BLS Polymers IPO: 27 अक्टूबर से खुलेगा ₹255 करोड़ का इश्यू, GMP दे रहा तगड़े मुनाफे का संकेत

BLS Polymers IPO: बीएलएस पॉलिमर्स का ₹255 करोड़ का IPO 27 अक्टूबर को सब्सक्रिप्शन के लिए खुलेगा। इसका प्राइस बैंड ₹142 से ₹150 प्रति शेयर तय किया गया है। इस हिसाब से कंपनी की वैल्यू करीब ₹930.5 करोड़ होगी। IPO में 1.7 करोड़ नए शेयर जारी किए जाएंगे। इश्यू 29 अक्टूबर को बंद होगा, जबकि एंकर निवेशक 26 अक्टूबर को बोली लगा सकेंगे।

शेयरों का अलॉटमेंट 30 अक्टूबर तक फाइनल होने की उम्मीद है। वहीं, स्टॉक एक्सचेंजों पर लिस्टिंग 3 नवंबर को हो सकती है। कंपनी को दिसंबर 2025 में SEBI से IPO की मंजूरी मिली थी।

BLS Polymers IPO का GMP

ग्रे मार्केट में BLS पॉलिमर्स के आईपीओ को तगड़ा रिस्पॉन्स मिल रहा है। इसका लेटेस्ट GMP ₹30 है। यह अपर प्राइस बैंड से 20% लिस्टिंग गेन का संकेत दे रहा है। हालांकि, GMP सिर्फ आईपीओ की डिमांड का अंदाजा भर होता है। इसे लिस्टिंग प्राइस की गारंटी नहीं समझना चाहिए।

IPO से जुटाए पैसे कहां खर्च होंगे?

BLS पॉलिमर्स IPO से मिलने वाली रकम में से ₹77.56 करोड़ गोवा स्थित अपनी मैन्युफैक्चरिंग यूनिट के विस्तार पर खर्च करेगी। इसके अलावा, ₹89.5 करोड़ वर्किंग कैपिटल की जरूरतों के लिए रखे जाएंगे। बाकी रकम का इस्तेमाल सामान्य कॉरपोरेट जरूरतों में होगा।

क्या करती है कंपनी?

नई दिल्ली स्थित BLS Polymers खास तरह के पॉलिमर कंपाउंड बनाती है। इनका इस्तेमाल बिजली, टेलीकॉम, रेलवे, पानी और तेल-गैस से जुड़े उद्योगों में होता है। कंपनी के प्रोडक्ट तारों, केबलों और पाइपलाइनों को सुरक्षा देने में काम आते हैं।

मुनाफा 27.8% बढ़ा

FY26 में कंपनी का नेट प्रॉफिट 27.8% बढ़कर ₹27 करोड़ हो गया, जो FY25 में ₹21.1 करोड़ था। इस दौरान रेवेन्यू भी 6.4% बढ़कर ₹349.4 करोड़ पहुंच गई। जून 2026 तिमाही में कंपनी ने ₹107.02 करोड़ की रेवेन्यू पर ₹10.2 करोड़ का मुनाफा दर्ज किया।

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Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Jio Platforms IPO: एंकर निवेशकों से जुटाए ₹8110 करोड़, 30 गुना से ज्यादा सब्सक्रिप्शन; कैपिटल ग्रुप और LIC रहे टॉप इनवेस्टर

जियो प्लेटफॉर्म्स लिमिटेड का 30,213 करोड़ रुपये का IPO 21 अक्टूबर को खुलने वाला है। इससे पहले एंकर बुक में कंपनी ने 212 एंकर निवेशकों से 8,109.85 करोड़ रुपये जुटाए। इस ऑफर के लिए संस्थागत निवेशकों की मांग 2.5 लाख करोड़ रुपये से अधिक रही, जो एंकर बुक में उपलब्ध शेयरों की कुल कीमत से 30 गुना से भी ज्यादा है। कंपनी ने एंकर निवेशकों को प्राइस बैंड के ऊपरी स्तर पर 7.24 करोड़ इक्विटी शेयर अलॉट किए। कैपिटल ग्रुप को 725 करोड़ रुपये के शेयर अलॉट हुए। दूसरे नंबर पर लाइफ इंश्योरेंस कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (LIC) रही, जिसे 499.98 करोड़ रुपये के शेयर अलॉट हुए।

एंकर बुक में ब्लैकरॉक, कैपिटल ग्रुप, फिडेलिटी इनवेस्टमेंट्स, टी. रो प्राइस, श्रोडर्स, जेपी मॉर्गन एसेट मैनेजमेंट, फ्रैंकलिन टेंपलटन, इनवेस्को और प्रूडेंशियल जैसी कई बड़ी वैश्विक कंपनियों ने भी हिस्सा लिया। दुनिया के कुछ प्रमुख सॉवरेन वेल्थ फंडों ने भी इस इश्यू में दिलचस्पी दिखाई। इनमें सिंगापुर का GIC, नॉर्वे का नॉर्जेस बैंक इनवेस्टमेंट मैनेजमेंट, अबू धाबी इन्वेस्टमेंट अथॉरिटी (ADIA), कतर इनवेस्टमेंट अथॉरिटी (QIA), PSP इनवेस्टमेंट्स, कैलिफोर्निया स्टेट टीचर्स रिटायरमेंट और फ्लोरिडा रिटायरमेंट सिस्टम शामिल हैं। एंकर बुक में ड्रैगनियर इनवेस्टमेंट ग्रुप, जानूस हेंडरसन और नाइंटी वन जैसे ग्लोबल टेक स्पेशलिस्ट्स ने भी हिस्सा लिया।

भारत से म्यूचुअल फंड कंपनियां, जीवन बीमा कंपनियां और पेंशन फंड बने हिस्सा

भारत की टॉप 10 म्यूचुअल फंड कंपनियों ने भी इस ऑफरिंग में दिलचस्पी दिखाई है। इनमें SBI म्यूचुअल फंड, ICICI प्रूडेंशियल म्यूचुअल फंड, HDFC म्यूचुअल फंड, आदित्य बिड़ला सन लाइफ म्यूचुअल फंड, निप्पॉन इंडिया म्यूचुअल फंड, कोटक महिंद्रा म्यूचुअल फंड शामिल हैं। घरेलू म्यूचुअल फंडों को 25 फंड हाउसेज की 95 स्कीमों के जरिए 2,784.96 करोड़ रुपये के 2.489 करोड़ शेयर मिले। देश की सबसे बड़ी बीमा कंपनियां और पेंशन फंड भी निवेशकों के इस समूह का हिस्सा हैं। इनमें LIC, HDFC लाइफ, SBI लाइफ, SBI पेंशन (NPS ट्रस्ट), HDFC पेंशन, ICICI प्रूडेंशियल और UTI पेंशन जैसी संस्थाएं शामिल हैं।

जीवन बीमा कंपनियों और पेंशन फंडों को 1,089.95 करोड़ रुपये के 97.4 लाख शेयर अलॉट हुए। इसके अलावा, भारत के प्रमुख फैमिली ऑफिसेज- जैसे कि इनाम फैमिली ऑफिस, प्रेमजी इनवेस्ट, जेरोधा फैमिली ऑफिस और HCL फैमिली ऑफिस ने भी जियो प्लेटफॉर्म्स में दिलचस्पी दिखाई है।

Jio Platforms IPO के लिए कितना है प्राइस बैंड

जियो IPO 23 अक्टूबर को बंद होगा। लगभग दो दशकों यानि कि 20 साल बाद रिलायंस इंडस्ट्रीज ग्रुप की किसी कंपनी का IPO आ रहा है। यह साइज के मामले में देश का अब तक का सबसे बड़ा पब्लिक इश्यू है। प्राइस बैंड ₹1065-₹1119 प्रति शेयर है। लॉट साइज 12 शेयर है। IPO में 27 करोड़ नए शेयर जारी होंगे। अलॉटमेंट 26 अक्टूबर को फाइनल हो सकता है। कंपनी की लिस्टिंग NSE और BSE पर 28 अक्टूबर को हो सकती है। एंकर निवेशक IPO में 19 अक्टूबर को बोली लगा सकते हैं।

इस पब्लिक इश्यू में Jio Platforms के कर्मचारियों के लिए 500 करोड़ रुपये के शेयर और इसकी पेरेंट कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज के पात्र शेयरधारकों के लिए 2,500 करोड़ रुपये के शेयर रिजर्व रखे गए हैं। कंपनी पात्र कर्मचारियों को फाइनल ऑफर प्राइस पर 54 रुपये प्रति शेयर की छूट (डिस्काउंट) के साथ शेयर ऑफर कर रही है। बचे हुए नेट इश्यू में 50 प्रतिशत हिस्सा क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIBs) के लिए, 15 प्रतिशत हिस्सा नॉन इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स (NIIs) के लिए और 35 प्रतिशत हिस्सा रिटेल इनवेस्टर्स के लिए रिजर्व रहेगा।

Jio Platforms IPO: ब्रोकरेज पॉजिटव, ₹30213 करोड़ का इश्यू ‘सब्सक्राइब’ करने की सलाह

IPO के पैसे कैसे होंगे इस्तेमाल

जियो प्लेटफॉर्म्स के मुताबिक, IPO में नए शेयरों को जारी कर हासिल होने वाले पैसों का इस्तेमाल मुख्य रूप से कंपनी की टेलिकॉम यूनिट रिलायंस जियो इंफोकॉम के कर्ज को कुछ हद तक या पूरी तरह चुकाने के लिए और सामान्य कॉरपोरेट उद्देश्यों के लिए किया जाएगा। जियो प्लेटफॉर्म्स के कारोबार में टेलिकॉम, डिजिटल सर्विसेज, उद्यम समाधान और उभरते टेक्नोलॉजी इनीशिएटिव शामिल हैं। इसकी टेलिकॉम यूनिट रिलायंस जियो इंफोकॉम लिमिटेड देश में सबसे बड़ी टेलिकॉम कंपनियों में से एक है।

Disclaimer:मनीकंट्रोल, नेटवर्क18 ग्रुप का हिस्सा है। नेटवर्क18 का नियंत्रण इंडिपेंडेट मीडिया ट्रस्ट करता है, जिसकी एकमात्र लाभार्थी रिलायंस इंडस्ट्रीज है।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Stocks to Watch: PC Jeweller, Wipro और Angel One समेत 15 स्टॉक्स; खास वजहों से आज फोकस में

Stocks to Watch: एशियाई बाजारों में रौनक के बीच गिफ्ट निफ्टी से आज घरेलू स्टॉक मार्केट में भी बढ़त के साथ शुरुआत के संकेत मिल रहे हैं। गिफ्ट निफ्टी फिलहाल 100.50 प्वाइंट्स यानी 0.44% की मजबूती के साथ 23,088.50 पर है। एक कारोबारी दिन पहले 15 अक्टूबर को सेंसेक्स की वीकली एक्सपायरी के दिन सेंसेक्स (Sensex) 1533.72 प्वाइंट्स यानी 2.11% की बढ़त के साथ 74,315.61 और निफ्टी भी 374.65 प्वाइंट्स यानी 1.66% की मजबूती के साथ 22,997.35 पर बंद हुआ था। अब आज इंडिविजुअल स्टॉक्स की बात करें तो अपनी खास कॉरपोरेट एक्टिविटीज के चलते कुछ स्टॉक्स में तेज हलचल दिख सकती है। यहां इन शेयरों के बारे में डिटेल्स दी जा रही है।

Stocks to Watch: आज इन स्टॉक्स पर फोकस

Tech Mahindra Q2 (Consolidated YoY)

सितंबर 2026 तिमाही में सालाना आधार पर टेक महिंद्रा का कंसालिडेटेड प्रॉफिट 32.7% बढ़कर ₹1,585.6 करोड़ और रेवेन्यू 15.6% उछलकर ₹16,180.2 करोड़ पर पहुंच गया। डॉलर टर्म में कंपनी का रेवेन्यू इस दौरान 6.7% बढ़कर $169.3 करोड़ हो गया। इसके अलावा कंपनी के बोर्ड ने ₹15 के डिविडेंड और 1:1 के रेश्यो में यानी एक पर एक शेयर बोनस में देने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है।

Wipro Q2 (YoY)

सितंबर 2026 तिमाही में सालाना आधार पर विप्रो का कंसालिडेटेड प्रॉफिट 1.4% घटकर ₹3,200.6 करोड़ रह गया लेकिन कंसालिडेटेड रेवेन्यू 9.06% उछलकर ₹24,752.7 करोड़ पर पहुंच गया। इस दौरान कंपनी का आईटी सर्विसेज रेवेन्यू 8.95% बढ़कर ₹24,667 करोड़ और आईटी सर्विसेज डॉलर रेवेन्यू 0.3% बढ़कर $261.15 करोड़ हो गया लेकिन आईटी सर्विसेज ईबीआईटी मार्जिन 20 बीपीएस घटकर 16.5% रह गया। दिसंबर तिमाही के लिए कंपनी का अनुमान है कि आईटी सर्विसेज रेवेन्यू $2,57.1-$262.5 करोड़ के बीच रह सकता है।

Jio Financial Services Q2 (Consolidated YoY)

सितंबर 2026 तिमाही में जियो फाइनेंशियल सर्विसेज ₹340.44 करोड़ के कंसालिडेटेड प्रॉफिट में रही। सालाना आधार पर कंपनी की टोटल इनकम (एक्स-डिविडेंडः 132% बढ़कर ₹1,699 करोड़ पर पहुंच गई तो प्री-प्रोविजनिंग ऑपरेटिंग प्रॉफिट (एक्स-डिविडेंड) 85% बढ़कर ₹574 करोड़ और एयूएम 154% उछलकर ₹37,320 करोड़ पर पहुंच गया।

IIFL Finance Q2 (Consolidated YoY)

सितंबर 2026 तिमाही में सालाना आधार पर आईआईएफएल फाइनेंस का कंसालिडेटेड प्रॉफिट 103.7% बढ़कर ₹766.4 करोड़ और नेट इंटेरेस्ट इनकम (NII) 50.2% उछलकर ₹2,160.7 करोड़ पर पहुंच गया।

Persistent Systems Q2 (Consolidated YoY)

सितंबर 2026 तिमाही में सालाना आधार पर पर्सिस्टेंट सिस्टम्स का कंसालिडेटेड प्रॉफिट 25.4% गिरकर ₹351.5 करोड़ पर आ गया, लेकिन रेवेन्यू 30.3% उछलकर ₹4,663.9 करोड़ पर पहुंच गया। इस दौरान कंपनी का ईबीआईटी 19.5% बढ़कर ₹697.7 करोड़ पर पहुंच गया लेकिन ईबीआईटी मार्जिन 130 बीपीएस फिसलकर 15% पर आ गया।

Angel One Q2 (Consolidated YoY)

सितंबर 2026 तिमाही में सालाना आधार पर एंजेल वन का कंसालिडेटेड प्रॉफिट 58.2% बढ़कर ₹335 करोड़ और रेवेन्यू 18.7% उछलकर ₹1,427 करोड़ पर पहुंच गया।

Sri Lotus Developers and Realty Q2 (Consolidated YoY)

सितंबर 2026 तिमाही में सालाना आधार पर श्री लोटस डेवलपर्स एंड रियल्टी का कंसालिडेटेड प्रॉफिट 77.9% बढ़कर ₹82.1 करोड़ और रेवेन्यू 52.5% उछलकर ₹268.6 करोड़ पर पहुंच गया।

Solar Industries India

सोलर इंडस्ट्रीज इंडिया की सब्सिडियरी सोलर एक्सप्लोकेम ने शिवशक्ति इंडस्ट्रियल एक्सप्लोसिव्स के साथ एक शेयर पर्चेज एग्रीमेंट किया है। इसके तहत सोलर एक्सप्लोकेम ₹115.02 करोड़ में शिवशक्ति में 100% हिस्सेदारी का अधिग्रहण करेगी।

Mankind Pharma

मैनकाइंड फार्मा बेल्जियम की बायोटेक्नोलॉजी कंपनी आर्म्ड सेल थेरेप्यूटिक्स में मेजॉरिटी हिस्सेदारी 4.8 करोड़ यूरो में खरीदेगी। यह कंपनी कैंसर के इलाज के लिए अगली पीढ़ी की CAR-T (काइमेरिक एंटीजन रिसेप्टर टी-सेल) थेरेपी डेवलप कर रही है।

Agastya Energy & Infrastructure

अगस्त्य एनर्जी एंड इंफ्रास्ट्रक्चर को अपनी सब्सिडियरी आईएमसी सोलर बीडीएन से एक सोलर पावर प्लांट प्रोजेक्ट के लिए ₹106.04 करोड़ का EPC (इंजीनियरिंग, प्रोक्योरमेंट एंड कंस्ट्रक्शन) और O&M (ऑपरेशंस एंड मेंटेनेंस) कॉन्ट्रैक्ट मिला है।

Premier Energies

प्रीमियर एनर्जीज की सब्सिडियरी प्रीमियर बैटरी टेक्नोलॉजीज ने जर्मनी के आरसीटी ग्रुप की कंपनी आरसीटी एनर्जी इंडिया के साथ एक शेयर अलॉटमेंट और शेयरहोल्डर एग्रीमेंट किया है। इसके तहत प्रीमियर एनर्जीज स्टोरेज सॉल्यूशंस नाम से एक रणनीतिक जॉइंट वेंचर बनेगा। यह जॉइंट वेंचर 12 GWh की कुल क्षमता वाला BESS (बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम) मैन्युफैक्चरिंग प्लांट लगाएगी। पहला चरण 6 GWh का होगा, जो वित्त वर्ष 2027-28 में तेलंगाना के सीतारामपुर में सेटअप हो सकता है।

Eternal

बोफा (BofA) सिक्योरिटीज यूरोप ने गोल्डमैन सैक्स बैंक यूरोप SE ODI से प्रति शेयर ₹316 के भाव पर ₹168.67 करोड़ में जोमैटो की एटर्नल के 53.37 लाख शेयर खरीदे।

Vardhman Polytex

विदेशी पोर्टफोलियो निवेशक पाइन ओक ग्लोबल फंड ने प्रति शेयर ₹5.55 के भाव पर ₹1.38 करोड़ में वर्धमान पॉलीटेक्स के 25 लाख शेयर और खरीदे हैं, जो कंपनी में 0.49% हिस्सेदारी के बराबर है। ये सभी शेयर अनुपमा कोठारी ने बेचे हैं। सितंबर 2026 के शेयरहोल्डिंग पैटर्न के अनुसार वर्धमान पॉलीटेक्स में पाइन ओक ग्लोबल फंड की 5.34% हिस्सेदारी थी, जबकि हाई-नेट-वर्थ इंडिविजुअल इन्वेस्टर अनुपमा कोठारी की 9.83% हिस्सेदारी थी।

LCC Projects

नियोमाइल कॉर्पोरेट एडवाइजरी और इसके फाउंडर-डायरेक्टर कीर्तन मानेकलाल रूपारेलिया ने मिलकर ₹55.11 करोड़ में एलसीसी प्रोजेक्ट्स में 1.4% हिस्सेदारी हासिल की है।

PC Jeweller

निवेशक आदित्य कुमार हलवासिया ने प्रति शेयर ₹14.43 के भाव पर ₹73.59 करोड़ में पीसी ज्वेलर के 5.1 करोड़ इक्विटी शेयर (0.52% हिस्सेदारी) खरीदी है।

Stocks to Watch: इन पर भी रहेगी नजर

आज इन कंपनियों के आएंगे रिजल्ट: पंजाब नेशनल बैंक, एलटीएम, बजाज हाउसिंग फाइनेंस, क्रॉम्पटन ग्रीव्स कंज्यूमर इलेक्ट्रिकल्स, डीएलएफ, फेडरल बैंक, जिंदल सॉ, ओबेरॉय रियल्टी, शॉपर्स स्टॉप, तेजस नेटवर्क्स, उज्जीवन स्मॉल फाइनेंस बैंक, अर्बन कंपनी

कल 17 अक्टूबर को इन कंपनियों के आएंगे रिजल्ट: एचडीएफसी बैंक, आईसीआईसीआई बैंक, एक्सिस बैंक, आईडीबीआई बैंक, येस बैंक, सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया, पंजाब एंड सिंध बैंक, बजाज हेल्थकेयर, इंडिया सीमेंट्स, ले ट्रैवेन्यूज टेक्नोलॉजी (इक्सिगो), क्रॉस, रोजरी बायोटेक

एक्स-डिविडेंड: एचसीएल टेक्नोलॉजीज, केनरा रोबेको एसेट मैनेजमेंट कंपनी, हिंदुस्तान कंपोजिट्स

एक्स-स्प्लिट: बंसल वायर इंडस्ट्रीज

एक्स-शेयर कंसालिडेशन: नोबल पॉलिमर्स

F&O बैन: अंबुजा सीमेंट्स, कीन्स टेक्नोलॉजी इंडिया, सेल (SAIL)

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डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल, नेटवर्क18 ग्रुप का हिस्सा है। नेटवर्क18 का नियंत्रण इंडिपेंडेट मीडिया ट्रस्ट करता है, जिसकी एकमात्र लाभार्थी रिलायंस इंडस्ट्रीज है।

डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Bonus Share: 3 साल में 455% चढ़ी कीमत, अब मिलेंगे बोनस शेयर; 23 अक्टूबर रिकॉर्ड डेट

टाइटन बायोटेक बोनस शेयर देने जा रही है। शेयरहोल्डर्स को उनके पास मौजूद हर 4 शेयरों पर एक नया शेयर बोनस के तौर पर​ मिलेगा। रिकॉर्ड डेट 23 अक्टूबर है। इस तारीख तक जिन लोगों के नाम शेयरों के लाभार्थी मालिकों के तौर पर रजिस्टर ऑफ मेंबर्स ऑफ द कंपनी या डिपॉजिटरीज के रिकॉर्ड्स में दर्ज होंगे, वे बोनस शेयरों के हकदार होंगे। शेयर की फेस वैल्यू 2 रुपये है।

बोनस शेयरों का अलॉटमेंट 26 अक्टूबर को होगा और इनमें ट्रेडिंग 27 अक्टूबर से की जा सकेगी। टाइटन बायोटेक फार्मास्यूटिकल, न्यूट्रास्यूटिकल, फूड एंड बेवरेजेस, बायोटेक्नोलॉजी एंड फर्मेंटेशन, कॉस्मेटिक, वेटेरिनरी एंड एनिमल फीड, एग्रीकल्चर इंडस्ट्रीज, माइक्रोबायोलॉजी कल्चर मीडिया एंड प्लांट टिश्यू कल्चर मीडिया आदि के क्षेत्रों में इस्तेमाल होने वाले बायोलॉजिकल प्रोडक्ट्स बनाती है। इसके प्रोडक्ट एक्सपोर्ट भी होते हैं।

कंपनी की आधिकारिक वेबसाइट के मुताबिक, यह क्लिनिकली अप्रूव्ड कोलाजन (मछली, बोवाइन और चिकन), स्किन केयर इंग्रीडिएंट्स, बोन व जॉइंट केयर इंग्रीडिएंट्स, प्रोटीन, पशु पोषण के लिए इंग्रीडिएंट्स और कई अन्य चीजें बनाती है। कंपनी पिछले 34 सालों से बिजनेस कर रही है और इसकी मौजूदगी 100 से ज्यादा देशों में है।

Titan Biotech शेयर 2 साल में 175 प्रतिशत चढ़ा

वर्तमान में टाइटन बायोटेक के शेयर की कीमत BSE पर 398.70 रुपये है। शेयर साल 2026 में अब तक लगभग 90 प्रतिशत चढ़ा है। 2 साल में कीमत 175 प्रतिशत और और 3 साल में 455 प्रतिशत उछली है। 10 साल में शेयर 5100 प्रतिशत की बढ़त देख चुका है। कंपनी में जून 2026 के आखिर तक प्रमोटर्स के पास 55.78 प्रतिशत हिस्सेदारी थी। शेयर का BSE पर 52 सप्ताह का एडजस्टेड हाई 555.65 रुपये और एडजस्टेड लो 171.40 रुपये है।

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कंपनी की वित्तीय सेहत

अप्रैल-जून 2026 तिमाही में टाइटन बायोटेक का स्टैंडअलोन बेसिस पर रेवेन्यू 59.17 करोड़ रुपये रहा। शुद्ध मुनाफा 9.46 करोड़ रुपये दर्ज किया गया। प्रति शेयर अर्निंग 2.29 करोड़ रुपये रही। पूरे वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान कंपनी का स्टैंडअलोन बेसिस पर रेवेन्यू 206.19 करोड़ रुपये, शुद्ध मुनाफा 27.45 करोड़ रुपये और प्रति शेयर अर्निंग 6.64 करोड़ रुपये दर्ज की गई।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

HD Fire Protect IPO: एंकर इनवेस्टर्स से जुटाए ₹213 करोड़, 13 अक्टूबर से ओपनिंग; ग्रे मार्केट में उड़ान भर रहा है शेयर

मेनबोर्ड सेगमेंट में HD फायर प्रोटेक्ट का ₹712.31 करोड़ का IPO आज, 13 अक्टूबर से खुलने वाला है। एक दिन पहले कंपनी ने एंकर निवेशकों से 213.11 करोड़ रुपये जुटाए। प्राइस बैंड के अपर एंड पर 25 इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स को 78.64 लाख इक्विटी शेयर अलॉट किए गए। कुल एंकर एलोकेशन में से, 56,52,331 इक्विटी शेयर 9 घरेलू म्यूचुअल फंड्स को दिए गए। इनमें SBI म्यूचुअल फंड, HDFC एसेट मैनेजमेंट कंपनी, कोटक म्यूचुअल फंड, UTI म्यूचुअल फंड, ICICI प्रूडेंशियल एसेट मैनेजमेंट कंपनी, आदित्य बिड़ला सन लाइफ एसेट मैनेजमेंट कंपनी, PGIM इंडिया, बंधन म्यूचुअल फंड और मिरे एसेट शामिल हैं।

बजाज लाइफ इंश्योरेंस और एक्सिस मैक्स लाइफ इंश्योरेंस ने कुल 14.95 करोड़ रुपये के 5.51 लाख शेयर सब्सक्राइब किए। अशोका व्हाइटओक, एलियांज ग्लोबल इनवेस्टर्स फंड और अमुंडी फंड्स जैसे दूसरे बड़े इनवेस्टर्स ने भी एंकर बुक में हिस्सा लिया।

HD फायर प्रोटेक्ट IPO 15 अक्टूबर को बंद होगा। प्राइस बैंड ₹258-₹271 प्रति शेयर और लॉट साइज 55 शेयर है। कंपनी के IPO में 2.63 करोड़ शेयरों का ऑफर फॉर सेल (OFS) रहेगा। नए शेयर जारी नहीं होंगे। OFS में कंपनी के 2 प्रमोटर- हरीश नरशी धरमशी और कुसुम हरीश धरमशी शेयरों को बिक्री के​ लिए रखेंगे। IPO बंद होने के बाद अलॉटमेंट 16 अक्टूबर को फाइनल होगा। शेयरों की लिस्टिंग NSE और BSE पर 21 अक्टूबर को हो सकती है।

क्या करती है HD Fire Protect

HD फायर प्रोटेक्ट आग से सुरक्षा करने वाले इक्विपमेंट और सिस्टम बनाती और सप्लाई करती है। यह आग बुझाने के पानी, फोम और गैस-बेस्ड सॉल्यूशंस की पेशकश करती है। कंपनी 8 प्रोडक्ट कैटेगरीज में कई तरह के प्रोडक्ट बनाती है, जैसे कि स्प्रिंकलर, अलार्म वॉल्व व एक्सेसरीज, डेल्यूज वॉल्व और सिस्टम, फोम इक्विपमेंट व सप्रेशन सिस्टम, मॉनिटर व नोजल, वॉटर स्प्रे नोजल, कस्टम-इंजीनियर्ड सिस्टम, गैस सप्रेशन सिस्टम आदि।

कंपनी के प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल इंडस्ट्रियल, रेजिडेंशियल और कमर्शियल कामों में होता है, जैसे कि ऑयल व गैस, रिफाइनिंग व पेट्रोकेमिकल्स, पावर एंड एनर्जी, हेवी इंजीनियरिंग, एयरोस्पेस, फार्मास्यूटिकल्स, डेटा सेंटर, हॉस्पिटैलिटी, हेल्थकेयर। HD Fire Protect के प्रोडक्ट एक्सपोर्ट भी होते हैं।

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IPO में कितना हिस्सा रिजर्व

IPO में 50 प्रतिशत हिस्सा क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स के लिए, 35 प्रतिशत हिस्सा रिटेल इनवेस्टर्स के लिए और 15 प्रतिशत हिस्सा नॉन इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स के लिए रिजर्व है। HD Fire Protect IPO के लिए एंबिट प्राइवेट लिमिटेड, आनंद राठी एडवाइजर्स लिमिटेड और IIFL कैपिटल सर्विसेज लिमिटेड बुक रनिंग लीड मैनेजर हैं। रजिस्ट्रार MUFG Intime India Pvt.Ltd. है।

ग्रे मार्केट में दौड़ रहा है शेयर

HD Fire Protect की लिस्टिंग अच्छी रहने की उम्मीद है। ग्रे मार्केट में शेयर 31.73 प्रतिशत प्रीमियम पर ट्रेड कर रहा है। ग्रे मार्केट एक अनऑथराइज्ड मार्केट है, जहां​ किसी कंपनी के शेयर उसकी लिस्टिंग तक ट्रेड करते हैं। कंपनी का अप्रैल-जून 2026 तिमाही में रेवेन्यू 114 करोड़ रुपये रहा। शुद्ध मुनाफा 23.87 करोड़ रुपये दर्ज किया गया। वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान रेवेन्यू 12 प्रतिशत की बढ़ोतरी के साथ 505.12 करोड़ रुपये और शुद्ध मुनाफा 6 प्रतिशत की बढ़ोतरी के साथ 116.79 करोड़ रुपये दर्ज किया गया।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

नोएडा अथॉरिटी ने सुप्रीम कोर्ट को दी जानकारी, सेक्टर 150 स्पोर्ट्स सिटी का रिवाइज्ड लेआउट प्लान मंजूर

Noida Sports City: नोएडा के सेक्टर-150 में लंबे समय से चर्चा में रहे स्पोर्ट्स सिटी प्रोजेक्ट को आगे बढ़ाने का रास्ता साफ होता नजर आ रहा है। नोएडा अथॉरिटी ने स्पोर्ट्स सिटी प्लॉट-02 के संशोधित मास्टर लेआउट प्लान को मंजूरी दे दी है। अथॉरिटी ने इस फैसले की जानकारी सुप्रीम कोर्ट को हलफनामे के जरिए दी है। इस मंजूरी के बाद प्रोजेक्ट के विकास से जुड़ी प्रक्रिया आगे बढ़ सकेगी।

नोएडा अथॉरिटी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) कृष्णा करुणेश ने हिंदुस्तान टाइम्स से बातचीत में कहा, “नोएडा अथॉरिटी ने हलफनामा दाखिल किया है और संशोधित मास्टर लेआउट प्लान के बारे में स्टेटस रिपोर्ट दी है। इस प्लान को 6 अप्रैल 2026 को अथॉरिटी की 222वीं बोर्ड बैठक में मंजूरी दी गई थी। इससे पहले आम लोगों की आपत्तियों पर विचार किया गया था। यह पूरी प्रक्रिया सुप्रीम कोर्ट के 24 नवंबर 2025 के आदेश के अनुसार पूरी की गई है। प्रोजेक्ट के डेवलपर, लोटस ग्रीन्स कंस्ट्रक्शन्स ने 2 जनवरी, 2026 को तय फीस के साथ संशोधित मास्टर लेआउट प्लान जमा किया था। अथॉरिटी ने 6 अप्रैल को सैद्धांतिक मंजूरी दी और 6 मई, 2026 को औपचारिक मंजूरी पत्र जारी किया।”

अथॉरिटी के अधिकारियों के मुताबिक, संशोधित योजना को मंजूरी देने से पहले, अथॉरिटी ने दो राष्ट्रीय अखबारों में आपत्तियां मंगाने के लिए नोटिस जारी किए और योजना को अपनी वेबसाइट पर अपलोड किया। उन्होंने कहा कि बाद में मिली आपत्तियों पर कार्रवाई की गई। अधिकारियों के अनुसार, संशोधित लेआउट में लगभग 300 एकड़ जमीन शामिल है और कुल क्षेत्र का 70% हिस्सा खेल सुविधाओं के लिए आरक्षित है।

अथॉरिटी ने यह भी बताया कि सेक्टर 150 में प्लॉट SC-02 के लिए बिल्डिंग प्लान को 9 जून को मंजूरी दी गई थी। अधिकारियों ने कहा कि संशोधित लेआउट स्काईलाइन आर्किटेक्चरल कंसल्टेंट द्वारा तैयार किया गया था और स्पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया (SAI) द्वारा इसकी जांच की गई थी।

अधिकारियों ने बताया कि अथॉरिटी ने स्पोर्ट्स सिटी 02 में चार हाउसिंग प्रोजेक्ट्स के लिए सशर्त ऑक्यूपेंसी सर्टिफिकेट जारी किए हैं — जिन्हें ब्रिक राइज डेवलपर्स, ऐस इन्फ्रासिटी, लैंड कार्ट बिल्डर्स और समृद्धि इन्फ्रा स्क्वायर ने विकसित किया है।

अधिकारियों के मुताबिक, पिछले महीने, तीन और डेवलपर्स ने अपने स्पोर्ट्स सिटी प्रोजेक्ट्स के लिए बदले हुए लेआउट प्लान जमा किए। लॉजिक्स इंफ्रा डेवलपर्स ने सेक्टर 150 के लिए, 3C ग्रीन डेवलपर्स ने सेक्टर 78-79 के लिए और ATS होम्स ने सेक्टर 152 के लिए प्लान जमा किए। अधिकारियों ने बताया कि इन प्रस्तावों पर आगे कोई कदम उठाने से पहले अथॉरिटी ने जनता से आपत्तियां और सुझाव मांगे हैं।

इस बीच, सुप्रीम कोर्ट ने 6 अक्टूबर को हुई सुनवाई के दौरान फैसला किया कि तीनों स्पोर्ट्स सिटी प्रोजेक्ट मामलों की अलग-अलग सुनवाई की जाएगी, ताकि हर प्रोजेक्ट से जुड़े मुद्दों पर ध्यान से विचार किया जा सके। अधिकारियों ने बताया कि इन तीनों मामलों में अगली सुनवाई क्रमशः 9 दिसंबर, 16 दिसंबर और 20 जनवरी को तय की गई है।

नोएडा स्पोर्ट्स सिटी: 798 एकड़ के स्पोर्ट्स इंफ्रास्ट्रक्चर का प्लान कैसे रुका

स्पोर्ट्स सिटी का कॉन्सेप्ट 2004 का है, जब नोएडा अथॉरिटी ने कॉमनवेल्थ गेम्स के लिए स्पोर्ट्स इंफ्रास्ट्रक्चर का प्लान बनाया था। अधिकारियों के मुताबिक, 2010-11 और 2015-16 के बीच चार स्कीम शुरू की गईं, जिनमें 32.3 लाख वर्ग मीटर (798 एकड़) जमीन शामिल थी और इसका 70% हिस्सा स्पोर्ट्स सुविधाओं के लिए तय किया गया था।

हालांकि, CAG की एक रिपोर्ट में गड़बड़ियों का जिक्र किया गया, जिसमें जरूरी मंजूरी के बिना अलॉटमेंट भी शामिल थे। 18 जनवरी 2021 को अथॉरिटी ने डेवलपमेंट से जुड़े काम रोक दिए, जिनमें मैप की मंजूरी और ऑक्यूपेंसी से जुड़ी प्रक्रियाएं शामिल थीं। बाद में, CAG रिपोर्ट उत्तर प्रदेश की पब्लिक अकाउंट्स कमेटी के सामने रखी गई, जिसने 29 अगस्त 2024 को स्पोर्ट्स सिटी से जुड़ी CAG की टिप्पणियों का निपटारा कर दिया।

इसके बाद 24 नवंबर 2025 को सुप्रीम कोर्ट ने अथॉरिटी को 30-45 दिनों के अंदर बैन हटाने का निर्देश दिया। हालांकि, इस मामले पर जवाब देने के लिए लोटस ग्रीन्स उपलब्ध नहीं था।

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Zetwerk Manufacturing IPO 15 अक्टूबर से, प्राइस बैंड ₹143-₹151 प्रति शेयर तय

जेटवर्क मैन्युफैक्चरिंग बिजनेस लिमिटेड का IPO 15 अक्टूबर को खुलने जा रहा है। इसके लिए प्राइस बैंड ₹143-₹151 प्रति शेयर फिक्स किया गया है। लॉट साइज 99 शेयर है। कंपनी का इरादा ₹5,012.33 करोड़ जुटाने का है। IPO में ₹2,830 करोड़ के नए शेयर जारी होंगे, साथ ही ₹2,182.33 करोड़ के शेयरों का ऑफर फॉर सेल (OFS) रहेगा। इश्यू 19 अक्टूबर को बंद होगा, जिसके बाद अलॉटमेंट 21 अक्टूबर को फाइनल हो सकता है। 20 अक्टूबर को शेयर बाजार में दशहरा की छुट्टी है। कंपनी के शेयर NSE और BSE पर 23 अक्टूबर को लिस्ट हो सकते हैं।

जेटवर्क पहले एक डिजिटल मार्केटप्लेस थी और अब मैन्युफैक्चरर्स को ग्राहकों से जोड़कर एक एंड-टू-एंड इंडस्ट्रियल मैन्युफैक्चरिंग प्लेटफॉर्म बन गई है। यह कई सेक्टर्स में कस्टम-बिल्ट कंपोनेंट्स के लिए इंजीनियरिंग, उत्पादन और डिलीवरी को व्यवस्थित करती है। ग्राहक डिजाइन प्रदान करते हैं, जेटवर्क सप्लायर का चयन, गुणवत्ता नियंत्रण, टाइमलाइंस और लॉजिस्टिक्स को संभालती है। कंपनी लैपटॉप, हियरेबल्स, वियरेबल्स, IT हार्डवेयर बनाती है। जेटवर्क में खोसला वेंचर्स, एक्सेल, लाइटस्पीड, पीक XV पार्टनर्स, ग्रीनओक्स, एवेनिर जैसे दिग्गजों का पैसा लगा हुआ है।

जेटवर्क में फुली डाइल्यूटेड बेसिस पर पीक XV पार्टनर्स इनवेस्टमेंट्स V सबसे बड़ी इंडीविजुअल शेयरहोल्डर है, जिसके पास 9.12 प्रतिशत हिस्सेदारी है। ग्रीनओक्स कैपिटल अपॉर्चुनिटीज फंड II के पास 8.61 प्रतिशत, रामकृष्णन के पास 8.36 प्रतिशत, एक्सेल इंडिया V के पास 7.74 प्रतिशत और आचार्य के पास 7.53 प्रतिशत हिस्सा है।

Zetwerk IPO को जुलाई में सेबी से मिली थी मंजूरी

जेटवर्क ने अपने IPO के लिए इस साल मार्च में कॉन्फिडेंशियल तरीके से ड्राफ्ट पेपर जमा किए थे। कैपिटल मार्केट रेगुलेटर सेबी से जुलाई में मंजूरी मिलने के बाद अपडेटेड ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस 13 अगस्त 2026 को फाइल किया। OFS में प्रमोटर-ग्रुप एंटिटी Creovate Innovation, को-फाउंडर अमृत आचार्य, श्रीनाथ रामकृष्णन के साथ-साथ निवेशक पीक XV पार्टनर्स, एक्सेल, लाइटस्पीड वेंचर, के कैपिटल आदि भी शेयरों को बिक्री के लिए रखेंगे।

Fusion CX IPO: ₹702 करोड़ का एक और इश्यू 14 अक्टूबर से; रहेंगे ₹500 करोड़ के नए शेयर; चेक करें प्राइस बैंड

IPO के लिए कोटक महिंद्रा कैपिटल कंपनी, मॉर्गन स्टेनली इंडिया, गोल्डमैन सैक्स (इंडिया) सिक्योरिटीज, एवेंडस कैपिटल, जेएम फाइनेंशियल, एचएसबीसी सिक्योरिटीज एंड कैपिटल मार्केट्स (इंडिया), पैंटोमैथ कैपिटल एडवाइजर्स, बुक रनिंग लीड मैनेजर हैं। रजिस्ट्रार Kfin Technologies Ltd. है। इश्यू में 75 प्रतिशत हिस्सा क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स के लिए, 10 प्रतिशत हिस्सा रिटेल इनवेस्टर्स के लिए और 15 प्रतिशत हिस्सा नॉन इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स के लिए रिजर्व है।

IPO के पैसे कैसे होंगे इस्तेमाल

Zetwerk अपने IPO में नए शेयरों को जारी कर हासिल होने वाले पैसों का इस्तेमाल अपना और सब्सिडियरीज का कर्ज चुकाने, पहले से न पता अधिग्रहणों, अन्य रणनीतिक निवेशों और सामान्य कॉर्पोरेट उद्देश्यों के लिए करेगी। अप्रैल-जून 2026 तिमाही में कंपनी का रेवेन्यू ₹4,195.70 करोड़ और शुद्ध घाटा ₹732.98 करोड़ रहा। इस बीच कंपनी पर ₹1,942.19 करोड़ की उधारी थी। वित्त वर्ष 2025-26 में जेटवर्क का रेवेन्यू 40 प्रतिशत बढ़कर ₹16,100.63 करोड़ रहा। घाटा 1,606.17 करोड़ दर्ज किया गया।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

HD Fire Protect IPO: 13 अक्टूबर से खुलेगा इश्यू, GMP 30% के पार; जानिए प्राइस बैंड समेत पूरी डिटेल

HD Fire Protect IPO: आग से बचाने वाले इक्विपमेंट बनाने वाली HD Fire Protect के आईपीओ को लेकर ग्रे मार्केट में तगड़ी हलचल दिख रही है। यह इश्यू 13 अक्टूबर से खुलेगा, मगर इसका ग्रे मार्केट प्रीमियम (GMP) अभी से करीब 32% है।

कंपनी ने IPO के लिए ₹258 से ₹271 प्रति शेयर का प्राइस बैंड तय किया है। यह IPO 13 अक्टूबर को खुलेगा और 15 अक्टूबर 2026 को बंद होगा। इसके जरिए कंपनी ₹712.31 करोड़ जुटाने जा रही है।

₹80 प्रति शेयर के लिस्टिंग गेन का संकेत

इनवेस्टरगेन के मुताबिक, ग्रे मार्केट में HD Fire Protect का GMP 31.73% है। इस हिसाब से शेयर की संभावित लिस्टिंग कीमत करीब ₹357 हो सकती है। IPO का ऊपरी प्राइस बैंड ₹271 है। यानी इस कीमत के मुकाबले करीब ₹86 प्रति शेयर का संभावित फायदा दिख रहा है।

हालांकि, GMP के आधार पर लिस्टिंग प्राइस तय नहीं होती। यह बाजार में चल रहा अनौपचारिक भाव है। लिस्टिंग से पहले इसमें बदलाव हो सकता है। इसलिए इसे मुनाफे की गारंटी नहीं मानना चाहिए।

पूरा IPO ऑफर फॉर सेल है

HD Fire Protect का पूरा IPO ऑफर फॉर सेल (OFS) है। इसमें 2,62,84,500 मौजूदा शेयर बेचे जाएंगे। इनकी कुल कीमत ₹712.31 करोड़ है। इसका मतलब है कि कंपनी को IPO से कोई नया पैसा नहीं मिलेगा। शेयर बेचने से मिलने वाली पूरी रकम मौजूदा शेयरधारकों को जाएगी।

प्रमोटर हरीश नरशी धरमशी 89,83,700 शेयर बेचेंगे। इनकी कीमत करीब ₹243.46 करोड़ है। वहीं, प्रमोटर कुसुम हरीश धरमशी 1,73,00,800 शेयर बेचेंगी। इनकी कीमत करीब ₹468.85 करोड़ है। दोनों प्रमोटर मिलकर करीब 2.63 करोड़ शेयर बेच रहे हैं। इनकी कुल कीमत ₹712.31 करोड़ है।

कब होगा अलॉटमेंट और लिस्टिंग?

HD Fire Protect IPO का अलॉटमेंट 16 अक्टूबर को फाइनल होने की उम्मीद है। वहीं, कंपनी के शेयर 21 अक्टूबर को NSE और BSE पर लिस्ट हो सकते हैं।

IPO का लॉट साइज 55 शेयर है। ₹271 के ऊपरी प्राइस बैंड पर एक लॉट के लिए ₹14,905 लगाने होंगे। यानी रिटेल निवेशकों को कम से कम इतनी रकम की जरूरत होगी।

कंपनी की कमाई और मुनाफा कितना बढ़ा?

HD Fire Protect की कुल आय वित्त वर्ष 2026 में 12% बढ़कर ₹505 करोड़ हो गई। वित्त वर्ष 2025 में यह ₹451 करोड़ थी। कंपनी का मुनाफा भी बढ़ा है। वित्त वर्ष 2026 में प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) 6% बढ़कर ₹117 करोड़ रहा। एक साल पहले यह ₹110 करोड़ था।

कंपनी का ऑपरेशंस से रेवेन्यू वित्त वर्ष 2024 में ₹372.95 करोड़ था। वित्त वर्ष 2026 में यह बढ़कर ₹489.28 करोड़ हो गया। इस दौरान रेवेन्यू की सालाना औसत ग्रोथ 14.54% रही।

क्या काम करती है HD Fire Protect?

HD Fire Protect की शुरुआत अप्रैल 1997 में हुई थी। कंपनी आग से बचाव के इक्विपमेंट और सिस्टम बनाती है। इसके प्रोडक्ट पानी, फोम और गैस की मदद से आग बुझाने में काम आते हैं। कंपनी के प्रोडक्ट में स्प्रिंकलर, अलार्म और डिल्यूज वाल्व, फोम उपकरण, मॉनिटर और नोजल शामिल हैं। इसके अलावा कंपनी वॉटर स्प्रे नोजल, खास जरूरतों के हिसाब से तैयार किए गए सिस्टम और गैस से आग बुझाने वाले सिस्टम भी बनाती है।

कंपनी के ग्राहक कई तरह के उद्योगों में हैं। इनमें तेल और गैस, पेट्रोकेमिकल्स, बिजली, इंजीनियरिंग, एयरोस्पेस, फार्मा, डेटा सेंटर, होटल और हेल्थकेयर जैसे सेक्टर शामिल हैं। इसके प्रोडक्ट का इस्तेमाल औद्योगिक, आवासीय और व्यावसायिक जगहों पर होता है।

Stocks to Watch: 12 अक्टूबर को फोकस में रहेंगे ये 12 शेयर, बैंकिंग स्टॉक्स पर भी रहेगी नजर

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

SMT IPO: Morgan Stanley और Ashish Kacholia के निवेश वाली कंपनी, 15 अक्टूबर को खुलेगा आईपीओ

Sahajanand Medical Technologies IPO: कार्डियोवस्कुलर मेडिकल डिवाइस बनाने वाली सहजानंद मेडिकल टेक्नोलॉजीज (SMT) का आईपीओ आने वाला है। समारा कैपिटल (Samara Capital), मॉर्गन स्टैनेल (Morgan Stanley), और कोटक इंवेस्टमेंट एडवाइजर्स के निवेश वाली एसएमटी का आईपीओ सब्सक्रिप्शन के लिए 15 अक्टूबर को खुलेगा। हालांकि अभी इसके प्राइस बैंड का ऐलान नहीं हुआ है और यह 12 अक्टूबर को सामने आएगा। यह इश्यू पूरी तरह से ऑफर फॉर सेल का है यानी कि इसके तहत कोई नया शेयर नहीं जारी होगा।

Sahajanand Medical Technologies IPO: डिटेल्स

सहजानंद मेडिकल टेक्नोलॉजीज का आईपीओ सब्सक्रिप्शन के लिए 15 अक्टूबर को खुलेगा और 19 अक्टूबर तक खुला रहेगा। एंकर निवेशकों के लिए यह इश्यू 14 अक्टूबर को खुलेगा। इस इश्यू के ऑफर फॉर सेल विंडो के तहत कंपनी के मौजूदा शेयरहोल्डर्स को 1.38 करोड़ शेयर बेचे जाएंगे जिसमें से 2.5 लाख शेयर एंप्लॉयीज के लिए आरक्षित हैं। इस इश्यू के तहत प्रमोटर्स के साथ-साथ समारा कैपिटल मार्केट्स होल्डिंग, कोटक-प्री अपॉर्च्यूनिटीज फंड और एनएचपीईए स्पार्कल होल्डिंग बीवी शेयर बेच रहे हैं।

कंपनी की सबसे बड़ी पब्लिक शेयरहोल्डर समारा कैपिटल मार्केट्स होल्डिंग है, जिसकी कंपनी में 29.61% हिस्सेदारी है। इसके बाद कंपनी में मार्गन स्टैनले की NHPEA स्पार्कल होल्डिंग बीवी की 15.24% और कोटक-प्री आईपीओ अपॉर्च्यूनिटीज फंड की 5.98% हिस्सेदारी है। इसके अलावा कंपनी में दिग्गज निवेशक आशीष कचोलिया की 1.08% हिस्सेदारी है।

इस इश्यू के तहत 50% हिस्सा QIB (क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स), 15% हिस्सा NIIs (नॉन-इंस्टीट्यूशनल इंवेस्टर्स) और 35% हिस्सा खुदरा निवेशकों के लिए आरक्षित है। आईपीओ की सफलता के बाद शेयरों का अलॉटमेंट 21 अक्टूबर को फाइनल होगा और फिर एक्सचेंजों पर इसकी 23 अक्टूबर को एंट्री होगी।

सहजानंद मेडिकल टेक्नोलॉजीज के बारे में डिटेल्स

साल 2021 में धीरजलाल कोटाडिया (Dhirajlal Kotadia) ने सहजानंद मेडिकल टेक्नोलॉजीज को शुरू किया था। यह क्लास 3 और क्लास सी/डी मेडिकल डिवाइसेज डेवलप करती है। इसका मुख्य फोकस कोरोनरी स्टेंट और बैलून जैसे वस्कुलर इंटरवेंशन प्रोडक्ट्स, और ट्रांसकैथेटर एओर्टिक वॉल्व इम्प्लांटेशन (TAVI) सिस्टम और ऑक्लूडर जैसे स्ट्रक्चरल हार्ट डिवाइस पर है। कंपनी के रेवेन्यू में वस्कुलर इंटरवेंशन प्रोडक्ट्स की लगभग 60% और स्ट्रक्चरल हार्ट डिवाइसेज की 16% हिस्सेदारी है। जून 2026 तिमाही के आंकड़ों के मुताबिक कंपनी के प्रोडक्ट्स की बिक्री भारत और कुछ यूरोपीय देशों समेत 65 देशों में हुई।

कंपनी के वित्तीय सेहत की बात करें तो जून 2026 तिमाही में इसे ₹15.1 करोड़ का मुनाफा और ₹351.6 करोड़ का रेवेन्यू मिला था। इससे पहले वित्त वर्ष 2026 में कंपनी का मुनाफा 174.65% बढ़कर ₹69.1 करोड़ और रेवेन्यू 18.1% चढ़कर ₹1,210.5 करोड़ पर पहुंच गया।

Jio IPO: कम हो रहा कर्ज का बोझ, आईपीओ से पहले तेजी से हो रहा कैश जेनेरेट

डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Himachal Cabinet decisions: आंगनबाड़ी वर्कर्स और वन मित्रों का मानदेय बढ़ाने को मिली कैबिनेट की मंजूरी, 12,000 नई नौकरियों को भी मिली हरी झंडी

Himachal Cabinet decisions: हिमाचल प्रदेश में मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू की अध्यक्षता में आज कैबिनेट बैठक आयोजित की गई, जिसमें कई अहम फैसले लिए गए। प्रदेशवासियों के लिए सौगातों का पिटारा खोलते हुए सुक्खू सरकार ने राज्य सरकार के लगभग सभी विभागों और सार्वजनिक उपक्रमों में 12,000 पद सृजित करने और उनको भरने की मंजूरी दे दी। साथ ही, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और वन मित्रों का मानदेय बढ़ाने को भी स्वीकृति प्रदान की।

मुख्यमंत्री सुक्खू की अध्यक्षता में हुई बैठक में, कैबिनेट ने जल शक्ति विभाग में पैरा पंप ऑपरेटर, पैरा फिटर और मल्टीपर्पस वर्कर समेत 4,090 पैरा-वर्कर को रखने को मंजूरी दी। कैबिनेट ने सहायक वन रक्षक नियुक्त करने की योजना को भी मंजूरी दी। इससे वन विभाग में 500 पद भरने का रास्ता साफ हो गया। हिमाचल कैबिनेट ने 100 और स्कूलों को सीबीएसई से जोड़ने का फैसला किया, जिसके लिए एक नई स्कीम तैयार की जाएगी। एक बयान में कहा गया कि नई योजना आधारित भर्ती के तहत इन स्कूलों में 3,900 टीचिंग और 900 नॉन-टीचिंग पोस्ट भरने को भी मंजूरी दी गई है।

कैबिनेट ने आंगनवाड़ी वर्कर्स का महीने का मानदेय 10,500 रुपये से बढ़ाकर 11,500 रुपये, आंगनवाड़ी सहायकों का 5,800 रुपये से बढ़ाकर 6,800 रुपये और वन मित्रों का 10,000 रुपये से बढ़ाकर 12,000 रुपये करने को मंजूरी दी। प्रदेश कैबिनेट ने सीमावर्ती क्षेत्रों में तैनात विशेष पुलिस अधिकारियों (SPOs) का मानदेय भी 500 रुपये प्रति महीना बढ़ाएने और 100% डिसेबिलिटी वाले लोगों की महीने की पेंशन 1 अप्रैल, 2026 से बढ़ाकर 3,000 रुपये करने को भी स्वीकृति प्रदान की।

कैबिनेट ने 33 छोटे हाइड्रोइलेक्ट्रिक पावर प्रोजेक्ट्स, जिनमें से हर एक की इंस्टॉल्ड कैपेसिटी 5 MW से कम है, के अलॉटमेंट को कैंसिल करने को मंज़ूरी दी, क्योंकि डेवलपर्स उन्हें आगे बढ़ाने को लेकर सीरियस नहीं थे। कैबिनेट बैठक में कांगड़ा जिले की बोह वैली में आपदा प्रभावित परिवारों को एक विशेष राहत पैकेज देने का फैसला किया। उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री की अध्यक्षता में एक उप समिति भी बनाई गई, जो राज्य सरकार के कर्मचारियों के उनके होम डिस्ट्रिक्ट और उसी डिस्ट्रिक्ट के अंदर ट्रांसफर को नियमित करने के लिए पूरी गाइडलाइन्स बनाएगी। कैबिनेट ने एम्बुलेंस लिंक रोड्स के डिजाइन, कंस्ट्रक्शन और सर्टिफिकेशन के लिए गाइडलाइन्स को मंजूरी दी, और उन्हें फॉर्मली एक अलग कैटेगरी के तौर पर मान्यता दी ताकि रोड कनेक्टिविटी को जितना हो सके उतना आसान बनाया जा सके।