहली पर किसने 15 अगस्त को तिरंगा फहराया था।

इतिहास के पन्नों से

आजाद भारत के पहले प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू ने 16 अगस्त, 1947 को पहली बार लाल किले पर राष्ट्रीय ध्वज फहराया था। तब से लाल किले पर तिरंगा फहराना भारतीय स्वतंत्रता और हमारे गौरव का प्रतीक बन गया है। भारत को 15 अगस्त, 1947 को आधी रात को आजादी मिली थी, लेकिन लाल किले पर झंडा 16 अगस्त, 1947 को सुबह 8:30 बजे फहराया गया था। 15 अगस्त, 1947 को आधिकारिक स्वतंत्रता दिवस पर, मुख्य झंडा फहराने की रस्म आधी रात को कॉन्स्टिट्यूएंट असेंबली (बाद में संसद भवन) में हुई थी। इसके बाद शाम को इंडिया गेट के पास एक और रस्म हुई। लाहौरी गेट की प्राचीर से नेहरू के भाषण ने भारत के सालाना स्वतंत्रता दिवस समारोह के लिए एक मिसाल कायम की, जहां प्रधानमंत्री हर 15 अगस्त को राष्ट्रीय झंडा फहराते हैं और देश को संबोधित करते हैं।

सबसे ज्यादा बार पंडित नेहरू ने फहराया तिरंगा

पंडित नेहरू ने 1947 से 17 बार लाल किले पर झंडा फहराया है, जो हमारी स्वतंत्रता के 79 सालों में किसी भी भारतीय प्रधानमंत्री द्वारा सबसे ज्यादा बार फहराया गया है। इस मामले में उनकी बेटी इंदिरा गांधी दूसरे नंबर पर हैं, जिन्होंने 16 बार तिरंगा फहराया है। इसके बाद, श्री अटल बिहारी वाजपेयी ने छह बार लाल किले पर झंडा फहराया है, उनके बाद राजीव गांधी और पीवी नरसिम्हा राव – पांच-पांच बार, लाल बहादुर शास्त्री ने 1964 और ’65 में, मोरारजी देसाई ने 1977 और ’78 में, चरण सिंह ने 1979 में, श्री वीपी सिंह – 1990 में, श्री एचडी देवेगौड़ा – 1996 में और श्री इंद्र कुमार गुजराल – 1997 में।

चंद्रशेखर ने कभी नहीं फहराया लाला किले पर झंडा

दिलचस्प बात यह है कि गुलजारी लाल नंदा ने, अंतरिम प्रधानमंत्री के तौर पर अपने दो छोटे कार्यकाल में, चंद्रशेखर के अलावा कभी झंडा नहीं फहराया। प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह 15 अगस्त, 2007 को 10 बार लाल किले पर राष्ट्रीय ध्वज फहराया। इसके बाद वर्तमान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लाल किले से अब तक 12 बार तिरंगा फहरा चुके हैं। इस साल देश के स्वाधीनता दिवस की 80वीं वर्षगांठ पर वह 13वीं बार ध्वजारोहण करेंगे।

CBSE Class 12 compartment result 2026: 12वीं कंपार्टमेंट परीक्षा के रिजल्ट हुए घोषित, डिजीलॉकर से स्कोरकार्ड करें डाउनलोड

CBSE Class 12 compartment result 2026: 12वीं कंपार्टमेंट परीक्षा के रिजल्ट हुए घोषित, डिजीलॉकर से स्कोरकार्ड करें डाउनलोड

CBSE Class 12 compartment result 2026: सीबीएसई बोर्ड के 12वीं कक्षा छात्रों के लिए आज अहम दिन है। केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने 12वीं कक्षा के छात्रों के कंपार्टमेंट परीक्षा के रिजल्ट जारी कर दिए हैं। जुलाई के अंत में हुई कंपार्टमेंट परीक्षा के रिजल्ट का छात्र काफी समय से इंतजार कर रहे थे। रिजल्ट जारी होने से छात्रों को काफी राहत मिली है।

सीबीएसई कक्षा 12 कंपार्टमेंट परीक्षा 2026 के रिजल्ट सीबीएसई के आधिकारिक पोर्टल cbse.gov.in और cbseresults.nic.in के साथ ही, डिजीलॉकर के रिजल्ट पोर्टल https://results.digilockergov.in पर देखे जा सकते हैं। रिजल्ट देखने के लिए छात्रों को अपने रोल नंबर, एडमिट कार्ड नंबर, स्कूल नंबर और सिक्योरिटी पिन की जरूरत होगी।

सीबीएसई कक्षा 12 कंपार्टमेंट परीक्षा 2026 28 जुलाई को हुई थी। यह परीक्षा उन छात्रों के लिए थी जो मुख्य बोर्ड परीक्षा में न्यूनतम पासिंग मार्क्स नहीं ला पाए थे। कंपार्टमेंट परीक्षा ऑफलाइन, पेन-एंड-पेपर मोड में भारत और विदेश के निर्धारित परीक्षा केंद्रों पर हुई थी। बोर्ड द्वारा जारी डेटा के अनुसार, कुल 1,63,800 स्टूडेंट्स कंपार्टमेंट कैटेगरी में लिस्टेड थे।

इस साल सीबीएसई कक्षा 12 कंपार्टमेंट परीक्षा 2026 में 53.08% छात्र सप्लीमेंट्री/इम्प्रूवमेंट परीक्षा में सफल रहे हैं। सीबीएसई सप्लीमेंट्री परीक्षा के लिए कुल 2,91,576 स्टूडेंट्स ने पंजीकरण किया था जिसमें से 2,75,287 स्टूडेंट्स ने परीक्षा में हिस्सा लिया था। इसमें से इम्प्रूवमेंट परीक्षा में 1,11,056 छात्रों ने हिस्सा लिया था और इसके अलावा कंपार्टमेंट परीक्षा के लिए 1,64,231 छात्र-छात्राओं ने परीक्षा दी थी। कुल पास प्रतिशत 53.08% दर्ज किया गया है।

सीबीएसई कक्षा 12 कंपार्टमेंट रिजल्ट 2026: कैसे डाउनलोड करें

छात्र अपनी मार्कशीट चेक और डाउनलोड करने के लिए ये स्टेप्स फॉलो कर सकते हैं:

  • ऑफिशियल सीबीएसई वेबसाइट, cbse.gov.in, या रिजल्ट वेबसाइट, cbseresults.nic.in पर जाएं।
  • सीबीएसई कक्षा 12 कंपार्टमेंट रिजल्ट 2026 के लिंक पर क्लिक करें।
  • रोल नंबर, एडमिट कार्ड नंबर और स्कूल नंबर जैसी जरूरी डिटेल्स डालें।
  • स्क्रीन पर दिख रहा CAPTCHA कोड या सिक्योरिटी पिन डालें।
  • “सबमिट” पर क्लिक करें।
  • सीबीएसई कक्षा 12 कंपार्टमेंट मार्कशीट स्क्रीन पर आ जाएगी।
  • रिजल्ट डाउनलोड करें और भविष्य के लिए एक कॉपी रख लें।

सीबीएसई 12वी कंपार्टमेंट रिजल्ट 2026: चेक करने के दूसरे तरीके

अगर सीबीएसई की आधिकारिक वेबसाइट्स स्लो हैं या ज्यादा ट्रैफिक की वजह से काम नहीं कर रही हैं, तो छात्र अपनी मार्कशीट एक्सेस करने के लिए डिजिलॉकर और UMANG मोबाइल एप्लिकेशन जैसे आधिकारिक मंचों का भी इस्तेमाल कर सकते हैं। छात्रों को रिजल्ट पर दी गई सभी डिटेल्स ध्यान से चेक करनी चाहिए। किसी भी गलती के मामले में, उन्हें सुधार के लिए संबंधित सीबीएसई अथॉरिटी से संपर्क करना चाहिए।

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CBSE Class 12 Compartment Result 2026: सीबीएसई कब जारी करेगा 12वीं के कंपार्टमेंट का रिजल्ट, यहां जानें स्कोरकार्ड डाउनलोड कर करने के स्टेप्स

CBSE Class 12 Compartment Result 2026: शैक्षिक सत्र 2025-26 में केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) से 12 कक्षा की परीक्षा दे चुके छात्रों की 28 जुलाई को कंपार्टमेंट परीक्षा हुई है। इसके बाद से सभी छात्र अपने नतीजों का इंतजार कर रहे हैं। मीडिया में आ रही खबरों में कहा जा रहा है कि सीबीएसई बोर्ड इस हफ्ते कक्षा 12 कंपार्टमेंट रिजल्ट 2026 की घोषणा कर सकता है। रिजल्ट लिंक एक्टिवेट होने के बाद छात्र सीबीएसई की आधिकारिक वेबसाइट cbse.gov.in और दूसरे रिजल्ट प्लेटफॉर्म के जरिए अपना रिजल्ट ऑनलाइन देख सकेंगे।

सीबीएसई कक्षा 12 सप्लीमेंट्री परीक्षा 28 जुलाई, 2026 को आयोजित की गई थी। इस परीक्षा ने उन स्टूडेंट्स को एक और मौका दिया जो नियमित बोर्ड परीक्षा पास नहीं कर पाए थे या अपना प्रदर्शन सुधारने का मौका चाहते थे, ताकि वे जरूरी शैक्षिक मानदंड को पूरा कर सकें। सीबीएसई बोर्ड ने अभी तक कक्षा 12 कंपार्टमेंट रिजल्ट 2026 की घोषणा के लिए कोई कन्फर्म तारीख और समय नहीं बताया है। हालांकि, रिजल्ट अगस्त 2026 के दूसरे हफ्ते में जारी होने की उम्मीद है।

सीबीएसई कक्षा 12 रिजल्ट 2026: स्कोरकार्ड डाउनलोड करने के स्टेप्स

छात्रों को सलाह दी जाती है कि वे आधिकारिक वेबसाइट पर सीबीएसई कक्षा 12 रिजल्ट 2026 से जुड़े लेटेस्ट अपडेट पाने के लिए ऑफिशियल वेबसाइट पर बने रहें :

  • सीबीएसई की ऑफिशियल वेबसाइट cbse.gov.in पर जाएं।
  • सीबीएसई कक्षा 12 कंपार्टमेंट या सप्लीमेंट्री रिजल्ट 2026 से जुड़ा लिंक देखें।
  • रिजल्ट लिंक पर क्लिक करें।
  • रोल नंबर के साथ जरूरी एग्जामिनेशन क्रेडेंशियल डालें।
  • डिटेल्स सबमिट करें।
  • सीबीएसई कक्षा 12 कंपार्टमेंट रिजल्ट या प्रोविजनल मार्कशीट स्क्रीन पर दिखाई देगी।
  • सभी डिटेल्स ध्यान से चेक करें।
  • मार्कशीट को भविष्य के लिए डाउनलोड करके सेव कर लें।

स्टूडेंट्स को सलाह दी जाती है कि वे ताजा जानकारी के लिए नियमित तौर पर आधिकारिक सीबीएसई वेबसाइट, cbse.gov.in देखते रहें। बोर्ड के आधिकारिक घोषणा के तुरंत बाद रिजल्ट लिंक एक्टिवेट होने की उम्मीद है।

सीबीएसई 12वीं कक्षा कम्पार्टमेंट रिजल्ट के बाद क्या?

जो छात्र सप्लीमेंट्री परीक्षा में सफल होते हैं, वे एडमिशन या एकेडमिक फॉर्मैलिटीज को पूरा करते समय, जहां भी लागू हो, अपने अपडेटेड रिजल्ट का इस्तेमाल कर सकते हैं। जो लोग प्रवेश के फैसले का इंतजार कर रहे हैं, उन्हें अपने-अपने कॉलेज या यूनिवर्सिटी की रिक्वायरमेंट और डेडलाइन भी चेक कर लेनी चाहिए।

सीबीएसई कम्पार्टमेंट परीक्षा क्यों कराता है?

कम्पार्टमेंट परीक्षा छात्रों को नियमित बोर्ड परीक्षा के रिजल्ट घोषित होने के बाद अपने शैक्षिक परिणाम को बेहतर बनाने का एक अतिरकक्त मौका देता है। यह उन छात्रों के लिए खास तौर पर जरूरी हो सकता है जिन्हें उच्च शिक्षा के लिए अपनी योग्यता जरूरतों को पूरा करने के लिए कोई सब्जेक्ट क्लियर करना होता है। जो छात्र अंडरग्रेजुएट कोर्स करने का प्लान बना रहे हैं, उनके लिए रिजल्ट यह भी तय कर सकता है कि वे कॉलेज या यूनिवर्सिटी द्वारा तय न्यूनतम योग्यता मानदंड को पूरा करते हैं या नहीं।

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Lucky Rawat North Pole expedition: उत्तराखंड के लकी रावत जाएंगे नॉर्थ पोल, ‘आइसब्रेकर ऑफ नॉलेज’ में करेंगे भारत का प्रतिनिधित्व

Lucky Rawat North Pole expedition: महज 17 साल की उम्र में चकराता, उत्तराखंड के लकी रावत उत्तरी ध्रुव की 10 दिनों की यात्रा पर पा जा रहे हैं। इस यात्रा के लिए लकी का चुनाव तीन चरणों की प्रतिस्पर्धी प्रक्रिया के बाद किया गया है। यहां वह साइंस और कल्चरल गतिविधियों में 22 देशों के 14 से 16 की उम्र के बच्चों के साथ शामिल होंगे। लकी रावत ‘आइसब्रेकर ऑफ नॉलेज’ में भारत का प्रतिनिधित्व करने के लिए चुना गया है। नॉर्थ पोल के लिए यह 10 दिन का अंतरराष्ट्रीय वैज्ञानिक और शैक्षिक खोज यात्रा है।

रूस के मरमांस्क से शुरू हुए इस एक्सपीडिशन में इंडिया, बांग्लादेश, चीन और रूस के छात्र एक साथ आए हैं। पार्टिसिपेंट्स न्यूक्लियर आइसब्रेकर 50 लेट पोबेडी पर सवार होकर ज्योग्राफिक नॉर्थ पोल (90° नॉर्थ लैटीट्यूड) जा रहे हैं। यहां वे विज्ञान आधारित सीखने की गतिविधियों और सांस्कृति आदान-प्रदान कार्यक्रम में हिस्सा लेंगे। लकी के लिए, यह सफर सिर्फ एक ट्रिप नहीं है। यह वैश्विक मंच पर भारत का प्रतिनिधित्व करने और दुनिया के अलग-अलग हिस्सों के छात्रों के साथ सीखने का मौका है।

लकी ने न्यूज एजेंसी एएनआई से बात करते हुए कहा कि उन्हें इस एक्सपीडिशन के लिए चुने जाने पर गर्व महसूस हो रहा है। उन्होंने कहा, “मैं उत्तराखंड के चकराता से हूं और इस एक्सपीडिशन के लिए भारत के दूत के तौर पर यहां आया हूं। यह 10 दिन का एक्सपीडिशन है, जिसमें हम नॉर्थ पोल जाएंगे। हम उन बहुत कम लोगों में से होंगे जो असल में नॉर्थ पोल पहुंचे हैं।”

इस एक्सपीडीशन की चयन प्रक्रिया काफी मुश्किल थी। लकी ने कहा कि छात्रों को तीन चरणों प्रतियोगिता को पार करना था, जिसके बाद हर हिस्सा लेने वाले देश से एक छात्र को अपने देश का प्रतिनिधित्व करने के लिए चुना गया। उन्होंने कहा, “तीन स्टेज का कॉम्पिटिशन क्लियर करने के बाद हर देश से एक छात्र को अपने देश का प्रतिनिधित्व करने के लिए चुना गया।”

उनके पिता, राम सिंह ने इस सिलेक्शन को परिवार के लिए गर्व का पल बताया। उन्होंने एएनआई को बताया, “मुझे अपने बेटे पर गर्व है कि उसने ऑनलाइन एग्जाम क्लियर किया और इंडिया को रिप्रेजेंट करने के लिए चुना गया। वह नॉर्थ पोल के लिए 10 दिन के एक्सपीडिशन पर जा रहा है।”

क्या है आइसब्रेकर ऑफ नॉलेज

‘आइसब्रेकर ऑफ नॉलेज’ एक अंतरराष्ट्रीय पहल है जिसका मकसद छात्रों में विज्ञान में दिलचस्पी जगाना है। साथ ही, कल्चरल एक्सचेंज और आर्कटिक के बारे में जागरूकता को बढ़ावा देना है। यह प्रोग्राम युवा भागीदारों को दुनिया के सबसे दूर-दराज के इलाकों में से एक में जिंदगी का अनुभव करने और दुनिया भर के साथियों से बातचीत करने का मौका देता है। लकी की यह कामयाबी न सिर्फ उनके परिवार और उत्तराखंड के लिए गर्व की बात है, बल्कि यह इस बात का भी उदाहरण है कि कैसे भारतीय छात्र अपने टैलेंट, कड़ी मेहनत और पक्के इरादे से इंटरनेशनल प्लेटफॉर्म पर पहचान बना रहे हैं।

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IIT में एडमिशन नहीं मिला तो छात्र ने कर दी वेबसाइट हैक, अब मिल सकता है अपनी काबिलियत दिखाने का मौका

IIT कानपुर में साइबर सिक्योरिटी प्रोग्राम में दाखिला न मिलने के बाद एक छात्र का मामला चर्चा में आ गया है। छात्र ने कथित तौर पर IIT कानपुर और IIT मद्रास की वेबसाइट तक पहुंच बनाकर अपनी तकनीकी क्षमता दिखाने की कोशिश की। उसका कहना है कि उसका मकसद किसी सिस्टम को नुकसान पहुंचाना नहीं, बल्कि अपनी साइबर सिक्योरिटी स्किल साबित करना था। इस घटना के बाद जहां एक ओर हैकिंग को लेकर सवाल उठ रहे हैं, वहीं दूसरी ओर IIT कानपुर छात्र की प्रतिभा को परखने और उसे सही दिशा देने पर विचार कर रहा है।

संस्थान अब कानूनी कार्रवाई से पहले उसकी तकनीकी योग्यता की जांच करने की तैयारी में है। ये मामला साइबर टैलेंट, सुरक्षा और युवाओं को मौके देने को लेकर नई बहस शुरू कर चुका है। वेबसाइट पर उसने संदेश छोड़ा—”Site is hacked. All I need is just a fair chance.” यानी उसे सिर्फ एक निष्पक्ष मौका चाहिए था।

छात्र का दावा

मामला सामने आने के बाद छात्र ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X और Reddit पर कथित हैकिंग के स्क्रीनशॉट साझा किए। उसने दावा किया कि उसका उद्देश्य किसी सिस्टम को नुकसान पहुंचाना नहीं था, बल्कि अपनी साइबर सिक्योरिटी स्किल्स साबित करना था। छात्र के मुताबिक, उसने एडमिशन के लिए आवेदन किया, फीस जमा की, जरूरी दस्तावेज अपलोड किए और अपने साइबर सिक्योरिटी प्रोजेक्ट्स की जानकारी भी दी थी।

हैकाथॉन में मौका नहीं मिलने से था नाराज

छात्र ने बताया कि सभी प्रक्रिया पूरी करने के बावजूद उसका चयन नहीं हुआ। साथ ही, वह एडमिशन प्रक्रिया का हिस्सा रहे हैकाथॉन में भी शामिल नहीं हो सका। इसी के बाद उसने अपनी तकनीकी क्षमता दिखाने के लिए वेबसाइट में सेंध लगाने का दावा किया।

IIT कानपुर अब जांचेगा छात्र की काबिलियत

PTI की रिपोर्ट के अनुसार,  IIT कानपुर के डायरेक्टर मणिंद्र अग्रवाल ने बताया कि छात्र को इस सत्र में एडमिशन देना संभव नहीं है क्योंकि प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। हालांकि, संस्थान अब उसे बुलाकर एक विशेष टेस्ट के जरिए उसकी तकनीकी क्षमता जांचने पर विचार कर रहा है। अगर छात्र अपनी योग्यता साबित करता है, तो अगले एडमिशन चक्र में उसे मौका दिया जा सकता है।

वेबसाइट के कुछ हिस्सों तक पहुंच की पुष्टि

IIT कानपुर के निदेशक ने बताया कि छात्र ने IIT कानपुर और IIT मद्रास की आधिकारिक वेबसाइट के कुछ हिस्सों तक पहुंच बनाई थी। उन्होंने कहा कि फैकल्टी सदस्य और इंजीनियर छात्र से बातचीत करेंगे और उसे समझाएंगे कि बिना अनुमति किसी भी कंप्यूटर सिस्टम में प्रवेश करना कानून के खिलाफ है।

FIR दर्ज करने का था विचार, फिर बदला फैसला

IIT कानपुर ने शुरुआत में छात्र के खिलाफ FIR दर्ज कराने पर विचार किया था। लेकिन बाद में संस्थान ने पहले उसके दावों और तकनीकी क्षमता की जांच करने का फैसला लिया। अधिकारी के मुताबिक, IIT कानपुर साइबर सिक्योरिटी क्षेत्र में प्रतिभाशाली युवाओं को प्रोत्साहित करता रहा है।

पहले भी साइबर टैलेंट को मिला है मौका

इससे पहले IIT कानपुर ने एक ऐसे युवा को अपने C3iHub में काम करने का अवसर दिया था, जिसने CBSE के ऑनलाइन स्क्रीन-मार्किंग पोर्टल में सुरक्षा खामियों का पता लगाया था। अब इस छात्र का मामला भी चर्चा में है, जहां एक ओर अनधिकृत हैकिंग को लेकर सवाल हैं, वहीं दूसरी ओर उसकी साइबर स्किल्स को सही दिशा देने की संभावना भी दिखाई दे रही है।

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CJP प्रोटेस्ट: PM मोदी पर विवादित पोस्ट पर एक्शन? सोशल मीडिया से हटवा रही पुलिस

दिल्ली में जंतर-मंतर पर छात्रों और अलग-अलग कई संगठनों के पेपर लीक से जुड़े प्रदर्शन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ कई आपत्तिजनक वीडियो बनाए गए थे। दिल्ली पुलिस उन सोशल मीडिया पोस्ट के खिलाफ सख्त कार्रवाई कर रही है। प्रदर्शन में पीएम नरेंद्र मोदी के खिलाफ कथित तौर पर भद्दी और अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल किया गया था। अधिकारियों के अनुसार, दिल्ली पुलिस ने NEET-UG से जुड़े विरोध प्रदर्शनों के बाद सोशल मीडिया पर निगरानी और कड़ी कर दी है।

दिल्ली पुलिस ले रही एक्शन 

पुलिस ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म से कहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ अपमानजनक या आपत्तिजनक टिप्पणी वाले पोस्ट और वीडियो हटाए जाएं। यह कदम जंतर-मंतर पर छात्रों के प्रदर्शन और 20 जुलाई को संसद मार्च के दौरान हुई हिंसा के बाद उठाया गया है। इन घटनाओं के बाद यह मामला राजनीतिक विवाद का विषय भी बन गया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि प्रदर्शन के दौरान और उसके बाद सोशल मीडिया पर प्रधानमंत्री के खिलाफ आपत्तिजनक भाषा वाले पोस्ट की संख्या बढ़ी है। साइबर निगरानी के दौरान मिली जानकारी के आधार पर दिल्ली पुलिस ने कई सोशल मीडिया कंपनियों को नोटिस भेजे हैं। इनमें ऐसे पोस्ट और वीडियो हटाने को कहा गया है, जो कानून के नियमों का उल्लंघन करते हैं।

कई पोस्ट और वीडियो हटाए गए

अधिकारियों ने बताया कि नोटिस जारी होने के बाद कई आपत्तिजनक पोस्ट और वीडियो सोशल मीडिया से हटा दिए गए हैं। हालांकि, पुलिस की निगरानी अभी भी लगातार जारी है। पुलिस के मुताबिक, साइबर और सोशल मीडिया की विशेष टीमें 24 घंटे ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर नजर रख रही हैं। उनका उद्देश्य ऐसे नए पोस्ट और वीडियो की पहचान करना है, जिन पर कानून के तहत कार्रवाई की जा सकती है। दिल्ली पुलिस ने सोशल मीडिया पर निगरानी उस समय और बढ़ा दी, जब 20 जुलाई को हुए संसद मार्च के दौरान सुरक्षा व्यवस्था कड़ी करनी पड़ी थी। उस दिन NEET और CBSE परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों के विरोध में हजारों छात्रों ने जंतर-मंतर से संसद तक मार्च निकालने की कोशिश की थी। इस दौरान प्रदर्शनकारियों और सुरक्षाकर्मियों के बीच झड़प भी हुई थी।

विपक्ष ने सरकार को घेरा

दिल्ली पुलिस के सूत्रों के अनुसार, 20 जुलाई को हुई झड़प में करीब 130 पुलिसकर्मी और 65 प्रदर्शनकारी घायल हुए थे। इस मामले में पुलिस ने हिंसा से जुड़े 15 एफआईआर दर्ज किए हैं। प्रदर्शन के दौरान पुलिस की कार्रवाई अब राजनीतिक मुद्दा बन गई है। कांग्रेस समेत कई विपक्षी दलों ने आरोप लगाया है कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर जरूरत से ज्यादा बल का इस्तेमाल किया गया। विपक्ष लगातार संसद में इस मामले पर चर्चा की मांग कर रहा है।

सोमवार को विपक्षी सांसदों ने लोकसभा में स्थगन प्रस्ताव और राज्यसभा में कामकाज रोककर चर्चा कराने का नोटिस दिया। उन्होंने इस पूरे मामले पर तुरंत बहस कराने और सरकार से जवाब देने की मांग की। इस बीच, जंतर-मंतर और उसके आसपास सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी गई है। पुलिस के मुताबिक, इलाके में करीब 3,000 पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं। आंदोलन तेज होने के बाद से यहां हर दिन हजारों छात्र और उनके समर्थक जुट रहे हैं।