BLS Polymers IPO: 27 अक्टूबर से खुलेगा ₹255 करोड़ का इश्यू, GMP दे रहा तगड़े मुनाफे का संकेत

BLS Polymers IPO: बीएलएस पॉलिमर्स का ₹255 करोड़ का IPO 27 अक्टूबर को सब्सक्रिप्शन के लिए खुलेगा। इसका प्राइस बैंड ₹142 से ₹150 प्रति शेयर तय किया गया है। इस हिसाब से कंपनी की वैल्यू करीब ₹930.5 करोड़ होगी। IPO में 1.7 करोड़ नए शेयर जारी किए जाएंगे। इश्यू 29 अक्टूबर को बंद होगा, जबकि एंकर निवेशक 26 अक्टूबर को बोली लगा सकेंगे।

शेयरों का अलॉटमेंट 30 अक्टूबर तक फाइनल होने की उम्मीद है। वहीं, स्टॉक एक्सचेंजों पर लिस्टिंग 3 नवंबर को हो सकती है। कंपनी को दिसंबर 2025 में SEBI से IPO की मंजूरी मिली थी।

BLS Polymers IPO का GMP

ग्रे मार्केट में BLS पॉलिमर्स के आईपीओ को तगड़ा रिस्पॉन्स मिल रहा है। इसका लेटेस्ट GMP ₹30 है। यह अपर प्राइस बैंड से 20% लिस्टिंग गेन का संकेत दे रहा है। हालांकि, GMP सिर्फ आईपीओ की डिमांड का अंदाजा भर होता है। इसे लिस्टिंग प्राइस की गारंटी नहीं समझना चाहिए।

IPO से जुटाए पैसे कहां खर्च होंगे?

BLS पॉलिमर्स IPO से मिलने वाली रकम में से ₹77.56 करोड़ गोवा स्थित अपनी मैन्युफैक्चरिंग यूनिट के विस्तार पर खर्च करेगी। इसके अलावा, ₹89.5 करोड़ वर्किंग कैपिटल की जरूरतों के लिए रखे जाएंगे। बाकी रकम का इस्तेमाल सामान्य कॉरपोरेट जरूरतों में होगा।

क्या करती है कंपनी?

नई दिल्ली स्थित BLS Polymers खास तरह के पॉलिमर कंपाउंड बनाती है। इनका इस्तेमाल बिजली, टेलीकॉम, रेलवे, पानी और तेल-गैस से जुड़े उद्योगों में होता है। कंपनी के प्रोडक्ट तारों, केबलों और पाइपलाइनों को सुरक्षा देने में काम आते हैं।

मुनाफा 27.8% बढ़ा

FY26 में कंपनी का नेट प्रॉफिट 27.8% बढ़कर ₹27 करोड़ हो गया, जो FY25 में ₹21.1 करोड़ था। इस दौरान रेवेन्यू भी 6.4% बढ़कर ₹349.4 करोड़ पहुंच गई। जून 2026 तिमाही में कंपनी ने ₹107.02 करोड़ की रेवेन्यू पर ₹10.2 करोड़ का मुनाफा दर्ज किया।

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Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

HD Fire Protect IPO: 13 अक्टूबर से खुलेगा इश्यू, GMP 30% के पार; जानिए प्राइस बैंड समेत पूरी डिटेल

HD Fire Protect IPO: आग से बचाने वाले इक्विपमेंट बनाने वाली HD Fire Protect के आईपीओ को लेकर ग्रे मार्केट में तगड़ी हलचल दिख रही है। यह इश्यू 13 अक्टूबर से खुलेगा, मगर इसका ग्रे मार्केट प्रीमियम (GMP) अभी से करीब 32% है।

कंपनी ने IPO के लिए ₹258 से ₹271 प्रति शेयर का प्राइस बैंड तय किया है। यह IPO 13 अक्टूबर को खुलेगा और 15 अक्टूबर 2026 को बंद होगा। इसके जरिए कंपनी ₹712.31 करोड़ जुटाने जा रही है।

₹80 प्रति शेयर के लिस्टिंग गेन का संकेत

इनवेस्टरगेन के मुताबिक, ग्रे मार्केट में HD Fire Protect का GMP 31.73% है। इस हिसाब से शेयर की संभावित लिस्टिंग कीमत करीब ₹357 हो सकती है। IPO का ऊपरी प्राइस बैंड ₹271 है। यानी इस कीमत के मुकाबले करीब ₹86 प्रति शेयर का संभावित फायदा दिख रहा है।

हालांकि, GMP के आधार पर लिस्टिंग प्राइस तय नहीं होती। यह बाजार में चल रहा अनौपचारिक भाव है। लिस्टिंग से पहले इसमें बदलाव हो सकता है। इसलिए इसे मुनाफे की गारंटी नहीं मानना चाहिए।

पूरा IPO ऑफर फॉर सेल है

HD Fire Protect का पूरा IPO ऑफर फॉर सेल (OFS) है। इसमें 2,62,84,500 मौजूदा शेयर बेचे जाएंगे। इनकी कुल कीमत ₹712.31 करोड़ है। इसका मतलब है कि कंपनी को IPO से कोई नया पैसा नहीं मिलेगा। शेयर बेचने से मिलने वाली पूरी रकम मौजूदा शेयरधारकों को जाएगी।

प्रमोटर हरीश नरशी धरमशी 89,83,700 शेयर बेचेंगे। इनकी कीमत करीब ₹243.46 करोड़ है। वहीं, प्रमोटर कुसुम हरीश धरमशी 1,73,00,800 शेयर बेचेंगी। इनकी कीमत करीब ₹468.85 करोड़ है। दोनों प्रमोटर मिलकर करीब 2.63 करोड़ शेयर बेच रहे हैं। इनकी कुल कीमत ₹712.31 करोड़ है।

कब होगा अलॉटमेंट और लिस्टिंग?

HD Fire Protect IPO का अलॉटमेंट 16 अक्टूबर को फाइनल होने की उम्मीद है। वहीं, कंपनी के शेयर 21 अक्टूबर को NSE और BSE पर लिस्ट हो सकते हैं।

IPO का लॉट साइज 55 शेयर है। ₹271 के ऊपरी प्राइस बैंड पर एक लॉट के लिए ₹14,905 लगाने होंगे। यानी रिटेल निवेशकों को कम से कम इतनी रकम की जरूरत होगी।

कंपनी की कमाई और मुनाफा कितना बढ़ा?

HD Fire Protect की कुल आय वित्त वर्ष 2026 में 12% बढ़कर ₹505 करोड़ हो गई। वित्त वर्ष 2025 में यह ₹451 करोड़ थी। कंपनी का मुनाफा भी बढ़ा है। वित्त वर्ष 2026 में प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) 6% बढ़कर ₹117 करोड़ रहा। एक साल पहले यह ₹110 करोड़ था।

कंपनी का ऑपरेशंस से रेवेन्यू वित्त वर्ष 2024 में ₹372.95 करोड़ था। वित्त वर्ष 2026 में यह बढ़कर ₹489.28 करोड़ हो गया। इस दौरान रेवेन्यू की सालाना औसत ग्रोथ 14.54% रही।

क्या काम करती है HD Fire Protect?

HD Fire Protect की शुरुआत अप्रैल 1997 में हुई थी। कंपनी आग से बचाव के इक्विपमेंट और सिस्टम बनाती है। इसके प्रोडक्ट पानी, फोम और गैस की मदद से आग बुझाने में काम आते हैं। कंपनी के प्रोडक्ट में स्प्रिंकलर, अलार्म और डिल्यूज वाल्व, फोम उपकरण, मॉनिटर और नोजल शामिल हैं। इसके अलावा कंपनी वॉटर स्प्रे नोजल, खास जरूरतों के हिसाब से तैयार किए गए सिस्टम और गैस से आग बुझाने वाले सिस्टम भी बनाती है।

कंपनी के ग्राहक कई तरह के उद्योगों में हैं। इनमें तेल और गैस, पेट्रोकेमिकल्स, बिजली, इंजीनियरिंग, एयरोस्पेस, फार्मा, डेटा सेंटर, होटल और हेल्थकेयर जैसे सेक्टर शामिल हैं। इसके प्रोडक्ट का इस्तेमाल औद्योगिक, आवासीय और व्यावसायिक जगहों पर होता है।

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Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

ढहते मार्केट में 20% के अपर सर्किट पर शेयर, Q1 में मुनाफा और रेवेन्यू डबल तो आया जोश

Kanohar Electricals Q1 Result: लिस्टिंग के बाद पहली बार रिजल्ट पेश करने के बाद कनोहर इलेक्ट्रिकल्स के शेयर रॉकेट बन गए। ऐसे समय में, जब मार्केट में अफरा-तफरी मची थी, इसके शेयरों ने आज जून तिमाही में रेवेन्यू और मुनाफा के डबल होने का जश्न मनाया और 20% के अपर सर्किट पर पहुंच गया। कंपनी ने एक कारोबारी दिन पहले शाम में कारोबारी नतीजे पेश किए थे और अब आज मार्केट खुला तो शेयर उछल पड़े। फिलहाल बीएसई पर यह 15.84% की बढ़त के साथ ₹1090.25 (Kanohar Share Price) पर है। इंट्रा-डे में यह 20% के अपर सर्किट ₹1,129.35 पर पहुंचा था जो इसके शेयरों के लिए रिकॉर्ड हाई लेवल भी है।

Kanohar Electricals Q1 Result: खास बातें

कनोहर इलेक्ट्रिकल्स के लिए इस वित्त वर्ष 2027 की शुरुआत धमाकेदार रही और इसका मुनाफा-रेवेन्यू दोगुने से अधिक रफ्तार से बढ़ गया। वित्त वर्ष 2027 की पहली तिमाही अप्रैल-जून 2026 में कंपनी का शुद्ध मुनाफा सालाना आधार पर 140.0% उछलकर ₹27.3 करोड़ और ऑपरेशंस से रेवेन्यू 103.5% बढ़कर ₹137.1 करोड़ पर पहुंच गया। ऑपरेटिंग लेवल पर भी कंपनी का परफॉरमेंस दमदार रहा और EBITDA इस दौरान 152.2% बढ़कर ₹38.8 करोड़ और ईबीआईटीडीए मार्जिन 22.8% से 28.3% पर पहुंच गया। जून 2026 तिमाही के आखिरी में कंपनी का ऑर्डर बुक तिमाही आधार पर 11% बढ़कर ₹2026.0 करोड़ पर पहुंच गया, जिसमें से 88.4% ऑर्डर गवर्नमेंट सेक्टर से हैं।

अब तक कैसी रही शेयरों की चाल

कनोहर इलेक्ट्रिकल्स के शेयरों ने कम समय में ही निवेशको की ताबड़तोड़ कमाई कराई है, वह भी ऐसे समय में, जब मार्केट में कोहराम मचा हुआ था। पिछले महीने 16 सितंबर 2026 को बीएसई पर यह महज ₹672.05 के भाव पर था, जोकि इसके शेयरों के लिए रिकॉर्ड निचला स्तर है। इस निचले स्तर से एक ही महीने में यह 68.06% उछलकर आज 7 अक्टूबर 2026 को ₹1,129.35 पर पहुंच गया जोकि इसके शेयरों के लिए रिकॉर्ड हाई लेवल है। इस दौरान निफ्टी डेढ़ फीसदी से अधिक नीचे आया।

कनोहर इलेक्ट्रिकल्स के शेयरों की पिछले महीने 16 सितंबर को एंट्री हुई थी। इसके ₹1056 करोड़ के आईपीओ के तहत निवेशकों को ₹632 के भाव पर शेयर जारी हुए थे और निवेशकों को 8% तक का लिस्टिंग गेन मिला।

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डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Orient Cables IPO: ग्रे मार्केट में तूफानी चाल, आईपीओ को 97 गुना बोली के बाद अब धांसू लिस्टिंग की तैयारी

Orient Cables IPO: देश की चार सबसे बड़ी मैन्युफैक्चरिंग केबल कंपनियों में शुमार ओरिएंट केबल्स के ₹552 करोड़ के आईपीओ को निवेशकों का धांसू रिस्पांस मिला। ओवरऑल 97 गुना से अधिक सब्सक्रिप्शन के बाद इसके शेयर अलॉट हो चुके हैं और अब इसकी लिस्टिंग का इंतजार है। जिन्हें इसके शेयर मिले हैं, उनके खाते में यह 1 अक्टूबर को क्रेडिट हो गया और अब 5 अक्टूबर को बीएसई और एनएसई पर इसकी लिस्टिंग है।

लिस्टिंग को लेकर ग्रे मार्केट से मजबूत संकेत नहीं मिल रहे हैं और GMP (ग्रे मार्केट प्रीमियम) इश्यू प्राइस से ₹107 यानी 39.34% है यानी कि 39% से अधिक के लिस्टिंग गेन की गुंजाइश दिख रही है। हालांकि मार्केट एक्सपर्ट्स के मुताबिक ग्रे मार्केट से मिले संकेतों की बजाय लिस्टिंग के दिन मार्केट सेंटिमेंट के साथ-साथ कंपनी के फंडामेंटल्स और फाइनेंशियल्स ही शेयरों की चाल तय करते हैं।

Orient Cables IPO के पैसे कैसे होंगे खर्च

ओरिएंट केबल्स का ₹552 करोड़ का आईपीओ सब्सक्रिप्शन के लिए 25-29 सितंबर तक खुला था। इसका प्राइस बैंड प्रति शेयर ₹258-₹272 था। इस आईपीओ को निवेशकों का धमाकेदार रिस्पांस मिला था और ओवरऑल यह 97.28 गुना सब्सक्राइब हुआ है। इसमें क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIB) के लिए आरक्षित हिस्सा 192.68 गुना (एक्स-एंकर), नॉन-इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स (NII) का हिस्सा 121.90 गुना और खुदरा निवेशकों का हिस्सा 32.21 गुना भरा था।

इस आईपीओ के तहत ₹320 करोड़ के नए शेयर जारी हुए हैं। इसके अलावा ₹1 की फेस वैल्यू वाले ₹232 करोड़ के 85,29,409 शेयर ऑफर फॉर सेल विंडो के तहत बिके हैं। ऑफर फॉर सेल का पैसा तो शेयर बेचने वाले शेयरहोल्डर्स को मिला है। वहीं नए शेयरों के जरिए जुटाए गए पैसों में से ₹91.50 करोड़ मशीनरी और इक्विपमेंट की खरीदारी और मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटीज के सिविल वर्क्स, ₹155.50 करोड़ कर्ज हल्का करने, ₹48.34 करोड़ आम कॉरपोरेट उद्देश्यों और ₹42.53 करोड़ आईपीओ से जुड़े एक्सपेंसेज पर खर्च होंगे।

Orient Cables के बारे में

ओरिएंट केबल्स इंटरनेट, नेटवर्किंग, डेटा सेंटर, टेलीकॉम, सोलर, EV और दूसरी इंडस्ट्री में इस्तेमाल होने वाली केबल और नेटवर्किंग उपकरण बनाती है। इसके प्रोडक्ट पोर्टफोलियो CAT5, CAT5e, CAT6 और CAT6A नेटवर्किंग केबल्स, पैच कॉर्ड्स, सीसीटीवी और कोएक्सियल केबल्स, इंस्ट्रूमेशन और कंट्रोल केबल्स, पावर केबल्स, ऑप्टिकल फाइबर केबल्स, फाइबर पैच कॉर्ड्स, कीस्टोन जैक्स, पावर स्ट्रिप्स और पावर कॉर्ड्स हैं। इसके अलावा कंपनी ने कुछ नए प्रोडक्ट्स भी जोड़े हैं, जैसे कि ई-बीम इर्रेडिएटेड स्पेशल्टी केबल्स, सोलर जंक्शन बॉक्स, टेथर्ड ड्रोन सिस्टम्स, केबल हार्नेसेज, ईवी चार्जिंग केबल्स, ईवी चार्जिंग गन्स और पावर कॉर्ड्स। नेटवर्किंग केबल मार्केट में इसका दबदबा तेजी से बढ़ा है और मार्केट शेयर वित्त वर्ष 2022 में करीब 16% से वित्त वर्ष 2026 में 22.9% पर पहुंच गया।

कंपनी के वित्तीय सेहत की बात करें तो यह लगातार मजबूत हो रही है। वित्त वर्ष 2024-26 में इसका शुद्ध मुनाफा सालाना करीब 16% की रफ्तार यानी CAGR से बढ़कर ₹53.56 करोड़ और टोटल इनकम 33% से अधिक के सीएजीआर से ₹1,181.67 करोड़ पर पहुंच गया। चालू वित्त वर्ष 2027 की बात करें तो पहली तिमाही अप्रैल-जून 2026 में कंपनी को ₹32.78 करोड़ का शुद्ध मुनाफा और ₹490.94 करोड़ का टोटल इनकम हासिल हुआ था। जून 2026 तिमाही के आखिरी में कंपनी पर ₹258.46 करोड़ का टोटल कर्ज था जबकि रिजर्व और सरप्लस में ₹257.35 करोड़ पड़े थे।

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Kuku IPO: मुनाफे में आई कुकू, छह गुना उछकर रेवेन्यू पहुंचा ₹1484 करोड़ पर

डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

₹3000 करोड़ का निवेश और हैदरबाद में दो प्रोजेक्ट पूरा, दोहरे सपोर्ट पर इस स्टॉक का जोश हाई

Prestige Estates Share Price: देश के दिग्गज रियल एस्टेट डेवलपर्स में शुमार प्रेस्टिज एस्टेट्स ने हैदराबाद में दो अहम प्रोजेक्ट के पूरा होने का ऐलान किया। साथ ही कनाडा पेंशन प्लान इंवेस्टमेंट्स ने इसके हॉस्पिटैलिटी प्लेटफॉर्म में ₹3000 करोड़ के निवेश का ऐलान किया तो शेयर झूम उठे। इस दोहरे सपोर्ट पर कंपनी के शेयर 3% से अधिक उछल पड़े। ऊपरी स्तर पर मुनाफावसूली के बावजूद अब भी यह काफी मजबूत स्थिति में है। फिलहाल बीएसई पर यह 3.02% की बढ़त के साथ ₹1465.00 पर है। इंट्रा-डे में यह 3.21% चढ़कर ₹1,467.60 तक पहुंच गया था।

Prestige Estates के कौन-से दो अहम प्रोजेक्ट हुए पूरे

प्रेस्टिज एस्टेट्स ने हैदराबाद में दो लैंडमार्क रेजिडेंशियल डेवलपमेंट्स पूरे किए हैं। इसमें से एक प्रेस्टिज क्लेयरमोंट कोकापेट में है और इसमें 928 घर हैं तो दूसरा बेलाजियो-द प्रेस्टिज सिटी हैदराबाद राजेंद्र नगर में है, जिसमें 119 विला हैं। प्रेस्टिज क्लेयरमोंट (Prestige Clairemont) 7.56 एकड़ में फैला हुआ है और इसमें 4 टॉवर हैं। वहीं बेलाजियो @ द प्रेस्टिज सिटी हैदराबाद (Bellagio @ The Prestige City Hyderabad) करीब 24 एकड़ में फैला हुआ है।

₹3000 करोड़ के निवेश में क्या है खास

प्रेस्टिज एस्टेट्स ने 29 सितंबर को एक्सचेंज फाइलिंग में बताया कि सीपीपी इंवेस्टमेंट्स ने प्रेस्टिज हॉस्पिटैलिटी वेंचर्स में निवेश के जरिए देश के हॉस्पिटैलिटी सेक्टर में डायरेक्ट एंट्री की है। कनाडा पेंशन प्लान इंवेस्टमेंट बोर्ड (CPP इंवेस्टमेंट्स) ने प्रेस्टिज हॉस्पिटैलिटी में करीब ₹3000 करोड़ (C$44.1 करोड़) के निवेश का ऐलान किया है और इस निवेश के साथ यह करीब 27% हिस्सेदारी हासिल करेगा।

एक साल में कैसी रही शेयरों की चाल

प्रेस्टिज एस्टेट्स प्रोजेक्ट्स के शेयरों ने निवेशकों को तगड़ा शॉक दिया है। पिछले साल 3 नवंबर 2025 को बीएसई पर यह ₹1,804.65 पर था, जोकि इसके शेयरों के लिए एक साल का रिकॉर्ड हाई लेवल है। इस हाई लेवल से 5 ही महीने में यह 39.58% गिरकर 2 अप्रैल 2026 को ₹1,090.45 पर आ गया जोकि इसके शेयरों के लिए एक साल का रिकॉर्ड निचला स्तर है।

Adroit Industries Share Price: 176 गुना भरा IPO, अब 87% लिस्टिंग गेन, ₹134 के शेयरों का बड़ा धमाल

डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Elevate Campuses Share Price: ₹362 के शेयरों ने दिया शॉक, डिस्काउंट एंट्री के बाद और आया नीचे

Elevate Campuses IPO Listing: स्टुडेंट्स के लिए रहने की व्यवस्था करने वाली एलीवेट कैंपसेज के शेयरों की आज घरेलू मार्केट में डिस्काउंट पर एंट्री हुई। इसके आईपीओ को भी निवेशकों का मिला-जुला रिस्पांस मिला था और हर कैटेगरी का आरक्षित हिस्सा पूरा भर नहीं पाया था। इसके आईपीओ के तहत ₹362 के भाव पर शेयर जारी हुए हैं। आज BSE पर इसकी ₹356.50 और NSE पर ₹355.10 पर एंट्री हुई है यानी कि आईपीओ निवेशकों को कोई लिस्टिंग गेन नहीं मिला बल्कि लिस्टिंग पर डेढ़ फीसदी से अधिक पूंजी ही घट गई। आईपीओ निवेशकों को और झटका तब लगा, जब शेयर फिसल गए। टूटकर BSE पर यह ₹345.50 (Elevate Campuses Share Price) पर आ गया यानी कि आईपीओ निवेशक अब 4.56% घाटे में हैं।

Elevate Campuses IPO के पैसे कैसे होंगे खर्च

एलीवेट कैंपसेज का ₹2100 करोड़ का आईपीओ सब्सक्रिप्शन के लिए 23-25 सितंबर तक खुला था। इस आईपीओ को निवेशकों का मिला-जुला रिस्पांस मिला था और ओवरऑल यह 1.89 गुना सब्सक्राइब हुआ था। इसमें क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIB) के लिए आरक्षित हिस्सा 2.66 गुना (एक्स-एंकर), नॉन-इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स (NII) का हिस्सा 0.89 गुना और खुदरा निवेशकों का हिस्सा 1.07 गुना भरा था।

इस आईपीओ के तहत ₹1 की फेस वैल्यू वाले 5,80,11,049 नए शेयर जारी हुए हैं। इन शेयरों के जरिए जुटाए गए पैसों में से ₹1,100.00 करोड़ के-12 एंटिटीज और कैंपसेज के अधिग्रहण, ₹750.00 करोड़ कंपनी और इसकी सब्सिडियरी का कर्ज हल्का करने, ₹129.61 करोड़ इनऑर्गेनिक ग्रोथ और आम कॉरपोरेट उद्देश्यों, और ₹120.39 करोड़ आईपीओ से जुड़े एक्सपेंसेज पर खर्च होंगे।

Elevate Campuses के बारे में

एलीवेट कैंपसेज एक एडुकेशन इंफ्रास्ट्रक्चर/स्टुडेंट हाउसिंग कंपनी है। यह उच्च शिक्षा से जुड़े स्टुडेंट्स के आवास की व्यवस्था करती है तो इसके पास के-12 स्कूल एसेट्स भी हैं। इसका स्टुडेंट अकमडेशन बिजनेस गुड होस्ट स्पेसेज और स्कॉलरजेड ब्रांड्स के तहत चलता है। मार्च 2026 तक के आंकड़ों के हिसाब से कंपनी के प्री-एक्विजिशन ग्रुप के पास देश के 15 शहरों और यूएई के 1 शहर में 80,255 स्टुडेंट्स को रखने की क्षमता थी। इसमें खुद के 7 कैंपस में 20,368 बेड थे तो 14 मैनेज्ड कैंपस में 55,487 बेड। एकेडमिक वर्ष 2025-26 में इसका अकुपेंसी रेट 89.37% था।

कंपनी के वित्तीय सेहत की बात करें तो यह लगातार मजबूत हो रही है। वित्त वर्ष 2024-26 में इसका शुद्ध मुनाफा सालाना 109% से अधिक की रफ्तार यानी CAGR से बढ़कर ₹173.76 करोड़ और टोटल इनकम 29% के सीएजीआर से ₹603.39 करोड़ पर पहुंच गया। मार्च 2026 तिमाही के आखिरी में कंपनी पर ₹4,120.53 करोड़ का टोटल कर्ज था जबकि रिजर्व और सरप्लस में ₹947.45 करोड़ पड़े थे।

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डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Adroit Industries Share Price: IPO को 176 गुना बोली, अब ₹134 का शेयर 87% प्रीमियम पर लिस्ट

Adroit Industries IPO Listing: गाड़ियों के ड्राइवरट्रेन/ड्राइवलाइव सिस्टम के लिए पावर ट्रांसफर पार्ट्स बनाने वाली एंड्रॉयट इंडस्ट्रीज के शेयरों की आज घरेलू मार्केट में धांसू एंट्री हुई। इसके आईपीओ को भी निवेशकों का शानदार रिस्पांस मिला था और ओवरऑल इसे 176 गुना से अधिक बोली मिली थी। आईपीओ के तहत ₹134 के भाव पर शेयर जारी हुए हैं। आज BSE पर इसकी ₹250.00 और NSE पर ₹235.00 पर एंट्री हुई है यानी कि आईपीओ निवेशकों को करीब 87% तक का लिस्टिंग गेन (Adroit Listing Gain) मिला। हालांकि आईपीओ निवेशकों की खुशी थोड़ी ही देर में फीकी हो गई जब शेयर टूट गए। टूटकर BSE पर यह ₹248.35 (Adroit Industries Share Price) पर आ गया यानी कि आईपीओ निवेशक अब 85.34% मुनाफे में हैं।

Adroit Industries IPO के पैसे कैसे होंगे खर्च

एड्रॉयट इंडस्ट्रीज का ₹151 करोड़ का आईपीओ सब्सक्रिप्शन के लिए 23-25 सितंबर तक खुला था। इस आईपीओ को निवेशकों का जबरदस्त रिस्पांस मिला था और ओवरऑल यह 176.85 गुना सब्सक्राइब हुआ था। इसमें क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIB) के लिए आरक्षित हिस्सा 195.04 गुना (एक्स-एंकर), नॉन-इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स (NII) का हिस्सा 332.35 गुना और खुदरा निवेशकों का हिस्सा 99.81 गुना भरा था।

इस आईपीओ के तहत ₹133 करोड़ के नए शेयर जारी हुए हैं। इसके अलावा ₹10 की फेस वैल्यू वाले ₹140 करोड़ के 13.50 लाख शेयर ऑफर फॉर सेल विंडो के तहत बिके हैं। ऑफर फॉर सेल का पैसा तो शेयर बेचने वाले शेयरहोल्डर्स को मिला है। वहीं नए शेयरों के जरिए जुटाए गए पैसों में से ₹19.91 करोड़ मशीनरी और इक्विपमेंट के साथ-साथ मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटीज के बीच ट्रांसपोर्ट के लिए गाड़ियों की खरीदारी, ₹43.96 करोड़ सब्सिडियरी में मशीनरी और गाड़ियों खरीदारी के लिए निवेश, ₹24.12 करोड़ सब्सिडियरी में कर्ज हल्का करने के लिए निवेश और बाकी पैसे आम कॉरपोरेट उद्देश्यों पर खर्च होंगे।

Adroit Industries के बारे में

एड्रॉयट इंडस्ट्रीज मुख्य रूप से गाड़ियों के ड्राइवरट्रेन/ड्राइवलाइव सिस्टम के लिए पावर ट्रांसफर पार्ट्स बनाती है। इसके मुख्य प्रोडक्ट्स प्रोपेलर शॉफ्ट्स, टॉर्क-ट्रांसमिशन कंपोनेंट्स, फॉर्ज्ड कंपोनेंट्स, प्रिसिजन-मशीन्ड कंपोनेंट्स और कंप्ल्टी प्रोपेलर शॉफ्ट एसेंबलीज हैं। यह एक वर्टिकली इंटीग्रेटेड कंपनी है यानी कि कच्चे माल से लेकर फाइनल प्रोडक्ट की टेस्टिंग तक का अधिकतर काम अपने मैन्युफैक्चरिंग सेटअप में करती है। इसके प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल कमर्शियल गाड़ियों, एसयूवी, डिफेंस वेईकल्स, इमरजेंसी/सर्विस वेईकल्स, हैवी इक्विपमेंट, ऑफ-हाईवे मशीनरी और इंडस्ट्रियल एप्लीकेशंस में होता है। इसके प्रोडक्ट्स का 32 से अधिक देशों को निर्यात भी होता है।

कंपनी के वित्तीय सेहत की बात करें तो यह लगातार मजबूत हो रही है। वित्त वर्ष 2024-26 में इसका शुद्ध मुनाफा सालाना 34% से अधिक की रफ्तार यानी CAGR से बढ़कर ₹26.16 करोड़ और टोटल इनकम 7% के सीएजीआर से ₹143.04 करोड़ पर पहुंच गया। मार्च 2026 तिमाही के आखिरी में कंपनी पर ₹52.40 करोड़ का टोटल कर्ज था जबकि रिजर्व और सरप्लस में ₹105.59 करोड़ पड़े थे।

 

Varmora IPO Listing: जीरो GMP के बाद 4% का लिस्टिंग गेन, ढहते मार्केट में चमका ₹148 का टाइल शेयर

Varmora Granito IPO Listing: प्रीमियम टाइल कंपनी वरमोरा ग्रेनिटो के शेयरों की आज घरेलू मार्केट में प्रीमियम एंट्री हुई। इसके आईपीओ को निवेशकों का मिला-जुला रिस्पांस मिला था और हर कैटेगरी के लिए आरक्षित हिस्सा पूरा भर नहीं पाया था। आईपीओ के तहत ₹148 के भाव पर शेयर जारी हुए हैं। आज BSE पर इसकी ₹152.00 और NSE पर ₹155.00 पर एंट्री हुई है यानी कि आईपीओ निवेशकों को 4% से अधिक तक का लिस्टिंग गेन (Varmora Listing Gain) मिला। लिस्टिंग के बाद शेयर और ऊपर चढ़े। उछलकर BSE पर यह ₹159.35 (Varmora Share Price) के अपर सर्किट पर पहुंच गया यानी कि आईपीओ निवेशक अब 7.67% मुनाफे में हैं। मार्केट में माहौल की बात करें तो शुरुआती कारोबार में आज हाहाकार मच गया और सेंसेक्स (Sensex) और निफ्टी 50 (Nifty 50) आधे-आधे फीसदी से अधिक टूट गए।

Varmora Granito IPO के पैसे कैसे होंगे खर्च

वरमोरा ग्रेनिटो का ₹708 करोड़ का आईपीओ 22-24 सितंबर तक खुला था। इसे निवेशकों का मिला-जुला रिस्पांस मिला और ओवरऑल यह 1.60 गुना सब्सक्राइब हुआ था। इसमें क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIB) के लिए आरक्षित हिस्सा 3.10 गुना, नॉन-इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स (NII) का हिस्सा 0.94 गुना और खुदरा निवेशकों का हिस्सा 1.02 गुना भरा था।

इस आईपीओ के तहत ₹320 करोड़ के नए शेयर जारी हुए हैं। इसके अलावा ₹2 की फेस वैल्यू वाले ₹388 करोड़ के 2,62,17,634 शेयरों की ऑफर फॉर सेल विंडो के तहत बिक्री हुई है। ऑफर फॉर सेल का पैसा तो शेयर बेचने वाले शेयरहोल्डर्स को मिला है। वहीं नए शेयरों के जरिए जुटाए गए पैसों में से ₹245.00 करोड़ कंपनी और इसकी सब्सिडियरीज का कर्ज हल्का करने और आम कॉरपोरेट उद्देश्यों पर खर्च होंगे।

Varmora Granito के बारे में

वरमोरा ग्रेनिटो सेरामिक और विट्रीफाइड टाइल बनाती है। इसके प्रोडक्ट्स में ग्लेज्ड विट्रीफाइड टाइल्स (GVT), पॉलिश्ड विट्रीफाइड टाइल्स (PVT) और सेरामिक टाइल्स हैं। इसका फोकस प्रीमियम, टेक-ड्रिवेन टाइल्स पर बढ़ा है और वित्त वर्ष 2026 के रेवेन्यू में जीवीटी और टेक्निकल टाइल्स की हिस्सेदारी लगभग 84% थी।

कंपनी सिर्फ बाहर से टाइल्स खरीदकर नहीं बेच रही है बल्कि इसका बड़ा हिस्सा खुद यह बनाती है। इसके पास आठ मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटीज हैं, जिसकी वित्त वर्ष 2026 के रेवेन्यू में 81.72% हिस्सेदारी है। कंपनी ने इनोवेटिव और प्रीमियम टाइल्स को लेकर इटली की SACMI के साथ तकनीकी साझेदारी की है और IST (इंटीग्रेटेड स्टोन टेक्नोलॉजी) को अपनाया है। इसके डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क में 305 एक्स्लूसिव ब्रांड आउटलेट्स और 2758 मल्टी-ब्रांड आउटलेट्स हैं। यह भारत के साथ-साथ विदेशी में भी बिक्री करती है और बिल्डर्स, कॉन्ट्रैक्टर्स और डेवलपर्स को बी2बी सेल्स करती है। साथ ही यह सरकारी संस्थाओं को भी अपने माल बेचती है।

कंपनी के वित्तीय सेहत की बात करें तो वित्त वर्ष 2024 में ₹44.94 करोड़ और वित्त वर्ष 2025 में ₹30.77 करोड़ से इसका शुद्ध मुनाफा वित्त वर्ष 2026 में ₹55.09 करोड़ पर पहुंच गया। हालांकि इस दौरान कंपनी की टोटल इनकम लगातार बढ़ी और सालाना 3% की रफ्तार यानी सीएजीआर से बढ़कर ₹1,562.53 करोड़ पर पहुंच गया। मार्च 2026 तिमाही के आखिरी में कंपनी पर ₹357.95 करोड़ का टोटल कर्ज था जबकि रिजर्व और सरप्लस में ₹765.70 करोड़ पड़े थे।

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डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।