CBSE’s 3-language policy: अंतरिम राहत से सुप्रीम कोर्ट का इनकार, सर्वोच्च अदालत ने पूछा, क्या अंग्रेजी को भारतीय भाषा मान लिया गया है?

CBSE’s 3-language policy: केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने अपने सभी संबद्ध स्कूलों में 6ठी कक्षा से 3 भाषा नीति लागू करने का फैसला किया है। बोर्ड के इस फैसले के खिलाफ देश की सर्वोच्च अदालत में याचिका दायर की गई है। इस पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने अंतरिम राहत देने से इनकार कर दिया। सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को कहा कि यह दोबारा देखने लायक है कि क्या इंग्लिश को देसी भाषा माना जा सकता है।

सुप्रीम कोर्ट ने पॉलिसी पर अंतरिम रोक लगाने से इनकार करते हुए कहा कि यह हिंदी और दूसरी क्षेत्रीय भाषाओं को बढ़ावा देने के संवैधानिक मकसद को आगे बढ़ाने वाला कदम लगता है। मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस वी. मोहन की बेंच नेशनल एजुकेशन पॉलिसी (NEP) के तहत तीन-भाषा पॉलिसी को लागू करने को चुनौती देने वाली पिटीशन के एक बैच पर सुनवाई कर रही थी।

सर्वोच्च न्यायालय ने नहीं दी अंतरिम राहत

सुप्रीम कोर्ट की बेंच ने अंतरिम रोक लगाने से इनकार करते हुए कहा कि डिटेल में सुनवाई के बिना ऐसी राहत पर विचार नहीं किया जा सकता। अब इस मामले की सुनवाई 22 जुलाई को होगी। साथ ही कोर्ट ने केंद्र और सीबीएसई को अपने जवाब फाइल करने का निर्देश दिया। कोर्ट ने अपनी टिप्पणि में कहा कि देसी भाषाओं के नाम और क्या इंग्लिश को उनमें से एक माना जा सकता है? इस सवाल पर फिर से सोचने की जरूरत हो सकती है।

पिटीशनर्स ने प्रैक्टिकल चुनौतियों को उठाया

याचिकाकर्ताओं की ओर से पेश वरिष्ठ वकीलों ने तर्क दिया कि छात्रों को 22 भाषाओं में से चुनाव करने की सुविधा के बावजूद तीन-भाषा पॉलिसी को लागू करने से गंभीर प्रैक्टिकल चुनौतियां आएंगी। उन्होंने कहा कि स्कूलों को इतनी सारी भाषाओं के लिए काबिल टीचर नियुक्त करने और जरूरी आधारभूत संरचना तैयार करने में मुश्किल होगी। उन्होंने यह भी बताया कि एनसीईआरटी ने 1 जुलाई तक सभी 22 भाषाओं के लिए शिक्षा सामग्री अपलोड करने का वादा किया था, लेकिन अभी सिर्फ तीन भाषाओं के लिए टेक्स्टबुक्स उपलब्ध हैं। पिटीशनर्स ने तर्क दिया कि यह निर्देश तब दिया है जब सीबीएसई ने मौजूदा शैक्षिक सत्र से कक्षा 9 के लिए तीन-भाषा फॉर्मूला जरूरी करने वाला अपना पिछला सर्कुलर वापस ले लिया है।

केंद्र ने दिया नेशनल एजुकेशन पॉलिसी का हवाला

केंद्र और सीबीएसई की ओर से पेश हुए अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल ऐश्वर्या भाटी ने कोर्ट को बताया कि सरकार और शिक्षा बोर्ड 10 दिनों के अंदर अपने विस्तृत जवाब दाखिल करेंगे। योजना का बचाव करते हुए, केंद्र ने कहा कि नेशनल एजुकेशन पॉलिसी (NEP) 2020 भारतीय मूल्यों पर आधारित एक शिक्षा व्यवस्था की कल्पना करती है। इसका मकसद देश को एक बराबर और जीवंत नॉलेज सोसाइटी में बदलना है।

CBSE 2nd Board Exam Result Class 10: इस हफ्ते जारी होगा 10वीं कक्षा दूसरी बोर्ड परीक्षा का रिजल्ट? जानें नतीजों में क्यों हो रही है देरी

CBSE 2nd Board Exam Result Class 10: इस हफ्ते जारी होगा 10वीं कक्षा दूसरी बोर्ड परीक्षा का रिजल्ट? जानें नतीजों में क्यों हो रही है देरी

CBSE 2nd Board Exam Result Class 10: सीबीएसई बोर्ड से 10वीं कक्षा की दूसरी बोर्ड परीक्षा दे चुके 6.68 लाख छात्रों के सब्र का बांध अब टूटने लगा है। 15 से 21 मई के बीच हुई दूसरी बोर्ड परीक्षा के बाद से अब 52 दिनों से ऊपर हो चुके हैं और अब तक रिजल्ट का कहीं नामो-निशान नहीं है। छात्र बड़ी बेचैनी से रिजल्ट की राह देख रहे हैं। बोर्ड की ओर से भी रिजल्ट जारी होने की तारीख पर कोई अपडेट नहीं है। हालांकि मीडिया में आ रही खबरों में अब सीबीएसई बोर्ड 10वीं कक्षा दूसरी बोर्ड परीक्षा रिजल्ट आज जारी होने के कयास लगाए जा रहे हैं।

बोर्ड से प्राप्त आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, 10वीं कक्षा के सेकंड एग्जाम के लिए कुल 6,68,854 छात्रों ने पंजीकरण किया था। इसमें से 5,25,655 कैंडिडेट अपने स्कोर सुधारने के लिए शामिल हुए, जबकि 85,285 छात्रों ने कंपार्टमेंट कैटेगरी में रजिस्टर किया। छात्रों के स्टैटिस्टिक्स और सीबीएसई 10वीं कक्षा के दूसरे बोर्ड एग्जाम में उनके प्रदर्शन की पूरी जानकारी रिजल्ट के साथ आने की उम्मीद है।

रिजल्ट में देरी की वजह

सीबीएसई बोर्ड ने 17 फरवरी से 11 मार्च, 2026 के बीच 10वीं कक्षा के मुख्य बोर्ड एग्जाम कराए थे। सीबीएसई 10वीं की पहली परीक्षा के रिजल्ट 15 अप्रैल, 2026 को घोषित किए गए थे। परीक्षार्थियों को अपने परीक्षा स्कोर सुधारने का दूसरा मौका देने के लिए, बोर्ड ने मई 2026 में दूसरा सीबीएसई 10वीं एग्जाम कराया था। एग्जाम 15 से 21 मई, 2026 तक हुए थे। सीबीएसई 10वीं के दूसरे बोर्ड एग्जाम खत्म हुए एक महीने से ज्यादा समय बीत चुका है, अब तक बोर्ड रिजल्ट जारी न होना चिंता खड़ी करता है।

बोर्ड ने 10वीं कक्षा की दूसरी बोर्ड परीक्षा रिजल्ट में इतनी देर होने का कोई ऑफिशियल कारण नहीं बताया है। हालांकि, रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह देरी दो-एग्जाम पॉलिसी के शुरुआती साल की वजह से हो रही है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, बोर्ड ने बेस्ट-ऑफ-टू स्कोर को इवैल्यूएट करने, इकट्ठा करने और कैलकुलेट करने के लिए एक नया एडमिनिस्ट्रेटिव प्रोसेस शुरू किया है। यह ध्यान रखना चाहिए कि क्लास 10 के छात्रों के फाइनल रिजल्ट की घोषणा करते समय दोनों में से सबसे अच्छे स्कोर को ध्यान में रखा जाएगा।

दूसरी बोर्ड परीक्षा में कौन शामिल हो सकता था?

इम्प्रूवमेंट श्रेणी में : जो छात्र पहला एग्जाम पास कर चुके हैं, वे अपने स्कोर सुधारने के लिए साइंस, मैथेमेटिक्स, सोशल साइंस और लैंग्वेज जैसे तीन मुख्य विषयों में दोबारा परीक्षा दे सकते हैं।

कम्पार्टमेंट कैटेगरी में : जो स्टूडेंट्स पहले एग्जाम में कम्पार्टमेंट में थे, वे उसी कैटेगरी में दूसरा एग्जाम दे सकते हैं।

अन्य मामलों में : कोई स्टूडेंट इम्प्रूवमेंट और कम्पार्टमेंट दोनों प्रोविजन में आ सकता है और सीबीएसई की गाइडलाइंस के अनुसार, उसे दोनों ऑप्शन इस्तेमाल करने की इजाजत दी जा सकती है।

एक रिप्लेसमेंट सब्जेक्ट ऑप्शन भी है। जो स्टूडेंट्स पहले ही पास हो चुके हैं, लेकिन किसी खास सब्जेक्ट को बदलना या सुधारना चाहते हैं, वे उस मकसद के लिए दूसरे एग्जाम में बैठ सकते हैं।

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AIIMS Paramedical Result 2026: एम्स के रिजल्ट पोर्टल पर जारी हुआ नतीजों का पीडीएफ, यहां बताए स्टेप्स की मदद से चेक करें अपना रोल नंबर

AIIMS Paramedical Result 2026: नई दिल्ली स्थित ऑल इंडिया इंस्टिट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (AIIMS) ने एम्स पैरामेडिकल रिजल्ट 2026 की घोषणा कर दी है। जिन उम्मीदवारों ने 4 जुलाई, 2026 को हुई बीएससी पैरामेडिकल प्रवेश परीक्षा में हिस्सा लिया था, वे अब ऑफिशियल एग्जामिनेशन पोर्टल पर रिजल्ट देख सकते हैं। रिजल्ट एक पीडीएफ फॉर्मेट में उपलब्ध कराया गया, जिसमें सफल कैंडिडेट्स के नाम शामिल होंगे। जिन उम्मीदवारों का रोल नंबर मेरिट लिस्ट में शामिल है, उन्हें डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन, ऑनलाइन काउंसलिंग और सीट आवंटन प्रक्रिया में शामिल होना होगा। इन चरणों में शामिल होने के लिए इन्हें सभी जरूरी योग्यता मानदंडों को पूरा करना होगा।

एम्स पैरामेडिकल रिजल्ट 2026: स्कोरकार्ड कैसे डाउनलोड करें

  • होमपेज aiimsexams.ac.in पर ‘Results’ सेक्शन पर क्लिक करें।
  • एकेडमिक कोर्स के तहत ‘Explore Now’ पर क्लिक करें।
  • अंडरग्रेजुएट प्रोग्राम्स पर क्लिक करें या यहां दिए गए लिंक -> अंडरग्रेजुएट प्रोग्राम्स पर जाएं।
  • B.Sc.(Allied & Health Care) लिंक ढूंढें और उस पर क्लिक करें या यहां दिए गए लिंक पर जाएं – B.Sc.(Allied & Health Care)
  • ‘View Details’ पर क्लिक करें और फिर ‘Result’ पर क्लिक करें।
  • मेरिट लिस्ट PDF डाउनलोड करें और अपना रोल नंबर देखें।
  • अपना स्कोरकार्ड प्राप्त करने और सुरक्षित करने के लिए अपनी पंजीकरण डिटेल्स का इस्तेमाल करके लॉग इन करें।
  • भविष्य में एडमिशन और काउंसलिंग के लिए एक कॉपी रखें।

कटऑफ मार्क्स और रिजल्ट के बाद के स्टेप्स

जनरल और EWS उम्मीदवारों के लिए क्वालिफाइंग कटऑफ 50%, या कुल 90 में से 45 मार्क्स रहने की संभावना है। OBC-NCL परीक्षार्थियों को कम से कम 45%, या 40.5 अंक लाने की जरूरत होगी, जबकि SC और ST कैंडिडेट्स को 40% का क्वालिफाइंग अंक हासिल करने होंगे, जो 36 अंकों के बराबर है।

मेरिट लिस्ट में शामिल उम्मीदवार एम्स पैरामेडिकल काउंसलिंग प्रोसेस के लिए क्वालिफाई करेंगे। एम्स पाठ्यक्रम में प्रवेश कैंडिडेट की रैंक, कैटेगरी, सीट की उपलब्धता और सफल डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन के आधार पर होगा। एम्स रिजल्ट घोषित होने के बाद काउंसलिंग का समय, चॉइस फिलिंग और सीट आवंटन प्रक्रिया का विस्तृत ब्योरा अलग से जारी करेगा। उम्मीदवारों को सलाह दी जाती है कि वे काउंसलिंग और प्रवेश से जुड़े ताजा अपडेट के लिए आधिकारिक एम्स परीक्षा पोर्टल को लगातार चेक करते रहें।

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Lt Kashish Methwani: मॉडलिंग और ग्लैमर की दुनिया छोड़ कशिश मेथवानी ने चुना देश सेवा का रास्ता, सीडीएस में हासिल की थी एआईआर 2

Lt Kashish Methwani: कुछ लोग इतने प्रतिभावान होते हैं, वो जहां कदम रखते हैं सफलता उनके कदम चूमती है। ऐसा ही एक नाम है लेफ्टिनेंट कशिश मेथवानी का है। मुंबई में जन्मीं और पुणे में पली बढ़ीं कशिश के लिए मॉडलिंग की चकाचौंध भरी दुनिया शिखर पर बैठाने के लिए तैयार थी। लेकिन उनके मन में देश सेवा के सपने ने जन्म ले लिया था। एक मीडिया इंटरव्यू में उन्होंने बताया कि पेजेंट्री हमेशा से उनका पैशन रहा, लेकिन यह उनका लॉन्ग-टर्म करियर कभी नहीं था। उन्होंने बताया कि नेशनल कैडेट कोर में शामिल होना वह टर्निंग पॉइंट था जिसने उनके सपनों को पूरी तरह से बदल दिया।

साल था 2023 का, और मंच मिस इंटरनेशनल इंडिया था। उस पैजेंट में उन्होंने विजेता का ताज अपने सिर पर सजाया। लेकिन कशिश के लिए, मॉडलिंग वो सफर नहीं था, जिस पर चलने के लिए उनके मन में बरसों पहले आस जगी थी। ये बस एक शौक था, जो अब पूरा हो चुका था। अब अगले सफर पर निकलने का समय था। उन्होंने 2024 में कंबाइंड डिफेंस सर्विसेज (CDS) परीक्षा पास करने पर ध्यान देने का फैसला किया, और वहां भी वह विजेता बनीं। उन्हें ऑल इंडिया रैंक 2 मिली।

उन्होंने मॉडलिंग छोड़ने का फैसला किया और यूनिफॉर्म में सेना जॉइन कर ली। चेन्नई में ऑफिसर्स ट्रेनिंग एकेडमी (OTA) में ग्यारह महीने की मुश्किल मिलिट्री ट्रेनिंग लेने के बाद, उन्हें 6 सितंबर को हुई पासिंग आउट परेड में इंडियन आर्मी में लेफ्टिनेंट के तौर पर कमीशन मिला। मेथवानी का यह कदम कई लोगों के लिए एक शॉक जैसा था ।

फाइनेंशियल एक्सप्रेस के हवाले से उन्होंने कहा, “रिपब्लिक डे परेड में मार्च करना और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से बेस्ट कैडेट की ट्रॉफी लेना, इससे मुझे एक मकसद मिला। यह तय था कि आर्मी ही वह जगह है जहां मैं सच में होना चाहती हूं।” आर्मी एयर डिफेंस रेजिमेंट में उनकी पोस्टिंग बहुत अहम है क्योंकि यह रेजिमेंट भारत के ऑपरेशन सिंदूर में अहम काम कर रही थी।

लेफ्टिनेंट कशिश मेथवानी कौन हैं?

9 जनवरी 2001 को मुंबई के पास उल्हासनगर में जन्मी मेथवानी एक सिंधी परिवार से हैं। बाद में वह पुणे के वाकड में बस गईं, जहा उन्होंने अपनी पढ़ाई जारी रखी और साथ ही कई एक्स्ट्रा करिकुलर इंटरेस्ट भी किए। उन्होंने सावित्रीबाई फुले पुणे यूनिवर्सिटी से बायोटेक्नोलॉजी में मास्टर डिग्री पूरी की और फिर इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ साइंस, बेंगलुरु से न्यूरोसाइंस थीसिस की। उन्हें हार्वर्ड यूनिवर्सिटी से पीएचडी करने का भी ऑफर मिला, जो उनके शानदार एकेडमिक रिकॉर्ड को और दिखाता है।

परिवार का रोल काफी अहम रहा

लेफ्टिनेंट कशिश के पिता, डॉ. गुरमुख दास, डायरेक्टरेट जनरल ऑफ क्वालिटी एश्योरेंस में सीनियर पोस्ट संभालने से पहले एक साइंटिस्ट के तौर पर काम करते थे। उनकी मां आर्मी पब्लिक स्कूल, घोरपडी में टीचर थीं। मेथवानी की भरतनाट्यम, डिबेट, एकेडमिक्स, बास्केटबॉल और नेशनल लेवल पिस्टल शूटिंग जैसी अलग-अलग चीजों में दिलचस्पी रही है। सेना में शामिल होने से पहले, मेथवानी ने समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी समझते हुए डेडिकेशन क्रिटिकल कॉज नाम का एक एनजीओ भी शुरू किया था। इसका मकसद लोगों को अपना खून, प्लाज्मा और ऑर्गन डोनेट करने के लिए प्रोत्साहित करना था।

CBSE Free online Courses 2026: 8वीं और 12वीं के छात्रों को सीबीएसई ने दिया फ्री कोर्स का तोहफा, ऑनलाइन सीख सकेंगे एआई और पाइथन

CBSE Free online Courses 2026: 8वीं और 12वीं के छात्रों को सीबीएसई ने दिया फ्री कोर्स का तोहफा, ऑनलाइन सीख सकेंगे एआई और पाइथन

CBSE Free online Courses 2026: केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने 8वीं से 12वीं कक्षा तक के छात्रों के लिए डिजिटल शिक्षा के क्षेत्र में नई पहल की गई है। बोर्ड ने राष्ट्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान (NIELIT) के साथ मिलकर 19 फ्री ऑनलाइन कोर्स शुरू किए हैं।

इन कोर्स में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), पायथन प्रोग्रामिंग, इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT), साइबर सिक्योरिटी, जेनरेटिव AI, AWS DevSecOps, एडिटिव मैन्युफैक्चरिंग और VLSI डिजाइन जैसे हाई-डिमांड सब्जेक्ट्स की एक बड़ी रेंज शामिल है। कई कार्यक्रम इंग्लिश और हिंदी दोनों में उपलब्ध हैं, जिससे पढ़ाई की सामग्री ज्यादा छात्रों तक आसानी से पहुंच पाते हैं। बोर्ड के अनुसार, कोर्स का समय अलग-अलग होगा। कुछ शुरुआती मॉड्यूल लगभग 90 मिनट में पूरे किए जा सकते हैं, जबकि एडवांस्ड प्रोग्राम 100 घंटे से ज्यादा लंबे होते हैं, जिससे छात्र अपनी पसंद, सीखने के लक्ष्यों और उपलब्ध समय के आधार पर कोर्स चुन सकते हैं।

यह पहल छात्रों को बिना किसी खर्च के एडवांस्ड टेक्नोलॉजी कोर्स कराएगी, जिससे वे किसी भी जगह से अपनी स्पीड से ऑनलाइन पढ़ाई कर सकते हैं। सीबीएसई ने अपने सभी संबद्ध स्कूलों को भी इस कार्यक्रम और ज्यादा से ज्यादा छात्रों की भागीदारी को बढ़ावा देने का निर्देश दिया है। छात्र बिना किसी रजिस्ट्रेशन या कोर्स फीस के सीधे एनआईईएलआईटी डिजिटल यूनिवर्सिटी पोर्टल के जरिए इन पाठ्यक्रमों के लिए रजिस्टर कर सकते हैं। लचीले ऑनलाइन फॉर्मेट की मदद से छात्र अपने स्कूल की नियमित पढ़ाई के साथ-साथ कोर्स भी पूरा कर सकते हैं।

बोर्ड की यह पहल उसके डिजिटल लिटरेसी, कोडिंग और नई टेक्नोलॉजी को स्कूली शिक्षा में शामिल करने पर बढ़ते फोकस को दिखाती है। शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि इंडस्ट्री से जुड़ी टेक्नोलॉजी से जल्दी परिचित होने से छात्रों को प्रैक्टिकल प्रॉब्लम-सॉल्विंग एबिलिटी, कम्प्यूटेशनल थिंकिंग और इनोवेशन स्किल डेवलप करने में मदद मिल सकती है, साथ ही हायर एजुकेशन और इंजीनियरिंग, कंप्यूटर साइंस, डेटा एनालिटिक्स और दूसरे डिजिटल डोमेन में करियर के लिए उनकी तैयारी भी मजबूत हो सकती है।

इन फ्री ऑनलाइन कोर्स को शुरू करके, सीबीएसई ने स्कूली शिक्षा को डिजिटल इकॉनमी और भारत के बढ़ते टेक्नोलॉजी इकोसिस्टम की स्किल जरूरतों के साथ जोड़ने की दिशा में एक और कदम उठाया है।

CBSE 12th re-evaluation results: कर्नाटक के छात्र के री-इवैल्युएशन में बढ़े इतने नंबर कि सीईटी रैंक में 1.4 लाख से ज्यादा का हुआ सुधार, कई छात्रों को मिला गजब का फायदा

CBSE re-evaluation 2026: जिस विषय का नहीं कराया री-इवैल्युएशन उसमें घटा दिए नंबर और ‘रिपीट थ्योरी’ कर दिया स्टेटस, फरीदाबाद के दो छात्रों ने लगाया आरोप

CBSE re-evaluation 2026: सीबीएसई बोर्ड से शैक्षिक सत्र 2026-27 में 12वीं कक्षा की परीक्षा देने वाले छात्रों की मुश्किलें कम होने का नाम ही नहीं ले रही हैं। बोर्ड परीक्षा परिणाम के बाद से उठा बवाल अभी तक थमता नहीं दिख रहा है। सीबीएसई बोर्ड के सिर्फ रिजल्ट ने ही छात्रों को परेशान नहीं किया है, बल्कि री-इवैल्युएशन प्रक्रिया ने भी छात्रों के छक्के छुड़ा दिए हैं। अब फरीदाबाद के एक स्कूल के 12वीं कक्षा के दो छात्रों ने आरोप लगाया है कि जिन विषयों के लिए उन्होंने कभी अप्लाई नहीं किया था, उनके री-इवैल्यूएशन में उनके अंक कम कर दिए गए, जबकि जिन पेपर्स के लिए उन्होंने रिव्यू के लिए रिक्वेस्ट की थी, उनके स्कोर बढ़ गए।

इस खबर ने केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) की री-इवैल्यूएशन प्रक्रिया पर नए सवाल खड़े कर दिए हैं। साथ ही, बोर्ड ऑन स्क्रीन मार्किंग (OSM) व्यवस्था को लेकर छात्रों और अभिभावकों की चिंताओं को भी एक बार फिर पुख्ता कर दिया है। बता दें, इन दोनों मामलों का खुलासा द टाइम्स ऑफ इंडिया (TOI) ने किया है। रिपोर्ट के मुताबिक, अचानक हुए बदलावों ने दोनों छात्रों के फाइनल रिजल्ट स्टेटस को ‘पास’ से बदलकर ‘रिपीट इन थ्योरी’ (RT) कर दिया, जिससे उनकी आगे की योजनाओं पर संकट खड़ा हो गया है। खासतौर, से तब जब कि यूनिवर्सिटी लगातार अपने एडमिशन विंडो बंद कर रही हैं।

री-इवैल्यूएशन के बाद दो विषयों में नंबर बढ़े, एक में घट गया 

पहले मामले में, एक छात्रा ने 12वीं कक्षा के रिजल्ट आने के बाद केमिस्ट्री और होम साइंस के लिए री-इवैल्यूएशन की मांग की थी। पुनर्मूल्यांकन के बाद केमिस्ट्री में अंक बढ़कर 42 से 52 और होम साइंस में 70 से 79 हो गए। लेकिन, रिवाइज़्ड मार्कशीट में कथित तौर पर छात्र का ओवरऑल रिजल्ट RT हो गया। इसमें उसका मैथ्स में स्कोर 46 से घटकर 40 हो गया था, जबकि उस सब्जेक्ट के लिए कोई रिव्यू रिक्वेस्ट नहीं की गई थी।

ऐसा ही मामला, दूसरे छात्र के साथ भी हुआ। इस छात्र ने सिर्फ फिजिक्स और कंप्यूटर साइंस में री-इवैल्यूएशन का आवेदन करने के बाद, दोनों विषयों में मार्क्स बढ़ गए। फिर भी, रिवाइज्ड मार्कशीट में कथित तौर पर केमिस्ट्री के मार्क्स 52 से घटकर 43 दिखाए गए, वह भी उस पेपर में जो री-इवैल्यूएशन के लिए सबमिट नहीं किया गया था।

स्कूल, परिवार मांग रहे जवाब

दोनों छात्र डीएवी पब्लिक स्कूल, फरीदाबाद के हैं। उनके परिवारों ने सीबीएसई रीजनल ऑफिस में जाकर कहा है कि री-इवैल्यूएशन रिक्वेस्ट के अलावा दूसरे विषयों के नंबरों में बदलाव नहीं किया जाना चाहिए था। उनका कहना है कि अचानक हुए बदलावों से हायर एजुकेशन में प्रवेश खतरे में पड़ गया है। इससे छात्रों का साल बर्बाद हो सकता है। स्कूल ने भी सीबीएसई के परीक्षा नियंत्रक को लिखा है, जिसमें मामले की तुरंत समीक्षा करने की अपील की गई है।

बोर्ड ने मामले को ‘पॉलिसी मैटर’

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, स्कूल प्रिंसिपल ने कहा कि अधिकारियों ने इनफॉर्मल तौर पर इस मामले को “पॉलिसी मैटर” बताया था। उन्होंने दावा किया था कि पहले दिए गए ग्रेस मार्क्स वापस ले लिए गए थे। हालांकि, प्रिंसिपल ने कहा कि स्कूल को ऐसी किसी पॉलिसी के बारे में पता नहीं था और बोर्ड ने कोई फॉर्मल नोटिफिकेशन जारी नहीं किया था।

कोई पॉलिसी नहीं, कोई जवाब नहीं?

इस विवाद ने इस बात पर भी ध्यान खींचा है कि क्या CBSE के पास कोई औपचारिक नियम है जिससे री-इवैल्यूएशन के लिए नहीं चुने गए विषयों के नंबर कम किए जा सकें या पहले दिए गए ग्रेस मार्क्स वापस लिए जा सकें।

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CBSE Class 10 Result 2026 Second Board: दूसरी बोर्ड परीक्षा रिजल्ट में देरी ने बढ़ाई छात्रों की टेंशन, जानें नतीजों पर क्या है ताजा अपडेट

CBSE Class 10 Result 2026 Second Board: केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा परिषद (CBSE) से शैक्षिक सत्र 2025-26 में 10वीं कक्षा की परीक्षा दे चुके छात्रों की चिंता अब बढ़ने लगी है। बोर्ड ने इस शैक्षिक सत्र से 10वीं कक्षा में दो बोर्ड परीक्षा व्यवस्था की शुरुआत की थी। मुख्य परीक्षा और दूसरी बोर्ड परीक्षा दोनों अपने निर्धारित समय से संपन्न हो चुकी हैं। लेकिन दूसरी बोर्ड परीक्षा के रिजल्ट का अभी तक कोई पता नहीं है। रिजल्ट में देरी की वजह से ये छात्र 11वीं कक्षा में प्रवेश नहीं ले पा रहे हैं।

बोर्ड की ओर से रिजल्ट जारी करने की तारीख पर कोई अपडेट नहीं है। मीडिया में आ रही खबरों के मुताबिक, 10वीं कक्षा दूसरी बोर्ड परीक्षा की कॉपियों का मूल्यांकन 31 मई तक पूरा किया जा चुका है। इस परीक्षा में कुल 6.68 लाख छात्रों ने हिस्सा लिया था। दूसरी बोर्ड परीक्षा में शामिल छात्रों ने अपने जिस विषय में नंबर बेहतर पाने के लिए दोबारा परीक्षा दी थी, अब रिजलट में देरी की वजह से वे 11वीं कक्षा में अपने लिए सही विषयों का चुनाव नहीं कर पा रहे हैं।

परीक्षार्थी सीबीएसई बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट पर रिजल्ट के अपडेट के लिए लगाता नजर रख रहे हैं। लेकिन बोर्ड ने न तो अभी तक रिजल्ट घोषित करने की आधिकारिक तारीख बताई है और परिणाम का लिंक एक्टिवेट किया है। सोशल मीडिया पर सीबीएसई बोर्ड 10वीं कक्षा दूसरी बोर्ड परीक्षा से जुड़ी कुछ पोस्ट में कहा जा रहा है कि बोर्ड का पूरा फोकस इस समय 12वीं कक्षा के रिजल्ट पर है। इसलिए 10वीं कक्षा के दूसरी बोर्ड परीक्षा के रिजल्ट को नजरअंदाज किया जा रहा है।

दूसरी बोर्ड परीक्षा में शामिल सभी छात्रों को अपने स्कोरकार्ड डाउनलोड करने के लिए अपना बोर्ड रोल नंबर, रजिस्ट्रेशन नंबर और जन्मतिथि तैयार रखनी चाहिए। बोर्ड का रिजल्ट सीबीएसई की आधिकारिक वेबसाइट के अलावा एसएमएस सेवा के जरिए, उमंग एप और डिजिलॉकर एप के जरिए प्राप्त किया जा सकता है।

ऑफिशियल वेबसाइट से अपना स्कोर चेक करने के पांच आसान स्टेप्स

सीबीएसई बोर्ड के रिजल्ट लिंक एक्टिवेट करने के बाद स्टूडेंट्स अपना प्रोविजनल रिजल्ट ऑनलाइन देख सकते हैं।

  • बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट cbse.gov.in, cbseresults.nic.in या result.cbse.nic.in पर जाएं।
  • 10वीं कक्षा सेकंड बोर्ड या फेज 2 रिजल्ट लिंक खोलें।
  • अपना बोर्ड रोल नंबर, रजिस्ट्रेशन नंबर और जन्मतिथि डालें।
  • जरूरी जानकारी सबमिट करें।
  • प्रोविजनल स्कोरकार्ड डाउनलोड करें और भविष्य के लिए एक प्रिंटेड या डिजिटल कॉपी रखें।

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CBSE Class 9 R3 evaluation: तीसरी भाषा का मूल्यांकन सिर्फ लिखने-पढ़ने पर नहीं बोलने और सुनने के आधार पर होगा, जानें कैसे मिलेंगे नंबर

CBSE Class 9 R3 evaluation: सीबीएसई बोर्ड ने कक्षा 9 में पढ़ रहे छात्रों के लिए यह बड़ा और अहम अपडेट है। बोर्ड ने शैक्षिक सत्र 2026-27 से 9वीं कक्षा में नई शिक्षा नीति (NEP) 2020 के तहत 3 भाषा नियम लागू किया है। सीबीएसई ने शैक्षणिक सत्र 2026-27 से कक्षा नौ की तीसरी भाषा (आर-3) के लिए नया असेसमेंट फ्रेमवर्क लागू कर दिया है। बोर्ड ने मूल्यांकन के नियम तय किए हैं, जिसके तहत तीसरी भाषा में लिखने-पढ़ने की बजाय बोलने और सुनने में सर्वाधिक अंक मिलेंगे।

बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि 9वीं कक्षा में तीसरी भाषा की पूरी मूल्यांकन प्रक्रिया स्कूल स्तर पर ही की जाएगी। इसके तहत विभिन्न स्तर पर छात्रों का मूल्यांकन पूरे साल किया जाएगा। सीबीएसई के अनुसार यह पाठ्यक्रम एनसीईआरटी ने विकसित किया है। इसका उद्देश्य छात्रों में भाषा को पहले सुनकर समझने और बोलने का आत्मविश्वास विकसित करना है, ताकि वे स्वाभाविक रूप से भाषा का प्रयोग कर सकें। सीबीएसई ने बताया है कि आर3 भाषा के लर्निंग रिसोर्स एनसीईआरटी की वेबसाइट पर उपलब्ध करा दिए गए हैं और सभी संबद्ध स्कूलों से इन्हें कक्षा शिक्षण में शामिल करने को कहा गया है।

R3 मूल्यांकन के लिए बोर्ड ने अपनाई ‘ओरल फर्स्ट पेडागोजी’

बोर्ड ने 9वीं कक्षा में R3 के मूल्यांकन के लिए ‘ओरल-फर्स्ट पेडागोजी’ (मौखिक-प्रथम शिक्षण पद्धति) को अपनाया है। इसके 100 अंकों का स्कूल-आधारित मूल्यांकन किया जाएगा। 9वीं कक्षा के छात्रों को आंतरिक मूल्यांकन में सर्वाधिक 40 अंक सुनने और बोलने के कौशल के लिए जाएंगे। वहीं, तीसरी भाषा पढ़ने के कौशल के लिए 20 अंक रखे गए हैं। जबकि, रचनात्मक लेखन के लिए 15 अंक, पाठ्यपुस्तक आधारित लेखन के लिए 10 और प्रोजेक्ट वर्क के लिए 15 अंक तय किए गए हैं।

पूरे साल चलेगा सुनने और बोलने का मूल्यांकन

सीबीएसई बोर्ड की R3 के लिए बनाई गई नई व्यवस्था के तहत परीक्षार्थियों का सुनने और बोलने का मूल्यांकन पूरे शैक्षणिक सत्र के दौरान विभिन्न कक्षा गतिविधियों के माध्यम से किया जाएगा। शिक्षकों को निर्धारित सूची में से किसी भी आठ गतिविधियों का मूल्यांकन करना होगा और प्रत्येक गतिविधि के लिए पांच अंक निर्धारित होंगे। इन गतिविधियों में सुनकर प्रश्नों के उत्तर देना, चित्र या घटना का वर्णन करना, समूह चर्चा, स्वयं एवं परिवार का परिचय देना, रोल प्ले, वाद-विवाद, दैनिक जीवन से जुड़े संवाद और अन्य मौखिक गतिविधियां शामिल हैं। यह मूल्यांकन 40 अंकों का होगा। बोर्ड ने स्कूलों को छात्रों की रुचि के अनुसार गतिविधियों का चयन करने के लिए भी प्रोत्साहित किया है।

R3 पढ़ने और लिखने के लिए 20 नंबर तय

बोर्ड ने R3 के पठन कौशल यानी रीडिंग स्किल के लिए 20 अंक निर्धारित किए हैं। इसमें अध्ययन सामग्री से लगभग 100-100 शब्दों के दो पठित गद्यांश दिए जाएंगे, जिन पर आधारित बहुविकल्पीय प्रश्न, सही-गलत, रिक्त स्थान पूर्ति और अति लघु उत्तरीय प्रश्न पूछे जाएंगे। वहीं, 15 अंक के रचनात्मक लेखन (क्रिएटिव राइटिंग) में 30-40 शब्दों का अनौपचारिक निमंत्रण या संदेश, चित्र वर्णन, 100 शब्दों तक की सरल कहानी और दैनिक जीवन की परिस्थितियों पर आधारित संवाद लेखन शामिल होगा। इसके अतिरिक्त पाठ्य सामग्री पर आधारित लेखन कौशल के लिए 10 अंक तय हैं, जिनमें लघु एवं दीर्घ उत्तरीय प्रश्न पूछे जाएंगे।

R3 पर प्रोजेक्ट के लिए 15 नंबर और 5 नंकर का वाइवा

बोर्ड ने R3 के मूल्यांकन में 15 अंकों का प्रोजेक्ट वर्क भी अनिवार्य किया है। इसके लिए स्थानीय रीति-रिवाज, त्योहार, लोक कला, तकनीकी नवाचार, स्थानीय साहित्यकार या क्षेत्रीय संस्कृति जैसे विषय सुझाए गए हैं। बोर्ड ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि प्रोजेक्ट का मूल्यांकन उसकी सजावट के आधार पर नहीं, बल्कि छात्र की मौलिकता, शोध, समझ और विषयवस्तु की गुणवत्ता के आधार पर किया जाएगा। प्रोजेक्ट के साथ पांच अंकों का मौखिक परीक्षण (वाइवा) भी होगा।

NEET UG Result 2026: 20 जुलाई को जारी होगा नीट यूजी रिजल्ट? जानें एनटीए अधिकारी ने क्या दिया अपडेट

NEET PG 2026 Registration: 21 जुलाई तक कर सकते हैं नीट पीजी के लिए आवेदन, 30 अगस्त को एनबीईएमएस पूरे देश में कराएगा परीक्षा

NEET PG 2026 Registration: नेशनल एलिजिबिलिटी कम एंट्रेंस टेस्ट (NEET) के स्नातकोत्तर (PG) पाठ्यक्रम में प्रवेश की इच्छा रखने वाले तमाम मेडिकल पेशेवरों के लिए बड़ा और जरूरी अपडेट है। नेशनल बोर्ड ऑफ एग्जामिनेशन इन मेडिकल साइंसेज (NBEMS) ने नीट पीजी 2026 के लिए ऑनलाइन पंजीकरण प्रक्रिया शुरू कर दी है। इच्छुक और योग्य उम्मीदवार अब आधिकारिक एनबीईएमएस वेबसाइट https://natboard.edu.in/ के जरिए अपने आवेदन फॉर्म जमा कर सकते हैं।

एनबीईएमएस ने आधिकारिक वेबसाइट पर परीक्षा की तारीख सहित पूरी प्रक्रिया का शेड्यूल अपने पोर्टल पर जारी कर दिया है। ऑफिशियल नोटिफिकेशन के मुताबिक, नीट पीजी 2026 परीक्षा 30 अगस्त, 2026 को देश भर के परीक्षा केंद्रों पर कंप्यूटर-बेस्ड मोड में होगा। एप्लीकेशन विंडो 1 जुलाई, 2026 को शाम 5:00 बजे से 21 जुलाई, 2026 को रात 11:55 बजे तक खुली रहेगी। आवेदकों को सलाह दी जाती है कि आवेदन फॉर्म भरने से पहले इन्फॉर्मेशन बुलेटिन को ध्यान से पढ़ें और रजिस्ट्रेशन प्रोसेस पूरा करने के लिए आखिरी तारीख तक इंतजार न करें।

नीट पीजी 2026: जरूरी तारीखों पर एक नजर

  • इन्फॉर्मेशन बुलेटिन 1 जुलाई, 2026 (शाम 4:00 बजे से) उपलब्ध होगा
  • ऑनलाइन एप्लीकेशन 1 जुलाई, 2026 (शाम 5:00 बजे से) से शुरू होगा
  • अप्लाई करने की आखिरी तारीख 21 जुलाई, 2026 (रात 11:55 बजे)
  • परीक्षा शहर की जानकारी 11 अगस्त, 2026
  • नीट पीजी 2026 परीक्षा 30 अगस्त, 2026
  • रिजल्ट की घोषणा 30 सितंबर, 2026 तक

एनबीईएमएस ने आवेदकों को दिया जरूरी निर्देश

कैंडिडेट्स को आवेदन करने से पहले इन्फॉर्मेशन बुलेटिन को ध्यान से पढ़ना चाहिए। टेस्ट सिटी का अलॉटमेंट पहले आओ, पहले पाओ के आधार पर नहीं किया जाएगा। एप्लीकेशन जल्दी जमा करने से पसंदीदा टेस्ट सिटी या सेंटर मिलने की संभावना नहीं बढ़ेगी। एप्लिकेंट को एप्लीकेशन फॉर्म भरते समय तीन पसंदीदा टेस्ट स्टेट चुनने होंगे। पहला पसंदीदा टेस्ट स्टेट वही होना चाहिए जो एप्लीकेशन फॉर्म में बताया गया कॉरेस्पोंडेंस स्टेट हो। बाकी दो पसंदीदा टेस्ट स्टेट पड़ोसी स्टेट होने चाहिए।

सभी उम्मीदवारों को पत्राचार पते (correspondence address) के साथ मान्य एड्रेस प्रूफ देना होगा। आवेदन फॉर्म जमा करने के बाद, एडिट विंडो के दौरान भी कॉरेस्पोंडेंस एड्रेस और पसंदीदा टेस्ट स्टेट नहीं बदले जा सकते। आवेदकों को पिछले तीन महीनों में ली गई एक नई फोटो, अपने सिग्नेचर और बताई गई गाइडलाइन के अनुसार दूसरी जरूरी तस्वीरें अपलोड करनी होंगी। अस्पष्ट, सुधारी गई या गलत तस्वीर वाले आवेदन नामंजूर किए जा सकते हैं। ऐसी स्थिति में एडमिट कार्ड जारी नहीं किया जाएगा। एनबीईएमएस उम्मीदवारों की पसंद के आधार पर टेस्ट सिटी देने की कोशिश करेगा, लेकिन प्रशासनिक, सुरक्षा, लॉजिस्टिक या तकनीकी कारणों से भारत में कहीं भी परीक्षा केंद्र देने का अधिकार उसके पास है।

नीट पीजी 2026 के लिए अप्लाई कैसे करें

  • ऑफिशियल NBEMS वेबसाइट पर जाएं।
  • नीट पीजी 2026 रजिस्ट्रेशन लिंक खोलें।
  • जरूरी डिटेल्स का इस्तेमाल करके रजिस्टर करें।
  • लॉग इन करें और एप्लीकेशन फॉर्म भरें।
  • बताए गए फॉर्मेट में जरूरी डॉक्यूमेंट्स अपलोड करें।
  • मौजूद ऑनलाइन पेमेंट ऑप्शन से एप्लीकेशन फीस भरें।
  • डिटेल्स ध्यान से देखें और फॉर्म सबमिट करें।
  • आगे के लिए कन्फर्मेशन पेज डाउनलोड करके सेव कर लें।

नीट पीजी आवेदन शुल्क

  • सामान्य, ओबीसी (OBC) और ईडब्ल्यूएस (EWS) कैटेगरी : 3,500 रुपये
  • एससी (SC), एसटी (ST) और पीडब्ल्यूबीडी (PwBD) कैटेगरी : 2,500 रुपये

आधार-बेस्ड ऑथेंटिकेशन

एनबीईएमएस ने इस बार नीट पीजी परीक्षा में आधार-बेस्ड ऑथेंटिकेशन और वेरीफिकेशन भी शामिल किया है। उम्मीदवारों को सलाह दी जाती है वे एप्लीकेशन फॉर्म में जहां भी जरूरी हो अपना आधार नंबर ध्यान से भरें और टेस्ट सेंटर पर रिपोर्ट करने से पहले पक्का कर लें कि उनका आधार अनलॉक है।

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UP TET Admit Card 2026 Out: 2 से 4 जुलाई के बीच होनी है परीक्षा, आज जारी हुआ यूपीटीईटी एडमिट कार्ड

UP TET Admit Card 2026 Out: उत्तर प्रदेश में शिक्षक बनने के लिए तैयारी कर रहे लाखों युवाओं के लिए अहम खबर है। राज्य में शिक्षक पात्रता परीक्षा (UP TET) 2 से 4 जुलाई के बीच विभिन्न परीक्षा केंद्रों पर आयोजित की जाएगी। इसके लिए उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग (UPESSC) ने आज एडमिट कार्ड जारी कर दिया है। आयोग ने प्रवेश पत्र आधिकारिक वेबसाइट upessc.up.gov.in पर जारी किया है। उम्मीदवार अपने रजिस्ट्रेशन नंबर या मोबाइल नंबर की मदद से एडमिट कार्ड डाउनलोड कर सकते हैं। इस परीक्षा के लिए पंजीकरण कराने वाले उम्मीदवारों को सलाह दी जाती है कि वे एडमिट कार्ड पहले ही डाउनलोड कर लें। आखिरी समय में किसी भी दिक्कत से बचने के लिए उस पर दी गई सभी डिटेल्स को ध्यान से चेक कर लें।

एडमिट कार्ड परीक्षा में बैठने के लिए एक जरूरी डॉक्यूमेंट है। उम्मीदवार अपने रजिस्ट्रेशन नंबर या मोबाइल नंबर की मदद से एडमिट कार्ड डाउनलोड कर सकते हैं। इसके साथ नाम या पिता का नाम, जन्म तिथि और सिक्योरिटी कोड दर्ज करना होगा। अगर किसी उम्मीदवार ने पेपर-1 और पेपर-2 दोनों के लिए आवेदन किया है तो उसे दोनों परीक्षाओं के लिए अलग-अलग एडमिट कार्ड डाउनलोड करने होंगे। आयोग पहले ही परीक्षा शहर पर्ची जारी कर चुका है।

यूपी टीईटी एडमिट कार्ड 2026 कैसे डाउनलोड करें?

  • यूपीईएसएससी की आधिकारिक वेबसाइट upessc.up.gov.in पर जाएं।
  • होमपेज पर मौजूद यूपीटीईटी 2026 एडमिट कार्ड लिंक पर क्लिक करें।
  • अपना एप्लीकेशन नंबर और अपने रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर भेजा गया ओटीपी डालें।
  • अपना हॉल टिकट प्राप्त करने के लिए डिटेल्स सबमिट करें।
  • सारी जानकारी ध्यान से चेक करें।
  • एडमिट कार्ड डाउनलोड करें और एग्जाम के दिन के लिए एक क्लियर प्रिंटआउट ले लें।

यूपीटीईटी एडमिट कार्ड 2026 में ये जानकारियां जरूर देखें

यूपीटीईटी एडमिट कार्ड 2026 डाउनलोड करने के बाद, कैंडिडेट्स को यह पक्का कर लेना चाहिए कि नीचे दी गई डिटेल्स सही हैं:

  • कैंडिडेट का नाम और फोटो
  • रोल नंबर
  • परीक्षा की तारीख और शिफ्ट
  • रिपोर्टिंग टाइम
  • एग्जाम सेंटर का पता

एग्जाम के दिन के जरूरी निर्देश

अगर कोई जानकारी गलत है, तो परीक्षार्थी को परीक्षा से पहले तुरंत ऑफिशियल पोर्टल के जरिए यूपीईएसएससी से संपर्क करना चाहिए।

यूपीटीईटी 2026 2, 3 और 4 जुलाई को आयोजित की जाएगी। कक्षा 6 से 8 तक के लिए होने वाला पेपर-2, 2 जुलाई को दो शिफ्टों में आयोजित होगा। पहली शिफ्ट सुबह 9:30 बजे से दोपहर 12:00 बजे तक चलेगी जबकि दूसरी शिफ्ट दोपहर 2:30 बजे से शाम 5:00 बजे तक होगी। इसी पेपर की एक और परीक्षा 3 जुलाई को सुबह की शिफ्ट में आयोजित की जाएगी। वहीं कक्षा 1 से 5 तक के लिए होने वाला पेपर-1, 3 जुलाई को दोपहर की शिफ्ट और 4 जुलाई को सुबह की शिफ्ट में कराया जाएगा।

परीक्षा हिंदी और अंग्रजी भाषा में ऑफलाइन पेन-एंड-पेपर (OMR) मोड में होगी। यूपीटीईटी में सफल उम्मीदवारों को राज्य में आगे होने वाली शिक्षक भर्ती के लिए योग्य माना जाएगा। उनका यह यूपीटीईटी सफलता सर्टिफिकेट जिंदगी भर के लिए वैलिड रहता है।

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