Nifty Outlook: 31 अगस्त को निफ्टी किस तरफ जाएगा? HDFC Bank समेत इन ट्रिगर्स पर रहेगी नजर

Nifty Outlook: निफ्टी में अगस्त की शुरुआत से ही खास हलचल नहीं दिखी है। पूरे महीने इंडेक्स सीमित दायरे में फंसा रहा। न नीचे की तरफ कोई बड़ा ब्रेकडाउन हुआ और न ऊपर की तरफ ब्रेकआउट मिला। महीने के आखिरी कारोबारी दिन से पहले Nifty, 31 जुलाई के मुकाबले करीब 200 अंक नीचे था।

लेकिन महीने का आखिरी कारोबारी दिन काफी अहम रहने वाला है। बाजार के सामने कई बड़े ट्रिगर हैं। इनमें सबसे ज्यादा नजर HDFC Bank पर रहेगी। बैंक के MD और CEO शशिधर जगदीशन ने अक्टूबर में अपना कार्यकाल खत्म होने के बाद दोबारा नियुक्ति नहीं लेने का फैसला किया है।

HDFC Bank बाजार की दिशा तय कर सकता है?

अब बाजार की नजर इस बात पर है कि निवेशक इस खबर को कैसे लेते हैं। इसे नेतृत्व को लेकर तस्वीर साफ होने के तौर पर देखा जाएगा या फिर नया CEO चुने जाने तक एक और अनिश्चितता बनी रहेगी।

इसका असर सिर्फ HDFC Bank पर नहीं, बल्कि Nifty की चाल पर भी पड़ सकता है। भारत के सबसे बड़े प्राइवेट बैंक का शेयर इस साल दबाव में रहा है। ऐसे में सोमवार को यह शेयर एक बार फिर फोकस में रहेगा।

Nifty सुस्त, लेकिन स्मॉलकैप में तगड़ी तेजी

Nifty भले ही पूरे महीने सीमित दायरे में रहा, लेकिन छोटे शेयरों में जोरदार हलचल दिखी। पिछले हफ्ते BSE Smallcap Index के 13 शेयर 20% या उससे ज्यादा चढ़े। वहीं 58 शेयरों में 10% से 20% तक की तेजी रही।

Nifty 500 के भी 10 शेयरों ने पिछले हफ्ते 10% से 25% तक का रिटर्न दिया। शुक्रवार को BSE Smallcap Index के 29 शेयरों ने नया ऑल टाइम हाई बनाया।

IPO में भी जमकर दिखा जोश

प्राइमरी मार्केट में भी जबरदस्त हलचल रही। अगस्त में 14 कंपनियों ने शेयर बाजार में डेब्यू किया। इन कंपनियों को औसतन 30% से ज्यादा का लिस्टिंग प्रीमियम मिला।

शुक्रवार को लिस्ट हुई Tempsens Instruments ने निवेशकों को चौंका दिया। कंपनी का शेयर अपने इश्यू प्राइस से 111% प्रीमियम पर लिस्ट हुआ। यह 2026 का पहला IPO बन गया, जिसने लिस्टिंग के दिन इश्यू प्राइस से 100% से ज्यादा की छलांग लगाई। इससे पहले साल की शुरुआत में Bharat Coking Coal ने 96% प्रीमियम पर लिस्टिंग की थी।

Nifty के लिए 24,400 बड़ा स्तर

पिछले हफ्ते Nifty ने 24,400 के स्तर को पार करने की कोशिश की थी। हालांकि, यह सफल नहीं हो सका। पिछले हफ्ते Nifty का हाई 24,378 रहा। इसलिए 24,400 का स्तर अब काफी अहम हो गया है।

नीचे की तरफ 24,100 से नीचे का दायरा बाजार के लिए अहम सपोर्ट रहेगा। शुक्रवार का इंट्राडे लो 24,077 था। गुरुवार को Nifty 24,090 तक गिरा था।

24,200 के नीचे कमजोरी बढ़ सकती है

LKP Securities के रुपक डे के मुताबिक हाल की चाल को देखते हुए Nifty का ट्रेंड फिलहाल बहुत बुलिश नहीं है। 24,200 के आसपास मजबूत रेजिस्टेंस दिख रहा है।

उनका मानना है कि 24,200 के नीचे रहने पर बाजार का सेंटिमेंट कमजोर रह सकता है। इससे Nifty में 23,900 तक गिरावट की गुंजाइश बन सकती है। अगर 23,900 का सपोर्ट भी टूटता है, तो गिरावट और बढ़ सकती है। हालांकि, Nifty अगर 24,200 के ऊपर टिकता है तो शॉर्ट टर्म ट्रेंड मजबूत हो सकता है।

24,000-24,400 के बीच फंसा Nifty

HDFC Securities के नागराज शेट्टी का कहना है कि Nifty फिलहाल 24,000 से 24,400 के दायरे में बना हुआ है। हालांकि, इस रेंज में तेजी का हल्का रुझान है।

अगर निचले स्तरों से मजबूत रिकवरी आती है तो Nifty जल्द ही 24,300 से 24,400 के स्तर की तरफ जा सकता है। ट्रेंड में बदलाव के लिए 24,000 का स्तर बेहद अहम है।

Bank Nifty में भी ब्रेकआउट का इंतजार

Nifty के मुकाबले Bank Nifty ने अगस्त में कुछ बेहतर प्रदर्शन किया है। यह 31 जुलाई के मुकाबले 200 अंक से ज्यादा चढ़ा है। हालांकि, बैंकिंग इंडेक्स भी अपने रेंज से बाहर नहीं निकल पाया।

Bank Nifty फिलहाल 57,000 से 58,000 के दायरे में फंसा हुआ है। SAMCO Securities के ओम मेहरा के मुताबिक 57,200 इसका पहला अहम सपोर्ट है। इसके बाद 57,100 का स्तर महत्वपूर्ण होगा ऊपर की तरफ 57,800 पहला बड़ा रेजिस्टेंस है। इसके बाद 57,900 का स्तर अहम होगा। अगर Bank Nifty इस जोन के ऊपर मजबूती से बंद होता है, तो तेजी का रुझान फिर मजबूत हो सकता है।

Upcoming IPO: 31 अगस्त से शुरू हो रहे हफ्ते में 7 नए IPO खुलेंगे, 15 कंपनियों की लिस्टिंग होगी

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Jio Platforms IPO: सेबी ने जियो के आईपीओ को मंजूरी दी, 27 करोड़ नए शेयर जारी होंगे

Jio Platforms IPO: रिलायंस ग्रुप की टेलीकॉम कंपनी Jio Platforms की शेयर बाजार में एंट्री अब और करीब आ गई है। मार्केट रेगुलेटर SEBI ने कंपनी के IPO प्लान को मंजूरी दे दी है। Jio Platforms ने 19 जून को DRHP दाखिल किया था। अब IPO की प्रक्रिया आगे बढ़ सकेगी।

यह IPO भारत के सबसे बड़े IPO में शामिल हो सकता है। कंपनी इस इश्यू में 27 करोड़ नए शेयर जारी करेगी। इससे करीब 2.93% हिस्सेदारी कम होगी। IPO से मिलने वाली रकम में से करीब ₹27,500 करोड़ लोन चुकाने में लगाए जाएंगे।

Jio Platforms में किसकी कितनी हिस्सेदारी?

Jio Platforms में Reliance Industries यानी RIL सबसे बड़ी शेयरधारक है। उसके पास 66.43% हिस्सेदारी है। Meta Platforms के पास 9.98% और Google के पास 7.73% हिस्सेदारी है।

सऊदी अरब के पब्लिक इनवेस्टमेंट फंड के पास 2.31% हिस्सेदारी है। KKR के पास भी 2.31% और Vista Equity Partners के पास 2.31% हिस्सेदारी है। Silver Lake के पास 1.88% हिस्सेदारी है।

इसके अलावा Mubadala के पास 1.85%, General Atlantic Singapore के पास 1.34%, Abu Dhabi Investment Authority के पास 1.16% और TPG Capital के पास 0.93% हिस्सेदारी है।

जून तिमाही में रेवेन्यू 12% बढ़ा

Jio Platforms का कारोबार भी अच्छी रफ्तार से बढ़ रहा है। जून तिमाही में कंपनी का रेवेन्यू सालाना आधार पर 12% बढ़कर ₹45,961 करोड़ रहा।

ऑपरेशंस से रेवेन्यू ₹39,173 करोड़ रहा। EBITDA 15% बढ़कर ₹20,865 करोड़ पहुंच गया। EBITDA मार्जिन भी 52% से बढ़कर 53% हो गया। कंपनी का मुनाफा 9.2% बढ़कर ₹7,764 करोड़ रहा।

53.33 करोड़ पहुंचा सब्सक्राइबर बेस

जून तिमाही के अंत में Jio Platforms का सब्सक्राइबर बेस 53.33 करोड़ हो गया। पिछली तिमाही में यह 52.44 करोड़ था। एक साल पहले यह 49.81 करोड़ था।

कंपनी के 5G सब्सक्राइबर की संख्या 28.5 करोड़ पहुंच गई। डेटा इस्तेमाल भी बढ़ा है। जून तिमाही में कुल डेटा ट्रैफिक सालाना आधार पर 26.9% बढ़कर 69.4 अरब GB रहा। प्रति व्यक्ति औसत मासिक डेटा इस्तेमाल 43.7 GB रहा।

इन कंपनियों के IPO को भी मंजूरी

SEBI ने Bharat PET, Sadbhav Futuretech, MK Sons Fine Jewels, Pushp Brand India और Paras Healthcare के IPO को भी मंजूरी दी है।

इसके अलावा Paramotor Digital Technology के प्री फाइलिंग प्रस्ताव को भी मंजूरी मिली है।

Top IPO 2026: इस साल किन आईपीओ ने मालामाल किया? Tempsens 110% लिस्टिंग गेन के साथ सबसे आगे

Disclaimer: मनीकंट्रोल, नेटवर्क18 ग्रुप का हिस्सा है। नेटवर्क18 का नियंत्रण इंडिपेंडेट मीडिया ट्रस्ट करता है, जिसकी एकमात्र लाभार्थी रिलायंस इंडस्ट्रीज है।

Top IPO 2026: इस साल किन आईपीओ ने मालामाल किया? Tempsens 110% लिस्टिंग गेन के साथ सबसे आगे

Top IPO 2026: भारत के प्राइमरी मार्केट ने इस साल निवेशकों को शानदार लिस्टिंग गेन दिए हैं। कुछ IPO की शुरुआत इतनी मजबूत रही कि निवेशकों को पहले ही दिन काफी बड़ा मुनाफा मिला। कुछ मामलों में तो शेयर ने लिस्टिंग पर ही निवेश की रकम दोगुनी से ज्यादा कर दी।

पैसा लगभग डबल करने वाले IPO

Tempsens Instruments India इस लिस्ट में सबसे आगे है। कंपनी के शेयर IPO प्राइस से 110.40% प्रीमियम पर लिस्ट हुए। यानी पहले दिन निवेशकों का पैसा दोगुने से भी ज्यादा हो गया। यह इस साल की अब तक की सबसे मजबूत लिस्टिंग रही।

सरकारी कंपनी कोल इंडिया की सब्सिडियरी Bharat Coking Coal दूसरे नंबर पर रही। इसके शेयर 96.57% प्रीमियम पर लिस्ट हुए। यानी निवेशकों को पहले दिन ही करीब दोगुनी रकम के बराबर फायदा मिला।

40% से ज्यादा रिटर्न देने वाले

इसके बाद लिस्टिंग गेन में बड़ा अंतर दिखता है। INDO MIM के शेयर 44.95% प्रीमियम पर लिस्ट हुए। वहीं CMR Green Tech ने 43.44% का लिस्टिंग गेन दिया। दोनों IPO ने निवेशकों को पहले दिन ही मजबूत रिटर्न दिया।

Dhoot Transmission और Kusumgar की लिस्टिंग भी करीब-करीब एक जैसी रही। Dhoot Transmission के शेयर 37.06% प्रीमियम पर खुले। Kusumgar के शेयर 36.99% प्रीमियम पर लिस्ट हुए। दोनों के बीच सिर्फ मामूली अंतर रहा।

निवेशकों को मालामाल करने वाले IPO

कंपनी
लिस्टिंग प्रीमियम (%)

Tempsens110.40%
Bharat Coking Coal96.57%
INDO MIM44.95%
CMR Green Tech43.44%
Dhoot Transmission37.06%
Kusumgar36.99%
BigFoot Retail33.51%
Lalithaa Jewellery31.99%
Laser Power25.70%
Molbio Diagnostics

21.44%

नोट: इसमें ₹5 अरब से ज्यादा इश्यू साइज वाले IPO शामिल हैं।

स्रोत: Bloomberg

 

2026 में IPO से ₹72,165 करोड़ जुटे

Prime Database के मुताबिक, जनवरी से अगस्त 2026 के बीच भारतीय स्टॉक एक्सचेंजों पर 60 IPO आए। इन IPO के जरिए कंपनियों ने कुल ₹72,165 करोड़ जुटाए। खास बात यह रही कि जुलाई और अगस्त में IPO बाजार काफी सक्रिय रहा। इन दो महीनों में कुल जुटाई गई रकम का करीब 69% हिस्सा आया।

₹2.02 लाख करोड़ के IPO कतार में

IPO बाजार में आगे भी काफी हलचल देखने को मिल सकती है। Prime Database के मुताबिक, 75 कंपनियां SEBI की मंजूरी का इंतजार कर रही हैं। इन कंपनियों के प्रस्तावित इश्यू का कुल आकार करीब ₹2.02 लाख करोड़ है।

इनमें से 32 कंपनियों ने अपना इश्यू साइज बताया है। इन 32 कंपनियों के IPO का कुल आकार करीब ₹1.38 लाख करोड़ है। यानी आने वाले महीनों में भी प्राइमरी मार्केट में बड़ी रकम जुटाए जाने की संभावना है।

* एजेंसी इनपुट के साथ

Tempsens IPO Listing: 111% का लिस्टिंग गेन, पैसा डबल, ₹300 का शेयर ₹634 पर लिस्ट

 

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

मिड कैप आईटी के अंदर में ज्यादा पॉजिटिव संकेत, ऑटो और ऑटो एंसिलरी कंपनियों में भी है दम

भारतीय बेंचमार्क इंडेक्स ने शुरुआती बढ़त का कुछ हिस्सा गंवा दिया है। लेकिन निफ्टी 24100 के आसपास अब भी बढ़त के साथ ट्रेड कर रहा है। फिलहाल सेंसेक्स 105.25 अंक या 0.14 प्रतिशत बढ़कर 77,038.84 पर और निफ्टी 3.15 अंक या 0.01 प्रतिशत गिरकर 24,087.70 पर कारोबार कर रहा है। निफ्टी पर बढ़त बनाने वाले प्रमुख शेयरों में TCS, HCL Tech, Infosys, Tech Mahindra और Wipro शामिल हैं।

टेक्नो फंडा नजरिए के साथ बाजार पर बात करते हुए JM Financial Services के PMS के मैनेजिंग डायरेक्टर आशीष चतुरमोहता ने कहा कि आईटी शेयरों में पिछले कुछ दिनों में एक अच्छी रैली देखने को नजर आई है। खासतौर पर ब्लूमबर्ग एआई वैल्यू चेन इंडेक्स में, जो सारे एआई डेटा सेंटर स्टोरी का कॉम्बीनेशन है, में करेक्शन के दौरान हमें आईटी में रिकवरी देखने को मिली है। एआई से हुए स्विच ट्रेड के चलते हमें आईटी में स्ट्रेंथ देखने को नजर आ रही है। डॉलर के मुकाबले रुपए में भी स्टेबिलिटी देखने को नजर आ रही है। ऐसे में लगता है कि मिड टियर आईटी कंपनीज में और ग्रोथ आएगी। यहां पर हमारी टॉप पिक कोफर्ज और परसिस्टेंस हैं। इनमें आगे हमें 23 से 24% की ग्रोथ देखने को नजर आ सकती है।

खासतौर पर कोफोर्स- एनकोरा की डील के बाद हमें एनकोरा में अच्छा टर्म एराउंड देखने को मिल सकता है। इसका बेनिफिट कोफोर्ट के मार्जिन के साथ ही साथ इसके ओवरऑल ग्रोथ में देखने को नजर आएगी। इस समय मिड कैप आईटी के अंदर में ज्यादा पॉजिटिव संकेत मिल रहे हैं। लार्ज कैप आईटी में इस समय भी अंडरवेट पोजीशन है। हालांकि बड़ी आईटी कंपनियों में यहां से किसी बड़े डाउन साइड का डर नहीं है। लेकिन इनमें रिकवरी आने में शायद थोड़ा समय लगे। इनमें कंसोलिडेशन फेज देखने को नजर आ सकता है।

ऑटो और ऑटो एंजिलरी स्पेस पर बात करते हुए आशीष चतुरमोहता ने कहा कि एथर एनर्जी और TVS Motors ये दो ऐसे स्टॉक है जो उनको बहुत ज्यादा पसंद है। इन दोनों कंपनियों ने ईवी के अंदर में अपना अच्छा पेनिट्रेशन किया है। TVS Motors ने बहुत ही अच्छी बढ़त बनाए रखी है और अपना मार्केट शेयर लगातार बढ़ाया है। इसकी वजह से लगता है ये कंपनी आने वाले समय में भी बहुत अच्छी ग्रोथ दिखाएगी। इनका ईवी सेगमेंट भी काफी अच्छा ग्रोथ कर रहा है। एथर इंडस्ट्रीज में अभी एक टर्न अराउंड दिखना शुरू हो गया है। डिमांड साइड पर काफी बड़ी ग्रोथ देखने को नजर आई है। कंपनी अपनी क्षमता में बहुत बड़ा विस्तार कर रही है। कंपनी की करंट कैपेसिटी पर इसकी आर्डर बुक पोजीशन काफी अच्छी बनी हुई है। कंपनी बड़ी तेजी से टर्न अराउंड हो रही है। कंपनी जल्द ही मुनाफे में आ सकती है। इसके चलते आगे एथर एनर्जी में बढ़िया रीटिंग देखने को नजर आ सकती है।

आशीष चतुरमोहता ने कहा कि ऑटो एंसिलरी कंपनियों में वे उन कंपनियों पर फोकस कर रहे हैं जो ऑटो के साथ साथ डिफेंस या एरोस्पेस इंडस्ट्री के अंदर में भी अपनी जगह बना रही हैं। इस तरह की पहली कंपनी सनसेरा इंजीनियरिंग है जिसकी टॉप लाइन आज 30 से 35%। एडीएस सेगमेंट से भी योगदान आना शुरू हो गया है। एरोस्पेस डिफेंस और सेमीकंडक्टर में भी कंपनी के लिए मौके बन रहे हैं। इसके चलते आगे कंपनी के मार्जिन और एबिटा में भी काफी अच्छा ग्रोथ होता हुआ नजर आएगा।

सोना बीएलडबल्यू भी काफी अच्छी लग रही है। जापानी कंपनी के साथ अब इनस दो जेबी हो चुके है। फ्यूचर ग्रोथ को ध्यान में रखते हुए यह कंपनी लॉन्ग टर्म नजरिए से काफी पसंद आ रही है।

आज लिस्ट हुए टेंपसेंस इंस्ट्रूमेंट्स (Tempsens) के शेयरों पर बात करते हुए आशीष चतुरमोहता ने कहा कि उन्होंने इसके आईपीओ में अप्लाई तो नहीं किया था लेकिन यह शेयर काफी अच्छा लग रहा है। आने वाले पांच साल में जो कंपनी की टॉप लाइन ग्रोथ ऑलमोस्ट 30% सालाना की दर से ग्रो कर सकती है। इसकी मार्जिन भी 24% पर जाती हुई नजर आएगी जिसके चलते एबिटा ग्रोथ 35% की देखने को नजर आएगी। अगर से हम मल्टीपल देखें तो उसको देखते हुए लगता है कि करंट करंट लेवल से भी शायद आपको इसमें 20 से 25% की अपसाइड देखने को नजर आ सकती है। यह बहुत ही इंटरेस्टिंग कंपनी है। यहां पर करंट लेवल से भी इसमें काफी तेजी देखने को मिल सकती है।

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डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

HDFC Bank एक साल के निचले स्तर पर, रिकवरी में ₹1172 तक जाएगा शेयर, मैक्वेरी ने सीईओ को लेकर जताई दो संभावनाएं

HDFC Bank Share Price: प्राइवेट सेक्टर लेंडर एचडीएफसी बैंक के शेयरों में आज काफी सुस्ती है। टूटकर यह एक साल के रिकॉर्ड निचले स्तर पर आ गया था, जिससे यह रिकवर होकर हल्का ग्रीन हुआ। वैश्विक ब्रोकरेज फर्म मैक्वेरी के रुझानों के हिसाब से इसकी सुस्ती खरीदारी के मौके के तौर पर देख सकते हैं। ब्रोकरेज फर्म ने इसे फिर आउटपरफॉर्म रेटिंग ऐसे समय में दी है, जब बैंक के अगले सीईओ को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है और मैक्वेरी ने इसे लेकर दो संभावनाएं जाहिर की हैं। शेयरों की बात करें तो फिलहाल बीएसई पर यह 0.32% की बढ़त के साथ ₹714.30 पर है। इंट्रा-डे में यह 0.47% उछलकर ₹715.25 तक पहुंच गया था। इंट्रा-डे में यह 0.79% टूटकर ₹706.35 तक आ गया था। मैक्वेरी ने इसके शेयरों का टारगेट प्राइस ₹1,150 फिक्स किया है।

HDFC Bank के सीईओ को लेकर क्या है Macquarie का कैलकुलेशन

बैंक का अगला सीईओ कौन, इसे लेकर अनिश्चितता शेयरों पर दबाव बनाए हुए है। बैंक के वर्तमान सीईओ शशि जगदीशन का मौजूदा कार्यकाल 26 अक्टूहर 2026 को समाप्त हो रहा है यानी बैंक के पास अगले सीईओ के नाम पर फैसला करने के लिए लगभग दो महीने ही बचे हैं। ब्रोकरेज फर्म के अनुसार इसके चलते ही शेयरों पर दबाव बना हुआ है।

अब मैक्वेरी के मुताबिक सबसे पहले बैंक की NRC (नॉमिनेशन एंड रेम्यूनेरेशन कमेटी) कुछ कैंडिडेट्स के नाम पर विचार करेगी और एक नाम चुनेगी जिसे बोर्ड को भेजा जाएगा। राजीव कुमार की अध्यक्षता में बोर्ड से मंजूरी मिलने के बाद आरबीआई के पास इसे आखिरी मंजूरी के लिए भेजा जाएगा। मैक्वेरी के मुताबिक बोर्ड से भेजे गए नाम पर आरबीआई ने हाल-फिलहाल में 30-45 दिनों का समय लिया है। ऐसे में मैक्वेरी ने दो संभावनाएं जताई हैं।

पहला विकल्प- 6 महीने का एक्सटेंशन: अगर शशि जगदीशन को सिर्फ छह महीने का विस्तार मिलता है, तो यह संकेत हो सकता है कि बैंक का बोर्ड किसी दूसरे व्यक्ति को अगला सीईओ बनाने पर विचार कर रहा है और नए कैंडिडेट की तलाश और आरबीआई की मंजूरी के लिए उसे अतिरिक्त समय चाहिए। मैक्वेरी के मुताबिक ऐसी स्थिति में अगले सीईओ को लेकर अनिश्चितता और लंबे समय तक बनी रह सकती है। इसके अलावा नए सीईओ को बैंक की जिम्मेदारी संभालने और अपनी रणनीति लागू करने में समय लग सकता है यानी बैंक के शेयरों पर आगे भी दबाव बना रह सकता है।

दूसरा विकल्प- पूरे तीन साल का विस्तार: मैक्वेरी के मुताबिक दूसरी संभावना ये है कि शशि जगदीशन को पूरे तीन साल का नया कार्यकाल दे दिया जाए। ब्रोकरेज फर्म का मानना है कि ऐसा होने पर अगले सीईओ को लेकर तत्काल बनी अनिश्चितता खत्म हो जाएगी, जिससे मौजूदा लेवल्स के आसपास शेयरों को सपोर्ट मिल सकता है। मैक्वेरी के मुताबिक इसके बाद शेयरों की चाल मुख्य रूप से बैंक के फंडामेंटल्स में सुधार पर निर्भर करेगा।

कुछ दिनों पहले एक साल के निचले स्तर पर था शेयर

एचडीएफसी बैंक के शेयरों ने निवेशकों को तगड़ा शॉक दिया है। पिछले साल 23 अक्टूबर 2025 को यह एक साल के रिकॉर्ड हाई लेवल ₹1,020.35 पर था। इस हाई लेवल से 10 महीने में यह 30.77% टूटकर आज 28 अगस्त 2025 को एक साल के रिकॉर्ड निचले स्तर ₹706.35 पर आ गया।

Tempsens IPO Listing: लिस्टिंग पर पैसे डबल, ₹300 का शेयर ₹634 पर लिस्ट

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Tempsens IPO Listing: 111% का लिस्टिंग गेन, पैसा डबल, ₹300 का शेयर ₹634 पर लिस्ट

Tempsens IPO Listing: आईपीओ को 184 गुना से अधिक बोली मिलने के बाद अब टेंपसेंस इंस्ट्रूमेंट्स के शेयरों की आज घरेलू मार्केट में धांसू एंट्री हुई और आईपीओ निवेशकों का पैसा डबल से ज्यादा हो गया। इसके आईपीओ के तहत निवेशकों को ₹300 के भाव पर शेयर जारी हुए हैं। आज BSE पर इसकी ₹634.00 और NSE पर ₹631.20 पर एंट्री हुई है यानी कि आईपीओ निवेशकों को करीब 111% का लिस्टिंग गेन (Tempsens Listing Gain) मिला। हालांकि आईपीओ निवेशकों की खुशी थोड़ी ही देर में हल्की फीकी हो गई जब शेयर टूट गए। मुनाफावसूली के चलते टूटकर BSE पर यह ₹600.10 (Tempsens Share Price)  पर आ गया यानी कि आईपीओ निवेशक अब 100.03% मुनाफे में हैं।

Tempsens IPO के पैसे कैसे होंगे खर्च

टेंपसेंस का ₹650 करोड़ का आईपीओ 20-24 अगस्त तक खुला था। इसे हर कैटेगरी के निवेशकों का जबरदस्त रिस्पांस मिला और ओवरऑल यह 184.22 गुना सब्सक्राइब हुआ था। इसमें क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIB) के लिए आरक्षित हिस्सा 302.88 गुना, नॉन-इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स (NII) का हिस्सा 314.44 गुना और खुदरा निवेशकों का हिस्सा 61.00 गुना और एंप्लॉयीज का हिस्सा 124.95 गुना भरा था।

इस आईपीओ के तहत ₹95 करोड़ के नए शेयर जारी हुए हैं। इसके अलावा ₹4 की फेस वैल्यू वाले 1.85 करोड़ शेयरों की ऑफर फॉर सेल विंडो के तहत बिक्री हुई है। ऑफर फॉर सेल का पैसा तो शेयर बेचने वाले शेयरहोल्डर्स को मिला है। वहीं नए शेयरों के जरिए जुटाए गए पैसों में से ₹18.13 करोड़ कर्ज हल्का करने कैपिटल एक्सपेंडिचर, ₹55.00 करोड़ कर्ज हल्का करने, ₹14.18 करोड़ आम कॉरपोरेट उद्देश्यों और ₹50.65 करोड़ आईपीओ से जुड़े एक्सपेंसेज पर खर्च होंगे।

Tempsens Instruments के बारे में

टेंपसेंस इंस्ट्रूमेंट्स फैक्ट्रियों और बड़ी इंडस्ट्रीज के लिए तापमान से जुड़े प्रोडक्ट्स बनाती है। यह तापमान नापने वाले सेंसर, मशीनों/प्रोसेस को गर्म करने वाले हीटर और खास तरह के इंडस्ट्रियल केबल बनाती है। मार्च 2026 में टेंपरेचर सेंसर सेगमेंट में इसकी करीब 10.5% हिस्सेदारी है। रेवेन्यू के हिसाब से यह देश में कॉन्टैक्ट और नॉन-कॉन्टैक्ट टेंपरेचर सेंसर बनाने वाली सबसे बड़ी कंपनी है तो इलेक्ट्रिकल हीटर्स के मामले में सबसे बड़ी कंपनियों में शुमार है। यह MRO (मेटेंनेंस, रिपेयर एंड ऑपरेशंस) का भी काम देखती है। इसका कारोबार भारत के अलावा 80 से अधिक देशों में फैला हुआ है।

कंपनी के वित्तीय सेहत की बात करें तो यह लगातार मजबूत हो रही है। वित्त वर्ष 2024-26 में इसका शुद्ध मुनाफा सालाना करीब 32% की रफ्तार यानी CAGR से बढ़कर ₹71.07 करोड़ और टोटल इनकम करीब 28% के सीएजीआर से ₹455.86 करोड़ पर पहुंच गया। मार्च 2026 तिमाही के आखिरी में कंपनी पर ₹77.95 करोड़ का टोटल कर्ज था जबकि रिजर्व और सरप्लस में ₹465.16 करोड़ पड़े थे।

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डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।