ESDS Software IPO: 28 गुना से ज्यादा भरा, GMP देखकर गदगद हुए निवेशक! आज है बोली लगाने का आखिरी मौका

ESDS Software Solutions IPO: क्लाउड कंप्यूटिंग और डेटा सेंटर इंफ्रास्ट्रक्चर क्षेत्र की प्रमुख कंपनी ईएसडीएस सॉफ्टवेयर सॉल्यूशंस के आईपीओ को बोली लगाने के आखिरी दिन, 1 सितंबर को निवेशकों से जबरदस्त रिस्पांस मिला है।

NSE के आंकड़ों के मुताबिक, 1 सितंबर सुबह 10:30 बजे तक यह पब्लिक इश्यू 28.31 गुना सब्सक्राइब हो चुका था। शेयर बाजार में चल रही भारी मांग को देखते हुए ग्रे मार्केट में भी इस आईपीओ का प्रीमियम (GMP) लगातार ऊंचाई छू रहा है।

आइए आपको बताते हैं ESDS Software IPO का सब्सक्रिप्शन स्टेटस, जीएमपी, कंपनी का बिजनेस और लिस्टिंग से जुड़ी हर छोटी-बड़ी जानकारी।

सब्सक्रिप्शन स्टेटस: NII और रिटेल कैटेगरी में बंपर मांग

कंपनी का ₹720 करोड़ का यह आईपीओ ऑफर पर रखे गए 1,23,52,942 शेयरों के मुकाबले 34,97,62,658 शेयरों के लिए बोलियां हासिल कर चुका है:

नॉन-इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (NIIs): एनआईआई हिस्से में सबसे ज्यादा आक्रामक खरीदारी देखी गई और यह कोटा 81.74 गुना भर चुका है।

रिटेल निवेशक: खुदरा निवेशकों का कोटा भी 21.17 गुना सब्सक्राइब हुआ है।

इश्यू से जुड़ी सभी जरूरी बातें

  • आईपीओ साइज: ₹720 करोड़
  • प्राइस बैंड: ₹408 – ₹429 प्रति शेयर
  • ओपनिंग और क्लोजिंग डेट: 28 अगस्त से 1 सितंबर 2026
  • एंकर इन्वेस्टर्स जुटाए: ₹216 करोड़
  • लिस्टिंग डेट: 4 सितंबर 2026 (BSE और NSE पर)

ESDS Software Solutions इस पब्लिक इश्यू से मिलने वाली कुल रकम में से ₹576 करोड़ का इस्तेमाल अपने डेटा सेंटर्स के लिए AI-बेस्ड क्लाउड कंप्यूटिंग इक्विपमेंट्स और इंफ्रास्ट्रक्चर खरीदने और इंस्टॉल करने के लिए करेगी। बाकी बची राशि का उपयोग सामान्य कॉर्पोरेट उद्देश्यों के लिए किया जाएगा।

कंपनी का बिजनेस और फाइनेंशियल हेल्थ

2005 में स्थापित ESDS Software Solutions AI-इनेबल्ड क्लाउड, मैनेज्ड सर्विसेज, डेटा सेंटर इंफ्रास्ट्रक्चर और सॉफ्टवेयर सॉल्यूशंस प्रदान करती है। FY26 में कंपनी ने ऑपरेशन्स से ₹472.21 करोड़ का रेवेन्यू दर्ज किया है, जबकि इसका शुद्ध मुनाफा ₹120.82 करोड़ रहा। कंपनी बैंकिंग, वित्तीय सेवाओं, बीमा (BFSI), पब्लिक सेक्टर यूनिट्स और कॉरपोरेट समेत 2,500 से अधिक सक्रिय ग्राहकों को सेवाएं दे रही है।

58% तक लिस्टिंग गेन का इशारा

ग्रे मार्केट पर नजर रखने वाली वेबसाइट ‘इन्वेस्टरगेन’ के मुताबिक, ESDS Software का शेयर ₹250 के तगड़े ग्रे मार्केट प्रीमियम पर ट्रेड कर रहा है। कंपनी के ₹408 से ₹429 प्रति शेयर के प्राइस बैंड के आधार पर, इसके ₹429 के अपर प्राइस बैंड में ₹250 का प्रीमियम जोड़कर इसकी संभावित लिस्टिंग ₹679 प्रति शेयर पर हो सकती है। इसका सीधा मतलब है कि यह आईपीओ लिस्टिंग वाले दिन निवेशकों को करीब 58.28% का शानदार मुनाफा दे सकता है।

बोली लगाए या नहीं? जानें ब्रोकरेज की राय

आनंद राठी के अनुसार, प्राइस बैंड के ऊपरी स्तर पर कंपनी का वैल्यूएशन वित्तीय वर्ष 2026 के अनुमानित P/E का 41.6 गुना है, जो इश्यू के बाद ₹50,284 मिलियन का मार्केट कैपिटलाइजेशन दिखाता है। ब्रोकरेज का मानना है कि भारत के क्लाउड और एआई इंफ्रास्ट्रक्चर मार्केट की मजबूत ग्रोथ संभावनाओं, कंपनी की इंटीग्रेटेड सेवाओं और बेहतर होती प्रोफिटबिलिटी को देखते हुए यह प्रीमियम वैल्यूएशन काफी हद तक वाजिब है। इसी के आधार पर ब्रोकरेज ने इस आईपीओ को ‘Subscribe – Long Term’ यानी लंबी अवधि के लिए सब्सक्राइब करने की सलाह दी है।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Hy-Tech Engineers IPO: कल होगी धमाकेदार एंट्री! 80% चढ़ा GMP, लिस्टिंग के बाद बेचें या होल्ड करें? एक्सपर्ट्स से जानें

Hy-Tech Engineers IPO GMP & Listing: प्राइमरी मार्केट में धमाल मचाने के बाद हाई-टेक इंजीनियर्स का आईपीओ कल यानी 1 सितंबर को शेयर बाजार में लिस्ट होने जा रहा है। 244 गुना से ज्यादा सब्सक्राइब हुए इस आईपीओ को लेकर ग्रे मार्केट में जबरदस्त क्रेज है और इसका जीएमपी लगभग 80 फीसदी के करीब पहुंच चुका है।

जिन निवेशकों को आईपीओ में शेयर अलॉट हुए हैं, उनके मन में सबसे बड़ा सवाल यह है कि कल लिस्टिंग वाले दिन क्या करें, मुनाफा वसूल कर निकल जाएं या लॉन्ग टर्म के लिए होल्ड रखें? आइए जानते हैं लिस्टिंग से पहले GMP, सब्सक्रिप्शन डेटा, ब्रोकरेज की राय और कंपनी की वित्तीय स्थिति से जुड़ी पूरी डिटेल्स।

244 गुना से ज्यादा हुआ था सब्सक्राइब

24 अगस्त से 27 अगस्त के बीच खुले इस ₹135.73 करोड़ के आईपीओ में निवेशकों ने रिकॉर्डतोड़ बोलियां लगाई थीं। कुल 1.84 करोड़ उपलब्ध शेयरों के मुकाबले 443.49 करोड़ से ज्यादा शेयरों के लिए बोलियां मिलीं। गैर-संस्थागत निवेशक(NII) कैटेगरी में सबसे ज्यादा 402.29 गुना आवेदन आए। QIB का हिस्सा 255.77 गुना भरा। वहीं खुदरा निवेशकों का कोटा 170.58 गुना सब्सक्राइब हुआ।

कितनी मजबूत है बैलेंस शीट?

हाइड्रॉलिक्स इंडस्ट्री में 40 सालों से ज्यादा का अनुभव रखने वाली हाई-टेक इंजीनियर्स मुख्य रूप से कंस्ट्रक्शन मशीनरी, ऑटोमोबाइल, कृषि उपकरण और इंजेक्शन मोल्डिंग मशीनों के लिए हाइड्रॉलिक फिटिंग्स बनाती है। 31 मार्च 2026 को समाप्त वित्त वर्ष में कंपनी का ऑपरेशंस से रेवेन्यू ₹189.40 करोड़ रहा। कंपनी का नेट प्रॉफिट बढ़कर ₹22.59 करोड़ पर पहुंच गया, जो पिछले वित्त वर्ष में ₹19.62 करोड़ था।

पब्लिक इश्यू खुलने से पहले कंपनी ने व्हाइटओक कैपिटल जैसे दिग्गजों सहित एंकर निवेशकों से ₹40.72 करोड़ जुटाए थे।

80% लिस्टिंग गेन का इशारा

ग्रे मार्केट पर नजर रखने वाली वेबसाइट InvestorGain के अनुसार, 31 अगस्त को Hy-Tech Engineers का GMP ₹42 प्रति शेयर चल रहा है। इसका इश्यू प्राइस ₹53 था। इस हिसाब से इसका संभावित लिस्टिंग प्राइस ₹53 + ₹42 = ₹95 प्रति शेयर रह सकता है। निवेशकों को लिस्टिंग के दिन करीब 80% का बंपर मुनाफे की उम्मीद है।

Buy, Sell या Hold? ब्रोकरेज हाउसेज की क्या है राय?

कांतिलाल छगनलाल सिक्योरिटीज: ब्रोकरेज के मुताबिक, कंपनी ने पिछले 2 सालों में 17.28% की रेवेन्यू CAGR दर्ज की है और EBIDTA मार्जिन 22% के आसपास बनाए रखा है। कंपनी का डोमेस्टिक मार्केट शेयर मजबूत है। ब्रोकरेज ने कहा, ‘कंपनी लंबे समय में बेहतरीन प्रदर्शन कर सकती है। कल अच्छे लिस्टिंग गेन की उम्मीद है। जिन्हें अलॉटमेंट मिला है, वे इसे मीडियम से लॉन्ग टर्म के लिए HOLD रख सकते हैं।’

आनंद राठी शेयर्स एंड स्टॉक ब्रोकर्स: आनंद राठी ने कंपनी के 11,000 से ज्यादा SKUs, 170 सीधे क्लाइंट्स और रेलवे-डिफेंस में मौजूदगी की तारीफ की। अपर प्राइस बैंड पर FY26 P/E मल्टीपल 22.25x है जो वाजिब वैल्युएशन दिखाता है। इन्होंने भी इस इश्यू को ‘Subscribe – Long Term’ की रेटिंग दी थी।

निवेशकों के लिए फाइनल स्ट्रैटेजी

जिन्हें केवल शॉर्ट-टर्म मुनाफा चाहिए, वे कल बंपर ओपनिंग के बाद अपना प्रॉफिट बुक करके निकल सकते हैं या स्टॉप-लॉस लगाकर चल सकते हैं। वहीं लॉन्ग टर्म इन्वेस्टर्स जिन्हें शेयर अलॉट हुए हैं और वे कंपनी के फंडामेंटल्स व हाइड्रॉलिक्स सेक्टर की ग्रोथ पर भरोसा रखते हैं, वे एक्सपर्ट्स की सलाह के मुताबिक इसे अपने पोर्टफोलियो में होल्ड कर सकते हैं।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Jio Platforms IPO: सेबी ने जियो के आईपीओ को मंजूरी दी, 27 करोड़ नए शेयर जारी होंगे

Jio Platforms IPO: रिलायंस ग्रुप की टेलीकॉम कंपनी Jio Platforms की शेयर बाजार में एंट्री अब और करीब आ गई है। मार्केट रेगुलेटर SEBI ने कंपनी के IPO प्लान को मंजूरी दे दी है। Jio Platforms ने 19 जून को DRHP दाखिल किया था। अब IPO की प्रक्रिया आगे बढ़ सकेगी।

यह IPO भारत के सबसे बड़े IPO में शामिल हो सकता है। कंपनी इस इश्यू में 27 करोड़ नए शेयर जारी करेगी। इससे करीब 2.93% हिस्सेदारी कम होगी। IPO से मिलने वाली रकम में से करीब ₹27,500 करोड़ लोन चुकाने में लगाए जाएंगे।

Jio Platforms में किसकी कितनी हिस्सेदारी?

Jio Platforms में Reliance Industries यानी RIL सबसे बड़ी शेयरधारक है। उसके पास 66.43% हिस्सेदारी है। Meta Platforms के पास 9.98% और Google के पास 7.73% हिस्सेदारी है।

सऊदी अरब के पब्लिक इनवेस्टमेंट फंड के पास 2.31% हिस्सेदारी है। KKR के पास भी 2.31% और Vista Equity Partners के पास 2.31% हिस्सेदारी है। Silver Lake के पास 1.88% हिस्सेदारी है।

इसके अलावा Mubadala के पास 1.85%, General Atlantic Singapore के पास 1.34%, Abu Dhabi Investment Authority के पास 1.16% और TPG Capital के पास 0.93% हिस्सेदारी है।

जून तिमाही में रेवेन्यू 12% बढ़ा

Jio Platforms का कारोबार भी अच्छी रफ्तार से बढ़ रहा है। जून तिमाही में कंपनी का रेवेन्यू सालाना आधार पर 12% बढ़कर ₹45,961 करोड़ रहा।

ऑपरेशंस से रेवेन्यू ₹39,173 करोड़ रहा। EBITDA 15% बढ़कर ₹20,865 करोड़ पहुंच गया। EBITDA मार्जिन भी 52% से बढ़कर 53% हो गया। कंपनी का मुनाफा 9.2% बढ़कर ₹7,764 करोड़ रहा।

53.33 करोड़ पहुंचा सब्सक्राइबर बेस

जून तिमाही के अंत में Jio Platforms का सब्सक्राइबर बेस 53.33 करोड़ हो गया। पिछली तिमाही में यह 52.44 करोड़ था। एक साल पहले यह 49.81 करोड़ था।

कंपनी के 5G सब्सक्राइबर की संख्या 28.5 करोड़ पहुंच गई। डेटा इस्तेमाल भी बढ़ा है। जून तिमाही में कुल डेटा ट्रैफिक सालाना आधार पर 26.9% बढ़कर 69.4 अरब GB रहा। प्रति व्यक्ति औसत मासिक डेटा इस्तेमाल 43.7 GB रहा।

इन कंपनियों के IPO को भी मंजूरी

SEBI ने Bharat PET, Sadbhav Futuretech, MK Sons Fine Jewels, Pushp Brand India और Paras Healthcare के IPO को भी मंजूरी दी है।

इसके अलावा Paramotor Digital Technology के प्री फाइलिंग प्रस्ताव को भी मंजूरी मिली है।

Top IPO 2026: इस साल किन आईपीओ ने मालामाल किया? Tempsens 110% लिस्टिंग गेन के साथ सबसे आगे

Disclaimer: मनीकंट्रोल, नेटवर्क18 ग्रुप का हिस्सा है। नेटवर्क18 का नियंत्रण इंडिपेंडेट मीडिया ट्रस्ट करता है, जिसकी एकमात्र लाभार्थी रिलायंस इंडस्ट्रीज है।

Top IPO 2026: इस साल किन आईपीओ ने मालामाल किया? Tempsens 110% लिस्टिंग गेन के साथ सबसे आगे

Top IPO 2026: भारत के प्राइमरी मार्केट ने इस साल निवेशकों को शानदार लिस्टिंग गेन दिए हैं। कुछ IPO की शुरुआत इतनी मजबूत रही कि निवेशकों को पहले ही दिन काफी बड़ा मुनाफा मिला। कुछ मामलों में तो शेयर ने लिस्टिंग पर ही निवेश की रकम दोगुनी से ज्यादा कर दी।

पैसा लगभग डबल करने वाले IPO

Tempsens Instruments India इस लिस्ट में सबसे आगे है। कंपनी के शेयर IPO प्राइस से 110.40% प्रीमियम पर लिस्ट हुए। यानी पहले दिन निवेशकों का पैसा दोगुने से भी ज्यादा हो गया। यह इस साल की अब तक की सबसे मजबूत लिस्टिंग रही।

सरकारी कंपनी कोल इंडिया की सब्सिडियरी Bharat Coking Coal दूसरे नंबर पर रही। इसके शेयर 96.57% प्रीमियम पर लिस्ट हुए। यानी निवेशकों को पहले दिन ही करीब दोगुनी रकम के बराबर फायदा मिला।

40% से ज्यादा रिटर्न देने वाले

इसके बाद लिस्टिंग गेन में बड़ा अंतर दिखता है। INDO MIM के शेयर 44.95% प्रीमियम पर लिस्ट हुए। वहीं CMR Green Tech ने 43.44% का लिस्टिंग गेन दिया। दोनों IPO ने निवेशकों को पहले दिन ही मजबूत रिटर्न दिया।

Dhoot Transmission और Kusumgar की लिस्टिंग भी करीब-करीब एक जैसी रही। Dhoot Transmission के शेयर 37.06% प्रीमियम पर खुले। Kusumgar के शेयर 36.99% प्रीमियम पर लिस्ट हुए। दोनों के बीच सिर्फ मामूली अंतर रहा।

निवेशकों को मालामाल करने वाले IPO

कंपनी
लिस्टिंग प्रीमियम (%)

Tempsens110.40%
Bharat Coking Coal96.57%
INDO MIM44.95%
CMR Green Tech43.44%
Dhoot Transmission37.06%
Kusumgar36.99%
BigFoot Retail33.51%
Lalithaa Jewellery31.99%
Laser Power25.70%
Molbio Diagnostics

21.44%

नोट: इसमें ₹5 अरब से ज्यादा इश्यू साइज वाले IPO शामिल हैं।

स्रोत: Bloomberg

 

2026 में IPO से ₹72,165 करोड़ जुटे

Prime Database के मुताबिक, जनवरी से अगस्त 2026 के बीच भारतीय स्टॉक एक्सचेंजों पर 60 IPO आए। इन IPO के जरिए कंपनियों ने कुल ₹72,165 करोड़ जुटाए। खास बात यह रही कि जुलाई और अगस्त में IPO बाजार काफी सक्रिय रहा। इन दो महीनों में कुल जुटाई गई रकम का करीब 69% हिस्सा आया।

₹2.02 लाख करोड़ के IPO कतार में

IPO बाजार में आगे भी काफी हलचल देखने को मिल सकती है। Prime Database के मुताबिक, 75 कंपनियां SEBI की मंजूरी का इंतजार कर रही हैं। इन कंपनियों के प्रस्तावित इश्यू का कुल आकार करीब ₹2.02 लाख करोड़ है।

इनमें से 32 कंपनियों ने अपना इश्यू साइज बताया है। इन 32 कंपनियों के IPO का कुल आकार करीब ₹1.38 लाख करोड़ है। यानी आने वाले महीनों में भी प्राइमरी मार्केट में बड़ी रकम जुटाए जाने की संभावना है।

* एजेंसी इनपुट के साथ

Tempsens IPO Listing: 111% का लिस्टिंग गेन, पैसा डबल, ₹300 का शेयर ₹634 पर लिस्ट

 

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Tempsens IPO Listing: 111% का लिस्टिंग गेन, पैसा डबल, ₹300 का शेयर ₹634 पर लिस्ट

Tempsens IPO Listing: आईपीओ को 184 गुना से अधिक बोली मिलने के बाद अब टेंपसेंस इंस्ट्रूमेंट्स के शेयरों की आज घरेलू मार्केट में धांसू एंट्री हुई और आईपीओ निवेशकों का पैसा डबल से ज्यादा हो गया। इसके आईपीओ के तहत निवेशकों को ₹300 के भाव पर शेयर जारी हुए हैं। आज BSE पर इसकी ₹634.00 और NSE पर ₹631.20 पर एंट्री हुई है यानी कि आईपीओ निवेशकों को करीब 111% का लिस्टिंग गेन (Tempsens Listing Gain) मिला। हालांकि आईपीओ निवेशकों की खुशी थोड़ी ही देर में हल्की फीकी हो गई जब शेयर टूट गए। मुनाफावसूली के चलते टूटकर BSE पर यह ₹600.10 (Tempsens Share Price)  पर आ गया यानी कि आईपीओ निवेशक अब 100.03% मुनाफे में हैं।

Tempsens IPO के पैसे कैसे होंगे खर्च

टेंपसेंस का ₹650 करोड़ का आईपीओ 20-24 अगस्त तक खुला था। इसे हर कैटेगरी के निवेशकों का जबरदस्त रिस्पांस मिला और ओवरऑल यह 184.22 गुना सब्सक्राइब हुआ था। इसमें क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIB) के लिए आरक्षित हिस्सा 302.88 गुना, नॉन-इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स (NII) का हिस्सा 314.44 गुना और खुदरा निवेशकों का हिस्सा 61.00 गुना और एंप्लॉयीज का हिस्सा 124.95 गुना भरा था।

इस आईपीओ के तहत ₹95 करोड़ के नए शेयर जारी हुए हैं। इसके अलावा ₹4 की फेस वैल्यू वाले 1.85 करोड़ शेयरों की ऑफर फॉर सेल विंडो के तहत बिक्री हुई है। ऑफर फॉर सेल का पैसा तो शेयर बेचने वाले शेयरहोल्डर्स को मिला है। वहीं नए शेयरों के जरिए जुटाए गए पैसों में से ₹18.13 करोड़ कर्ज हल्का करने कैपिटल एक्सपेंडिचर, ₹55.00 करोड़ कर्ज हल्का करने, ₹14.18 करोड़ आम कॉरपोरेट उद्देश्यों और ₹50.65 करोड़ आईपीओ से जुड़े एक्सपेंसेज पर खर्च होंगे।

Tempsens Instruments के बारे में

टेंपसेंस इंस्ट्रूमेंट्स फैक्ट्रियों और बड़ी इंडस्ट्रीज के लिए तापमान से जुड़े प्रोडक्ट्स बनाती है। यह तापमान नापने वाले सेंसर, मशीनों/प्रोसेस को गर्म करने वाले हीटर और खास तरह के इंडस्ट्रियल केबल बनाती है। मार्च 2026 में टेंपरेचर सेंसर सेगमेंट में इसकी करीब 10.5% हिस्सेदारी है। रेवेन्यू के हिसाब से यह देश में कॉन्टैक्ट और नॉन-कॉन्टैक्ट टेंपरेचर सेंसर बनाने वाली सबसे बड़ी कंपनी है तो इलेक्ट्रिकल हीटर्स के मामले में सबसे बड़ी कंपनियों में शुमार है। यह MRO (मेटेंनेंस, रिपेयर एंड ऑपरेशंस) का भी काम देखती है। इसका कारोबार भारत के अलावा 80 से अधिक देशों में फैला हुआ है।

कंपनी के वित्तीय सेहत की बात करें तो यह लगातार मजबूत हो रही है। वित्त वर्ष 2024-26 में इसका शुद्ध मुनाफा सालाना करीब 32% की रफ्तार यानी CAGR से बढ़कर ₹71.07 करोड़ और टोटल इनकम करीब 28% के सीएजीआर से ₹455.86 करोड़ पर पहुंच गया। मार्च 2026 तिमाही के आखिरी में कंपनी पर ₹77.95 करोड़ का टोटल कर्ज था जबकि रिजर्व और सरप्लस में ₹465.16 करोड़ पड़े थे।

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डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

IPO Allotment Alert: 105x सब्सक्रिप्शन वाले आईपीओ का आज होगा अलॉटमेंट, 40% है GMP! ऐसे चेक करें स्टेटस

Augmont Enterprises IPO Allotment: बुलियन और गोल्ड ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म का ऑपरेट करने वाली कंपनी ऑगमोंट एंटरप्राइज के ₹825 करोड़ के आईपीओ का आज, 27 अगस्त को अलॉटमेंट होना है। इस इश्यू को निवेशकों से बंपर रिस्पांस मिला था और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज के आंकड़ों के मुताबिक यह आईपीओ कुल 105.78 गुना सब्सक्राइब हुआ है।

कैसा रहा सब्सक्रिप्शन?

कंपनी के ऑफर पर मौजूद 77.15 लाख (77,15,999) शेयरों के मुकाबले कुल 81.61 करोड़ (81,61,83,836) शेयरों के लिए बोलियां प्राप्त हुई थीं:

क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIB): इस कैटेगरी में सबसे तगड़ा रिस्पॉन्स देखने को मिला और यह हिस्सा 226.96 गुना भरा।

नॉन-इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (NII): एनआईआई कैटेगरी में आईपीओ 121.47 गुना सब्सक्राइब हुआ।

रिटेल निवेशक: रिटेल निवेशकों का हिस्सा 30.98 गुना भरा है।

अलॉटमेंट, रिफंड और लिस्टिंग की तारीखें

अलॉटमेंट फाइनल होने की तारीख: 27 अगस्त 2026

रिफंड और शेयर क्रेडिट की तारीख: 28 अगस्त 2026

शेयर लिस्टिंग की तारीख: 31 अगस्त 2026 (BSE और NSE पर)

कैसी रहा है वित्तीय प्रदर्शन

वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी का नेट प्रॉफिट 53.3% बढ़कर ₹348.3 करोड़ रहा, जो FY25 में ₹227.2 करोड़ था। कंपनी का कुल राजस्व 42.2% बढ़कर ₹94,186.2 करोड़ पर पहुंच गया। कंपनी फ्रेश इश्यू से मिलने वाले ₹620 करोड़ में से ₹465 करोड़ का इस्तेमाल वर्किंग कैपिटल की जरूरतों और इन्वेंट्री बढ़ाने के लिए करेगी, जो इसके विशाल बुलियन ट्रेडिंग बिजनेस के संचालन के लिए बेहद जरूरी है।

GMP से 40% लिस्टिंग गेन का संकेत

ग्रे मार्केट प्रीमियम पर नजर रखने वाली वेबसाइट ‘InvestorGain’ के मुताबिक, 27 अगस्त को ऑगमोंट एंटरप्राइज के शेयर ₹315 के जीएमपी पर ट्रेड कर रहे हैं। ₹788 के अपर प्राइस बैंड के हिसाब से शेयर ग्रे मार्केट में ₹1,103 पर लिस्ट होने का इशारा दे रहा है, जो करीब 39.97% (करीब 40%) के लिस्टिंग गेन को दर्शाता है।

इन 3 तरीकों से आसानी से चेक करें स्टेटस

अगर आपने भी इस आईपीओ में बोली लगाई है, तो आप अलॉटमेंट प्रक्रिया पूरी होते ही रजिस्ट्रार (MUFG Intime India) या बीएसई/एनएसई की वेबसाइट पर अपना स्टेटस चेक कर सकते हैं:

1. रजिस्ट्रार (MUFG Intime India) के जरिए स्टेटस देखें:

  • सबसे पहले रजिस्ट्रार की आधिकारिक वेबसाइट 
  • ड्रॉपडाउन सूची में से Augmont Enterprises IPO चुनें।
  • खोज विकल्प चुनें (PAN नंबर, Application Number या DP ID/Client ID)।
  • आवश्यक विवरण दर्ज करें और स्टेटस देखने के लिए Submit बटन पर क्लिक करें।

2. BSE की वेबसाइट से अलॉटमेंट चेक करने का तरीका:

  • BSE के ऑफिशियल अलॉटमेंट पेज
  • ‘Issue Type’ में Equity का विकल्प चुनें।
  • ‘Issue Name’ की सूची से Augmont Enterprises सिलेक्ट करें।
  • अपना एप्लीकेशन नंबर या PAN दर्ज करें।
  • ‘I am not a robot’ पर टिक करें और Search पर क्लिक करें।

3. NSE की वेबसाइट के जरिए:

  • NSE के आईपीओ बिड वेरिफिकेशन पोर्टल पर जाएं।
  • ‘Equity & SME IPO’ का चयन करें।
  • ऑगमोंट एंटरप्राइज का चुनाव कर आवश्यक एप्लीकेशन डिटेल्स भरकर स्टेटस जांचें।

Shankesh Jewellers में 7% का उछाल, लिस्टिंग पर एक क्लाइंट ने खरीदी 1.57% होल्डिंग तो नोमुरा सिंगापुर ने बेचे पूरे शेयर

Shankesh Jewellers Share Price: आईपीओ को ढाई गुना से अधिक बोली मिलने के बाद शंकेश ज्वैलरी के शेयरों का लिस्टिंग के दिन बड़ा लेन-देन हुआ। करीब 11% के लिस्टिंग गेन के बाद इसके शेयरों की अधिकतर तेजी गायब होने लगी जिसका कई निवेशकों ने फायदा उठाया। एक तरफ नोमुरा सिंगापुर ने अपनी पूरी हिस्सेदारी बेच दी तो दूसरी तरफ पीएनजीएस रेवा डायमंड ज्वैलरी के प्रमोटर्स ने इसमें डेढ़ फीसदी से अधिक हिस्सेदारी हासिल की। इसके शेयरों के मौजूदा स्थिति की बात करें तो फिलहाल बीएसई पर यह 1.02% की बढ़त के साथ ₹96.00 पर है। इंट्रा-डे में यह 7.33% उछलकर ₹102.00 तक पहुंच गया था। इसके ₹93 के भाव पर जारी शेयर एक कारोबारी दिन पहले करीब 11% पर लिस्ट होने के बाद इंट्रा-डे में ₹110.99 तक पहुंच गए थे।

लिस्टिंग के दिन किसने खरीदे-बेचे Shankesh Jewellers के शेयर

एनएसई पर मौजूद बल्क डील्स की डिटेल्स के मुताबिक 25 अगस्त को यानी लिस्टिंग के दिन 5.64 करोड़ शेयरों का खरीदारी और बिक्री हुई। इसमें से 1.57% हिस्सेदारी के बराबर 23.2 लाख शेयर पीएनजीए रेवा डायमंड ज्लैवरी के प्रमोटर्स- गाडगिल रेणु गोविंद और पीएम गाडगिल एंड सन्स ने ₹23.44 करोड़ में ₹101.05 के भाव पर खरीदे। पीएन गाडगिल एंड सन्स शंकेश ज्वैलर्स की क्लाइंट है। वहीं नोमुरा सिंगापुर ने अपने पूरे 16.17 लाख शेयर ₹15.63 करोड़ में प्रति शेयर ₹96.66 के भाव पर बेच दिए।

कैसी है कारोबारी सेहत

पीएन गाडगिल (PN Gadgil) और कल्याण ज्वैलर्स (Kalyan Jewellers) जैसी दिग्गज ज्वैलरी कंपनियों के लिए गहने बनाने वाली शंकेश ज्वैलरी की सेहत लगातार मजबूत हो रही है। अपने क्लाइंट्स से गोल्ड और डिजाइन लेकर उससे गहने बनाने वाली शंकेश का वित्त वर्ष 2024-26 में शुद्ध मुनाफा सालाना 188% से अधिक की रफ्तार यानी CAGR से बढ़कर ₹106.68 करोड़ और टोटल इनकम करीब 24% के सीएजीआर से ₹1,630.93 करोड़ पर पहुंच गया। मार्च 2026 तिमाही के आखिरी में कंपनी पर ₹167.30 करोड़ का टोटल कर्ज था जबकि रिजर्व और सरप्लस में ₹150.65 करोड़ पड़े थे। अब इसके शेयर लिस्ट हुए हैं और इसके ₹367 करोड़ के आईपीओ को ओवरऑल 2.80 गुना से अधिक बोली मिली थी।

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डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Mopshop IPO Listing: खुदरा निवेशकों ने खूब खरीदे थे ₹138 के शेयर, अब लिस्टिंग पर झटका

Mopshop IPO Listing: साफ-सफाई से जुड़े प्रोडक्ट्स मुहैया कराने वाली मॉपशॉप डिस्ट्रीब्यूशन के शेयरों की BSE SME पर डिस्काउंट पर एंट्री हुई। आईपीओ की बात करें तो खुदरा निवेशकों के दम पर इसे ओवरऑल डेढ़ गुना से अधिक बोली मिली थी। आईपीओ के तहत ₹138 के भाव पर शेयर जारी हुए हैं। आज BSE SME पर इसकी ₹137.00 पर एंट्री हुई है यानी कि आईपीओ निवेशकों को कोई लिस्टिंग गेन नहीं मिला बल्कि 0.72% पूंजी ही घट गई। आईपीओ निवेशकों को और झटका तब लगा, जब शेयर में फिलहाल कोई मूवमेंट नहीं आया। फिलहाल यह ₹137.00 (Mopshop Share Price)  पर आ गया यानी कि आईपीओ निवेशक 0/72% घाटे में हैं।

Mopshop IPO के पैसे कैसे होंगे खर्च

मॉपशॉप का ₹27 करोड़ का आईपीओ सब्सक्रिप्शन के लिए 19-21 अगस्त तक खुला था। खुदरा निवेशकों के दम पर यह आईपीओ ओवरऑल 1.59 गुना सब्सक्राइब हुआ था। वहीं नॉन-इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स (NII) का हिस्सा आधा भी नहीं भर पाया और 0.27 गुना सब्सक्राइब हुआ जबकि खुदरा निवेशकों का हिस्सा 2.91 गुना भरा था।

इस आईपीओ के तहत ₹22 करोड़ के नए शेयर जारी हुए हैं। इसके अलावा ₹10 की फेस वैल्यू वाले 3.75 लाख शेयर ऑफर फॉर सेल विंडो के तहत बिके हैं। ऑफर फॉर सेल का पैसा तो शेयर बेचने वाले शेयरहोल्डर्स को मिला है। वहीं नए शेयरों के जरिए जुटाए गए पैसों में से ₹11.98 करोड़ कर्ज हल्का करने, ₹2.60 करोड़ कमर्शियल गाड़ियों की खरीदारी, ₹1.05 करोड़ रूफटॉप ग्रिड सोलर पावर प्लांट के सेटअप, ₹3.31 करोड़ आम कॉरपोरेट उद्देश्यों और 3.13 करोड़ आईपीओ से जुड़े एक्सपेंसेज पर खर्च होंगे।

Mopshop के बारे में

मॉपशॉप डिस्ट्रीब्यूशन फैसिलिटी मैनेजमेंट सप्लाईज (FMS) मुहैया करने के बिजनेस में है। इसके प्रोडक्ट पोर्टफोलियो में माइक्रोफाइबर कपड़े, सर्फेस डिसइंफेक्ट्स, सेंसर वाले डिस्पेंसर्स, बॉयो-डिग्रेडेबल गार्बेज बैग, टिश्यू पेपर, पेडल बिन्स, रिंजर बकेट्स, वैक्यूम क्लीनर्स, एयर फ्रेशनर्स, टूल किट्स और इनसे जुड़ी एक्सेसरीज हैं।

कंपनी के वित्तीय सेहत की बात करें तो यह लगातार मजबूत हो रही है। वित्त वर्ष 2023-25 में इसका शुद्ध मुनाफा सालाना करीब 75% की रफ्तार यानी CAGR से बढ़कर ₹2.48 करोड़ और टोटल इनकम 18% के सीएजीआर से ₹42.00 करोड़ पर पहुंच गया। पिछले वित्त वर्षष 2026 की बात करें तो 11 महीने में इसे ₹5.18 करोड़ का नेट प्रॉफिट और ₹44.66 करोड़ का टोटल इनकम हासिल हुआ था। फरवरी 2026 के आखिरी में कंपनी पर ₹12.21 करोड़ का टोटल कर्ज था जबकि रिजर्व और सरप्लस में ₹6.32 करोड़ पड़े थे।

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डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

ESDS Software IPO: 28 अगस्त से खुलेगा ₹720 करोड़ का आईपीओ, GMP 58% के पार; आशीष कचोलिया का भी है निवेश

ESDS Software IPO: महाराष्ट्र की कंपनी ESDS Software Solution अपना ₹720 करोड़ का IPO ला रही है। यह 28 अगस्त को खुलेगा और 1 सितंबर को बंद होगा। कंपनी ने IPO का प्राइस बैंड ₹408 से ₹429 प्रति शेयर तय किया है। इस कीमत पर कंपनी की वैल्यू करीब ₹5,028.3 करोड़ बैठती है।

IPO की पूरी डिटेल

यह IPO पूरी तरह फ्रेश इश्यू है। यानी IPO से मिलने वाला पूरा पैसा कंपनी को मिलेगा। एंकर निवेशकों के लिए बोली 27 अगस्त को खुलेगी। IPO का अलॉटमेंट 2 सितंबर तक फाइनल होने की उम्मीद है। कंपनी के शेयर 4 सितंबर से शेयर बाजार में लिस्ट हो सकते हैं।

कंपनी ने पहले ₹600 करोड़ का IPO लाने की योजना बनाई थी। अब इश्यू का आकार बढ़ाकर ₹720 करोड़ कर दिया गया है।

रिटेल निवेशक कितना पैसा लगाएगा?

निवेशकों को कम से कम 34 शेयरों के लिए बोली लगानी होगी। इसके बाद 34 शेयर के मल्टीपल में ही बोली लगाई जा सकेगी।

अपर प्राइस बैंड ₹429 के हिसाब से रिटेल निवेशक के लिए न्यूनतम निवेश ₹14,586 होगा। वहीं अधिकतम निवेश करीब ₹1,89,618 तक जा सकता है।

ESDS Software IPO का GMP

ESDS Software के आईपीओ को ग्रे मार्केट में काफी अच्छा रिस्पॉन्स मिल रहा है। इसका GMP ₹250 रुपये है। यानी अपर प्राइस बैंड के हिसाब से निवेशकों को 58.28% का संभावित लिस्टिंग गेन मिल सकता है। हालांकि, GMP सिर्फ आईपीओ की डिमांड का अंदाजा होती है। इसलिए लिस्टिंग प्राइस की गारंटी नहीं मानना चाहिए।

IPO का पैसा कहां लगेगा?

ESDS Software Solution IPO से मिलने वाली रकम का बड़ा हिस्सा अपने डेटा सेंटर और क्लाउड इंफ्रास्ट्रक्चर को बढ़ाने में लगाएगी।

कंपनी करीब ₹576 करोड़ का इस्तेमाल क्लाउड कंप्यूटिंग इक्विपमेंट और दूसरे इंफ्रास्ट्रक्चर की खरीद और इंस्टॉलेशन पर करेगी। यह खर्च FY27 और FY28 के दौरान किया जाएगा। बाकी पैसा सामान्य कॉरपोरेट जरूरतों में लगाया जाएगा।

कंपनी क्या करती है?

ESDS Software Solution क्लाउड और AI इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़ा कारोबार करती है। कंपनी GPUaaS, क्लाउड, मैनेज्ड सर्विसेज, डेटा सेंटर इंफ्रास्ट्रक्चर और सॉफ्टवेयर सॉल्यूशंस देती है।

कंपनी का दावा है कि भारत में वह उन चुनिंदा कंपनियों में है जो इन सभी सेवाओं का पूरा स्पेक्ट्रम देती हैं। उसके डेटा सेंटर बेंगलुरु, नोएडा, नासिक और मोहाली जैसे शहरों में हैं। कोलकाता और साहिबाबाद में भी नए डेटा सेंटर बनाने की योजना है।

AI से जुड़ा बड़ा कॉन्ट्रैक्ट

मार्च 2026 में ESDS Software ने ऑस्ट्रेलिया की एक neocloud AI compute कंपनी के साथ रणनीतिक समझौता किया था। यह कॉन्ट्रैक्ट शुरुआती तौर पर 5 साल का है। इसे 2 साल और बढ़ाने का विकल्प भी है।

पूरे संभावित 7 साल के लिए इस समझौते की कुल कॉन्ट्रैक्ट वैल्यू 1.25 अरब डॉलर है। कंपनी को इस समझौते से FY27 की तीसरी तिमाही से रेवेन्यू मिलने की उम्मीद है।

कंपनी के शेयरहोल्डर्स कौन हैं?

कंपनी के प्रमोटर्स के पास करीब 46.06% हिस्सेदारी है। पब्लिक शेयरहोल्डर्स के पास 52.65% हिस्सेदारी है।

पब्लिक शेयरहोल्डर्स में मुकुल महावीर अग्रवाल की 6.99%, आशीष कचोलिया की 2.39% और Anchorage Capital Fund की 1.32% हिस्सेदारी है।

मुनाफा दोगुने से ज्यादा बढ़ा

कंपनी के वित्तीय प्रदर्शन में भी अच्छी ग्रोथ देखने को मिली है। FY26 में कंपनी का मुनाफा बढ़कर ₹120.8 करोड़ हो गया। FY25 में यह ₹55.6 करोड़ था। इसी दौरान कंपनी का रेवेन्यू 30.7% बढ़कर ₹472.2 करोड़ हो गया। FY25 में रेवेन्यू ₹361.3 करोड़ था।

IPO के लिए DAM Capital Advisors और Systematix Corporate Services को बुक-रनिंग लीड मैनेजर नियुक्त किया गया है।

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Disclaimer: यहां दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जागरूकता के लिए है। किसी भी निवेश, लोन, टैक्स, बीमा या दूसरे वित्तीय फैसले लेने से पहले संबंधित एक्सपर्ट्स से सलाह जरूर लें। मनीकंट्रोल किसी भी फाइनेंशियल प्रोडक्ट या सर्विस की सिफारिश नहीं करता।

Lumino Industries IPO: 27 अगस्त से खुलेगा ₹700 करोड़ का आईपीओ, GMP दे रहा 58% मुनाफे का संकेत

Lumino Industries IPO: कोलकाता की कंडक्टर, पावर केबल और इलेक्ट्रिकल वायर बनाने वाली कंपनी Lumino Industries का IPO 27 अगस्त को खुलेगा। कंपनी इस इश्यू से करीब ₹700 करोड़ जुटाने की तैयारी में है। IPO का प्राइस बैंड ₹78 से ₹82 प्रति शेयर तय किया गया है।

इसमें ₹500 करोड़ का फ्रेश इश्यू होगा। वहीं करीब 2.44 करोड़ शेयरों का OFS होगा। IPO 31 अगस्त को बंद होगा।

Lumino Industries IPO की पूरी डिटेल

पैमानाडिटेल
IPO खुलने की तारीख27 अगस्त 2026
IPO बंद होने की तारीख31 अगस्त 2026
फेस वैल्यू
₹5 प्रति इक्विटी शेयर

IPO प्राइस बैंड₹78 से ₹82 प्रति शेयर
इश्यू साइजकरीब ₹700 करोड़
फ्रेश इश्यूकरीब ₹500 करोड़
ऑफर फॉर सेल (OFS)करीब 2,43,90,242 इक्विटी शेयर

Lumino Industries IPO का GMP

ग्रे मार्केट में Lumino Industries के IPO को शानदार रिस्पॉन्स मिल रहा है। इनवेस्टरगेन के मुताबिक, Lumino Industries का लेटेस्ट GMP ₹48 है।

यह अपर प्राइस बैंड से 58.54% के लिस्टिंग गेन का संकेत देता है। हालांकि, GMP लिस्टिंग गेन की गारंटी नहीं होता और लगातार बदलता भी रहता है।

प्रमोटर बेचेंगे ₹200 करोड़ के शेयर

IPO में ₹500 करोड़ का फ्रेश इश्यू होगा। इसके अलावा प्रमोटर देवेंद्र गोयल और उनके बेटे जय गोयल ₹200 करोड़ तक के शेयर OFS के जरिए बेचेंगे।

कंपनी ने पहले ₹1,000 करोड़ का IPO लाने की योजना बनाई थी। तब ₹600 करोड़ का फ्रेश इश्यू और ₹400 करोड़ का OFS प्रस्तावित था। बाद में इश्यू का आकार घटाकर करीब ₹700 करोड़ कर दिया गया।

IPO से मिलने वाले पैसे का इस्तेमाल

Lumino Industries फ्रेश इश्यू से मिलने वाली रकम का बड़ा हिस्सा कर्ज चुकाने में लगाएगी। कंपनी करीब ₹337 करोड़ का इस्तेमाल कर्ज के भुगतान के लिए करेगी।

जुलाई 2026 तक कंपनी पर कुल ₹1,856.7 करोड़ का कर्ज था। इसके अलावा ₹15 करोड़ मशीनरी और उपकरण खरीदने, सिविल वर्क और मौजूदा मैन्युफैक्चरिंग प्लांट के विकास पर खर्च किए जाएंगे।

कंपनी का कारोबार क्या है?

Lumino Industries कंडक्टर, पावर केबल और दूसरे स्पेशलाइज्ड इलेक्ट्रिकल प्रोडक्ट बनाती है। कंपनी के ग्राहक बड़े EPC प्लेयर हैं।

इनमें Kalpataru Projects International, Jackson और R S Infraprojects जैसे नाम शामिल हैं। कंपनी अमेरिका, माली, बुर्किना फासो, नेपाल, बांग्लादेश, केन्या, घाना, रवांडा और इथियोपिया जैसे देशों में भी अपने प्रोडक्ट बेचती है।

कारोबार का हाल कैसा है?

वित्त वर्ष 2025-26 में Lumino Industries का मुनाफा ₹160 करोड़ रहा। एक साल पहले यह ₹124.6 करोड़ था। यानी मुनाफे में 28.4% की बढ़ोतरी हुई। इस दौरान कंपनी का रेवेन्यू भी बढ़ा।

FY26 में रेवेन्यू ₹2,041 करोड़ रहा, जो FY25 में ₹1,918 करोड़ था। यानी इसमें 6.4% की बढ़ोतरी हुई। FY26 में कंपनी की कुल बिक्री में घरेलू कारोबार की हिस्सेदारी 98% रही। वहीं वित्त वर्ष के अंत में कंपनी की ऑर्डर बुक ₹3,149.8 करोड़ थी।

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Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।