BLS Polymers IPO: 27 अक्टूबर से खुलेगा ₹255 करोड़ का इश्यू, GMP दे रहा तगड़े मुनाफे का संकेत

BLS Polymers IPO: बीएलएस पॉलिमर्स का ₹255 करोड़ का IPO 27 अक्टूबर को सब्सक्रिप्शन के लिए खुलेगा। इसका प्राइस बैंड ₹142 से ₹150 प्रति शेयर तय किया गया है। इस हिसाब से कंपनी की वैल्यू करीब ₹930.5 करोड़ होगी। IPO में 1.7 करोड़ नए शेयर जारी किए जाएंगे। इश्यू 29 अक्टूबर को बंद होगा, जबकि एंकर निवेशक 26 अक्टूबर को बोली लगा सकेंगे।

शेयरों का अलॉटमेंट 30 अक्टूबर तक फाइनल होने की उम्मीद है। वहीं, स्टॉक एक्सचेंजों पर लिस्टिंग 3 नवंबर को हो सकती है। कंपनी को दिसंबर 2025 में SEBI से IPO की मंजूरी मिली थी।

BLS Polymers IPO का GMP

ग्रे मार्केट में BLS पॉलिमर्स के आईपीओ को तगड़ा रिस्पॉन्स मिल रहा है। इसका लेटेस्ट GMP ₹30 है। यह अपर प्राइस बैंड से 20% लिस्टिंग गेन का संकेत दे रहा है। हालांकि, GMP सिर्फ आईपीओ की डिमांड का अंदाजा भर होता है। इसे लिस्टिंग प्राइस की गारंटी नहीं समझना चाहिए।

IPO से जुटाए पैसे कहां खर्च होंगे?

BLS पॉलिमर्स IPO से मिलने वाली रकम में से ₹77.56 करोड़ गोवा स्थित अपनी मैन्युफैक्चरिंग यूनिट के विस्तार पर खर्च करेगी। इसके अलावा, ₹89.5 करोड़ वर्किंग कैपिटल की जरूरतों के लिए रखे जाएंगे। बाकी रकम का इस्तेमाल सामान्य कॉरपोरेट जरूरतों में होगा।

क्या करती है कंपनी?

नई दिल्ली स्थित BLS Polymers खास तरह के पॉलिमर कंपाउंड बनाती है। इनका इस्तेमाल बिजली, टेलीकॉम, रेलवे, पानी और तेल-गैस से जुड़े उद्योगों में होता है। कंपनी के प्रोडक्ट तारों, केबलों और पाइपलाइनों को सुरक्षा देने में काम आते हैं।

मुनाफा 27.8% बढ़ा

FY26 में कंपनी का नेट प्रॉफिट 27.8% बढ़कर ₹27 करोड़ हो गया, जो FY25 में ₹21.1 करोड़ था। इस दौरान रेवेन्यू भी 6.4% बढ़कर ₹349.4 करोड़ पहुंच गई। जून 2026 तिमाही में कंपनी ने ₹107.02 करोड़ की रेवेन्यू पर ₹10.2 करोड़ का मुनाफा दर्ज किया।

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Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

NSE और हीरो मोटर्स IPO के GMP में बड़ी गिरावट, निवेशकों को किस बात का है डर?

IPO बाजार में इस समय NSE और Hero Motors के इश्यू चर्चा में हैं। दोनों IPO को लेकर ग्रे मार्केट में जबरदस्त उत्साह दिखा। लेकिन फिर इनके GMP यानी Grey Market Premium में तेज गिरावट देखने को मिली। बेशक GMP अंतिम लिस्टिंग प्राइस की गारंटी नहीं होती। मगर इससे निवेशकों के उत्साह और आईपीओ की डिमांड का मोटा अंदाजा मिलता है।

NSE IPO का GMP क्यों गिरा?

इनवेस्टरगेन के मुताबिक, NSE IPO का GMP शुरुआत में ₹310 था, जो 17 सितंबर की घटकर करीब ₹145 रह गया। यानी इसमें लगभग 53% की गिरावट आई। ₹1,785 के अपर प्राइस बैंड के मुकाबले ₹145 का GMP करीब 8% के संभावित प्रीमियम का संकेत देता है।

GMP में गिरावट की कई वजहें हैं। पहली बात की NSE का IPO करीब ₹22,562 करोड़ का है और यह पूरी तरह Offer for Sale (OFS) है। यानी इस इश्यू से मिलने वाला पैसा NSE को नहीं मिलेगा, बल्कि मौजूदा शेयरधारक अपने शेयर बेचेंगे। इतना बड़ा इश्यू होने का मतलब है कि ज्यादातर लोगों को अलॉटमेंट मिलने की संभावना रहती है। इसलिए ग्रे मार्केट में अब ज्यादा उत्साह नहीं दिख रहा।

दूसरी बड़ी चिंता NSE की कमाई को लेकर है। कंपनी की आमदनी में ट्रांजैक्शन चार्ज की बड़ी हिस्सेदारी है और खासकर डेरिवेटिव्स कारोबार में रेगुलेटरी बदलावों का असर पड़ा है। FY26 में NSE का रेवेन्यू और मुनाफा दोनों घटा था। इससे ग्रे मार्केट में वैल्यूएशन को लेकर सतर्कता बढ़ी है।

इसके अलावा, बाजार का मौजूदा माहौल भी पूरी तरह मजबूत नहीं है। अमेरिकी फेड की दरों से जुड़ा रुख, कच्चे तेल की कीमत और हाल की बाजार गिरावट ने निवेशकों की जोखिम लेने की क्षमता पर असर डाला है। समाचार एजेंसी रॉयटर्स ने भी इन फैक्टर्स को भारतीय बाजार के मौजूदा सतर्क माहौल की वजहों में शामिल किया है। ऐसे में NSE की कमाई पर आगे भी असर पड़ सकता है।

Hero Motors IPO का GMP भी फिसला

हीरो ग्रुप की कंपनी Hero Motors IPO का GMP भी शुरुआती उछाल के बाद कमजोर हुआ है। 13 सितंबर को इसका GMP करीब ₹24 था, जो 17 सितंबर को घटकर करीब ₹8 रह गया। यानी चार दिनों में प्रीमियम लगभग 66.7% नीचे आया है। ₹84 के अपर प्राइस बैंड पर ₹13 का GMP करीब 9.5% संभावित प्रीमियम का संकेत देता है।

Hero Motors के मामले में एक अहम बात QIB यानी क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स की कमजोर शुरुआती मांग है। 17 सितंबर की सुबह तक IPO कुल 2.20 गुना सब्सक्राइब हुआ था, लेकिन QIB हिस्सा सिर्फ 0.01 गुना भरा था। इसके मुकाबले रिटेल हिस्सा 3.49 गुना और NII हिस्सा 2.10 गुना सब्सक्राइब हुआ।

यानी IPO को रिटेल और NII निवेशकों से अच्छी मांग मिल रही थी, लेकिन संस्थागत निवेशकों की शुरुआती भागीदारी कम रही। ग्रे मार्केट में इस तरह की डिमांड को लेकर धारणा GMP पर असर डाल सकती है। बाद में सब्सक्रिप्शन बढ़ने पर तस्वीर बदल भी सकती है।

GMP गिरने का मतलब IPO कमजोर होना नहीं

GMP को लेकर सबसे जरूरी बात यह है कि यह अनऑफिशियल मार्केट का संकेतक है। इसमें ट्रेडिंग सीमित होती है और सेंटीमेंट तेजी से बदल सकता है। इसलिए GMP में ₹20-30 की गिरावट का मतलब यह नहीं है कि कंपनी के बिजनेस में उसी अनुपात में बदलाव आया है।

NSE के मामले में GMP में गिरावट के साथ बड़ा इश्यू साइज, डेरिवेटिव्स से जुड़ी रेगुलेटरी चिंताएं और वैल्यूएशन जैसे मुद्दे चर्चा में हैं। वहीं Hero Motors में शुरुआती QIB डिमांड और ग्रे मार्केट सेंटीमेंट महत्वपूर्ण फैक्टर हैं। हालांकि, अंतिम लिस्टिंग प्राइस का पता शेयर बाजार में लिस्टिंग के बाद ही चलेगा।

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Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Manika Plastech IPO: 11 सितंबर से खुलेगा इश्यू, 40% पर पहुंचा GMP; जानिए प्राइस बैंड समेत पूरी डिटेल

Manika Plastech IPO: मुंबई की प्लास्टिक प्रोडक्ट्स बनाने वाली कंपनी Manika Plastech का IPO सब्सक्रिप्शन के लिए 11 सितंबर से खुलेगा। इसमें निवेशक 16 सितंबर तक पैसे लगा सकेंगे। कंपनी ने इसके लिए ₹40 से ₹43 प्रति शेयर का प्राइस बैंड तय किया है।

IPO में ₹92.5 करोड़ का फ्रेश इश्यू होगा। इसके अलावा प्रमोटर इकाई VRIDAA Holding Trust 76.74 लाख शेयर तक OFS में बेचेगी।

Manika Plastech IPO का GMP

मणिका प्लास्टेक के आईपीओ को ग्रे मार्केट में भी तगड़ा रिस्पॉन्स मिल रहा है। इसका GMP ₹17 रुपये है। यह अपर प्राइस बैंड से करीब 40% के लिस्टिंग गेन का संकेत देता है। हालांकि, GMP सिर्फ आईपीओ की डिमांड का अंदाजा होता है। इसे लिस्टिंग की गारंटी नहीं समझना चाहिए।

₹54.9 करोड़ मशीनरी पर खर्च करेगी कंपनी

फ्रेश इश्यू से मिलने वाली रकम में से ₹54.9 करोड़ प्लांट और मशीनरी खरीदने पर खर्च होंगे। वहीं, ₹15 करोड़ कर्ज चुकाने में लगाए जाएंगे। बाकी रकम का इस्तेमाल सामान्य कॉरपोरेट जरूरतों के लिए किया जाएगा।

एंकर निवेशकों के लिए बोली 10 सितंबर को खुलेगी। शेयर अलॉटमेंट 17 सितंबर तक फाइनल होने की उम्मीद है। कंपनी के शेयरों की लिस्टिंग 21 सितंबर से होने की संभावना है। IPO के लिए Pantomath Capital Advisors को मर्चेंट बैंकर बनाया गया है।

क्या कारोबार करती है Manika Plastech?

Kapadia परिवार की प्रमोटेड Manika Plastech रिजिड पॉलिमर पैकेजिंग प्रोडक्ट बनाती है। कंपनी का फोकस डिजाइन और प्रिसिजन इंजीनियरिंग पर है। कंपनी बैटरी केसिंग, पेल और कंटेनर, ऑटोमोटिव कंपोनेंट्स और थिन-वॉल कंटेनर जैसे प्रोडक्ट बनाती है। इनमें स्टैंडर्ड और कस्टमाइज्ड दोनों तरह के प्रोडक्ट शामिल हैं।

कंपनी की 7 मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटीज हैं। इनकी कुल उत्पादन क्षमता 29,200 MTPA है। कंपनी व्हीकल बैटरी, इनवर्टर, पेंट्स, एग्रोकेमिकल्स, लुब्रिकेंट्स, फूड एंड डेयरी और कंस्ट्रक्शन केमिकल्स जैसे सेक्टर्स को प्रोडक्ट सप्लाई करती है।

जून तिमाही में ₹13 करोड़ का प्रॉफिट

जून 2026 तिमाही में कंपनी का प्रॉफिट ₹13 करोड़ रहा। इस दौरान रेवेन्यू ₹162.4 करोड़ रहा। वित्त वर्ष 2026 में कंपनी का प्रॉफिट सालाना आधार पर 15.9% बढ़कर ₹22.4 करोड़ हो गया। वहीं, ऑपरेशंस से रेवेन्यू 7.3% बढ़कर ₹436 करोड़ रहा।

जुलाई 2026 तक कंपनी पर कुल ₹77.9 करोड़ की बकाया उधारी थी।

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Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

IPO News: एक-दो नहीं, खुले 6 कंपनियों के आईपीओ; ग्रे मार्केट में सबसे तगड़ी इसकी सेहत

IPO News: आज 9 सितंबर को निवेशकों के लिए छह मेनबोर्ड आईपीओ सब्सक्रिप्शन के लिए खुले हैं। मेनबोर्ड का मतलब ऐसी छह कंपनियों के आईपीओ खुले हैं, जिनके शेयर बीएसई और एनएसई पर लिस्ट होने हैं। इनमें डिजिटल पेमेंट, कंज्यूमर रेंटल, इंजीनियरिंग, एसेट रिकंस्ट्रक्शन और इंफ्रास्ट्रक्चर जैसे अलग-अलग सेक्टर की कंपनियां शामिल हैं। ये सभी आईपीओ 11 सितंबर तक खुले रहेंगे। इनमें से मणिपाल पेमेंट एंड आइडेंटिटी सॉल्यूशंस (Manipal Payment and Identity Solutions) के साथ-साथ ऑनलाइन फर्नीचर और एप्लाएंस रेंटल प्लेटफॉर्म रेंटोमोजो (Rentomojo) अहम हैं और बड़े आईपीओ में शुमार हैं। ग्रे मार्केट में सबकी सेहत मजबूत दिख रही है लेकिन ध्यान दें कि मार्केट एक्सपर्ट्स के मुताबिक निवेश का फैसला जीएमपी नहीं बल्कि कंपनी के फंडामेंटल्स और फाइनेंशियल्स के आधार पर फैसला लेना चाहिए।

Manipal Payment and Identity Solutions IPO

मणिपाल पेमेंट एंड आइडेंटिटी सॉल्यूशंस के ₹805 करोड़ के आईपीओ के लिए प्राइस बैंड ₹322-₹339 और लॉट साइज 44 शेयर है। ग्रे मार्केट में इसके शेयर आईपीओ के प्राइस बैंड से ₹33 यानी 9.73% की GMP (ग्रे मार्केट प्रीमियम) पर हैं। इस इश्यू के तहत ₹320 करोड़ के नए शेयर जारी होंगे और बाकी शेयरों की ऑफर फॉर सेल विंडो के तहत बिक्री होगी।

Rentomojo IPO

रेंटोमोजो के ₹1256 करोड़ के आईपीओ के तहत निवेशक ₹384-₹404 के प्राइस बैंड और ₹37 शेयरों के लॉट में पैसे लगा सकते हैं। ग्रे मार्केट में इसके शेयर ₹140 के प्रीमियम पर ट्रेड हो रहे हैं यानी जीएमपी 34.65% है। इस आईपीओ के तहत ₹150 करोड़ के नए शेयर जारी होंगे।

LCC Projects IPO

सिंचाई और पानी की सप्लाई से जुड़े काम करने वाली एलसीसी प्रोजेक्ट्स के ₹427 करोड़ के आईपीओ का प्राइस बैंड ₹139-₹146 और लॉट साइज 102 शेयर है। इस इश्यू के तहत ₹258 करोड़ के नए शेयर जारी होंगे। ग्रे मार्केट में यह ₹40 यानी 27.40% के प्रीमियम पर है।

Karamtara Engineering IPO

रिन्यूएबल एनर्जी और ट्रांसमिशन लाइन्स से जुड़े प्रोडक्ट्स बनाने वाली करमतारा इंजीनियरिंग के ₹875 करोड़ के आईपीओ में निवेशक ₹241-₹254 के प्राइस बैंड और 59 शेयरों के लॉट में बोली लगा सकेंगे। इस इश्यू के तहत ₹675 करोड़ के नए शेयर जारी होंगे। इसकी जीएमपी ₹65 यानी 25.59% है।

Asset Reconstruction Company IPO

एसेट रीकंस्ट्रक्शन कंपनी के ₹733 करोड़ के आईपाओ के तहत निवेशक ₹132-₹139 के प्राइस बैंड और ₹107 शेयरों के लॉट में बोली लगा सकते हैं। यह इश्यू पूरी तरह से ऑफर फॉर सेल का है। फिलहाल ग्रे मार्केट में यह ₹28 यानी 20.14% के प्रीमियम पर है।

Steamhouse India IPO

नाइट्रोजन का पाइपलाइन नेटवर्क चलाने वाली स्टीमहाउस इंडिया के ₹414 करोड़ के आईपीओ का प्राइस बैंड ₹77-₹81 और लॉट साइज ₹185 शेयर है। ग्रे मार्केट में यह आईपीओ के प्राइस बैंड से ₹19 यानी 23.46% की जीएमपी पर है। इस इश्यू के तहत ₹353 करोड़ के नए शेयर जारी होंगे।

लिस्टिंग के दिन गिरावट का 4 निवेशकों ने उठाया फायदा, खरीदी 5% होल्डिंग, आपके पास है यह शेयर?

डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Pranav Constructions IPO: 7 सितंबर से खुलेगा इश्यू, GMP मचा रहा धूम; जानिए प्राइस बैंड समेत पूरी डिटेल

Pranav Constructions IPO: कंस्ट्रक्शन कंपनी प्रणव कंस्ट्रक्शंस का IPO 7 सितंबर से खुल रहा है। इसका प्राइस बैंड ₹118 से ₹124 तय किया गया है। IPO में निवेश के लिए कम से कम 120 शेयरों की बोली लगानी होगी। ऊपरी प्राइस बैंड पर एक लॉट के लिए ₹14,880 लगाने होंगे। इसमें 9 सितंबर तक निवेश किया जा सकेगा। इस आईपीओ का GMP भी काफी शानदार है।

₹351 करोड़ का है IPO

प्रणव कंस्ट्रक्शंस का IPO करीब ₹351 करोड़ का है। इसमें ₹315.60 करोड़ के नए शेयर जारी किए जाएंगे। वहीं, निवेशक शेयरधारक BioUrja India Infra 28,56,869 शेयर OFS के जरिए बेचेगा। इन शेयरों की कीमत करीब ₹35.43 करोड़ है।

कंपनी के शेयरों की लिस्टिंग NSE और BSE पर प्रस्तावित है। इस इश्यू के बुक रनिंग लीड मैनेजर Centrum Capital और PNB Investment Services हैं। वहीं, KFin Technologies IPO का रजिस्ट्रार है।

Pranav Constructions IPO का GMP

प्रणव कंस्ट्रक्शंस को ग्रे मार्केट में भी काफी अच्छा रिस्पॉन्स मिल रहा है। इसका लेटेस्ट GMP 43 रुपये है। यह अपर प्राइस बैंड के हिसाब से 34.68% के लिस्टिंग गेन का संकेत देता है। हालांकि, GMP सिर्फ आईपीओ की डिमांड का अंदाजा भर होता है। इसे लिस्टिंग प्राइस की गारंटी नहीं समझनी चाहिए।

मुंबई के री-डेवलपमेंट प्रोजेक्ट्स पर फोकस

Pranav Constructions की शुरुआत 2003 में हुई थी। कंपनी का मुख्य कारोबार मुंबई में पुराने आवासीय प्रोजेक्ट्स के री-डेवलपमेंट से जुड़ा है। खासतौर पर कंपनी का फोकस MCGM क्षेत्र के पश्चिमी उपनगरों पर है।

C&W Report के मुताबिक, यूनिट्स की सप्लाई, पूरे हो चुके और निर्माणाधीन MCGM री-डेवलपमेंट प्रोजेक्ट्स की संख्या के आधार पर कंपनी इस क्षेत्र की प्रमुख कंपनियों में शामिल है। कंपनी के पास कुल 1,864 यूनिट्स और 34 पूरे हो चुके या निर्माणाधीन MCGM री-डेवलपमेंट प्रोजेक्ट्स हैं। इसी अवधि में दूसरे डेवलपर्स के पास 4 से 11 ऐसे प्रोजेक्ट्स थे।

Pranav Constructions की कारोबारी सेहत

वित्त वर्ष 2026 में कंपनी का ऑपरेशंस से रेवेन्यू ₹761.60 करोड़ रहा। एक साल पहले यह ₹636.27 करोड़ था। कंपनी का नेट प्रॉफिट भी बढ़ा। FY26 में यह ₹71.32 करोड़ रहा। FY25 में कंपनी का नेट प्रॉफिट ₹62.25 करोड़ था। वहीं, FY26 में कंपनी का ROCE 24.34% रहा। FY25 में यह 24.83% था।

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Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Deepa Jewellers IPO: 1 सितंबर से ₹460 करोड़ का इश्यू खुलेगा, 30% पर है GMP; जानिए प्राइस बैंड समेत पूरी डिटेल

Deepa Jewellers IPO: ज्वेलरी कंपनी Deepa Jewellers का IPO 1 सितंबर से खुलेगा। हैदराबाद की यह कंपनी 22 कैरेट हॉलमार्क गोल्ड ज्वेलरी की प्रोसेसिंग और सप्लाई करती है। इसने अपने IPO का प्राइस बैंड ₹168 से ₹177 प्रति शेयर तय किया है।

कंपनी इस IPO के जरिए कुल ₹459.7 करोड़ जुटाना चाहती है। प्राइस बैंड के ऊपरी स्तर पर कंपनी का मार्केट कैप करीब ₹1,701.4 करोड़ होगा। IPO में ₹250 करोड़ के नए शेयर जारी किए जाएंगे। वहीं प्रमोटर OFS के जरिए 1.18 करोड़ तक इक्विटी शेयर बेचेंगे। OFS का साइज करीब ₹209.7 करोड़ है।

1 सितंबर से खुलेगा IPO

Deepa Jewellers का IPO निवेशकों के लिए 1 सितंबर को खुलेगा। इसमें 3 सितंबर तक बोली लगाई जा सकेगी। एंकर निवेशकों के लिए बुक 31 अगस्त को एक दिन के लिए खुलेगी। IPO में 50% हिस्सा क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स यानी QIB के लिए रखा गया है। रिटेल निवेशकों के लिए 35% हिस्सा रिजर्व है। बाकी 15% हिस्सा नॉन-इंस्टीट्यूशनल निवेशकों के लिए रखा गया है।

निवेशकों को कम से कम 84 शेयरों के लिए आवेदन करना होगा। इसके बाद 84 शेयरों के गुणकों में बोली लगाई जा सकेगी। ऊपरी प्राइस बैंड पर रिटेल निवेशकों को कम से कम ₹14,868 लगाने होंगे। अधिकतम निवेश ₹1,93,284 तक किया जा सकता है।

Deepa Jewellers IPO का GMP

दीपा ज्वैलर्स के आईपीओ को ग्रे मार्केट में काफी अच्छा रिस्पॉन्स मिल रहा है। इसका GMP फिलहाल ₹53 है। यह अपर प्राइस बैंड के हिसाब से करीब 30% प्रीमियम का संकेत है। हालांकि, GMP लिस्टिंग प्राइस की गारंटी नहीं होती। यह बस आईपीओ की डिमांड का अंदाजा होती है। इसमें लगातार बदलाव भी होता रहता है।

क्या करती है कंपनी?

Deepa Jewellers एक संगठित B2B कंपनी है। यह गोल्ड ज्वेलरी को डिजाइन करती है और आउटसोर्स्ड मॉडल के जरिए उसकी प्रोसेसिंग कराती है। कंपनी के पास 41 कारीगरों का नेटवर्क है।

कंपनी तेलंगाना, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु और केरल में रिटेल चेन और अलग-अलग ज्वेलरी स्टोर्स को अपने प्रोडक्ट सप्लाई करती है। इसके अलावा कंपनी जॉब वर्क भी करती है। यह सिल्वर ज्वेलरी, 18 और 20 कैरेट गोल्ड ज्वेलरी, कीमती पत्थर और गोल्ड बुलियन का कारोबार भी करती है।

वर्किंग कैपिटल पर खर्च होंगे ₹215 करोड़

IPO से जुटाई जाने वाली नई पूंजी में से ₹215 करोड़ कंपनी अपनी लंबी अवधि की वर्किंग कैपिटल जरूरतों पर खर्च करेगी।

इसमें ज्वेलरी का स्टॉक खरीदना, उसे बनाए रखना और कारोबार बढ़ने के साथ इन्वेंट्री का विस्तार शामिल है। बाकी रकम का इस्तेमाल सामान्य कॉरपोरेट जरूरतों के लिए किया जाएगा।

Deepa Jewellers की कारोबारी सेहत

वित्त वर्ष 2025-26 में Deepa Jewellers का नेट प्रॉफिट 158.2% बढ़कर ₹104.8 करोड़ हो गया। इससे पिछले वित्त वर्ष में कंपनी का मुनाफा ₹40.6 करोड़ था। इस दौरान कंपनी का रेवेन्यू 37.9% बढ़कर ₹1,926.7 करोड़ हो गया। एक साल पहले यह ₹1,397 करोड़ था।

Emkay Global Financial Services और Valmiki Leela Capital इस IPO के मर्चेंट बैंकर हैं।

Upcoming IPO: 31 अगस्त से शुरू हो रहे हफ्ते में 7 नए IPO खुलेंगे, 15 कंपनियों की लिस्टिंग होगी

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

अगले हफ्ते शेयर बाजार में एंट्री के साथ ही रॉकेट बन सकते हैं ये शेयर, क्या आपने आईपीओ में बोली लगाई है?

अगले हफ्ते तीन कंपनियों के शेयर स्टॉक एक्सचेंजों में लिस्ट हो सकते हैं। इनमें सिंबायोटिक फार्मालैब, स्काईवेज एयर सर्विसेज और हाई-टेक इंजीनियर्स शामिल हैं। इन कंपनियों के आईपीओ में बोली लगाने की अंतिम तारीख 27 अगस्त है। तीनों आईपीओ को निवेशकों का स्ट्रॉन्ग रिस्पॉन्स मिला है।

Symbiotic Pharmalab का आईपीओ 20 गुना सब्सक्राइब्ड

Symbiotic Pharmalab का आईपीओ आईपीओ खुलने के तीसरे दिन 20 गुना से ज्यादा सब्सक्राइब हुआ। इस इश्यू में सबसे ज्यादा दिलचस्पी नॉन-इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स (NII) ने दिखाई। 1,757 करोड़ रुपये के इस आईपीओ में कंपनी इनवेस्टर्स को 1.31 करोड़ शेयर एलॉट करेगी। ग्रे मार्केट में इस शेयर पर 29.05 फीसदी प्रीमियम चल रहा।

Skyways Air Services के शेयर पर 33 फीसदी से ज्यादा जीएमपी

Skyways Air Services के आईपीओ को भी निवेशकों का स्ट्रॉन्ग रिस्पॉन्स मिला है। अब तक यह इश्यू करीब 23 गुना सब्सक्राइब हो चुका है। इस इश्यू में NII के अलावा रिटेल इनवेस्टर्स ने भी जबर्दस्त दिलचस्पी दिखाई है। ग्रे मार्केट में इस शेयर पर 33.33 फीसदी का प्रीमियम चल रहा है। इससे इस शेयर की दमदार लिस्टिंग की उम्मीद है।

हाई-टेक इंजीनियर्स का आईपीओ सबसे ज्यादा 144 गुना सब्सक्राइब हुआ

हाई-टेक इंजीनियर्स के आईपीओ में निवेशकों ने सबसे ज्यादा दिलचस्पी दिखाई है। एनएसई के डेटा के मुताबिक, यह इश्यू 144 गुना सब्सक्राइब हुआ है। NII कैटेगरी में यह इश्यू 301 गुना सब्सक्राइब हुआ है। रिटेल इनवेस्टर्स कैटेगरी में यह इश्यू 134 गुना सब्सक्राइब हुआ है। ग्रे मार्केट में इस शेयर पर 27 अगस्त को 84.91 फीसदी प्रीमियम चल रहा था।

शेयरों के ग्रे मार्केट प्रीमियम से सिर्फ लिस्टिंग के बारे मिलता है संकेत 

एक्सपर्ट्स का कहना है कि किसी शेयर के ग्रे मार्केट प्रीमियम (GMP) से सिर्फ स्टॉक मार्केट्स में स्टॉक की लिस्टिंग का संकेत मिलता है। यह शेयर के प्रीमियम के साथ लिस्ट होने की गारंटी नहीं है। अगर लिस्टिंग से पहले बाजार की स्थितियां बदल जाती हैं तो उसका असर शेयरों की लिस्टिंग पर पड़ सकता है। इसीलिए एक्सपर्ट्स किसी आईपीओ में शेयर के जीएमपी के आधार पर बोली लगाने की सलाह नहीं देते हैं।

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शेयर बाजारों के प्रमुख सूचकांकों पर 27 अगस्त को दिखा दबाव 

तीनों कंपनियों की लिस्टिंग ऐसे वक्त हो रही है, जब बाजार पर दबाव दिख रहा है। 27 अगस्त को भी बाजार में गिरावट दिखी। बाजार के प्रमुख सूचकांक निफ्टी और सेंसेक्स लाल निशान में बंद हुए। निफ्टी 0.48 फीसदी यानी 116.90 अंक गिरकर 24,090 पर बंद हुआ, जबकि सेंसेक्स 0.70 फीसदी यानी 539 अंक गिरकर 76,933 पर बंद हुआ। बैंक निफ्टी में भी 0.47 फीसदी की गिरावट आई।

Tempsens Instruments IPO Allotment: 184 गुना सब्सक्राइब, लेटेस्ट GMP के साथ जानिए अलॉटमेंट चेक करने का पूरा प्रोसेस

Tempsens Instruments IPO Allotment: इंडस्ट्रियल इक्विपमेंट सेक्टर की Tempsens Instruments के IPO के लिए आज, 25 अगस्त को शेयरों का अलॉटमेंट हो सकता है। ₹650 करोड़ के इस IPO को निवेशकों का जबरदस्त रिस्पॉन्स मिला है। इश्यू कुल 184.07 गुना सब्सक्राइब हुआ है।

सबसे ज्यादा दिलचस्पी नॉन-इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स यानी NII की रही। इस कैटेगरी में IPO 314.44 गुना सब्सक्राइब हुआ। क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स यानी QIB ने 302.88 गुना बोली लगाई। रिटेल इनवेस्टर्स की कैटेगरी भी 60.69 गुना सब्सक्राइब हुई।

Tempsens Instruments IPO की लिस्टिंग

कंपनी ने IPO के लिए ₹285 से ₹300 प्रति शेयर का प्राइस बैंड तय किया था। IPO 20 अगस्त को खुला था। 24 अगस्त को इसकी बोली बंद हो गई। अब निवेशकों की नजर अलॉटमेंट पर है। कंपनी के शेयर 28 अगस्त को BSE और NSE पर लिस्ट हो सकते हैं।

GMP से लिस्टिंग पर कितना फायदा दिख रहा है?

Tempsens Instruments के शेयर को ग्रे मार्केट में भी काफी अच्छा रिस्पॉन्स मिल रहा है। InvestorGain के मुताबिक, 25 अगस्त को इसका GMP करीब ₹317 था।

कंपनी के IPO का अपर प्राइस बैंड ₹300 है। ऐसे में ₹317 का GMP जोड़ें तो अनुमानित लिस्टिंग कीमत करीब ₹617 बनती है। यानी ₹300 के IPO Price के मुकाबले करीब 105.67% प्रीमियम का अनुमान लगाया जा रहा था। हालांकि, यह रिटर्न की कोई गारंटी नहीं है।

Tempsens Instruments IPO अलॉट स्टेटस कैसे चेक करें?

अगर आपने भी इस IPO में पैसा लगाया है, तो अलॉटमेंट स्टेटस ऑनलाइन चेक कर सकते हैं। इसके लिए KFin Technologies और NSE की वेबसाइट का इस्तेमाल किया जा सकता है।

KFin Technologies से कैसे चेक करें?

KFin Technologies इस IPO की Registrar है।

  • स्टेप 1: KFin Technologies की IPO Status वेबसाइट खोलें।
  • स्टेप 2: IPO की लिस्ट में Tempsens Instruments चुनें।
  • स्टेप 3: PAN, Application Number या DP ID/Client ID में से कोई विकल्प चुनें।
  • स्टेप 4: मांगी गई जानकारी भरें।
  • स्टेप 5: Submit पर क्लिक करें।

इसके बाद आपका अलॉटमेंट स्टेटस स्क्रीन पर दिखाई देगा।

NSE से कैसे चेक करें?

NSE की वेबसाइट पर भी IPO से जुड़ी जानकारी देखी जा सकती है।

  • NSE के IPO Bid Details सेक्शन में जाएं।
  • Equity और SME IPO Bid Details का विकल्प चुनें।
  • Tempsens Instruments को चुनें।
  • अपनी एप्लिकेशन डिटेल्स डालें।
  • सबमिट करें और डिटेल देखें।

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Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Lumino Industries IPO: 27 अगस्त से खुलेगा ₹700 करोड़ का आईपीओ, GMP दे रहा 58% मुनाफे का संकेत

Lumino Industries IPO: कोलकाता की कंडक्टर, पावर केबल और इलेक्ट्रिकल वायर बनाने वाली कंपनी Lumino Industries का IPO 27 अगस्त को खुलेगा। कंपनी इस इश्यू से करीब ₹700 करोड़ जुटाने की तैयारी में है। IPO का प्राइस बैंड ₹78 से ₹82 प्रति शेयर तय किया गया है।

इसमें ₹500 करोड़ का फ्रेश इश्यू होगा। वहीं करीब 2.44 करोड़ शेयरों का OFS होगा। IPO 31 अगस्त को बंद होगा।

Lumino Industries IPO की पूरी डिटेल

पैमानाडिटेल
IPO खुलने की तारीख27 अगस्त 2026
IPO बंद होने की तारीख31 अगस्त 2026
फेस वैल्यू
₹5 प्रति इक्विटी शेयर

IPO प्राइस बैंड₹78 से ₹82 प्रति शेयर
इश्यू साइजकरीब ₹700 करोड़
फ्रेश इश्यूकरीब ₹500 करोड़
ऑफर फॉर सेल (OFS)करीब 2,43,90,242 इक्विटी शेयर

Lumino Industries IPO का GMP

ग्रे मार्केट में Lumino Industries के IPO को शानदार रिस्पॉन्स मिल रहा है। इनवेस्टरगेन के मुताबिक, Lumino Industries का लेटेस्ट GMP ₹48 है।

यह अपर प्राइस बैंड से 58.54% के लिस्टिंग गेन का संकेत देता है। हालांकि, GMP लिस्टिंग गेन की गारंटी नहीं होता और लगातार बदलता भी रहता है।

प्रमोटर बेचेंगे ₹200 करोड़ के शेयर

IPO में ₹500 करोड़ का फ्रेश इश्यू होगा। इसके अलावा प्रमोटर देवेंद्र गोयल और उनके बेटे जय गोयल ₹200 करोड़ तक के शेयर OFS के जरिए बेचेंगे।

कंपनी ने पहले ₹1,000 करोड़ का IPO लाने की योजना बनाई थी। तब ₹600 करोड़ का फ्रेश इश्यू और ₹400 करोड़ का OFS प्रस्तावित था। बाद में इश्यू का आकार घटाकर करीब ₹700 करोड़ कर दिया गया।

IPO से मिलने वाले पैसे का इस्तेमाल

Lumino Industries फ्रेश इश्यू से मिलने वाली रकम का बड़ा हिस्सा कर्ज चुकाने में लगाएगी। कंपनी करीब ₹337 करोड़ का इस्तेमाल कर्ज के भुगतान के लिए करेगी।

जुलाई 2026 तक कंपनी पर कुल ₹1,856.7 करोड़ का कर्ज था। इसके अलावा ₹15 करोड़ मशीनरी और उपकरण खरीदने, सिविल वर्क और मौजूदा मैन्युफैक्चरिंग प्लांट के विकास पर खर्च किए जाएंगे।

कंपनी का कारोबार क्या है?

Lumino Industries कंडक्टर, पावर केबल और दूसरे स्पेशलाइज्ड इलेक्ट्रिकल प्रोडक्ट बनाती है। कंपनी के ग्राहक बड़े EPC प्लेयर हैं।

इनमें Kalpataru Projects International, Jackson और R S Infraprojects जैसे नाम शामिल हैं। कंपनी अमेरिका, माली, बुर्किना फासो, नेपाल, बांग्लादेश, केन्या, घाना, रवांडा और इथियोपिया जैसे देशों में भी अपने प्रोडक्ट बेचती है।

कारोबार का हाल कैसा है?

वित्त वर्ष 2025-26 में Lumino Industries का मुनाफा ₹160 करोड़ रहा। एक साल पहले यह ₹124.6 करोड़ था। यानी मुनाफे में 28.4% की बढ़ोतरी हुई। इस दौरान कंपनी का रेवेन्यू भी बढ़ा।

FY26 में रेवेन्यू ₹2,041 करोड़ रहा, जो FY25 में ₹1,918 करोड़ था। यानी इसमें 6.4% की बढ़ोतरी हुई। FY26 में कंपनी की कुल बिक्री में घरेलू कारोबार की हिस्सेदारी 98% रही। वहीं वित्त वर्ष के अंत में कंपनी की ऑर्डर बुक ₹3,149.8 करोड़ थी।

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Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Hy-Tech Engineers IPO: कल से खुलेगा ₹135 करोड़ का इश्यू, GMP मचा रहा धूम; निवेश से पहले जानिए 7 बड़ी बातें

Hy-Tech Engineers IPO: इंजीनियरिंग कंपनी Hy-Tech Engineers का मेनबोर्ड IPO सोमवार, 24 अगस्त से खुलेगा। ग्रे मार्केट में भी इस इश्यू को लेकर कापी उत्साह दिख रहा है। फिलहाल GMP करीब ₹25 है। यह अपर प्राइस बैंड ₹53 के मुकाबले करीब 47% की संभावित लिस्टिंग गेन का संकेत देता है।

कंपनी इंजीनियरिंग सेक्टर में हाइड्रोलिक फिटिंग्स बनाती है। पिछले तीन साल में इसका रेवेन्यू और मुनाफा दोनों बढ़े हैं। ऐसे में निवेश से पहले इसकी अहम बातें जान लेना जरूरी है।

1. प्राइस बैंड और GMP कितना है?

Hy-Tech Engineers ने IPO का प्राइस बैंड ₹50 से ₹53 प्रति शेयर रखा है। अगर ग्रे मार्केट प्रीमियम मौजूदा स्तर पर बना रहता है, तो शेयर करीब ₹78 पर लिस्ट हो सकता है। ऐसे में 47.17% का संभावित रिटर्न मिल सकता है। हालांकि GMP सिर्फ बाजार का संकेत होता है। लिस्टिंग इसी भाव पर होगी, इसकी कोई गारंटी नहीं होती।

2. IPO कब खुलेगा और कब बंद होगा?

यह IPO 24 अगस्त को खुलेगा और 27 अगस्त को बंद होगा। शेयरों का अलॉटमेंट 28 अगस्त को होने की उम्मीद है। सफल निवेशकों के डिमैट खाते में शेयर 31 अगस्त तक आ सकते हैं। कंपनी की लिस्टिंग 1 सितंबर को BSE और NSE पर प्रस्तावित है।

3. कंपनी कितना पैसा जुटाएगी?

Hy-Tech Engineers कुल ₹135.73 करोड़ जुटाएगी। इसमें ₹60 करोड़ का फ्रेश इश्यू शामिल है। वहीं ₹75.73 करोड़ का ऑफर फॉर सेल (OFS) होगा, जिसमें प्रमोटर अपनी हिस्सेदारी का कुछ हिस्सा बेचेंगे। फ्रेश इश्यू से जुटाई गई रकम का इस्तेमाल कंपनी अपने कारोबार के विस्तार में करेगी। यह पैसा नई मशीनें खरीदने, कावत्थे, शिरवाल और पीथमपुर यूनिट के विस्तार, कुछ कर्ज चुकाने और सामान्य कॉरपोरेट जरूरतों पर खर्च होगा।

4. रिटेल निवेशक को कितना निवेश करना होगा?

IPO का एक लॉट 283 शेयरों का है। ऊपरी प्राइस बैंड के हिसाब से एक लॉट खरीदने के लिए ₹14,999 लगाने होंगे। रिटेल निवेशक अधिकतम 13 लॉट के लिए आवेदन कर सकते हैं। इसके लिए करीब ₹1,94,987 का निवेश करना होगा।

5. कंपनी क्या करती है?

Hy-Tech Engineers हाइड्रोलिक फिटिंग्स बनाने वाली इंजीनियरिंग कंपनी है। इसके प्रोडक्ट कई तरह के औद्योगिक इस्तेमाल में काम आते हैं। कंपनी भारत के साथ-साथ विदेशी बाजारों में भी कारोबार करती है। इस उद्योग में उसे 40 साल से ज्यादा का अनुभव है।

6. कंपनी की कमाई कैसी रही?

पिछले तीन साल में कंपनी की कमाई लगातार बढ़ी है। इसका असर मुनाफे में भी साफ दिखा है।

वित्त वर्षरेवेन्यूमुनाफा
FY24₹137.71 करोड़₹11.6 करोड़
FY25₹161.4 करोड़₹19.6 करोड़
FY26₹189.4 करोड़₹22.6 करोड़

FY24 से FY26 के बीच कंपनी का रेवेन्यू करीब 38% बढ़ा है। वहीं मुनाफा लगभग दोगुना हो गया है। इससे कंपनी की ग्रोथ मजबूत नजर आती है।

7. किसके लिए कितना रिजर्व है?

IPO में 50% हिस्सा क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIB) के लिए आरक्षित है। 15% हिस्सा गैर-संस्थागत निवेशकों (NII) के लिए रखा गया है। बाकी 35% हिस्सा रिटेल निवेशकों के लिए है।

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Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।